नमस्कार दोस्तों मैं सोनू शर्मा आज लेकर आया हूं एक बेहद शानदार सनसनी खेज कहानी सड़क पर चलते हुए आपने कई बार देखा होगा कि कुछ लोग गाड़ी के बोनट पर जूते रखकर बेचते हुए नजर आते हैं आज की कहानी भी ऐसी ही एक मेहनती इंसान की है व आदमी जो अपनी कार की डिग्गी को जूतों से भर लेता था और जहां-जहां स्पोर्ट्स कंपटीशन होते थे वहां खेल के मैदान के बाहर खड़े होकर कार के बोनट पर जूते सजाकर बेचता था कौन जानता था कि आगे चलकर एक दिन इस आदमी की कंपनी के जूते क्रिस्टियानो रोनाल्डो
पहनेंगे माइकल जॉर्डन पहनेंगे राफेल नडाल जैसे दिग्गज खिलाड़ी पहनेंगे चाहे गोल्फ के बादशाह टाइगर वुड्स हो चाहे खूबसूरत टेनिस सनसनी मारिया शरापोवा आज रॉजर फेडरर से लेकर माबाप तक और लियोनी मेस्सी तक दुनिया का ऐसा कोई दिग्गज खिलाड़ी नहीं है जिनके पैरों में आज फिल नाइट के जूते ना हो आज बात करूंगा फिल नाइट की और उनकी शानदार कंपनी नायकी के बारे में जिनका बेहद शानदार स्लोगन है जस्ट डू इट बस कर डालो 24 फरवरी 1938 को अमेरिका के पोर्टलैंड नाम के एक छोटे से शहर में फिल नाइट का जन्म होता है फिल खुद भी
एक बेहद शानदार एथलीट थे फिल नाइट के पिता विलियम डब्ल्यू नाइट ओरेगॉन जर्नल नाम से एक न्यूज़पेपर पब्लिश करते थे बचपन में फिल अपने पिता से कहते थे कि मुझे आपके अखबार में स्पोर्ट्स पेज पर काम करना है कौन जानता था कि स्पोर्ट्स के प्रति उनकी दीवानगी और उनका जोश आगे चलकर उनको अरबपति बना देगा स्पोर्ट्स के प्रति उनकी दीवानगी एक दिन 24 साल के फिल नाइट को अमेरिका से जपान ले गई क्योंकि उनको लगता था कि अगर सस्ता और बढ़िया शूज बनवाया जा सके तो प्यूमा और एडिडास उस जमाने की बड़ी अमेरिकन कंपनी को
टक्कर दी जा सकती है जापान की एक कंपनी अनर सुका टाइगर जो जूते बनाती थी फिल उनके दफ्तर पहुंच गए और उन्हें जूते बनाने का अपना पहला ऑर्डर दे दिया और वापस अमेरिका लौट आए और इंतजार कर करने लगे अपने कंसाइनमेंट का जो जापान से अमेरिका आना था कुछ समय के बाद जापान से जूते अमेरिका पहुंचे तो सबसे पहले उन्होंने वो जूते अपने स्पोर्ट्स कोच बिल बावरमैन को दिखाए बिल बावरमैन ने जूते देखते ही फिल नाइट को बिजनेस पार्टनरशिप ऑफर कर दी क्योंकि एज अ एथलेटिक कोच उन्हें जूतों की अच्छी खासी पहचान थी उनके हिसाब
से ये जूते अमेरिका के बाजार को हिला सकते थे और फिल नाइट ने बिना झिझक अपने कोच को पार्टनर बना लिया अब सवाल उन जूतों को बेच ने कहा था जो जापान से आ चुके थे फिलाइट कई स्टोर पर गए और अपना माल टाइगर दिखाया पर सभी ने उस मल को खरीदने से मना कर दिया लेकिन फिल नाइट कहां हार मानने वाले थे फिल खुद ही सड़कों पर उतर गए और अपना माल खुद ही बेचने लगे फिल नाइट अपनी गाड़ी की डिग्गी को जूतों से भर लेते और जहां मैदान में लोग खेल रहे होते हैं
वहां बाहर खड़े हो जाते कार की बोनट को अपनी दुकान बना देते और वहां ग्राउंड में खेलने वाले एक-एक खिलाड़ी को उन जूतों के बारे में डिटेल से समझाते हैं आप सिर्फ कल्पना करें कि जो इंसान आज अरबपति खरबपति है वह अपनी कार से सड़कों पर जूते बेचा करता था मैं हमेशा इसलिए कहता हूं कि कोई काम छोटा नहीं होता आप छोटे से काम को मेहनत करके बड़ा बना सकते हैं दुनिया के हर सेल्समैन को फिल नाइट की यही सीख है कि अगर बड़ा साम्राज्य बनाना है तो सबसे पहले खुद सड़कों पर उतरना होगा धूल
खानी होगी आज नाइकी का एसेट वैल्यू 3 लाख करोड़ का है और लास्ट ईयर का रेवेन्यू कोई 500 करोड़ डॉलर यानी 42500 करोड़ का है दोस्तों आज के इस बेहद मोटिवेशनल वीडियो में जानेंगे नाइक और फिलाइट की सफलता के वो पांच गुरु मंत्र जिसको अपनाकर कोई भी अपने बिजनेस को आसमान की ऊंचाइयों तक ले जा सकता है सबसे पहले फिल नाइट से सीखते हैं एडवर्टाइजमेंट की अनूठी नीति कि हाउ टू एडवर्टाइज योर प्रोडक्ट्स किसी भी बिजनेसमैन को अगर अपने प्रोडक्ट मार्केट में बेचने हैं तो फिल नाइट की एक शानदार स्ट्रेटेजी उनकी हेल्प कर सकती है
फिलाइट वो गलती नहीं करी जो मैक्सिमम बिजनेसमैन करते हैं ज्यादातर बिजनेसमैन सेलिंग की शुरुआत में ही अपने प्रोडक्ट के फायदे बताना शुरू कर देते हैं पर फिल ने ऐसा नहीं किया मेरा जूता खरीद लो ये बहुत बढ़िया है बहुत कंफर्ट देता है बहुत हल्का है बहुत ही सस्ता है फिल नाइट ने नाइ की सेल्स बढ़ाने के लिए इन शब्दों का कभी इस्तेमाल नहीं किया उन्होंने दूसरा रास्ता अपनाया जो बिल्कुल ही अलग और जुदा था उन्होंने स्टीव फ्रेफ जो उस जमाने के बहुत बड़े ओलंपिक रनर थे उनको अपनी कंपनी नाइ का स्पोक्स पर्सन बना दिया अब
स्टीव ने लोगों को दौड़ने के फायदे बताने शुरू किए ताकि ट्रैक शूज का बाजार फैल सके जिससे ट्रैक शूज की डिमांड जनरेट हो और हुआ भी ऐसे ही स्टीव जैसे विश्वास वाले ओलंपिक रनर के मुंह से दौड़ने के फायदे सुनने के बाद लोगों में हेल्थ को लेकर अवेयरनेस पैदा हुई लोगों ने दौड़ना शुरू कर दिया और फिनलाइन इसी मौके के इंतजार में थे जैसे ही शूज की डिमांड पैदा हुई अ फिल नाइट ने अपने प्रोडक्ट लोगों को दिखाना शुरू कर दिए और उनका माल हाथों हाथ बिकने लगा फिल नाइट ने बेहद सूझबूझ से पहले जूतों
का बाजार बड़ा किया प्रोडक्ट की डिमांड खड़ी करी और फिर अपना माल बेचा फिनलाइट शुरू से ही सेलिब्रिटी एडवर्टाइजमेंट के फेवर में थे तभी उन्होंने स्टीव फ्रेफ को अपना स्पोक्स पर्सन बनाया उनका यह मानना था कि आप 20 सेकंड की एडवर्टाइजमेंट में ऑडियंस को कुछ नहीं समझा सकते लेकिन जब आप माइकल जॉर्डन को दिखा देते हैं तो आपको प्रोडक्ट समझाने की जरूरत ही नहीं होती काम आसान हो जाता है इसी सोच के साथ 1985 में नाइकी ने मा माइकल जॉर्डन से करार किया माइकल जॉर्डन की पूरी सीरीज एयर जॉर्डन के नाम से बाजार में उतार
दी जिसके लिए माइकल जॉर्डन को 60 मिलियन डॉलर के हिसाब से दिए गए और नाइकी ने पहले ही साल 10 करोड़ जोड़ी जूते बेच दिए इसके बाद फिल नाइट कहां रुकने वाले थे अब नाइकी ने गोल्फ के सबसे बड़े खिलाड़ी टाइगर वुड से 5 साल के लिए 100 मिलियन डॉलर का कांट्रैक्ट किया आंद्र अगासी सेरेना विलियम्स शेन वन नडाल रोजर फेडरर मारिया शार पवा नाइकी ने किसी को नहीं छोड़ा सबको मोटी रकम दी और उनके नाम का भरपूर फायदा उठाया किसी दूसरी कंपनी ने सक्सेसफुल प्लेयर्स को अपने साथ जोड़ने में ना तो इतना पैसा खर्च
किया ना ही ध्यान दिया जितना कि नाइकी ने फिल नाइट का ये मानना था कि सेलिब्रिटी की फीस आपको नहीं देनी होती वो खुद अपने आप को पे करता है दोस्तों अब बताता हूं के नाम से बाजार में उतार दी ये दुनिया का पहला ऐसा जूता था जिसका नाम किसी प्लेयर के नाम पर रखा गया फेमस बास्केटबॉल प्लेयर माइकल जॉर्डन के नाम पर ये शूज थे जो शुरू में कोई खास पॉपुलर भी नहीं हुए लेकिन कहानी में ट्विस्ट आया जब इसको लेकर एनबीए में ड्रेस कोड का मामला बन गया और ड्रेस कोड के खिलाफ होने
से अक्टूबर 1985 को एनबीए ने इसे बैन कर दिया कि माइकल जॉर्डन इसे पहनकर खेल ही नहीं सकते और अगर खेलेंगे तो उन्हें हर मैच के लिए $5000 का फाइन देना होगा यानी कि ₹ लाख वो भी एक मैच के 1985 में यह बात जब फिल नाइट को पता लगी तो वह खुशी के मारे नाचने लगे उन्होंने माइकल जॉर्डन से कहा कि आप यही शूज पहनकर खेलें जुर्माना हम पे करेंगे और नाइकी ने ऐसा ही किया माइकल जॉर्डन उसी जूते को पहनकर खेलते रहे और सारा जुर्माना नाइकी पे करती रही इस कंट्रोवर्सी से जो सनसनी
फैली उससे उस जूते की सेल्स आसमान छूने लगी फिल नाइट के हाथ ये बड़ा मौका लग गया वो कहां इसको जाने देते नायकी ने इसी घटना को आधार बनाकर एडवर्टाइजमेंट कैंपेन चलाने शुरू कर दिए जिससे पहले ही साल 10 करोड़ एयर जॉर्डन जूते बिक गए फिल नाइट का ये मानना था कि हर प्रॉब्लम में एक बड़ी अपॉर्चुनिटी छुपी होती है बस शांत मन से सोचना होता है अब मैं आपको बताऊंगा नाइकी की सफलता का तीसरा राज बहुत शानदार आउटसोर्सिंग आउटसोर्सिंग नाइकी की सफलता की फाउंडेशन है आपको जानकर बेहद हैरानी होगी कि नाइकी ने कभी अपना
एक भी जूता खुद नहीं बनाया सिर्फ जूतों के डिजाइन अपने यहां बनाते हैं और प्रोडक्ट दूसरे देशों में बनते हैं खुद अपनी फैक्ट्रीज खोलकर जूते बनाने की बजाय यह कम कीमत पर जूते बनाने वाली कंपनी के साथ कांटेक्ट करके अपनी कॉस्ट कम करते हैं इसलिए उसका प्रोडक्शन क्यों नहीं करते इस पर नाइट का मुस्कुराते हुए जवाब आया कि अगर अमेरिका की कोई फैक्ट्री एशिया की कीमत पर जूता बना के दे दे तो वे अमेरिकन कंपनी से खुशी-खुशी जूते खरीदने के लिए तैयार हो जाएंगे नाइकी की सक्सेस का चौथा राज अब आपको बताता हूं उन्होंने अपना
ब्रांड खिलाड़ी पर फोकस किया जूतों पर नहीं ध्यान से सुनिए दोबारा नाइकी ने अपना ब्रांड खिलाड़ी पर फोकस किया जूते पर नहीं नायकी का फोकस प्रोडक्ट पर नहीं बल्कि खिलाड़ी पर है इसलिए वे सिर्फ जूते ही नहीं मनाते बल्कि शर्ट्स जर्सी टीशर्ट स्पोर्ट्स वेयर जूते वाटर बॉटल एथलेटिक बैग टॉवल जैसे प्रोडक्ट भी बनाते हैं 2023 में छपी रिपोर्ट के मुताबिक nike.in की टोटल सेल का 27 पर हिस्सा एप्रिल यानी कपड़े बेच कर आता है कनवर से 4.7 और इक्विपमेंट सेलिंग से भी नाकी 35 पर रिवेन्यू कमाता है है तो आप एक एथलीट ही हैं इसलिए
दुनिया का हर व्यक्ति एक एथलीट है इसलिए नाइकी के जूते हर व्यक्ति के लिए हैं फिल नाइट खुद एक शानदार खिलाड़ी रहे हैं और उनके कोफाउंडर बिल बावरमैन उनके कोच थे इसलिए उनकी कंपनी के मैक्सिमम एंप्लॉयज भी खेल प्रेमी ही हैं इसलिए नायकी का कल्चर ही अलग है नाइकी का ऑफिस कल्चर बिल्कुल अलग है यहां एक बेहद मजेदार किस्सा है जब फिल नाइट की जगह एक नया सीईओ चुना जाना था तो कैंडिडेट के इंटरव्यू हो रहे थे एक व्यक्ति को शॉर्टलिस्ट किया गया और जब उससे पूछा गया कि वो शनिवार को सैटरडे को कौन सा
स्पोर्ट्स खेलना पसंद करते हैं तो उसने जवाब दिया कि मैं तो शनिवार को स्टोर्स चेक करता हूं कि कहां कितना माल बिका साथियों उसे सिर्फ इसलिए नहीं चुना गया क्योंकि स्पोर्ट्स के प्रति उसका कोई खास जोश लगाव नहीं था और फाइनली 57 साल के पेरोस को नाइकी का अगला सीईओ चुना गया जो कि मैराथन दौड़ते थे साथियों नाइकी की सक्सेस का अब मैं आपको पांचवां रास बताता हूं फिटनेस रेवोल्यूशन का फायदा उठाना पहले एक्सरसाइज और स्पोर्ट्स का मतलब सिर्फ एंटरटेनमेंट हो होता था लेकिन 1970 आते-आते दुनिया में फिटनेस को लेकर अवेयरनेस पढ़ने लगी हेल्थ डाइटिंग
और फिटनेस के प्रति लोगों का रुझान होना शुरू हुआ नाइकी ने भले ही इस रेवोल्यूशन की शुरुआत ना करी हो लेकिन नाइकी ने इस रेवोल्यूशन का पूरा फायदा उठाया जॉगिंग को फेमस करने के लिए नाइकी का बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन है अमेरिका में जॉगिंग की दीवानगी शुरू करने का क्रेडिट नाइकी के कोफाउंडर बिल बावरमैन को ही जाता है जिन्होंने 1967 में एक किताब लिखी जॉगिंग और देखते ही देखते जॉगिंग बेस्ट सेलर किताब बन गई फिटनेस रेवोल्यूशन के बेस पर ही नाइकी ने 1980 आते-आते अमेरिका के शू मार्केट पर 50 पर कब्जा कर लिया अच्छा जीवन जीने
की चाह रखने वाले सेंटीमेंट्स का नायकी ने भरपूर फायदा उठाया और ऐसे एडवर्टाइजमेंट कैंपेन लॉन्च किए जिसमें लोगों को फिट रहने के लिए कहा गया उन एडवर्टाइजमेंट में बताया गया कि एक्सरसाइज डेली रूटीन का हिस्सा है और एक्सरसाइज करना खाना खाने जितना ही जरूरी है अगर आप गौर करें तो यहां भी फिल नाइट ने वही स्ट्रेटेजी जी अपनाई जो मैंने आपको पॉइंट नंबर वन में बताई थी कि पहले शूज का बाजार बड़ा किया उन्हें जॉगिंग के फायदे बताकर अमेरिकंस को एक्सरसाइज के फायदे बताए गए और बाद में कहा गया कि एक्सरसाइज शुरू करने का सबसे
अच्छा तरीका है नायकी के प्रोडक्ट खरीदना फिलाइट ने अपनी सूझबूझ से नाकी को दुनिया का सबसे बड़ा शू ब्रांड बना दिया दोस्तों मुझे तो नाइकी के स्लोगन में ही नाइकी की सफलता का सारा राज दिखता है जब वो कहते हैं जस्ट डू इट कि बस कर दो यार सोचो मत करने वाले कामयाब होते हैं ज्यादा सोचने वाले नहीं क्योंकि जब भी सोच गहरी होती है फैसले कमजोर हो जाते हैं अंग्रेजी की एक बहुत शानदार लाइन है कि मोर एंड मोर एनालिसिस रीच टू पैरालिसिस इसलिए जस्ट डू इट उम्मीद करता हूं आज के वीडियो आपको पसंद
आया होगा अगर पसंद आया हो तो सभी को शेयर कर दें लाइक कर दें चैनल को सब्सक्राइब कर दें और कमेंट बॉक्स में जरूर लिखकर बताएं कि किस कंपनी और किस इंसान की केस स्टडी आप हमसे चाहते हैं अगले किसी और शानदार वीडियो के साथ आपसे मिलता हूं जल्दी तब तक अपने स् का विशेष ध्यान रखें थैंक यू सो मच जय हिंद