अस्सलाम वालेकुम दोस्तों वेलकम टू माय चैनल हॉरर स्टोरीज विद अदान कैसे हैं आप लोग उम्मीद करता हूं खैरियत से होंगे जहां होंगे खुश होंगे अल्लाह ताला ऐसे खुश रखे और सेहत वाली लंबी उमर दे जिंदगी में कभी भी किसी का मोहताज ना करें जितने लोग परेशान है अल्लाह ताला उनकी परेशानियां दूर फरमाए जितने लोग बीमार है अल्लाह ताला उन्हें सेहत दे और जितने लोग इस दुनिया से रुखसत हो चुके हैं अल्लाह ताला उनकी बख्श फरमाए मेरी दुआए आप लोगों के लिए और मुझे और मेरी फैमिली को भी अपनी दुआओं में हाथ रखा करें टाइटल और
थंबनेल से आपने देखा ही होगा कि स्टोरी किस बारे में ये एक एंबुलेंस ड्राइवर की खौफनाक स्टोरी है अगर आप मेरे पुराने सब्सक्राइबर हैं तो आपको याद होगा कि मैंने इसी चैनल पर एक बहुत पहले एंबुलेंस ड्राइवर की स्टोरी अपलोड की थी जो कि बहुत ज्यादा व्यूज ले गई थी आज अगर आप माने या ना माने यह स्टोरी उससे ज्यादा खौफनाक है तो वक्त जाया किए बगैर चलते हैं अपनी स्टोरी की तरफ स्टोरी शुरू करने से पहले आयतल कुर्सी पढ़ लें और अपने आसपास हिसार बांध लें क्योंकि सुना है जब इन मखलूक का जिक्र होता
है तो ये बड़े इंटरेस्ट से आपके करीब आ जाती और अपनी बातें सुनने लगती आपको डर ना लगे आयतुल कुर्सी पढ़ ले चलते हैं अपनी स्टोरी की तरफ अस्सलाम वालेकुम अदान भाई कैसे हैं आप उम्मीद है आप खैरियत से होंगे मेरा नाम जावेद है मैं दो महीने पहले से आपको सुन रहा हूं आपके साथ अपनी कहानी शेयर करना चाहता हूं मैं एक एंबुलेंस ड्राइवर हूं रात की तारीखी हर तरफ फैली हुई थी जान बादलों के ड़ में छुपा हुआ था और सड़क सुनसान और सन्नाटे में डूबी हुई थी और मैं अपनी सीट पर बैठा ड्राइव
कर रहा था मेरी एंबुलेंस मध्यम रोशनी में धीरे धीरे हरकत करती इस माहौल में अजीब सी खौफ जगी पैदा कर रही थी और मैं अपनी सीट पर बैठा ड्राइव कर रहा था मैं बहुत संजीदगी और खामोशी से गाड़ी चला रहा था मैं हॉस्पिटल से एक लाश को लेकर एक दूर दराज गांव की तरफ जा रहा था जहां उस डेड बॉडी को उनके विरसा को सुपुर्द खाक करना था मैंने अपनी जिंदगी में कई बार डेड बॉडीज को इधर से उधर मुंत किल किया था लेकिन आज की रात कुछ खौफनाक लग रही थी मैं यह सफर अकेला
कर रहा था और गांव तक का रास्ता लंबा और सुनसान था अस्पताल से निकलते वक्त मुझे खास हिदाय दी गई कि मैं जल्दी पहुंचने की कोशिश करूं क्योंकि गांव के लोग सुबह तक मयत का इंतजार नहीं कर सकते थे गांव के अंदर एक अजीब सी खामोशी थी पिछले हिस्से में र की डेड बॉडी सफेद चादर में लिपटी हुई थी और मैं कभी-कभार बैक मिरर में पीछे देख लेता यकीन करने के लिए कि वह डेड बॉडी अपनी जगह पर ही है सड़क के दोनों तरफ घना जंगल था जिससे अजीब अजीब सी आवाजें आ रही थी मैंने
अपनी एंबुलेंस की रफ्तार तेज कर दी लेकिन जैसे ही जैसे गाड़ी आगे बढ़ रही थी रास्ता और भी वीरान होता जा रहा था अचानक गाड़ी के इंजन से एक धीमी सी खड़खड़ की आवाज आने लगी मैंने परेशान होकर गाड़ी रोक दी गाड़ी का इंजन बंद हो चुका था और मैंने मोबाइल की लाइट ऑन करके इंजन को चेक करने का सोचा जैसे ही मैं बाहर निकला मुझे महसूस हुआ कि जंगल की खामोशी मजीद गहरी हो गई है दरख्तों की सरसराहट के साथ कोई और आवाज भी थी जैसे किसी के कदमों की चाप मैंने पीछे मुड़कर देखा
लेकिन कोई नजर नहीं आया तो मैंने सोचा कि कोई जानवर वगैरह होगा इंजन का जायजा लेने के बाद मुझे कोई खराबी नजर नहीं आई जैसे ही मैं वापस गाड़ी में बैठने लगा मुझे महसूस हुआ कि पिछले हिस्से में कोई हरकत हुई है मैंने रियर व्यू मिरर में देखा लेकिन सब कुछ नॉर्मल लग रहा था दिल को मजबूत करते हुए मैंने गाड़ी स्टार्ट की और खुशकिस्मती से गाड़ी स्टार्ट हो गई कुछ देर गाड़ी चलाने के बाद मैंने महसूस किया कि एंबुलेंस के अंदर से धीमी धीमी सरगोशियां सुनाई दे रही मैंने गौर से सुनने की कोशिश की
लेकिन यह आवाजें इतनी मध्यम थी कि कुछ भी समझ नहीं आ रहा था मैंने खुद को तसल्ली दी कि शायद मेरे दिमाग का वहम है कि अचानक गाड़ी की खिड़की पर जोर सी दस्तक हुई मेरा दिल जोर से धड़कने लगा मैं जल्दी से रुककर बाहर झांकने लगा लेकिन वहां कोई नहीं था हैरत और खौफ के आलम में मैंने गाड़ी दोबारा चलाई लेकिन अब मेरी त्वचा मुकम्मल तौर पर मतसर थी चंद किलोमीटर आगे जाने के बाद गाड़ी एक बार फिर बंद हो गई उस बार मुझे शायद गुस्सा आया और बेबसी महसूस हुई कि मैं जितनी जल्दी
पहुंचना चाह रहा हूं उतनी ही देर हो रही है गाड़ी के बाहर अंधेरा और खामोशी पहले से ज्यादा खौफनाक लग रही थी मैंने हिम्मत करके दोबारा इंजन को चेक करना शुरू किया जैसे ही मैं गाड़ी के सामने झुका मुझे अपनी पुश पर किसी की मौजूदगी का एहसास हुआ मैंने फौरन मुड़ कर देखा लेकिन वहां कोई नहीं था मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था मैं जल्दी से गाड़ी में बैठा और बार-बार इंजन स्टार्ट करने की कोशिश करने लगा काफी देर कोशिश करने के बाद इंजन आखिरकार दोबारा चलने लगा तो पिछले हिस्से से एक अजीब सी
आवाज आई जैसे कोई हल्का सा कर रा हो मैंने हिम्मत करके पीछे मुड़कर देखा लेकिन वो डेड बॉडी अपनी जगह पर बिल्कुल खामोशी से रखी हुई थी मैंने खुद को यकीन दिलाया कि यह सिर्फ मेरी थग और खौफ की वजह से हो रहा है और फिर रास्ते में मुझे लगा कि सड़क के किनारे कोई खड़ा आया गाड़ी की हेड लाइट्स में वह एक साय की तरह नजर आ रहा था लेकिन जैसे ही गाड़ी करीब पहुंची वह गायब हो गया मैंने हैरानी और खौफ के मिले जुले जज्बात के साथ अपनी रफ्तार मजीद तेज कर दी लेकिन
अब मेरे अंदर एक अजीब बेचैनी थी एंबुलेंस के अंदर खामोशी अपनी जगह पर लेकिन बाहर जंगल से मुसलसल सरसराहट और मुख्तलिफ आवाजें आ रही थी कभी लगता कोई शाख टूट रही है कभी किसी परिंदों के कभी किसी परिंदे के परों की फड़फड़ा सुनाई देती और इन सबके बीच एक चीज जो सबसे ज्यादा परेशान कुन थी वो थी कदमों की चाप जो खस खस कभी करीब और कभी दूर से आती महसूस होती मैं बार-बार रियर व्यू मिरर में झांक रहा था हर बार मुझे लगता कि वो लाश अपनी ज से हिल रही है लेकिन गौर करने
पर सब कुछ मामूल के मुताबिक दिखाई देता मैंने खुद को समझाया कि यह सब मेरे जहन की कार्य स्थानी है मगर दिल को यकीन नहीं आ रहा था मैंने गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी ताकि जल्द जल्द जंगल की उस वरान सड़क से निकल सकू कि अचानक एक जोरदार झटका लगा जैसे गाड़ी किसी चीज से टकरा गई हो मेरे हाथ कांपने लगे मैंने फौरन गाड़ी रोकी और नीचे उतर कर देखा गाड़ी के नी कुछ नहीं था लेकिन सामने की लाइट के नीचे सड़क पर खून का एक निशान था जो गाड़ी के नीचे से दूर तक जा
रहा था मैंने लाइट घुमाकर चारों तरफ देखा लेकिन कोई जानवर या इंसान नजर नहीं आया खून का निशान रास्ते में एक जगह रुक जाता था जैसे कोई चीज वहां से अचानक गायब हो गई हो मैंने घबराहट के आलम में जल्दी से गाड़ी में वापस बैठकर दरवाजे लॉक कर लिए और गाड़ी दोबारा स्टार्ट की अब अंदर और बाहर दोनों जगह पुसर महसूस होने लगी थी जैसे ही मैंने दोबारा गाड़ी चलानी शुरू की मेरी नजरें सड़क पर एक साया दार वजूद पर जा टकी वह आगे की तरफ बढ़ रहा था गाड़ी की हेडलाइट ने इस साय को
पूरी तरह नहीं दिखाया लेकिन मैंने महसूस किया कि वह साया हल्की हल्की चाल से सड़क के बीच में चल रहा है मैंने हॉर्न बजाया लेकिन साया एक लमहे के लिए ठहरा फिर जैसे हवा में तहलील हो गया इसके साथ ही मेरी गाड़ी के डैशबोर्ड पर लगी घड़ी ने काम करना बंद कर दिया घड़ी की सुइयां बिल्कुल रुक गई थी कुछ देर बाद मैंने महसूस किया कि एंबुलेंस के पिछे हिस्से में कुछ हरकत हो रही है गाड़ी के अंदर से खड़खड़ की आवाज आ रही थी जैसे कोई चीज अपनी जगह से खिसक रही हो मैंने गाड़ी
रोककर हौसला जमा किया और पिछले हिस्से का दरवाजा खोलने की हिम्मत की लाश अपनी जगह पर थी लेकिन चादर के किनारे कुछ इस तरह हिले हुए थे जैसे किसी ने उसे थोड़ी देर पहले हाथ लगाया हो मेरे हाथों से पसीना टपक रहा था मैंने दरवाजा बंद करके गाड़ी दोबारा चलाई लेकिन अब मुझे महसूस हो रहा था कि जैसे कोई मुझे मुसलसल देख रहा हो उस डर और खौफ में भी मैं मुसलसल गाड़ी चलाता रहा क्योंकि मैं उस जगह से निकलना चाहता था चंद किलोमीटर आगे जाकर मुझे एक और मस का सामना करना पड़ा सड़क के
बीचोंबीच एक बहुत बड़ा दरख गिरा हुआ था जिसकी शाख सड़क को मुकम्मल तौर पर ब्लॉक कर रही थी मैंने गाड़ी रोकी और उस रुकावट को हटाने के लिए नीचे उतरा दरख के करीब पहुंचते ही मुझे महसूस हुआ कि हवा सर्द हो गई है जैसे ही मैंने रखत की शाह को हटाने की कोशिश की मुझे अपने पीछे किसी के खड़े होने का एहसास हुआ मैं फौरन मुड़ा लेकिन वहां कोई नहीं था मैंने जल्दी से गाड़ी का रुख बदलने की कोशिश की लेकिन जैसे ही गाड़ी घुमाने लगा मुझे दोबारा वही साया नजर आया जो उस बार दरख्त
के करीब खड़ा था साया धीरे-धीरे गाड़ी की तरफ बढ़ रहा था और मेरी सांसें तेज हो गई मैं जल्दी से गाड़ी में बैठा और दरवाजे लॉक कर लिए लेकिन जैसे ही मैंने गाड़ी चलाई दरवाजे खुद बखुदा एक अजीब सी आवाज गूंज रही थी जैसे कोई अंदर से जोर से दरवाजे को टकटाक यह सब कुछ मेरे लिए ना काबले बरदाश हो गया मैंने अपने इर्द गिर्द झांकने की कोशिश की लेकिन कुछ वाजिया नहीं था अचानक एंबुलेंस की लाइट बंद हो गई और गाड़ी एक बार फिर खामोश हो गई इंजन के बंद होने के बाद एंबुलेंस अंदर
और बाहर दोनों तरफ मुकम्मल अंधेरे में डूब गई और मेरा दिल धड़कने की बजाय जैसे रुकने लगा अंधेरे में मौजूद महसूस हवा के जंगल की खामोशी मजीद गहरी हो गई लेकिन लेकिन उस खामोशी में एक अजीब शोर शामिल था यह आवाज बहुत हल्की थी जैसे कोई किसी चीज को घसीट रहा हो या हल्के कदम से जमीन पर चल रहा मैंने अपने मोबाइल फोन की लाइट ऑन की लेकिन वो भी ऑन नहीं हो रही थी बड़ी मुश्किल से मैंने अपने हाथों की कपक पाट पर काबू पाया और टॉर्च ऑन की अब मैं गाड़ी के अंदर मुकम्मल
तौर पर कैद था और मेरे इर्दगिर्द एक खौफनाक पुरसुरा यत छा गई थी चंद लबे गुजरे होंगे कि मैंने पिछले हिस्से से कुछ कड़कड़ हट की आवाज सुनी मैंने हौसला जमा करके रियर व्य मिरर में झांका जो मंजर मैंने देखा उसने मेरे रोंगटे खड़े कर दिए लाश के ऊपर जो सफेद चादर रखी हुई थी वह अब हटी हुई थी और लाश का चेहरा साफ नजर आ रहा था यही नहीं मुझे लगा कि लाश की आंखें बंद होने की बजाय आधी खुली हुई थी और इनसे रोशनी की एक मध सी किरण निकल रही थी मेरा दिमाग
सुन हो गया मैं समझ नहीं पा रहा था कि यह सब हकीकत है या मेरे खौफ का नतीजा कि अचानक गाड़ी का दरवाजा जोर से खुला जैसे किसी ने बाहर से झटका देकर उसे खोला हो मैंने फौरन पीछे मुड़कर देखा लेकिन अंधेरे में कुछ नजर नहीं आया मेरे दिल में खौफ के साथ-साथ गुस्सा भी आ रहा था यह सब क्या हो रहा है मैंने जोर से कहा लेकिन जवाब में सिर्फ खामोशी मिली जैसे ही मैंने दरवाजा बंद करने की कोशिश की मैंने एक सरगोशी सुनी ये आवाज बहुत करीब से आ रही थी लेकिन मेरे इर्द
कीर्थ कोई भी नहीं था रुक जाओ मत जाओ लवाज बहुत मधम लेकिन बाज जाता मैंने फौरन अपने कानों पर हाथ रखा लेकिन ये सरगोशियां मेरे दिमाग में गूंजती रही मैंने हिम्मत बांधकर एक बार फिर गाड़ी को स्टार्ट करने की कोशिश की हरत अंगे इस तौर पर गाड़ी के इंजन ने बगैर किसी मसले के दोबारा काम करना शुरू कर दि दिया तो मैंने फौरन रफ्तार बढ़ाई और वहां से निकलने की कोशिश की लेकिन अब सड़क वैसी नहीं लग रही थी जैसी पहले थी हर तरफ धुन छाई हुई थी व सड़क के दोनों तरफ मौजूद दरख्त पहले
से ज्यादा करीब और खौफनाक दिखाई दे रहे थे जैसे ही गाड़ी आगे बढ़ रही थी मैंने देखा कि एक साया मुसलसल मेरी गाड़ी के साथ चल रहा है यह साया कभी दाएं तरफ नजर आता कभी बाए तरफ और कभी एंबुलेंस के एन पीछे मैंने उसे नजरअंदाज करने की कोशिश की लेकिन अचानक व साया गाड़ी के सामने आ गया मैंने जल्दी से ब्रेक लगाए लेकिन व साया गाड़ी की रोशनी में तहलील हो गया मैंने गाड़ी दोबारा चलाई लेकिन अब पिछले हिस्से से ऐसी आवाजें आ रही थी जैसे कोई मयत को खींच रहा हो ये आवाजें धीरे-धीरे
तेज होती जा रही थी मैंने रियर व्यू मिरर में देखा और इस बार मेरे होश उड़ गए लाश का सर अपनी जगह से थोड़ा सा हिला हुआ नजर आ रहा था और इसके होठों पर एक अजीब सी मुस्कुराहट ी मेरा सांस रुकने लगा मैंने सोचा कि मुझे किसी भी तरह जल्दी से गांव पहुंचना है जैसे ही मैं गाड़ी के करीब पहुंचा अचानक गाड़ी की तमाम लाइट्स बंद हो गई और इंजन ने एक बार फिर काम करना छोड़ दिया मैंने गाड़ी का इंजन दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश की लेकिन यह बेसू था मैंने गहरी सांस लिए
खुद को तसल्ली दी और बाहर झांक कर देखा गांव के कच्चे पक्के मकाना सड़क के दोनों तरफ दिखाई दे रहे थे लेकिन वहां रोशनी की कोई किरण नहीं थी पूरा गांव तारीख और पु सरार खामोशी में डूबा हुआ था मैंने सोचा कि शायद यहां के लोग सो रहे होंगे लेकिन यह गैर मामूली था कि किसी भी घर से रोशनी नजर नहीं आ रही थी मैंने गाड़ी का दरवाजा खोला लेकिन जैसे ही मैं नीचे उतरा हवा में एक अजीब सी ठंड महसूस हुई जो मेरी हड्डियों में उतर गई जैसे ही मैंने गांव के अंदर कदम रखा
एक अजीब सी बू मेरे नाक से टकराई यह बू इतनी बदबूदार थी कि मेरा दिमाग चकरा गया मैं गांव की गलियों में चलने लगा ताकि किसी से मदद के लिए दरवाजा खटखटा सकूं लेकिन गलियां खाली थी और हर दरवाजा बंद था मैंने कई घरों के दरवाजे टकटाक कोई जवाब ना आया एक घर के अंदर से हल्की सी सरसराहट सुनाई दी जैसे कोई अंदर हरकत कर रहा हो मैंने हिम्मत करके दरवाजे को जोर से धक्का दिया लेकिन वह बंद रहा मैं वापस एंबुलेंस की तरफ जाने लगा एंबुलेंस की तरफ वापस जाते हुए मुझे एक जोरदार आवाज
सुनाई थी जैसे पिछले हिस्से में कुछ गिर गया हो मैं दौड़कर गाड़ी के पास पहुंचा और पहला दरवाजा खोला लाश ट्रॉली से नीचे गिरी हुई थी और इसकी चादर मुकम्मल तौर पर हट चुकी थी मेरे हाथ कांपने लगे मैंने लाश को दोबारा ट्रॉली पर रखने की कोशिश की लेकिन जैसे ही मैंने हाथ लगाया मुझे महसूस हुआ कि लाश का जिस्म सर्द होने के बावजूद सख्त नहीं बल्कि नीम गर्म था जैसे वो जिंदा हो मैंने जल्दी से दरवाजा बंद किया और पीछे मुड़कर गांव की तरफ देखा अचानक गांव की मस्जिद से अजान की आवाज गूंज उठी
यह आवाज आम अजान जैसी नहीं थी उसमें एक अजीब सरगोशी नुमा खनक थी जो मेरे कानों को बेचैन कर रही थी मैंने दिल मजबूत किया और सोचा कि मस्जिद की तरफ जाकर किसी से मदद ल जैसे ही मैं मस्जिद के करीब पहुंचा मैंने देखा कि मस्जिद की दीवारें हाल थी और अंदर रोशनी की कोई अलामत नहीं थी मैंने जूते उतारे और अंदर दाखिल हुआ मस्जिद के अंदर का मंजर मेरे हवास को मजीद धुला देने वाला था वहां कोई मौजूद नहीं था लेकिन सफों पर धूल की मोटी तह के बीच कुछ जगहो पर ऐसे निशान थे
जैसे किसी ने हाल ही में नमाज पढ़ी मस्जिद के एक कोने से मुझे गुजर बुजर की आवाजें आई मैंने हिम्मत करके उस सिम देखा लेकिन कुछ नजर नहीं आया जैसे ही मैं पलटा मुझे अपने पीछे किसी के चलने की आवाज सुनाई दी कौन है मैंने जोर से कहा लेकिन जवाब में सिर्फ मस्जिद की खाली दीवारों से गूंजती हुई खामोशी थी मैंने मस्जिद से बाहर निकलकर गाड़ी की तरफ दौड़ लगा दी मैंने फैसला किया कि मुझे इस गांव से फौरन निकलना होगा चाहे गाड़ी धक्का देकर ही क्यों ना चलानी पड़े जैसे ही मैं गाड़ी में बैठा
एंबुलेंस की हेडलाइट खुद बखुदा जल पड़ी और इंजन बगैर किसी कोशिश के स्टार्ट हो गया यह मंजर मेरे लिए अजीब था लेकिन मैंने इस पर सोचने की बजाय गाड़ी को गांव से निकालने पर तवज्जो दी जैसे ही मैंने गांव की हदूद की मैंने महसूस किया कि वही साय जो पहले जंगल में थे अब सड़क के किनारे खड़े हैं य हल्की हल्की हरकत कर रहे हैं लेकिन इनके चेहरे की जगह सिर्फ स्याह खला था मैंने आंखें बंद करके खोली और गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी और दुआ की कि मैं जल्द जल्द किसी महफूज जगह पहुंच जाऊं
मैंने गाड़ी की रफ्तार तेज कर दी लेकिन सड़क के दोनों जाने मौजूद सायब हरकत करने लगे थे व साय कभी दरख्तों के पीछे छुप जाते कभी गाड़ी के साथ-साथ दौड़ने लगते मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे वह साय मेरे गाड़ी को रोकने की कोशिश कर रहे हैं अचानक एक साय गाड़ी के न सामने आ गया मैंने बुरी तरह से ब्रेक लगाई लेकिन गाड़ी रुकने की बजाय झटके के साथ आगे बढ़ती रही उस आया गाड़ी के हेडलाइट की रोशनी में तहलील हो गया लेकिन उसके फौरन बाद गाड़ी के अंदर एक अजीब सी आवाज सुनाई दीी जैसे कोई
अंदर आ चुका हो मैंने गाड़ी को रोकने की कोशिश की लेकिन गाड़ी नहीं रुकी गाड़ी खुद बखुदा चलने लगी और अंदर किसी की सरगोशियां गोजने लगी सरगोशियां बहुत धीमी थी लेकिन उनमें अजीब सी शिद्दत थी कहा था ना वापस मत जाओ य रास्ता नहीं है बिल्कुल ऐसी ही आवाज मेरे कानों में गूंजने लगी कि कहा था वापस मत जाओ यह तुम्हारा रास्ता नहीं है मैंने अपने कानों को ढापक सरगोशियां मेरे दिमाग के अंदर गूंज रही थी मैं खौफ से कांप रहा था लेकिन मेरे पास कोई रास्ता नहीं था मैंने अपने नजरों को सड़क पर मरकू
रखने की कोशिश की लेकिन सड़क अचानक खत्म हो गई सामने खुला मैदान था और गाड़ी ने अपनी रफ्तार कम करते हुए मैदान के बीचोबीच रुकना शुरू कर दिया मैंने फौरन गाड़ी का दरवाजा खोला और नीचे उतरा चारों तरफ खूब अंधेरा था और मैदान के दरमियान में कुछ र सरार साया तार दरख्त नजर आ रहे थे मैंने पीछे मुड़कर देखा तो गाड़ी के पिछले हिस्से का दरवाजा खुला हुआ था मैं धड़कते दिल के साथ पिछले हिस्से की तरफ बढ़ा वहां का मंजर देखकर मेरे हाथ पांव सुन हो गए लाश अपनी जगह पर नहीं थी ट्रॉली खाली
थी और सफेद चाज जमीन पर गिरी हुई थी मेने इर्दगिर्द नजर दौड़ाई लेकिन अंधेरे में कुछ नजर नहीं आ रहा था अचानक मुझे महसूस हुआ कि कोई मेरे पीछे खड़ा है मैं आहिस्ता आहिस्ता मुड़ने लगा और जैसे ही मैंने पीछे देखा मेरे सामने एक साया खड़ा था वह साया धीरे-धीरे अपनी शकल इख्तियार करने लगा था और मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे मैं अपनी शक्ल को देख रहा हूं यह मंजर इतना खौफनाक था कि मेरे होश उड़ गए मैं फौरन गाड़ी की तरफ भागा लेकिन गाड़ी के दरवाजे लॉक हो चुके थे मैदान में हर तरफ से
आवाज आने य आवाज कभी किसी की चीख की तरह लगती है कभी हंसी की और कभी किसी के कदमों की मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे मैं मैदान के दरमियान कैद हो चुका हूं और यह कैद मुझे मजीद गहराई में खेल रही हो और फिर देखते ही देखते मैदान में अचानक धुन छ गई मैंने कुछ भी देखने की कोशिश की लेकिन धुन इतनी गहरी थी कि मेरी आंखों के सामने सिर्फ धुआ ही धुआ था मैं चलने की कोशिश कर रहा था लेकिन जमीन पर मेरे कदम जमने लगे मैंने हर मुमकिन कोशिश की कि धुन से बाहर
निकल सकूं लेकिन मुझे ऐसा लगा जैसे मेरे कदम जमीन ने जगड़े हो धुन के अंदर से इतनी सरसराहट और सरगोशियां मुझे बेचैन कर रही थी मुझे लग रहा था कि कोई धुन के अंदर से मुझे देख रहा और मैं इसकी हर हरकत को महसूस कर रहा था मैंने अपनी कुवत जमा की और चलने की कोशिश की लेकिन हर कदम के सामने जमीन मजीद नरम हो रही थी जैसे ही मैं अगला कदम बढ़ाता मुझ मुझे ऐसा लगता कि जमीन दलदल में तब्दील हो रही है अचानक मेरे जूते दलदल में फस गए और मेरा त वासन बिगड़
गया मैंने घुटनों के बल जमीन पर गिरने के बाद खुद को सहारा दिया और धुन के बीच अपनी नजरें दौड़ाई धीरे-धीरे धुन छुटने लगी और मैंने अपने इर्दगिर्द जो कुछ देखा मैं इसके लिए तैयार नहीं था चारों तरफ अजीब दरख्त खड़े थे उन दरख्तों की शाखे एक दूसरे से उलझी हुई थी और उन पर मौजूद पत्तों का रंग गहरा सुर्ख था जैसे खून से रंगे हो मैंने करीब जाकर एक दरख्त को देखने की कोशिश की लेकिन जैसे ही मैंने हाथ बढ़ाया दरख्त की शाखे हरकत करने लगी वह शाखे जैसे मेरी तरफ लपक रही थी मैंने
फौरन पीछे हटने की कोशिश की लेकिन एक शाख ने मेरे बा पर शाह का छूना इतना शदीद था जैसे किसी ने लोहे के गर्म चलाख से छुआ हो मैंने अपनी आस्तीन उठाई तो देखा कि बाजू पर एक गहरा निशान बन चुका था और इससे हल्का हल्का दुआ निकल रहा था मैंने बाजू को सहला दे हुए मसीद हरकत की लेकिन हर तरफ से व दरख्त मुझे घेरने लगे ऐसा लग रहा था जैसे यह दरख्त जिंदा हो और मुझे काबू में करने की कोशिश करें मैंने पीछे मुड़कर भागने की कोशिश की लेकिन धुंद की अंदर से इंसानी
शक्ल उभरने लगी यह शक्ल मुकम्मल तौर पर वाज नहीं थी लेकिन इनके खाल नुमाया थे शक्ल मेरे पीछे चल रही थी और कुछ मेरे आसपास घूम रही थी मैंने हिम्मत करके उनसे बात करने की कोशिश की तुम कौन हो क्या चाहते हो लेकिन जवाब में सिर्फ सरगोशी का शोर बुलंद हुआ यह सरगोशियां मुख्तलिफ जुबान में थी जिन्हें मैं समझ नहीं पा रहा था लेकिन उनमें एक चीज मुश्तरका थी उनकी आवाज में दर्द और गुस्सा नुमाया था मैंने एक लमहे के लिए गाड़ी की सिम देखने की कोशिश की लेकिन गाड़ी अब इस जगह पर नहीं थी
जहां मैंने इसे छोड़ा था मैं बे यकीनी के आलम में खड़ा था कि अचानक वही लाश जो ट्रॉली से गायब हो गई थी दुन के दरमियान से नु मदार हुई लाश अपने आप जमीन पर खड़ी हो गई लेकिन इसका सर झुका हुआ था और चादर का एक कोना इसके चेहरे पर लटक रहा था मैंने खौफ से पीछे हटना शुरू किया लेकिन इस लाश ने आहिस्ता आहिस्ता मेरे तरफ कदम बढ़ाने शुरू कर दिए मैंने महसूस किया कि मैदान की जमीन अचानक बदलने लगी है जमीन पर अजीब सी दरारें पड़ रही हैं और इन दरारों से सुर्ख
माया निकल रहा था जो देखने में खून की तरह लग रहा था मेरे खौफ से अपनी जगह बदलने की कोशिश की लेकिन हर तरफ यही मंजर था मेरे कदमों तले जमीन अजीब अंदाज में धीरे-धीरे हिलने लगी जैसे कोई मुझे जिंदा खींचने की कोशिश कर रहा हो राड़े मजीद गहरी हो गई थी और जमीन पर छोटे-छोटे बुलबुले बनने लगे जिनसे अजीब सी धीमी गूंज निकल रही थी हर कदम पर मुझे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे मैं किसी ख्वाब में कैद हूं जहां कैद और फरेब की सरहद मिट चुकी हो मैंने भागने की कोशिश की लेकिन
मैदान की सतह इतनी नर्म हो चुकी थी कि मैं कदम बढ़ाते ही घुटनों तक धसने लगा मैंने महसूस किया कि जमीन के अंदर से कुछ हरकत हो रही है मैंने नीचे झुककर देखने की कोशिश की तो अचानक जमीन के नीचे से पतली पतली शाखे निकलने लगी यह शाखे खुश्क और स्या थी और वह नोकीली नोकीली थी शाखे मेरी तरफ बढ़ने लगी जैसे मुझे जगड़े की कोशिश कर रही हो मैंने अपनी टांगे जोर लगाकर निकालने की कोशिश की लेकिन शाखों ने मेरे जूतों को जकड़ लिया मैंने जल्दी से अपने जूते उतारे और नंगे पांव भागने की
कोशिश की लेकिन शकों की रफ्तार बढ़ चुकी थी मैदान की जमीन से निकलने वाली आवाजें अचानक थम गई मैंने एक लमहे के लिए रुककर इर्दगिर्द देखा हर तरफ अजीब सी खामोशी छ गई थी जो मजीद खौफनाक महसूस हो रही थी दूर दरख्तों के बीच से हल्की सी रोशनी झिलमिला और मुझे महसूस हुआ कि शायद मैं उस मैदान से निकलने का रास्ता तलाश कर सकता हूं लेकिन जैसे ही मैंने रोशनी की सिमत कदम बढ़ाया जमीन पर मौजूद दलदल से इंसानी हाथ बाहर निकला मैं चौक कर पीछे हटा लेकिन अब एक के बाद एक हाथ जमीन से
निकलने लगा यह हाथ सफेद और हड्डियों की तरह थे और इनकी उंगलिया लंबी और नोकीली थी उन हाथों के साथ ही जमीन पर मौजूद दलदल से धुन नुमा साय उभरने लगे यह साय मेरे चारों तरह जमा होने लगे और इनकी मौजूदगी से हवा में सर्दी और खौफ बढ़ गया हसाया एक मुख्तलिफ शक्ल इख्तियार कर रहा था लेकिन इन सबकी आंखें जलती हुई अंगारे की तरह थी मैंने अपनी जेब से गाड़ी की चाबी नि और सेंट लॉकिंग का बटन दबाया लेकिन गाड़ी की जवाब में कोई रोशनी या आवाज नहीं आई मैं बेबसी के आलम में खड़ा
था और साय मेरी करीब आ रहे थे कि अचानक मैदान के दरमियान मौजूद रोशनी दोबारा झिलमिलाए और इस बार उसमें एक वाज रास्ता दिखाई दिया रोशनी के साथ एक आवाज भी सुनाई दी अगर तुम जिंदा रहना चाहते हो तो यहां से निकल जाओ लेकिन वक्त कम है मैंने बगैर सूझे रोशनी की तरफ दौड़ना शुरू किया रास्ता हर कदम के साथ मजीद मुश्किल होता जा रहा था लेकिन मैं अपनी जान बचाने की कोशिश में आगे बढ़ रहा था साय मेरे पीछे दौड़ने लगे और इनके कदमों की आवाज जमीन के अंदर गूंज रही थी रोशनी के करीब
पहुंचते ही मैंने देख के मैदान के दरमियान में एक बड़ा लकड़ी का दरवाजा खड़ा है जो किसी दीवार या सहारे के बगैर हवा में मालिक है दरवाजा हल्की हल्की आवाज के साथ खुल रहा था और इसके पीछे गहरा अंधेरा था मैंने हिचक चाते हुए दरवाजे की तरफ कदम बढ़ाया मेरे दिमाग में मुख्तलिफ ख्यालात आ रहे थे क्या यह दरवाजा मुझे बचा लेगा या यह किसी और मुसीबत की शुरुआत होगी साया बिल्कुल करीब पहुंच चुके थे अब इनकी सरगोशियां बलं हो रही थी और व मुझे दरवाजे से दूर रखने की कोशिश कर रहे थे मैंने हिम्मत
करते हुए दरवाजे को पकड़ा और पूरी कुवत से इसे खोल दिया दरवाजा खुलते ही एक तेज रोशनी चारों तरफ फैल गई और मुझे महसूस हुआ जैसे वक्त रुक गया हो रोशनी के अंदर दाखिल होने से पहले मैंने पीछे मुड़कर देखा सय अपनी जगह जम गए थे और इनके चेहरे गुस्से से भरी हुई शक्ल इख्तियार कर रहे थे मैंने रोशनी के अंदर कदम र खुद को एक नई जगह पर पाया जो मैदान से बिल्कुल मुख्तलिफ थी मैं रोशनी से गुजर कर जिस नई दुनिया में पहुंचा था वहां साय मुसलसल मेरा ताक कर रहे थे वह पहले
से ज्यादा तेज और खतरनाक हो चुके थे और इनकी सरगोशियां बुलंद हो रही थी मुझे इन सरगोशियां में अपने नाम के साथ मुख्तलिफ धमकियां सुनाई देने लगी तुम यहां से नहीं बच सकते तुम वापस नहीं जा सकते मैंने उन पर ध्यान ना देते हुए रोशनी के रास्ते भागना शुरू किया लेकिन साय मेरे करीब आ रहे थे मैं बार-बार अपने पीछे देखता और हर बार साय मजीद करीब हो जाते चलते-चलते मुझे महसूस हुआ कि रोशनी का रास्ता धुंधला होने लगा मुझे एक लमहे के लिए ऐसा लगा जैसे यह रोशनी मेरे लिए नहीं बल्कि मुझे धोखा देने
के लिए है लेकिन मैं रुक नहीं सकता था सायब इस कदर करीब थे कि उनकी ठंडी सांसें मेरे कांधे पर महसूस हो रही थी अचानक रोशनी एक बार फिर तेज हो गई और मुझे अपनी एंबुलेंस की झलक नजर आई मैं उम्मीद से भर गया और अपनी पूरी कुवत से रोशनी की तरफ भागा साय मेरे पीछे तेजी से बढ़ रहे थे लेकिन रोशनी अब मेरी मंजिल के करीब लग रही थी मैंने रोशनी में झांका तो देखा कि मेरी एंबुलेंस एक वरान सड़क पर खड़ी है और इसके इर्दगिर्द साय जमा हो रहे हैं गाड़ी के अंदर व
लाश मौजूद थी जो अब भी सुकून से अपनी जगह पर लेटी हुई थी मैंने सायो से बचते हुए एंबुलेंस तक पहुंचने की कोशिश की मैंने अपनी हिम्मत को बरकरार रखा हर कदम के साथ सायों की मौजूदगी मजीद गहरी हो रही थी और इनकी आवाजें मजीद जहन को मफल करने की कोशिश कर रही थी मैंने अपनी पूरी कुआ जमा की और एंबुलेंस के करीब पहुंचकर दरवाजा खोल दिया जैसे ही मैं एंबुलेंस के अंदर दाखिल हुआ साय एक लमहे के लिए रुक गए एमस के अंदर पहुंचते ही मैंने इंजन स्टार्ट किया लेकिन गाड़ी ने पहली कोशिश में
स्टार्ट होने से इंकार कर दिया साय अब गाड़ी के इर्दगिर्द जमा हो चुके थे और इनकी उंगलियां गाड़ी के शीशों पर हरकत कर रही थी मैंने दोबारा इंजन स्टार्ट करने की कोशिश की और इस बार गाड़ी चल पड़ी जैसे ही गाड़ी हरकत में आई साय एक जोरदार चीख के साथ गायब हो गए मैंने गाड़ी को पूरी रफ्तार से चलाना शुरू किया व सड़क जो पहले पुर सरार और वरान लग रही थी अब धीरे-धीरे नॉर्मल होने लगी दरख्तों के साय अब आम नजर आ रहे थे और फिजा में खौफ की जगह सुकून आ गया था चंद
घंटों के सफर के बाद मैं गांव पहुंच गया गांव के लोग पहले से मेरे मुंतशिर थे और जैसे ही मैं एंबुलेंस से बाहर निकला मैंने देखा कि लोगों की आंखों में आंसू थे मैंने एक बॉडी गांव वालों के हवाले कीए और बैठ गया मेरा जिस्म थकन से चूर था लेकिन दिल में सुकून था कि मैंने अपनी जिम्मेदारी पूरी की जैसे ही मैं गांव के लोगों के दरमियान बैठा मुझे एहसास हुआ कि शायद इस सफर में मैंने कुछ ऐसा सीखा है जो मुझे हमेशा याद रहेगा हर चीज हकीकत से करीब लग रही थी क्या यह सब
हकीकी था या मेरी जहनी कैफियत का हिस्सा मैं सवाल का जवाब कभी नहीं जान पाया तो यह मेरी कहानी थी उम्मीद करता हूं कि आपकी हॉरर स्टोरी फैमिली को पसंद आएगी कमेंट में अपनी राय का इजहार मुझे लाजमी कीजिएगा अल्लाह हाफिज दोस्तों उम्मीद करता हूं आज की स्टोरी आपको पसंद आई होगी स्टोरी पसंद आई हो तो वीडियो को लाइक करना ना भूलेगा और अगर आप मेरे चैनल प नए हैं तो चैनल भी सब्सक्राइब कर लें बेल आइकन प्रेस करके ऑल का नोटिफिकेशन ऑन कर लें इससे होगा ये कि मेरी स्टोरी के नोटिफिकेशंस आप तक पहुंचते
रहा करेंगे और आप मेरी हॉरर स्टोरीज फैमिली का हिस्सा भी बन जाएंगे अपना बहुत ख्याल रखिएगा तो में याद रखिएगा मुझे दे इजाजत मिलते हैं किसी और इंटरेस्टिंग स्टोरी में अल्लाह हाफिज