झाल मैं यहां हूं को चेक पर का असर यह क्या हुआ है यह लगा नहीं था पहले तो वाले व्यक्ति शायरी शराब जैसे बहने दो दिल में वह सिद्धू है अब बहुत सी बातें कहने को सोचा मैं बता दूं पर हटाओ छोड़ो रहने दो व सर यह क्या हुआ है यह लगा नहीं तब पहले तो गालिब शायरी शराब जैसे बहने दो जो दिल में वैसे तो है अ बहुत सी बातें कहने को सोचा मैं बता दूं पर हटाओ छोड़ो रहने दो मुझ नाचीज को यूं दिल में बसना क्या पता क्या कहेगा चीज हो यह आपको
बिना पता लफ्ज़ अहम ओहदों पर आंखों से बातें काम में काहे चरणों का कम था क्या ऊपर से हंसना आप का वफाएं भी बहुत कोई ना चीज को बचाए ऐसे मुस्कुराना आपका यह दिल कुच यू जला है अब तो जिंदगी में ना जाने क्यों कुछ चीजों से इश्क है कागज कलम शहर दूसरी ओर लाभ की अदाएं वैसे जिंदगी चीज कायनात सारा मोड़ दिया फस के बोल दे जरा हम सांस लेना छोड़ दें सुबह से शाम तक रचाऊं आप का दीदार हो जितनी गुफ़्तगू में करता उतना ज्यादा प्यार हो vep कर गई मुझे या बांधकर गई
है आंखें काम जितने बन्रट सब खराब कर गई यह आंखें नैनो का असर था जो मधोश मन मेरा हुआ बाकी जो कसर थी वह शराब कर गई बता दे आप मेरा दिल हो मृत्यु आपके उज्जैन जैसा आदतें भी अवधि में देरी हो गया यह प्यार कैसा आजकल अलग मिजाज खुद को ना पहचान हूं मैं मुड़कर मैं खुद को अब तो बन रहा हूं आप जैसा फ्री क्या हुआ है यह लगा नहीं तो पहले तो ग़ालिब की शाइरी शराब जज बहन दो दिल में वैसे तो है अब बहुत सी बातें कहने को सूचना में बता तू
पर हटाओ छोड़ो रहने दो लुट