मैं 27 साल की हूं लेकिन मेरी शादी अभी नहीं हुई थी हमारे पड़ोस में एक लड़का किराए पर रहने आया उसे देखते ही मेरे अरमान मचलने लगे एक रात मेरे घर पर कोई भी नहीं था तभी मैं उसके घर चली गई पर उसके लैपटॉप पर नजर पड़ते ही मेरे होश उड़ गए वह भी बेकाबू होकर मुझे अपने बांह में भर लिया और कहा चलो ना हम भी ऐसा करते हैं और फिर अपने हाथ मेरे दो नर्म नर्म आज मेरी चचेरी बहन की शादी थी घर में बहुत चहल पहल थी सब लोग काम में बहुत बिजी
थे काफी सारे मेहमान आए हुए थे तभी मेरी सहेली मेरे कमरे में आ गई कहने लगी अंजलि की भी शादी हो रही है वह तो तुझसे 3 साल छोटी है तेरी चाची ने अपनी दोनों बेटियों की शादी करवा दी पर तुझे घर पर ही बैठा रखा है सपना तू 27 साल की हो गई है अब धीरे-धीरे तेरी जवानी भी ढल जाएगी मुझे नहीं लगता तेरी चाची तेरी शादी करवाएगी शादी में तू किसी अच्छे लड़के को क्यों नहीं ढूंढ लेती मेरी सहेली की यह बात सुन कर मैं उदास हो गई मेरी सहेली के तो दो बच्चे
भी हो गए थे और मैं अब तक कुंवारी थी अगर मेरे मम्मी पापा जिंदा होते तो अब तक मेरे हाथ पीले करवा देते मेरा अपना घर बस जाता मेरे भी बच्चे होते पर मेरे मम्मी पापा के गुजर जाने के बाद चाचा चाची मुझे अपने साथ ले आए थे उसके बाद से ही घर के सारे काम की जिम्मेदारी मुझ पर सौंप दी उनकी बेटियां बड़े आराम से रहती थी पढ़ाई लिखाई करती थी लेकिन मेरी पढ़ाई तो दसवीं के बाद ही बंद हो गई थी थी मैं कॉलेज ना जा सकी अगर कॉलेज जाती तो कहीं नौकरी भी
लग जाती यं घर पर मुझे नहीं बैठना पड़ता पर मैंने नौकरी की तलाश भी की थी लेकिन कहीं मुझे नौकरी नहीं मिल पाई मैं तैयार होने लगी थी मैं अपना चेहरा आईने में देखी तो सोचने लगी मुझ में अब पहले जैसी बात नहीं है जब मैं छोटी थी तो मेरे अंदर एक आग थी बढ़ती उम्र के साथ अब मुझे कौन पसंद करेगा आंसू की एक बूंद मेरे आंख से बहने लगी मैंने सोचा मेरी सहेली की बात ही सुन लेती हूं मे सहेली मेरे पीछे आ गई कहने लगी तू अपना मन छोटा मत कर मेरी सलाह
मान मुझे पूरा यकीन है तेरी चाची तेरी शादी नहीं करवाएगी यूं ही तुझसे घर का सारा काम करवाती रहेगी उनका तो कोई बेटा नहीं है बुढ़ापे में तुझे ही सहारा बनाएंगी तेरी चाची दहेज पर एक भी पैसा खर्च नहीं करेगी मेरी दोस्त की बात मुझे सही लगने लगी मैंने कहा यह सब मेरी किस्मत है उसने कहा तू अपनी किस्मत बदल सकती है बस तुझे अपनी अदाओं से एक लड़के को फंसाना है मैं ने कहा मैंने यह सब कभी नहीं किया उसने कहा तू सीख जाएगी यह सब अंदर से ही होता है मेरा पति भी शादी
के बाद भी मुझ पर ध्यान नहीं देता था तो देख मैंने भी अपने पति को आशिक बना लिए तू भी बना ले मैं शादी में आए मेहमानों की तरफ नजर दौड़ाने लगी पर मुझे कोई भी ऐसा लड़का नहीं मिला जो मेरे लायक हो मेरी उम्र के लड़के तो पहले से ही शादीशुदा थे कई तो बच्चों के बाप भी बन गए थे अपने बच्चे को संभाल रहे थे मैंने सोचा मैं किसी का घर नहीं उजाड़ना चाहती पर जितने भी लड़के कुवारे थे मुझसे उम्र में छोटे थे मुझसे बात करते तो मुझे अच्छा तो लगता पर अपने
से छोटे उम्र के लड़के से मैं शादी नहीं करना चाहती थी मेरी चचेरी बहन भी विदा होकर चली गई अब घर पर चाचा चाची और मैं ही रह गए थे घर का सारा काम मैं संभालती थी एक दिन चाची ने कहा कि हमने नया किराएदार रखा है जाओ वह नया-नया आया है उसे पानी दे आओ मैं पानी की बोतल लेकर नीचे चली गई और दरवाजा खटखटाया जब किराएदार ने दरवाजा खोला तो उसे देखकर मेरी हैरत का ठिकाना ना रहा वह काफी हैंडसम लड़का था मैं उसे देखते ही रह गई और सब कुछ भूल गई उसने
कहा क्या बात है मैंने कहा यह मकान हमारा है मुझे चाची जी ने भेजा है मैं तुम्हारे लिए पीने का पानी लेकर आई हूं तुम आज शिफ्ट हुए हो इसी वजह से चाची ने कहा है आज का खाना भी वह बिजवा देंगी ताकि तुम्हें तकलीफ ना हो वह लड़का मेरा शुक्रिया अदा किया और मुझे अंदर आने को कहा पर ना जाने क्यों मुझे घबराहट सी होने लगी मैंने कहा मुझे खाना बनाना है मैं घर जा रही हूं कहकर मैं भागती हुई सीढ़ियों से चढ़ने लगी मुझे मेरी चाची का डर था अगर मेरी चाची को पता
लग गया कि मैं अनजान लड़के से बात कर रही हूं तो मुझे बहुत डांट पड़ेगी जब खाना बन गया तो मेरी चाची ने कहा जाओ उसे खाना देकर आओ और चाची ने कहा सपना उस लड़के को रोज ब्रेकफास्ट और डिनर भी पहुंचा देना वह उसके भी पैसे दे रहा है वह लड़का अकेला रहता है इसी वजह से खाने का भी कांट्रैक्ट कि है मैं मन ही मन सोचने लगी कि मेरी चाची तो खाना बनाती नहीं है मुझे एक और बंदे का एक्स्ट्रा खाना बनाना पड़ेगा चाची के सामने ें सर हिलाया और खाना लेकर उसके पास
चली गई जब भी मैं उसके पास जाती तो मेरे अंदर एक अजीब सी हलचल होने लगती थी उस लड़के को आते-जाते देखती रहती थी दो टाइम उसे खाना देने जाती तो उससे मुलाकात हो जाती कई बार मुझे घर के अंदर आने को कहता पर डर के मारे मैं कभी उसके घर पर कदम नहीं रखी थी उसके घर पर मैंने आज तक किसी को नहीं देखा था शायद वह अकेला ही रहता था कभी-कभी तेज आवाज में गाना लगा देता था मेरे कान में आवाज आती थी कई बार उसके घर के बाहर शराब की बोतल भी देखी
थी वह अपनी मौज मस्ती में रहता था न जाने कहां काम करता था एक दिन मैंने अपनी सहेली रूबी को उस लड़के के बारे में बताया तो रूबी कहने लगी उसे पटा ले मैं तुझे बताती हूं लड़के को कैसे पटाते हैं उसकी बात सुनकर तो मैं डरने लगी और मैंने कहा रूबी तुम अपना तरीका मुझे मत बताओ उसने कहा तेरी भी तो अपनी जरूरत है उसे भी तो पूरा करना पड़ेगा ना तेरी चाची सारी जिंदगी यूं ही घर पर बैठा कर रखेगी उसकी बात सुनकर मैं घर चली आई थी और उसकी कही बातें मेरे दिमाग
में घूम रही थी एक दिन मेरी चाची मुझे बुलाई और कहा आज हम बाहर शादी में जा रहे हैं कल सुबह तक ही वापस आएंगे तुम नीचे जाकर सूरज को खाना पहुंचा देना भूलना मत मैंने कहा जैसा आप बोले चाची जी रात में मैंने अपने और सूरज के लिए खाना बनाया फिर सोचा सूरज को जाकर दे आती हूं ना जा जाने क्यों आज मेरे दिल में अजीब सी हलचल होने लगी थी घर पर सिर्फ मैं अकेली थी आज घर पर चाचा चाची नहीं थी मेरे पास अच्छा मौका था रूबी की कई बातें मैं सोचने लगी
मैंने सोचा क्यों ना इस मौके का फायदा उठाया जाए मैं य अकेली कब तक रहूंगी इसी विचार से मैंने उसके घर की एक्स्ट्रा चाबी ले ली और बाहर से ही आज दरवाजा खोल दिया था मैं चुपके से उसके घर पर आ गई थी मैं उसे सरप्राइज देना चाहती थी पर मुझे नहीं मालूम था कि मुझे ही झटका लगने वाला है घर में बिल्कुल अंधेरा था मुझे लगा सूरज कहीं गया है फिर मैंने देखा उसके कमरे से हल्की सी रोशनी आ रही थी जब मैं उसके कमरे के सामने आई तो उसके कमरे की लाइट बंद थी
शायद लैपटॉप की रोशनी आ रही थी और कुछ अजीबोगरीब आवाज मेरे कान में आए ना जाने क्यों मुझे डर लग रहा था यह लड़का लैपटॉप लेकर क्या कर रहा है मैं तुरंत ही उसके कमरे में घुस आए और लाइट जला दी सामने का मंजर देखकर मेरे पैरों तले से जमीन निकल गई वह लड़का भी बिल्कुल चौक गया अपने आप को छुपाने की कोशिश करने लगा मेरी नजर उसके लैपटॉप पर पड़ी तो मैं वहीं के वहीं रोक गई मैं हिल भी नहीं पा रही थी मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि यह लड़का मैं
सोचने लगी सब मेरी गलती है मुझे नॉक करके आना चाहिए था मैं गलत वक्त पर आ गई वह मेरी तरफ देख रहा था फिर उसने अपने लैपटॉप को बंद कर दिया मैं पानी पीने लगी क्योंकि मेरा गला बिल्कुल सूख चुका था मेरी तो फट गई थी वह हकला आता हुआ कहा तुम यहां क्या कर रही हो मैंने कहा मैं तो रोज इसी व आती हूं खाना देने उसने कहा तुम तो रोज नौक करके आती हो आज बगैर नौक किए कैसे आ गई हो मैंने कहा तुम्हारे कमरे के बाहर अंधेरा था मुझे लगा तुम सो तो
नहीं गया तबीयत तो खराब नहीं हुई डर के मारे चाबी लेकर खोलकर अंदर आए आज चाचा चाची भी नहीं है अगर तुम्हें कुछ हो जाए तो मुझ पर मुसीबत आ जाती वह वैसे ही हालत में खड़ा हुआ और मेरे करीब आ गया और कहने लगा तुम्हारे घर कोई नहीं है क्या उसकी बात सुनकर मैं और डर गई और ना में सिर हिलाया उसने मेरा हाथ पकड़ लिया बोला तुम मूवी देखना चाहोगी कहकर उसने लैपटॉप की मूवी फिर से चला दी मुझे लगा मुझे यहां से चले जाना चाहिए पर मैं हिल भी नहीं पा रही थी
रूबी की कई बातें मेरे दिमाग में घूमने लगी थी रूबी ने कहा था कि इस लड़के को अपने जाल में फंसा ले उसके कमरे में ड्रिंक की बोतल रखी हुई थी शायद उसने ड्रिंक भी रखी थी उसने कहा तुम ऐसा करना चाहोगी मैं एक बार लैपटॉप देखती एक बार उसकी शक्ल देखती मेरी हालत बहुत खराब थी पर हम दोनों के लवा यह और कोई नहीं था मेरी सहेली और उसकी बातें मेरे दिमाग में थी कि तेरी शादी कभी नहीं होगी ना जाने मुझे क्या हो गया था मैंने हां में सर हिला दिया मैंने कहा हां
करना है पर मैंने यह सब कभी नहीं किया मैं तो अब तक कुंवारी हूं उसने कहा मैं सब कुछ सिखा दूंगा वही कहकर मेरे करीब आ गया और मुझे अपनी बांहों में भर लिया पूरी रात बीतने के बाद मैं अपने घर में आ गई मैं आईने के सामने खड़ी हो गई और अपनी शक्ल देखने लगी सोचने लगी यह क्या कर दिया तूने तू तो अब बदनाम हो जाएगी रूबी के कहने पर यह मैंने कौन सा कांड कर दिया तेरी चाची को पता लग गया तो तुझे घर से निकाल देगी यह लड़का तुझे कोई प्यार नहीं
करता यह तुझसे शादी नहीं करेगा और ना ही कोई दूसरा लड़का करेगा जब उसे पता चलेगा कि तूने क्या काम किया है मेरी आंखों में आंसू भर आए थे मैं रोने लगी थी मेरी आंख लाल हो गई तभी घर की घंटी बजी मैं बहुत डर गई कि कहीं मेरे चाचा चाची तो नहीं आ गए इस हाल में मुझे देख लेंगे तो इसी तरीके से मैंने अपना चेहरा साफ करके दरवाजा खोला तो सामने सूरज खड़ा था मैं बड़ी ही हैरत के साथ उसे देख रही थी कहने लगा मैं अंदर आ जाऊं मैंने हां में सर हिलाया
उसने कहा तुमने मुझे ब्रेकफास्ट नहीं दिया इसलिए आया हूं मेरा चेहरा देखकर वह समझ चुका था कि मैं रो रही थी ब्रेकफास्ट बनाना ही भूल गई थी मैंने कहा बैठो मैं अभी बना देती हूं मैं जल्दी से ब्रेकफास्ट बनाकर ले आई हम दोनों साथ में बैठकर ब्रेकफास्ट करने लगे अचानक सूरज ने मेरा हाथ पकड़ लिया कहने लगा कल की रात बहुत खूबसूरत थी मैं तुम्हारे साथ अपनी हर रात खूबसूरत बनाना चाहता हूं मुझे लगा शायद मुझसे शादी करेगा अचानक कहने लगा मुझे आंचल की याद आ गई थी आंचल का नाम उसके मुंह से सुनकर एक
पल के लिए मैं चौक गई मैंने कहा कौन आंचल उसने कहा मेरी पत्नी उसके मुंह से यह बात निकली ही थी कि मेरी आंखों से आंसू बहने लगे और मैं समझ चुकी थी कि यह लड़का बस मेरे जिस्म का इस्तेमाल करना चाहता है क्यों कि उसकी पत्नी उसके साथ नहीं रहती वह ब्रेकफास्ट करके चला गया था लेकिन मेरा दिल बिल्कुल टूट चुका था मैंने रूबी को फोन करके सारी बातें बता दी रूबी कहने लगी तेरी शादी ऐसे भी नहीं होगी कोई बात नहीं उसकी पत्नी है तो क्या हुआ जब तेरे चाचा चाची सो जाएंगे तो
उसके घर चली जाना कम से कम वो तेरी जरूरत पूरी कर देगा मैंने कहा रूबी क्या बक रही है ऐसे तो मैं बदनाम हो जाऊंगी कहीं मेरे चाचा चाची ने घर से निकाल दिया तो कहां जाऊंगी मैं ऐसी वैसी लड़की नहीं हूं उसने कहा तेरी चाची की वजह से ही तू ऐसे हाल में है ऐसे भी तुझे घर पर वह नौकरानी बनाकर रखी है घर से निकाल देगी तो तू अपनी जिंदगी अपनी मर्जी से जीना अब उसकी बात मेरे दिमाग में घूमने लगी थी फिर जब आज मेरे चाचा चाची सो गए मैं नीचे चली गई
और दरवाजा खटखटाया सूरज ने दरवाजा खोला तो मुझे देखते ही उसकी आंखें चमक उठी मेरा हाथ पकड़कर अंदर खींच लिया और दरवाजा बंद कर दिया और कहा सपना में तुम्हारा ही इंतजार कर रहा था मैं अंदर आई ही थी कि मुझे बाहों में भर कर चूमने लगा मैंने उसे पीछे धकेल दिया और कहने लगी तुम शादीशुदा हो फिर भी मेरे साथ रिश्ता क्यों बनाया यह जानने के लिए मैं आई हूं उसने कहा यह रिश्ते ऐसे ही बनते हैं हम अपनी जरूरत को मिटाने के लिए यह रिश्ते बनाते हैं और तुम तो मेरी गर्लफ्रेंड हो उसकी
बात से मुझे बहुत चोट पहुंची थी मैं जाने लगी और कहा सूरज मैं यह सब नहीं कर सकती उसने कहा रुक जाओ पर मैं ना रुकी मैं अपने घर वापस आ गई मुझे रात भर नींद नहीं आई मैं करवट बदलती रही सूरज के बारे में सोचती रही सुबह-सुबह मेरी नींद लग गई थी करीब सात बज चुके थे अचानक मेरी आंख खुली तो मुझे लगा मैं तो नाश्ता बनाना ही भूल गई जल्दी से उठकर बाहर निकली तो सूरज और मेरे चाचा चाची साथ में बैठे थे नाश्ता कर रहे थे उनको देखकर मैंने कहा चाची मुझे क्यों
नहीं उठाया मेरी तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए नींद नहीं खुली मेरी चाची मुस्कुराने लगी और कहने लगी बेटा यह सूरज तेरा रिश्ता मांगने आ है मैं चाची की तरफ देखने लगी मेरी चाची ने कहा सूरज मेरे बुआ का बेटा है इसकी पत्नी आंचल की मौत के बाद यह बिल्कुल टूट गया था इसलिए बुआ ने इसे यहां भेज दिया था बुआ चाहती थी कि सूरज अपने आप को संभाल ले वह अच्छे से जिंदगी जिए मैंने उसे किराएदार बनाकर इसलिए रखा था कि तेरे साथ उसका रिश्ता हो जाए इसलिए दो टाइम का खाना तेरे हाथ से ही
भिजवा थी और सूरज को तू पसंद आ गई है हम धूमधाम से तुम दोनों की शादी करवाएंगे मैं उन लोगों की तरफ देखने लगी मेरे दिल की मुराद पूरी होने जा रही थी सूरज मुझे देखकर हल्के फूल के चेहरे से मुस्कुरा रहा था मेरी चाची बोली हमें अभी बहुत सारी तैयारी करनी है यह सुनकर मैं भागती हुई अपने कमरे में आ गई थी और भगवान का शुक्रिया अदा करने लगी थी और यूं एक किराएदार की पत्नी बन गई दोस्तों कहानी पसंद आई हो तो लाइक शेयर और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें फिर मिलेंगे एक नई
दिलचस्प कहानी में धन्यवाद h