वेलकम बैक दोस्तों आज मैं आपके सामने सडल वेब सीरीज के बाकी एपिसोड्स को लेकर आया हूं अगर आपने पहला वीडियो नहीं देखा तो डिस्क्रिप्शन या तो फिर आई बटन पर उसका लिंक है पहली फुर्सत में वो वीडियो देख लीजिए तो अब चलिए इस वीडियो को स्टार्ट कर लेते हैं उससे पहले लुटा दो प्यार फॉलो ऑन नंदिनी कहने लगती है हां मैंने ही उसको फोन करके यहां पर बुलाया एडवोकेट पूछने लगता है वहां पर गुनाह को बुलाने का तुम्हारा क्या इरादा था इस तरह से और भी कुछ सवालात पूछने पर नंदिनी जवाब ही नहीं दे पाती
उस एडवोकेट से कहने लगती है कि हां हां मैंने ही उस गुनाह को मारा मुझे छोड़ दीजिए मैं यहीं पर ठीक हूं इस तरह से उनका कोऑपरेट नहीं करती इस तरफ चक्री चल की वो सारी बातें मूर्ति को सुनाने पर मूर्ति भी शौक में रह जाता है कहने लगता है कि जिसका मतलब चिल्लपाठिकाराम आज वो लड़कियां चिल्लपाठिकाराम है इस कबर्ड को अच्छे से देखने पर एक्चुअली वो एक दरवाजा होता है एक टनल का दरवाजा ये दोनों उस टनल के अंदर जाने पर एक लैपटॉप और कुछ फाइल्स जले होते हैं चकरी को समझ में आ जाता
है कि यह लैपटॉप जरूर चला पसर का ही होगा जिसके बारे में उनके असिस्टेंट ने डिस्कस किया था बाद में ऐसे ही और अंदर जाने पर यह दोनों दूसरे दरवाजे के पास निकलते हैं एक्चुअली ये लाइट हाउस और किला ब्रिटिश के जमाने का होता है और ब्रिटिश के जमाने में ब्रिटिश वालों ने ऐसे काफी सारे टनल्स को बनवाया था चकरी कहने लग ता है कि मुत जरूर इसी रास्ते से लप्पा के घर में घुसी होगी खैर इसके बाद चक्री एक लाइब्रेरी पर जाकर एक बंदे से इस गांव का पुराना नक्शा पूछने लगता है यह बंदा
इस गांव के बारे में काफी सारी बातें जानता होता है यह बंदा भी यही कहने लगता है कि पुराने जमाने में यहां पर ब्रिटिशर्स ने रूल किया था और उस टाइम ब्रिटिशर्स ने अपने वेपंस को ट्रांसपोर्ट करने के लिए काफी सारे टनल्स को बनवाया था उन टनल में से यह भी एक टनल है जो सीधा समुद्र के रास्ते पर जाता है वो सारा एरिया ब्रिटिशर्स के क्वार्टर्स थे बाद में चलप्पल्ली के घर पर आता है तो मालती चक्री से काफी सारे सवालात करने लगती है क्या केस के बारे में कुछ डिटेल्स पता चली अब चक्री
मालती अम्मा को सच नहीं बता सकता सब कुछ छुपा देता है और सीतरा उस कॉटेज के बारे में पूछने लगता है मालती कहने लगती है कि एक्चुअली च लप्पा ने वह कॉटेज सुंदर के लिए खरीदा था लेकिन जब सुंदर ने उसका इस्तेमाल नहीं किया तो लप्पा ने उस कॉटेज को अपनी ऑफिस बनवा ली चकरी उस टनल के बारे में पूछने पर मालती यही कहने लगती है नहीं मु इसके बारे में कुछ भी आईडिया नहीं और मुझे लगता है कि चिल्लपाठिकाराम और उसके आदमी दामू को पकड़कर यहां पर लाते हैं मतलब चक्री ने सारी जगह पर
इसकी वांटेड की न्यूज़ फैला दी थी समंदर में फर्नांड इसको देखकर पकड़ कर यहां पर ले आया चक्री पूछने लगता है कि बताओ दामू तुमने मुझे देखकर क्यों भागे दामू कहने लगता है कि मालती मा मैं आपसे कुछ पर्सनली बात करना चाहता हूं चक्री कहने लगता है नहीं जो भी बात करना चाहते हो मेरे साब नहीं करो चक्री कहने लगता है कि मालती अम्मा आप इससे यह बात पूछिए के कल यह समंदर के पास अपने कौन से पाप धुल रहा था पहले तो दामू कुछ नहीं बताता लेकिन जब रफले पूछने पर दामू एक शॉकिंग बात
बताने लगता है वो ये कि लप्पा इसका फादर है और दामू सेपरेटली लप्पा का क्रीमेशन कर रहा था ये सुनने के बाद मालती के तो होश ही उठ जाते हैं कि चिल्लपाठिकाराम बूझ के एक गैस सिलेंडर को फोड़ देती है जिसकी वजह से किचन में एक बहुत बड़ा हंगामा हो जाता है कुछ औरतें जख्मी हो जाती है और उसी तरह जिस लड़की को फिटस आते हैं ना उस लड़की को दोबारा फिटस आते हैं पुलिस वाले फटाफट से इस लड़ लड़की को हॉस्पिटल पर ले जाने लगते हैं हॉस्पिटल में जब नर्स उसका ट्रीटमेंट करने ही वाली
होती है तो एक और लड़की डॉक्टर की आवाज में इसको बाहर बुलाने लगती है तभी हमको यह बात पता चलती है कि ये लड़की फिटस आने का नाटक कर रही है बाद में यह लड़की चोरी चुपके उस हॉस्पिटल से बाहर निकलकर उस जेल के फाइल्स रूम में आती है और किसी फाइल नेम को याद करते हुए उस फाइल को चुरा लेती है उसी वक्त एक लेडी कांस्टेबल यहां पर आती है टूल बॉक्स लेने के लिए तो दूसरे कमरे से इसको कुछ आवाजें सुनाई देती है समझ जाती है कि अंदर कोई है बुलाने लगती है कि
अंदर कौन है चुपचाप बाहर निकल के आ जाओ अगर मैंने पकड़ लिया तो तुम्हारी खाल निकाल दूंगी शॉकिंगली उसी वक्त उस कमरे की लाइट फ्लिकरिंग होती रहती है अब लाइट फ्लिकरिंग मतलब इस लड़की को असली में फिट्स आएगी तभी यहां पर नंदिनी आकर उस कांस्टेबल को कोई बहाना बनाकर यहां से भेज देती है मतलब उस लड़की को बचा लेती है एक्चुअली नंदिनी ये सारी चीजें अब्जॉर्ब करती रहती है इन लड़कियों का बिहेवियर देखकर जान लेती है कि जरूर यह कान इन लड़कियों नहीं किया और फिलहाल यह लड़की नंदिनी को कुछ भी नहीं बताती चुपचाप वो
फाइल लेकर वहां से चली जाती है इस तरफ चक्री फं सिक वालों को इस टनल के पास लाकर इस सारे एरिया की फिंगरप्रिंट्स को हासिल करने के लिए कहता है पता चलता है कि इस एरिया पर उन सारे लड़कियों के फिंगरप्रिंट्स मौजूद है एक और शॉकिंग बात यह है कि एक पाइप के ऊपर मुत के डबल फिंगरप्रिंट्स है जिसका मतलब मुत ने दो बार ट्रेवल किया उसके बाद फॉरेंसिक वाला बंदा अमर चक्री से और कुछ बातें बताने लगता है कि क्राइम स्पॉट पर जो गन पाई गई वो अन है मतलब ब्लैक में आसानी से मिल
सकती है शायद यह गन उन लड़कियों ने लाया होगा या तो फिर लप सर की ही भी हो सकती है एक और बात यह है कि चिल्लपोल मारी चकरी कहने लगता है अरे चिल्लपाठिकाराम कहने लगता है नहीं सर लप्पा सर को नॉकआउट नहीं किया मरने से पहले वो नॉर्मल ही थे मूर्ति कहने लगता है की चकरी मैं समझता हूं कि लप्पा सर ने आत्महत्या ही किया इसी तरह से एफआईआर दर्ज करके हम लोग उन लड़कियों को बाहर ला सकते हैं चक्री कहने लगता है कि पहले हमें इस बात का भी कंफर्मेशन लेना होगा इस तरह
से अपनी इमेजिनेशन स्टोरी बताने लगता है पहले तो यह सारी लड़कियां इकट्ठा होकर चिल्लपाठिकाराम लेकिन मुत नहीं गई होगी मुत अकेले वापस चलबा सर के पास आकर और कुछ सवालात पूछने लगी अब इसके सवालों का जवाब ना देते हुए चलप्पुरम कहने लगते हैं लप्पा सर मरने के बाद मुत वहां से क्यों नहीं गई और उस कबर्ड का दरवाजा बाहर से लॉक था चक्री कहने लगता है कि काफी सारे लोग शौक में अजीब अजीब तरह से रिएक्ट करते हैं शायद मुत ने ऐसा रिएक्ट किया होगा मेरे पापा हमेशा एक बात कहा करते थे कि एग्जाम्स में
जो सवाल तुमको आता है उसका जवाब पहले लिख दो जो नहीं आता उसे बाद में अटेंप्ट करो तो हमारे सामने यही एक सवाल है कि उस कबोट का दरवाजा बाहर से कैसे लॉक है अगर हम इस चीज को साइड में रखकर बाकी सवालों का जवाब ढूंढेंगे तो शायद ऑटोमेटिक भी उस सवाल का भी जवाब मिल जाएगा र उसके बाद चक्री उसी रात डीएसजी के पास जाकर ये सारे केस के डिटेल्स बताने लगता है ये देखकर डीएसजी के तो होशी उड़ जाते हैं कि अगर यह बात पब्लिक में पता चलेगी तो बड़े लोगों के ऊपर भरोसा
ही उड़ जाएगा चक्री कहने लग ता है कि हमें किसी भी तरह से उन सारी लड़कियों को बाहर लाना ही पड़ेगा सर जिस दिन लप्पा सर मरे थे उस दिन वह सारी लड़कियां वहां पर थे लेकिन लप्पा सर को उन लड़कियों ने नहीं मारा बस मुत्त को बचाने के लिए वह सारी लड़कियां जानबूझकर सरेंडर हो गई डीजी कहने लगता है कि पहले तुम उन लड़कियों के मुंह से सच्चाई उगलवाने देखते हैं क्या करते हैं क्योंकि केस में स्टेटमेंट जरूरी है सो दूसरे दिन चक्री जेल पर जाता है उन सारी लड़कियों से बात करने के लिए
नंदिनी इन सारी लड़कियों से बहाना बनाकर यहां पर लाती है अब चक्री को देखते ही ये सारी लड़कियां वहां से जाने लगते हैं लेकिन नंदिनी इन सारी लड़कियों को बहुत समझाने लगती है अपने बारे में भी बोलने लगती है चक्री भी समझाने लगता है कि प्लीज आप लोगों को सच बताना ही पड़ेगा और आपका मैटर फुली कॉन्फिडेंशियल होगा तो इन दोनों पर भरोसा करके तब जाके यह सारी लड़कियां अपना सच चक्री को सुनाने लगती है सो सीन थोड़ा फ्लैशबैक में जाने लगता है 10 साल पहले जहां पर रवि और नागम्मन नाम के एक स्वीट कपल
को दिखाया जाता है एक्चुअली रवि एक मछवा होता है अपनी छोटी सी दुनिया में यह दोनों दोनों बहुत खुश होते हैं एक दिन रवि के ओनर के आदमी रवि के पास आकर एक बोट को किसी जगह पर लाने के लिए कहते हैं और वो भी इन टाइम में रवि कहने लगता है कि अरे भाई आप फिक्र मत करो शाम तक मैं वहां पर पहुंच जाऊंगा बाद में रवि बिना खाना खाए अपने काम पर चला जाता है लेकिन रात होने के बावजूद भी रवि वापस घर पर ना आने की वजह से नागम मा हार्बर पर जाकर
रवि की तलाश करती रहती है तभी नागम मा यह देखती है कि रवि उस टनल के जरिए से कुछ लड़कियों को बांधकर वहां से ले जा रहा है यह देख नागम्मा के तो होश ही उठ जाते हैं फटाफट से रवि को फॉलो करती है तो रवि उन सारी छोटी बच्ची लड़कियों को किसी बोट के अंदर छुपाते रहता है अब नागम मा भी यहां पर आकर रवि से इसके बारे में सवालात करने लगती है कि रवि तुम इतना घिनौना काम कर रहे हो रवि कहने लगता है कि नागम्मा दो मिनट मेरी बात सुनो तुम्हें पता है
ना हमारी बोट गिरवी पर है और उसी तरह हमारे ओनर का ये आखिरी काम है बस यह आखिरी काम हो जाए तो हमको बहुत सारा पैसा मिलेगा हम दोनों अच्छे से अपनी जिंदगी गुजार लेंगे अब इसी बातो ही बातों में रवि का ओनर यहां पर आने पर रवि अपनी बीवी को एक छापर लगाने पर ये बेहोश गिट जाती है सो रवि नागम्मा को भी उन्हीं लड़कियों के साथ बांध के रख देता है बाद में रवि का ओनर यहां पर आकर इन सारे लोगों को एक प्लान बताने लगता है मतलब इन सारी बच्चियों को कहां पर
ड्रॉप करना है एक्सट्रा सो इसके ओनर जाने के बाद रवि इन सारे बच्चियों को लेकर अपनी बोट के जरिए से कहीं पर जाने लगता है थोड़ी देर के बाद नागम्मा होश में आकर ऊपर आकर रवि से दोबारा यही कहने लगती है कि रवि उन बच्चियों को छोड़ दो वो बहुत ही मासूम है तुम्हारा ओनर जाए भाड़ में हम दोनों यहां से निकल चलते हैं रवी कहने लगता है कि अरे इतना आसान नहीं है नागम्मा तुम मेरी बात मानो कुछ दिन चुप रहो तुम बस उसी वक्त नागमा एक चाकू लेकर रवि का सर धर से अलग
कर देती है एक ही झटके में उसकी जात का दूसरी तरफ उस ओनर के आदमी रवि के घर पर आते हैं पता चलता है कि दो दिन से ना रवि घर पर आया ना नागम्मा पुलिस वालों को समंदर के किनारे पर रवि का सर मिलता है और उस वक्त वहां का इंस्पेक्टर था प्रेजेंट का डीआईजी पुलिस यही सोचने लगते हैं कि शायद रवि को उसकी बीवी नहीं मार कर फरार हो गई रवि की बीवी की तलाश करते रहते हैं दूसरी तरफ नागमा इन सारी लड़कियों को किसी जगह पर छुपाकर जो पैसे इसके पास होते हैं
ना उन पैसों से अपनी जिंदगी गुजारती रहती है बाद में नागामा इन लड़कियों से इनका नाम और इनके घर के बारे में पूछने लगती है पता चलता है कि यह लड़कियां तो यहां की है ही नहीं मतलब डिफरेंट स्टेट्स के होते हैं इन बच्चियों से नागम्मा को एक और शॉकिंग बात पता चलती है कि इन बच्चियों के मां-बाप नहीं इन बच्चियों को बेज दिया खर्च के बाद नागमा इन लड़कियों को उस ओनर के आदमियों से बहुत बचाती रहती है कुछ दिनों के बाद नागमा के पास जो पैसे होते हैं वो सब कुछ खत्म हो चुके
होते हैं नागामा इन छोटे बच्चियों के साथ शहर से बहुत ही दूर एक बहुत ही पुराने घर में रहने लगती है अब इसी दरमियान में नागम्मा आसपास के एरिया में जाकर थोड़ा बहुत काम मांगने लगती है लेकिन कहीं पर भी इसको काम ही नहीं मिलता एक दिन नागम्मा ये देखती है कि किसी सड़क के पास कुछ प्रोस्टिट्यूट है सो बेचारी नागम्मा को एकलौता रास्ता नजर आता है उन औरतों के साथ जाकर खड़ी हो जाती है सो पहले ही दिन एक रईस बंदा नागम्मा को अपने साथ ले जाता है उसको बहुत पैसे मिलते हैं सुबह होने
के बाद नागम्मा इन बच्चों के लिए काफी सारी चीजें लाती है कपड़े खिलौने खाना और उसी तरह ये सारी बच्चियां नागम्मा को मां कहकर बुलाने लगते हैं नागम्मा बहुत खुश होने लगती है कुछ दिनों के बाद नागम्मा दोबारा उसी लालबत्ती एरिया पर जाती है तो यह देखती है कि पुलिस वाले उन सारे प्रोस्टिट्यूट औरतों को मार पीट कर पुलिस स्टेशन पर ले जाते रहते हैं ये देखकर नागमा फटाफट से कहीं पर छुप जाती है तभी उसी रास्ते से चलबा गुजरते हुए कुछ लॉ की बातें उन पुलिस वालों को बताकर उन सारी प्रोस्टिट्यूट औरतों को बचा
लेता है अब ऐसे भरोसेमंद इंसान को देखकर नागम्मा चलबा से मिलने के लिए जाती है अपनी सारी बात अपनी सारी प्रॉब्लम बताने लगती है लेकिन उस ओनर के बारे में नहीं बताती क्योंकि अभी भी इसके मन में थोड़ा शक होता है जलपा इसको हौसला दिलाने लगता है के नागम्मा उस ओनर के बारे में मेरे सामने मत बोलो कोर्ट में तो आकर बोल सकती हूं ना डायरेक्टर जज साहब के सामने आकर बोल दो सो नागम्मा इसके लिए राजी हो जाती है अब उसी टाइम वहां का फेस्टिवल होने की वजह से नागम्मा इन सारे बच्चों को उस
फेस्टिवल पर ले जाकर छुपा देती है और देवी मां के पास आकर बहुत ही अच्छे से प्रार्थना करने लगती है कि देवी मां अब आप ही इन बच्चियों की मदद कर सकते हो बाद में नागम्मा कोर्ट के पास आती है बयान बोलने के लिए शॉकिंगली उसी वक्त वहां पर ओनर के आदमी आते हैं नागम्मा को रोकने के लिए उन बच्चों के बारे में पूछने लगते हैं नागमा इन लोगों से बहुत जबरदस्त तरीके किसे फाइट करने लगती है फाइनली बेचारी नागामा को मार ही देते हैं उसी वक्त यहां पर लप्पा आकर नागामा को ऐसी हालत में
देखकर शॉक में रह जाता है ये भी बचा नहीं पाता दूसरी तरफ ओनर के आदमी उस फेस्टिवल पर आकर उन बच्चियों को ढूंढते रहते हैं मतलब नागम्मा ने अपने हाथ में एक डोर बांधी थी इसी डोर की वजह से ये लोग पहचान लेते हैं कि नागमा फेस्टिवल पर जाकर आई है वो सारी बच्चियां किसी जगह पर बहुत ही सेफली छुपी होती है और उसी तरह इन गुंडों को भी देख चुकी होती है लेकिन फाइनली जब वो गुंडे इन लड़कियों को पहचान लेते हैं उसी वक्त जलप्पा यहां पर आकर इन गुंडों को मार पीट कर इन
सारी बच्चियों को बचा लेता है बहुत ही मुश्किल से इन बच्चियों को व सच बताने लगता है कि तुम्हारी मां नागम्मा अब इस दुनिया में नहीं रही लपा इन सारी बच्चियों को लेकर प्रिय मता के पास आता है और इन सारी बच्चियों को डिफरेंट डिफरेंट जगहों पर भेजकर पढ़ाने लगता है क्योंकि अगर ये सारी बच्चियां एक साथ रहेंगी तो पकड़ी जा सकती है लेकिन प्रियम वदा ने लेपा को गलत समझा सो प्रियम वदा भी इसके लिए ओके कहने पर चलबा इन आठ लड़कियों को आठ ऑर्फनेज में एडमिशन दिलवा है प्रियंवदा के ट्रस्ट के जरिए से
और उसी तरह इन आठ लड़कियों के जो नाम होते हैं ना यह चलबा ने ही दिया सो प्रेजेंट पर ये लड़कियां चकरी से यही कहने लगते हैं कि चलबा शैतान नहीं बल्कि हमारे लिए भगवान है हमारे पिताजी है वोह चक्री पूछने लगता है कि उस रात जलप्पा सर के साथ क्या हुआ उसी वक्त वहां की पुलिस वाली आकर इन सारी लड़कियों को उनके उनके स्थल में जाने के लिए कहती है अब चल के बारे में जानने के बाद चक्री बहुत फील होने लगता है कि मैंने खामखा चिल्प सर के बारे में गलत सोचा नंदिनी से
कहने लगता है कि नंदिनी तुम सच्चाई पता करो कि उनकी कहानी में वो राक्षस कौन है इस तरफ सुंदर दामू के पास आकर कहने लगता है कि मुझे ऑलरेडी पता है कि तुम्हारे पिताजी मेरे पिताजी ही है क्योंकि तुम जिस तरह से मेरे पिताजी को देखते हो उस नजर में मुझे प्यार नजर आता है और इसी चीज को ध्यान में रखते हुए मैंने अपने पिताजी से बात करना बंद कर दिया दामू सुंदर को एक और शॉकिंग बात बताने लगता है कि एक्चुअली चिल्लपाठिकाराम को भी पता नहीं होता कि दामू इसका बेटा है यह सुनने के
बाद सुंदर तो शौक में रह जाता है कि खामखा मैंने इतने सालों तक अपने पिताजी से दूर रहा इस तरफ चकरी एक ह्यूमन ट्रैफिकिंग ऑफिस पर आता है बात यह है कि चिल्लपाठिकाराम ही नहीं पा रहा होता वहां का एक बंदा चकरी से कहने लगता है कि सर यह चाइल्ड ट्रैफिकिंग एक बहुत बड़ा नेटवर्क है यह लोग ऐसे लोगों को टारगेट करते हैं जो बहुत ही गरीब होते हैं पहले तो कपूल के भेस में एक मर्द और औरत ऐसी गरीब खानदान में जाकर वहां की बच्चियों को थोड़े पैसे देकर खरीद लेते हैं जैसे राजस्थान हरियाणा
सारी जगहों से बच्चियों को गैदर करके किसी जगह पर रखते हैं और यहीं पर एक बड़ा बंदा होता है व डिसाइड करेगा कि कौन सी बच्ची किस एरिया पर जाएगी वो बंदा हर एक बच् बच्ची की ट्रेडिंग करता है और ट्रेडिंग के हिसाब से उन बच्चियों को वो कंट्री भेजा जाता है इस बंदे के बाद एक और बंदा होता है वो ये सारे डीलिंग्स करता है मतलब उन बच्चियों को दूसरे कंट्रीज पर भेजने का काम इन बच्चियों को समुंदर के रास्ते से ट्रांसपोर्ट किया जाता है पहले छोटे बोट से भेजते हैं बाद में बड़े कंटेनर्स
में वहां से दूसरी कंट्री चकरी पूछने लगता है क्या आप लोगों ने कभी भी उन बंधों को नहीं पकड़ा वो बंदा कहने लगता है कि एक बार हमने कोशिश की लेकिन बोट पर पहुंचने से पहले उन लोगों ने उन बच्चियों के पैरों को पत्थर बांधकर समंदर में फेंक दिया और उसी तरह चल पसर यहां के एक बंदे को ही तलाश कर रहे थे छोटे-मोटे बंदों को पकड़ने पर कुछ नहीं होगा दूसरी तरफ वो हूमन ट्रैफिकिंग की एक गैंग दो छोटे बच्चियों को कैद करके रखा होता है आज या कल इन लड़कियों को ट्रांसपोर्ट कर दिया
जाएगा इस तरफ जब चक्री अपने पुलिस स्टेशन पर आता है तो फॉरेंसिक वाले टर्नल में जले हुए कुछ फाइल के टुकड़ों को जमा कर चुके होते हैं उन जले हुए फाइल्स में एक बंदे की फोटो होती है इसका एक छोटा सा क्रिमिनल रिकॉर्ड भी होता है मतलब 2 साल पहले हूमन ट्रैफिकिंग के केस में इसको अरेस्ट कर लिया गया लेकिन बाद में यह रिहाब हो गया एविडेंस ना होने की वजह से सो इस बंदे के बारे में पता करने पर यह बात पता चलती है कि कि फिलहाल यह बंदा अपनी फैमिली के साथ किसी एग्जिबिशन
पर है सो चक्र और उस की टीम फटाफट से इस बंदे को पकड़कर इस ट्रैफिकिंग के बारे में पूछने लगते हैं यह बंदा चकरी से यही कहने लगता है कि सर मुझे इसके बारे में कुछ ज्यादा नहीं पता लेकिन मैं आपको एक इंफॉर्मेशन दे सकता हूं दो बच्चियों को कालीपटनम से ट्रांसपोर्ट करने वाले हैं बाद में चक्र डीएसजी के पास आकर दोबारा केस की अपडेट देने लगता है डीएसजी चकरी को डांटने लगता है अरे चक्री ये तुम क्या बात कर रहे हो पहले तुमने कहा था कि च लप्पा क्रिमिनल है अब तुम ही बता रहे
हो कि लप्पा का इस केस में कोई लेना देना ही नहीं ये कोई ह्यूमन ट्रैफिकिंग का केस है चकरी कहने लगता है कि सर इस बार प्लीज आप मुझ पर भरोसा करिए हर एक चेकपोस्ट के पास नाकाबंदी लगा देंगे डेजी कहने लगता है अरे चकरी तुम पागल हो चुके हो तुम जानते हो ना कि फेस्टिवल चल रहा है वहां की सिक्योरिटी के लिए ही हमारे पास आदमी नहीं है और वैसे भी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग वाले हैं ना वो संभाल लेंगे उसके बाद चक्र फर्नांड के पास आकर इसकी मदद करने के लिए कहता है फर्नांड कहने
लगता है अरे सर हमारे आदमी ऐसा काम बिल्कुल भी नहीं कर सकते अरे छोटी बच्चियों को कौन बेचता है लगता है आपको कुछ गलत इंफॉर्मेशन मिली है चक्री फर्नांडीज से दोबारा रिक्वेस्ट करने पर फर्नाज कहने लगता है ठीक है अगर मुझे कुछ नजर आएगा तो मैं आपको इंफर्म कर दूंगा उसी रात जेल में वो आठ लड़कियां दोबारा अपने सेल से निकलकर उसी पुराने मकान पर जाने लगते हैं नंदिनी दोबारा इन लड़कियों को फॉलो करने लगती है लेकिन शॉकिंग बात यह है कि लड़कियां प्लान बनाकर नंदिनी को पकड़ लिया बहुत डांटने लगते हैं कि तुम उस
पुलिस वाले की मदद कर रही हो और पुलिस वाले तो केस को घुमाकर केस क्लोज कर देंगे उसी तरह कुछ लड़कियां नंदिनी के फेवर में होते हैं अरे एक पुलिस वाला हमारी मदद करने वाला है तो हमारा काम और आसान होगा नंदिनी भी इन लड़कियों को समझाने लगती है कि तुम्हारे साथ जो हुआ वोह सब कुछ मुझे बताओ चक्र ऐसा पुलिस ऑफिसर नहीं है वह जरूर तुम्हारी मदद करेगा सो फाइनली यह लड़कियां उस रात जो हुआ वह सारी बात नंदिनी को सुनाने लगते हैं लप्पा ने इन सारी लड़कियों को लेटर लिखकर उस रात अपने कॉटेज
पर बुलाया था और लेटर में यह भी लिखता है कि मैंने तुम लोगों से वादा किया था ना बेटा कि हम तुम्हारे राक्षस को ढूंढ कर ही रहूंगा अब वो दिन आ चुका है मैंने उस राक्षस को ढूंढ निकाला है बस तुम लोगों को जज के सामने आकर उस पर अपनी उंगली पॉइंट आउट करनी होगी और उसी तरह नंदिनी के केस के बारे में भी डिस्कस करने लगता है सो ये लेटर मिलने के बाद ये सारी लड़कियां उस टनल के जरिए से चिल्प के घर पर जाने लगते हैं इसी टनल से आते समय इन सारे
लड़कियों के फिंगरप्रिंट्स वहां पर पर पड़े होते हैं थोड़ा अंदर जाने के बाद यह लड़कियां यह देखती है कि वहां पर कुछ फाइल्स और एक लैपटॉप जल रहा है फटाफट से इस आग को बुझाकर वहां की एक फाइल को हासिल कर लेते हैं तो इसी जले हुए फाइल के अंदर एक केस का नंबर लिखा होता है और उसी तरह इनके राक्षस का चेहरा भी फटाफट से जब ये लोग चिल्लपाठिकाराम से वापस जाने के लिए कहती है क्योंकि अगर यह लोग यहां पर रहेंगे तो इनका राक्षस इनको भी मार देगा लेकिन मुत्त वापस नहीं जाती कहने
लगती है कि मैं पापा को इस हालत में छोड़कर नहीं आ सकती मैं उस राक्षस को मार कर ही रहूंगी और उसी तरह अगर मैं पकड़ी गई तो हम सारे लोग एक ही स्टेटमेंट देंगे इस तरह से पहले से ही ये सारी लड़कियां डिसाइड कर चुके होते हैं इस तरह से मुत्त लप्पा की गन लेकर उसी कपड़ में छुपी रहती है प्रेजेंट डे पर मुत्त कहने लगती है कि वो राक्षस तो मेरे पास नहीं आया लेकिन लेन सुबह होने के बाद पुलिस वालों ने मुझे पकड़ लिया और जब यह बात सारे टीवी न्यूज़ चैनल्स में
टेलीकास्ट हुई तो हम सारी लड़कियां एकजुट हो गए उस दिन इन सारी लड़कियों ने सारे पुलिस वालों को ध्यान भटका करर एक लड़की फाइल्स रूम में जाकर एक फाइल को हासिल किया था उस फाइल का पेपर नंदिनी को दिखाने लगती है नंदिनी यह पेपर देखकर शौक में रह जाती है इनकी राक्षस और कोई नहीं सरोजा होती है जो हीरोइन बनने का नाटक करती रहती है यही तमिलनाडु की मेन हेड होती है 10 साल पहले इन्हीं सारी लड़कियों को ट्रांसपोर्ट करने का सोचा था रवि के जरिए से उसी वक्त उस जेल में सरोज को दिखाया जाता
है जो अपने सेल में ऐशो आराम की जिंदगी गुजारती रहती है और इस जेल में जो बच्ची पैदा हुई थी ना इस बच्ची को भी बेचने का प्लानिंग करती रहती है इस तरफ सुंदर अपनी मां के पास आकर दामू ने जो कहा वो सारी बात सुनाने लगता है सच जानने के बाद मालती दामू को भी अपना बेटा मानने लगती है इस तरफ जेल में जब नंदिनी चक्री से बात करने के लिए फोन के पास आती है तो कहीं पर भी फोन ही मौजूद नहीं होता सारे फोन रिपेयर्स पर गए होते हैं तभी नंदिनी समझ जाती
है कि कुछ ना कुछ गलत होने वाला है मुझे फटाफट से चक्री से बात करनी है इस तरफ चक्री दोबारा उसी कॉटेज पर आकर उसी सवाल का जवाब ढूंढते रहता है कि बाहर से उस कबर्ड का दरवाजा किसने लॉक किया होगा इसी दरमियान में मूर्ति भी यहां पर आता है चक्री पूछने लगता है कि सर आपको क्या लगता है किसने इस कबर्ड को लॉक किया होगा मुत तो लॉक नहीं कर सकती और घर के सारे दरवाजे अंदर से लॉक है हो सकता है कि हम लोग दरवाजा तोड़ के अंदर आने के बाद इस कबर्ड को
लॉक किया गया हो हो पहले इस घर के अंदर कौन एंटर हुआ हम पुलिस वाले और इस कबर्ड के बारे में कॉन सेबल्स को नहीं पता सिर्फ दो ही लोगों को पता है एक मुझे और एक आपको मैंने तो लॉक नहीं किया आपने ही लॉक किया होगा यह बात सुनते ही मूर्ति चक्री पर हमला करने की कोशिश करने लगता है इस तरह से इन दोनों की भी जबरदस्त हाथापाई होने लगती है लेकिन फाइनली मूर्ति चकरी को जख्मी करके वहां से चला जाता है सुन थोड़ा फ्लैशबैक में जाने लगता है मतलब उस रात क्या हुआ वो
दिखाई जाता है जब लप्पा केस की प्रिपरेशन कर रहा होता है तो शौकिंग ली उसी टनल के जरिए से मूर्ति बाहर आता है लप्पा तो शौक में रह जाता है मतलब लप्पा ने यह सोचा कि वो आठ लड़कियां यहां पर आएंगी मूर्ति कहने लगता है अरे सर मैं इस टनल के बारे में काफी सालों से जानता हूं और वैसे भी आप इस होमन ट्रैफिकिंग के केस के बारे में सोचना बंद कर दीजिए यह बहुत बड़ा नेटवर्क है सर चलबा कहने लगता है कि 10 साल से मैं इस केस पर काम करते आ रहा हूं और
मैं एक भी बंदे को नहीं बख्श वो सरोजा तो एक डायन निकली चलबा को यह भी पता होता है कि मूर्ति और सरोजा के बीच अफेयर चल रहा है स रोजा के लिए ही यह काम कर रहा है यह सुनने के बाद मूर्ति अपनी एक गन लेकर चिल्लपाठिकाराम सरोज को फोन करके सारी बात बता चुका होता है इस तरह फर्नांडीस एक बच्चे के साथ चकरी को ढूंढते हुए वहां पर आता है और चकरी को जख्मी देखकर इसकी मरहम पट्टी करने लगता है और यह भी कहने लगता है कि कुछ लोगों ने इस बच्चे की पिताजी
को मार पीट करर इसकी बोट छीनकर ले गए और उस बोट के अंदर दो छोटी बच्चियां है इस तरफ जेल में नंदिनी उन सारी लड़कियों को इकट्ठा करके उस पुराने मकान में छुपाने लगती है कहने लगती है कि वह सरोज तुमको मारने का प्लानिंग कर रही है लेकिन वो लड़कियां नंदिनी से कहने लगती है कि हम क्यों भागे दीदी हम तो इसी दिन का इंतजार कर रहे हैं कभी ना कभी तो उसका सामना करना पड़ेगा इस तरह से नंदिनी को ही वहां पर लॉक करके ये सारी लड़कियां सरोज के पास जाने लगती है इस तरफ
चक्री कुछ मछुआरों के साथ मिलकर उन लोगों की वोट लेकर मूर्ति और उसकी गैंग को तलाश करते रहता है जेल में सरोज और उसकी औरतें उन आठ लड़कियों के ऊपर टूट पड़ती है इस तरह से जबरदस्त तरीके से हाथापाई होने लगती है यहां पर लेकिन बेचारी लड़कियां बहुत मार खाने लगती है उन औरतों का सामना कर ही नहीं पाती लेकिन बाद में ये सारी लड़कियां लप्पा और नागम्मा को याद करके एक साथ जुट होकर सरोज के ऊपर हमला करने लगते हैं एट द सेम टाइम फेस्टिवल के जगह पर यही सीन चलते रहता है मतलब वहां
के देवियों के सारे रूप वहां के राक्षस को बहुत मारते पीटते रहते हैं फाइनली इसका अंत कर देते हैं अरेली यहां पर राक्षस के प्लेस पर होती है सरोजा और उन देवियों के रूप में होती है वो आठ लड़कियां इस तरफ चक्री फाइनली उस बोट को फाइंड आउट कर लेता है लेकिन जब वो लोग चक्री को देखते हैं तो वो लोग उन छोटे बच्चों के पैर पर बड़ा सा पत्थ बांधकर समंदर में फेंक देते हैं ताकि पुलिस वालों को कोई भी सबूत ना मिले यह देखकर चक्री फटाफट से समुंदर में कूदता है उन दोनों बच्चियों
को बचाने के लिए फाइनली बचा भी लेता है इस तरफ नंदिनी किसी भी तरह से इन लड़कियों के पास आकर उस सरोज को मारने से रोकने लगती है व समझाने लगती है कि अगर तुम सरोज को मारोगे तो जिंदगी भर इसी जैल में सरते रहोगे और वो दुख कैसा होगा मैं अच्छी तरह से जानती हूं ऐसा मत करो प्लीज सो नंदिनी की बात मानकर ये लड़कियां चुप हो जाती है खैर कुछ दिनों के बाद यह सारी लड़कियां बाइज्जत भरी हो जाती ती है और उसी तरह कोर्ट नंदिनी के हक में ही फैसला सुनाती है मतलब
नंदिनी भी बाइज्जत बरी हो जाती है अब चक्री के बारे में बात करें तो कोर्ट इसको सस्पेंड कर देती है टेंपरेरी या तो फिर परमानेंट पता नहीं इस तरह से फाइनली ये होल सीरीज यहां पर द एंड होती है तो सीरीज कैसी लगी कमेंट करके बताना जरूर मिलते हैं अगली वीडियो में तब तक टेक केयर बाय बाय सी यू सून