दृशम का क्लाइमेक्स याद है आपको जमीन के नीचे पुलिस जब एक डेड बॉडी ढूंढ रही होती है जोरदार खुदाई के बाद कुछ बहुत भयानक बाहर निकलता है ठीक उसी जगह से शुरू हुई है एक साउथ इंडियन फिल्म जिसने पूरी इंडस्ट्री को बता दिया है सस्पेंस थ्रिलर कैटेगरी में मलयालम सिनेमा का कोई कंपटीशन नहीं है थोड़े दिन पहले ही किष्किंदा कांडम रिलीज हुई थी उसका क्लाइमैक्स देखकर लोग हॉलीवुड मूवीज भूल जाएंगे लेकिन उसके तुरंत बाद एक और बड़ा धमाका हो गया है आज के टाइम में जब हर दूसरी फिल्म सिर्फ 28 दिनों के बाद ओटीटी पर
रिलीज हो जाती है एक मलयालम फिल्म का दो महीने इंतजार करना पड़ा क्योंकि थिएटर्स में फिल्म आग लगा रही थी रेखा चित्रम फिल्म को रिलीज हुए दो महीने गुजर चुके हैं लेकिन अब ओटीटी पे जब नॉर्थ ऑडियंस इसको हिंदी डबिंग में देखेगी दिमाग हाथ में निकल के बाहर आ जाएगा हॉलीवुड की एक फेमस फिल्म है नन जो कंजरिंग से जुड़ी हुई है जितना एक्साइटमेंट इस नन को देखकर फील होता है सेम वैसा ही काम इस मलयालम फिल्म ने किया है एक सुनसान जंगल के बीच में अकेला बैठा हुआ आदमी कैमरा पे लगातार कुछ बातें कर
रहा है सामने है सोशल मीडिया जिस पे अब वो लाइव जा चुका है थोड़ी देर बाद इसी लाइव कैमरा पे वो खुद को मारने की बात बोलता है और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता वीडियो में गोली चलने की आवाज आती है और आदमी मर जाता है यह सब सुनके आपको डर जरूर लग रहा होगा बट बहुत जरूरी है उस बात को सुनना जो इसने खुद मरने से ठीक पहले कैमरा के सामने बोली थी इस आदमी ने खुद को एक मर्डर का जिम्मेदार बताया था जो आज से लगभग 40 साल पहले किया गया था
कोई पुलिस केस नहीं कोई कोर्ट का फैसला नहीं पूरी दुनिया के सामने अपना जुर्म कबूल किया और अपने हाथों से खुद को सजा भी सुना दी एक्चुअली जंगल में जिस पेड़ के नीचे ये बैठा है और जो जमीन इसके पैरों की के नीचे है उसके अंदर ही दफन है एक और इंसान की लाश जो जंगल हमेशा से सुनसान था वहां गोली की आवाज के बाद पुलिस का सायरन बजता है और वीडियो देखने के बाद इस जमीन की खुदाई शुरू हो जाती है बस कुछ फिट जमीन के नीचे ठीक दृश्यम के जैसे एक स्केलेटन बाहर निकलता
है और सनसनी मच जाती है टेबल पे सजा हुआ है एक इंसान का सर साथ में एक ऐसी चीज भी मिली है जिससे साफ पता चलता है मरने वाला लड़का था या लड़की थी पैरों में बजने वाली पायल जो 40 साल जमीन के नीचे दबी हुई थी वो इस कंकाल की हड्डियों के साथ रखी हुई हैं वो बोलते हैं ना परफेक्ट क्राइम जैसा इस दुनिया में कुछ भी नहीं होता हर क्रिमिनल अपने पीछे एक सबूत छोड़ जाता है जो पुलिस को उस केस के सच तक ले जाता है फिल्म कांसेप्ट समझ रहे हो एक मरे
हुए इंसान का भूत जमीन के नीचे से बाहर निकल के 40 साल बाद पुलिस से अपनी मौत का इंसाफ मांग रहा है क्योंकि कातिल आज भी जिंदा है लेकिन एक हैरान करने वाली बात बताऊं यह सब कुछ टोटली फिल्मी नहीं है मन गणन नहीं है क्योंकि इस मर्डर का कनेक्शन एक रियल लाइफ एक्टर से जुड़ा है मलयालम सिनेमा के लेजेंड ममूटी के हाथों में इस केस को सॉल्व करने की चाबी है जैसे कल की मैं अमिताभ सर का यंग वर्जन दिखाया था सेम वैसे ही ममती को 40 साल पीछे जाके वीएफ एक से दोबारा इस
कहानी में प्रेजेंट किया गया है सुनने में ये चीज जितनी अजीब लग रही है उतना ही इसका यूनिक एक्सपीरियंस मिलेगा फिल्म को देखते टाइम ऐसी इन्वेस्टिगेशन थ्रिलर फिल्म सच में किसी ने ट्राई नहीं की है जो एक लव लेटर की तरह बनाई गई है अपने फेवरेट एक्टर को ट्रिब्यूट देने के लिए वो भी एक मर्डर केस के अंदर जो मैंने आपको इस वीडियो में बताया वो सिर्फ एक नजरिया है इस कहानी को देखने का जबकि दो घंटे की फिल्म देखने के बाद आप आपका दिमाग टोटल 360° चक्कर खा जाएगा फिल्म का क्लाइमैक्स एकदम फ्रेश है
काफी ज्यादा अनप्रिडिक्टेबल एंडिंग बनाई है आपको धोखा देने के लिए कुछ साइड प्लॉट्स भी दिखाए जाएंगे अगर उसमें उलझ गए तो एंडिंग हाथ से निकल जाएगी और सबसे बेहतरीन चीज जो मलयालम सिनेमा को बाकी इंडस्ट्री से अलग बनाती है इनकी फिल्मों में एक्टिंग दिखती ही नहीं है एक्टर्स एकदम असली जिंदगी के कैरेक्टर्स बन जाते हैं रेखा चित्रम को देखते टाइम आप कंफ्यूज हो जाओगे ओटीटी प फिल्म देख रहे हो या फिर किसी न्यूज़ चैनल का रियल लाइफ प्रोग्राम एकदम असली से ज्यादा असली सिनेमा बनाया है सनी लिफ पर फिल्म को अभी तुरंत इसी वक्त देख
सकते हो बस शर्त इतनी सी है कि एक बार में फिल्म को देखना यह टुकड़ों में ब्रेक लेकर देखोगे तो मजा खत्म हो जाएगा थिएटर बाय बाय ओटीडी को बोलो हाय हाय फिल्म देखकर बताना जरूर कैसी लगी ओके टेक केयर बाय बाय