[संगीत] एक बार एक राजा ने अपने सारे मंत्रियों, सिपाहियों और राज्य के लोगों में यह घोषणा कर दी कि जो भी एक बड़ी सी भैंस को अपने ऊपर उठाकर हमारे राज्य का एक चक्कर लगाएगा, मैं उसे हजार सोने की अशरफियां दूंगा। जब सब ने यह बात सुनी तो सभी लोग हैरान हो गए और आपस में बातें करने लगे कि कोई कैसे इतनी बड़ी भैंस को अपने ऊपर उठाकर इस राज्य का एक चक्कर लगा सकता है। कुछ लोग तो पहले ही पीछे हट गए और कुछ लोग यह बात सुनकर हंसने लगे। लेकिन कुछ लोगों ने राजा
की इस बात को स्वीकार कर लिया और राजा से कहा कि हम लोग भैंस को अपने ऊपर उठाकर इस राज्य का पूरा एक चक्कर लगा सकते हैं। करीबन 10-12 लोगों ने राजा की उस बात को स्वीकार कर लिया था। अब राजा ने उन सभी 10-12 लोगों के सामने बड़ी सी भैंस लाकर रख दिया। अब उन 10-12 लोगों में से कुछ लोग ऐसे थे जिनसे भैंस उड़ भी नहीं पाई। और किसी ने तो भैंस को उठाकर अपनी हड्डियां ही तुड़वा ली। और किसी ने भैंस को उठाकर तबकेत वहीं नीचे रख दिया। और किसी ने भैंस को
उठाकर सिर्फ राज्य दरबार से बाहर ही लेकर गया। लेकिन कोई भी भैंस को अपने ऊपर उठाकर उस पूरे राज्य का एक चक्कर नहीं लगा पाया। तभी एक आदमी जो यह सब देख रहा था उसने राजा से कहा कि राजा साहब मैं पूरे 2 साल और 7 महीने के बाद मैं आपके सामने इसी बहस को अपने ऊपर उठाकर राज्य का पूरा एक चक्कर लगाऊंगा। राजा ने उस आदमी से कहा कि क्या तुम इतने समय के अंदर यह सच में कर सकते हो? वो आदमी हां कहकर वहां से चला गया। और फिर पूरे 2 साल और 7
महीने के बाद जब राजा इस बात को भूल भी गया था तभी राजा को कुछ हलचल महसूस हुई। उसने देखा तो वही आदमी अपने ऊपर एक बड़ी सी भैंस को उठाकर राजा के सामने खड़ा हुआ था। उसने राजा से कहा कि राजा साहब अब बताइए कि इस राज्य के कितने चक्कर लगाओ। अब मैं बिल्कुल तैयार हूं। यह देखकर राजा भी हैरान हो गया और राजा ने उस आदमी से कहा कि तुमने यह सच में करके दिखा दिया। मैंने तो यह बात सिर्फ अपने राज्य के मंत्रियों, सिपाहियों और राज्य के लोगों को सबक सिखाने के लिए
कहा था। लेकिन तुमने यह किया कैसे? तभी उस आदमी ने कहा कि बहुत ही आसान था महाराज। जब आपने यह बात कही तो हमारे राज्य में किसी को भी इतना वजन अपने शरीर पर उठाने की आदत नहीं थी। मैंने 2 साल 7 महीने का टाइम इसीलिए आपसे लिया था कि ताकि मैं इतने टाइम के अंदर इस काम की प्रैक्टिस कर सकूं। और सिर्फ यही काम नहीं अगर इंसान कोई भी काम करना चाहे तो वह उसे थोड़ा समय देकर और बिना एक भी दिन छोड़े वो अगर प्रैक्टिस करें तो कोई भी काम कर सकता है। तभी
राजा ने उस आदमी से कहा लेकिन तुमने मुझसे 2 साल और 7 महीने का टाइम ही क्यों लिया था? तो उस आदमी ने राजा की तरफ देखकर कहा कि राजा साहब अगर किसी काम को करना है और उसकी अंतिम तारीख डिसाइड ना हो तो आप उस काम को कभी नहीं कर सकते हो। इसलिए मैंने आपके सामने वो टाइम बोल दिया था जिस पर मुझे भी बार-बार यह याद आता था कि मुझे अपने दिए हुए टाइम के अंदर ही यह काम पूरा करना होगा। अब राजा ने उस आदमी को 1000 सोने की अशरफियां भी दे दी
और उस आदमी को अपना खास बॉडीगार्ड बना लिया। तो इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि इंसान चाहे तो हर काम जो मुमकिन है वो उसे कर सकता है। बस शर्त यह है कि आपको एक टाइमलाइन सेट कर देनी है और बिना एक भी दिन गवाए पूरी ईमानदारी के साथ अपने काम में लगे रहना है। अपने काम की प्रैक्टिस करते रहना है। तो दोस्तों अगर आप भी इस कहानी को और भी लोगों तक पहुंचाना चाहते हो तो इस वीडियो को लाइक करिए ताकि YouTube इस वीडियो को और भी लोगों तक पहुंचाए और अगर
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