यूजुअली मैं अपनी हर वीडियो में यह कहता हूं कि आपकी उम्र अगर 18 साल या फिर उससे कम है तो इस वीडियो को ना देखें लेकिन आज की यह जो वीडियो है अगर आपकी उम्र 18 साल या फिर उससे कम है तो आपको देखना ज्यादा जरूरी है एक लड़की जिसकी उम्र सिर्फ 14 साल की थी उसको किसी ने जान से मार दिया और शायद इसमें कुछ हद तक गलती लड़की की भी थी यह इंसीडेंट जिस तरह से खत्म हुआ था वह सुनके आपके पैरा तोले की जमीन ही खिसक जाएगी इस सारे इंसिडेंट की शुरुआत हुई
थी आज से लगभग 5-6 साल पहले मतलब साल 2018 या फिर 19 में जब मध्य प्रदेश के टकम गढ़ में रहने वाले शोभा और गंगाराम की शादी हुई थी लेकिन शोभा की इससे पहले भी एक बार शादी हो चुकी थी लेकिन उसके हस्बैंड की डेथ हो गई थी और वहां से उनकी एक बेटी थी जिसका नाम था नीतू और यह शोभा के साथ ही रह रही थी क्योंकि अब शोभा की शादी गंगाराम से हो गई थी तो शोभा नीतू को भी अपने साथ लेकर आई थी अब इस शादी में भी लगभग दो-तीन साल के अंदर
ही शोभा और गंगाराम के घर पे दो बच्चे पैदा हुए एक लड़का एक लड़की लड़के का नाम था रितिक और लड़की का नाम था आस्था अभी तक इनकी जिंदगी ठीक चल रही थी लेकिन फाइनेंशियल यह फैमिली बहुत ही डाउन जा रही थी मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में रहने वाली यह फैमिली बहुत ही ज्यादा फाइनेंशियल क्राइसिस झेल रही थी जिसकी वजह से शोभा और गंगाराम ने ये डिसाइड किया कि वो टीकमगढ़ को छोड़ के किसी और जगह चले जाएंगे और वहां पे रहना शुरू कर देंगे जहां पे वो थोड़ा कमा सके और अपनी फैमिली का ख्याल
रख सक इसी के चलती वो वहां से हरियाणा के सोनीपत में शिफ्ट हो गए अब वहां पे जाने से से पहले वो नीतू को वापस अपने घर पे ही छोड़ के चले गए नीतू को उन्होंने यह बताया कि वहां पे थोड़ी सेटलमेंट होने के बाद वो उसको भी बुला लेंगे तब तक वो थोड़ी मच्योर है तो घर पे अपने दादा-दादी का ख्याल रखेगी मतलब उनका खाना वाना ये सब कुछ देखेगी और इसी तरह से नीतू घर पे ख्याल भी रख रही थी अपने दादा-दादी का अब इसके बाद धीरे-धीरे 2 साल बीत गए मतलब 2023 में
जब गंगाराम और शोभा की फाइनेंशियल कंडीशन थोड़ी अच्छी हो गई क्योंकि वहां पे गंगाराम एक मिस्त्री था और वहीं शोभा भी घर पे नहीं बैठी रहती थी बल्कि वो उसके साथ ही लेबर में काम कर ली करती थी जिस वजह से उनकी फाइनेंशियल कंडीशन बेटर होती जा रही थी तो उन्होंने प्लान किया 2023 में कि व नीतू को भी अपने पास बुला लेंगे क्योंकि उनका फाइनेंशियल सिस्टम अब अच्छा चल रहा था और वैसे भी जब नीतू यहां पे आएगी तो नीतू उनका खाना वाना बनाने में हेल्प कर दिया करेगी जिस वजह से शोभा गंगाराम के
साथ जाके पैसे कमा सकती है जैसा प्लान था उन्होंने वैसा ही नीतू को भी अपने पास बुला लिया और नीतू की एडमिशन यहां पे एक स्कूल में करवा दी अब सुबह नीतू खाना बनाते सबके लिए उसके बाद स्कूल चली जाती स्कूल से आके वोह फिर से सबके लिए खाना बनाती और इस तरह से इनकी फैमिली का सिस्टम अब बढ़िया हो गया था मतलब दोनों हस्बैंड वाइफ शोभा और गंगाराम कमा रहे थे और घर पे खाना-वाना बनाने के लिए भी एक बेटी थी इसके बाद सब बढ़िया चल रहा था मतलब जो भी सोनीपत में इनके सराउंडिंग
लोग रहते थे वो इस फैमिली को काफी अच्छे से जाने लग पड़े थे क्योंकि इनको यहां पे लगभग दो से ढाई साल हो गए थे और हर इंसान इस फैमिली को अच्छी रिस्पेक्टफुल नजरों से देखता था जिस तरह से उनका रहना सहना था जिस तरह से वो दोनों काम करते थे सब बढ़िया जा रहा था लेकिन एक ब्लैक डेज फैमिली के लिए आया यह टाइम था 30 अप्रैल ल का जब नीतू सेवंथ क्लास में हुई थी तो उसने अपने पापा को बोला कि पापा मुझे पैसे दे दो मुझे किताबें लेनी हैं या फिर आप ऐसा
करना कि आप ही मेरे लिए किताबें ले आना तो गंगाराम ने नीतू को बोला कि किताबें लेने तू कहां जाएगी मैं ही किताबें ले आऊंगा या फिर तेरी मां को बोल दूंगा वो किताबें ले आएगी तो यही बोल के वो दोनों काम पे चले गए अब इसके बाद काम करते-करते दोपहर होगी क्योंकि शोभा वहां से फ्री हो गई थी तो उसने गंगाराम को बोला कि मुझे पैसे दे दो नीतू के लिए मैं किताबें लेकर घर चली जाती हूं गंगाराम ने भी शोभा को पैसे दिए और शोभा ने किताबें ली और वो घर चली गई लेकिन
जैसे वह घर पहुंची तो उसने देखा कि उसके दोनों बच्चे वहां पे हैं लेकिन जो नीतू थी वो घर पे नहीं थी जिसके बाद उसने नीतू को ढूंढना शुरू किया वो यहां-वहां नीतू को ढूंढ ही रही थी कि ढूंढते ढूंढते वह घर की छत पे पहुंची छत पे जो उसने देखा व मंजर बहुत ही ज्यादा भयानक था नीतू छत पे बेहोश पड़ी हुई थी और उसको देख के ऐसा लग रहा था कि उसके साथ कुछ ना कुछ गलत तो जरूर हुआ है तो यह देखते ही शोभा बहुत जोर से चीखने लग पड़ी और रोने लग
पड़ी यह आवाजें सुनक सारे अड़ोस पड़ोसी वहां प पहुंचे जब उन्होंने यह मंजर देखा तो वह भी बहुत ही ज्यादा चौक गए अब इसके बाद उन्होंने फटाफट से नीतू को उठाया और वो उसको हॉस्पिटल लेके गए जो उनके घर के पास ही था लेकिन वहां पे पहुंचते ही डॉक्टर ने उनको बताया कि नीतू की जान जा चुकी है लेकिन इतने में ही हॉस्पिटल से ही किसी ने पुलिस को कॉल कर दी थी जिसके बाद पुलिस भी हॉस्पिटल में पहुंची और उन्होंने गंगाराम और शोभा से पूछताछ करनी शुरू कर दी इसके रिगार्डिंग उन्होंने गंगाराम और शोभा
से यह पूछा कि अगर उनको किसी पर डाउट है अगर वह चाहते हैं इसके अगेंस्ट केस फाइल करना करना तो वो अभी कर सकते हैं हमें सब कुछ बता के लेकिन वहीं शोभा ने कहा कि जिसने जाना था वह जा चुका है चाहे बीमारी की वजह से चाहे नेचुरल डेथ हम इसके लिए कोई केस नहीं करना चाहते और ना ही हम पुलिस के चक्कर लगा सकते हैं बार-बार क्योंकि हमारे घर पे दो बच्चे हैं और अगर हम पुलिस स्टेशन के चक्कर लगाते रहेंगे तो कमा के इनको कौन खिलाएगा पुलिस वालों को भी यह बात काफी
जायज लगी और पुलिस वालों ने उनको बोला कि आप रिटर्न में दे दीजिए कि आप केस नहीं फाइल करना चाहते तो गंगाराम और शोभा ने ऐसा ही किया उन्होंने रिटर्न में पुलिस को लिख के दे दिया जिसके बाद सारी की सारी फॉर्मेलिटीज होगी और जो नीतू की बॉडी थी वो पैक हो रही थी घर जाने के लिए लेकिन इतने में ही जो डॉक्टर था हॉस्पिटल का उसने बॉडी को देखा और इस डॉक्टर ने पुलिस वालों को यह बताया कि हो ना हो डॉक्टर का एक्सपीरियंस यह बताता है कि इस लड़की का मर्डर हुआ है और
शायद मर्डर होने से पहले इसके साथ किसी ने भी किया है मतलब जिस तरह से नीतू के कपड़ों की हालत थी और जैसा उसकी सिचुएशन देख के लग रहा था अब पुलिस वाले सोच ही रहे थे कि वह इस पे क्या करें कि वहीं पे मीडिया भी इकट्ठी हो चुकी थी धीरे-धीरे मीडिया को भी इसके बारे में पता चल गया कि शायद लड़की का मर्डर हुआ है और उससे पहले इसके साथ कुछ गलत भी हुआ है यह बात धीरे-धीरे न्यूज़ चैनल्स तक पहुंच गई जहां से लोगों को इस बारे में सब कुछ बढ़ा चढ़ा के
बताया गया अब जब पुलिस को इसके बारे में पता चला कि काफी लोग इस चीज के बारे में अवेयर हो गए हैं तो उनको भी लगा कि अगर पेरेंट्स ना भी चाहते हैं तो भी हमें यह केस फाइल करना ही पड़ेगा क्योंकि हो सकता है फ्यूचर में उनको इसके कंसीक्वेंसेस झेलने पड़े इस वजह से पुलिस ने पेरेंट्स के ना चाहते हुए भी यह केस फाइल किया और सबसे पहले उन्होंने पेरेंट से ही पूछताछ की पेरेंट्स ने यह बताया कि उन्हें किसी पे भी डाउट नहीं है यहां पे उनके सब वेल विशर्स ही हैं और कोई
भी उनके सराउंडिंग का या फिर फैमिली का ऐसा नहीं कर सकता तो अब पुलिस को समझना है कि वह क्या करें इसके बाद पुलिस ने जो उनका ओनर था भगत सिंह नाम का तो पुलिस ने उससे भी पूछताछ करनी शुरू की तो उसने बताया कि उसके सामने बाहर से कोई भी इंसान इनके घर पे नहीं आया सिर्फ फैमिली मेंबर्स का ही आना जाना रहा है अब पुलिस को पेरेंट्स पे थोड़ा डाउट होने लगा क्योंकि पेरेंट्स ये केस फाइल करने से भी मना कर रहे थे और उनको किसी पर डाउट भी नहीं था यह पॉसिबल कैसे
था कि उनकी बच्चे के साथ घर पे कुछ ऐसा हो जाए और पेरेंट्स को कुछ पता तक ना हो अब इसके बाद पुलिस वालों ने पेरेंट्स से फिर से पूछताछ करना शुरू की उनको लगने लग गया कि शायद यह जो कुछ भी बोल रहे हैं उसमें कुछ तो झूठ जरूर है जिसके बाद पुलिस वालों ने दोनों को रिमांड पे लिया और वहां पे इन दोनों पेरेंट्स ने सच्चाई बताई और यह जो सच्चाई थी सबका दिल दहलाने वाली थी असल में उन्होंने बताया कि नीतू जब अपने दादा-दादी के पास भी रह रही थी मतलब वह जब
क्लास सिक्स्थ में थी तब ही उसका एक लड़के के साथ अफेयर शुरू हो गया था और वह बहुत फ्रीक्वेंसी लड़को से बातचीत करती थी जिसके बारे में उसके दादा-दादी को भी लोगों ने बताया था लेकिन दादा दादी यह कह के बात टाल दिया करते थे कि यह सिर्फ 13 साल की बच्ची है क्या ही करेगी लेकिन उनको पता नहीं था कि नीतू के इंटेंशंस क्या थे अब इसके बाद जब नीतू सोनीपत आ गई थी तो यहां पे भी उसने यह काम करने बंद नहीं किए थे मतलब जो पड़ोसियों के लड़के थे नीतू उनसे बातें करती
थी और सम टाइम्स तो शोभा ने नीतू को किसी से फोन प बात करते हुए भी देखा यह जो फोन था यह नीतू को उन्होंने नहीं दिलाया था तो सोचने वाली बात यह थी कि आखिरकार नीतू के पास ये फोन आया कहां से इसके बाद शोभा ने नीतू को काफी बार लड़कों से बात करते हुए पकड़ा और उसने नीतू को पीटा भी प्यार से समझाया भी काफी बार कि यह सब करने की तेरी अभी उम्र नहीं है यह काम छोड़ दे और पढ़ाई प ध्यान दे जब भी शोभा नीतू को यह बोलती थी तो नीतू
मान जाती थी लेकिन इसके बाद भी नीतू के पास कहां से फोन आ जाता किसी को पता नहीं चलता था नीतू अपना फोन छुपाती भी ऐसी जगह पे थी जहां पे गंगाराम को तो शक हो ही ना पाए लेकिन शोभा को इसके बारे में पता रहता था शोभा उसका फोन छुपा देती थी लेकिन अगले ही दिन नीतू और फोन लेक जाती थी और व हमेशा किसी और लड़के से ही बात कर रही होती थी शोभा की माने तो नीतू ने डेढ़ महीने के अंदर ही लगभग 50 से ज्यादा लड़कों से बात की थी और शोभा
उसको हर बार समझाती लेकिन नीतू हर बार सेम ही चीज करती शोभा को मना करने के बाद भी अब शोभा को लगा कि शायद यह मामला उसके हाथ से निकल चुका है तो उसने गंगाराम को भी बताया अब जब गंगाराम ने नीतू को डांटना शुरू किया तो नीतू पलट के उसको जवाब देने लग पड़ी कि तुम कौन होते हो मुझे रोकने वाले मेरा जो मन आएगा वह मैं करूंगी गंगाराम और शोभा ने नीतू को काफी बार पीटा भी वो हमेशा नीतू को समझाते रहते थे और यह लड़ाइयां होना झगड़े होना मारपीट होना घर पे नॉर्मल
सी बात हो गई थी अब नीतू भी इन सब चीजों की इतनी है बिचल हो चुकी थी कि वह अपने पेरेंट्स के सामने ही लड़कों से बात करती थी बिना किसी शर्म के बिना किसी लिहाज के यह मामला बढ़ता ही जा रहा था अब फाइनली 2023 में 29 अप्रैल की वो रात थी जहां से यह भयंकर क्राइम शुरू हुआ 29 अप्रैल की रात को जब ये फैमिली डिनर कर रही थी तो तब भी नीतू लड़कों से बात कर रही थी तो शोभा और गंगाराम ने तब भी उसको समझाना शुरू किया डांटना शुरू किया किया इनफैक्ट
गंगाराम नीतू को काफी डांट रहा था तो नीतू ने गंगाराम को बोला कि अगर आपने मुझे बहुत डांटा तो मैं यहां से भाग भी जाऊंगी और यह काम मैं कभी भी बंद नहीं करूंगी मैं बातें करती रहूंगी जब तक मेरा मन होगा और नीतू यह सब बोलने के बाद वहां से उठी अपने कमरे में गई और जोर-जोर से किसी से फोन पे बातें करने लग पड़ी यह बातें ऐसी थी कि फैमिली बाहर सुन भी ना पाए तो अब गंगाराम और शोभा ने डिसाइड किया कि इससे पहले मामला बहुत बढ़ जाए उनको इसके बारे में कुछ
करना पड़ेगा 30 अप्रैल सुबह 7:00 बजे दोनों नीतू के रूम में गए जहां पे गंगाराम ने नीतू के हाथ पकड़े और शोभा उसकी चेस्ट पे बैठ गई और शोभा ने उसको चौक करके मार दिया जिसके बाद उन्होंने बहुत आराम से बॉडी को छत पे रखा ब्रेकफास्ट किया और बाहर काम पे चले गए जहां पे उनका मकान मालिक जो कि भगत सिंह था वो भी था और दोनों इंटेंशनली ओनर के सामने ही बुक वाले टॉपिक के बारे में बात कर रहे थे कि उनको नीतू को बुक्स देनी है जल्दी पैसे दो ताकि ओनर को लगे कि
ये जो कुछ भी बोल रहे हैं वो बिल्कुल सच है लेकिन असलियत कुछ और ही थी अब इसके बाद ये जो केस है ये अभी भी चल रहा है और इस पे फैसला आना भी बाकी है आपको क्या लगता है सारे इंसिडेंट में गलत कौन था नीतू जो अपने पेरेंट्स के सामने यह सब कुछ कर रही थी या फिर शोभा और गंगाराम जिन्होंने शायद अपनी इज्जत बचाने के लिए अपनी एक बेटी को कुर्बान कर दिया अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें और अगर आपको ऐसी ही वीडियोस देखनी है तो चैनल को सब्सक्राइब करना ना
भूलें सी यू नेक्स्ट टाइम इन द नेक्स्ट वीडियो बाय-बाय