जय हो भगवान ऐसा नहीं कि श्रीकृष्णा दिखते तभी वह भगवान है नहीं वहीं कृष्ण अपना आत्मा है वहीं राम अपना आत्मा है भगवान है तब बोल थे तभी भी भगवान की सत्ता से भगवान नहीं है वह थे तभी भी भगवान की सकता कोई कह दे कर मेरे मुंह में जीव है तो भी जिम से बोलता है कोई कहने मेरे मुंह में जीव नहीं है मैं कसम घंटे बोलता हूं मेरी कसम खाकर बोलता हूं गिव जैसी कोई चीज नहीं है कि ऐसे कोई बोलेंगे कसम खाकर बोलता हूं भगवान भगवान जैसी कोई चीज नहीं फिर भी दोस्ती
की सत्ता से बोलता है वह ऐसा है तो साहेब सदा हजूर एक अंधा जॉन तरह को दूर वह तो हाजरा हजूर तुम सब करते करते हो तो वह तुम्हारी बुद्धि को उचित परिणाम देख कर तुमको अपने नजदीक लाता है और तुम दूसरे तत्व होते हो तो तुम्हारी बुद्धि को छूट दे देता है चाह तेरी मर्जी तो फिर वह बुद्धि के विनाश की तरफ ले जाती हैं विनाशकाले विपरित बुद्धि है कि लाल जी महाराज के पास से कि युवक संन्यासी आया लाल जी महाराज प्रतिदिन मूर्ति राम जी की स्थिति देखकर राम दरबार की वृद्धि राज्यभिषेक कि
उसकी पूजा करते अपने मंदिर बनाए अपने कमरे पूजा के बाद कोई भी दर्शन करने की बात है का पेस्ट संन्यासी उनके पास मेहमान हुआ युआन धावड़ा तेजस्विता को 179 बैठा था नौ 10:00 होंगे कोई है नवीन शादी की हुई है कि लड़के हां जी महाराज को प्रणाम करने आए और मंदिर में अंदर कमरे में दर्शन करने गए तो उस युवक हादसों की आंखे उस पर टिक गई प्रदर्शन कर रहे हैं वो स्किन उसके सामने तो भगवान है एकदम भक्तों के सामने जूते का रूप है इसके आगे चमड़ा सा रहा है उस पर आगे भगवान प्रतिमा
में भगवान् देखते हो और यह जिसमें भगवान छुपा है उसमें काम देख रहे लाल जी महाराज देखते हैं उसके आंख से पता चल गया है कि आंख में पाप से आकर्षित है कि अ के पिता देखता है अपनी दुल्हन बेटी को मेरे दोस्त आलिंगन भी करता है दैहिक इस समय लेकिन पिता के आंखों पिता के आलिंगन में भाव है और सुने मिस्टर कर देता है या दूसरे दूर दूर से देखते हैं उनकी आंख हैं और उनके हृदय में कुछ और बचाव होता है कहीं के रास्ते में पवित्र अभाव होते हैं तुम्हारा भाई जी महाराज माफ
कर उसको के ऐसा जरा आंख ठीक नहीं थी मुस्लिम लड़की महाराज युधिष्ठिर के लिए तो आप लाल कपड़े को संन्यास लेने का मन करता है यह संसार वैसा करके थोड़ा नंबर था अब मैं शूद्रों भिक्षा मांगकर खाना मुक्त करना मेरा हक है अरे मुक्ता खाना तेरा हक है तो तपस्या करना समाधि करना यह किसका हक है आपको संयत करना ही किसका हक इसका जिम्मा है 179 युवकों द्वारा लाल जी महाराज ने टोक दिया है आप तो गुस्सा हो गया कि भगवान ने आंख दिया है तो देखने के लिए और उसको रूप दिया है तो दिखाने
के लिए उसका रूप दिखाने के लिए है और हम लोगों के साथ देखने के लिए उस अभागे युवक ने तर्क लड़ाकर संधिबात कांड संतोष लाल जी महाराज देखने के लिए छह महीने के बाद जो यह भटकता-भटकता लाल जी महाराज के चेहरे में खड़े हो गए हैं कि मैं अंदर आ सकता हूं स्वामी जी की कि पुलिस आप कौन हो गए स्वामी जी मेरे को जानते नहीं मैं फलाना स्वामी छह महीने पहले आपके पास आया था पर यह तो मौसमी जैसे बॉडी कैसे हो गए बोले उसे जरा तबीयत ऐसा रहता है तो यह प्रॉब्लम है कि
मुझे मेरे साथ तीन मूर्ति और भी बुलाई और तीन मूर्ति में एक युवती संन्यासी और दो बच्चे तीनों लाल कपड़े कैश साथ उनके कमरे में आ की सुविधा आदमी लाल जी महेंद्र भोजन कराया फिर वह जब स्नान करने को नर्मदा किनारे गया तब उस व्यक्ति से पूछा है क्यों क्या बात है है भले ही कि मेरा पति गुजर गया था वह बाप की हाय और हमारा संबंध हो गया अब हमारा पति-पत्नी का संबंध है कि कमाने में जो रहता है इसलिए हमको बिल्कुल संन्यास के कपड़े दे दिया और दो बेटों को विधि और स्वभाव बड़ा
तीखा है भीख मांगकर तो खिलाता है और माकपा को गए उस संन्यासी को अकेले में ले गया कि स्वामी जी क्या हाल है क्या बात है यह तीन मूर्ति कौन है वह स्वामी जी साधु तो दयालु होते हैं यह विधवा माई थी इसका कोई नहीं था इसके बच्चों के जीवन का प्रश्न था तो मैंने कैमरे पढ़ा-लिखा सा दूं इनके बच्चों को पढ़ा हुआ और मासिक गुजारा कोई थाने तो मैं इसको संन्यास लेकर भगवान के रास्ते लगाऊंगा यह मेरी शिष्या और यह बच्चे मेरे शिष्य इस महाराष्ट्रियन की भलाई के लिए मैंने इनको सार्थक लाल जी महाराज
ने तो पहले फोटो से लिया था उसके चेहरे से लिया था फिर माई ने भी सच्चे वह अभी तक यह नहीं मानता कि देखने का परिणाम है मैं अभी जी ने ठीक है चलो चलो सबको कहे चलो उन्नति करो इश्वर के रास्ते चलो लेकिन कोई विरला पहुंचता है चलो चलो तब को कहे बिरला पहुंचे कोई माया काम मिनी बीच घाटी धोएं या तो धन दौलत है कि मंडल ले गया मंडल ने कीर्तन किया भजन क्या दक्षिण हाई और दक्षिणा खड़पकर लिए माया के चक्कर में पड़ गया है में ही माई भजन नाच कर लिया भजन
बेच दिया कि चलो चलो सबको कहीं बिरला पहुंचे कोई माई काम मिलने या तो माया पैसा संग्रह में पड़ जाएगा है है या तो पैसा संग्रह में पड़ जाएगा उसकी भक्ति ना करेगा आप ऐसा संभव है कि यहां तो फिर महाराज जी कि कहीं आंख लड़ आकर फस जायेगा इससे भी कोई बच्चा उसको धन्यवाद लेकिन फिर मांग की कि दूसरे को देख कर दो कि चलो चलो सबको कहे बिरला पहुंचे कोई माया काम मिनी बीच घाटी दोई बड़ी गलती हो गए साधु और इमानदारी से गुरु के चरणों में गुरु की निगाह में तो माया से
और इसे क्योंकि प्रभाव कुछ ऐसा होता है कि तुम्हारा कुछ गलत सोच तुरंत ही जल्दी उन्नति करने वह गुरु की नियुक्त को दबाना है है जैसे गुरु के सामने बैठे हो तो इधर उधर देखने की इच्छा होती भी नहीं देखोगे अरे पानी पीने की इच्छा होते हुए भी आप जल्दी से नहीं उठाओगे चंचलता कर दो मैं अपने आप इंद्रियां नियंत्रित होने लगती है अपने आप में अनियंत्रित होने लगता है अपने आप बुद्धि गहराने के तरंगे तरफ लगने लगती उनकी हाजरी मात्र एक बड़ा होता लगाना पड़ता है मन को लगे तो आपने से उचित पुरुष से
महापुरुष के अनुशासन में रहने से हमारी इंद्रियों हमारा समाज ने अनुशासित होता है जिसके साथ वह रावण से युद्ध करने के बाद भी अनुशासित ऐसी उन महापुरुषों का सान्निध्य मात्र से शुभ कि युवक ने कहा हां यह सच है कि को सहज नारी का ने हो गया संन्यासी और स्त्रियों की तरफ आकर्षण भी नहीं है धन्यवाद उस संन्यासी को सौंपा तो संन्यास धर्म का कि यशवंत करता है माया तजना सहित हजारिका ने मान-बड़ाई इरशाद दूर तक जाना है गुरु कि युति संयम हो गया इधर उधर देखने का जीवन जीने फिर भी गुरु किसी को प्यार
करते मेरे को कम करते हैं उसको मेरे को सबस्क्राइब अंदर की स्त्री हो तो मेरी प्रतिस्पर्धी कि भगवान की ऐसी दूर्वा घास लाई जा सकती है कि यह इर्षा चेल्सी किसी के प्रति ईर्ष्या करने से अपनी प्राण शक्ति मंत्र शक्ति का ह्रास होता है को खेलो वो मान बड़ाई इरशाद दुर्लभ तजना यह मन की इच्छा बढ़ाने की इच्छा अपने को बड़ा मान लेना कुछ गुण आ गया कुछ संयम आ गया कुछ त्याग में सफल हो गए तो मैं त्यागी हूं मैं कुछ नहीं रखता हमें फक्र हूं मैं दे देता हूं अपना क्योंकि Avatar के विद्वान
कर देता हूं यह सूक्ष्म अहंकार घुस जाता है वह कि माया और कामिनी यह पहली दो घाटी मान-बड़ाई और यह दूसरे पार हो गया इतना हमारे जिम में इतना हम कर लें तो इश्वर को उसी समय प्रगट होने पर वह सदैव प्रगति अगर हमारी आखिरी घाटियों में से निकल जाएगी तो इस चैनल को सब्सक्राइब को दूर इसको उसको सब्सक्राइब कीजिए तथा अभियुक्त हैं कि आप कपल खड़ा करने में समय हो सकता है लेकिन ईश्वर को प्रगट होने में कितना समय है कि आप की वृद्धि में तत्वज्ञान है संयम है तो वृत्ति में अरुण जोशी सहित
अन्य व्यक्ति का अज्ञान उठाकर सब्सक्राइब तत्वज्ञान सुनने से अश्लील भगवान के श्री विग्रह के दर्शन करने से पवित्र भगवान शंकर प्रकट हो तो आनंद आता है रोमांचित होता है आदमी के लिए तो यह अंतर्यामी इस व्रत में व्रती में आरूढ़ होकर अज्ञान को अनुभव है कि इश्वरो सर्व भूतानाम प्रदेश शेयर्स उन्नत इब्राहिम टी-शर्ट व्यूअर धानी यंत्र रोड रानी माया है यह सब यंत्र खिलाफ यौन भ्रमित हो रहे हों तो रक्त सुखस्वरूप आनंदस्वरूप है प्रेम स्वरूप देखने की इच्छा हो तो बात करो कि दिखने वाली चीजें अब मुझे पता चला कि मेरा आत्मा जिससे उसकी सुनने
की इच्छा हो यह जिससे कि ऐसे स्पर्श करने की इच्छा को खत्म कर देता है मन को प्रति व्यक्ति इस चैनल को सब्सक्राइब करे अपने रहा प्रभु गुरुदेव जो भी नाम उसका रख दो है वह एक इस प्रकार जब विकार विकारों से युद्ध मत करो और विकारों को सहयोग देकर अपना सत्यानास मत करो तो के विकारों को युद्ध भी नहीं करना है और विकारों के साथ देखने में क्या जाता है सुनने में जरा यह अरे जरा सुनो पेज सब्सक्राइब करें सावधानी से लिया तो जरा लेते-लेते लेते लेते हैं का संचालन करना है तो इसका मतलब
यह भी नहीं कि ऑर्डर करना है संचालन करना है तो चलो मिलकर करें आओ मिलकर करें अपने शरीर का भी सदुपयोग करें अपने और जिनसे व्यवहार करते थे उनको हम पर आए न लगे तो हमको जो करना है वह कर डाले तुम्हारा शिष्य को गुरु को जो करना है वह करने में यह अनुभव हो सकता है कि मेरे को जो करना चाहिए पूरा नहीं किया फिर भी मेरे गुरुदेव करना चाहिए था उनमें से कुछ तो करना ही कुछ तो करना ही चाहिए एक सौ टका नहीं तुम्हारा चित्र का साथ तथा से विद्यार्थियों को पास होना
चाहिए साथ नहीं तो 50 50 नहीं तो 40 फीसदी 40 नहीं तो 38 सही 138 नहीं तो साढ़े 376 व भ्रष्ट के पास ट्यूशन को पास-पास नहीं होता 32 के पास नहीं होता है कम से कम फोन तो करो तो अच्छा है श्री रामतीर्थ को इतना कॉन्फ्रेंस परीक्षा के पेपर में लिखा था कि गणित के एक बार आप प्रश्नों में से कोई भी नवहल कर 12 के द्वारा हल कर दे और नीचे नोट लिखा कि चारों में से कोई भी नौ पसंद करके स्वीकार कर लो 12 2012 सहित कितना कॉन्फिडेंस संयम रामतीर्थ सब्सक्राइब किसी लड़की
को कॉलेज में पढ़ते हो लड़की को उसके लिए हैं मैं कोटा भार गया तीसरा सामने क्या कर लेगा आपने को जल्दी से किसी बाउल के पास अभी तो सूबे में नहीं रुक रुक किया हुआ था उसमें अपने को जैसे-तैसे अपने आप को वार्ड में नियुक्त कितना सुंदर है आप अपने शरीर को बाहुबल कि भाड़ में फेंक दिया राम तीर्थ राम ने ले मजा ले कर दो कि यह भी तो सिम आया था है इसीलिए वह भी खड़े हैं यह भी अ है उसके अ तो चमर है तो उसके अ पत्तियां है और क्या है मैं
आराम शुभ सुबह खूब कॉलेज से छूटकर गए तो फिर हाथ तक ही पड़े रहे दूसरे दिन सुबह हुआ मन उनके हाथ जोड़कर दूसरी मेरे यार मेरे यार तुम्हारे लिए तो रामतीर्थ जहां पर भूमि सब्सक्राइब तुम ही हो मैं अपने आप को भाड़ में फैंक दिया फिर मन में धोखा नहीं कि हम जब मन को बेईमानी करने में सहयोग देते हैं ऐसा नहीं करता हूं कि तुम तुम्हारे लाइन में हूं हम लोग को करने में हम लोग तो विकार थी और उनकी मिटाने में हम ढ़क तो वह हमारा मित्र हो जाता है वह परमात्मा के रहस्य
हो जाता है के लिए हमको एकता पर कि तुमको नहीं सुना रहे हैं किसी विषय पर बोलने के विचार से नहीं आए थे हम तो आए थे बस आए थे कैसे चल पड़ी गाड़ी वहीं जाने कि मुझे लगता है कि हम लोगों के लिए सब्सक्राइब रक्षा नहीं होता है सुरक्षा के लिए बहुत अच्छा है हम लोगों को ऐसे विचार सुनने और विचारों पर अपने मन लगाना चाहिए राजा भरतरी पूरा पाठ का त्याग कर दिया गोरखनाथ के चरणों में विकसित हो गए थे ये तिरंगा टीम मात्र अ हर्बल कल ए लार्ज रखने के लिए वल्कल वस्त्र
इतना क्या था अ ए माई कमी तो छोड़ दी थी फिर भी मन कब धोखा दे कोई पता नहीं इसलिए सावधान रहना चाहिए जब तक साक्षात्कार ने होता है यह मेरी प्रार्थना घ्र राजा भरतरी कहीं से गुजरे गांव से हलवाई की दुकान पर गरमा गरम जलेबी भूतपूर्व सम्राट को थोड़ी देर रात का खाना चाहिए सुबह-सुबह मेरे पास है और तेरा काम धंधा करो के लिए काम करना क्या करूं बोले वहां तनाव खुद रहा है वहां जाकर को दो एक काम करोगे तो तक मिल जाएगा फिर मजे लो है कि भरतरी कि दुष्काल राहत कार्यक्रम है
में मजदूरी करने गए दिन भर फावड़ा चलाया कुल्हाड़ी चलाई टॉप लेवल तक लाखों डॉलर है और हर आज धोखा मिल गया वहीं कि जिले और टपके कि जिले भी दोस्त हो जमाने की तमाना आज का प्रतिरूप है समझो दाढ़ी जिले में कि जिले भी लेकर पूरे तक के लिए आ के देख दिन भर मेहनत गहरे खाली पेट उससे पूछा कि अ मैं नदी व हदीस काम वाले अभी नहीं है कुरूप बड़ा तनाव है उस तरफ जा खुद नियुक्त दूसरी दिशा में भारत-चीन गया हाथ में भिक्षा पात्र था रास्ते में गोबर भर लिया और तनाव किनारे
बैठ कर लें गरमा गरम जलेबी कि युवराज दिन भर अब स्कूल तक सबस्क्राइब नहीं किया भर्ती में पानी में फिर दूसरी लेयर राज-पाट छोड़ सब्सक्राइब नहीं मछली मछली में देखने को सबस्क्राइब लेकिन अभियुक्त ले लो कि अब गांव में गोबर तो थू-थू फिर देखें है यह भी तो पांच बहुत है यह भी तो जले भी है प्राय जब आया था ना तो उसको यह जले भी लगाई थी घूम फिर से मुंह में डाल लें करते-करते आखिर इतना तो मेरे को चलना मुश्किल हो रहा है अब यह जो लें तो कुल मिलाकर खाने से मतलब तुम्हारा
स्वामी अब दूसरी ले अब स्कूल है [प्रशंसा] कि एक पाश्चात्य जगत में बड़े अनुभवी शुरू हो गए हैं अ हाइट भुजिया होंगे यहां तक मैंने सुनना तो अपने शिशु को कोई साधन की विधि नहीं बताते कि कोई साधन नहीं में रहो गुरू की प्रभाव पड़ता है कि महज उसे गुरु कहते स्टॉप स्टॉप मिनट रुक जाओ तो आप सिर्फ खुद रहते तो सिर पर हाथ रह जाएगा का या चल रहे हैं लेफ्ट हो रहा है तो राइट हैंड है तो राइट ही रहेगा लेफ्ट हो गया था लेफ्ट रहेगा मतलब जैसे फोटो खींच लेते हैं और पढ़ा
रहते हैं मूर्ति कैमरा में कैसा वही चित्र ऐसे रहना है स्टॉप मना स्टॉप फिर हिलना डुलना नहीं है कि एक दिन में कहते दिन में विश्वास करते 50 पार कर दे 50 दिन में एक बार करें कोई पता नहीं मैं जब भी कर दें केवल आपके कान पर आवाज आ गई अब स्टॉप हो गए थे कि यह उनके साथ की पद्धति और बड़े जोरों पद्धति है कि महाराज स्टॉप स्टॉप ऐसे करते कई लोग घंटा लेकर या तो कुछ करना ना भूलें और सब्सक्राइब और फिर आधे घंटे खड़े लोग बच्चे जो महत्व समझते थे जीवन को
उन्नत करने में कुछ लोग उन लोगों को वर्ष की प्रयोग लोगों को नियुक्त करने लगे सूखी नहर उसके इर्द-गिर्द भी हो गए उन शिशुओं को कि अब परीक्षा से उत्तीर्ण करना आखिरी परीक्षा थी में जुटे हुए थे 50 साथ ले गए जिन दो दिन सुबह मॉर्निंग वॉक करने का जो साधना के लिए गुरूवार को हुए दृष्टि प्राप्त किए जा रहे थे नहर सूखी महत्व है है और गुरुजी एक टेंट में बैठा आवाज मारा स्टॉप रुक झाल है तीनों के तीनों को गए कि हम दूसरी आ गया जब तक नहीं आती तब तक रुके रहना है
कि स्टाफ के बाद दूसरे आज्ञा नहीं होती है एक दूसरे के कमर तक पानी आ गया महाराज कमर से ऊपर उठा छाती दबाया तब दूसरे का मन ने जाल बुन इक्वल निकल गया गुरूजी ने स्कोडा कुछ नहीं ऐसे ही सुर्खियों में इतना तो जानते हैं तो गिर रहे हैं कि महाराज दूसरे के मन में भी हारना किया और तभी तो गुरु की आज्ञा देखे तो रोकना है और मन का कुछ न कुछ आइडिया लड़ा वैसे तुम मन में संघर्ष हुआ मन की दो धारी तलवार होती है एक तरफ तो अच्छी बात और दूसरी तरफ अपना
करवाता है कि चलो दूसरा कुछ समय में तीसरे पानी पानी पानी को बंद कर दिया गया था करने की पूरी व्यवस्था थी पानी को अगर आप रुक जाएंगे फिर भी गांव-गांव स्टॉप स्टॉप स्टॉप [प्रशंसा] स्टॉप है क्यों नाराज वो होठों तक पानी चुके जा रहा है करीब-करीब कभी पानी की हल्की सी लहर नाक को छुट्टी है स्वास लेने की अब तंगी हो रही है अच्छा और नहीं तो हटे नहीं कम से कम स्वास्थ लेने के लिए सिर्फ तो ऊंचा कर लें फिर केतन नहीं ऑर्डर्स वेयर आर यू मस्ट वॉच थिस माइंड फाइनल है कि अब
पानी नाक को छू रहा है इधर से और इस फाइनल ऑर्डर जो यह सब कुछ झटका लगा उसका मन और प्राण से से को तीसरे नेत्र में ऐसे फोर्स पहुंच गए डरता किसी तीसरी आंख खुल गई तो शिष्य को कुछ दुर्लभ चीज मिलती तो गुरु कोशिश में पता चल हत्या या सुर और गौतम तो यह पर आर्डर करे तो जल थल और थल और नक्षत्रों प्रेग्नेंट कि तेरा मन पर नियंत्रण हो गया जिसका मन पर नियंत्रण और [प्रशंसा] क्योंकि सब्सक्राइब टो कि यह हुए साथ में है इसीलिए कबीर जी ने ठीक ही कहा है आज्ञा
सम नहीं साहेब से दाद कि गुरुजी ने कह दिया कि जहां बेटा पानी का गिलास भर के लिए मुझे बहुत हंसी लगी है कि जिला भरने गया भर के ला रहा है गुरु जी बोलते बेटा ढोल गुरुजी आपको बहुत प्यास लगी आप लो दूसरा का यूज किया है कि गुरुजी पैसे रह जाए यह मेरे से निशान होगा अरे गुरु जी के मुंह पर तो जूता मारता है और पैरों पर डिपेंड करता है गुरूजी ने दिया कि पहले दूसरा है कि के यह करना है फिर दूसरी और देखिए नहीं करना है कि घड़ीयां क्वेश्चन तो तुम
उनके गुरु हर राय साहिब ने अपने बेटे को सब्सक्राइब करें और अपने बेटे और शिक्षकों के पहाड़ पर चबूतरा बना मिट्टी सामान उठाकर चबूतरा शुरू हुआ था इतना लंबा है के प्रशिक्षक तो बिना फरियाद के बनाने लग गया लेकिन बेटा जो था तो उसने कहा चेहरे पर थोड़ी फरियाद को यह निर्णय करना था कि शिष्य को मेरा सब आखिरी अधिकार आखिरी खजाना शेषा संभाल सकेगा कि बेटा संभाल सके अध्यात्मिक तक यह नहीं होता कि मेरा है यह बढ़ाया है अध्यात्मिक योग्यता की परख होती है कि यह जरूरी नहीं कि मेरा भाई है इसलिए उसको साक्षात्कार
करा देख कोई नहीं सकता यह मेरी मां है उसको बस ज्यादा आलू यह हो नहीं सकता है और जयदेव यह मेरा बेटा है यह मेरा मित्र नहीं जितना आर्थर माया काम मिनी मान-बड़ाई और इशारा इससे आपका पिंड छूटा है और आपकी जितनी आज्ञापालन में दृढ़ता है उतना ही आप गुरु का खजाना ले सकते बचा सकते हैं यह जरूरी नहीं के सच्चे गुरु की गाड़ी पर उसका बेटा ही बैठे अगर अयोग्य है तो सच्चा गुरु उसको नहीं बैठा और योग्य है तो उसको समझकर ने शिष्य समझकर अपना खजाना है का पुत्र है लेकिन शिक्षक लक्षण नहीं
है तो उसको ब्रह्मविद्या या और अधिकतर बच्चे कि एकनाथजी महाराज के पुत्र में श्रद्धा नहीं थी तो पूरा को जो समर्थन मिला एकनाथ जी के पुत्र को अनपढ़ 10 पूरा का पूरा करने में सफल हो गया पंडित शास्त्री पटाखे नियुक्त अधूरा आखिर में और हो गया दूसरी ओर विश्व गुरु बनाने को इतनी मेहनत करते हैं तो इससे पूर्व दिशा की तरफ थोड़ा एक अच्छी तरह से आपको पसंद नहीं आता है की जय जय हे और दूसरी बार तीसरी बार चौथी बार गुरुजी सुधार निकाले हकीकत में गुरु जी को चबूतरा बना हुआ था गुरु को तो
उनको को सबस्क्राइब