एक ग्रामे एक जुबक लो ता नेक गुलो जीव जंतु लो ए जमन हास मोरक गरु छगल महिष ऊट घोड़ा इत्यादि से हत लो ज तार सुख दुख सकल कथा बुझते पारी ताले तो चमत्कार होतो जे भाबा सेही काज से हजरत मसा अ सलाम का एसे गलो बोललो हे अल्लाह नबी अ जीव जंतु लालन पालन करी आपनी दया अल्लाह का दोआ करुन जाते ता सकल सुख दुख कथा बुझते पी और उपयुक्त व्यवस्था ते पी जुबक कथा शने मुसा सलाम बोलेन सावधान एर थे बरत थाक एर म अनेक विप जनक बप लुक जा अपनी सज करते पबन
ना किंतु जुबक नार बांदा से बारबार काकती मिनती सुरे एकही अदार जाते लागलो मुसा सलाम बोलेन टा मंगल जनक नय ुक शे बोलो हे अला न ब न गृह पात मरग और कुकु भाषा बोझार व्यवस्था कर दिन ता मिनती कारण हजरत मसा सलाम अल्लाह का दुआ करले अल्लाह ताला ता दोआ कबुल करले एवं जुबक के जीव जंतुर भाषा बोझार क्षमता दान करले ए दिके जुबक खुशी मने बाड़ी फिरे गलो और मने मने लो ए बार जीव जंतु सब लाकी धरा जाब प दिन भोर बला जुबक हास मुर्गी सब छड़ दिलो से बार आलो मरग क
शर न बाड़ी काज मे राते चे जावा रुटी टुक ठने खेप करलो कुकु का लो एमन समय मोरक झपटी मेरे रुटी टुक मुखे पुड़ लो कुकुर प्रतिवाद सरी मोरक के बोललो रुटी टुक भागे लो तुनी गली केन उत्तरे मोरक बोलो एक सबर करो अवस्था दरा बते पे कालके आ मनी सुंदर घ मारा जाब तख तु मज त गो खेते प बार बसे था जुबक मोरग क सुने चिंता पुड़ गलो की करब से लोकन एन जन ो बाजार बिक्री दिलो परर दिनर घटना आब जखन ठने रुटी छन होलो तखन मुरक साथे साथे लफे लो एव मुखे
दि दिलो कुकुर से दिन बित हो राग बोललो मोरग धोका बाज कोक काल के रुटी ले आज के गले कोई मलो ना बर मालिक ता न खाने बिक्री दिलो जब मोरक बोलो ो स मरे तब न खाने ध हो ना अस्थ दरा जेने कालके मनी ट ना ट मारा जाब तखन तुम मजा इच्छे मतो खेते पब टर मृत्युर कथा सुने मनिक जुबक महा चिंता पड़ गलो और तत्ता बाजार बिक्री जन पालो एव निश्चित क्ति हा थे बचे गलो पर दिन भोरे रुटी फेला होलो आबार मोरक रुटी खे फेलो कुकुर आज बर्थ होलो तखन से ता
सरे मोरक के बोललो हे मोरक तई देख बड़ प्रतारक प्रतिदिन आके धोका दि आज के तोर एक दिन की अर एक दिन ए बोले कुकुर मोरु के दौड़ते लागलो मोरक तखन बोललो धर्य हरा होयो ना बंधु काल देख मब गोलाम मारा जाब तखन बाड़ आयोजन ह गोत पलाव इ किछु तुम खेते पब मनी मरग कथा शने बचाइन होए गलो से तड़ित गोलाम के न्य एक जनर का बिक्री दिलो एवं विराट यति हात थे र पेलो और मने मने भालो ए जीव जंतु भाषा बझे लोही उपकार होलो ते से अनेक तिर हात थे बेचे गलो किंतु
ते जे जेने बझ अन्यर क्ति करा होए जा से चिंताई करलो ना कारण जखन से नलो घोड़ ऊट बा गोलाम मारा जाब तखन सेटा बिक्री फेलो जरा एग किलो ता जे क्ति होते पारे सेटा से चिंता करलो ना चतुर्थ दिन र कथा रुटी टुक आज एका लफे निलो मोरग असहाय कुकुर राग चोटे मोरग के लागल करते लागलो मोरक ताके सातन बानी शनिए बोललो हे बंधु आर एकट धर्य धरो काल देखब मनी निजे मारा जाब काल तिनी मारा गेले वारिश गोश्त पलाव सिनी इत्यादि करब तखन तुम पैट पुड़ खे ते मरग आजक कथा शने जुबक जर
पना विचलित हो पलो कारण काल से मारा जाब परेशानी से अस्थिर होए गलो की करब सिद्धांत ते पछ ना असले अल्लाह पाक कुदरत माझे अनेक गोपन कथा लुकाई तो जा के जाने ना किंतु मानुष जखन सीमा लन तखन जत सब विपत्ति टे माल सपद सामान्य तिते मनी जान चेतो एव मुसीबत माल ऊपर दिए लेतो किंतु मनी ता माने ताई विपद ता निजर री चले एसे रूपाय जुबक दौड़ मसा सला दरबारे हाजिर होलो ताके सकल घटना खुले बोललो तप मिनती बोलो हे अल्लाह नबी आके र करुन मुसा बोलेन तो आगे बोले से विटी अपर जन मंगल
जनक ह ना आपनी केमन थप शु निज स्थ लेन र ति देखले ना निजर तिर क े सब बिक्री दिन थच जे ता किन से जे तिर म पते जा सेटा विवेचना लेन ना एर जन्य विपद अपनार ऊपरे चले एसे एन निजे के न्य का का बिक्री कर दिन ताते तो लो ते अनेक अर्थक ओ धन सपद लाभ करन जुबक कृत कर्म जन्य क्षमा चाइलो एवं प्राण रख जन्य हजरत मसा अ सलाम के अनुनय बनय करते लागलो मसा अल सलाम बोलेन देखु कामन थे गुली बए जावा पर ता की आ कामने ढुके कखन ना आपर
मृत्यु अधारित होए ग र थके अपनार आर कोन रेहाई नहीं तब हम अपनार जन्य ईमान साथे मृत्युर दुआ कर हजरत मसा सलाम कथा शेष होते ना होते जुबक शारीरिक परिवर्तन शुरू होते लागलो बोम शुरू होलो तार शरीर निस्तेज होए आलो सकति ए समते चार जन लोक ताके धरे बाड़ी दिके निए गलो किंतु शेष पंत बाड़ी पछ गलो ना मृदु एक झकनी दिए तार प्राण उड़ गलो ि दिन जन धन सपद सब पेने फेले ुक परका पथे रोवाना दिलो प्रियो दर्शक श्रोता आज पंत इस्लाम विभिन्न काहिनी नियमित जानते होले आदर चैनल सब्सक्राइब करुन एव लाइक कमेंट
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