टेस्ला सदी के वो महान साइंटिस्ट है जिन्होंने दुनिया को इलेक्ट्रिसिटी के हजारों आयाम देकर उजाला किया पर उनकी खुद की जिंदगी अंधेरों से भरी रही ग्रेट माइंड कुछ कर गुजर जाने का जज्बा थॉमस एडिसन से रेवलरी और 300 से ज्यादा इंवेंशंस टेस्ला की जिंदगी के एक पार्ट को डिफाइन करते हैं लेकिन टेस्ला की जिंदगी का एक और आयाम था अकेलापन जिसे उन्होंने दुनिया में तब तक सबके सामने नहीं आने दिया जब तक कि उनकी मौत नहीं हुई 7थ जून 1943 को न्यूयॉर्कर होटल के 33 फ्लोर के रूम नंबर 3327 से मिली उनकी लाश इस बात
का सबूत थी कि परिवार के नाम पर केवल कबूतर ही उनके साथी थे उनके पास ना कोई फाइनेंशियल सिक्योरिटी थी और ना ही बाहरी दुनिया से कोई मतलब अपने आखिरी के 10 साल टेस्ला ने होटल के कमरे में ही बताया लेकिन इतने ब्रिलियंट माइंड और इन्फ्लुएंस पर्सनालिटी वाले इस लेजेंड इंजीनियर की हालत इतनी खराब कैसे हो गई 300 से भी ज्यादा इन्वेंशन पेटेंट कराने के बाद भी वह ऐसी स्थिति में क्यों रहे और आखिर क्यों मॉडर्न इलेक्ट्रिक वर्ल्ड का भविष्य बदलने वाला यह इन्वेंटर खुद अपना भविष्य नहीं बदल पाया 10th जुलाई [संगीत] 18562 ने उसे
चाइल्ड ऑफ डार्कनेस कह दिया लेकिन उसकी मां का बिलीव था कि उनका बच्चा रे ऑफ लाइट बनेगा यह बच्चा कोई और नहीं बल्कि खुद निकोला टेस्ला थे जिसकी किस्मत जन्म से ही रोशनी से जुड़ी गई थी निकोला अपने बड़े भाई से सबसे ज्यादा प्यार करते थे जब वह 5 साल के थे तब घोड़े से गिरकर उनकी मौत हो गई थी और यह एक ऐसी घटना थी जो उनकी जिंदगी भर का ट्रामा बन गई वह कभी इस दर्द से उभर नहीं पाए और कहीं ना कहीं इसी वजह से वह जिंदगी भर अकेलापन भी महसूस करते रहे
कुछ यही हाल उनके मां-बाप का भी था टेस्ला के पापा पेशे से प्रीस्ट थे और उनकी मां क्राफ्ट टूल्स और मैकेनिकल अप्लायंसेज बनाना जानती थी उनकी क्रिएटिव एबिलिटीज एंड मेमोराइजिंग पावर कमाल की थी टेस्ला को भी एबिलिटीज अपनी मां से विरासत में मिली थी भाई के अलावा निकोला की दोस्ती पढ़ाई लिखाई से थी 18625 में शिफ्ट हुए तो वहां उनकी स्कूलिंग स्टार्ट हुई और वह अपनी क्लास के सबसे होशियार बच्चे थे जो हर सब्जेक्ट में ए ग्रेड से पास करते थे टीच भी निकोला के ब्रिलियंट माइंड को अप्रिशिएट करते थे 1870s के लिए कालो वेक
मूव कर गए यहां भी वह फिजिक्स मैथ्स जैसे सब्जेक्ट्स की पढ़ाई करते थे टेस्ला फ्रेंच और जर्मन जैसी भाषाओं को बोलना भी जानते थे ये उनकी इंटेलिजेंस का ही सबूत था कि वोह इंटीग्रल कैलकुलस को अपने दिमाग में ही सॉल्व कर लेते थे उनकी इस एबिलिटी को कई टीचर्स चीटिंग समझते थे लेकिन वो एक ऐसे स्टूडेंट थे जिन्होंने 4 साल की ग्रेजुएशन की पढ़ाई को केवल तीन सालों में ही कंप्लीट कर लिया था उनका इंटरेस्ट इंजीनियरिंग की पढ़ाई की तरफ ज्यादा था लेकिन उनके पापा उन्हें प्रीस्ट बनाने की ख्वाहिश रखते थे फिर अपने बेटे के
सपनों के सामने उन्होंने यह इच्छा भी तोड़ दी जब एक बार निकोला कोलेर या से पीड़ित हो गए इस बीमारी से उनका बच पाना मुश्किल लग रहा था तब बेटे को दर्द में देखकर उनके पापा भी वादा कर बैठे कि अगर वह ठीक हो गए तो वह उन्हें इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए भेज देंगे और हुआ भी ऐसा ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई में मानो निकोला ने जीने की नई उम्मीद झोक दी वो जल्द ही रिकवर हो गए और निकल पड़े उस राह पर जो उन्हें इलेक्ट्रिक इन्वेंशन के करीब ले जाने वाली थी 19 साल की
उम्र में निकोला ऑस्ट्रिया के पॉलीटेक्निक इंस्टिट्यूट में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग पढ़ने चले गए और जल्दी ही वहां के स्टार स्टूडेंट बन गए फर्स्ट ईयर में उनके हाईएस्ट मार्क की बदौलत डीन भी उन्हें स्टार स्टूडेंट कहने से रोक नहीं पाए मगर उनकी यह ब्रिलियंट स्कॉलर की इमेज को भी ग्रहण लगते देर नहीं लगी फिजिक्स की क्लास में एक बार प्रोफेसर से उनकी डायरेक्ट करंट मोटर्स को लेकर कहा सुनी हो गई टेस्ला ने डिजाइन में कई फ्लज होने की बात कह दी उनका मानना था कि अल्टरनेटिंग करंट से मोटर को और एफिशिएंट बनाया जा सकता है लेकिन प्रोफेसर
उनकी बात से सहमत नहीं हुए यह घटना टेस्ला के लिए लाइफ चेंजिंग साबित हुई उन्होंने अपनी ही थ्योरी को प्रूफ करना ही अपना मिशन बना लिया अगले 6 साल टेस्ला एक ऐसी हाइपोथेटिकल मोटर के बारे में सोचते रहे जो अल्टरनेटिंग करंट से चलती हो यह थॉट उनके लिए एक ऐसा ऑब्सेशन बन गया कि वह कॉलेज स्टडीज पर फोकस नहीं कर पाए साथ ही गैंबलिंग के एडिक्शन में फंस गए ऐसे में उन्हें नर्वस ब्रेकडाउन से गुजरना पड़ा और वह कॉलेज से ड्रॉप आउट हो गए इस दौरान उनकी जिंदगी ने कई मुश्किल दौर देखे वह अपने परिवार
से दूर रहे उनके दोस्तों को लगा टेस्ला नदी में डूबकर मर गए और कुछ टाइम बाद उन्होंने अपने पापा को भी खो दिया अमेरिकन टेलीफोन एक्सचेंज में काम मिला यहां उन्होंने ड्राफ्ट्समैन के तौर पर काम करना तो शुरू किया लेकिन उनका माइंड अभी भी इसी करंट थ्योरी पर इतना फोकस था कि एक दिन पार्क में टहलते हुए उनके दिमाग में रोटेटिंग मैग्नेटिक फील्ड के प्रिंसिपल से चलने वाली एसी मोटर का कांसेप्ट आया इमेजिनेशन और मेमोरी पावर तो टेस्ला की कमाल थी ही उन्होंने अपने दिमाग में इस नक्शे को बसा लिया और वह समझ गए कि
यह काम कर सकता है किस्मत ने फिर टेस्ला का रास्ता साइंस की तरफ मोड़ दिया और 18828 इंस्टॉलेशन का था यहां भी टेस्ला के टैलेंट ने ब्रांच मैनेजर को इंप्रेस कर दिया 2 साल की कड़ी मेहनत के बाद वह वक्त भी आया जब टेस्ला को एडिसन की न्यूयॉर्क ब्रांच में वर्क करने का ऑफर मिला जेब में केवल 4 सेंट और एक लेटर ऑफ रिकमेंडेशन लिए अमेरिका आए और जल्द ही उनकी मुलाकात इलेक्ट्रिक बल्ब के इन्वेंटर थॉमस एडिसन से हुई शुरुआती दौर में दोनों ही महान वैज्ञानिक एक दूसरे से काफी इंप्रेस हुए लेकिन यह दोस्ती राइवल
में बदलते देर नहीं लगी एक साथ काम करते हुए जहां टेस्ला को एडिसन के काम करने का तरीका बिल्कुल अजीब लगा क्योंकि वह कई परम्यूटेशन कॉमिनेशन लगाकर वर्क करते थे वही टेस्ला फिजिक्स के फार्मूले से उस काम को कम समय में खत्म कर देते थे यह दो दोनों इन्वेंटर एक दूसरे से काफी अलग थे टेस्ला के सामने $50000 का ऑफर रखते हुए उन्हें एक बेहद ही इंटरेस्टिंग टास्क सौंपा यह काम था डीसी जनरेशन प्लांस में इंप्रूवमेंट्स का एडिसन का कहना था कि अगर टेस्ला इसमें सफल हुए तो वह इनाम के तौर पर उन्हें 50000 डॉलर्स
देंगे एडिसन इस गुमान में थे कि टेस्ला इस नियर टू इंपॉसिबल टास्क को नहीं कर पाएंगे लेकिन उन्हें झटका तब लगा जब कुछ ही महीने के अंदर टेस्ला ने इस काम को हकीकत में बदल डाला टे ला इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए रोजाना सुबह 10 बजे से अगली सुबह 5:00 बजे तक मेहनत करते और ऑफिस में ही सोते अपनी इस कड़ी मेहनत से सक्सेस मिलने के बाद जब वह रिजल्ट्स लेकर एडिसन के पास पहुंचे तो उन्होंने यह कहकर उन्हें पैसे देने से मना कर दिया कि वह तो बस एक अमेरिकन जोक मार रहे
थे इस धोखे और निराशा से अफेक्टेड टेस्ला ने एडिसन की कंपनी को टाटा बाय बाय कर दिया लेकिन यहीं से दोनों के बीच असली राइवल्री की शुरुआत हो गई बल्कि यहीं से एसीडीसी वॉर ऑफ करंट की शुरुआत हुई 1885 में टेस्ला ने खुद की इलेक्ट्रिक कंपनी की शुरुआत करनी चाहि लेकिन यहां भी धोखेबाजी के सिवाय कुछ उनके हाथ नहीं आया दो बिजनेसमैन रॉबर्ट लेन और बीए व्हील ने टेस्ला को अपनी लाइट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी में काम करने के बदले उनके एसी मोटर इंडक्शन में इन्वेस्ट करने का वादा किया टेस्ला ने दिन रात एक करके आक लाइटनिंग
सिस्टम पर काम किया और उनकी इस टेक्नोलॉजी को काफी एप्रिसिएशन भी मिला लेकिन काम खत्म होते ही दोनों बिजनेसमैन ने टेस्ला से पल्ला झाड़ लिया टेस्ला के पास ना तो पैसे बचे थे और ना ही उसका अपने पेटेंट पर कंट्रोल रहा हालात इतने खराब हो गए थे कि टेस्ला को दो डॉलर दिहाड़ी पर गड्ढा खोदने का काम तक करना पड़ा ईयर 18864 र था कितनी ब्रिलियंसी के बाद भी इस महान वैज्ञानिक को बार-बार असफलता धोखे और निराशा से गुजरना पड़ा उनकी इस बदनसीबी को किस्मत का साथ तब मिला जब उसकी मुलाकात वेस्टर्न यूनियन के सुपरिंटेंडेंट
अल्फ्रेड ब्राउन और न्यूयॉर्क अटॉर्नी चार्ल्स पेक्स से हुई टेस्ला के यूनिक आइडियाज और पेटेंट ने चार्ल्स और अल्फ्रेड ब्राउन को इंप्रेस कर दिया इन दोनों ने टेस्ला को फाइनेंशली सपोर्ट करने के साथ उनके पेटेंट को हैंडल करने का जिम्मा उठाया और तीनों ने मिलकर टेस्ला इलेक्ट्रिक कंपनी को एस्टेब्लिश किया टेस्ला अब इंडक्शन मोटर्स बनाने में लग गया और दिन रात की मेहनत के बाद मे 1888 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उसने एसी मोटर का कांसेप्ट दुनिया के सामने रखा यह पहली बार था जब दुनिया ने देखा कि इलेक्ट्रिसिटी केवल बल्ब ही नहीं बल्कि लॉन्ग डिस्टेंस
और लार्ज अप्लायंसेज के लिए भी यूज हो सकती है टेस्ला के इस इन्वेंशन ने कई लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा एक बड़े एंटरप्रेन्योर जॉर्ज वेस्टिंग हाउस भी टेस्ला के एसी विजन से काफी इंप्रेस हुए और उन्होंने इस प्रोजेक्ट को फाइनेंस करने का सिम्मा उठा लिया टेस्ला की सक्सेस जिससे पहले उसके लिए पॉपुलर लेकर आती उससे पहले ही एडिसन की बुरी नजर और चालबाजी इस प्रोजेक्ट के लिए मुसीबत बनकर टूट पड़ी अपने कमर्शियल लॉस का बदला लेने के लिए एडिसन ने एसी करंट के खिलाफ कई डिग्रेडेड कैंपेन चलाए उसने क्रिमिनल को लोगों के सामने करंट
से ती कुर्सी पर बैठाकर मरवा दिया और इसके मरने की वजह एसी करंट को बताया कुछ ऐसा ही उन्होंने 24 कुत्तों हॉर्स और एक फीमेल एलीफेंट के साथ भी किया ताकि लोगों में एसी के खिलाफ डर का माहौल पैदा हो सके शुरुआत में उनकी यह चाल काम भी आई लेकिन वक्त के साथ लोग भी समझ गए कि एसी पावर ही इलेक्ट्रिसिटी वर्ल्ड का फ्यूचर है उनकी इन्वेंशन को टेलीफोन के बाद सबसे इंपॉर्टेंट इन्वेंशन माना गया इस का नतीजा यह हुआ वॉर ऑफ करंट में आखिरकार जीत टेस्ला को मिली अपने करियर के पीक पर टेस्ला ने
तीन जाइगर जनरेटर को भी डिजाइन किया जिसका काम नाइग्रा फॉल से 500 हॉर्स पावर जनरेट करना था जाहिर है ये एक बड़ी अचीवमेंट थी क्योंकि आधी से ज्यादा दुनिया तब ऑयल लैंप चला रही थी इस इन्वेंशन ने टेस्ला को रिन्यूएबल एनर्जी की फील्ड में पायनियर बना दिया लेकिन अभी भी उनकी मुसीबतें खत्म नहीं हुई क्योंकि वेस्टिंग की कंपनी लाखों के कर्ज में थी दुनिया के पास पैसा नहीं था लेकिन ऐसे में उनके दोस्त वेस्टिंग हाउस ने कंपनी को बचाने के लिए कंपनी में टेस्ला से कुछ रॉयल्टीज कम करने की मांग की जिस पर बिना कुछ
सोचे टेस्ला ने अपने कांट्रैक्ट को फाड़ दिया और लाखों करोड़ों की रॉयल्टीज को जाने दिया वह ग्रेटफुल थे कि वेस्टिंग हाउस ने उन पर तब विश्वास किया जब किसी ने उनका साथ नहीं दिया और इसी दोस्ती के नाते उन्होंने अपने 300 मिलियन डॉलर को यूं ही जाया कर दिया टेस्ला के लिए पैसा कभी मायने नहीं रखता था और ना ही वह कभी फाइनेंशियल सिक्योरिटी को तवज्जो देते थे वह जो भी कमाते थे उसकी पाई पाई अपने इन्वेंशन पर लगा देते थे और यही वजह थी कि उनकी उम्र के आखिरी पड़ाव तक वह गरीबी और अकेलेपन
से जूझते रहे हालांकि इस दौरान उनके 300 पेटेंट ऐसे रहे जिसने उन्हें लाइमलाइट में बनाए रखा जैसे कि उनके द्वारा व्हीकल्स के लिए बनाई गई टेस्ला टरबाइन भी काफी पॉपुलर हुई इसके अलावा उन्हें एक्सरे टेक्नोलॉजी का पायनियर भी कहा गया वह पहले इंसान बने जिन्होंने बताया कि एक्सरे ह्यूमन बॉडी के लिए खतरनाक हो सकता है अपने टाइम से बहुत आगे वह पहले ऐसे साइंटिस्ट थे जिन्होंने 18982 को कंट्रोल किया इन सभी डिवाइसेसपोर्ट ज इलेक्ट्रिसिटी प्रोड्यूस कर स सकती थी इसके जरिए टेस्ला समझ पाए थे कि वह पावरफुल रेडियो सिग्नल सेंड और रिसीव कर सकते थे
पावरफुल रेडियो सिग्नल प्रोजेक्ट पर वह कई सालों से काम कर रहे थे इस इन्वेंशन को वह ब्रॉडकास्ट भी करने वाले थे लेकिन उससे पहले ही लेबोरेटरी में आग लग गई और उनकी इन्वेंशन आग की चपेट में राख हो गई इस डिजास्टर ने केवल टेस्ला की रिसर्च ही नहीं जलाई बल्कि उनके रादों पर भी पानी फेर दिया यह वह घटना थी जिसने टेस्ला को तोड़कर रख दिया उनकी रेडियो सिग्नल की सारी खोज धुआ हो गई यहां से उनका बुरा वक्त शुरू हो गया कुछ सालों बाद मार्कोनी ने टेस्ला के 17 पेटेंट को इस्तेमाल करके दुनिया का
पहला रेडियो मैसेज भी भेजा इसके लिए टेस्ला ने मार्कोनी को कोर्ट में सू भी किया लेकिन इस केस में टेस्ला को जीत अपनी मौत के बाद ही मिल पाई नो डाउट टेस्ला की ब्रिलियंसी अनमैचेबल थी वह अपने टाइम से काफी आगे थे उस जमाने में भी वह वायरलेस कम्युनिकेट स्शन पर काम कर रहे थे और न्यूयॉर्क के बाहर एक वायरलेस ट्रांसमिशन स्टेशन बना रहे थे यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट था वह एक ऐसी दुनिया को इमेजिन कर चुके थे जहां लोग वायरलेस मैसेज सेंड और रिसीव कर सकते थे लेकिन लेबोरेटरी में लगी आग के बाद ना
उनके पास फाइनेंशियल बैकिंग थी और ना ही कोई इन्वेस्टर टेस्ला के पास कोई रास्ता नहीं था आखिरकार उन्हें अपने इस प्रोजेक्ट को बंद करना पड़ा और बाकी बची हुई जिंदगी होटल रूम में बितानी पड़ी टेस्ला की जिंदगी बताती है कि इतनी ब्रिलियंसी के बाद भी उनकी जिंदगी संघर्ष और कांटों से भरी रही वह कई बार अनलकी भी रहे लेकिन कई बार बुरे हालात के जिम्मेदार वह खुद भी थे क्योंकि वह कैपिट नहीं थे मनी फेम से ज्यादा वह ह्यूमैनिटी के बेटरमेंट और साइंस के लिए काम करते रहे और शायद इसीलिए उनके मरने के बाद ही
लोग उनकी इंटेलिजेंस की कदर कर पाए इसी के साथ हम आपसे विदा लेते हैं उम्मीद है आपको यह वीडियो जरूर पसंद आया होगा आप इस वीडियो को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना बिल्कुल भी ना भूले साथ ही इस चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर दें