अस्सलाम वालेकुम दोस्तों वेलकम टू माय चैनल हॉरर स्टोरीज विद अदनान कैसे हैं आप लोग उम्मीद करता हूं खैरियत से होंगे जहां होंगे खुश होंगे अल्लाह ताला ऐसे ही खुश रखे और सेहत वाली लंबी उम्र दे जिंदगी में कभी भी किसी का मोहताज ना करें जितने लोग परेशान है अल्लाह ताला उनकी परेशानियां दूर फरमाए जितने लोग बीमार हैं अल्लाह ताला उन्हें सेहत दे और जितने लोग इस दुनिया से रुखसत हो चुके हैं अल्लाह ताला उनकी बख्श फरमाए मेरी दुआ आप लोगों के लिए और मुझे भी अपनी दुआओं में याद रखा करें आज की स्टोरी बहुत ड्रॉनी
होने वाली है तो जिन लोगों को डर लगता है वोह स्टोरी को अभी से बंद कर दें और अगर आप फिर भी सुनना चाहते हैं तो आयतुल कुर्सी पढ़े और अपने आसपास सार बांध ले क्योंकि सुना है जब इन मखलूक का जिक्र होता है तो ये बड़े इंटरेस्ट से आपके करीब आ जाती हैं और अपनी बातें सुनने लगती तो आपको डर ना लगे आयतल कुर्सी पढ़ ले चलते हैं अपनी स्टोरीज की तरफ अस्सलाम वालेकुम अदान भाई कैसे हैं आप उम्मीद है आप खैरियत से होंगे मेरा नाम अलीना है और मेरा तालुक एक गांव से है
गांव का नाम किसी वजह से शेयर नहीं कर सकती ये कहानी आज से तकरीबन 5 साल पहले की है जब मैं अपनी तालीम मुकम्मल करने के लिए गांव से शहर गई थी और मुझे एक हॉस्टल में रहना पड़ा था मैं पढ़ाई में बहुत अच्छी थी और मुझे पढ़ने का बहुत शौक था हमारे यहां लड़कियों को अकेले रहने की इजाजत नहीं होती लेकिन मेरे वालिद ने मेरे शौक और काबिलियत को देखते हुए मुझे हॉस्टल में रहने की इजाजत दे दी शहर में हमारा कोई रिश्तेदार नहीं था इसलिए मेरी मजबूरी थी कि मुझे दो साल हॉस्टल में
ही गुजारने थे क्योंकि रोजाना गांव से आना जाना मेरे लिए मुमकिन नहीं था यह मेरे लिए हॉस्टल की जिंदगी का एक नया तजुर्बा था लेकिन मैं नहीं जानती थी कि यह मेरी जिंदगी का डरावना हिस्सा बन जाएगा मुझे हॉस्टल छोड़ने के लिए मेरे वालदैन मेरे साथ आए थे क्योंकि मैं इनकी एकलौती बेटी थी और कभी भी दूर नहीं रही थी मेरे वालदैन ने मुझे हॉस्टल छोड़ा और वापसी के वक्त नसीहत की कि अपनी पढ़ा पर तवज्जो देना और अल्लाह का नाम लेकर हर काम करना मुझे हॉस्टल में एक कमरा दिया गया जो इमारत के दूसरे
फ्लोर पर वाकया था कमरा आम सा था लेकिन उसे देखकर अजीब सी वीरानी का एहसास होता था मैंने अपनी किताब में और सामान तरतीब से रखा और नई जिंदगी के लिए खुद को तैयार करने की कोशिश की हॉस्टल की पहली रात मेरे लिए पुर सुकून रही मैंने खाना वगैरह खाया और जल्दी सो गई क्योंकि मेरी क्लासेस मॉर्निंग में होती थी मुझे सुबह जल्दी उठना था अगले दिन सुबह मैं उठी फजर की नमाज धा की अपनी चीजें वगैरह सेट की और नाश्ते के लिए चली गई क्योंकि मेरी पहली किलास 9:30 स्टार्ट हो रही थी तो अभी
मेरे पास थोड़ा टाइम था तो मैं खाने से फ्री होकर कमरे में आ गई और अपना मोबाइल देखने लगी और इसके बाद अपनी ग्लासेस लेने के लिए चली गई सारा दिन लेक्चर लेने में गुजरा और इसी तरह पहला दिन इतम पजीर हुआ शुरू के दिनों में मेरे कोई रूम मेट नहीं थी और मैं अकेली ही कमरे में रहती थी तो रात जैसे ही सारे कामों से और अपनी स्टडी से फ्री हुई तो मैंने लाइट बंद की और बिस्तर पर लेटी मगर थोड़ी देर के बाद मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे कोई कमरे के अंदर चल रहा
है मैंने घबराकर लाइट ऑन की लेकिन कमरा खाली था मैंने सोचा शायद यह ख्वाब था और दोबारा सोने की कोशिश की लेकिन कदमों की आवाज तेज हो गई ऐसा लग रहा था कि कोई कमरे के अंदर फर्श पर चल रहा है और हर कदम के साथ एक धीमी सरगोशी सुनाई दे रही थी मैंने घबराकर मोबाइल की टॉर्च ऑन की लेकिन वहां कुछ नहीं था मैं बिस्तर से उठी और कमरे के दरवाजे की तरफ बढ़ी ताकि चेक करूं कि कहीं बाहर कोई ना हो लेकिन जैसे ही मैंने दरवाजा खोला बाहर मुकम्मल खामोशी थी फिर मैंने यह
सोचकर खुद को मुतमइन किया यह नया माहौल है इसलिए वहम हो रहा होगा र मैं काफी ज्यादा थक गई थी और कब मुझे नींद आ गई मुझे पता ही नहीं चला अगले कुछ दिन तक यही सारी रूटीन रही और इस रात के बाद मुझे कुछ भी ऐसा महसूस नहीं हुआ कुछ दिनों के बाद मैं इस माहौल में ढल गई और कुछ फ्रेंड्स भी बन गई मेरे दिमाग से वह डर भी निकल गया था जो पहली रात मुझे महसूस हुआ था लेकिन मुझे अंदाजा नहीं था कि आगे जाकर बहुत खौफनाक रातें मुझे इस हॉस्टल में गुजारनी
है कुछ दिन बाद एक रात जब मैं सो रही थी तो मुझे नींद में ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरे बालों को छुआ तो मैं फौरन उठकर बैठ गई मैंने लाइट ऑन की लेकिन कमरा खाली था मेरा दिल जोर-जोर से धड़क रहा था और मुझे कमरे के कोने में हल्की सी सरसराहट सुनाई दी मैंने हिम्मत करके वहां जाकर देखा लेकिन कुछ नहीं था मैं इसे अपना वहम या ख्वाब भी समझ सकती थी क्योंकि मैं नींद की थोड़ी कच्ची हूं और जरा सी हलचल भी मुझे महसूस हो जाती है तो मुझे पूरा यकीन था कि किसी
ने मेरा बालों को छुआ है अगर मेरे साथ कोई रूम मेट होती तो मैं यह सोच सकती थी कि यह उसकी शरारत है लेकिन कमरे में अकेली थी और इस चीज ने मुझे खौफ में मुब्तला कर दिया सुबह उठकर मैंने अपनी कुछ क्लास फेलो से इस बात का जिक्र किया तो उन्होंने कहा मैं रूम में अकेली होती हूं तो यह मेरा वहम होगा लेकिन मेरा दिल मुतमइन नहीं हुआ और फिर आहिस्ता आहिस्ता यह वाकत पढ़ने लगे कभी मुझे महसूस होता कि कोई मेरे बिस्तर के करीब खड़ा है और कभी कमरे का दरवाजा खुद बखुदा खुलता
और बंद हो जाता एक रात में पढ़ाई कर रही थी तो अचानक कमरे की लाइट झपक लगी मैंने लाइट बंद करके दोबारा ऑन की लेकिन वह बंद होते ही दोबारा झपक लगी मेरा दिल जोर-जोर से धड़कने लगा तो मैं हॉस्टल की वर्डन के पास भाग गई तो और इसे जाकर य सारी बात बताई तो वर्डन ने मुझे यह कहकर तसल्ली दी कि पुरानी इमारतों में यह सब आम होता है लेकिन उनकी बातों से भी मेरे दिल को सुकून नहीं मिला मैं उनसे कोई बहस नहीं कर सकती थी थी तो डर और खौफ की बावजूद मैंने
हिम्मत की और वापस अपने कमरे में आ गई मैं जिससे भी उन बातों का जिक्र करती कोई भी मेरी बात पर यकीन नहीं करता और सब यही कहते हैं कि यह मेरा वहम है मैं कमरे में अकेली होती हूं और शायद इन सब चीजों के बारे में ज्यादा सोचती इसलिए मेरे साथ ऐसा हुआ है लेकिन मैं जानती थी कि यह महज मेरा वहम नहीं हो सकता अगर मैं यह सारी बातें घर वालों को बताती तो इन्होंने परेशान हो जाना था और मुझे वापस बुला लेना था जबकि मैं अपनी जिंदगी में कुछ करना चाहती थी और
इसलिए मैंने घर वालों से किसी भी बात का जिक्र नहीं किया और इन सारी एक्टिविटीज को नजरअंदाज करने लगी और अपनी सारी तवज्जो पढ़ाई पर कर दी ताकि मैं इन चीजों के बारे में ना सोचूं लेकिन फिर भी दिल के अंदर कहीं ना कहीं डर और खौफ मौजूद था और रोज ही छोटी मोटी कोई ना कोई एक्टिविटी होती रहती लेकिन अब मैं इसे नजरअंदाज करने लगी उसी तरह एक रात जब मैं सोने के लिए बिस्तर पर लेटी तो मुझे महसूस हुआ कमरे का टेंपरेचर अचानक कम हो गया और मेरे कानों में किसी के कदमों की
आवाज आने लगी और मैं जैसे ही उठने लगी मैंने देखा कि एक साया दीवार से निकलकर मेरी तरफ बढ़ रहा है अदान भाई मेरी जुबान बंद हो गई और मेरी आवाज निकल नहीं रही थी साया मेरे करीब आया और बिस्तर के किनारे खड़ा हो गया मेरे पास कोई और रास्ता नहीं था मैंने दिल ही दिल में दुआएं पढ़ना शुरू की जैसे ही मैंने अल्लाह का नाम लिया साया धुन की तरह गायब हो गया और मैं पूरी रात जागती रही ऑफ की वजह से मैं सो नहीं पाई मैंने इस बात का जिक्र किसी से नहीं किया
क्योंकि मैं जानती थी कि ये सब यही कहेंगे कि यह तुम्हारा वहम है और तुम्हें ऐसा लग रहा है या फिर आप यूं समझ ले कि मैं खुद को जहनी तौर पर इन सारी चीजों के लिए तैयार कर रही थी क्योंकि मुझे एक लंबा अरसा वहां पर गुजारना था दिन के टाइम में अपनी क्लासेस और यूनिवर्सिटी की गहमागहमी में इतना मसरूफ रहती कि मैं सारी चीजें मेरे दिमाग से निकल जाती लेकिन रात होते ही इस कमरे का खौफ फिर से मुझ पर तारी हो जाता र इस तरह से कुछ दिन गुजर गए और एक रात
जब मैं लाइट बंद करके सोने जा रही थी तो अचानक कमरे का दरवाजा जोर से खुला जैसे हम जोर से धक्का लगाकर और गुस्से से खोलते हैं दरवाजे की आवाज इतनी जोरदार थी कि मैं एक झटके से पीछे मुड़ी यह देखने के लिए कि कौन है जिसने इस तरह दरवाजा खोला लेकिन अदान भाई आप यकीन करें वहां कोई भी नहीं था फिर मैंने सोचा कि शायद हवा की वजह से दरवाजा खुल गया होगा लेकिन यह बात सिर्फ मैंने अपने दिल को तसल्ली देने के लिए सोची क्योंकि मैं जानती थी कि वहां पर हवा का गुजर
नहीं है और इतनी तेज हवा तो मेरे कमरे के दरवाजे तक ही नहीं आ सकती र जब मैं दरवाजे को बंद करने के लिए बढ़ी तो मुझे अपने पीछे से कुछ गरने की आवाज आई मैंने डर कर पीछे देखा तो मेरा बैग जो कि साइड टेबल पर पड़ा था वह नीचे गिर चुका था और उसमें से सारी चीजें भी नीचे बिखर गई तो मैंने जल्दी से सारी चीजें उठाकर बैग में रखी और बैग को दोबारा वापस उसी जगह रख दिया और जैसे ही दरवाजा बंद करने के लिए उठी तो मैं देखा कि दरवाजा बिल्कुल बंद
हो चुका है दरवाजा उसी तरह से बंद था जैसे किसी ने उसे खोला ही ना हो यह मंजर देखकर मेरे रोंगटे खड़े हो गए मैं बिस्तर पर वापस आई और पूरी रात जाग करर गुजारी लेकिन जैसे ही सुबह हुई मैं वर्डन के पास गई और यह सब बातें बताई वर्डन ने मुझे तसल्ली दी और कहा यह बिल्डिंग काफी पुरानी है तो अक्सर दरवाजे खुद ही खुल जाते हैं मैं नहीं जानती कि वह मुझसे क्या छुपाने की कोशिश कर रही थी या फिर उन वाकत से अनजान थी चले अगर इनकी यह बात मान भी ली जाए
कि दरवाजा खुद से खुल गया लेकिन दरवाजा खुद से बंद कैसे हुआ जबक मैंने तो दरवाजे हाथ भी नहीं लगाया था मैंने उनसे अपना कमरा चेंज करने की बात की तो उन्हों ने कहा कि अभी कोई भी दूसरा कमरा खाली नहीं है और ना ही किसी और कमरे में जगह कि वह मुझे किसी और कमरे में शिफ्ट कर सके तो मजबूरन मुझे इस कमरे में रहना है खैर उनकी बात सुनकर मैं वापस आ गई क्योंकि उसके अलावा मेरे पास कोई और ऑप्शन नहीं था उसी तरह एक रात मैं गहरी नींद में थी कि मुझे लगा
किसी ने मेरे बिस्तर को हिलाया जब मैंने आंखें खोली तो देखा कि एक औरत मेरे बिस्तर के किनारे पर खड़ी है इस औरत की शक्ल वाजिया नहीं थी लेकिन इसके लंबे बाल और सफेद धुंधली चादर इसे और भी खौफनाक बना रही थी मैंने चीखने की कोशिश की लेकिन मेरी आवाज बंद हो गई औरत ने आहिस्ता से अपनी उंगली मेरे होठों पर रखी और मुझे चुप रहने का कहा और गायब हो गई आप सोच नहीं सकते कि उस टाइम मुझ पर कितना खौफ तारी था मुझे अपने जिस्म से रूह निकलती हुई महसूस हो रही थी मुझे
समझ नहीं आ रहा था कि यह मेरा ख्वाब था या हकीकत मेरे साथ यह हो रहा था लेकिन मेरा दिल बहुत जोर से धड़क रहा था अगली सुबह मैं हॉस्टल की बाकी लड़कियों से मिल और इनसे शेयर किया लेकिन सबने मुझे मजीद उलझा दिया और कुछ ने इस हॉस्टल के पुराने वाकत का जिक्र शुरू कर दिया जो इन्होंने भी किसी और से सुन रखे थे आपने सुना होगा कि अक्सर बड़ी औरतें कहती हैं कि शाम के टाइम अपने बाल नहीं बनाने चाहिए लेकिन हम कभी भी बड़ों की बातों को सीरियस नहीं ले तो इसी तरह
एक दिन शाम के वक्त अपने कमरे में आयने के सामने बैठी बाल बना रही थी अचानक मुझे महसूस हुआ कि आईने में मेरे पीछे कोई खड़ा है मैंने जैसे ही आईने में देखा एक साया सा मुझे पीछे नजर आया जो बेड के दूसरी तरफ खड़ा था मैं फौरन मुड़ी लेकिन पीछे कुछ नहीं था मैंने दोबारा आईने में देखा लेकिन वहां पर भी कुछ नहीं था मेरा दिल कांप रहा था मैं इतनी ज्यादा डर गई थी कि मुझे कुछ समझ नहीं आया मैंने जल्दी से आयने को अपने एक चादर से ढाब दिया क्योंकि उस टाइम मुझे
उसमें देखने से भी डर लग रहा था कहानी बहुत ज्यादा लंबी हो रही है तो मैं आपको शॉर्ट करके सुनाती हूं जो मेन मेन वाकत है बस मैं वही बताऊंगी और इसी तरह एक रात जब सब लड़कियां हॉस्टल में सो रही थी मुझे अपने कमरे के बाहर किसी के हंसने की आवाज सुनाई दी आवाज धीमी और खौफनाक थी जैसे कोई बहुत करीब खड़ा हो मैंने हिम्मत करके दरवाजा खोला लेकिन बाहर कुछ नहीं था मगर मैं जैसे ही वापस मुड़ी मुझे महसूस हुआ कि आवाज अब मेरे कमरे के अंदर से आ रही है मेरा दिल बंद
होने लगा मैंने जल्दी से आयतल कुर्सी पढ़ना शुरू कर दी जैसे जैसे बढ़ती गई आवाज आहिस्ता आहिस्ता गायब हो गई एक दफा मैं कमरे में किताब पढ़ रही थी कमरे में मुकम्मल खामोशी थी लेकिन अचानक मुझे वॉशरूम से पानी गिरने की आवाज सुनाई थी पहले तो मैंने इसे नजरअंदाज किया लेकिन आवाज इतनी वाजिया और मुसल थी कि मेरा दिल घबरा गया मैंने हिम्मत करके वॉशरूम का दरवाजा खोला तो देखा कि नल बंद थी लेकिन नीचे पानी जमा था जैसे कोई इसे अभी बंद करके गया हो मैंने खौफ जदा होकर दरवाजा फौरन बंद कर दिया और
वर्डन को तला देने का सोचा लेकिन जब मैं अपने बिस्तर की तरफ लौटी तो वॉशरूम से एक बार फिर पानी गिरने की आवाज आने लगी मैंने वर्डन को फोन किया और उसे कहा कि यह सब हो रहा है तो उसने कहा कि ठीक है मैं आती हूं भाई आप यकीन नहीं करेंगे जब वह आई और मैं इसे लेकर वॉशरूम में गई तो ना तो वह टूटी खुली हुई थी और ना ही पानी का कोई नामो निशान था पर्ष इतना ज्यादा खुश्क हो चुका था कि मैं आपको बता नहीं सकती वार्डन ने गुस्से से मेरी तरफ
देखा और कहा यह सब तुम्हारा दिमाग का फत है खुद भी परेशान होती है और मुझे भी परेशान करती है और व गुस्से से बोलती हुई बुड़बक कुछ दिन गुजर गए और एक्टिविटी नहीं हुई मैंने भी थोड़ा सुकून का सांस लिया एक दिन मैं कमरे में अकेली बैठी लाइब्रेरी से लाईए हुई किताब पढ़ रही थी कि अचानक वह किताब जो मेरे हाथ में थी मेरे हाथों से खुद बुद छूटकर जमीन पर गिर गई जैसे किसी ने गुस्से से वह किताब मुझसे छीनकर नीचे फेंक द हो मैं उन सारी चीजों से बहुत तंग आ गई मैं
गुस्से में खड़ी हुई और चिल्लाकर कहा कौन हो तुम और क्या चाहते हो क्यों मुझे परेशान कर रहे मैंने तुम्हारा क्या नुकसान किया तुम जो कोई भी हो मेरा पीछा छोड़ दो और मुझे सुकून से रहने दो इस कमरे में रुकना मेरी मजबूरी है और इसके बाद बिल्कुल एक खामोशी हो गई जैसे कुछ हुआ ही ना हो मैंने आयतुल कुर्सी पढ़कर हिसार खींचा और सो गई अदान भाई रात के वक्त अक्सर मुझे दरवाजे पर दस्तक सुनाई देती थी एक रात जब मैं सो रही थी अचानक जोरदार दस्तक हुई मैंने फौरन उठकर दरवाजा खोला लेकिन बाहर
कोई नहीं था यह दस्तक बार-बार सुनाई देती और हर बार जब मैं दरवाजा खोलती कोई नजर नहीं आता मैंने कई बार दूसरे कमरों की लड़कियों से पूछा कि शायद कोई मजाक कर रहा हो लेकिन सब ने इस बात से इंकार किया कि उनमें से ऐसी शरत किसी ने नहीं की मुझे हॉस्टल की सीढ़ियों से हमेशा ही खौफ आता था क्योंकि मुझे हॉस्टल की सीढ़ियां हमेशा से सुनसान और पुर सरार लगती थी एक शाम जब मैं अपने कमरे से नीचे जाने के लिए सीढ़ियों पर पहुंची तो मैंने देखा कि साया तेजी से सीढ़ियों पर हरकत कर
रहा है मैंने उसे नजरअंदाज किया कि होगा कोई लेकिन जैसे ही मैं सीढ़ियों से नीचे पहुंची मुझे लगा कोई मेरे पीछे खड़ा है जब मैंने पलट कर देखा तो वहां कोई नहीं था उसी तरह एक दिन मैं अपना मोबाइल कमरे की मेज पर रखा और वॉशरूम गई वापस आकर मैंने देखा कि मोबाइल गायब है दन आप यकीन करें मैंने कमरे का हर कोना छान मारा लेकिन मोबाइल कहीं नहीं मिला तकरीबन दो घंटे बाद मैंने हिम्मत हार दी और बिस्तर पर बैठ गए तो मोबाइल अचानक मेरे तख के नीचे से मिला जबक मुझे यकीन था कि
मैंने मोबाइल वहां नहीं रखा था खैर कुछ दिन गुजर गए और मेरे रूम में एक और लड़की आ गई जिसका नाम आयशा था मैंने अल्लाह का शुक्र अदा किया कि चलो कोई तो है जो मेरे साथ रहेगी और हो सकता है कि अब इस तरह वाकत भी ना हो इसकी क्लासेस भी मॉर्निंग में होती थी और हम दोनों काफी अच्छी दोस्त बन गए एक साथ यूनिवर्सिटी जाती थी और एक साथ ही वापस आ जाती मेरी तन्हाई भी खत्म हो गई और जो डर मुझे हर वक्त लगा रहता था वह भी किसी हद तक कम हो
गया लेकिन यह शायद मेरी गलतफहमी थी कि ज्यादा लोगों के होने की वजह से इस तरह की एक्टिविटीज नहीं होती इसके आने के कुछ दिन तक तो सुकून रहा लेकिन फिर एक रात मुझे हॉस्टल की मरकज हॉल से सरगोशियां की आवाज सुनाई दी यह हॉल रात के वक्त मुकम्मल बंद होता था और वहां कोई भी नहीं चाहता था मैंने सोचा कि शायद कोई लड़की अपनी दोस्तों के साथ मजाक कर रही हो लेकिन आवाज गैर मामूली थी जैसे कई लोग धीमी आवाज में बातें कर रहे हैं मैंने हि मत करके अपनी दोस्त आयशा को जगाया और
हम दोनों ने हॉल की तरफ जाने का फैसला किया जब हम हॉल के करीब पहुंचे तो आवाज अचानक बंद हो गई हमने हैरान होकर एक दूसरे की तरफ देखा कि अभी तक जो आवाजें हमें सुनाई दे रही थी व अचानक बंद हो गई रम ने दरवाजा धक्का देकर खोला तो हल अंदर से खाली था मेरी दोस्त भी मेरी तरह डरपोक थी जब उसने यह देखा तो फौरन से पीछे भागी मैंने भी जल्दी से दरवाजा बंद किया और उसके पीछे दौड़ लगा दी और फिर हम दोनों अपने कमरे में आकर रुकी वह यह सब देखकर काफी
ज्यादा डर गई थी खर मैंने उसे थोड़ी तसल्ली दी क्योंकि वह अभी नई नई थी मुझे यह भी डर था कि अगर वह ज्यादा डर गई तो कहीं हॉस्टल छोड़कर ना चली जाए और मैं फिर से अकेली हो जाऊंगी मैंने इसे पानी वगैरह पिलाया और थोड़ा नॉर्मल किया और कहा हो सकता है हमारा वहम हो या कोई हमारे साथ मजाक कर रहा हो तुम सो जाओ कुछ नहीं होता हालांकि अंदर से मैं भी बहुत ज्यादा डर गई थी मेरी आदत थी कि मैं हर रात अपने बिस्तर की चादर को सही करके सोती थी एक रात
जब मैं सो रही थी मुझे महसूस हुआ कोई मेरी चादर खींच रहा है पहले तो मैंने सोचा कि शायद आयशा है और मेरे साथ मजाक कर रही है मैंने आंखें बंद की और उसे कहा कि आयशा तंग नहीं करो मुझे सोने दो लेकिन आगे से कोई जवाब नहीं आया कोई मुसलसल आहिस्ता आहिस्ता चादर खींचता रहा जब मैंने आंखें खोली तो देखा कि चादर आहिस्ता आहिस्ता मेरे बिस्तर से नीचे गिर रही थी कमरे में हम दोनों के अलावा कोई नहीं था रकत बहुत वाजिया थी मैंने फौरन चादर वापस खींची और कुराने पाक की आयतें पढ़ शुरू
कर दी फिर पता नहीं मैं कब सो गई मेरे कमरे की खिड़की हमेशा बंद रहती थी क्योंकि वह पुरानी थी और खोलने पर आवाज आती थी एक रात जब मैं पढ़ाई कर रही थी अचानक खिड़की जोर से खुल गई खिड़की के बाहर कुछ नजर नहीं आ रहा था लेकिन तेज हवा अंदर आ रही थी मैं उठी और खिड़की बंद करने की कोशिश की लेकिन वह बंद ही नहीं हो रही थी जैसे ही मैं पीछे हटी खिड़की खुद बखुदा इसे जबरदस्ती बंद किया मैंने डर कर पीछे देखा तो आयशा सो चुकी थी सिर्फ मैं ही जाग
रही थी क्योंकि नेक्स्ट डे मेरा टेस्ट था आयशा के आने से सिर्फ इतना फर्क पड़ा था कि अब मुझे पहले की तरह ज्यादा खौफ महसूस नहीं होता था और अगर कोई एक्टिविटी होती भी थी तो मैं इसे नजरअंदाज करती थी एक दिन मैं हॉस्टल में गैलरी में अपनी दोस्तों के साथ बैठी हुई थी कि अचानक मुझे किसी ने नाम लेकर पुकारा आवाज दूर से आ रही थी जैसे वो हॉस्टल की छत से हो मैंने बाकी लड़कियों से पूछा क्या इन्होंने भी वो आवाज सुनी सबने इंकार किया मैंने अपनी एक दोस्त को साथ लिया और छत
पर जाकर देखा लेकिन वहां कोई नहीं था ये आवाज मुझे बार-बार सुनाई दे रही थी लेकिन वहां कोई नजर नहीं आया इसी तरह एक रात हम दोनों कमरे में बातें कर रही थी कि अचानक हमने देखा कि एक साया दीवार पर हरकत कर रहा है हालांकि कमरे में कोई तीसरा शख्स नहीं था व साया कुछ लम्हों तक हरकत करता रहा और फिर दीवार में गायब हो गया तो हम दोनों खौफ से एक दूसरे के करीब हो गई और पूरी रात जाकर गुजारी अगले दिन हमने यह वाकया हॉस्टल की दूसरी लड़कियों को बताया तो कई लड़कियों
ने कहा कि इन्होंने भी ऐसे साय देखे लेकिन यह एक्टिविटीज हमारे कमरे में ज्यादा थी मुझे और आयशा को अक्सर रात के वक्त किचन से बर्तनों के गिरने की आवाज आती हालांकि रात के वक्त किचन में किसी का जा जाना ममनून था एक रात हम दोनों ने हिम्मत की और किचन में चली गई किचन के अंदर जाने पर हमने देखा कि तमाम बर्तन अपनी जगह पर थे लेकिन किचन की एक खिड़की हल्की सी खुली हुई थी मैंने खिड़की बंद करने के लिए हाथ बढ़ाया तो अचानक तेज हवा का झोंका आया तो हम दोनों घबराकर किचन
से बाहर भागे हॉस्टल की गैलरी में भी रात के वक्त अक्सर चलने की आवाज सुनाई देती थी जैसे कोई नंगे पांव चल रहा हो मुझे यह आवाज कई रातों से परेशान कर रही थी और मैं पढ़ नहीं पाती थी एक रात मैंने दरवाजा खोलकर गैलरी में देखा लेकिन वहां कोई नहीं था मगर जैसे ही मैं वापस पलटी मुझे महसूस हुआ कि कोई मेरे पीछे खड़ा है मैंने पलट कर देखा लेकिन वहां कुछ नहीं था मैंने जल्दी से दरवाजा बंद कर दिया और कमरे में आ गई एक रात जब आयशा सो रही थी तो उसे अपने
बिस्तर के नीचे से सरगोशी की आवाज सुनाई दी पहले इसने नजरअंदाज किया लेकिन जब आवाजें बढ़ने लगी तो वह खौफ जदा हो गई उसने हिम्मत करके बिस्तर के नीचे झांक कर देखा लेकिन वहां कुछ नहीं था जैसे ही वह दोबारा लेटने लगी आवाज एकदम बंद हो गई तो वह डर के मेरे बिस्तर पर आ गई तो मैं भी उठ गई उसका चेहरा देखकर ही मुझे अंदाजा हो गया था कि वह डर गई है मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ उसने कहा कि मेरे बिस्तर के नीचे कुछ है मुझे आवाज आ रही है लेकिन जब मैंने
नीचे देखा तो वहां कुछ नहीं था मुझे बहुत ज्यादा डर लग रहा था तो मैंने उसे कहा कि ठीक है तुम मेरे साथ मेरे बिस्तर पर सो जा और उस रात वह मेरे साथ ही सो गई अगली सुबह उसने अपने बिस्तर के नीचे अच्छी तरह से चेक किया लेकिन वहां कुछ भी गैर मामूली नहीं था वो हैरान भी थी और परेशान भी हमारे इम्तिहान हो रहे थे और हम दोनों रात को पढ़ाई कर रही थी जब कमरे की लाइट अचानक बंद हो गई हॉस्टल में बिजली का जाना आम बात नहीं थी थी इसलिए हम हैरान
रह गई मैंने मोबाइल की टॉर्च जलाई और मेन स्विच देखने के लिए बाहर जाने का सोचा जैसे ही मैं कमरे के दरवाजे के करीब पहुंची लाइट खुद बखुदा जल गई तो मैं दोबारा आकर पढ़ने लग गई सुबह जब मैंने बाकी लड़कियों से पूछा कि क्या रात को लाइट गई थी तो सब ने कहा कि नहीं लाइट तो नहीं गई और इसी तरह य चीज कई बार हुई कि हमारे कमरे की लाइट खुद बखुदा खुद ही आ जाती क्योंकि मेरा कमरा सीढ़ियों के करीब था रात के वक्त जब सब लड़कियां सो रही होती थी मुझे अक्सर
सीढ़ियों पर किसी के चलने की आवाज आती व आवाजें मुसलसल ऊपर नीचे जाने की महसूस होती थी जैसे कोई ऊपर आ रहा है और नीचे जा रहा है लेकिन हॉस्टल में इस वक्त किसी के जागने और इस तरह फिरने का सवाल भी पैदा नहीं होता था एक रात मैंने हिम्मत करके अपने कमरे का दरवाजा खोलकर झांका लेकिन सीढ़ियां खाली थी जैसे ही मैं दरवाजा बंद करने लगी आवाजें दोबारा शुरू हो गई जैसे कोई मेरे करीब आ रहा हो मैं फौरन वापस पलटी और कमरे का दरवाजा बंद कर लिया उस रात मैंने कुरान पाक की तिलावत
करते हुए सोने की कोशिश की क्योंकि वह आवाज मुसलसल आ रही थी जैसे कोई सीढ़ियां चढ़कर मेरे कमरे के दरवाजे तक आता है और फिर वापस पलट जाता है फजर तक यही सब होता रहा और इसके बाद यह आवाजें आना बंद हुई हमारे हॉस्टल के पीछ खाली मैदान था जहा दिन के वक्त लड़कियां अक्सर खेलती थी लेकिन रात के वक्त वहां कोई नहीं जाता था एक रात मैंने अपनी खिड़की से मैदान की तरफ देखा तो मुझे एक साया नजर आया साया एक जगह खड़ा था लेकिन ऐसा लग रहा था जैसे वह मुझे ही देख रहा
हो मैंने अपनी आंखें बंद करके दोबारा खोली तो वह साया गायब हो चुका था अगली सुबह अलीना ने अपने दोस्तों से इस बारे में बात की तो कुछ लड़कियों ने कहा कि इन्होंने भी वहां रात के वक्त अजीब चीजें देखी शुरू में सारी बातें अपनी क्लास फेलोस के साथ शेयर करती थी जो हॉस्टल में नहीं रहती थी तो इन्हे इन वाकत के बारे में कुछ भी नहीं पता था मेरी जब हॉस्टल की लड़कियों के साथ दोस्ती हुई तो इन्हो ने भी इस बात का तराज किया यहां पर अक्सर वाकत होते रहते हैं रात के वक्त
मैं अपने कमरे में बैठी पढ़ाई कर रही थी जब अचानक दरवाजे परस दस्तक हुई हॉस्टल के उसूलों के मुताबिक रात के वक्त लड़कियां कमरों से बाहर नहीं निकलती इसलिए मुझे हैरानी हुई मैंने पूछा कौन है लेकिन कोई जवाब नहीं आया दस्तक दोबारा हुई और जब मैंने दरवाजा खोला तो बाहर कोई नहीं था तो मैंने दरवाजा बंद कर दिया और जैसे ही मैं वापस पलटी दरवाजे पर तीसरी बार दस्तक हुई इस बार मैंने दरवाजा खोलने की हिम्मत नहीं की और पूरी रात खौफ के मारे जागती रही क्योंकि उन दिनों आयशा किसी इमरजेंसी की वजह से अपने
घर गई हुई थी और मैं रूम में अकेली थी एक दफ हॉस्टल की छत से खों की आवाजें आने लगी पहले तो मैंने और आयशा ने सोचा कि शायद कोई लड़की मजाक कर रही है क्योंकि अभी ज्यादा टाइम नहीं हुआ था और अक्सर लड़कियां छत पर चली जाती थी लेकिन वह आवाजें गैर मामूली तौर पर खौफनाक थी यह आवाजें बाकी लड़कियों ने भी सुनी हम दोनों और और बाकी रूम्स की लड़कियां भी बाहर आ गई यह आवाजें बाकी लड़कियों ने भी सुनी मैंने और दीगर लड़कियों ने वर्डन को इस बारे में तला दी तो वर्डन
ने छत पर जाकर देखा लेकिन वहां कोई नहीं था उन खों की आवाजें कई रातों तक सुनाई देती रही लेकिन कभी यह मालूम ना हो सका कि वह कहां से आती थी हमारे कमरे में एक शेल्फ थी जिस पर हम अपनी किताबें रखती थी एक रात हम सो रही थी तो अचानक सारी किताबें जमीन पर गिर गई हम दोनों आवाजें सुनकर जाग गई और देखा कि किताबें फर्श पर बिखरी हुई थी मैंने सोचा कि शायद कोई किताब अनबैलेंस हुई है जिससे यह गिर गई है लेकिन जब मैंने किताबों को वापस रख दिया तो कुछ लम्हों
बाद दोबारा गिर गई मैंने दोबारा उठाकर शेल्फ पर रखी तो किसी ने वोह किताब उठाकर फिर जमीन पर फेंक दी जब दो से तीन बार यह हुआ तो मैंने आखिर किताबें शेल्फ से हटाकर अलमारी में रख दी यह वाकत पूरे एक साल के हैं जो वक्फ वक्फ से हमारे साथ होते रहे एक साल के बाद फाइनल ईयर की जो स्टूडेंट्स थी उनके जाने के बाद कुछ रूम खाली हुए तो हमने तो हमने वर्डन से रिक्वेस्ट करके अपना कमरा तब्दील करवा लिया और इस तरह मजीद एक साल मैंने उस हॉस्टल में गुजारा और अपनी स्टडी कंप्लीट
करके वापस अपने घर लौट आई कमरा तब्दील करने के बाद भी छोटे-मोटे वाकत होते रहे लेकिन जिस तरह से हमें इस कमरे में परेशान किया जाता था इस तरह का कोई भी वाकया दोबारा नहीं हुआ शायद इस कमरे में असरात कुछ ज्यादा ही थे मैं घर तो लौट आई लेकिन वाकत को मैं कभी नहीं भूल सकी न भाई यह थी मेरी कहानी अगर आपको अच्छी लगे तो लाजमी शेयर कीजिएगा बहुत शुक्रिया आपने अपनी स्टोरी हमसे शेयर की दोस्तों उम्मीद करता हूं आज की स्टोरी आपको पसंद आई होगी स्टोरी पसंद आई हो तो वीडियो को लाइक
करना ना भूलेगा और अगर आप मेरे चैनल पे नए हैं तो चैनल भी सब्सक्राइब कर लें बेल आइकन प्रेस करके ऑल का नोटिफिकेशन ऑन कर ले इससे होगा ये कि आप मेरी हॉरर स्टोरीज फैमिली का हिस्सा बन जाएंगे और मेरी स्टोरीज के नोटिफिकेशंस आप तक पहुंच जाया करेंगे अपना बहुत ख्याल रखिएगा दुआओं में याद रखिएगा मुझे दे इजाजत मिलते हैं किसी और इंटरेस्टिंग स्टोरी में अल्लाह हाफिज