हमारी यूनिवर्स में जो भी चीज है वह एक एनर्जी से जुड़ी हुई है और हमारी दुनिया की हर एक चीज एक एनर्जी यानी की ऊर्जा है जब आप कोई विचार या इच्छा करते हो तो उसमें से एक एनर्जी निकलती है और वो एनर्जी हमारे यूनिवर्स से मिलती है और हमारा यूनिवर्स उसे एनर्जी की फ्रीक्वेंसी के हिसाब से हमारे विचार या इच्छा को कल्पना से हकीकत में बदलता है ये सुनके आपको थोड़ा अजीब जरूर लगेगा लेकिन सच यही है इस पूरे ब्रह्मांड में इसी आकर्षण के सिद्धांत की शक्ति कम कर रही है और यही हमारे ब्रह्मांड
में होने वाली सभी चीजों को संतुलित करके रखती है यह एक ऐसा सीक्रेट है जिसे जानने के बाद आप जो चाहे वो का सकते हो आप अपने किसी भी गोल या इच्छा को इस किसी की मदद से आसानी से का सकते हो चिराग के जिन की तरह व्हाट यू रियली वांट [संगीत] वैन अट्रैक्शन लॉ ऑफ अट्रैक्शन के अनुसार हमारा दिमाग एक ऐसी चुंबकीय ऊर्जा का केंद्र है जो इनविजिबल वेव्स यानी की अदृश्य तरंगों के द्वारा ब्रह्मांडी ऊर्जा से जुड़ा हुआ है ये ऊर्जा हमारी विचारों और भावनाओं से इस वेव्स के रूप में निकलती है की
हमारी ब्रह्मांड में फैली हुई सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा को अपनी तरफ आकर्षित करती है इसी को कहते हैं हेलेना ब्लोअर्स की द्वारा एक पुस्तक में किया प्रिंटआउट ने पहली बार आकर्षण के नियमों के सिद्धांतों को स्पष्ट किया हालांकि कई विद्वानों मनोवैज्ञानिकों और अध्यात्म गुरुओं का मानना है की ये दुनिया के शुरू होने के साथ ही अस्तित्व में है और ये कोई मिस नहीं ये एक फैक्ट है आप न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के नियम को तो जानते ही हैं जो धरती पर मौजूद सभी चीजों को अपने केंद्र की ओर आकर्षित करती है लॉ ऑफ अट्रैक्शन भी बिल्कुल
ऐसे ही कम करता है आप खुद सोचिए की आप एक छोटी सी मशीन के जरिए अपने घर में बैठे-बैठे हजारों किलोमीटर दूर होने वाली आवास को कैसे सन लेते हैं कैसे किसी दूसरे व्यक्ति के मैन की भावनाएं आपके मैन तक पहुंच जाती हैं कैसे आपके द्वारा मांगी हुई दुआएं काबुल हो जाती है यह सब लॉ ऑफ अट्रैक्शन की शक्ति का ही कमल है लिए समझते हैं की लॉ ऑफ अट्रैक्शन की शक्ति आपकी जिंदगी में कैसे कम करती है कैसे आपको अमीर या गरीब और सफल या असफल बनाती है आकर्षण का सिद्धांत ब्रह्मांड की वो चुंबकीय
शक्ति है जो व्यक्ति के विचारों और भावों से मिश्रित होकर निकलती है आपके प्रत्येक विचार से एक ऊर्जा प्रवाहित होती है जो ब्रह्मांड में फैली हुई वैश्विक ऊर्जा से मिलती है जब दोनों फ्रीक्वेंसी आपस में मिलती है तो आपका विचार आपके सामने सत्य बनकर ए जाता है ये आकर्षण का नियम आपके जीवन में हर उसे व्यक्ति घटनाओं परिस्थितियों तथा सफलता को प्रत्यक्ष करता है जिसके बारे में आप हमेशा से सोचते रहते हैं और आपको विश्वास भी है की ऐसा ही होगा देखिए जवाब बार-बार अपनी असफलता या गरीबी के बारे में सोचते हैं तो आपके विचार
से निकली हुई नेगेटिव एनर्जी हमारे यूनिवर्स में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को अपनी तरफ अट्रैक्ट करने लगती है और जब यह नेगेटिव एनर्जी आपके दिमाग में प्रवेश करती है तो आपके मैन में नकारात्मक विचार उठने लगते हैं आपकी इच्छा शक्ति निर्बल हो जाती है और आपका आत्मविश्वास कमजोर हो जाता है आपकी इच्छा शक्ति निर्बल होने के कारण आपके दिमाग में सकारात्मक विचार उत्पन्न नहीं होते इस ना किस्मत ऊर्जा के प्रभाव से अमीर बनने के अवसर आपसे दूर भागने लगते हैं और यदि कभी बर आपको अमीर बनने का अवसर मिलता भी है तो कमजोर आत्मविश्वास के कारण
आप ये सोचने में ही उसे अवसर को गंवा देते हैं की पता नहीं हम सफल होंगे भी या फिर नहीं लेकिन दोस्तों वहीं दूसरी तरफ जवाब बार-बार अमीरी या सफल होने की बात सोचते हैं तो आपके विचारों से निकली हुई पॉजिटिव एनर्जी हमारी यूनिवर्स में मौजूद सकारात्मक ऊर्जा को अपनी ओर आकर्षित करने लगती है इस सकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव से आपका दिमाग नए-नए सकारात्मक विचारों को जन्म देने लगता है और आपकी इच्छा शक्ति आपके और सब कॉन्शियस माइंड यानी की अवचेतन मैन को यह संदेश भेजने लगती है की मुझे यह चाहिए इसके बाद आपका सब
कॉन्शियस माइंड उसे इच्छा को हकीकत में बदलने के लिए आपके दिमाग में कुछ विशेष प्रकार के केमिकल चेंज करता है जिसके फलस्वरूप आपका कॉन्शियस माइंड यानी की चेतन मैन एक निश्चित दिशा में एक्शन लेने के लिए मजबूर हो जाता है इसके बाद आप देखते हैं की आपका प्रकाश प्लान सफल होने लगते हैं अगर आपको अवचेतन मैन और चेतन मैन के बारे में नहीं पता तो उसके ऊपर भी हमने वीडियो बनाई हुई है जिसकी लिंग आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगी जब भी आप अपने दिमाग में बार-बार सफलता के बारे में सोचते हैं तो आकर्षण का नियम
कम करने लगता है और सफलता से जुड़ी चीजें आपकी ओर आकर्षित होने लगती है इसी प्रकार जवाब बार-बार असफलता के बारे में सोचते हैं तो असफलता आपकी ओर आकर्षित होने लगती है इसीलिए हम हमेशा कहते हैं की आपकी सोच ही आपकी सफलता या असफलता को तय करती हैं आकर्षण का सिद्धांत यही कहता है की हमारा विचार एक ऊर्जा का ही रूप है और इस विचार को किसी वस्तु या परिस्थिति में बदला जा सकता है क्योंकि कोई वस्तु या परिस्थिति एक ऊर्जा का ही रूप होती है यानी हम अपनी सोच के दम पर जो चाहे वो
बन सकते हैं और दोस्तों ये कोई नई खोज नहीं है भगवान बुद्ध ने भी कहा है हम जो कुछ भी है वो हमने आज तक क्या सोचा है इस बात का परिणाम है स्वामी विवेकानंद ने भी यही बात इन शब्दों में कही है हम वह हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है इसीलिए इस बात का ध्यान रखिए की आप क्या सोचते हैं शब्द कौन है लेकिन विचार रहते हैं और वो दूर तक यात्रा करते इनके यह वाक्य हमें लॉ ऑफ अट्रैक्शन की तरफ ले जाते हैं अब बात करें यहां पर लव यानी की प्यार
की तो वह भी आकर्षण के सिद्धांत से ही जुड़ा हुआ है जब दो लोग एक दूसरे से सच्चा प्यार करते हैं तो उनके विचारों से निकलने वाली एनर्जी की फ्रीक्वेंसी यानी की वाइब्रेशन मैच होती है जो हमारे यूनिवर्स के लॉ के हिसाब से दोनों को मिलती है लेकिन वहीं अगर दो प्यार करने वालों के बीच अगर उनकी सोच या विचार में नेगेटिव आती है तो उनके विचारों से निकली हुई एनर्जी की फ्रीक्वेंसी यानी की वाइब्रेशन एक दूसरे से नहीं मिल पाती जिसके बाद में उनकी रिलेशन में दरार ए जाती है है इसके अलावा आकर्षण का
सिद्धांत आपके स्वास्थ्य पर भी ठीक ऐसे ही कम करता है आपने अक्सर डॉक्टरों को मरीज से ये कहते हुए सुना होगा की विश्वास रखिए आप जल्द ही ठीक हो जाएंगे यहां पर भी लॉ ऑफ अट्रैक्शन कम करता है यानी की आप अपने दिमाग में जो विश्वास या विश्वास करेंगे वैसे ही परिणाम आपको देखने को मिलेंगे इतिहास में ऐसा बहुत बार हुआ है जब लोगों ने केवल विश्वास की शक्ति से ही अपने गंभीर से गंभीर रोगों को ठीक कर लिया है इसीलिए किसी बीमारी की स्थिति में आपको चिंता और विश्वास से बचाना चाहिए वर्ण आप जल्दी
ठीक नहीं हो पाएंगे और आपकी बीमारी और बढ़ सकती है किसी भी बड़ी बीमारी के सबसे बड़े डॉक्टर सबसे पहले आप हैं अगर आप ही मैन में हर गए तो आप कभी इस बीमारी से जीत नहीं पाएंगे इसीलिए आपको खुद को भरोसा दिलाना होगा की खुद इस बीमारी को मैं ठीक कर दूंगा आप किसी भी गंभीर बीमारी को अपने दिमाग और लॉ ऑफ अट्रैक्शन की मदद से ठीक कर सकते हो लेकिन इससे पहले आपको अपने दिमाग और विचारों पर प्रैक्टिस करनी पड़ेगी और इसके लिए सबसे अच्छा तरीका है मेडिटेशन यानी की ध्यान जैसे की मैंने
पहले बताया की ये नियम हमारे विचारों की फ्रीक्वेंसी के आधार पर कम करता है जैसे रेडियो की फ्रीक्वेंसी सही चैनल पर जाते ही उसकी आवाज़ साफ सुनाई देने लगती है वैसे ही यदि हमारे विचारों और भावनाओं की फ्रीक्वेंसी सही से मिल गई तो आपका वह विचार आपका जीवन बदल सकता है इन दोनों फ्रीक्वेंसी को मिलने के लिए आपको इन विचारों तो अपने मैन में दोहराते रहना चाहिए सिर्फ विचारों को मैन में दोहराने की नहीं बल्कि उसे महसूस करने की कोशिश कीजिए की जब आपका यह विचार सत्य हो जाएगा तो आप कैसा महसूस करेंगे मैंने ऐसे
बहुत से लोगों को देखा है जिनका कोई टारगेट या गोल होता है लेकिन फिर भी वो उन गोल या टारगेट को पूरा नहीं कर पाते इसके पीछे का कारण यह है की उनका गोल तो फिक्स है लेकिन उसे गोली या टारगेट की क्लियर इमेज उनके दिमाग में नहीं होती है अगर आप किसी चीज को पाना चाहते हैं तो सबसे पहले उसकी क्लियर इमेज आपके दिमाग में होनी चाहिए जब भी आप कोई विचार या इच्छा को करें तो पुरी फीलिंग के साथ उसे महसूस कीजिए की आपको वो मिल गई है या फिर आप वो बन चुके
हैं मैन लीजिए यदि आपको कोई घर खरीदना है तो उसे घर के साथ आपके मैन में ऐसे भाव नहीं होने चाहिए की पता नहीं ये होगा भी या नहीं होगा ऐसे नकारात्मक विचार हानिकारक है आप ऐसा सोचिए मानो आपने वो हर खरीद लिया है और अपने दिमाग में ऐसा विजुलाइज करो की आप उसे घर में बैठे हो आप घर में घूम रहे हो आपकी फैमिली भी उसे घर में आपके साथ है ऐसा भी जुलाई [संगीत] के साथ उसे चीज को मांगना है यूनिवर्स जब भी कोई चीज मैंगो या उसे आदेश दो तो यह क्लियर और
सकारात्मक शब्दों से ही होनी चाहिए क्योंकि यूनिवर्स शब्दों से पैदा होने वाली फीलिंग को पकड़ लेता है और उसी के अनुसार कार्य करता है उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति एक्स लिखता है मैं अमीर बन्ना चाहता हूं और व्यक्तिवादी लिखता है मैं गरीब नहीं बने रहना चाहता वैसे दोनों का मतलब अमीर बन्ना ही है लेकिन यूनिवर्स व्यक्ति एक्स का अमीर शब्द पकड़ेगा और ए का गरीब शब्द पकड़ेगा और उनके शब्दों के हिसाब से परिणाम देगा यानी की सोचते वक्त या यूनिवर्स को आदेश देते वक्त कभी भी नकारात्मक शब्द का इस्तेमाल नहीं करना है यहां गरीबी
एक नेगेटिविटी को दर्शाता है जबकि अमीरी पॉजिटिविटी को इस नियम को अपनाते समय आपको यूनिवर्स पर बिल्कुल शंका नहीं करनी चाहिए यदि आपने किसी चीज का आदेश यूनिवर्स को दे दिया है तो आपको यह सोचना नहीं चाहिए की यूनिवर्स इसे कैसे पूरा करेगा यूनिवर्स अपने कम को कैसे अंजाम देता है यह उसका कम है आपका कम तो आदेश देने के बाद पूरे विश्वास के साथ उसका इंतजार करना है अब यह सब कर लिया मतलब यह नहीं की आपको सब मिल जाएगा आपको उसे चीज के प्रति एक्शन भी लेना होगा बिना एक्शन लिए आप कोई भी
चीज को नहीं का सकते सिर्फ सोचने से आपको कोई चीज नहीं मिल जाती बगैर उसे पर प्रतिक्रिया के जब थॉट फीलिंग और एक्शन ये तीनों चीज एक साथ मिल जाती हैं तो वो आपके सोच या इच्छा की फ्रीक्वेंसी को बढ़ा देती है अगर आप इन तीनों का मेल सिख गए तो इस दुनिया में ऐसा कुछ भी नहीं जिसे आप का नहीं सकते लास्ट में बस इतना कहना चाहूंगा सारा खेल माइंड सेट का है मुझे उम्मीद है की आपको यह वीडियो पसंद आया होगा वीडियो को लाइक और अपने फ्रेंड्स और फैमिली के साथ में शेयर करना
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