हेलो फ्रेंड्स मैं हूं गौरव एंड जब मोस्ट ऑफ दी इंडियन सब कॉन्टिनेंट ब्रिटेन की कॉलोनी बन चुका था नेपाल कंटिन्यूड तू बी फ्री यस नेपाल उन चुनिंदा देशों में से है जो कभी भी कॉलोनाइज ही नहीं हुआ जब इंडियन कॉन्टिनेंट के माइटी किंग्डम्स एक के बाद एक करके ब्रिटिश के कंट्रोल में आते गए नेपाल जैसे छोटे से डीजल ने अपनी सॉवरेन्टी प्रोटेक्ट करके राखी और ट्रॉली क्योंकि एंग्लो नेपाली वॉर के बाद तो ब्रिटिशर्स के पास अच्छा खास चांस था की वो पूरे नेपाल पे अपना कब्जा जमा या फिर उसे इनवाइट कर सके सो क्यों उसके
बावजूद भी ब्रिटिशर्स ने ऑलमोस्ट पूरे इंडियन सबकॉन्टिनेंट को कैप्चर कर लिया जस्ट एक्सेप्ट नेपाल सो वेल ये बात है 1760 की जब नेपाल कंट्री एक्जिस्ट ही नहीं करती थी इट वास्ता ग्रुप ऑफ स्मॉल टेरिटरीज जो अक्सर आपस में लड़ते रहते द अन्य टेरिटरीज में से एक था एक छोटा सा किंगडम कॉल्ड गोरखा गोरखा किंगडम के उसे समय के राजा द पृथ्वी नारायण शाह वो सिर्फ 20 साल के द जब उन्हें गोरखा का किंग बना दिया गया था और तभी सही उन्हें इंडियन टेरिटरीज में मुगल इन्फ्लुएंस से काफी ज्यादा चिंता होने लगी और उन्होंने ये सोचा
की से क्यों ना नेपाल को बचाने के लिए उन सारे छोटे टेरिटरीज को यूनाइटेड किया जाए और एक देश बनाया जाए उनका ये एंबीशन था की असली हिंदुस्तान यानी लैंड ऑफ हिंदू इस्टैबलिश्ड किया जाए जो की मुगल रूल या किसी भी फॉरेन इन्फ्लुएंस से कंपलीटली अलग हो अपने taxfulness और अपनी फेर गोरखा आर्मी के बलबूते पर भूटान और कश्मीर के बीच के जितने भी टेरिटरीज द उन्होंने वो सब कंकर कर लिए और 1769 में एस्टेब्लिश कर दिया डी किंगडम ऑफ नेपाल अब नेपाल में तो एक और गुरखास एक स्ट्रांग पावर बन के इमर्ज हो रहे
द लेकिन वहीं पर दूसरे और भारत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भी 1757 के बाद से धीरे-धीरे इंडिया में अपने डोमिनेंस को बढ़ाना शुरू कर दिया सो अब क्योंकि पूरे इंडियन कॉन्टिनेंट में मेजर्ली गोरखास और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी यही तो पॉकेट ऑफ पावर्स इमर्ज हुए द तुम दोनों का एक दिन टकराना तो obbvious सी बात थी लेकिन अगर ब्रिटिश के पर्सपेक्टिव से देखें तो उनके एजेंडा में नेपाल एक्चुअली कभी था ही नहीं एंड मोस्टली बिकॉज नेपाल की ज्योग्राफी पर थोड़ी सी नज़र डालते हैं वो 75% माउंटेन से ही कवर्ड है दुनिया के सबसे
रग्ड और अनइनहैबिटेबल टेरेंस यहां पर पाए जाते हैं और ब्रिटिशर्स को हाई एल्टीट्यूड माउंटेंस पर लड़ने का कोई एक्सपीरियंस नहीं था प्लस ब्रिटिशर्स के पास एक अपील बैटल करने की फाइनेंशियल और फिजिकल क्षमता दोनों भी नहीं दी सो इट्स अन सिंपल फैक्ट की नेपाल की ज्योग्राफी ने कहीं ना कहीं उसे प्रोटेक्ट किया नौ नेपाल के कॉलोनाइज ना होने का सेकंड रीजन ये भी था की कहीं ना कहीं ब्रिटेन नेपाल को ऐसा बफर स्टेट देखता था यानी नेपाल को कंकर करना मतलब डायरेक्टली चीन के पावरफुल चेंग एम्पायर से बाउंड्री शेयर करना एंड ब्रिटेन अभी-अभी इंडियन सबकॉन्टिनेंट
में अपने फुट होल्ड को एस्टेब्लिश कर रहा था एंड ऐसे में एंटरटेनमेंट तू कम फेस तू फेस विद चीन एंड दिस इसे अलसो डी रीजन के सिर्फ नेपाली नहीं बल्कि ब्रिटिश ने भूटान कश्मीर और सिक्किम को भी इनवाइट नहीं किया बट इट्स ब्रिटेन कंडत अवॉइड नेपाल फॉर तू लॉन्ग क्योंकि ब्रिटिश और गोरखा पोजेस पहली बार अपने आप ने सामने आए 1769 इन सिंधुली गढ़ी वॉर देखो काठमांडू वाली नेपाल रीजन में एक इंपॉर्टेंट किंगडम था और ब्रिटेन के साथ ऑलरेडी काफी क्लोज ट्रे रिलेशनशिप द सो जब पृथ्वी सा ने अपने यूनिफिकेशन मिशन के तहत काठमांडू पर
अटैक किया ब्रिटिशर्स ने दोस्ती निभाना के लिए अपने ट्रूप्स वहां पर भी भेज दी है और इसी से शुरू हो गया डी फेमस सिंधुली गढ़ी वॉर और फेमस इसीलिए क्योंकि इसमें ब्रिटेन बुरी तरीके से हर गया और उनके 1000 सोल्जर्स भी मारे गए द इन फैक्ट उनकी हालत इतनी बुरी हो गई थी की उनके सोल्जर्स अपने आर्म्स और aminations को उधर ही छोड़ कर भाग गए एंड ऑल बिकॉज ऑफ डी फेर गोरखा आर्मी नौ गोरखास की वॉर टेक्निक्स काफी यूनिक थी वो रॉक्स बॉस एरोज एंड स्पेशली देयर kukries जो की किस्म का नाइफ है उसे
उसे करने में एक्सपर्ट द नॉट जस्ट डेट देयर अलसो मास्टर्स ऑफ गुरिल्ला वाॅरफेयर जो की शिवाजी महाराज भी काफी उसे किया करते द जो की सरप्राइज अटैक्स होते हैं एंड ऑन टॉप ऑफ डेट वो sindhunik के टेरेंस के कोने कोने से फैमिलियर द एंड नॉट तू फॉरगेट यहां पर नेपाल के अपोजिट इंडिया कंपनी है एंड नॉट ब्रिटिश एम्पायर अस ए होल सो बेसिकली नेपाल की धरती पे गोरखास को हराना वैसे नेक्स्ट तू इंपॉसिबल अब फ्रेंड्स जैसे हम है फॉर्म डिसीजंस ले सके वैसे ही लेट्स टॉक अबाउट टुडे'एस इंडिया आज के 138 करोड़ इंडियन पापुलेशन में
भी इमेजिन या आइडियल लाइफ और प्रैक्टिकल लाइफ काफी डिफिकल्ट करती है जैसे सिलेक्शन एंड स्कूल्स एंड कॉलेजेस जॉब्स अत्तरा क्योंकि सिर्फ डिग्री होना इंपॉर्टेंट नहीं है बल्कि चाहिए होता है स्किल्स जो एक्चुअल में आपको हाई पेइंग हाई क्वालिटी जॉब जलता है एंड स्पेशल इन इंडस्ट्रीज जो बहुत तेजी से ग्रो हो रही है जैसे इंजीनियरिंग इंडस्ट्री और इसी गैप को ब्रिलिएंटली फुलफिल करता है स्किल लिंक इस इंडिया'एस वैन ऑफ डी लार्जेस्ट इंजीनियरिंग ए-लर्निंग आते टेक प्लेटफार्म जहां पर आपको मिलते हैं पीजी प्रोग्राम्स अक्रॉस डोमेंस लाइक मैकेनिकल सिविल इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रॉनिक्स सीएससी एट सेटेरा एट सेटेरा इट्स वेरी
नाइस किलिंग कोर्सेज भी कर सकते हो फ्यूचर स्टिक टेक्नोलॉजी पर जिसके हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल ऑटोनोमस व्हीकल आई डाटा साइंस मशीन लर्निंग और भी बहुत सारी कुछ नौ वही शुड यू गो फॉर इट फॉर में रीजंस नंबर वैन वर्ल्ड क्लास करिकुलम डिवेलप बाय इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स नंबर तू प्रोजेक्ट बेस प्रैक्टिकल लर्निंग फॉर स्टूडेंट्स नंबर थ्री लाइव टेक्निकल सपोर्ट और नंबर फोर डेडीकेटेड कस्टमर सक्सेस टीम फॉर प्लेसमेंट इस ऐप पर 15000 एक्टिव लर्नर्स है और अभी तक 2000 प्लस स्टूडेंट्स को जॉब भी मिल चुके हैं क्योंकि इनके साथ जुड़े हैं 300 प्लस रिक्रूटिंग कंपनी साथ ही इनके साथ
करिकुलम पार्टनरशिप फॉर कॉस्ट डिज़ाइन एंड सॉफ्टवेयर एक्सेस है विथ सी एंड मठ वर्क्स रेनॉल्ट निसान amtestant सो रुपए क्या हो डिस्क्रिप्शन पे दिया गया है लिंक किसी भी कोर्स पर 15% ऑफ पाओ एंड डी फ्री कैरियर गाइडेंस सेशन आज वेल एंड नौ लेट्स गेट बैक तू अन टॉपिक एंड दिस माय फ्रेंड्स मैक्स फॉर डी थर्ड रीजन ब्रिटिश नेपाल को कॉल की नहीं कर पाया ब्रेव एंड हाईली स्किल्ड गोरखा वॉरियर्स का दर और जैसे कोई एग्जैगरेट करके नहीं बता रहा हूं ब्रिटेन इनकी आर्मी से इतना दर गया की अगले 50 सालों तक उन्होंने गोरखा से कोई
भी कन्फर्टेशनल तक को अवॉइड कर दिया अंटील डी फाइनल शो डाउन डी एंग्लो गोरखा वॉर इन 1814 ये बोर्ड दो सालों तक चला कंटीन्यूअसली और इसी ने नेपाल की किस्मत हमेशा के लिए बदल के रख दी सो फर्स्ट एंड फॉर्म मोस्ट इस जंग के पीछे दो में वजह थी ब्रिटिश तिब्बत के साथ ट्रेड करना चाहता था एंड आज यू कैन सी इंडिया और तिब्बत के बीच में है विशाल हिमालय और यह तिब्बत तक पहुंचने के लिए हिमालय के कॉम्प्लिकेटेड रूट्स को क्रॉस करना पड़ेगा एंड डी ओनली नेविगेबल रोड्स जो साउथ एशिया को इस एशिया से
कनेक्ट करता था वह सारे नेपाल के कंट्रोल में द तो ब्रिटिशर्स के लिए ये बहुत ही इंपॉर्टेंट हो गया की नेपाल में एक फ्रेंडली रेजीम हो ताकि वो इजीली ट्रेड कर सके अब यहां पर ऑलरेडी ट्रेड बैरियर्स द और प्रीवियस की सिंधुली घड़ी वॉर की वजह से ब्रिटिशर्स के नेपाल के साथ टेंशन तो चली रहे द लेकिन डी फाइनल स्ट्रोक जब गोरखाली आर्मी ने अवध प्रोविंस पर अटैक कर दिया वो अवॉर्ड्स जो ब्रिटिश का एक प्रोटेक्टर बस फिर क्या था अब तक इतना टालते रहने के बाद ब्रिटिश हद नो चॉइस बट तू गो ऑन अन
वॉर विथ नेपाल बट रिमेंबर ब्रिटिश ने सिंधुली घड़ी में मिली हर से सबक लिया था एंड दिस टाइम दे गेम बटोर प्रिपेयर्ड उनके पास इस बार ज्यादा वेपंस और ज्यादा सोल्जर्स द बट देस्पीते डेट इंटरेस्टिंग गोरखाली आर्मी इनिशियली उन पर काफी ज्यादा हावी थी सो मच सो के ब्रिटेन के साथ अलग-अलग जनरल्स को साथ अलग-अलग दिशाओं से नेपाल को अट्रैक्ट करना पद रहा था एंड फाइनली इसी स्ट्रेटजी के वजह से ब्रिटेन नेपाल के कुछ हसन को एनएक्स कर पाया लेकिन इससे पहले ब्रिटेन और आगे बढ़ता दोनों साइड एक मिडिल ग्राउंड पर ए गए और उन्होंने
साइन किया डी ट्वीटी ऑफ सुगली जिसके ये कंसीक्वेंसेस द नंबर वैन नेपाल ने अपनी वैन थर्ड ट्री विच इंक्लूड सिक्किम कुमाऊं गढ़वाल एंड ब्रिटिश के हाथों गवा दिया एंड अन स्मॉल फैन फैक्ट मॉडर्न दे नेपाल के मैप का जन्म भी यहीं से हुआ नंबर तू ब्रिटिश को नेपाल के रॉयल कैपिटल काठमांडू के बीचों बीच अपनी एक एमबीसी सेटअप करने का एक्सेस मिल गया जिससे उनके लिए ट्रेड आसान हो गया और साथ ही साथ ब्रिटेन नेपाल इंटरनल पॉलिटिक्स पर भी एक वॉच फुल आयरन ब्रिटिश ने बहुत ही स्मार्ट ली गोरखास को ब्रिटिश इंडियन आर्मी में रिक्रूट
करना शुरू कर दिया तू उसे गोरखास इंपैकेबल फाइटिंग स्किल्स तू देयर ऑन एडवांस सोना नेपाल ब्रिटिश कॉलोनी बनने से तो बच गया बट इट वाज इट 100% इंडिपेंडेंट टाइगर वो ब्रिटिश प्रोटेक्टरेट बन गया यानी की एडमिनिस्ट्रेशन और गवर्नेंस खुद का पर ओवर आल कंट्रोल ब्रिटिश का सो नेपाल गो लकी आई गैस एक्चुअली नो मतलब देखो ईस्ट इंडिया कंपनी का नेपाल के 1/3 एरियाज एनएक्स करने के बावजूद पूरे नेपाल को अपनी कॉलोनी नहीं बनाने के पीछे दो मेजर रीजंस द अब तक एक तो ज्योग्राफी कल चैलेंज और दूसरा इक की आर्मी स्ट्रेंथ और पावर बट आप
खुद ही सोचो ये रीजन इक को कब तक एक्चुअली में रोक के रख सकता था 1857 के इंडियन रिवॉल्यूशन के बाद जब भारत डायरेक्टली ब्रिटिश राज के अंदर ए गया डू यू थिंक तब भी वो नेपाल को छोड़ देते वेल नो बट फिर भी छोड़ दिया क्योंकि 1846 में नेपाल में एंट्री हुई जंग बहादुर राणा की वो राणा डायनेस्टी जिसने आगे चलकर नेपाल में 104 सालों तक रूल किया सो बेसिकली जंग बहादुर ने अपने आप को नेपाल का परमानेंट प्राइम मिनिस्टर घोषित कर दिया और एक कंपलीटली टोटल एरिया एंड रेजिन विद नो ऑपोजिंग वॉयसेस इस्टैबलिश्ड
किया इन डी मिन विल ब्रिटेन इंडिया में एक्सपेंड तो हो रहा था पर धीरे-धीरे नेपाल के पॉलिटिकल स्पेयर में भी उसका इंटरफेयर है और बस इसीलिए नेपाल को ब्रिटिश की कॉलोनी बनने से बचाने के लिए जंग बहादुर ने एक सिंपल सी रणनीति अपनी जो भी इन डी गुड बुक्स ऑफ ग्रेट ब्रिटेन और ये प्रूफ करना की दे कैन ट्रस्ट नेपाल और नेपाल कभी उनके रास्ते का कांता नहीं बनेगा सो 1857 में जब इंडिया का फर्स्ट रिवोल्ट ऑफ इंडिपेंडेंस चल रहा था तब ब्रिटिश के लिए ऑलरेडी इंडियन प्रोटेस्ट को कब करना भारी पद रहा था और
यहीं पर जंग बहादुर को दिखाएं एक अपॉर्चुनिटी उसने मोर दें 3000 सोल्जर्स ब्रिटेन की मदद के लिए इंडिया भेज दिया एंड तू बी ऑनेस्ट लखनऊ और अवध जैसे रीजंस में हो रहे हैं rebolts को नियंत्रण में लाना ब्रिटिशर्स के लिए नेपाली सोल्जर्स के बिना पॉसिबल भी नहीं था इन फैक्ट इसी के दौरान जब काफी सारे इंडियन revolteers नेपाल रीजन के जंगलों में जाकर छुप गए तब जंग बहादुर ने उन सभी को कैप्चर करके मार डाला अब यहां पर सोचने वाली बात ये है की क्रिटिकल टाइम पर अगर नेपाल ने इंडिया का साथ दिया होता तो
क्या होता इनफेक्ट अगर देखा जाए तो नेपाल की जनरल मैसेज भी इंडिया के इस इंडिपेंडेंस रिबेलीयन से simpatice करती थी उनको सपोर्ट कर दी थी बट राणा ने अपने पावर और कंट्रोल को मेंटेन रखने के लिए ब्रिटेन का एलॉय बनने का डिसीजन ले लिया था और इनका यह डिसीजन इतना इनफ्लुएंशल था की इस घटना के 62 साल बाद भी जलियांवाला बाग की शूटिंग में टायर के अंदर के 50 में से 25 शूट करने वाले गोरखा सोल्जर्स द एंड स्पीकिंग ऑफ टुडे आज भी गुरखास ब्रिटिश आर्मी के 3% सोल्जर्स कांस्टीट्यूट करते हैं एंड ऑफ कोर्स डी
किंग वॉर्स रीवार्डेड फॉर ऑल दिस 1858 में क्वीन विक्टोरिया ने जंग बहादुर को हाईएस्ट ब्रिटिश मेडल डी नाइट ग्रांड क्रॉस ऑफ डी ऑर्डर ऑफ डी बात से ओनर किया था इनफेक्ट यह फर्स्ट फॉरेन रूलर द जिन्हें टाइटल से नवाज़ गया था एंड डेट इस डी फोर्थ रीजन वही नेपाल ब्रिटिश कॉलोनियलिज्म से बच सका बाय बीइंग ए ट्रस्टेड एलॉय ऑफ डी ब्रिटिश और स्पीक ऐडेड बेनिफिट भी था डी गोरखास अगर ब्रिटिश ने नेपाल को कॉलोनाइजर कर लिया तो उन्हें गोरखास को दूसरे columnise नेशंस की फोर्सेस की तरफ funtrain और मेंटेन करना पड़ता लाइक दे डिड इन
डी केस ऑफ ब्रिटिश इंडियन आर्मी पर आप जब उन्हें हम रिसोर्सेस मिल रहे हैं फ्री में और बिना रिस्पांसिबिलिटी के तो फोकट का वॉर करके कहे को अपना टाइम वेस्ट करें एंड डेट इस डी फिफ्थ रीजन वही ब्रिटिश नेवर बोथैरेड तू कॉलोनाइज नेपाल उन्हें उसे टाइम नेपाल से जो सबसे बड़ा रिसोर्स मिल रहा था वो था मैन पावर वो था आर्मी में और वो उन्हें ऐसे भी फ्री में मिल रहा था सो डीड यू हैव अन लॉट ऑफ रीजंस तू फाइट फॉर डेट इट वाज डी रिजल्ट इस एक्सचेंज के बेनिफिट्स नेपाल को भी मिले और
नतीजा नेपाल को लॉन्ग टर्म तक कंप्लीट इंडिपेंडेंस मिला रहा जंग बहादुर की यही स्ट्रीट्स कंटिन्यू की उनके सक्सेसर्स ने इन सब के अलावा भी डी रनास वर फेमस फॉर देयर हंटिंग डिप्लोमेसी रनास के एक ट्रेडीशन हुआ करता था की वो ब्रिटिश ऑफिशल्स के साथ हंटिंग ट्रांसपोर्टेशन पर जाते द एंड इन वैन ऑफ डीज एक्सपीडिशन इन 1921 नेपाल के एक रूलर शमशेर चंद्र का प्रपोज फॉर कंप्लीट इंडिपेंडेंस गो एक्सेप्टेड एंड फाइनली इस डिसीजन को formulaaj किया गया इन 1923 इन नेपाल ब्रिटेन ट्रीटी जब नेपाल को एक इंडिपेंडेंट नेशन का रिकॉग्निशन मिला सो इट्स obbvies नौ अगर
हम टाइमलाइन को देखें तो इंडिया के 1947 में इंडिपेंडेंट होने से पहले ही नेपाल इंडिपेंडेंस हो चुका था एंड बिगेस्ट वो पहले से ही इंडिपेंडेंट हो गया था ब्रिटिश के जाने के बाद वो इंडियन टेरिटरी से इंटीग्रेट नहीं हुआ अब फ्रेंड्स यहां पर मैं आप लोग का ओपिनियन पूछना चाहूंगा क्या आपको लगता है नेपाल के लिए ब्रिटिश का साइड लेना बेनिफिशियल रहा या इंडिया के साथ इंटीग्रेटेड होना ज्यादा बेनिफिशियल रहता था अगर नेपाल शुरू से ही इंडिया को ज्यादा सपोर्ट करता था आज हमारी हिस्ट्री ज्योग्राफी इकोनॉमिक्स सब कुछ डिफरेंट हो सकता था आपका जवाब क्या
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