कि अगर हमारी तब जो अल्लाह की रहमत की तरफ हो जाएगा तो मेरे नबी पाक ने फ़रमाया तुरंत के बारे में जैसा गुमान करेगा आला भी तेरे लिए वैसे ही बन जाएगा हेलो हेलो वैसा बंद कर तुझे नवाजेगा कर तेरा यह जैल बन जाए ना के जोड़ना मुझे देखा तो मुझे रहेगा तो का पहला तबारक व ताला सबसे बढ़कर तू यही अता फ़रमाएगा लेकिन उम्मीद रब करिए और कुंठित रहमत की यूज के कर्म कि उसकी बताया कि हां एक पहलू जरुर सोचते रखना चाहिए इस मौजू पर अ कि सारी दुनिया निकम्मा कह दे तो बेटा
मां-बाप के नजदीक निकम्मा नहीं होता बाप बेचारा एक गलती पर बच्चा करता है तो वह जाता है दूसरी करता है तो जाता है तीसरी जगह उसकी उसके हिस्से की माफी मांगने जाता है बड़ा कुछ करते हैं पर एक वक्त आ जाता है है कि जब बाप मजबूर होकर अखबार में इश्तेहार देता है कि मैंने इसे आप कर दिया है अब मैं इसके साथ सफेद का मालिक क्या ख्याल है आपका पहली गलती से पर यह कर देते हैं यह दूसरी पर करते होंगे तब करते हैं कि जब बोले जब हद हो जाती है और यह वस्त्र
नहीं होते अवसर एक बार खोलने अखबार के अंदर के सफेद का मुकाबला करें तो शायद दर्जनों शहरों थे आंख्या में कि अरे भाई किस बात का दिल करता है कि वह बेटा जिसके लिए उसकी उम्मीद है कि कल मेरे बुढ़ापे का सहारा बनेगा वह लेकर देखो मेरा रिश्ता कोई नहीं बेटे के साथ किसका दिल करता है और फिर यहां तक नहीं होता आ वह कि आप कानून जाने वाले लोगों से कभी पूछें जो आंख मा लोग है दाल तो में जमा कराते हैं कहते हैं मैंने तो बार में निकाल दिया मेरा इसके साथ को चालू
कहा अम्मा कैसी है मेरा कोई रिश्ता नहीं है क्यों ऐसा कब होता है उसे जब बच्चा याद करते जब बच्चा 1234 गलतियों पर ऐसा अल्लाह के बंदे को सलाह देता है लेकिन कब जब बंद झाला जी ना आए बाहर जाना है बंधत्वा करेंगे रूई ना करें सोचना कि मुझे अल्लाह की बारगाह में जाना चाहिए हम लोग अपना एक बनाकर जिंदगी गुजारते एक जैन बनाकर बल्कि लोगों के नाम बदल बदल के वक्त गुजार थे हम अपनी अपने नव सबूत बनाकर सारा वक्त उसे की पूजा पर महज अलार्म लगा देते हैं बस यह ठीक है यह ठीक
है और यह ठीक है चौथी बात सही कोई नहीं इसी चंद्र मुझे रहते हैं मेरे भाई रहमते इलाही का घनत्व सब अपनाते हैं और मेरे भाई किसी बंदे की मजबूरी तो मां होती है है लेकिन अगर कुछ जान बूझकर जाती करें तो वह आप अ उसकी माफी जिस बच्चे को पता होना उसका आपको इसके बाद के घर में पथरी हो गई थी इस हादसे सलाह नहीं देता जिसका पता हो कि वाक्य बीमार था तो उस्ताद से क्लास में खड़ा नहीं करता जिसका पता हो कि यह जाती कर रहा है जान-बूझकर कार्य विस्तार उसे ढूंढो से
मारता है और ज्यादा मारता है तू नालायक है तू जान बूझकर करता है मेरे भाई अल्लाह की रहमत रहमत है हर एक पर बरसती है लेकिन एक बंदा खड़ा हो जाए राम के मुकाबले में वह नमाज़ पढ़े नमस्ते दाएं ना कोई काम करें ना वो दिन की तरफ़ तवज्जो करे ना वह कभी अन्ना शिफ्ट करें ना वह कभी जायज काम की तरह जो करें सारी जिंदगी हराम कट ना करें नाजायज करें तो तूने हद कर दी तेरे पास गजब आया नहीं बल्कि तूने गजब को आवाज दी है जो तूने अल्लाह के नबी को खोलिए अल्लाह
के गजब को गजब हो ना और होता है ऑर्गन को आवाज देना तो यह गजब को आवाज देना इन्हें फर्क है मेरे भाई याद रख हम आवाज देते हैं जब को तवा गर्म होता नहीं देख कि नबीए करीम सल्लल्लाहो सल्लम और यदि आपने याद रखनी है है याद रखिए नबी पाक सल्लल्लाहू वसल्लम लेना बहुत कम लोगों को बेवकूफ का है हमारे जमाने में तो हम यह बेवकूफ कहना अल्लाह के रसूल सल्ला वसल्लम यह बहुत कम लोगों को बेवकूफ नवी करीम अली सलातो सलाम ने फरमाया है वह बेवकूफ है नवीन शर्मा और मैंने आप लोगों को
बेवकूफ कहते थे नबी करीम अली सलातो सलाम ने फ़रमाया वह बंदा बेबी है जो सारा केरला की नाफरमानी करता है और बेबी लूप की जहमत क्यों नहीं करता है द बेवकूफ है सुबह से शाम तक पर लगा हुआ है मैंने अलार्म मैंने मैंने तेरी मां नहीं माज़ल्लाह हंसी तो करता ना बड़ा मेरे पास लंबित देगा बेवकूफ है तू बेवकूफ है तू बता ना क्या मजबूरी थी नमाज पढ़ने कि कि किसने तुझे गन पॉइंट तक आता है राम खाने को फुट में कितने गज की तो 13 उसमें क्या फायदा था यह जो खुले सिर्फ 10 बंधुओं
को हंसाने के लिए जुटा लेती फस बनाया इसमें तेरा क्या लगा था तू सुबह से शाम तक नाफरमानी करता है शाम को कत्ल न खरीदें माफ कर देगा अल्लाह मेहरबान है माफ कर देगा उस्ताद मेहरबान होता है कि नहीं फील क्यों करता है इंतजार में बोले ओ साहिबा होता है ना उसका दिल करता है शरीर तो फिर हो जाए तो क्यों करता है लेकिन शकर निकल जाती है कि उसने पढ़ा नहीं है कि उसने मैंने कब बाप आंख नाम लिखना आता है मजबूर होकर लिखवाता है ना और भाई यादव बड़ी प्यारी मिसाल मूल रूप में
लिखते हैं कैसे मेरे गांव के एक भी थी कि उस बीपी ने एक बड़ा फैसला हुआ था देहातों में ना बड़ी माय बर्थडे को चढ़ा देती थी और नाम भी रख लेती थी किसी ने मिट्ठू नाम रखा होता किसी ने कोई नाम कहते मां ने बचा रखा हुआ था अब मैं उसको आवाज देती तो व छोड़ा था अब मैं उसको पड़ा खिलाती है वह थोड़ा बड़ा प्यारा था जवान हो गया अब मैं इसलिए बछड़ा पाल गई थी मीणा व बछड़ा बड़ा हो जाएगा तो हाल के अंदर बच्चों से लगाएंगे खेती में हाल चलाएंगे बच्चा बड़ा
हो गया अम्मा के बेटे करने लगे हम लोग अपने बड़ा खिलाफ हालिया इसे पर काम लेते हैं हाल के आगे लगाया तो करने लगा मैंने नहीं चल रहा था अम्मा के पास आए और कहने लगे यह नहीं चलता है मखाने लगी चलो टाइम तो थोड़ा समझ जाएगा फिर मौका दिया फिर आए कामयाब हमने उसके नाक में नकेल भी डाल दिए लेकिन अभी यह हाल में चलने को तैयार है मलारूम रहमतुल्ला आले फरमाते हैं फिर कहा अम्मा से हमारा कहने लगी चल थोड़ा टाइम और में 269 जाएगा थोड़ा टाइम और दिया झंडे भी मारे लेकिन वह
श्याना उन्हें को अरे अब मां के पास है तो मजबूर हो गई दिल नहीं करता था करने लगी जाओ फिर कसाई के हाथ बेच डालो वह ज्ञान कसाई के पास उसे काटा गया उसकी खाल उतारी गई उसके छोटे-छोटे पीस करके खा गए लोग कुमार हो रही थी लोगों ने अम्मा से का तुझे तो बड़ा प्यारा सा तूने कटवा को दिया तमाम करने लगे प्यारा तो बड़ा सा पर मानता नहीं था प्यारा बड़ा था काश बात मानता मकसद पूरा करता तो कभी भी काटा भाई राम क्रीम नहीं चाहता बंदा दोजख में जलने अल्लाह की रहमत नहीं
चाहती जर्नल में देने पर बंदा मानता ही नहीं यह तैयार ही नहीं होता कि सोया हुआ है सवेरे यह कपड़ा लगा रहा है सर चढ़ाकर चौराहे पर खड़ा है नमाज पढ़ने नहीं आया इतने सारे जिंदगी में दर्जनों लकी फैसले के लिए हजारों का निवासी गया पुराने पर पढ़ना नहीं सीखा इसने जिंदगी की हर चालाकी सीखनी है देसी घी तो अपने रसूल के अधिशेष कुछ नहीं सीखा तो दिन की जरूरी बातों को नहीं सीखा ब्राह्मण तो नहीं चाहती कि बंदा जन्नत में जाएगा तो मेज़बान है लेकिन राम करीब का कानून का तकाजा यह है कि जो
अ काम पूरे नहीं करेगा उसे फिर तो जब में डाला जाएगा तुम्हारे पुत्रों फरमाया करते थे असल बात यह है कि ला नहीं मुसलमान को दोजख में डालना चाहता मुसलमान अपनी मर्ज़ी से छलांग लगा है यह क्वेश्चन आएंगे लगातार यह बाज नहीं आता आप यकीन करें बड़ी जिम्मेदारी के साथ बड़े खुल उसके साथ और बड़ी दयानतदारी से यह बजावे की बात अनुसार तवा हमारे बहुत सारे गुना ऐसे है कि जिन सुना होगा हमारी दुनियादारी को भी कोई फायदा नहीं है अब कोई फायदा नहीं सारी दुनिया को भी उस गलती का मेरी बातों की समझ आ
रही आप दोस्तों कुछ गुना है से एक तो होता है कि दुनिया कोई दुनिया का कोई फायदा हो उस गुना में बाहरी दुनिया का भी कोई फायदा जो आदमी झूठ न कि वे सुनाता है झूठ बोलता है झूठ कोई फायदा नहीं से लोग 10 मिनट हंसते हैं और बाहर जाकर हैं यार यह तो कोई यह तो कोई गैर संजीदा आदमी वाकई नहीं क्या फायदा कमाया उसमें अ कि क्या सफल या हुसैन जो आदमी बढ़-बढ़कर बातें करता है 24 510 आदमियों की कीमत कर जाता है लोग है तैयार बड़ा चुगल खोर है क्या कमाया उसने जिंदगी
में कुछ हासिल कर ली है उसके हमारे बहुत सारे गुना मेरे भाई व है जिनका मारी दुनिया को भी कोई फायदा नहीं तो क्यों ना गुनगुना हो को छोड़ दें ताकि हमारे दिल को तो फायदा होता है दीन को तो फायदा होता है सिर्फ जुबान के जायके हैं कुछ देर के लिए हमारी तबीयत कि तक दें 10 मिनट की मुस्कुराहट है जिसके लिए हम अल्लाह तबारक व ताला का कानून तोड़ते फिर तैयार हो मेरे हबी बेकरी अलैहिस्सलाम ने मुसलमान को कहा है कि तेरा नाम तो चाहता है कि वस्तु आज आप सुमिरै हनुमत नागिन कर
देगा आना तो शर्त है कि नहीं खाना तो शर्त है कि नहीं अच्छा चलेंगे बताएं कि जो आदमी यह कम से लेकर इकतीस तारीख तक ड्यूटी करें है उसको तड़का लेने जाना पड़ता है कि तनख्वाह घर आ जाती है बोलकर बताएं अ और फिर भी जाना पड़ता है ओके मैंने ड्यूटी पूरी की है धर्म जाना पड़ता है में जुटी पूरी करने के बावजूद तो यह तनख्वाह लेने और हो सकता है कि यह भी कहा जा अभी आई नहीं काला हो सकता यह भी कहा जा परसों आना यह भी मुमकिन नहीं के फ़ौरन है और खुदा
के बंदे तू आता ही नहीं खुद आखिर हम अपने तू उस के घर की तरफ़ रूजू ही नहीं करता तो समस्या नहीं करता तो कृपया मेरे चैनल पर मेहरबान तो है तो रहमान लेने आया है तूने को बहाना बनाया उसकी रहमत का अल्लाह की रहमत कीमत नहीं मानती बहना मांगती है पर बताना तेरा कहना है कि नहीं मेरे नबी ए करीम सैयदे आलम सल्लल्लाहो ताला वसल्लम ने फरमाया बाबू कीमत का सवाल है और नहीं मांगता यकीन करें नहीं मांग बंधे कीमत मांगते हैं अब सो दफा मुस्कुरा कर बात करें एक दबाना ना करें तो करते
मौलिक शामिल हो गए अब तो सही सलाह भी लेते एक दबा हो सकता है बेचारा पेट में दर्द हो रही हो सकता है घर की को बहुत बड़ी टेंशन हो सकते को मजबूरी हो बनते हम अक्षत कीमत मांगते नमक हम अक्षत आप तंदुरुस्त हैं हर वक्त आप कीमत अच्छा करते हैं तो लोग राजी है लेकिन राहत तो कोई कीमत न देखो इतना ही बना लेते यार अब तो शिराजी हो जाएगा सुनने बड़ी प्यारी अध्यक्ष बड़ी खूबसूरत अध्यक्ष अनिल कुमार मधुकर कुछ बेहद इसमें है हज़रत अबू हुरैरा राड़ी अल्लाह तआला फ़र्माते एक बाबा जी नदी पार
की बारगाह में आए और जब वह वापस जाने लगे तो मैंने उम्र पहुंची तो मृत्य ने इस साल है कहते हैं मुरब्बा आए ना तो यह अमेजॉन कि सफेद होकर तो यूं आंखों पर आ गई बढ़ी-चढ़ी बाबा जी ने पर नहीं हुई और दोनों हाथ पकड़कर लकड़ी के से ऊपर झुकते हुए एक जानी कुर्बान जाऊं कहते जब बुजुर्ग मस्जिद में दाखिल हुए तो मेरे रसूल ने खड़े होकर इस्तकबाल फरमाया खड़े हो और नबी करीम सल्लल्लाहू सल्लम ने आगे बढ़कर बाबा जी को बाद उसे पकड़ा बिठाया उदय ठेका बुजुर्गों कैसे हैं आप तो कहते हो बाबा
जी बात करते तो आंख खोलकर पहले हुजूर का चेहरा देखते हैं फिर वह बात करते हैं तो उनके लव लहर के अंदर बड़ी परेशानी बड़ी तकलीफ बड़ी मायूसी इस वर्ष करने लगे या रसूलल्लाह हुजूर जिंदगी सारी गुनाहों में बीत गई है बुजुर्ग गलतियां भी गलतियां याद माजी अजीब है यार अब चीन ने मुझसे हफ्ता मेरा अल्लाह के रसूल बड़ी लंबी फेहरिस्त है पापा कॉलेज से यादव तरह है या रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि सल्लम जब अंदर से देख रहा हुं मुझे ने की दिखाई नहीं देती तो जरूर इस उम्र में आपका एक हाथी मिला है तो उसने
बात समझाई है तो थोड़ा ख्याल आया है लेकिन या रसूलल्लाह सल्लल्लाहु मेरा वजूद बेकार हो गया है बुजुर्ग बड़ा हो गया वह तीन बातें कई बुजुर्गों ने और निराली कई ढंग से लेकर या रसूलल्लाह सल्लल्लाहु शलभ कुजूर अब तो मेरी कमर भी सीधी नहीं होती कि मैं नमाज़ सही अदा कर सकूं बूढ़ा हो गया हूं या रसूलल्लाह सल्लल्लाहु वसल्लम आप मेरी अंदर ताकत नहीं कि मैं मेहनत मजदूरी कर के सदस्यों खैरात दे सको या रसूलल्लाह सल्लल्लाहु वसल्लम मैं तलवार लेकर याद भी नहीं कर सकता हुं नाम है मतलब ईमानदार पर सकता हूं आकाश ना में
सरकार तो खैरात दे सकता हूं मामू का नाम में दिन के लिए कुछ याद कर सकता हूं बेकार मौजूद है बेकार बेकार मजबूत को तो घरवाले बर्दाश्त नहीं करते बच्चे तो आप करते हैं यहां जी को चढ़ा दे दे अम्मा को पढ़ता दे दे बेकार हो गया हूं और आज आया वह समझ बेकार को मेरा भी कबूल कर लेगा आज कलमा पढ़ो तो बेकार हो किसी में का निदान नमाज नकारता के हाथ कबूल कर लेगा अनिरुद्ध प्रभो बरसात में बरसात में बारिश की झड़ी लगती है यह मुस्तफा की आंखों से झड़ी लग गई उस पर
खेलो एक हल्के और मेज़बान ने फ़रमाया बुजुर्ग और बड़े मुजाहिद है दिन के लिए याद करने वाले बड़े हैं राम क्रीम को आप की तलवार कितनी हाजत नहीं और फ़रमाया उसके खजाने को खाली पर नहीं कि आप भी गया झटका देंगे तो भरे जाएंगे और फ़रमाया फ्लावर करीम की इच्छानुसार फनी करती बातें हम तो बंदर कौन सा देती हैं मैं बुजुर्गों को ना आप जी हां करें नाम अधिकार दे लाल अमीनाबाद में पड़े आप छिद्रक दिल से आ जाए अल्लाह के रसूल कब आता है रब आपको पगारी साधु संत प्रकाश शर्मा देगा है अब आना
तो शर्म है कि नहीं आ तो सही ना पहुंचे तो मुझे याद है उसको नहीं आ जा सकता तो खैरात की जांच की तब लिख आए तो सही नहीं लव लाइफ इस उम्र बता बता बंधा हुआ नहीं है मेरे अभिनय फरमाया बंद कमरों के कहना या गलती हो गई माफ कर दे पर माया मेरा मालिक उसे पूर्णिमा वर्मा देता है तो आंखों से को आता ही नहीं है तो आज नहीं रहा तू घर में बैठा हुआ तो सोया हुआ तो दुकानदारी करना है तो कैसे निर्दय तो आए ही नहीं आ रही बल्कि मेरे नबी पाक
शर्माते हैं जब अल्लाह पाक का भागा हुआ गुलाम आता फिर तो अल्लाह राजी होता है फिर तो अल्लाह ज्यादा राजी होता है ज्यादा राजी होता है तो आपको सही पास पर सही बल्कि शुरुआत और बात करते हैं वह कहते तो कभी भूल कर भी ना बराबर करें तो अल्लाह तो उसे भी को दूर कर लेता है भूल के मुख्य भूमि कहते हैं बनी इस लाइन का बंदा है के सनम पत्थर को कहते हैं दोस्तों कहते हैं बहुत के सामने खड़ा है और सारी रात को तैयार आलम यह सनम यह सर ऐप तरह बहुत सारी रात
को करता रहा रात गहरी हो गई नींद का गरबा थक गया सोने के करीब आया तो गलती से मुंह से निकल गया या समद या सनम कि लोग निकल गया ट्रक खरीदने पर मैं जब अनिल गौड़ के जाए जो मांगता इसे मे हजरत जिब्रील करते हैं मतलब भूलकर तेरा नाम ले रहा है भूलकर ले रहा है ट्रक खरीदने पर मैं चलता हूं तो मेरे ले रहा है मेरा ले रहा है ना यार राघव अलागिरी ने फ़रमाया जूते के सामने सारी रात का खड़ा है सारी रात का पुकार रहा है उसे कुछ नहीं मिला तो सच्चे
का नाम लिया है अगर मैं भी कुछ ना दूर बहुत अमरुद में फर्क क्या रह जायेगा चाहे जो मांगता है झोली भरके दे नाम का नहीं है ना और भाई तू बहाना तो बनाना वहां तो सही ना तो यहां आज आप ऑन जा कि उसकी बार गाय बाद में आदत वाला तुझे फुर्सत ही नहीं तू यारों के लिए टाइम निकालता है बाजारों के लिए टाइम निकालते हैं गलियों के लिए टाइम निकालता है चौकोर चौराहा होकर यह टाइम निकालता है अब एक दिन उसने के लिए भी जाता है लेकिन कभी छुप के दोनों सिरों कि मुझे
तौफीक नहीं होती और मैं कई बार कह चुका हूं इस बंदे को बगैर इबादत के ज्यादा मिलने लगी है उसका राज बारिश होती है रात करीब अल्लाह फरमाता है इसको पैसे दो सिरहाने ना देना इसको चल पैसे बढ़ जाए लोग समझते हैं मैं बड़ा सही मुसलमान हूं देखो मैं अपनी होशियारी से चला कि से आगे निकल गया तो आसमां है यह तो हमारे शरीर की तरफ से तो इसकी खासियत दी है मेरे भाई उसकी बार का नाश तक दो में आना तुम्हारी जिम्मेदारी है कि नहीं फिर उसकी रहमत आगे बढ़कर इस्तेमाल कर लेती है फिर
अल्लाह का फजल उसको काम लेता है उस बंदे ने और खुदा की रहमत कितनी रहता है मेरे सबसे करीबी सैयदे आलम सल्लल्लाहो सल्लम ने फरमाया अल्लाह ने अपनी आमद के शो इसे किए कि उक्त बातें एक हिस्सा लिया दुनिया में नामजद किया है में इतना धुत एक हिस्सा वर्मा यह जो मां बेटे से प्यार करती है अब बाप-बेटे के लिए मजदूरी करता है जो बहन-भाई के लिए रोती है यह जो बीवी और के लिए दुआ मांगती है यह जो बच्चे मां-बाप से प्यार करते हैं पर मैं यह उसके एक रहमत का नतीजा है एक रहमत
का नतीजा था तो यह अरे यार सुलावो 99 किधर है न विभाग ने फ़रमाया क्रीम ने संभाली हुई है कयामत के दिन तुम्हें अता फ़रमाएगा आ जो अभी तक ना जल की है अभी अल्लाह ने एक दूसरे के हमें तस्वीर पढ़ाया करते थे की तस्वीर के उस्ताद थे तो मैंने उसे दिन काम मैंने का जैसा कुछ बातों में ना मैं आ जाता हूं आज मैं अपने आपको इस लायक नहीं समझता तो कहीं-कहीं ना हेयर ऑयल आ जाता है तो कभी भूल जाता हूं सवाल कई दिनों का है उसमें यह तस्वीर का मसला को जरा कुछ
चीजें ऐसी होती है बुजुर्ग कहते हैं जो किताबों से नहीं मिलती फिर उसी दिनों से मिलती है गौरव तो फ़क़त लव ही सिखाते हैं यह आदमी है जो आदमी बनाते मैंने का साथ यह समझ नहीं आई मैं यहां भी साफ व को चाहने लगे किस तरह मैंने का यह खबर में भी सवालों के जवाब और फिर कयामत में भी मुझे का नाम रा जी की तस्वीर उठा लाओ कि मैं तस्वीरों के सामने लाकर रखी तो कहीं ना कहीं वह सैयद यूसुफ अली सलाम का वाकिया जरा देखो तो सिगरेट यह सब में है है उसमें एक
अजीब बात लिखी है कि हज़रत यूसुफ़ अलैहिस्सलाम के ज़माने में कैद हो गया पुन आधुनिक सलातो सलाम ने क्योंकि आप अल्लाह के नबी से पहले से जान गए कहीं तो होगा तो यह सब लोग दिनों पहले स्टार्ट कर ली थी बहुत ज्यादा वाकिल आपको मैं जब तहत बढ़ाना अब हम लोगों ने मिस्र की तरफ रुझान किया जब लेने के लिए तो यह प्लेट सलातो सलाम देना शहर के दरवाजे पर बने खड़े कर दिए और मैं जो बनता है ना उसे तो सवाल पूछना अ है जो आएंगे लोग अंदर खरीदने हैं जो आए तो सवाल पूछना
एक पूछना कहां से आया है और एक पूछना लेकर क्या आया है कि एक पूछना तमिलनाडु यह बात करें और दूसरा पूछना कि ले करके सोना लेकर आया है चांदी निकंदन खरीदनी है तो क्या चीज लेकर आया कि नगद पैसे लाया ले पूछ लेना जो आए दो बातें पूछना एक पूछना कहां से आया है और दूसरा पूछना क्या 1981 में तीन सवाल भी है लेकिन फरमाया पूछना तो सवाल जरूर इंतजार था ना भाइयों का कि नान से आने वालों का फरमाने लगे सबसे दो सवाल पूछना जबकि नाम वाले आए ना उनसे सिर्फ इतना पूछ लेना
कि वह कहां से आए हैं कि अगर पूछना कि नाम से आए हैं तो फिर ये ना पूछना क्या लेकर आए हैं फिर मुझे खुद टोटल होगा वह क्या लेकर आए बाकि उसे दो सवाल जब मेरे भाई आए ना पाया देवयानी मुद्दे तय पाया गया बाबा जब मेरे भाई आए तो उनसे यह पूछना करो कि आपस में पूछना कि कहां से इतनी बात पूछना बाकी मैं पूछ लूंगा आप समाज लगेगा भी फरिश्तों से कहता है तुम कमर में ना मेरे पद से ज्यादा सवाल मत करना बस यह पूछ लेना मुझे मानते हैं मेरे नबी को
मानते कमर में तो इतने सवाल पूछ लेना बाकी लेकर किया है वह मैं खुद ही पूछ लूंगा फरिश्तों के सामने हम क्रीम अपने बंदे को जागरूक करना बस यह बता दे अलार्म शुरू को मानता है कि नहीं बाकी जो तेरा हिसाब किताब है ना लुटते में कयामत में करूंगा मैं पूछ लूंगा इसका क्या इलाज करना है बस तुम इतना बता दो मुझे मानते हो मेरे रसूल को मेरे भाई मेरे नबी ए करीम अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैं जो बंधुत्व करने वाला था अल्लाह की बारगाह में आने वाला था बार-बार सावरकर आधे साथ रहता था उसे इस आस्था
आया करता था फिर भी गलती हो गई कयामत के दिन रंग क्रीम अपने फर्ज की चादर उस पर डालेगा है कि कल की चादर डालेगा और अगर मुझसे पूछेगा यह गुना किया था और नबी पाक फरमाते हैं उसमें बड़े भी उनके अलग छोटे-छोटे गुणों के बारे में पूछेगा यह गलती की थी यह बुना फंदा डाल रहा है वह पता नहीं सजा क्या मिलेगी क्योंकि दुनिया में भी डरता रहा यहां भी डालना है शर्त यह है कि इस वाला हो जाता रहा फिर भी गलतियां हो गई खयाल करता था मिला करता था नैक होने की जद्दोजहद
करता था होता है गईं यह गुना किया था ज्यादा भूल गया था यह उबला हुआ लाल मिर्च गलतियों यहां भी किया था यार गलती हो गई थी ए नबी पाक सल्लल्लाहू छोटे-छोटे गुलाब दिखा रहा है और उसे गहरा यह किया था यह किया था मानता जा रहा है रात्रि फरमाते फतेह मैं तेरे साथ क्या करने वाला हूं टांगें कांप गई थीं ल पता नहीं फरमाया मैं तुझे गुनगुना हो कि बदले ने किया देने लगाओ में तिल गुलामों के बदले लेकिन या नबी 569 फटी बोल पड़ा करने लगे या नार्मल बड़े बदलाव किए अगर तूने एक
बदलाव के बदले में इन्हें नहीं तो मेरा तो बड़े पाप है वह दूसरे किधर है मेरे हबीब ए करीम अली सलातो सलाम फरमाते राहु मुस्कुराएगा जो राहु की शांति के लायक है अल्लाह फरमाएगा तेरे दिल में एहसास था तू आया करता था तो हुआ करता था तू मेरी बार कायनात में आता था पता तेरे अपनी है या नहीं फरमाया मैं तुझे अपनी रहमत की चादर में छुपा के जन्नत में दाखिल करना चाहता हूं मेरे भाई तू आ तो सही तू पांच तो सही ख़ुदारा यह जो जितनी दुनिया दारी है ना यह तो आप अच्छा जी
होंगे लोग हर वक्त और यह जो हमने प्लानिंग की हुई है ना कि मैं फलाना काम करके सेंधा हो जाऊंगा तो इतनी मोहलत नहीं दी है ना पाप न हों तो फौरन आफ अपनी मंसूबा बंदी बदले रहमतुल्लाहे की जानी तवज्जो करें अपना जिगर अब करीब के बारे में कर्म वाला बनाएं और यह इरादा करें कि मैं उसकी बाहर गांव में आऊंगा तो मुझे पता करेगा अपने बालों पर भरोसा ना करें अपनी अक्ल पे भरोसा ना करें भरोसा जब भी करें खुदा की रहमत पर करें उसके फादर पर करें उसके कर्म से करते और यह बनाया
गया ना माफ करने वाला है हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने गुनाहों का अहसास पैदा करें हमारी जिम्मेदारी है कि हम तौबा सच्ची और खरी करें हमारी ड्यूटी यह है कि हम अल्लाह की बारगाह में सही मायनों में हृदय हम तो अभी ड्यूटी करते हैं बल्कि अगर मैं कहूं के मजाक करते हैं भी समय बनाता आने वाली है ना किस दिन है जिन्हें रात को सभी बारात आएगी कुछ लोग तो खैर वेस्ट जाते हैं कि हम नहीं मानते और पक्के लगे हुए वह कहते हैं नहीं बात नहीं करनी चाहिए मैंने का याद बस करो छोड़
दो अब अल्लाह की इबादत करने के लिए भी तुझसे जन्नत लेनी पड़ेगी के अनुसार भी ज्यादा देना फाड़ने को इजाजत लेनी पड़ेगी बंद बड़े समझदार है वह खुश बंदा दूसरी पार्टी का जाए तो उसे नोट बैन कर लेते हैं कि दूसरा दूसरी समाज का मसला कुचला कन्नौज जनपद के बजाय रिमोट तीसरी बार शिवराज को क्या होता है इबादत क्या होता है बोलके बताइए यही होता है ना तो इसके लिए सिगरेट की जरूरत है वह पल्लव जीने के अभियुक्तों ने जब भी MS Word दवाइयां माशा अल्लाह फरमाता है मेरे बर्थडे सारी रात गुजार देते हैं यह
काम करते हुए यह सजा करते होंगे इसके लिए सिगरेट की जरूरत है बड़ी जल्दी मसला कुछ नहीं आ जाते लोग जी हां एक व है जो मानते हैं इसी में से एक है तो बड़ा जी मानते हैं वह कहते आश्रम राहत है छोटा रोशनी मिल रहा दुकान से भी सब रात गोश्त खाने का दिन है अलावा खाने का दिन न शब-ए-बरात मौत करने का यह अदरक चुप रहता है पहले किलो गोष्ट तो क्यों ले लो कौन सा तरीका शब-ए-बरात बनाने का और विषय पर आप मनाई जाएगी मैं राशि से पटाखे चल रहे हैं रोज शाम
को चलते हैं ना नहीं मैं यह रेमिडी गलती लग गई थी खुले नहीं न चलते हटाकर कौन-कौन बेस्ट पटाखे अ में हिंदू शक्ति बुद्धि चलाता कौन है तो किसने कहा जलाने को मैं इसमें कोई पुष्टि फिर के कभी खराब नहीं होता डरना चाहिए अलख से अल्लाह जहन्नम की आग ठंडी करते हम जलाते हैं सब रात को रेफर करते Thank you गेम खेला रहे हैं बच्चे पटाखों के पैसेंजरों से लेकर आते हैं कि हमसे लेते हैं हम मना क्यों नहीं करते हैं के जूते पालिश करने पर तो थप्पड़ लगते हैं जो पटाखे वाले बच्चे को नहीं
पूछा जा सकता बाप की जिम्मेदारी है और वह जैसी नमस्कार लिखा है अगर बच्चा नाबालिक कोई गलती करता है तो उसका बाद जिम्मेदार है जवाब दिया उसकी जगह सा तुमको समझाएं शब-ए-बरात आएगी फिर तब आओगे यार मशहूर होने की आवाज आएगी जोर-जोर से लोग रोएंगे तड़प है कि इस तमाम होंगे बड़े-बड़े समाप्त होंगे तो बड़ा करेंगे लो कर देंगे साला काला आएंगे ना लोग मधुमेय फिर से झूठ बंद हो जाएगा ना अगली सुबह मलावर खत्म कमतोल खत्म में एक ऐसी तो है वह दुकान झालो शाम रात वाले दिन गलत सूजी ग्रो कर रहा है मिलावट
वाली चीनी बेच रहा था कि दवाइयों में धोखा देते हैं लोग झाइयों में दवाइयां में धोखा देते हैं एक डॉक्टर को मुझे कहने लगे वह मेरे दोस्त हल्का-हल्का कोर्स किया हुआ है कहते मेरे दोस्त है कई सारे लोग तो एक ऐसा यह बारिश बेकार आदमी था तो अपने बुआ जी को भी पर लगाने लगा तो बुलाने लगे पुत्र विनाशलीला दे तेरी मेहरबानी मीनू अश्लील आदमी तेरी मेहरबानियां धोखाधड़ी व आदमी यह हाल हो गया है दबा मुझे बताया वह फॉर्म निकला कि तौर पर कितनी गिर चुकी है जो दवाइयों निर्देश दिए इन दवाइयों में और मैं
चावला किसी मौके पर तब सींस प्रभ करूंगा बड़ी तफ्सील से मैंने बहुत सी मालूमात किया कितना जुलम करते हैं यह लोग लिखने वाले भी लाने वाले भी बेचने वाली कितने बड़े मुद्रा में क्षेत्र के साथ खेलते हैं एक बार अलार्म बस है मतलब जिस आदमी ने धोखे कमाल लाकर रखा है शाम रात वाले दिन के दावा भी करनी है उसे भेजना भी है वह तौबा कर दिया है जिसने धोखे का मालिक रखा है कश्मीर भेजना है और आठवां भी कर्म यह दावा कर रहे हैं कि मजाक कर रहा है तो मेरी तौबा अस्तक फिरअल्लाह यार
माफ कर दूं चीजों की आवाज में हो रहा है और सवेरे सारे टक्कर हुई है यह कैसी कब आए थे और बाबा क्या है मेरे नबी पाक अलैहिस्सलाम के गुलामों ने तौबा की तक़सीम कि अगर आप यह ने बस भी से किसी ने पूछा तो वह क्या है तो आपने फिर मैं तो बात यह है कि जब तौबा कर ले तो फिर उससे का नजर ना आना जहां खड़े होने के बावजूद नाराज होते हैं कि अ शर्मा हां जी है कि जब तूने तौबा कर ली फिर वहां से गहरा असर ना होना जहाज रेखा तुझे
अलार्म शुरू कर देते हैं यह तेरी तो आए और अगर तो ऐसा नहीं करता फिर तूने बाबा फिर तूने तो पानी कि फिर तूने मजाकिया मेरे भाई रहमत हिला ही आवाज देती है उसकी तरफ़ रुजू करें दौड़े और रहमत की उम्मीद रखते हैं यह समझने चंद्र पास बैक बात अक्सर करता हूं नबी का दरवाज़ा बंद हुआ है दाता गंज बख्श ले जेरी ने कहीं लिखा था कि मेरे बाद अली बिन उस्मान ज्वेलरी दूसरा नहीं आ सकता अगर मदरसा कहीं नहीं ले कर गए कि दूसरा मुझे अदनान सामी पैदा नहीं होगा अगर व लक्ष्मण बुखारी ने
कहीं नहीं कहा कि मेरे जैसा बली नहीं होत कि बुजुर्गों ने कभी नहीं कहा तो जाए तो खाना इक़बाल कहते हैं आज भी हो अगर इब्राहिम काली मां पैदा आग कर सकती है अंदाज़े गुलिस्तां पैदा तू प्रोग्राम के बना आगे कि प्रकार्य मेरे नबी ए करीम सैयदे आलम सल्लल्लाहो सल्लम ने फ़रमाया तेरे आ जाने से तेरा नाम रा जी हो जाता है जब तो आता है तो तेरा अल्लाह राज़ी हो जाता है यह तुम्हारी मुश्किलात होती है ना कि मैं मुझे होते हैं वह में जादू हो जाता है तब यूज कर देते हैं मारे करीबी
रिश्तेदारों तबीयत नहीं होते वह हमारे बालों की सजा होती है कि हमारे बालों की सजावटी हम वह ढूंढते फिरते एक बाबा मिल जाए फूंक मारे सही कर दें हालांकि वह हमारे आर्म होल की सजा यह हमें अपनी तबीयत करनी चाहिए हमें और वैसे भी दाम दुरुस्त व्यवस्था गांव में अक्सर कहा करता हूं मैं कहता हूं मैंने किसी किताब में नहीं पढ़ा फिक्रमंद नबी पाक से जर्मन से कम कराने आया हूं कि मैं हूं से कम कराने जा रहा हूं इससे आह दम कराने शाम से कम कराने आया हूं मेरे नबी पाक के पास जो भी
आया करता था नबी पाक अधीन सीखने है करता है दाम दुगने चीज दिल्ली चीज़ें हो गया तो ठीक है वरना अल्लाह पाक अगर बीमारी में राज्य तो लाभ पाने को तिवारी को सीने से लगा के रखा हो धरना के माध्यम से हत्या एवं स्वयं का विशाल तिवारी के साथ हुआ तो विवाहित मृत नहीं है मेरे नबी पाती उल्लेखनीय सुधार के कार्य करेगा हम दम भर जाए मतलब खरीद तो बस सच्ची तौबा और किस तरह की दवा मेरे नबी करीम जी कि अली सलातो सलाम ने अपने हिसाब से पूछा एक बात तो बताओ बुखारी मुस्लिम के
अध्यक्ष या रसूलल्लाह पूछिए ए नबी पाक सल्ला वसल्लम ने फरमाया अगर कोई आदमी शराब में सफ़र कर रहा हूं अब एक बहुत बड़ा तेरा हो मैं हूं और उसका सफर और उसने ऊंट पर खाने-पीने का सामान बांधा हो पैसे भी रखे हो पानी में रखा हुआ था कि आप सफर करता करता है के दरख्त की टहनी के साथ उनकी नकल बांधी और जब के नीचे लेटकर आराम करने के लिए अ जो अलार्म्स अभी पर माती अचानक उसकी आंख लग गई है जब जागा तो उसने देखा कि उस तो गायब हो गया है अब ना खाना
है न पानी है न पैसे हैं और चेहरा बड़ा लंबा है पैदल सफर भी नहीं कर सकता था थोड़ा सा ढाबा पर मौत का इंतजार करने लगा दो मैं सोचने लगा मौत आएगी अब मर जाऊंगा अल्लाह के बाबू फरमाते हुए थोड़ी देर उतरें जब बिल्कुल मायूस हो गया था तो अचानक नजर पड़ी तो वह उसका सामने खड़ा साथ में नवी कक्षा बस उसने बताओ उसकी कुल कायनात उड़ गई थी रात सुनाया हो गई थी हाफ है रोटी गई थी दोबारा उस मिल गई है बताओ उसे कितनी खुशी होगी ज्यादा खाने लेकर या रसूलल्लाह नई जिंदगी
मिल गई दुश्मन देखे वह सारी दुनिया से ज्यादा राजी है तो मेरे करीब रसूल सल्लल्लाहु वसल्लम ने फरमाया राहु क्रीम का नाफरमान बंधा जब उसकी बारगाह में आकर तौबा करता है तो अल्लाह इससे भी ज्यादा राशि हो जाता है नाफरमान जब बाकी का तैयार अलार्म ऑफ कर दे फायदा नहीं करता मतलब राजी हो जाता है और हम भी पाक अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैं इतना करीब है या बंद अपने राज्य से सुना कर लेता है तो वह कर लेता है तो अलग ज़मीन को करता तो भूल जा मेरे बंदे ने गुनाह किया ही नहीं आसमान से करता
तो भूल जा मेरे बंदे ने गुना कि ही नहीं फिर आप करीब है क्रीम फरिश्तों से फरमाता है कि मिटा दो और जो तुमने लिखा था मैंने अपने बंदे के साथ मिलाकर लिया शब-ए-बरात को आएगी मतलब यह निशान लगा कितने बजे है एक अंग्रेज सोचेंगे उपस्थित थे हैं अक्षर के बट मस्ट दशहरा कितने बजे जी असर कथाएं गूगल करें मस्जिदें असर के बाद दूसरी फाइबर मगर अब से लेकर सजगता की बात करें तो है मगर में शाम शुरू हो जाती है कि एक राज्य के देखें जागना पड़ता है मरीज़ हो जाए तब भी जागना पड़ता
है दुख लग जाए तब भी कि उस जगह लेता है बड़े-बड़े जागते बड़े-बड़े जा गले थे वह जगह लेता तंदुरुस्ती भी से तत्व भी ऐसी भी पलक भी बड़ा अच्छा लेकिन अगर वह नींद ना देना चाहे तो बंदा सारी राती तड़प के जागता तड़प के और भूखा इतना रोटी का भूखा इतना परेशान नहीं होता जितना नींद कब होगा परेशान होता है वह जैसा इंसान को जगह लेता है कवर इसके के वो खुद जगाए खुद ब खुद झुकें है है मगर टिप्स लेकर फजर की नमाज पढ़े जिक्र करें उदय पड़े मां फल में शिरकत करें मेरे
रसूले करीम अली सलातो सलाम की प्यारी वह जहां उन्होंने संयुक्त नाच हरसिद्धि का हां यदि अल्लाह ताला ना कहते हुए जरूर रमजान के अलावा सबसे ज्यादा रोजगार में रखे थे वह ट्रैक्टर सोची रमजान की मैंने अर्ज किया या रसूलल्लाह सल्लल्लाहु वसल्लम इतने रोए क्यों रखते हैं अभी रमजान तो आगे न भी पढ़ते फरमाइश महीने में बंदे का माल अल्लाह की बारगाह में जाता है मैं चाहता हूं जो मेरे अ मर जाए तो मैंने रोजा रखा हुआ कसरत सिन्हा रखें और मेरे भाई बदल जाएं बदल जाएगा मेरे नबी पाक ने फ़रमाया गनीमत जामनगर से है तो
बीमारी आने से पहले गनीमत जान जाएंगे चली जाएगी बीमार आदमी से कुछ भी नहीं होता गनीमत जान ले विनम्र होकर कुछ कर लें अगर तेरे पास फुर्सत है तो गनीमत जान ले मसरूफ होने से पहले पहले मेरे अभी बेकरी सैयद आने वाले सलाम के गुलाम फरमाते हैं फरमाते हैं कि नबी पाक सल्ला वसल्लम अपने मिसाल देकर समझाया मदीने में जो कबीला सबसे ज्यादा बकरियां पालता था वह बंदूक कब का कब मिला था और फरमाते इतनी वक्रीय थी कि उनकी वक्रीय हमने कभी देखी नहीं थी नबी पाठ अलैहिस्सलाम ने फरमाया जब शाहरुख खान की 15वीं रात
आती है तेरी में जी का लफ्ज़ है फ़रमाया जब शाहबाग की तंत्र भी रहा था आती है तो बनो कल्ब के कबीले की बकरियों के बालों की तादाद के मुताबिक अल्लाह मेरी उम्मत के अफराद चिपक शर्मा देता है और भगत हमें लगता यू है है कि क्योंकि हमने जो चीज सबसे ज्यादा देखी थी वह ब्लू कलर की बकरियां थी इसलिए नबी पाक ने हमें समझाने के लिए उनकी बात की वर्दी अगर हमने उससे ज्यादा कुछ है देखी होती तो अभी तक उसका नाम विआन फरमाते हैं हमें समझाने के लिए बनवाया बलों कल मुकेश कबीले की
बकरियों के बालों की तथा बिक्री के बाद भी बंदा देख सकता खैर उतरने पर में जो सबसे ज्यादा बकरियां पाते उनकी तादाद के मुताबिक प्रत्याशी दीपिका ह कि यदि अल्लाह ताला नफरत के जन्नतुल बकी में हुजूर जाया करते कब्रिस्तान में कब्रिस्तान के कोने में अल्लाह के रसूल को मैंने नमाज पढ़ते भी देखा आप अंदर भी रात को और फरमाते डुबकी वालों के लिए पक्ष की दुवां भी करते कब्रिस्तान भी जाएं शब-ए-बरात को उनके लिए दुआ भी करें और फिर मेरे भाई शब-ए-बरात को मिला है यह के साथ है लौटने का प्रोग्राम बनाएं उससे कमल कमल
के ना खरीद जड़ के लिए आए खुद-ब-खुद आएं उसके कर्म की तरफ़ तवज्जो करें उसकी रहमत की तरफ़ तवज्जो करें मेरे रसूले करीम सल्लल्लाहो सल्लम के पास एक देहाती आए मौला अली शेरे खुदा फरमाते हैं भैया जरूर था कि कभी-कभी शादी बंध जाते थे पर बड़ी अजीब बात कर जाते थे प्रत्येक व्यक्ति आय की समाधि हुई और सादा साथ रुमाल कंधे पर रखा हुआ है नबी पाक के पास आया और उसे दिल्लगी करने लगे थे अपने पुत्र से दिल्लगी करने लेकर मीठी बातें यार 16 मसला पूछना है पूछो अस करते हुए जरूर क़यामत में हिसाब
कौन नहीं गए आ गया मत में है अब इसको नहीं पता कौन हिसाब से लड़ने लगे की बात कौन लेगा न भी पड़ने पर मामला सामने का आप तो कहते उसने ना और मुलाकात तो हम उसकी बात पर हैरान हो गए गाने लगाइए और सलाह वाकई अल्लाह इस आंवले का या तो कहते नबी पाक मुस्कुराए फरमाने लगे तो यह तेरी मार है मैं सच्ची तो कह रहा हूं तो किस तरह की बात कर रहा है लाइट्स आंवले का यह ज्वेलरी फरमाते हैं उसने रुमाल उठाया करने पर रखवाने लेकर या रसूलल्लाह अगर आपने हिसाब लेगा तो
फिर उसमें माफ कर देना है अरे यह क्या के वो चला गया यह लफ्ज़ कहकर वह चला गया पद्धति मालिक इतने मैंने खुद का चेहरा देखा तो गुलाब से भी ज्यादा खिला हुआ था मैंने नबी पाक का चेहरा देखा तो चार से भी ज्यादा रोशन था मैंने काजू यह क्या कह गया है नबी पाक ने फिर मैं बनता बड़ा साधा था बहुत बड़ी प्यारी कर गया है बड़ी प्यारी कर दिया है हुजूर ने फरमाया ही लाभकरी में है और क्रीम जब गांधी होता है तो गर्मी फरमाया करता है वह कर्म नहीं करता है वह माफी
करता है और मानसिक करता है अल्लाह माफ करता है पर मैंने आपको माफी लेने आई ना तो फिर भाभी लेने मैं एक और बात भी आकर में समझाने आपको भी समझने हम जब किसी रिश्तेदार को राजी करने जाते हैं नाराज हो तो मैं पता चल जाता है कि यह वक्त पाने आया राजी हो गया दो किस्म के लोग होते पैसे चलो बढ़ा दिया गया मैं चलता हूं पर किस तरह टाइम टाइम आऊंगा दोस्तों आपके घर आ जाऊंगा और जो राजी हो जाते हैं ना वह दो दिन पहले आते थे तो कभी फील करते हैं से
मुलाकात करते हैं वह कपड़े नहीं बदलते तरह होता है राजी हुए 25 की समझदारी आपा कि हम तौबा करने आते अल्लाह की बारगाह में क्या हमें पता नहीं चलता कि हमने तो बहुत किया नाम राजू है कि नहीं हुआ हमारा हिमानी रिश्ता तो है ना अपने रब से रुका शाहरुख तो है ना तो हमें दादा होता है कलर राजी हो गया कि का अंदाजा तो होना चाहिए ना मैं यह बात कहने की नहीं यह बात महसूस करने के लिए इसको महसूस करेंगे और हम जब अल्लाह की बारगाह में आए ना आए है तो फिर हम
ताजा होना चाहिए कि मैंने मना लिया है कि नहीं बना सका मैं उसको का शिकार डॉक्टरों के नहीं उतरा अगर बगैर राशि के उपयोग तो फिर फार्मैलिटी करने आए थे फिर राज़ी करने पर राज़ी करने नहीं आए थे अ गिरते भू-जल उपन्यास रहमतुल्लाहि ताला ने फरमाया कि मैंने सर संजय में रख यह हमने का पौधा बनता आज मुझे पता चलेगा कि तुम मुझसे राज्य के राजा तो फिर भी मैं फ्री में रखूंगा तेरी उठूंगा आप फ़रमाते मुझे चारों कोनों से आवाज आने लगी कि तेरा राजी हो गया है और शर्मा कि जिस जगह में सजा
काट रहा था वह जमीन भी बोलेंगे कि बस कर दे और उसका मालिक तुझे राजी हो गया है लेकिन शर्त यह है अभी यह जमीन हजरत है बीच-बीच में रहमतुल्ला आले फरमाते हैं मैं सूद का कारोबार करता था तो वह करने से पहले कई दफा मैंने तो बाकी थी लेकिन मेरी उस अवा के अंदर सदाकत नहीं होती थी तू मेरा दिल भी गवाही देता था कि यह नाक और सारे बंदे का त्याग नहीं करता है क्या नहीं करता पकड़ पाते हैं जिस तरह बंधुओं को धोखा देते हैं इस तरह माज़ल्लाह तो आपने सीता की करते
हैं लेकिन बाद में दोबारा उसी डगर पर चलने करते हैं जिसमें पहले होते हैं आप फ़रमाते हैं मैं कई दबा करता था तो तोड़ देता था कि आज मैंने कहा कि किस तरह की छूट का फायदा करता था तो मैं फूड के पैसे लाया घोषित करने को दिया बीवी को सूद के पैसों का आ बीवी ने लिया चढ़ाई कि थोड़ी देर गुजरी तो वह सारा घोस्ट फूल बन गया वो मेरी बीवी उठाकर लाइक करने लगी ले जाइए जो तू गरीबों का खून न छोड़ कर लाया था जो खून बन गया खुद भी पी औलाद को
भी पिलाओ तब मैंने सच्ची दवा का फैसला किया आज मैंने पहले मैं सच्ची तौबा का इरादा नहीं था आज शिक्षितों का फैसला किया और मैं निकला हजरत हंसले हंसले के पास गया उनकी बैक हुआ तौबा की उन्होंने मुझे अमाल बताएं खरीद पाता है जब पापा के लिए घर से निकला तो छोटे-छोटे बच्चे खेल रहे थे एक बच्चा का लगा पीछे क्यों बहुत बड़ा बूट दिया है इसका छाया भी पड़ गया तुम्हारे अंदर अनुसार आ जाएगी पिछड़ता वसूली का धंधा करता है कि मुझे और चोट लगी की याद तेरी छोटी छोटी मखलूक यह समझ तो यह
के पत्ते मितवा करने गया तो खरीद शोभा करके आया है तस्वीर असली के पास रोहित और बाकी मैं वहां से वापस आया तो बच्चे अभी खेल रहे थे दैत्य वह बच्चा जो पहले बोला था कि पीछे गांव बड़ा सुद्धोवाला अनुसार पड़ जाएगी वह बच्चा फिर आवाज देखाने लगा दोस्तों पीछे अड्डों रब क्रीम का बली आ रहा है अल्लाह का बंदा आ रहा है ऐसा ना हो हमारे पैरों से गर्भ गिरने और इस बलि के ऊपर पड़े और इसकी तो ही हो जाए अल्लाह हमसे नाराज ना हो जाए बली की तोहीन करके पीछे हट जाओ आप
परमात्मा मैंने तब कि आसमान की तरफ देखा और मैंने कार्यालय मुझे समझ आ गई है कि खरीद व क्या होती है सच्ची तो पर्सनल प्रॉब्लम क्या हुआ अलावा झूठ-मूठ के दबा ना करें जेवरात को आएं और बढ़ा दयानतदारी का मशवरा देता हूं दिल को संभाल के है अगर झूठ नहीं छोड़ना प्रेम नहीं छोड़ना हमने मस्जिद की अवधि की पाबंदी नहीं करनी तो फिर तवा कलर्स पुकारना धोखा है फिर यह तो क्या है फिर यह मजाक है फिर मजाक ना करें आना है तो खरीद अब्बा के इरादे से आए खोल किया है इंशाह अल्लाह हर साल
हम भी सारी रात दिया करते हैं आपसे गुजारिश करेंगे तो छुट्टी ना करें वर्क पर्याय अगली में नमाज अदा करें इसके बाद लावा फूट पड़े महसूस करने का मकसद होता है कि तिलावत से दिन नरम होता है नाक से तेल गर्म होता है तकरीर से इंसान की सोच बदलती है तो व की तरफ जाती है यह सारे काम करके देवबंद स्थित वार्ड करता है तो वह करता है तो उसके लिए आसान हो जाता है जैन बन जाता है इसलिए वह आज भी होगा शिकार भी होगा तो आप योगी वक्त को जाया न करें रमजान करीब
आने वाला है मुद्रा कहते हैं अगर शब-ए-बरात पर सचिव बात कर लोगे तो फिर हम जार में जो नहीं किया करोगे वह तुम्हारे पास स्टॉक बन जाएगा और तुम्हारे पास खतरनाक तथा हो जाएगा तो अभी से कर लो मामला तभी से सेलेक्ट लोग ताकि जब रमजान है तो फिर ने किया गन्ना बनकर जमा हो हमेशा विधते कैरोलाइना में उतरे दुआ है यह अमरुद सैलाब में उतरे आखिरी दादा ने हम दो