[संगीत] ब्रॉट टू यू बाय सेंसेंट के बस पैक नहीं एसएलएस पैराफिन और टूथ का करंट भी कन तो लाइफ का करंट ऑन कुछ भी तू ट्राई करके देख ले सेंसें के टूथपेस्ट और सेंसिटिविटी द हिंदू ने शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से एक ऐसी खबर छापी है जो चिंता बढ़ा सकती है 2023 में 65 लाख स्टूडेंट्स 10वीं और 12वीं क्लास में फेल हो गए फेल होने वालों में 10 लाख छात्र ऐसे हैं जो एग्जाम देने गए ही नहीं इस मामले में नेशनल बोर्ड्स की तुलना में स्टेट बोर्ड्स की हालत ज्यादा खराब लगती है वहीं
छात्रों के मुकाबले छात्राओं का प्रदर्शन अच्छा रहा 10वीं क्लास में नेशनल बोर्ड के छात्रों का फेलियर रेट 6 फीसद था जबकि राज्यों के बोर्ड में 16 पर से ज्यादा बच्चे फेल हुए 12वीं क्लास में नेशनल बोर्ड में फेलर रेट 12 फ और राज्य बोर्ड में 18 फ रहा हमने इन सभी डाटा के आधार पर शिक्षाविदों से बात की पूछा कि केंद्रीय बोर्ड्स की तुलना में राज्य बोर्ड्स में विफलता दर अधिक होने की वह क्या वजह मानते हैं देखिए जो बोर्ड एगजाम देते हैं वो एक प्राथमिक शिक्षा और अपर प्राथमिक शिक्षा से पास करके आते देखि
पिछले करीब 30 35 सालों में जो हमारे देश के जो सरकारी स्कूल है प्राइमरी स्कूल है चाहे कोई राज्य हो वहां की शिक्षा की स्थिति बहुत खराब हुई है देखिए हुआ क्या कि जो हमारी नेशनल पॉलिसी एजुकेशन जब आई तो उसमें एक प्रावधान यह बन गया कि कक्षा आठ तक कोई भी परीक्षा नहीं होगी तो उसका नतीजा यह हुआ कि जो नव दसव कक्षा में लोग छात्र जाते वो आठ सालों में कभी टेस्ट ही नहीं हुए मैं ये खास कर इसका ध्यान दूंगा कि जो सरकारी हमारे विद्यालय है प्राथमिक विद्यालय और अपर प्राथमिक विद्यालय है
इसका नतीजा यह हुआ कि जो पढ़ाई का स्तर था वो एकदम गिर गया एक तो वैसे भी सरकारी स्कूलों में शिक्षा मित्रों की नियुक्ति और सस्ते बिना अन ट्रेन टीचरों को लगाए जाना यह ट्रेंड 95 के आसपास से शुरू हुआ तो इस इन चीजों ने और कोई भी शिक्षा प्रणाली में हमारे कोई टेस्टिंग का ना होना और टीचरों की कमी का होना उसके बाद कक्षा में ज्यादा छात्र कम टीचर एक दो दो दो तीन टीचरों को पांच पांच कक्षाएं दे दी गई पांच पांच विषय दे दिए गए पढ़ाने के लिए जब इस तरह की शिक्षा
प्रणाली होगी तो जो लोग नव दसव 11 12 में जाएंगे आप समझ सकते हैं उनका स्तर क्या हुआ जब थ क्लास में दव में पहुंचते हैं तो इनका एक विधिवत एग्जाम होता है विधिवत परीक्षा हो जा जो बोर्ड एगजाम है वो वास्तव में ठीक ठाक ढंग से किए जाते हैं नकल जिन राज्यों में होती उनको अगर आप छोड़ दे बाकी ठीकठाक ढंग से किया जाते हैं तो उसका परिणाम आना त है यह छात्र तैयार ही नहीं है उस स्तर की उस स्तर की शिक्षा को प्राप्त करने के लिए इसलिए बड़ी संख्या में फेल होते हैं
देखि यह पिछले अगर आप 50 60 साल का भी आप देखे जो विभिन्न राज्य बोर्डों का जो परीक्षा फल वो कभी भी 55 60 65 से ज्यादा नहीं रहा और ये हालत मैं आपसे बताऊ मैं अभी रिपोर्ट को देख रहा था पिछले इस साल ही 2024 में उस राज्य का नाम मैं नहीं लूंगा उस राज्य में 62 प्रतित का परिणाम दिखाया गया और उस परिणाम को लाने के लिए ये अखबारों में छपी खबर परिणाम को लाने के लिए पास मार्क को 33 से घटा के 25 किया गया और हर छात्र को 20 प्र ग्रेस मार्क
दिया गया 20 20 मार्क ग्रेस ग्रेस कर दिया गया तब जाकर 62 6 पर उसका रिजल्ट पहुचा तो ये स्थिति जो है वो उसका मेन कारण है हमारी जो प्राथमिक शिक्षा है उसका उसकी क्वालिटी एकदम तर स्वस्त हो गई है जिसका हमें रिफ्लेक्शन इसमें दिख रहा है हमने विजय से य भी पूछा कि सिलेबस एग्जाम पीरियड बोर्ड स्ट्रक्चर में किस तरह के बदलाव होने चाहिए य जो सीबीएससी बना इसमें जो टेस्टिंग है वो मैं स्पष्ट रूप से कहूंगा कि जो भी स्ट बोर्ड उसकी तुलना में कहीं रते नहीं हैय और वो बोर्ड जो है राज्य
बोर्ड जो है वो बहुत मुश्किल है और देखिए चाहे शिक्षा का स्तर जैसा भी हो गया हो लेकिन एग्जामिनेशन का स्तर वो स्टेट बोर्ड्स में अभी भी काफी प्योर है काफी ठीक है और कॉपियों को मेहनत से जाचा जाता है पेपर सेटिंग बहुत मेहनत से की जाती है एग्जाम को कक्ट किया देखिए नकल की जो प्रॉब्लम आ गई है कुछ राज्यों में खासकर जो नॉर्दन स्टेट्स है उनमें उनको अगर हम छोड़ दे उसको हम अभी दर किनार कर दे तो ये दो ये जो राज्य स्तरी बोर्ड है ये बहुत जिसे कहते हैं टफ है सीबीएससी
जैसे बोर्ड की तुलना में इसलिए इन बोर्डों का को अपनाना नहीं चाहिए राज्य स्तरी बोर्डों को बल्कि सीबीएससी में परिवर्तन लाया जाना चाहिए और सीबीएससी को कहा जाना चाहिए कि ये आप जो शिक्षा प्रणाली आपने आधी अधूरी कर रखी है और एग्जामिनेशन का पैटर्न भी इनका इतना जिसे कहते हैं कि छोटे-छोटे क्वेश्चन और उनके आंसर ये जो ट्रेंड है वो मेरे विचार से और जो जिस पर जो शिक्षा के जो उस समय जो चर्चा हुई थी जब मुझे अच्छी तरह याद है तो भी ये कहा जाता था कि सीबीएससी से सीखने के बजाय सीबीएससी को
राज्य के बोर्डों से की शिक्षा प्रणाली को अडॉप्ट करना चाहिए और ये इसमें सुधार लानी चाहिए रिपोर्ट ये भी कहती है कि सरकारी स्कूलों से क्लास 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं में लड़कों की तुलना में लड़कियां ज्यादा शामिल हुई जबकि निजी स्कूल में लड़कों की संख्या ज्यादा रही निजी स्कूलों में लड़कों की ज्यादा तादाद एक तरह से शिक्षा में भी लैंगिक भेदभाव को दिखाती है इस तरह के पैटर्न पर भी हमने एक्सपर्ट से राय ली देखिए ये ट्रेंड बहुत पुराना है मुझे याद है कि जब हम लोग परीक्षा देते थे तब भी जो बच्चियां
थी उनकी परफॉर्मेंस लड़कों से हमेशा आगे रही इसका मुझे जो समझ में आता है वोह सामाजिक परिवेश इस तरह का है क्योंकि लड़कों को ज्यादा फ्रीडम है बाहर जाने की ज्यादा फ्रीडम है खेलने की मित्रों से मिलने की और बच्चियां जो है उनका ज्यादा समय विद्यालय उसके बाद घर पर बीतता है तो उनके लेवल पर जो तैयारी प्रिपरेशन होती है और जिनके प्रति शिक्षा के प्रति गंभीरता थोड़ी ज्यादा ये ये ट्रेंड पिछले 60 70 साल का रहा है तो वर्तमान में भी यह ट्रेंड कंटिन्यू कर रहा है और यह इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए
कि जो बच्चियां जो है वो हम बच्चों से बालकों से अच्छी जो परिणाम ला रहे हैं जहां तक प्राइवेट स्कूलों के थोड़ा सा ट्रेंड में थोड़ा फर्क है देखिए इन इसको जो सरकारी स्कूलों में जो एक ट्रेंड है उससे विपरीत ये ट्रेंड चलता है क्योंकि जो प्राइवेट स्कूल है उनमें जो शिक्षा की जो स्थिति है वो हमारे सरकारी स्कूलों से बहुत बेहतर है और उसमें मैं यही कह सकता हूं कि एक तो बच्चियों की संख्या भी उतनी ज्यादा नहीं है जो प्राइवेट स्कूल है जबक सरकारी स्कूलों में शत प्रतिशत चकि एनरोलमेंट का है इसलिए बच्चियों
की संख्या बहुत ज्यादा हमेशा रहती है बराबर की बराबर रहती है और इसका जो परिणाम आता है आगे चलकर बोर्ड एग्जाम्स में वो हमेशा आप पाएंगे कि बच्चियां जो है बेटर करती है ऐ की तुलना में जो जो प्राइवेट स्कूल है वहां बच्चे ज्यादा अच्छा करते इस मामले में न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने भी सूत्रों के हवाले से बताया कि 10वीं क्लास के लगभग 33 0000 छात्र पास नहीं हो सके इनमें से 55 लाख छात्र तो ऐसे थे जो एग्जाम देने गए नहीं इसी तरह 12वीं के लगभग 32400 छात्र पास नहीं हुए इनमें से 520000 एग्जाम
नहीं देने गए और बाकी के 27200 छात्र परीक्षा देकर फेल हुए अगली सुरखी का ताल्लुक एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट से लेकिन अन्य बेंच की बात है और एक अन्य केस की भी बात है किसानों के प्रदर्शन से प्रभावित पंजाब हरियाणा के शंभू खनौरी बॉर्डर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 22 अगस्त की सुनवाई से बड़े निष्कर्ष नहीं निकले सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा दोनों सरकारों को किसानों के साथ बैठकें जारी रखने के आदेश दिए हैं अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस उज्जवल भुइया की बेंच
ने मामले की सुनवाई की किसानों से बातचीत के लिए सुप्रीम कोर्ट एक हफ्ते में एक समिति गठित करेगा दोनों राज्यों की सरकार से कहा गया है कि वह इसके लिए नाम दे सकती हैं अगली सर की चुनावी राज्य जम्मू कश्मीर से है सितंबर अक्टूबर में होने वाले विधानसभा चुनाव में फारूक अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सकती है 22 अगस्त को दोनों पार्टियों के अध्यक्ष श्रीनगर में मिले एनसी के अध्यक्ष फारूक और कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे साथ में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी मौजूद थे इसी मुलाकात के बाद फारूक ने
कहा कि दोनों पार्टियां साथ हैं जो अलायंस है वो ऑन ट्रैक है और इंशा अल्लाह ये बिल्कुल अच्छी तरह से अलायंस चलेगी सीट्स का भी बहुत अच्छा साब फाइनल हुआ एलायस आप जी फाइनल हो गया है आज शाम को उस परे दस्तखत हो जाएंगे और ये सब आपके सामने आ राहुल गांधी जम्मू भी गए यहां उन्होंने क्या कहा आप वो भी सुनिए आपने देखा होगा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री यू भाष देते थे देखा [प्रशंसा] आपने मैं आपको बता रहा हूं आप आप आप गलतफहमी में मत हो कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता ने मैं बता रहा हूं
आपको कांग्रेस पार्टी ने के कार्यकर्ता ने हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री से कांस्टिट्यूशन पर ऐसे यह करवा दिया यह आपकी देन है आपका काम है और मैं तो पार्लियामेंट में बैठता हूं मुझे तो बिल्कुल सामने दिखते हैं मैं आपको बता रहा हूं कि आपने हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री की जो कॉन्फिडेंस थी उसको खत्म कर दिया उड़ा दिया इस मुलाकात पर और राहुल गांधी के जम्मू कश्मीर दौरे पर भाजपा की तरफ से प्रतिक्रिया आई है वो भी सुन लीजिए राहुल गांधी जी के अंदर में पच है वहां के लोगों को भड़काना और फिर से यह कहना उनके अंदर है
कि हम 370 लाएंगे लेकिन देश इसे स्वीकार नहीं करेगा क्योंकि राहुल गांधी फ्रस्ट्रेशन में है इधर कुछ मुरझाए रहते हैं जब से उनका जात और धर्म अपने को बता नहीं पाते हैं लेकिन समाज में अति पिछड़ा यह कहते कहते राजनीतिक भाषा बोलते हैं लेकिन अपने को अपनी बात नहीं बता पाते आप जानते हैं कि जम्मू कश्मीर की 90 विधानसभा सीटों पर तीन चरणों में मतदान होना है 18 सितंबर 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को मतगणना 4 अक्टूबर को होगी 2019 में अनुच्छेद 370 के निष्प्रभावी होने के बाद जम्मू कश्मीर में पहली बार विधानसभा चुनाव होने
जा रहे हैं इंडिया टुडे का मूड ऑफ द नेशन सर्वे भी आ गया है इससे कौन-कौन सी बड़ी बातें निकलकर सामने आई है जानने के लिए एक बार चलिए न्यूज़ रू पॉलिटिक्स को लेकर देशवासियों के मूड में क्या है यह बताने वाला सर्वे मूड ऑफ द नेशन का आंकड़ा आ गया है फटाफट से इसके पॉइंट्स जान लेते हैं लोगों से जब पूछा गया कि उनकी नजर में अगले प्रधानमंत्री के लिए सबसे बेहतरीन उम्मीदवार कौन है तो 49 फीसद लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिया 22.4 पर लोगों ने राहुल गांधी का नाम लिया सर्वे
में यह भी पाया गया कि अगर आज की तारीख में लोकसभा चुनाव होते हैं तो एनडीए के खाते में 299 सीटें आ सकती हैं वहीं इंडिया गठबंधन को 233 सीटें मिल सकती हैं लोगों से पूछा गया कि अगर पार्टी हटा दे तो उनकी नजर में नरेंद्र मोदी के बाद पीएम पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार कौन है इस पर पहला नाम राहुल गांधी का सामने आया 28.6 फ लोगों ने उनके नाम पर हामी भरी अमित शाह पर 20 प्र योगी आदित्यनाथ पर 18.8 प्र और नितिन गडकरी पर 13.2 प्र लोगों ने हामी भरी यह सर्वे
करीब 136000 लोगों की राय के आधार पर बना है इस पर हम विस्तार से हमारे वीकली पॉलिटिकल शो नेता नगरी में भी चर्चा करेंगे आज का ललन टॉप शो यहीं तक अपना और अपनों का ख्याल रखिए और देखते रहिए द ललन टॉप अगले एपिसोड में आपसे मुलाकात होगी ऐसी उम्मीद के साथ अब हम विदा लेते हैं सवाल कुछ गंभीर है मसलन ये चिया सीड्स और किनोवा की बकती क्या है अजवाइन का पानी पीने से वजन सच में कम होता है इंटरमिटेंट फास्टिंग फायदा है या इंसान भूखा बस रह जाता है और क्या कलेजे में उठता
हर दंड यमराज से मिलवा है ग ये कब तक मेरे हर सिमम को कैंसर बताएगा मामला संगीन है कंफ्यूजन महीन है तो यहां वहां भटक कर क्यों खुद को उलझा जाएं एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स की सुनकर हर गुत्थी सुलझाएं 29 अगस्त को सुबह 11 बजे से देखिए सेहत अड्डा अगर आप भी बनना चाहते हैं सेहत अड्डा का हिस्सा तो डिस्क्रिप्शन पर दिए लिंक या वेबसाइट पर बने बैनर पर करिए क्लिक और हां रहिए सेहतमंद सिडेंट के प्रेजेंस सेहत अड्डा को पावर्ड बाय यूएसवी योर रिलायबल हेल्थ पाटनर एंड डॉक्टर बासु आई हॉस्पिटल [संगीत]