वेलकम बैक दोस्तों आज मैं आपके सामने रिसेंटली प्राइम पे रिलीज हुई सडल वेब सीरीज का पार्ट टू लेकर आया हूं अगर आपने पहला पार्ट नहीं देखा तो मैंने 2022 में ही उसका एक्सप्लेनेशन कर दिया डिस्क्रिप्शन में लिंक है पहली फुर्सत में आप पहले पार्ट को देखिए क्योंकि कहानी थोड़ी सी कंटिन्यूएशन है और उसी तरह से कैरेक्टर्स के बीच कनेक्शन भी आपको समझ में आ जाएगा अब इस सीरीज के बारे में बात करें तो ऑफकोर्स सीरीज बहुत ही लंबी है आठ एपिसोड्स है और एक-एक एपिसोड का ड्यूरेशन 40 मिनट्स के ऊपर ही है बीच-बीच में थोड़ा
लैकिंग लगा मुझे वो तो होता ही है लेकिन हर एक एपिसोड के एंडिंग में एक जबरदस्त ट्विस्ट देखने को मिलता है नाइस मस्ट वाचेबल जरूर है तो अब चलिए फटाफट से वीडियो को स्टार्ट कर लेते हैं उससे पहले लुटा दो प्यार फॉलो ऑन से क्यों मारती नंदिनी ने प्लानिंग करके चक्रवर्ती की गन को चुराकर गुणा को मारा जज साहब इट्स अ क्लीन केस ऑफ रिवेंज मर्डर मैं चाहता हूं कि नंदिनी को 14 साल की सजा मिले अब नंदिनी का केस लप्पा नाम का एक बहुत बड़ा लॉयर लड़ते रहता है यह भी अपने पॉइंट ऑफ व्यू
से जज साहब को कुछ बातें बताने लगता है कि नंदिनी ने जो भी किया वह अपने सेल्फ डिफेंस में किया इसकी वजह क्या है यह हम सारे लोग जानते हैं मैंने आपको ऑलरेडी समझा दिया 10 साल के बाद उस लड़की को एक मौका मिला अपना डिफेंस करने के लिए इसलिए नंदिनी ने प्लान करके उसको मार दिया तो यह भी एक डिफेंस के नीचे आता है जस साहब असली विक्टिम तो नंदिनी है इंसाफ तो इसे मिलना चाहिए जज साहब मैं यही चाहता हूं कि नंदिनी को बाइज्जत बरी कर दे खैर दोनों साइड के हियरिंग सुनने के
बाद जज दोबारा नंदिनी के केस को कुछ दिनों के बाद पोस्टपोन करता है अब बेचारी नंदिनी हार मान चुकी होती है चलप्पुरम नी ही है मैंने एक हत्या की है चिल्लपाठिकाराम कि देखो नंदिनी केस लड़ना हमारा काम है और वैसे भी मैं तुम्हारा केस लड़ रहा हूं तुम्हारी जिम्मेदारी अब मुझ पर है तुम बेफिक्र रहो अब इसी कोर्ट में एसआई चक्री का भी केस चलते रहता है मतलब चक्री ने अपनी नेगलिजेंस की वजह से अपनी गन खो दी मिस कर दी तो उसका केस भी यही लड़ते रहता है अब इसी झंझट की वजह से चक्री
कुछ दिनों की लीव ले रखी होती है मतलब यह सस्पेंड नहीं हुआ होता बस नंदिनी और अपने केस में फंसा रहता है और एक्चुअली आज चक्री ने डिसाइड कर लिया था कि नंदिनी बाइज्जत भरी होगी अपने साथ स्वीट्स भी लाता है लेकिन अफसोस केस दोबारा पोस्टपोन होता है चक्री भी नंदिनी को हौसला दिलाते रहता है बस नंदिनी अब दो या तीन दिन जजमेंट तुम्हारे हक में ही आएगा खैर उसके बाद चक्री चलबा के साथ उसके गांव पर जाने लगता है चल पा और कोई नहीं चक्र के फादर का फ्रेंड होता है चक्री का फादर मरने
के बाद चिल्लपाठिकाराम चक्री को भी आने के लिए कहा इसलिए चक्री चलबा के गांव पर जाने लगता है चलबा का एक खास ड्राइवर होता है जिसका नाम होता है दामू यह भी इनके फैमिली का एक मेंबर जैसा ही होता है खर रात होने के बाद यह सारे लोग उस गांव के फेस्टिवल पर जाने लगते हैं फेस्टिवल पर आने के बाद चल पा ही पहली पूजा स्टार्ट करता है मतलब फेस्टिवल की शुरुआत करता है थोड़ी देर के बाद पब्लिक में कुछ लोग एक दूसरे में झगड़ा करते रहते हैं अब इनके झगड़े को रोकने के लिए लप्पा
भी वहां पर जाने लगता है एक्चुअली हर साल फेस्टिवल के समय चार लोग टेंडर डालते हैं तिरु फर्नांड एमएलए और मारप्पा ये तिरु लप्पा का बेस्ट फ्रेंड होता है टेंडर के नाम पर ये चारों लोग पैसा भी खाते रहते हैं लेकिन अब इन्हीं टेंडर्स में थोड़ा बदलाव चाहते हैं लेकिन लप्पा इन चारों लोगों को दोबारा एक ही बात समझा देता है कि टेंडर जिसको भी आए तीनों लोग बांट लेंगे यह बात मैंने लास्ट ईयर ही फैसला सुना दिया था अब दोबारा झगड़ा किस बात का अगर इससे ज्यादा कोई बात करेगा तो मैं कोर्ट से परमिशन
लाकर इस फेस्टिवल को ही बंद करवा दूंगा खर घर वापस आकर चलबा और चकरी डिनर करते रहते हैं चक्री पूछने लगता है क्या आपके कहने पर वो लोग झगड़ा करना बंद कर देंगे चल पा कहने लगता है नहीं बंद करेंगे चक्री वो लोग दोबारा कोई ना कोई कांड करेंगे एक्चुअली यहां पर बात पैसे की नहीं है पावर की भी है अब इसी बातो ही बातों में चलबा का बेटा सुंदर यहां पर आता है यह सुंदर एक बहुत बड़ा लाइट हाउस ऑफिसर होता है बहुत ही लेट से अपने घर आता और बहुत ही जल्दी अपनी ड्यूटी
पर भी चला जाता थोड़ी देर के बाद प्रेम मता नाम की एक औरत लप्पा को फोन करती है लप्पा थोड़ा साइड में जाकर उस औरत से बात करते रहता है यह होने के बाद चल चकरी के पास आकर कहने लगता है कि मुझे एक छोटा सा काम है मैं मेरे कॉटेज पर जा रहा हूं सुबह तुम भी वहां पर आ जाना बहुत ही शांति होती है चक्री भी कहने लगता है ठीक है सर मैं जरूर आ जाऊंगा इस तरफ जेल में नंदिनी को बार-बार वही ख्वाब नजर आते रहता है रातों में ये ढंग से सो
ही नहीं पाती खैर सुबह होने के बाद चक्री दामू के पास आकर इसकी बाइक मांगने लगता है और एक्चुअली इस फेस्टिवल में हर कोई कोई ना कोई गेटअप में होता है और फिलहाल दामू एक राजा का गेटअप पहना होता है दामू चक्री से कहने लगता है कि भैया मुझे मंदिर के पास ड्रॉप करके आप बाइक लेकर जाओ मंदिर के पास आते ही चक्री यह देखता है कि एक औरत वहां की देवी मां का गेटअप पहन के है दामू से पूछने लगता है अरे दामू तुमने देवी मां का गेटअप क्यों नहीं पहना दामू कहने लगता है
अरे भैया सडन ली देवी मां का गेटअप नहीं पहन सकते 14 साल तक अलग-अलग गेटअप पहनने के बाद तब जाके देव मां का गेटअप पहनना होता है ये साल होने के बाद मैं नेक्स्ट ईयर देव मा का गेटअप जरूर पहनूंगी उसके बाद चक्री बाइक लेकर लपा के कॉटेज पर जाने लगता है जो समंदर के किनारे पर होता है वो कॉटेज पर आने के बाद बार-बार घंटी बजाने लगता है च लपा को फोन करता है लेकिन नो यूज ना दरवाजा ओपन होता है ना चल पा अपना फोन पिक करता है चक्री टेंस में आकर एक छोटी
सी खिड़की तोड़कर अंदर झांकने लगता है तो शॉकिंगली अंदर लप्पा मरा पड़ा होता है यह देखकर चक्र के तो होश ही उड़ जाते हैं इसको समझ में ही नहीं आता कि अब क्या करें लप्पा तो इसकी फादर जैसा है बाद में बहुत ही कूल होकर मूर्ति नाम के पुलिस वालों को कॉल करके इंफॉर्मेशन देने लगता है यह सुनने के बाद यह मूर्ति भी शौक में रह जाता है क्योंकि चल पा कोई नॉर्मल बंदा नहीं है एक बहुत बड़ा एडवोकेट है कौन नहीं जानता उसको थोड़ी देर के बाद मूर्ति अपनी टीम के साथ यहां पर आकर
घर की इंस्पेक्शन करने लगता है बात यह है कि सारे दरवाजे अंदर से लॉक होते हैं पुलिस वाले भी बहुत ही मुश्किल से दरवाजा तोड़ के अंदर जाते हैं और उसी तरह चक्री अपने बारे में भी मूर्ति को बताने लगता है कि मेरा नाम यस चक्री है और चिल्लपाठिकाराम ऑफकोर्स अंदर से सारे खिड़की दरवाजे लॉक है गन शॉट की वजह से इसकी मौत हो चुकी होती है घर के अंदर आते ही पहली फुर्सत में चकरी कुछ फोटोस वीडियोस क्रिक करने लगता है ताकि सबूत टैंपर ना हो चक्री मूर्ति से कहने लगता है कि सर यह
आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है इस तरह से चिल्लपाठिकाराम की थोड़ी के बाद क्राइम स्पॉट पर इसका हायर ऑफिसर आता है और यह भी यह चीज देखकर शौक में रह जाता है अब उसी जगह पर चकरी को देखकर इस पर शक करते हुए किसी दूसरे बंदे को फोन करके चकरी के बारे में पूछने लगता है मतलब कंफर्मेशन लेता है क्या चकरी सस्पेंशन में है या तो फिर लीव में है पता चलता है कि चक्री फिलहाल लीव पर है बाद में वो हेयर ऑफिसर चक्री और मूर्ति के पास आकर कहने लगता है कि चक्रवर्ती मैंने डीआईजी साहब
से बात कर ली है इस केस को आप ही लीड करिए मूर्ति कहने लगता है अरे सर यह एरिया तो मेरा है हायर ऑफिसर कहने लगता है कि मूर्ति आप थोड़ा बाहर वेट करिए मूर्ति बाहर जाने के बाद हायर ऑफिसर चकरी से कहने लगता है कि चक्री यह केस बहुत ही कॉम्प्लिकेटेड है और उसी तरह हाई प्रोफाइल केस भी मैंने तुम्हारे बारे में ऑलरेडी जान लिया है तुम्हारे पिछले केस के बारे में भी मैंने स्टडी की है चक्री भी इसके लिए ओके कह देता है बाद में वह हायर ऑफिसर मूर्ति के पास जाकर मूर्ति से
कहने लगता है कि देखो मूर्ति यह बहुत ही हाई प्रोफाइल केस है अगर केस में थोड़ी सी भी गलती हो जाएगी तो हमारे हायर ऑफिसर्स और मीडिया वाले हमको धो देंगे जब-जब हमारे इमेज को बचाने के लिए ऐसे डिसीजंस लेना पड़ता है चकरी को भी बुलाकर कहने लगता है कि आप दोनों अपने इगोस को साइड में रखकर एक साथ इस केस की इन्वेस्टिगेशन करिए और सी तरह यह न्यूज़ बिल्कुल भी बाहर लीक नहीं होनी चाहिए खैर थोड़ी देर के बाद फॉरेंसिक वाले यहां पर आकर अपना काम शुरू करते हैं इन्हीं फॉरेंसिक वाले बंदों में से
चक्री एक बंदे को जानता होता है दूसरी तरफ वह यर ऑफिसर गांव के बड़े लोगों को किसी जगह पर बुलाकर यही खबर सुनाने लगता है कि किसी ने एडवोकेट लपा को मार दिया अगर यह बात बाहर आएगी तो फेस्टिवल को रोकना पड़ेगा यहां के कुछ लोग फेस्टिवल को रोकना नहीं चाहते क्योंकि इस फेस्टिवल में इन लोगों के टेंडर पड़े हैं काफी सारा नुकसान होगा इस गांव का एक और रूल भी होता है अगर फेस्टिवल के टाइम कोई बंदा मर गया तो जो जो लोग कब्रस्तान पर जाते हैं वो लोग फेस्टिवल पर नहीं आ सकते जब
तक फेस्टिवल खत्म नहीं हो जाता सो फाइनली ये लोग यही डिसाइड कर लेते हैं के फेस्टिवल को चलने देते हैं और उसी तरह चिल्लपाठिकाराम फेस्टिवल खत्म होने के बाद सारी पब्लिक में बता देंगे इस तरफ चलबा की बीवी मालती और उसका बेटा सुंदर यहां पर आते हैं चक्री मालती को अंदर जाने से रोकने लगता है क्योंकि अंदर फॉरेंसिक वाले हैं सबूत टम पर हो सकते हैं लेकिन बहुत रोकने के बावजूद भी मालती उस घर के अंदर जाकर चल्लू के बिखर जाती है फटाफट से चक्रीय और सुंदर माल्थी को इस घर से बाहर ले जाने लगते
हैं और व भी बहुत ही मुश्किल से खैर वो दोनों जाने के बाद चक्र इस घर की अच्छे से इंस्पेक्शन करते रहता है तभी चक्र को को किसी जगह से किसी लड़के की आवाज सुनाई देती है गौर से सुनने पर एक छोटा सा कबर्ड होता है उस कबर्ड के अंदर से वो आवाजें आती रहती है जब चक्र इस कबर्ड को ओपन किया जाता है तो इसके अंदर एक लड़की होती है और उसके हाथ में सलप्पा की गन होती है उसके बाद क्या था पुलिस वाले इस लड़की को गिरफ्तार करके पुलिस स्टेशन पर लाते हैं इस
लड़की का नाम होता है मुत्त थोड़ी देर के बाद फॉरेंसिक वाला बंदा चकरी से पूछने लगता है कि सर क्राइम स्पॉट पे तो क्रिमिनल पकड़ा गया विद वेपन के साथ अब तो ये केस क्लोज हो चुका है ना चकरी कहने लगता है नहीं अमर क्या तुमने एक बात नोटिस की उस कबर्ड का दरवाजा बाहर से लॉक था जिका मतलब उस लड़की के साथ-साथ उस कॉटेज में कोई और भी था और एक और सवाल यह है कि सारे खिड़की दरवाजे बंद होने के बावजूद भी वो लड़की अंदर कैसे गई दूसरा बंदा बाहर कैसे निकल गया अब
तो य केस बहुत ही कॉम्प्लिकेटेड हो चुका है उसके बाद चक्री और मूर्ति इस लड़की मुत के पास आकर काफी सारे सवालात करने लगते हैं लेकिन मुत्त अपना मुंह ही नहीं खोलती चुपचाप बैठी रहती ती है वहां की एक लेडी कांस्टेबल चक्री से कहने लगती है कि सर मुझे लगता है कि इस लड़की ने जलप्पा सर को नहीं मारा दिखने में तो बहुत ही मासूम है चकरी कहने लगता है कि मेरे लास्ट केस में मैंने यही सीखा किसी का मासूम चेहरा देखकर हम जस्टिफाई नहीं कर सकते उस मासूम चेहरे के पीछे एक और चेहरा भी
हो सकता है और वैसे भी क्रिमिनल कोई भी बन सकता है हालात उसको मजबूर बना देते हैं हम पुलिस वाले हैं हमको हमारा काम करना चाहिए बाद में डिसाइड होगा कि वह मासूम है या तो फिर गुनहगार मूर्ती ने ऑलरेडी इस लड़की की फोटो सुंदर और उसकी मां को दिखाया उन दोनों ने कहा कि वो दोनों इस लड़की को बिल्कुल भी नहीं जानते इस तरफ जेल में नंदिनी की एक ट्रांसजेंडर फ्रेंड होती है जिसका नाम होता है विमला इसकी बहुत मदद करती रहती है वहां की लेडी कांस्टेबल्स हमेशा विमला का मजाक उड़ाते रहते हैं विमला
अपने बारे में नंदिनी को बताने लगती है जब मैं 12 साल की हुई थी तब मुझे यह बात पता चली कि मैं ऊपर से लड़का दिखती हूं लेकिन अंदर से एक लड़की हूं एक दिन मेरे पिताजी ने मुझे साड़ी पहनते हुए देख लि तो मुझे बहुत डांटा तो मैं घर छोड़कर भाग गई मेरे ही जैसे लोगों से मुलाकात करके मैंने अपनी एक फैमिली बना ली वही फैमिली मुझसे मिलने के लिए आते जाते रहते हैं अब इसी बातों ही बातों में वहां की दो औरतें एक दूसरे में बहुत जबरदस्त तरीके से झगड़ा करते रहते हैं एक
छोटी सी बात को लेकर वहां के पुलिस वाले भी इन दोनों को रोक नहीं पाते उसी वक्त यहां पर एक औरत आकर इन दोनों को डांटने पर सारा मामला एकदम से शांत हो जाता है इस औरत का नाम होता है सरोजा थोड़ी देर के बाद नंदिनी विमला से सरोजा के बारे में पूछने लगती है कि सरोज दीदी जेल क्यों आई विमला कहने लगती है कि सरोज का हस्बैंड एक एक्स एमएलए है और उसी तरह उसकी मौत भी हो गई थी अपने हस्बैंड के प्लेस में सरोज इलेक्शंस लड़ने वाली है अगर सरोज ऐसा करेगी तो जरूर
सरोज ही जीतेगी तो दूसरी पार्टी वाले सरोज के ऊपर दूसरे केस में फंसा दिया और वैसे भी कुछ दिनों के बाद वो रिलीज हो जाएंगी और उसी तरह सरोज दीदी एक बिजनेसमैन है जेल में ही अपनी एक ट्रेनिंग सेंटर चलाती है तो सरोज से मिलने के लिए यह दोनों दूसरे ब्लॉक पर जाते हैं अंदर आने के बाद नंदिनी ये देखती है कि यहां की सारी औरतें कोई ना कोई कामकाज कर रही होती है मतलब सरोज इन सारी औरतों को ऐसी ट्रेनिंग दे रही होती है ताकि अगर ये औरतें जेल से बाहर जाएंगी तो किसी पर
भी डिपेंडेंट ना होते हुए ये अपने पैरों पर खड़े हो इस तरह पुलिस स्टेशन के पास ईश्वरण और कोथ चक्री को देखकर इसे पहचान कर इसके पास आते हैं ये दोनों पहले सीरीज में भी थे चक्री पूछने लगता है अरे तुम दोनों यहां पर क्या कर रहे हो ये दोनों कहने लगते हैं अरे सर हमारा क्या है साल भर में जहां-जहां पर फेस्टिवल चलते हैं हम वहां पर चले जाते हैं नाटक करने के लिए डांस करने के लिए अब यहां पर आ चुके हैं और वैसे आप यहां पर क्यों आए हो चक्री कहने लगता है
कि एक इंपॉर्टेंट केस पर आया हूं ईश्वरण कहने लगता है कि सर एक्चुअली हमारी टीम डांस करने वाले हैं जिसके लिए स्टेज लगाने वाले हैं इसी की परमिशन के लिए हम यहां पर आए हैं क्या आप हमारी मदद कर सकते हो तो चक्र इन दोनों को एक लेडी कांस्टेबल के पास भेजता है पुलिस स्टेशन के अंदर आकर जब ये दोनों कोई रजिस्ट्रेशन फॉर्म फिल अप कर रहे होते हैं सेल में ये दोनों मुत्त को देखते हैं ये चीज ब्जर्व करके चकरी इन दोनों को सेपरेटली बुलाकर मुत के बारे में पूछने लगता है ये दोनों कहने
लगते हैं कि सर यह मुत किसी डांस ग्रुप में डांस किया करती थी स्टेज पर इसका नाम होता है मधुबाला और वायसा भी वो लॉक अप में क्यों है सर वो बहुत ही अच्छी लड़की है चक्री मुत के बारे में और डिटेल्स पूछने लगता है कि उसका गांव कौन सा है इसकी फैमिली कहां पर है ईश्वरण कहने लगता है कि सर मैं उसके पर्सनल लाइफ के बारे में नहीं जानता लेकिन यक्षी नाम की एक लड़की के साथ वो डांस किया करती थी इस तरह से उस यक्षी का एड्रेस देने पर चक्री और मूर्ति उस एड्रेस
पर जाते हैं वहां पर काफी सारे प्रोस्टिट्यूट डांस बांस करते रहते हैं ये प्रोग्राम खत्म होने के बाद चक्री उस यक्षी के पास जाकर मुत्त की फोटो दिखाते हुए इसके बारे में पूछने लगता है ये लड़की भी यही कहने लगती है कि सर मैं इस लड़की के बारे में ज्यादा नहीं जानती बस मेरे साथ वो डांस करती खत्म होने के बाद एक ऑफिसर की तरह अच्छे खासे कपड़े पहनकर वहां से चली जाती अचानक से उसने हमारे साथ डांस करना बंद कर दिया अब कैसी है कि किधर है मुझे बिल्कुल भी आईडिया नहीं ये यक्षी चक्री
को एक और बात भी बताने लगती है कि कुछ सालों पहले जब मुत और यक्षी स्टेज पर डांस कर रहे थे तो पुलिस वालों ने ऐसे कुछ डांसर्स को गिरफ्तार कर लिया तभी इन लोगों को यह बात पता चली कि एक नया कानून लागू हुआ है इसके हिसाब से रिकॉर्डिंग डांस करना इल्लीगल है मतलब फेस्टिवल के समय एरोटिक डांस करना इल्लीगल है उसके बाद हमने काफी सारे मुश्किलों का सामना किया अब कोई भी ऑप्शन ना होने की वजह से हम लोग हमारा शरीर बेचने लगे लेकिन मुत्त ऐसी नहीं थी वो हमारे साथ बिल्कुल भी नहीं
आई खैर वहां से वापस आते समय मूर्ति के जरिए से चकरी को यह बात पता चलती है कि ऐसे रिकॉर्डिंग डांस को बैन करने में हमारे चल पा सार का ही हाथ है उन्होंने ही कोर्ट में अपील की थी जिसकी वजह से यह लॉ आया आपके च लप्पा सर की वजह से ही उनका रोजगार छीन गया अगर हम इस एंगल से सोचे तो मुती के पास मोटिव है च लप्पा सर को मारने का चक्री मूर्ति से कहने लगता है कि मान लेते हैं मुत्त ने ही च लप्पा सर को मारा लेकिन कबर्ड का दरवाजा बाहर
से किसने लॉक किया जिसका मतलब मूर्ती के साथ कोई और होगा ही है ना खैर ये लॉ आने के बाद और किसको इफेक्ट पड़ा मूर्ति कहने लगता है तिरु को वही लप्पा सर के फ्रेंड को तिरु सर ही ऐसे ही डांसस ऑर्गेनाइज किया करते थे चक्री कहने लगता है कि अगर हम तिरू से पूछताछ करें तो मूर्ति कहने लगता है अरे रे ऐसा नहीं करना चक्री गांव में बहुत बड़े आदमी है वो बहुत ही पक्का प्रूफ के साथ जाना पड़ेगा उनके पास दूसरा रास्ता ढूंढना पड़ेगा खैर दूसरे दिन चक्री मालती अम्मा के पास आकर ये
दोनों चला को याद करके बहुत इमोशन होने लगते हैं और उसी तरह चलप्पल्ली मालती अम्मा को देने लगता है चिल्लपाठिकाराम इस केस को फटाफट से सॉल्व करो मुझे जानना है कि उनको किसने मारा उसी वक्त दामू घर के पास आकर बहुत फूट फूट उठ के रोने लगता है जब चक्री इसके बारे में पूछने लगता है तो मालती चक्री से कहने लगती है कि मैंने ही दामू को इनकी मौत की खबर सुनाई यह हमारा फैमिली मेंबर ही है ना इसीलिए बाद में चक्र से कहने लगती है कि चक्री तुम उस मूर्ति पर भरोसा मत करो तुम
प्रेम वदा को जानते हो ना उस समय किसानों की जमीन को हड़प कर वहां पर स्कूल बनवाया और उस वक्त प्रियंवदा की मदद की इस मूर्ति ने जब यह बात चिल्लपाठिकाराम प्रियम वदा को सजा मिल पाए उसके बाद चक्री सुंदर के पास जाकर लप्पा और तिरू के बीच जो कनेक्शन है उसके बारे में पूछने लगता है सुंदर कहने लगता है कि एक्चुअली तिरु मेरे दूर के मामा ही है और उसी तरह पापा और तिरु मामा बहुत ही अच्छे फ्रेंड्स भी है लेकिन बचपन से ही पापा बहुत ही आगे थे दूसरे लोग तिरु मामा को मेरे
पापा का एग्जांपल्स देते रहते थे सीन थोड़ा सा फ्लैशबैक में जाने लगता है 2 साल पहले एक दिन तिरू लप्पा के पास आकर इसको बहुत डांटने लगता है कि तुमने क्यों उस रिकॉर्डिंग डांस को बंद करवा दिया देखो लप्पा यह तुमने अच्छा नहीं किया हर एक मामले में अपनी उंगली घुसाना बंद करो लप्पा कहने लगता है देखो तिरू फेस्टिवल के टाइम काफी सारे फैमिली वाले वहां पर आते हैं तो फेस्टिवल के समय ऐसे एरोटिक डांस करवाना क्या अच्छी बात है प्रेजेंट डे पर सारे टीवी न्यूज़ चैनल्स पर जलप्पा के ही न्यूज़ चलने लगती है ए
टू जेड सारी इंफॉर्मेशन इन लोगों को पता होती है वो सारी चीजें टीवी में टेलीकास्ट होती रहती है ये खबर डीआईजी भी देखकर शौक में रह जाता है वो डीआईजी मूर्ति को को फोन करके बहुत डांटने लगता है कि मैंने तुम लोगों से कहा था ना कि लप्पा के केस को सीक्रेट से ही रखो तो बाहर यह बात कैसे लीक हुई एक्चुअली अंदर की बात यह है कि मूर्ति के पुलिस स्टेशन का एक बंदा ही इस चिल्लपाठिकाराम होता है जिसके टीवी पर ये च लप्पा की न्यूज़ टेलीकास्ट हो रही है अब इसी मौके का फायदा
उठाकर चक्री इस तिरू से हल्के से इंट प्रशन करने लगता है क्या मैंने सुना है कि आपके और चिल्पा के बीच कुछ जमती नहीं थी हमेशा झगड़े होते थे यह सुनने के बाद पहले तो तिरु चकरी पर बहुत गुस्सा करने लगता है कि तुम कुछ ज्यादा ही सवालात कर रहे हो बिना सब कुछ जाने मुझ पर उंगली मत उठाओ इस तरह से तिरो अपने पॉइंट ऑफ व्यू से कुछ बातें बताने लगता है बात यह है कि ये दोनों हमेशा कोई ना कोई बात को लेकर झगड़ा करते ही रहते हैं बाद में ये दोनों उस झगड़े
को भूलकर अपना भाईचारा निभाते रहते हैं रात होने के बाद दारू पीते हुए अच्छे से एंजॉय कर ते हुए अपने पॉइंट ऑफ व्यू से कुछ बातें शेयरिंग करते रहते हैं अब तिरु की बातें सुनने के बाद चक्री को तो एक बात क्लेरिटी आती है कि लप्पा के मर्डर केस में तिरू का हाथ नहीं है खैर थोड़ी देर के बाद अलग-अलग पुलिस स्टेशन के पास अलग-अलग लड़कियां आकर सरेंडर होने लगती है ऑलमोस्ट आठ लड़कियां होती है शायद तो सारी लड़कियां आकर यही कहने लगती है कि मैंने ही लप्पा सर को मारा अब ये खबर सुनने के
बाद वोह डीआईजी चक्री के पास आकर कहने लगता है कि देखो चक्री अब ये केस और कॉम्प्लिकेटेड हो चुका है सारी की सारी लड़कियां यंग है थोड़ा केयरफुली डील करो बाद में चक्र के पुलिस स्टेशन पर जो लड़की आई होती है उसका स्टेटमेंट लेने लगता है वो लड़की चकरी से कहने लगती है कि कल रात चलप्पुरम के मुझे अपने घर के अंदर बुलाया मुझे अपने पास बैठने के लिए कहा लेकिन मैं बैठी नहीं घबराती रही उसी टेबल के पास जलप्पा की गन थी वो गन लेकर मैंने उनको शूट कर दिया चकरी पूछने लगता है कि
चलबा को तुमने क्यों मारा लेकिन यह लड़की इसका जवाब नहीं देती यहां पर एक और शॉकिंग बात यह है जो आठ लड़कियां हैं ना वो सारी लड़कियां भी इसी तरह का स्टेटमेंट देती है कामा पुलिस स्टाफ को भी नहीं छोड़ती उसके बाद चक्र उन सारी लड़कियों के फोटोस मुत्त को दिखाने पर मुत्त इन फोटोस को देखकर कुछ भी जवाब नहीं देती चुपचाप होती है चक्री और मूर्ति के इन्वेस्टिगेशन में एक और बात भी पता चलती है कि इन आठ लड़कियों के बीच कुछ भी कनेक्शन नहीं है मतलब अपने जिंदगी में इन लोगों ने एक दूसरे
से कभी बात ही नहीं की और उसी तरह इन लड़कियों की कोई फैमिली नहीं है सारे सारी लड़कियां सिंगल है और उसी तरह वेल्ड सेटल है मतलब एक लड़की लॉयर होती है एक लड़की एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में होती है इस तरह से इस तरफ जेल में एक औरत अपनी बच्ची को लेकर सरोज के पास आकर रिक्वेस्ट करने लगती है कि दीदी मैं अपनी बच्ची को यहीं पर रखना चाहती हूं क्योंकि यह बच्ची इसी जेल में पैदा हुई सरोज उस औरत को समझाने लगती है अरे ऐसा नहीं होगा 6 साल आने के बाद बच्ची को बाहर भेज
देना चाहिए रिश्तेदारों के पास या तो फिर किसी होम में तुम फिक्र मत करो मैं बाहर जाने के बाद तुम्हारी बेटी को अच्छे स्कूल में एडमिशन करवाऊंगी इस तरह से वहां की औरतों को बहुत ही अच्छे से मदद करती रहती है अब सरोज की हेल्पिंग नेचर देखकर विमला नंदिनी से यही कहने लगती है कि तुम भी सरोजा दीदी से मदद मांग सकती हो लेकिन नंदिनी के दिमाग में यही चलते रहता है कि यह बाहर जाकर अब क्या करेगी जेल के बाहर इसका कोई अपना नहीं है उसी वक्त वहां की वर्टन नंदिनी को अपने पास बुलाकर
यह शॉकिंग न्यूज़ बताने लगती है कि तुम्हारे केस जो लड़ रहे थे ना चल पसर उनकी डेथ हो चुकी है यह सुनने के बाद इसके तो होश ही उड़ जाते है बाद में जज साहब नंदिनी को वीडियो कॉल में बात करते हुए कहने लगते हैं कि तुमको न्यूज़ तो पता चल चुकी होगी नंदिनी अब तुम एक और लॉयर को हायर कर लो अगर ऐसा करोगी तो प्रोसीडिंग्स स्टार्टिंग से करना होगा अब तक जहां तक केस चला इसकी कोई वैल्यू नहीं है मुझे पता है कि यह तुम्हारे लिए बहुत ही मुश्किल का काम है लेकिन दिस
इज द लॉ दूसरी तरफ चक्री मूर्ति से कहने लगता है कि सर हो सकता है कि उन सारी लड़कियों ने लप्पा को मारा होगा लप्पा को मारने के बाद मुत वहां पर फंस गई होगी जब यह बात टीवी चैलेंज के जरिए से बाहर आई तो मुत्त को बचाने के लिए ये सारी लड़कियां हमारे पास आकर सेंर हो गई ताकि इस केस को डाइवर्ट करें मूर्ति कहने लगता है ठीक है सर ऐसा ही समझते हैं लेकिन इन सारी लड़कियों के बीच कोई कनेक्शन ही नहीं है ना कॉल रिकॉर्ड्स ना फैमिली नथिंग चक्री कहने लगता है हां
सर हम लोग इसी के बारे में फाइंड आउट करना होगा थोड़ा अंदर घुसकर पता करने की कोशिश करते हैं कि आखिरकार इन लोगों के बीच क्या कनेक्शन है उसी वक्त लेडी कांस्टेबल मूर्ति को फोन करके ये कहने लगती है है कि सर आपको तो पता है ना कि 6:00 बजे के बाद किसी भी लड़की को लॉकअप में नहीं रखना चाहिए बताइए सर क्या करें इनका यह सुनने के बाद चकरी को एक जबरदस्त आइडिया आता है इन सारी लड़कियों को जुडिशरी कटरी पर भेज देता है मतलब उस जेल पर भेज देता है जिस जेल में नंदिनी
रहती है जेल पर आने के बाद चक्री फटाफट से नंदिनी से मिलने के लिए आता है अब पहली ही फुर्सत में नंदिनी चिल्लपाठिकाराम चक्री उन्हीं लड़कियों के बारे में बात करने लगता है के चिल्लपाठिकाराम नोटिस करती है कि ये सारी लड़कियां एक दूसरे में बात ही नहीं करती इस तरफ चलता का पोस्टमार्टम खत्म हो चुका होता है कल सुबह डेड बॉडी उनकी फैमिली को सौंप देंगे और रिपोर्ट आने में दो दिन लगेंगे यही बात चक्री सुंदर को फोन करके बताने लगता है इस तरफ जेल में दो लड़कियां नंदिनी के सल पर आती है थोड़ी देर
के बाद एक लड़की को एक जबरदस्त तरीके से फिटस आने लगता है नंदिनी फटाफट से इस लड़की की मदद करने लगती है वहां के पुलिस वाले इस लड़की को फटाफट से हॉस्पिटल पर ले जाते हैं सुबह होने के बाद चक्र उस फेस्टिवल पर आकर दामू को ढूंढते रहता है और फिलहाल दामू राजा का भेस निकालकर चलप्पुरम से सुंदर के बारे में पूछने लगता है कि सुंदर कहां पर है और ना ही उसका फोन लग रहा है थोड़ी देर के बाद सर की डेड बॉडी आने वाली है दामू कहने लगता है कि मुझे पता है सुंदर
भैया कहां पर रहते हैं इस तरह से दामू चक्री को वहां पर ले जाने लगता है अब फेस्टिवल होने की वजह से बहुत ज्यादा ट्रैफिक होती है इसी रास्ते के दरमियान में ड्राइवर चकरी से कहने लगता है कि सर वो जो बंदा आप देख रहे हो ना जिसने देवी मां का गेटअप पहना है व बहुत बड़ा क्रोड़पति है चन्ने में दो फैक्ट्रीज है उसके दामू कहने लगता है कि कोने-कोने से यहां पर आकर काफी सारे लोग अलग-अलग गेटअप पहनते हैं इस फेस्टिवल की खास बात यह है कि ये फेस्टिवल खत्म होने के बाद यहां के
सारे लोग मतलब जिन-जिन लोगों ने गेटअप पहना है वो सारे लोग समुंदर में जाकर अपना गेटअप धो देते हैं वो सिर्फ अपना गेटअप ही नहीं धोते बल्कि अपने अंदर जो बुराई होती है उन सारी चीजों को वो धो देते हैं अपने पापों का प्रश्चित करते हैं खैर थोड़ी देर के बाद ये लोग सुंदर के पास जाते हैं बेचारा सुंदर बहुत ही टूट के बिखर चुका होता है होश में ही नहीं होता तभी सुंदर की बातों से चक्री को यह बात पता चलती है कि एक्चुअली सुंदर काफी सालों से अपने फादर से बात नहीं कर रहा
और यह सोचकर दुखी हो रहा है कि आगे जाकर यह अपने फादर से बात ही नहीं कर सकता अब यहां के कल्चर के हिसाब से चिल्लपाठिकाराम जेल में जब उन आठ लड़कियों में से एक लड़की स्नान कर रही होती है तो वहां की एक औरत आकर उस लड़की पर अत्याचार करने की कोशिश करने लगती है ये देखकर तभी नंदिनी वहां पर आकर उस औरत को उस लड़की से साइड से हटाकर बहुत डांटने लगती है यह होने के बाद बाद में वह लड़की नंदिनी से कहने लगती है अरे छोड़ो दीदी इन सारे लोगों को मैंने अपने
हॉस्टल में ऐसे लोगों को बहुत देखा इस तरफ चक्रे उन लड़कियों का सोशल मीडिया आकन चक करने पर भी कोई भी क्लू नहीं मिलता इसी दरमियान में जब उन लड़कियों का फोन लोकेशन पता करने पर यह बात पता चलती है कि जिस दिन लप्पा की हत्या हुई थी उस दिन वोह फनस उनके गांव पर ही थे मतलब जो जो लड़कियां जिस गांव पर रहते थे उनका फोन वहीं पर था चक्री मूर्ति से कहने लगता है कि ये लड़कियां बहुत ही स्मार्टली प्ले किया फॉर एपल मुत्त को ही देख लीजिए मुत्त क्राइम स्पॉट पर मौजूद थी
लेकिन उसका फोन उसके घर पर ही था इसी बातों ही बातों में चल पा के जूनियर लॉयर्स यहां पर आते हैं एक्चुअली चकरी ने इन लोगों को यहां पर बुलाया होता है चल्लपेटा 10 साल से एक केस की इन्वेस्टिगेशन कर रहे हैं उस केस के बारे में अपने जूनियर्स को भी नहीं बताई और उस केस के सारे डिटेल्स लप्पा ने अपने लैपटॉप में स्टोर करके रखा शॉकिंग बात यह है कि क्राइम स्पॉट पर चिल्पा का लैपटॉप नहीं पाया गया और उसी तरह चक्री को प्रियंवदा के केस के बारे में भी बताने लगते हैं ये सुनने
के बाद मूर्ति चक्री के पास आकर कहने लगता है कि मुझे पता है कि मालती मैडम ने तुमको मेरे बारे में कुछ ना कुछ जरूर बोला होगा हां मैं मानता हूं कि मेरे और लपा के बीच एक छोटा सा झगड़ा हुआ था इस तरह से उस केस के बारे में चक्र को बताने लगता है सीन थोड़ा फ्लैशबैक में जाने लगता है एक साल पहले एक्चुअली प्रियंवदा ने मूर्ति की मदद से कुछ किसानों को डरा धमका कर उनकी जमीन हड़पक वहां पर स्कूल बनवाई यह बात लप्पा जानने के बाद मूर्ति के ऊपर करप्शन का केस ठोका
मूर्ति लप्पा के पास आकर बहुत रिक्वेस्ट करने लगता है कि सर मुझे इसके बारे में कुछ ज्यादा डिटेल नहीं पता एक दिन प्रियंवदा मैडम ने मुझे बुलाकर यह कहा कि मैं यहां पर एक स्कूल बनवाना चाहती हूं और इसी स्कूल में तुम्हारा बेटा पढ़कर आईएएस बनेगा बस यहां की जमीन तुम्हारे नाम कर लो प्लीज सर आपका झगड़ा तो प्रियंवदा के साथ है मुझे क्यों बीच में खिट रहे हो लप्पा कहने लगता है कि मूर्ति मुझे ये सारी चीजें पता है अगर पहले मैं तुमको पकडा तो बड़ी मछली खुद बखुदा से चलप्पुरम वादा कहने लगती है
आप ऐसे कैसे सोच सकते हो ऐसे क्रिमिनल्स हमारे स्कूल में पढ़ेंगे चकरी कहने लगता है कि अरे मैडम आपके पास तो अच्छा खासा मोटिव है आपके और लप्पा सर के बीच कुछ जमती नहीं थी शायद इसी वजह से इन लड़कियों को आपने उकसाया होगा और वैसे भी चलप्पल्ली है इससे कोई साबित नहीं होता मैंने खुद लप्पा के ऊपर केस फाइल किया उसी के बारे में बात करने के लिए मैंने उस रात उनको फोन किया इस तरफ जेल में वो फिट्स वाली लड़की ठीक-ठाक होने पर नंदिनी उस लड़की से मिलने के लिए जाती है यह लड़की
नंदिनी से कहने लगती है अरे दीदी ऐसे फिट्स मुझे आते ही रहते हैं जब मैं टेंस होती हूं या तो फिर डर की वजह से कल रात उस कमरे में की लाइट फ्लिकरिंग हो रही थी उसकी वजह से ही मुझे फिट्स आए नंदिनी कहने लगती है ठीक है मैं उस कमरे की लाइट चेंज करवा दूंगी इस तरह से नंदिनी सरोज के पास जाकर इसी के बारे में बात करने लगती है उसके बाद नंदिनी हर एक लड़की के पास जाकर उनसे बात करने की कोशिश करने लगती है लेकिन एक भी लड़की नंदिनी से बात करने में
इंटरेस्ट नहीं होती दूसरी तरफ चक्री सुंदर और उसकी मां दरिया के पास जाते हैं चल पा के आशीष को दरिया में बहाने के लिए अब यहां पर दामू मौजूद नहीं होता सुंदर बहुत फील होने लगता है यह सुनने के बाद चक्री अपने वॉकी टॉकी के जरिए से कुछ पुलिस वालों को ये इंफॉर्मेशन भेजता है कि अगर दामू कहीं पर भी नजर आए तो फटाफट से मुझे इंफॉर्मेशन कि दामू तुम झूठ मत बोलो अभी-अभी मैंने देखा कि तुमने अपने हाथ की ताबीज निकाल दी जिसका मतलब तुम अगले साल ही ये गेटअप पहनो ग और मुझे यह
बताओ जिस दिन लप्पा सार मरे थे उस दिन तुम कहां पर थे यह सवाल सुनते ही दामू वहां से भागने लगता है चक्री इसको पकड़ नहीं पाता उसी वक्त नंदिनी चक्री को फोन करके एक छोटा सा इंफॉर्मेशन बोलने लगती है कि मुझे उन लड़कियों से कुछ ज्यादा इंफॉर्मेशन नहीं मिली लेकिन एक बात जरूर पता चली कि वो सारी लड़कियां हॉस्टल में पली बड़ी सो बाद में उन हॉस्टल्स के बारे में पता करने ने पर चकरी को यह बात पता चलती है कि यह सारी लड़कियां डिफरेंट डिफरेंट ऑर्फनेज में सितंबर के महीने के दिन ही जॉइन
हुए और उसी तरह स्कूल में जॉइन होते वक्त इनके कोई सर्टिफिकेट्स ही नहीं थे जैसे बर्थ सर्टिफिकेट पेरेंट्स का प्रूफ नथिंग तभी मूर्ति चक्री के पास एक शॉकिंग न्यूज़ लाता है वो ये कि इन सारी लड़कियों को एक ही ट्रस्ट ने ऑर्फनेज और स्कूल में एडमिशन दिलवाया और यह ट्रस्ट और किसी का नहीं प्रियम वदा का ही होता है सो चक्री सारे सबूतों को इकट्ठा करके के प्रिमता के पास जाकर कहने लगता है कि आपने कहा था कि आप उन आठ लड़कियों को नहीं जानते लेकिन उन आठ लड़कियों की स्कूल फी कॉलेज फी सब कुछ
आपके ट्रस्ट के जरिए से ही गया प्रियंवादा चक्री को एक सच्चाई बताने लगती है सो सीन थोड़ा फ्लैशबैक में जाने लगता है 10 साल पहले एक्चुअली 10 साल पहले प्रियमवधा के स्कूल में एक बच्चा मर गया हॉस्टल का खाना खाकर यही बात चलप्पल्ली करने लगता है अगर यह बात बाहर नहीं आनी चाहिए तो तुमको मेरा एक काम करना होगा इस तरह से लप्पा प्रियमवधा को अपने वैन में कुछ छोटे बच्चे लड़कियों को दिखाने लगता है लप्पा कहने लगता है कि ये लड़कियां कौन है तुम्हें इससे कोई संबंध नहीं इन सारी लड़कियों को अलग-अलग जगहों पर
भेज दो और उस तरह ऐसी जगह पर भेजो जहां पर मैं आसानी से जा सकूं पहले तो प्रियंवादा मना करने लगती है कि तुम तो इतने घिनौने इंसान निकले छी लेकिन बाद में अपने स्कूल की रेपुटेशन के लिए यह मान जाती है अब यह सच्चाई सुनने के बाद प्रेजेंट डे पर चक्री के तो होश ही उड़ जाते हैं क्योंकि चक बकरी चिल्लपाठिकाराम वादा कहने लगती है कि अब चलप्पुरम तुमको बताया इस तरफ जेल में नंदिनी यह देखती है कि वो आठ लड़कियां अपने सेल से बाहर निकलकर कहीं पर जा रही है नंदिनी इन लड़कियों को
फॉलो करने पर यह देखती है कि सारी लड़कियां उस जेल के एक पुराने घर के अंदर जा रही है मतलब इस जेल के अंदर एक बहुत ही पुराना मकान होता है यहां पर आती है और शॉकिंगली यह सारी लड़कियां एक जगह पर गोल बैठकर बहुत फूट-फूट के रोने लगती है इस तरह से यहां पर चार एपिसोड्स खत्म होते हैं नेक्स्ट वीडियो में बाकी चार एपिसोड्स देखेंगे तो मिलते हैं अगली वीडियो में तब तक टेक केयर बाय बाय सी यू सून