अस्सलाम वालेकुम कैसे हैं आप लोग उम्मीद है खैरियत से होंगे जहां होंगे खुश होंगे अल्लाह ताला ऐसे ही खुश रखे सेहत वाली लंबी उम्र दे जितने लोग भी परेशान है अल्लाह ताला उनकी परेशानियां दूर फरमाए जितने लोग बीमार हैं अल्लाह ताला उन्हें सेहत दे और जितने लोग इस दुनिया से रुखसत हो चुके हैं अल्लाह ताला उनकी बख्श फरमाए यार आप लोगों को सफर की स्टोरीज बहुत पसंद है आप लोगों को सुनना भी बहुत अच्छा लगता है और मेजॉरिटी मुझे सफर की ही स्टोरीज आती हैं क्या बात है कमेंट में जरूर बताइएगा ये सफर की स्टोरीज
किन-किन लोगों को ज्यादा पसंद है तो एक और स्टोरी जो मैं आज आपसे शेयर करने वाला हूं यह भी बहुत खौफनाक स्टोरी है स्टोरी शुरू करने से पहले आयतल कुर्सी पढ़ लें अपने आसपास हिसार बांध लें लाइट्स ऑफ कर लें हैंड फ्री लगा के आंखें बंद कर लें और अगर आपको डर लगता है तो लाइट्स ऑन ही रहने दें कि शायद यह स्टोरी सुनने के बाद आपको डर लगने लगे और अगर आप अपने काम निपटा करर अपने बिस्तर पर लेट गए हैं तो फिर तो ठीक है लेकिन अगर आपने अभी भी कोई काम करने बाहर
जाना है तो पहले वह काम कर लें क्योंकि शायद यह स्टोरी सुनने के बाद आपका बाहर जाने का दिल ना करे तो चलते हैं अपनी स्टोरी की तरफ अस्सलाम वालेकुम पदान क्या हाल है मैं आपका बहुत बड़ा फैन हो मैंने आपको 20000 सब्सक्राइबर के बाद देखना शुरू किया था मेरा तालुक रावलपिंडी से है जो वाकया मैं आपको बताने जा रहा हूं वो एक सफर का वाकया मेरे एक भाई तीन बहन हैं और सारी बहने मुझ से छोटी है यह बार 2022 की है हमारी पपू के बेटे की शादी थी तो हमें लाहौर जाना था और
फिर लाहौर से अटक जाना था बारात के लिए हमारी अपनी गाड़ी थी हमने फैसला किया कि सुबह जल्दी निकलेंगे लेकिन बाबा ने कहा कि मेरा दफ्तर का कुछ काम है जो मुझे करना है और तुमने भी अपने बच्चे पढ़ाने हैं क्योंकि अकेडमी का काम था मेरा मैंने घर में अकेडमी खोल रखी थी और ट्यूशन पढ़ाता था तो बाबा ने कहा कि तुम बच्चे पढ़ा लो और मैं भी कुछ दफ्तर का काम कर लेता हूं फिर मैं अकेडमी से 8 बजे तक फारिग हो गया और घर में वालिदा और बहने तैयार हो रही थी हम 11
बजे के बाद ही घर से निकले थे और अभी हम मोटर वे पर नहीं चढ़े थे कि हमें पता चला कि धुन की वजह से मोटर वे बंद है बाबा ने कहा कि जीटी रोड से चलते हैं अब मैं जीटी रोड पर गाड़ी लेकर चढ़ गया और हम जा रहे थे तकरीबन 10 मिनट बाद ट्रक को ओवरटेक किया तो ता साफ कर रहे थे कि अचानक कुछ गाड़ियां उसी रोड से वापस आती हुई नजर आई मैंने उनसे पूछा कि क्या मसला इन्होंने बताया कि आगे कंस्ट्रक्शन चल रही है अदान भाई हमने सोचा कि वापस चलते
हैं और कल सुबह निकलेंगे लेकिन अब्बू ने कहा कि बेटा मोबाइल का मैप ऑन कर लो अब मैं आपको बताता हूं कि हमारे वालिद के पास नकिया का मोबाइल था और इन् मोबाइल या इस तरह की चीजों का कुछ इल्म नहीं था और ना ही मेरी वालिदा को इनका मकसद यह था कि नक्शे में कोई लोकेशन चेक करो और हमें लाओ और पहुंचाओ मैंने मैप चेक किया तो हमारे पास ही एक लोकेशन आई जो कच्चा सा रास्ता था जो आगे जाकर जीटी रोड से मिलना था मैंने वह लोकेशन लगा दी अब उस कच्छे रास्ते पर
गाड़ी डाल दी अब अदान भाई में बैठा हुआ था और गाड़ी सुनसान रास्ते पर जा रही थी गाड़ी का माहौल ऐसा था कि मेरे साथ वाली सीट पर अम्मी बैठी थी और पीछे अब्बू और बहन बैठी थी अब यह हुआ कि चलते चलते मुझे लगा शायद गाड़ी के पीछले टायर में हवा कम होती जा रही है और वह फूल चुका है घर वाले तो सब सो रहे थे मैं उठा और बाहर निकला गाड़ी में हीटर ऑन था ठंड का कुछ पता नहीं था लेकिन जब मैं बाहर निकला तो काफी ठंड थी तो दोबारा गाड़ी में
आया जैकेट लिए और फिर बाहर निकला टायर चेक किया तो पता चला कि टायर में हवा नहीं थी यह हुआ कि जैसे ही मैं नीचे बैठा था मुझे लगा मेरे पास कोई आकर खड़ा हो गया अब उस जगह पर ना कोई बंदा था और ना ही किसी की मौजूद कीी सच में मैंने हिम्मत की और खड़ा होकर देखा तो व मेरे वालिद साहब थे मैंने अब्बू से पूछा क्या हुआ आप गाड़ी में जाओ बाहर बहुत ठंड है गाड़ी पंचर हो गई है अब्बू ने अपनी कमर नीचे की हुई थी जैसे जई बूढ़े लोगों की कमर
होती है वैसे ही मैंने अब्बू से पूछा कमर को क्या हुआ तो हंस-हंस के बता रहे थे कि बस बैठे-बैठे ऐसा हो गया अनान यकीन करें वह उस अंदाज में बता रहे थे जैसे कुछ खास ना हो मैंने कहा चले गाड़ी के अंदर बैठकर बात करते हैं अब जो वाकया मैं बताने जा रहा हूं वह बहुत खौफनाक है तो तवज्जो से सुनो अब्बू ने मुझे गाड़ी की डिगी वाली तरफ खड़ा किया और मैं उनसे बात कर रहा था इन्होंने कहा तुम गाड़ी में जाओ मैं आता हूं जब मैं गाड़ी में बैठा तो जो मंजर मैंने
देखा वह मेरी अकल को भी हैरान कर देने वाला था गाड़ी में तमाम फैमिली मेंबर्स सो रहे थे और अब्बू भी मैं यह देखकर बहुत हैरान हुआ फौरन गाड़ी लॉक की और स्टेयरिंग पर सर रखकर नीचे झुक गया मेरा दिमाग तेजी से सोच रहा था कि अगर अब्बू बाहर नहीं थे तो वह जो बाहर था वह कौन था सारी फिल्म मेरी आंखों के सामने चल रही थी फिर अब्बू ने उठकर पूछा क्यों रोकी मैंने कहा टायर पंचर हो गया फिर मैंने कहा कि अब्बू जिस तरफ आप लोग बैठे हैं उस तरफ का टायर फूल गया
आप एक काम करें बहन को अम्मी की गोद में करके उस तरफ ज्यादा वजन डाले ताकि गाड़ी का दवाज ठीक हो जाए और मैं गाड़ी चलाता हूं देखते हैं शायद आगे जाकर किसी वर्कशॉप पर गाड़ी ठीक हो जाए अब्बू ने मेरी बात मान ली और ऐसा ही किया गाड़ी में सारी फैमिली मेंबर्स उठ गए और मैंने ने गाड़ी स्टार्ट की लेकिन गाड़ी स्टार्ट नहीं हो रही थी मैंने कई बार कोशिश की लेकिन फिर अब्बू ने कहा मैं बाहर जाकर देखता हूं क्या हुआ है अनान जो कुछ भी मैंने इस वक्त महसूस किया वह सब बहुत
अजीब था अब मैं खुद भी डर रहा था अगर मैं इन्हें बता देता तो वह भी खौफ जदा हो जाते फिर मैंने खुद ही गाड़ी से बाहर निकला और कलमा पढ़ते हुए मेने अब्बू को बुलाया और कहा कि आप टॉर्च ले बाहर आएंगे ताकि देख सके कि आखिर क्या मसला है अबू जब बाहर आए तो इनके चेहरे पर ऐसा रद्दे अमल था कि मुझे लग रहा था कि वह भी अंदर खौफ जदा है इस दौरान मैं गाड़ी की हालत चेक कर रहा था कि अचानक मेरी अम्मी ने चीक करर कहा जल्दी गाड़ी में आओ हम
दोनों फौरन गाड़ी में वापस आ गए मैंने अम्मी से पूछा कि क्या हुआ तो अम्मी ने बताया कि बाहर एक बहुत बड़ी क दमत का मर्द नजर आया जिसके कान खरगोश जैसे लंबे थे और इसकी नाग नहीं थी सुनकर मेरी बहने भी खौफ जदा हो गई अब मसला यह है कि गाड़ी का बोनट भी खुला हुआ था और हम बाहर भी नहीं जा सकते थे क्योंकि बोनेट नीचे था और कुछ भी सामने नहीं दिखाई दे रहा था अब्बू ने कहा कि क्या हम सुबह तक यहां बैठे रहेंगे मैं जाकर देखता हूं गाड़ी अल्लाह के रहम
से ठीक हो जाएगी मैंने कहा नहीं सबको साथ जाना होगा मैं फिर उतर रहा हूं गाड़ी से अब्बू भी उतरे और हम दोनों गाड़ी की हालत च चेक करने गए लेकिन सब कुछ ठीक था गाड़ी नई होंडा [संगीत] के मेरे साथ भी कुछ पुसर वाक्यात हो चुके थे उस दौरान मेरी वालिदा और बहने आयतल कुर्सी और बिस्मिल्लाह पढ़ रही थी मैंने फिर से गाड़ी स्टार्ट की और इस बार गाड़ी चलने लगी सांस में सांस आई मगर थोड़ा आगे जाकर ऐसा लगा जैसे गाड़ी में वजन बढ़ गया गाड़ी 15 या 20 की रफ्तार से ज्यादा नहीं
जा रही थी मैंने बहुत कोशिश की एक्सलेटर पूरी तरह दबा दिया मगर कोई फायदा ना हुआ और गाड़ी दोबारा बंद हो गई अदनान हमारी गाड़ी का शीशा मुकम्मल तौर पर काला था क्योंकि मैं खुद ही शीशा से आ करवा लेता था ताकि बाहर का कोई शख्स कुछ भी ना देख सके उस पर अब्बू ने कहा कि गाड़ी यहां रोको हम गाड़ी में ही रहेंगे जब तक कोई राहगीर यहां से ना घुस रे इस बात पर अम्मी ने अब्बू से कहा कि क्या कह रहे हैं यहां कौन गुजरेगा यह बात मामूली सी थी लेकिन इस पर
अम्मी और अब्बू की इ इतनी तकरार हुई कि अब्बू गाड़ी से उतर कर बाहर चले गए और सिगरेट जला ली हमने गाड़ी का शीशा थोड़ा नीचे किया था ताकि अब्बू जो डिग्गी के पास खड़े थे इन्हें बेहतर नजर आ सके लेकिन फिर अब्बू ने जो किया वह बिल्कुल गैर मामूली था अब वो अचानक गाड़ी के सामने वाले कच्चे रास्ते की तरफ दौड़ने लगे उस वक्त जो सूरते हाल थी वो बयान से बाहर है अल्ला किसी को ऐसी सूरते हाल में ना डाले अब मैं जल्दी से गाड़ी से टॉर्च लिए और अपना वेपन ले आया और
बाहर निकला ताकि खुद को महफूज रख सकूं जब मैंने टॉर्च जलाई तो देखा कि अब्बू काफी आगे जा चुके थे मैंने उनके पीछे दौड़ लगा दी और भागते भागते मेरा मोबाइल गै गिर गया जिसके जरिए मैं अपनी फैमिली से राबता करना चाहता था अब मैं अब्बू के पास पहुंचा इन्हें पकड़ा और बहुत जोर से गले लगा लिया अब्बू ने मुझे गुस्स से देखा ऐसा गुस्सा मैंने कभी उनकी आंखों में नहीं देखा था फिर अचानक अबू बेहोश हो गए मैंने इन्हे कांधे से सहारा देकर उठाया और गाड़ी की तरफ रवाना हो गया वह अंधेरा हल्की हल्की
धुन और यह तमाम हालात मैंने अब्बू को नीचे बिठाया और थोड़ा सा सांस लिया तब मुझे मोबाइल की याद आई मैं खुद तलाश करने की कोशिश कर रहा था लेकिन उस दौरान में अब्बू को संभाल रहा था अचानक मुझे हंसी की आवाज सुनाई दी और ऐसा लग रहा था जैसे कोई मुझे मुसीबत में डालकर हंस रहा है और मेरे साथ मजाक कर रहा हो जैसे मुझे थप्पड़ मार रहा हो अब मैंने फौरन उठकर चार से पांच हवाई फायर किए और यकीनन अगर आप भी वहां होते तो आप भी यही करते वो लाइसेंस गंद थी फिर
मैं उसी रास्ते पर चलने लगा और चलते चलते देखा कि मेरी गाड़ी का दरवाजा खुला हुआ था मैं तेजी से कदम बढ़ाने लगा और जैसे ही वहां पहुंचा मुझे एक नया मसला दरपेश था अब मैं आपको बताता हूं कि अब मैं जब अब्बू के पीछे भाग रहा था तो गाड़ी में मेरी फैमिली मेंबर्स के साथ क्या हुआ था मेरी बहन और अम्मी गाड़ी में नहीं थी मैंने उनसे पूछना चाहा कि क्या हुआ मगर उस वक्त मेरे पास वक्त नहीं था बात सुनने का तो मेरे अब्बू को गाड़ी में बिठाकर बहनों को तसल्ली देकर गाड़ी को
लॉक किया और अम्मी को ढूंढने निकल पड़ा मेरे पास एक जबरदस्त टॉर्च थी जिसकी मदद से मैंने नीचे पैर के निशान देखे और झाड़ियों की तरफ देखा फिर मैं उसी तरफ निकल गया अब मुझे लग रहा था कि जो कुछ मेरे साथ हो चुका था वह सब मेरे दिमाग में गूंज रहा था और मेरे जिस्म में लरज आ रहा था मैं अम्मी को काफी देर तक ढूंढता रहा और फिर मुझे ऐसा लगा जैसे मेरी अम्मी मुझे बुला रही हो और वह झाड़ियों से निकलकर जंगल वाली तरफ से मुझे आवाज दे रही हूं मैं फौरन दौड़ा
और जब वहां पहुंचा तो मैंने जो मंजर देखा व मेरी जिंद का सबसे खौफनाक मंजर था मेरी अमी मट्टी में दफन हो चुकी थी और वह चीख मार रही थी पीछे की तरफ देख रही थी और उंगली से कुछ दिखा रही थी अदनान जब मैं मुड़कर देखता हूं तो जो मंजर मेरी आंखों के सामने आया वह ऐसा था जिसे बयान करना भी मुश्किल है वह मर्द जिसे मेरी अम्मी ने पहले देखा था इंतिहा अजीबो गरीब हुलिया था उसके कान इतने बड़े थे कि वह उसके अंगूठे तक पहुंचते थे और उसका चेहरा बिल्कुल गोल था यानी
उसका कोई चेहरा नहीं था वह इंसानों से बहुत ज्यादा लंबा था और उसकी मौजूदगी में कुछ ऐसी वहशत थी जो लफ्जों में बयान नहीं की जा सकती अब जो मैं कहना जा रहा हूं अगर कोई बहुत नर्म दिल का शख्स यह सुन रहा हो तो मैं उसे तजवीज करूंगा कि वह थोड़ी देर के लिए रुक जाए क्योंकि मंजर बहुत डरा देने वाला था मैंने अपनी बहन को खो दिया था उसे मार चुका था ये मंजर देखकर मैंने अपनी वेपन निकालने की कोशिश की लेकिन मेरा जिस्म और मेरा जहन सकत हो गए और मुझे कुछ समझ
नहीं आ रहा था मेरी जान में जान नहीं रही थी और फिर मैं बेहोश हो गया मुझे होश आया मैंने खुद को अपनी गाड़ी में पाया मैंने अपनी एक बहन से पूछा कि क्या हो रहा है तो इसने बताया अब्बू को होश आ चुका था और वह तुम्हें ढूंढकर गाड़ी में ले आए अब वो अम्मी को ढूंढने गए मैंने उठकर बाहर का जायजा लिया सामने एक खुला हुआ रास्ता था जिसके दोनों तरफ जंगल ही जंगल था मेरे पांव में इतना दर्द हो रहा था कि मैं ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था और
अगर पांव नीचे रखो तो मेरे पंजों में शदीद दर्द होता था मैं बड़ी मुश्किल से उठा लेकिन हर दफा दिल करता था कि दोबारा लेट जाऊं मेरी नजर पड़ी तो अब्बू अम्मी को उठाकर ला रहे हैं मैं गाड़ी से बाहर निकला और बड़ी मुश्किल से चलकर अब्बू के पास पहुंचा अब्बू ने बताया कि अम्मी को होश आ गया मगर मदहा नहीं मिल रही जो मेरी बहन थी और जिसको वह मार चुका था अब यह हुआ कि हमने फैसला किया कि यहां से हम वापस नहीं जा सकते क्योंकि हमारी बहन मधि अभी भी जंगल में है
अम्मी ने कहा वो उधर है दोबारा मैं उसको बचाओ वो उसे मार ना दे बचाओ उसको अम्मी की बातों से मेरे दिमाग में खौफनाक ख्याल आया कि क्या मैंने जो रात को देखा वो सच था या फिर मेरी नजर का धोखा था और अल्लाह करे वह सिर्फ धोखा हो अब वो और मैं मिलकर जंगल में निकले और ढूंढते ढूंढते हम पता नहीं कहां पहुंच गए हमें एक घर नजर आया जिस पर दस्तक दी मगर कोई जवाब ना आया व घर बिरान था हम थोड़ा और आगे बढ़े तो हमें एक खंडरई निकल आई थी हम बहुत
देर से ढूंढ रहे थे और जब हम उसको ढूंढ के करीब पहुंचे तो मुझे एक अजीब मंजर दिखाई दिया वह जगह दरबार नहीं बल्कि एक मंदिर की तरह थी जिसमें कुछ भी नहीं था वह जगह बिल्कुल खाली थी और जब हम उस जगह तक पहुंचे मेरी बहन मतिया वहां पड़ी हुई थी मैं आपको क्या बताऊं उस वक्त हमारी हालत ऐसी थी कि खुदा किसी दुश्मन के सामने भी ऐसी हालत ना लाए हमने मतिया को मेरी जैकेट से ढाब दिया और मैं और अब्बू उसे गाड़ी की तरफ लेकर चल पड़े अब्बी की हालत ऐसी थी कि
वह कुछ बोल नहीं पाए बस खामोशी से चलते जा रहे थे मैंने मदि को पीछे रखा और अम्मी का मोबाइल लिया अम्मी ने पूछा अब्बू कहां है मैंने कहा वह रास्ते में है अबू अपना मोबाइल दो मैं 15 पर कॉल करता हूं अब मैं मुसलसल कॉल करने की कोशिश कर रहा था लेकिन अदान मेंही वहां सिग्नल नहीं आ रहे थे मैंने अम्मी को बताया आप गाड़ी में बैठे मैं आगे तक चलकर देखता हूं कि कहीं सिग्नल मिले तो कॉल करता हूं थोड़ा आगे जाने के बाद सिग्नल मिल गया और मैंने कॉल की सबसे पहले अपने
दोस्तों को इला दी क्योंकि हम इतनी दूर नहीं गए थे और मेरा दोस्त वहां आ सकता था मैंने उनको लोकेशन सेंड की और कहा जितना जल्दी हो सके आ जा दान भा बड़ा खुशनसीब होता है वह जिसके दोस्त अच्छे होते हैं मेरा दोस्त बहुत जल्द आ गया था मैंने 15 पर कॉल की और इन्हें लोकेशन बताई तो इन्होंने कहा इस जगह से 20 से 25 किलोमीटर आगे चौकियां लगी है वहां से हम किसी बंदे को भेजेंगे आप परेशान ना हो जैसे ही मैंने कॉल बंद की मुझे पीछे से रोने की आवाज आई मैंने मुड़कर देखा
तो मेरी वालिदा और बहन ने मधय का मुर्दा जिस्म देख लिया था मैं फौरन वहां गया और इन्हें हौसला दिया तकरीबन 7:00 बजे तक मेरा दोस्त मेरे पास था वह भी देखकर बहुत डर गया परेशान हो गया कुछ ही देर में पुलिस भी पहुंच गई हमने सारा वाकया बयान किया और एक दोस्त ने हमारी फैमिली को वहां से निकाल लिया फिर हमने 1122 को बुलाया और इन्होंने मदि को रखा और एक दोस्त 1122 वालों के साथ निकल गया हम पीछे अपनी गाड़ी में थे पुलिस वालों ने हमें अपनी गाड़ी में बिठाया और मेरे दोस्त ने
मेरी गाड़ी को पुलिस की गाड़ी के साथ छोड़कर ले आया सब हो गया जनाजा वगैरा जब मैंने मस्जिद का मुलाना को यह वाकया बताया तो उन्होंने कहा जो पहली मखलूक तुम्हारे पास आई थी व एक चलाक जिन था जिसने तुम्हारे अब्बू पर रोप डाला फिर वहां पर बहुत सारी मखल जिन्हे हम नहीं देख सकते थे जब मैंने फायर किया था तो उससे जो फायरिंग हुई थी उससे उन मखलूक को तकलीफ पहुंची थी और उसने बदला लिया मेरी बहन को मारकर अब अदान भाई मैं आपको बताऊं कि जब मैं अपने अब्बू का पीछा कर रहा था
तो गाड़ी में क्या हुआ गाड़ी में ऐसा महसूस हो रहा था कोई कभी एक तरफ से कभी दूसरी तरफ से गाड़ी को मार रहा है जिसे मेरे घर वाले बहुत डर गह थे जब मैंने फायर किया तो मेरी वालिदा भी डर गई कि अल्लाह करे कोई डाकू या चोर ना हो फिर अचानक मेरी बहन गाड़ी से उतरी और जंगल की तरफ दौड़ गई और मेरी वालिदा भी उसको पीछा करने लगी वह मोबाइल जो मेरा गिरा था वह तो मिल गया था लेकिन उस पर ऐसा पंजों का निशान था कि मैं बयान नहीं कर सकता अल्लाह
आपको सलामत रखे यह थी मेरी कहानी अपने चैनल पर लाजमी शेयर कीजिएगा बहुत शुक्रिया आपने अपनी स्टोरी हमसे शेयर की आपकी बहन का बहुत अफसोस है अल्लाह ताला उसके दर्जा बुलंद फरमाए और जन्नत फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए आमीन बढ़ते हैं एक और स्टोरी की तरफ अस्सलाम वालेकुम अदान उम्मीद करता हूं आप खैरियत से होंगे अल्लाह पाक आपको हमेशा खुश रखे और सलामत रखे आमीन मेरा नाम हैदर है और मैं सियालकोट से हूं मैं और मेरा एक दोस्त फजन आपकी कहानियां ड्यूटी के दौरान सुनते रहते हैं जब तक हम आपकी कहानी ना सुने हमारी
ड्यूटी का वक्त गुजरता नहीं एक एयर बर्ड फैजान ने लगाया हुआ होता है और एक मैंने हम आपकी कहानियां बहुत एंजॉय करते हैं बहुत शुक्रिया मैं अपनी कहानी की तरफ आता हूं मैं एक गांव से हूं और मेरे गांव से कुछ दूर एक जंगल है यह बात रमजान की है कि हम तीन दोस्त मैं फेजन तैयब रोजाना इशा की नमाज पढ़कर और कुछ तरावी पढ़कर मस्जिद से बाहर आ जाते थे फिर एक दुकान से बोतल निमको और सिगरेट वगैरह लेकर एक मुर्गी फार्म वाले रास्ते पर चले जाते वहां एक सड़क बनी हुई ईटों की थी
जो जंगल की तरफ जाती थी जहां रात के वक्त कोई भी नहीं होता यह एक पुस रार और टूटा फूटा रास्ता था जहां बैठकर गपशप लगाते और सखड़ पीते थे उस जगह से तकरीबन सात आठ एकड़ दूर जंगल शुरू होता है जंगल की लोकेशन बता दूं कि व ू रोड पर वाकया है और इसके पीछे हमारे गांव की अ दूध है खैर एक रात हम तीनों दोस्त बैठे हुए थे हमने सिगरेट जलाई और बातें करने लग गए बातों-बातों में ड्रोनी बातें शुरू हो गई मेरे दोस्त फैजान ने कहा कि वह किसी भी चीज से नहीं
डरता तैयब ने कहा तो फिर 10 मिनट जंगल के अंदर रहकर दिखा कल का डिनर मेरी तरफ से होगा जहां तू कहेगा फेजा ने फौरन मान लिया वो बहुत बहादुर था व वाकई जंगल की तरफ जाने लगा मैं और तैयब वहां बैठकर देखने लगे हमने इससे बहुत मना किया कि ना जाओ रहने दो लेकिन उसने कहा अब जाकर दिखाऊंगा चांद की रोशनी से सब कुछ नजर आ रहा था और जंगल सामने दिखाई दे रहा था फैजान हमारे सामने ही जंगल में चला गया मैं आपको बताता चलूं यह जंगल बहुत बड़ा है फजन को गए हुए
15 मिनट हो गए थे लेकिन लेकिन वो वापस नहीं आया हमें परेशानी होने लगी कि अब क्या करें हमने फजन को कॉल की रिंग जा रही थी लेकिन वो कॉल नहीं उठा रहा था मुझे और तैयब को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि हम क्या करें और हम में हिम्मत भी नहीं थी कि जंगल के अंदर जाए फजन भी हमारी वजह से क्या था अब उसे गए हुए 30 मिनट हो चुके थे और हमसे मजीद सबर नहीं हो रहा था हमने हिम्मत की और जहां से वो गया था हम भी वहां से जाने लगे
जब हम जंगल के अंदर दाखिल हुए तो चांद की रोशनी भी गायब हो गई दरख्त इतने घने थे कि रोशनी अंदर नहीं आ रही थी मैं और तैयब बहुत ज्यादा डर गए हम आयतुल कुर्सी पढ़कर अपने ऊपर फूंकने लगे हम दोनों ने अपने मोबाइल की टॉर्च ऑन की हुई थी जंगल से अजीब सी आवाजें आ रही थी जैसे गीदड़ आवाज निकालता है वैसी ही आवाजें आ रही थी मैं क्या बताऊं आपको ऐसा लगा जैसे दिल बंद हो जाए और वहीं गिर जाए यह मंजर इतना खौफनाक था कि बयान नहीं कर सकता अब हम एक दूसरे
का हाथ पकड़कर आगे चलने लगे हमें ऐसा महसूस हो रहा था जैसे कोई हमारा पीछा कर रहा हो हमें लगा शायद फेजन हमें डरा रहा है मैं और तैयब ने पीछे मुड़कर देखा लेकिन वहां कोई नहीं था हमने डरती हुई आवाज में कहा फेजन हमें मत डराओ हम बहुत डरे हुए हैं सामने आ जाओ और वापस चलो लेकिन कोई जवाब नहीं आया फिर हमें लगा कि हमारे दाएं तरफ कुछ फासले पर किसी दरख्त के पास कोई हमें देख रहा है हमने वहां रोशनी की लेकिन वहां कोई नहीं था अब हमारी हिम्मत खत्म होने लगी और
खौफ से हालत बहुत बुरी हो रही थी अब जो मैं आपको बताने वाला हूं आपको यकीन नहीं होगा लेकिन यह सच है हमारे सामने जंगल में अंदर एक औरत खड़ी थी इसके बहुत लंबे बाल थे पाव पीछे की तरफ थे आंखें मुकम्मल सुर्ख थी उसका चेहरा अल्लाह माफ करे बहुत ड्रॉना था इसके हाथ पीछे की तरफ मुड़े हुए थे और वह एक अजीब अंदाज में दरख्त के पास खड़ी थी हमने इसे देखते ही चीख मारी और और पूरी ताकत से भागते हुए जंगल से बाहर निकल गए कुछ फासले पर मुर्गी फार्म था वहां से कुछ
लड़के हमारी चीखने की आवाज सुनकर बाहर आए हम उनके पास जाकर गिर पड़े इन्होंने में पानी वगैरह पिलाया और थोड़ा सा सुकून दिया उस वक्त रात के 11:00 बज चुके थे हमने उन सबको पूरी बात बताई तब तक घर से भी कॉल्स आना शुरू हो गई मैंने बताया कि मामला पेश आया फेजन के घर वाले और गांव के कुछ लोग हमारे पास पहुंच गए काफी लोग इकट्ठे हो गए और वो फेजन को ढूंढने के लिए जंगल में चले गए मेरी और तैयब की हालत बहुत खराब हो चुकी थी हमें घर ले जाया गया मेरे चचा
ने बताया कि जब व सब जंगल पहुंचे तो इन्होंने फेजन के मोबाइल पर कॉल की कॉल की आवाज जंगल से आ रही थी व आवाज का पीछा करते करते फैजान तक पहुंचे जो कुछ फासले पर जंगल के अंदर बेहोश पड़ा हुआ था घरवालों ने हमें बहुत डांटा तीन चार दिन बाद फैजान से मुलाकात हुई तो हमने पूछा तुम कहां रह गए थेन ने बताया जब मैं जंगल के अंदर गया तो मुझे एक बहुत ही प्यारी खुशबू आई मैं उस खुशबू के पीछे चलता गया वहां एक लड़की बैठी हुई थी उसके साथ एक बच्चा भी था
मैं उसके पास गया और पूछा आप कौन है उसने मेरी तरफ देखा उसका चेहरा अचानक बदल गया और इतना डराना हो गया कि मैं देखते ही बेहोश होकर गिर पड़ा अदान भाई इसके बाद हमने कभी दिन में भी जंगल का रुख नहीं किया हमारे गांव की औरतें जंगल से लकड़ियां वगैरह लाती थी जो चूहा हांडी बनाने के लिए इस्तेमाल होती लेकिन हम कभी नहीं गए यह थी मेरी सच्ची कहानी उम्मीद करता हूं कि आपको पसंद आई होगी और आप अपने चैनल पर जरूर अपलोड करेंगे तो बहुत शुक्रिया आपने अपनी स्टोरी हमसे शेयर की बढ़ते हैं
एक और स्टोरी की तरफ अस्सलाम वालेकुम अन भाई मेरा नाम सुभान है और मैं आपकी कहानियां दो महीने से सुन रहा हूं मैंने सोचा कि अपने वालिद के साथ पेश आने वाला एक वाकया आपसे शेयर करूं जब मैं बहुत छोटा था तो मेरे वालिद एयरपोर्ट पर कार ड्राइव करते थे एक दिन के पास एक बुकिंग आई जो हैदराबाद के लिए थी मगरिब के वक्त वह उन मुसाफिर को लेकर रवाना हुए जब वह वापसी पर आ रहे थे तो उनके साथ एक अजीब वाकया पेश आया जिसने उन्हें खौफ जदा कर दिया वापसी के रास्ते में में
एक सुनसान सड़क से गुजर रहे थे वहां उनको एक बुजुर्ग खातून नजर आई जो उनसे लिफ्ट मांग रही थी मेरे वालिद ने सोचा यह एक जरूरतमंद खातून है और इनकी मदद कर देनी चाहिए इसके बाद जो हुआ वह सुनने के लायक है मेरे वालिद ने उन खातून से पूछा कि आपको कहां जाना है लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया फिर मेरे वालिद ने कहा कि आप गाड़ी में बैठ जाएं मैं आपको वहां छोड़ देता हूं जहां आपको जाना है वह खातून गाड़ी के पिछली सीट पर बैठ गई और मेरे वालिद ने गाड़ी चलाना शुरू कर
दी आगे जाकर अचानक गाड़ी बंद हो गई हालांकि मेरे वालिद हैदराबाद में उस फैमिली को छोड़कर अकेले वापस आ रहे थे वालिद ने गाड़ी बंद होने पर सोचा कि नीचे उतर कर देखें कि क्या मसला हुआ इन्होंने गाड़ी का बोनट खोला और मसला चेक करने लगे लेकिन कुछ समझ नहीं आ रहा था फिर उन्होंने सोचा कि एक बार गाड़ी स्टार्ट करके देखे जब मेरे वालिद ने बोनेट बंद किया और गाड़ी के अंदर झांक कर देखा तो वह बुजुर्ग खातून गाड़ी के अंदर नहीं थी वालिद थोड़ा डर गए और गाड़ी के करीब जाकर दोबारा चेक किया
तो वह वाकई वहां मौजूद नहीं थी वालिद ने गाड़ी के सामने की तरफ देखा तो व खातून सामने खड़ी थी मेरे वालिद खौफ के मारे फौरन गाड़ी के अंदर बैठ गए और दरवाजे लॉक कर लिए अचानक वह खातून सामने से गायब हो गई वालिद साहब ने आईने में देखा तो वह तन गाड़ी के अंदर पिछली सीट पर बैठी हुई नजर आई यह देखकर मेरे वालिद फौरन गाड़ी से बाहर निकले लॉक खोला और डर के मारे भागने लगे भागते हुए वही बेहोश हो गए फिर मेरे वालिद को होश आया तो इन्होंने खुद को अस्पताल में पाया
वहां कुछ लोग खड़े थे वालिद ने उनको सब कुछ बताया कि रात को उनके साथ क्या हुआ था यह वाकया रात के तकरीबन 4:00 बजे का था था उन लोगों ने बताया इस इलाके में ऐसे वाकत अक्सर होते रहते हैं और यह पहले भी कई लोगों के साथ हो चुका इन्होंने कहा कि हमें लगता है कि आपके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ होगा फिर लोगों ने जैसे तैसे करके मेरे वालिद को घर छोड़ दिया इस वाक के बाद मेरे वालिद की तबीयत एक हफ्ते तक खराब रही बुखार उतरने का नाम ही नहीं ले रहा
था आखिरकार वालिद ने य नौकरी भी छोड़ दी यह वाकया 2009 में पेश पेश आया था इसके बाद से मेरे वालिद कभी भी हाईवे पर अकेले सफर नहीं करते मैंने सोचा यह वाकया आपके साथ शेयर करूं उम्मीद है आपको यह कहानी पसंद आएगी और अपने चैनल पर लाजमी शेयर करेंगे जो लोग यह वाकया सुन रहे हैं उनसे मेरी गुजारिश है कि कभी भी रात के सन्नाटे में अकेले में सफर ना करें अल्लाह पाक आपको सलामत रखे सबको मेरी तरफ से अल्लाह हाफिज तो बहुत शुक्रिया आपने अपनी स्टोरी हमसे शेयर करें दोस्तों सफर की एक छोटी
सी स्टोरी है चले यह भी शामिल कर देते हैं अस्सलाम वालेकुम अदान भाई मेरा नाम अब्दुल अहद कुरेशी है और मैं रावलपिंडी मुर्गा से ताल्लुक रखता हूं मैं आपका तब से सब्सक्राइबर हूं जबसे आपने अपना फेस रिवील किया है और रोज रात को आपकी कहानियां सुनता हूं बहुत मजा आता है अल्लाह पाक आपको बहुत सारी कामयाब आं दे आमीन अन भी आज जो कहानी मैं आपके साथ शेयर करने वाला हूं वो मेरे अब्बू के कजन की ड्राइवर के साथ पेश आई थी य वाकया 2018 का है जब वह ड्राइवर रावलपिंडी से मुजफ्फराबाद जा रहा था
ड्राइवर रात के तकरीबन 12 बजे रावलपिंडी से निकलता है जब वह मरी में दाखिल होता है और कुछ किलोमीटर के बाद आगे बढ़ता है तो अचानक उसके सामने एक दुल्हन आ जाती है वह फौरन गाड़ी को ब्रेक लगाता है और कुछ मीटर के फासले पर गाड़ी रोक देता व हैरानी में सोच रहा था कि यह सब क्या हो रहा है कि अचानक इसकी नजर उस दुल्हन के पांव पर जाती है अब दिल थाम ले क्योंकि जो इसने देखा वह दिल ला देने वाला था इसके पांव उल्टे थे वह ड्राइवर फौरन वहां से गाड़ी निकालता और
गाड़ी को तेजी से चलाता एक बात और ड्राइवर की उम तकरीबन 55 से 60 साल के दरमियान थी यानी वह एक बुजुर्ग शख्स थे व ड्राइवर वहां से गाड़ी निकालता है लेकिन उसके हालत काफी खराब हो जाती है फिर भुर बुन के करीब इन्ह एक बुजुर्ग हाथ देकर रोकते हैं ड्राइवर सोचता है शायद फजर का वक्त है और यह बुजुर्ग मस्जिद जाना चाहते होंगे तो व इन्हें अपनी गाड़ी में बिठा लेता व बुजुर्ग खामोशी से गाड़ी में बैठ जाते हैं ड्राइवर रास्ते में बुजुर्ग को सब कुछ बताने लग कि अभी इसके साथ क्या हुआ है
लेकिन व बुजुर्ग एक अजीब सी मुस्कुराहट देते हैं और कुछ नहीं बोलते थोड़ी देर बाद वह बुजुर्ग ड्राइवर से कहते हैं कि मुझे साइड पर उतार दो ड्राइवर गाड़ी रोक देता है लेकिन जैसे ही व बजर्ग ड़ने लगते हैं व कहते हैं एक बार मेरे पैर भी देख लो क्या पता मेरे पैर भी उल्टे हो जब ड्राइवर इनके प्यारों की तरफ देखता है तो या अल्लाह उनके भी भी पैर उल्टे होते हैं ड्राइवर फौरन गाड़ी का दरवाजा बंद करता है और गाड़ी को पूरी रफ्तार से भगा देता है उस दौरान उसे लगता रहता है कि
कोई इसका पीछा कर रहा है ऑफ के आलम में वह गाड़ी चलाता रहता है फिर मुजफ्फराबाद पहुंचने से कुछ देर पहले वह बेहोश हो जाता है अल्लाह का शुक्र है इसने गाड़ी को रोक लिया था सुबह के वक्त लोग देखते हैं कि गाड़ी सड़क के दरमियान खड़ी है वह करीब जाकर देखते हैं कि क्या हुआ है और ड्राइवर को मुजफ्फराबाद के अस्पताल ले जाते हैं फिर हमारी वप जिनका यह ड्राइवर था हॉस्पिटल पहुंचती है और इनसे सब कुछ पूछती हैं व इन्ह सारी बात बता देते हैं चंद दिन अस्पताल में रहने के बाद वह ड्राइवर
अल्लाह को प्यारा हो जाता है अल्लाह पाक इनकी मगफिरत फरमाए आमीन यह थी मेरी कहानी और मैं चाहूंगा कि आप इसे अपने चैनल पर अपलोड करें बहुत शुक्रिया आपने भी अपनी स्टो हमसे शेयर की दोस्तों उम्मीद करता हूं आज की स्टोरी आपको पसंद आई होगी अगर स्टोरी पसंद आई हो तो वीडियो को लाइक करना ना भूलेगा और अगर आप मेरे चैनल पर नए हैं तो चैनल भी सब्सक्राइब कर लें बेल आइकन प्रेस करके ऑल का नोटिफिकेशन ऑन कर लें इससे हो ग कि आप मेरी हॉरर स्टोरीज फैमिली का हिस्सा बन जाएंगे मेरी स्टोरीज के नोटिफिकेशंस
भी आप तक पहुंचाया करेंगे अपना बहुत ख्याल रखिएगा दुआओं में याद रखिएगा मुझे दे इजाजत मिलते हैं किसी और इंटरेस्टिंग स्टोरी में अल्लाह हाफिज