स्टडी आईक्यू आईएस आपका सिलेक्शन हमारा मिशन नमस्कार दोस्तों दोस्तों अगले 4 साल तक जब तक डोनाल्ड ट्रंप प्रेसिडेंट हैं अभी दुनिया में क्या-क्या होने वाला है इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है सोच के देखिए चाइना चाइना के फॉरेन मिनिस्टर डायरेक्टली भारत को दोस्ती का सौगात भेज रहे हैं यह मैं कोई बैक चैनल डिप्लोमेसी की बात नहीं कर रहा हूं फॉरेन मिनिस्टर चाइना के उन्होंने डायरेक्टली भारत को कहा है कि आइए हम साथ मिलकर यूएस का मुकाबला करें क्योंकि आपको पता है में डोनाल्ड ट्रंप जो है टैरिफ को लेकर हर दिन कुछ ना कुछ बोलते ही
रहते हैं कि हम आपके ऊपर टैरिफ लगा देंगे चाइना के ऊपर लगा देंगे और देखिए अभी तो क्या है कि चाइना के ऊपर तो लग ही गया है भारत के ऊपर तो अभी सेकंड ऑफ अप्रैल से लगना बाकी है तो यहां पर भारत एक मिडिल अप्रोच अपनाने की कोशिश कर रहा है लेकिन चाइना ने एक प्रकार से साफ-साफ कहा है कि भारत और हम अगर साथ आ गए तो कहीं ना कहीं यूएस का मुकाबला कर पाएंगे तो इसको थोड़ा सा डिटेल से समझेंगे कि हो क्या रहा है चाइना ने क्या बोला भारत ने क्या बोला
और क्या आज के डेट में चाइना यूएस का मुकाबला करने को त र है काफी कुछ जाने को है चलिए आगे बढ़ते हैं लेकिन उससे पहले आप सबको बता दूं कि इस साल अगर आप यूपीएससी प्रीलिम्स का पेपर दे रहे हैं दोस्तों तो यह वाला जो हमारा बैच है एसआईपी जिसके अंदर आपको प्रीलिम्स की पूरी जो रिवीजन है वो कराई जाती है टेस्ट सीरीज मिलता है लिंक कमेंट सेक्शन में दिया हुआ है और यूज़ करना है आपको ये कोड अंकित लाइव ताकि आप मैक्सिमम डिस्काउंट ले सकें तो चलिए शुरुआत करते हैं और सबसे पहले देखते
हैं कि एगजैक्टली अभी हुआ क्या है देखिए आपको पता ही होगा चाइना और यूएस के बीच में टेंशंस काफी गहरा गई हैं स्पेशली टैरिफ को लेकर और ये मैं आपसे और चर्चा करूंगा लेकिन हुआ क्या है अभी रिसेंटली यूएस ने जो चाइना के ऊपर जो टैरिफ था वो 10 पर से डबल कर दिया है इसको 20 पर कर दिया है और इसी की वजह से जो चाइना के फॉरेन मिनिस्टर है वैंग ी उन्होंने कल ही यहां पर दिल्ली को ये कहा कि आइए भारत और चाइना एक हो जाते हैं और अगर हम एक हो गए
तो यहां पर जो हेजम निज्म और पावर पॉलिटिक्स चल रही है दुनिया में उसको हम टैकल कर पाएंगे मतलब वो बेसिकली ट्रंप की तरफ इशारा कर रहे थे एगजैक्टली उनके द्वारा क्यों बोला गया कब बोला गया मैं आपको बताता हूं कल क्या होता है कि एक नेशनल पीपल्स कॉन्फ्रेंस की मीट होती है कांग्रेस की मीट होती है और उसी के बाद वो आते हैं और ये देखिए उन्होंने क्या शब्द का इस्तेमाल किया है मेकिंग द ड्रैगन एंड एलीफेंट डांस इज दी ओनली राइट चॉइस कहने का मतलब यह आपको पता ही होगा चाइना को एक प्रकार
से ड्रैगन से रिप्रेजेंट किया जाता है भारत को एलीफेंट से रिप्रेजेंट किया जाता है तो कह रहे हैं कि आइए हम एक साथ मिलकर काम करते हैं साथ ही साथ उन्होंने कहा सपोर्टिंग इंस्टेड ऑफ व वेयरिंग ईच अदर डाउन मतलब हम अपने आप से लड़ने के बजाय अपने एक दूसरे को सपोर्ट करते हैं व वो बात अलग है कि चाइना भी कब यहां पर बैक कर दे कब धोखा दे दे नहीं पता गलवान वैली अभी तक मतलब इतना ज्यादा ताजा है कि उसको भुलाना मुश्किल है हमारे कितने सारे जो जवान है वो वीर गति को
प्राप्त हुए थे तो वो एक मैटर है डेफिनेटली लेकिन चाइना इस समय बढ़ चढ़कर आगे बढ़ रहा है और कह रहा है कि हमें एक साथ आना चाहिए फंडामेंटल इंटरेस्ट के तहत साथ ही साथ देखिए उन्होंने कहा कि हम दोनों देश एशिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी है अगर एशिया के दो लार्जेस्ट इकोनॉमी एक साथ आ जाएंगे कंबाइन कर जाएंगे तो यहां पर जो इंटरनेशनल रिलेशंस है उसको डेमोक्रेटाइजेशन कर सकते सकते हैं डेवलपमेंट स्ट्रेंथ कर सकते हैं ग्लोबल साउथ को ताकि एक ब्राइट फ्यूचर हो तो क्वेश्चन यहां पर यही आता है कि क्या चाइना भारत को
आउटरीच कर रहा है क्या चाइना चाहता है कि भारत से दोस्ती करें और यहां पर देखिए जब चाइना के फॉरेन मिनिस्टर से पूछा गया कि आपका रिलेशन कैसा है इस समय दिल्ली के साथ भारत के साथ तो देखिए उन्होंने कहा कि ये सब पॉजिटिव स्टाइट्स मतलब पिछले एक साल में काफी कुछ पॉजिटिव हुआ है जिस प्रकार से लद्दाख के दप सांग डेम चौक में मिलिट्री डिसएंगेजमेंट हुआ आप सबको पता ही होगा और स्पेशली प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी और जो चाइना के शी जिनपिंग हैं उनकी मुलाकात हुई थी पिछले साल रशिया में कजन में जो मुलाकात
हुआ था उसके बाद काफी कुछ अच्छा हो रहा है और यहां पर जो बॉर्डर डिस्प्यूट है उन्होंने कहा वी शुड नेवर अलाउ बायलट रिलेशंस टू बी डिफाइंड बाय द बाउंड्री क्वेश्चन मतलब हमारा जो रिलेशंस है वो सिर्फ बाउंड्री के तहत नहीं देखना चाहिए यहां पर बहुत सारे डिफरेंसेस हो सकते हैं लेकिन कुछ चीजों पर हमें एक साथ आना पड़ेगा तो आपको समझना है कि जिस प्रकार से चाइना भी एक प्रकार से पर परेशान हो स हो रखा है इस समय डोनाल्ड ट्रंप से यूएसए कि यहां पर बहुत ज्यादा टैरिफ की चर्चा हो रही है प्रॉब्लम
हो जाएगी इकोनॉमी संकट में आ जाएगी तो क्वेश्चन अब यहां पर यह आता है कि व्हाई इज चाइना सीकिंग इंडियाज हेल्प ये एक सबसे बड़ा प्रश्न है तो देखो इसका सिंपल आंसर यह है कि चाइना को अपने इकोनॉमी का खतरा है क्योंकि जैसा कि मैं आपको बता रहा था कि पहले तो डॉनल्ड ट्रंप ने अनाउंस कर दिया कि चाइना के जितने भी गुड्स हैं जो जो अमेरिका आते हैं उसके ऊपर 10 पर का टैरिफ लगेगा लेकिन अभी रिसेंटली ट्रंप ने इसको डबल कर दिया कहा कि नहीं 10 नहीं अब तो ये 20 पर लगेगा इनफैक्ट
मैं आपको बता दूं मेक्सिको और कनाडा के ऊपर जो टैरिफ लगाया गया है ना 25 पर का उसको अभी एक महीना के लिए रोक दिया गया है लेकिन चाइना वाला टैरिफ नहीं रोका गया है और इनफैक्ट अगर आप देखोगे तो व्हाइट हाउस ने मतलब ट्रंप ने डायरेक्टली आरोप लगाया बीजिंग के ऊपर चाइना के ऊपर कि यहां पर आप फेंट आइल जो है उसका एक्सपोर्ट करते हैं अमेरिका के अंदर बेसिकली मैं आपको बताऊं तो फेंटाइन जो है एक डेडली मैन्युफैक्चर्ड नारकोटिक है अ मतलब एक प्रकार से मैंने इसके ऊपर वीडियो भी बनाया था और आपको बताया
था कि यहां पर जो चाइना है यहां पर ये क्लेम किया जाता है कि चाइना की सरकार उन कंपनीज को सब्सिडी देती है कि आप यह ओपिड बनाइए फैंटना इल और एक प्रकार से यह मेक्सिको कनाडा के माध्यम से यूएस के अंदर एंटर करता है और डोनाल्ड ट्रंप का क्लेम यह है कि हर साल हजारों लोगों की मृत्यु होती है उसके ओवर यूज की वजह से तो यहां पर इसी की वजह से ट्रंप का कहना था कि हम चाइना के ऊपर 20 पर का टैरिफ लगाएंगे लेकिन चाइना को ये चीज बिल्कुल पसंद नहीं आया और
24 घंटे के अंदर-अंदर चाइनीज एंबेसी का यहां पर स्टेटमेंट आता है और उन्होंने कह दिया इफ वॉर इज व्हाट द यूएस वांट चाहे वो कोई भी वॉर हो ट्रेड हो टैरिफ हो या फिर किसी भी प्रकार का हो हम उसके लिए रेडी हैं और साथ ही साथ चाइना ने यहां पर अमेरिकन जो गुड्स हैं एग्रीकल्चर गुड्स हो गया सोयाबीन पोक वीट बहुत सारी चीजें उसके ऊपर 15 पर का टैरिफ लगा दिया तो चाइना ने भी अमेरिकन गुड्स के ऊपर टैरिफ लगाया और साथ ही साथ चाइना ने डब्ल्यूटीओ के अंदर भी कंप्लेन की है और कहा
है कि देखिए जिस प्रकार से यूएस इस समय बिहेव कर रहा है यूनिलैटरल टैक्स लगा रहा है यह डब्ल्यूटीओ के रूल्स के खिलाफ है इसको अंडरमाइंड करता है वैसे देखो आज के डेट में डब्ल्यूटीओ कहां है इसका रोल क्या है किसी को कुछ नहीं पता क्योंकि अगर अगर एक्चुअल में डब्ल्यूटीओ वर्क करता तो इस प्रकार से डोनाल्ड ट्रंप यहां पर टैक्सेस टैरिफ नहीं लगा सकते थे और यहां पर चाइना ने ये भी कह दिया कि ये जो फैंटना इल वाला क्लेम है ये गलत है यूएस का तो क्वेश्चन अब ये आता है कि क्या भारत
ने मतलब जो चाइना ने ये दोस्ती का हाथ बढ़ाया क्या भारत ने इसको रिस्पांस किया है देखो अभी तक भारत का कोई भी ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं आया लेकिन अभी जस्ट थर्सडे को ही अगर आप देखोगे तो एस जयशंकर साहब का बयान आया था चाइना को लेकर वो बोल रहे थे उन्होंने कहा कि देखिए चाइना के साथ हमारा अगेन जो रिलेशनशिप है वो थोड़ा सा पॉजिटिव टेरिटरी की तरफ जा रहा है पॉजिटिव ट्रेजक्ड है इस समय और यहां पर उन्होंने बताया कि कैसे जो कैलाश मन सरोवर वाली यात्रा है उसको हमने वापस से स्टार्ट करने की
कोशिश की डायरेक्ट फ्लाइट जो कोविड टाइम से यहां पर रुका हुआ था उसको वापस से स्टार्ट किया जा रहा है एक्सचेंज ऑफ जर्नलिस्ट हो गया तो काफी कुछ पॉजिटिव यहां पर हो रहा है लेकिन मैं आपको बता दूं कल जो है भारत के फॉरेन जो फॉरेन सेक्रेटरी हैं सॉरी जो स्पोक्स पर्सन है बेसिकली जो भी यहां पर बयान आता है फॉरेन मिनिस्ट्री की तरफ से तो देखिए उन उनकी तरफ से बयान आया क्योंकि भारत से भी कई सारे सवाल पूछे जा रहे थे इनफैक्ट जब भी मैं वीडियो बनाता हूं आप भी ये कमेंट में लिखते
हो ये चीज कि देखिए मेक्सिको फाइट कर रहा है कनाडा फाइट कर रहा है अमेरिका से टैरिफ को लेकर भारत कहां स्टैंड करता है तो फाइनली यहां पर भारत की तरफ से एक ऑफिशियल बयान आया और देखिए यहां पर अगेन भारत ने एक मिडिल अप्रोच अपनाई है जैसे आपने देखा ही होगा रशिया यूक्रेन वॉर या फिर ज्यादातर कुछ भी होता है दुनिया में तो हम एक बैलेंस्ड अप्रोच बनाने की कोशिश करते हैं तो यहां भी हमने ऐसा नहीं है कि डोनाल्ड ट्रंप को क्रिटिसाइज कर दिया हमने बेसिकली ये कहा कि हमारा ट्रेडिंग पार्टनर है काफी
बड़ा अमेरिका और उसके साथ हम अपना ट्रेड और ज्यादा ज्यादा डीप करना चाहते हैं और इसी की वजह से यहां पर जो टैरिफ है नॉन टैरिफ बैरियर्स हैं उसको रिड्यूस कर रहे हैं ताकि ट्रंप का जो कंसर्न है उसको रिजॉल्व किया जा सके इनफैक्ट आपको मैं बता दूं कि हमारे जो कॉमर्स मिनिस्टर हैं पीयूष गोयल साहब वो इस समय यूएस में थे पिछले एक हफ्ते से यूएस में थे और नेगोशिएशंस करने की कोशिश कर रहे थी कि एक बायलट ट्रेड पैक्ट हो जाए क्योंकि पीएम मोदी जब अभी अमेरिका गए थे तो यही बातचीत हुआ था
कि इस साल यहां पर एक बायलट एग्रीमेंट हो जाएगा तो बेटर होगा तो अभी देखो उसको होने में समय है इतना आसान नहीं है बायलट एग्रीमेंट होना क्योंकि अगेन मैं मैं बता दू कि यूएस की तरफ से भी काफी कुछ डिमांड आ रहा है कि भारत को अपना जो टैरिफ है वो जीरो कर देना चाहिए इस तरह की चीजें डिमांड आ रही है ओबवियस सी बात है भारत उसको मीट नहीं कर सकता लेकिन देखो अब क्या है ना कि यहां पर भारत तो अपना मिडिल स्टैंड लेकर ही चलेगा ऐसा बहुत कमी होगा भले ही चाइना
ने यहां पर कहा है लेकिन वही मैंने आपको स्टार्टिंग में भी बोला था कि चाइना के ऊपर क्या हम ब्लाइंड भी भरोसा कर सकते हैं वो बहुत मुश्किल है देखिए लेट मी टेल यू तो यहां पर अब क्वेश्चन यही आता है फाइनली कि क्या चाइना रेडी है यूएस के साथ ट्रेड वॉर में देखो मैं आपको बता दूं पहले के मुकाबले अगर आप देखोगे तो काफी हद तक लगता है क्योंकि चाइना की इकोनॉमी अगर आप देखिए पहले 1015 साल पहले 20 साल पहले 2006 और 8 में यहां पर अगर आप देखोगे तो चाइना की जो जीडीपी
था ना उसके अंदर जो उनका कंट्रीब्यूशन था ट्रेड का एक्सपोर्ट इंपोर्ट का वो % से भी ज्यादा था अगर आप ये देखिए ये जो ग्रीन लाइन ये वाला जो लाइन आप देख रहे हैं राइट तो उसका जीडीपी के अंदर कंट्रीब्यूशन बहुत ज्यादा था मतलब अगर ट्रेड के ऊपर इंपैक्ट आता तो चाइना की जीडीपी बहुत ज्यादा इंपैक्ट हो सकती थी लेकिन धीरे-धीरे करके अगर आप देखोगे तो ये आपका नीचे आता गया है मतलब चाइना की जो जीडीपी है वो ट्रेड के ऊपर अगेन हर एक देश डिपेंडेंट है लेकिन पहले के मुकाबले चाइना थोड़ा सा कम डिपेंडेंट
है 30 35 पर ही जीडीपी उनकी ट्रेड के ऊपर डिपेंडेंट है लेकिन देखिए यहां पर आपको एक और चीज समझना पड़ेगा देखने से लग सकता है कि हां यहां पर कम डिपेंडेंट है लेकिन एक्चुअली अगर आप देखिए चाइना की जो इकोनॉमिक हालत है इस समय वो काफी कमजोर हो रखी है स्पेशली पेंडम के बाद से अगर आप देखोगे जिस प्रकार का डिसर पशन आया था अ आपने प्रॉपर्टी क्राइसिस के बारे में सुना होगा रियल स्टेट सेक्टर कंबल कर है यहां पर फॉरेन इन्वेस्टमेंट चाइना में कम आ रहे हैं तो इसकी वजह से बहुत ज्यादा वल्नरेबल
हो रखा है इस समय चाइना और इसी की वजह से यहां पर डोनाल्ड ट्रंप का ये जो टैरिफ लगाया गया है ये चाइना को बिल्कुल पसंद नहीं आ रहा क्योंकि ये अगर ऐसे ही चलता रहा तो अगेन चाइना की इकोनॉमी काफी कमजोर हो सकती है इनफैक्ट अगर आप देखोगे ना ये जो ग्राफ है ये दिखा रहा है कि कैसे उनकी जो जीडीपी ग्रोथ है साल दर साल यहां पर नीचे की तरफ जा रही है इनफैक्ट पहले क्या होता था कि चाइना ये जो अ ये ब्लू कलर का जो आप देख रहे हो ना ये दिखा
रहा है कि वो टारगेट कितना सेट करते थे अपना जीडी और एक्चुअल में उनका कितना आता था आप देख पाओगे काफी ज्यादा होता था लेकिन अब क्या हो रहा है जितना वो टारगेट सेट कर रहे हैं एक्चुअल जो जीडीपी ग्रोथ है वो कम हो रही है यहां पर तो फाइनली कंक्लूजन क्या निकलता है कंक्लूजन ये है कि देखिए ये सिर्फ एक इकोनॉमिक डिस्प्यूट नहीं है ये आज के डेट में जो यूएस और चाइना के बीच में चल रहा है ये ग्लोबल सुप्रीमेसी का बैटल हो चुका है ट्रंप यहां पर काफी अग्रेसिव है कि जो ट्रेड
सिस्टम अभी तक चलता आया है इतने दशकों से इसे चाइना को काफी फायदा हुआ है अब वो फायदा नहीं होना देना चाहते लेकिन जो चाइनीज प्रेसिडेंट है शी जिनपिंग वो डेसपरेट है इस समय कि कैसे वो अपने देश को बचाएं इकोनॉमिक और जिओ पॉलिटिकल आइसोलेशन उनका ना हो और स्पेशली उनको डर यह है कि जिस प्रकार से कोल्ड वॉर चलता था पहले सोवियत यूनियन और यूएस के बीच में और सोवियत यूनियन फाइनली 1991 में डिसइंटीग्रेट हो गया वो हालत चाइना की ना हो जाए तो एक बहुत बड़ी बैटल चल रही है तो यहां पर ओबवियस
सी बात है चाइना हाथ बढ़ाएगा भारत की मदद लेना चाहेगा और वही इस समय आपको देखने को मिल रहा है तो देखते हैं यहां पर आगे क्या होता है बाकी आप क्या सोचते हो इसको लेकर मुझे कमेंट्स में जरूर बताइएगा और जाने से पहले एक इंटरेस्टिंग क्वेश्चन क्या बता सकते व्हिच ऑफ द फॉलोइंग स्टेटमेंट्स रिगार्डिंग जनरलाइज सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेस यहां पर कौन सा करेक्ट है ये दो स्टेटमेंट में से और इसका जो राइट आंसर है आप सब जानते हैं मेरे instagram's का पेपर देने वाले हैं तो यह वाला जो बैच है दोस्तों आप उसको बेल
कर सकते हो बाय यूजिंग दिस कोड अंकित लाइव दोस्तों यूपीएससी एस्परेंस हो या बनने वाले हो मेरे पास है आपके लिए गेम चेंजिंग अपॉर्चुनिटी स्टडी आईक्यू का नया संपूर्ण बैच सोचिए एक कंप्रिहेंसिव प्रोग्राम जिसमें मिलेगा सब कुछ टॉप एजुकेटर्स के साथ 1000 प्लस आवर्स की लाइव क्लासेस पर्सनलाइज मेंटरशिप और हैंड रिटन नोट से लेकर पीआरपी एमआरपी जैसे इंटेंसिव प्रोग्राम्स तक और बात स्कॉलरशिप्स की करें तो प्रीलिम्स क्लियर करो पूरा फीस रिफंड पाओ टॉप परफॉर्मर्स के लिए हर मंथ ₹1 का कैश रिवर्ड सिल्वर गोल्ड या प्लैटिनम चूज द प्लान दैट फिट्स योर नीड्स एक्स सेक्रेटरी अनिल
स्वरूप जी खुद गाइड करेंगे आपको इस जर्नी में स्टडी आईक्यू पर दो करोड़ इंडियंस का ट्रस्ट है और अब संपूर्ण बैच के साथ आपका यूपीएससी ड्रीम भी होगा अचीव आपको करना क्या है कमेंट में दिए गए संपूर्ण बैच के लिंक पर क्लिक करें एंड वंस यू क्लिक ऑन बाय नाउ आप देख सकते हो डिस्काउंट कोड्स वहां पर टाइप कीजिए अंकित लाइव एंड आपको मिलेगा सबसे लोएस्ट प्राइस एंड योर आईस जर्नी स्टार्टस हियर स्टडी आईक्यू आईस आपका सिलेक्शन हमारा मिशन