हुआ है कर दो कर दो एक टेक्स गुरुदेव जय महाकाली साधकों आज हम आपके लिए लाए हैं यंत्र माला हत्था जोड़ी सियार सिंगी या फिर कोई भी प्रथम प्राण प्रतिष्ठा की अचूक विधि अगर आप इस विधि को बोलकर कर सकते हैं तो अच्छी बात है बोलकर नहीं कर सकते तो इस विधि को आप केवल सुनने और हम जो बता रहे हैं वह करते जाएं आप किसी भी सामग्री को इस प्राण प्रतिष्ठित कर लेंगे एक बार झूठ पर जो भी यंत्र या फिर मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा करने उसके अनुकूल लाल सफेद या पीला कपड़ा बिछा दें एक
तांबे की प्लेट में आप रत्न यंत्र यहां या इसमें नहीं आएगी रत्न यंत्र या फिर मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कर रहे हैं को तांबे की प्लेट में रख दें सबसे पहले आप एक दीपक जलाएं दीपक की पूजा करें ओम शुभम करोति कलयाणम् आरोग्यम् धन संपदा शत्रु भुद्धि विनाशाया दीपम-ज्योति नमस्तुते अध्ययन करते हुए प्रारंभ करें उसके बाद हाथ में जल लेकर मुख में आज मन करें ओम ऋग्वेद दें नमक ओम यजुर वेदा है नमः ओम सामवेद है नमः ओम अथर्व वेदा है नमः किस प्रकार आधे लें फिर हंसता यह लक्ष्मी करके हाथ धो लें गणेश जी
का आवाहन करें एक पुष्प चढ़ाएं और उनकी पूजा करें उसके बाद आप संकल्प ले हाथ में जल लेकर संकल्प लें और ओम मस्सा कुटुंबकम सपरिवार नित्य कल्याण प्राप्त्यर्थं लक्ष्मी आश्रम पूर्व दिशा एवं लक्षण प्राप्त्यर्थं व्यापार वृद्धि तथा खर्च स्थिर लक्ष्मी प्राप्ति तथा जमा मना सर्कल इच्छित मनोकामना सिद्ध तम श्री नवग्रह देवता अनुकूलता सिद्धि पिअतम अब यहां पर जो भी यंत्र या मूर्ति का आप प्राण प्रतिष्ठा करना चाहते हैं उनका नाम ले जैसे यंत्र करना है मान लीजिए बगलामुखी यंत्र करना तो बगलामुखी यंत्र यथाशक्ति शॉप चार पूजन मां हम करें शशित और तांबे की प्लेट में
जल छोड़ दें उसके बाद में हाथ में पुष्प ले और हाथ जोड़कर माता का ध्यान करें ओम भैया देवी सर्वभूतेषु मां लक्ष्मी रूपेना संस्थिता हुसैन नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमो नमः ओम जैसे बगलामुखी मंत्र है ॐ श्री बगुलामुखी यंत्र आए नमः ध्यायो धार्मिक और पुष्प सामने प्लेट में चढ़ा दें उसके बाद ताम्र कि आज मनी में थोड़ा सा शुद्ध जल ने और जिस चीज की प्राण प्रतिष्ठा करनी है उसके लिए संकल्प ले ॐ अस्य श्री प्राण प्रतिष्टा मंत्रस्य ब्रह्मा विष्णु महेश्वर और इसी रियर सामा अथर्वण चंदा सी क्रिया माय व प्राण के देवता ओम विजन रिम शक्ति
क्रोम वेलकम अश्व मोतोन अगर यंत्र रहे तो यंत्र फिर मूर्ति है तो मूर्ति बोलना है आपको यंत्रों प्राण प्रतिष्ठान है विनियोग यह और जल छोड़ दें थाली में उसके बाद में अपना दाया लेफ्ट हैंड अपने ह्रदय पर रखें और राइट हैंड जो भी आपने यंत्र मूर्ति या रत्न प्राण प्रतिष्ठा करना है उसके ऊपर अपना हाथ रख लें इसमें आप चाहे आपके पास आता जोड़ियां कोई और सामग्री है शेरसिंह है उसको प्राण प्रतिष्ठा कर सकते हैं उल्टा हाथ अपने ह्रदय पर रखें और सीधा हाथ जिसे प्राण प्रतिष्ठा करनी है उसके ठीक ऊपर रखें और अगर आप
उच्चारण कर सकते तो ठीक हैं नहीं कर सकते तो केवल आप रखें और हमारा ऑडियो चलने दें इसमें ही आपका मंत्र काम करेगा और यंत्र प्राण प्रतिष्ठित होगा ओम ऐंग रिंग रोंग यिंग रंग-ढंग शं षं सं हं स सोहम आसन नूतन यंत्रणा यह प्राण प्रतिष्ठा वस्तुऐं और थोड़े से चावल उन्हें चढ़ा दें फिर दूसरी बार वही करें और लेफ्ट एंड थे पर रखें राइट हैंड यंत्र या मूर्ति या रत्न के ऊपर रखें ओम ऐंग रिंग रोंग यिंग रंग-ढंग शं षं सं हं स सोहम अशी प्रतिमा या जीवा या स्थित अतहर अब्बास थोड़े से चावल और
चढ़ाएं और फिर लेफ्ट एंड राइट पैर और राइट हैंड मूर्ति यंत्र या जो भी आप की सामग्री प्राण प्रतिष्ठा की है उसके ऊपर रखें ओम आम रिंग रोंग यिंग रंग-ढंग शं षं सं हं स सोहम अत्यंत रावम्मा स्वर तथा चक्षु श्रोत्र जी व्यजंन पानी का गुप्त तानी सर्वे इंद्राणी एग्जाम शुभम शिवम कुशवाहा फिर थोड़े से चावल छोड़ दें इसका अर्थ यह होता है कि जिस प्रकार मुझे शरीर में चक्षु हैं जिव्या है प्राण है मेरे शरीर में सभी इंद्रियां वैसे ही इस यंत्र या मूर्ति में भी यह सभी इंद्रियां स्थापित हो और आपको थोड़े से
चावल छोड़ देना फिर दाएं हाथ में थोड़े से चावल ले और जो भी अंतर है जैसे बगलामुखी यंत्र तो हाथ में चावल लेकर मंत्र बोले श्री बगुलामुखी यंत्र आया नमक सुप्रतिष्ठ तो वरदो भव और चावल छोड़ दें और प्रारंभ करें तो फिर आपको मंत्र बोलना हाथ जोड़कर ओम धर्मार्थ कार्य सिद्ध यंत्रों अवश्य भाइन्ह संविधान तो सदैव स्वस्थ एवं प्रकल्प अधि में थोड़ा सा जलने और वह ओम नुतन जिस भी यंत्र का या मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा करें उसका नाम ले ओ मने इन उड़न श्री बगलामुखी यंत्र की प्राण-प्रतिष्ठा लेकर में करते नर्सरी यंत्रों देवता बगलामुखी देवता
गर्मजोशी अंदर का जो देवता है उनका नाम लेने से बगलामुखी यंत्र के देवता माता बगलामुखी देवी बगलामुखी यंत्र या तमाम ॐ तत सत नारायण अर्पण मस्त उअर श्री नारायण आश्रम वस्तुऐं जल छोड़ दे सामने अब जिस भी न देवी या देवता कि आप नियंत्रण प्रतिष्ठा के मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा किए उनके के सभी स्त्रोतों से उनकी स्तुति कर सकते हैं या फिर या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमो नमः श्री बगलामुखी यंत्र आयन महावन आतम अक्षतम समर रमेश चावल छोड़ दें अब थोड़े से चावल छोड़कर आसन दें तो उसको और दूसरी प्लेट में रखें
या फिर आपने जो कपड़ा भी छाया है वहां पर थोड़े से चावल छोड़कर मूर्तियां यंत्र को बाजुओं पर जो कपड़ा बचा है वहां पर स्थापित करें ओम राम व बरामदे विनम्र सर्वस्व विक्रम शुभेच्छा सनम गद्य * हम परमेश्वरी ओम श्री यहां पर जमीन त्रिमूर्ति है उसका नाम ले बगलामुखी यंत्र आए नमः ओम गन गणपते नमः आसन पर बिठाकर उन्हें चावल छोड़ दें फिर उसमें थोड़ा सा च जल लें और उनका ध्यान करें ओम विष्णु तक हम निरंतर अश्वगंधा संयुक्तम पादम प्रकाशनार्थ अंधतम थे प्रतिगृह्यताम फिर जल छोड़ दें कि अब जो भी आपके पास फल-फूल हैं
वह उन्हें सामने रखे उनके ताम्रपत्र ऐसे तुम तक यंग गंदम पुष्पम फलम वित्तम सही रमणीयम् दबा महामहिम प्रणब परमेश्वरी ओम श्री गणपति देवता श्री बगलामुखी मंत्र है महज तो हरदम समर्पयामि इसे करने के बाद फिर उस मूर्ति को उठाकर वापिस उस प्लेट में रखें जहां से आपने पहले उठाई थी और आपने जो पंक्चर जल व पंचामृत रखा है उसमें पहले शुद्ध जल से उनको स्नान कराएं ॐ गंगा सरस्वती रही वहां प्रयोग मेरी नर्मदा जल हरी सुनाई तो शिव माया देवी तथा शांति वृक्ष में ओम श्री गणपति देवता श्री जो भी अंदर इसका नाम लें मूर्तियां
उसका नाम ले रत्न है उसका नाम लिख श्री बगलामुखी यंत्र आए अनुमति तो कुछ नंबर पर यह मी तीर्थ में स्नान करने के बाद में पंचामृत से स्नान कराएं ॐ प्रयोग अधिकतम एवं अधिकतर शर्करा एवं पंचामृत अम्म व्याख्या स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम् वह ॐ श्री गं गणपति देवता श्री जो भी स्त्री मुक्ति रत्न है उसका नाम लिख श्री बगुलामुखी यंत्र आया पंचामृथम समर्पयामि पांच बार पंचामृत से स्नान कराना है फिर शुद्ध जल से स्नान कराएं ॐ पंचामृतस्नानांते शुद्धोदकस्नानं समर्पयामि सुल्तान तयशुदा समय जन्म समय में उन गणपति देवता यह नमक श्री बगुलामुखी यंत्रों पंचामृत स्नानं समर्पयामि शुद्धोदकस्नानंसमर्पयामि अब
जिस भी यंत्र का या मूर्ति का अपने प्राण प्रतिष्ठा की है उनकी किसी भी स्रोत्रों से उनकी पूजा कर सकते हैं उसके बाद उन्हें साफ करके बाजौड़ पर स्थापित वापिस कर दें और कुमकुम चंदन से उनकी पूजा करें फल फूल और अक्षत चढ़ाएं और उन्हें एक नाडा काट के चढ़ाएं जो वस्तु के रूप में फिर कोई वरुण के लिए अप्लाय हूं तो वह लड़ाई या कलावा थोड़ा सा कार्यो व रूप में चढ़ाएं ओम सर्वभूता The case मे ने लोकलज्जा निवारण यह उपाधि ते तुंबीया भाषाई प्रतिगृह्यताम ॐ श्री बगुलामुखी यंत्र एंड वस्त्रं समर्पयामि जो मैंने बगलामुखी
यंत्र का नाम लिया है वहां पर आप संबंधित जिसकी प्राण प्रतिष्ठा करें संयंत्र का या फिर मूर्ति कार्यरत नगर नाम ले सकते हैं अब नैवेद्य चढ़ाया आपने तब गणपति देवता का ध्यान करें ओम गं गणपतए नमः अब आपको भूख खिलाना है जो आपने वह उनके लिए रखा है उसको कैसे खिलाना है वह बड़े इंपोर्टेंट है उसे ध्यान दें अपने दाएं हाथ से अपनी आंखें बंद कर लें और सीधे हाथ से जिस प्रकार हम छोटे से बच्चे को निवाला खिलाते हैं उस प्रकार से भगवान को खाना खिलाएं ॐ प्राणाय स्वाहा ॐ अपानाय स्वाहा ॐ व्यानाय स्वाहा
ॐ उदानाय स्वाहा ॐ समानाय स्वाहा एवं परब्रम्ह ब्रह्मणे नमः अब खोलें जल चम्मच मिलाएं और भगवान के ऊपर से निवेदक ऊपर से घुमाकर साइड में छोड़ दे ओम नए वेतनमान पीनियम समर्पयामि फिर उल्टे हाथ से आंखें बंद करो और सीधे हाथ से भगवान को फिर खाना खिलाएं ॐ प्राणाय स्वाहा ॐ अपानाय स्वाहा ॐ व्यानाय स्वाहा उदानाय स्वाहा ॐ समानाय स्वाहा एवं परिभ्रमण परमात्मने नमः अब तीन बार जब छोड़ना है तीन बार तो भोजन के ऊपर से जल विनिवेश के ऊपर से जल्द घुमाकर छोड़ दे अब आपने जो और पान और गिरा रखा है भगवान के
लिए बड़ा बनाकर वह तांबूलं समर्पयामि बोलकर चढ़ा दें और कुछ दक्षिणा जो आपने रखनी है भगवान के पास वह दक्षिणा रखें ओम फ्रेंड्स अगर अगर बसते ना ही व विजय व्यास व अनंत पुण्य फल प्रथम तथा शांति अंतरिक्ष में ॐ श्री बगुलामुखी यंत्र एवं दक्षिणाम् समर्पयामि या आप की प्राण-प्रतिष्ठा विधि पूर्ण हुई अब आप आरती करें और एक दिन उसी स्थान पर उस सामग्री को रहने दे जिसकी अपने प्राण प्रतिष्ठा के दूसरे दिन से आप उसे प्रयोग में ला सकते हैं यह मूर्ति रत्न यंत्र सियार सिंगी हथ्था जोड़ी किसी के भी इस विधि से प्राण
प्रतिष्ठा कर सकते हैं मंत्र स्वयं न भूले तो हमारे मंत्रों के द्वारा केवल आप जिस प्रकार हाथ रखने के लिए यहां कहा गया जहां जल लेने के लिए गांव कहा गया उसे लेकर मंदिरों से प्राण प्रतिष्ठा कर सकते आने वाले समय में हम माला चैतन्य करने की विधि आपको बताएंगे कि अगर आपको हमारा वीडियो हमारी जानकारी सही लगी हो तो आप और कमेंट करके बताएं कि कि संबंधित वीडियो आपको चाहिए हम उसका बेहतर और प्रैक्टिकल वीडियो जो हमने किया होगा जो हमने साधना की होगी जो हमारे पास ज्ञान होगा वह आपके साथ जरूर हम बाटेंगे
और उससे संबंधित लाभ को पहुंचाने का पूरा प्रयत्न करेंगे जय गुरुदेव जय महाकाली झाल