लेटस मूव ऑन ट बिटकॉइन द बिटकॉइन द बिटकॉइन बिटको पटिंग रियल मनी न अ सिस्टम दैट वी डोंट इवन नो हु क्रिएटेड्रॉअर्नेविगेटर बिटकॉइन माइनिंग यूजिंग अ लैपटॉप साउंड्स वेरी टेक्निकल राइट बट इट्स ट्रू ऑल यू नीड इज दिस यह न्यूज़ देखो टेक्सस में रहने वाले 14 और 9 साल के सिब्लिंग्स ने अपने समर वेकेशन में सिर्फ अपने लैपटॉप की मदद से एक महीने में 0000 यानी ₹ लाख के बिटकॉइन्स को माइंड कर लिया एंड इफ यू थिंक दिस इज इंप्रेसिव तो लेट मी टेल यू दिस इज नथिंग पॉन्डिचेरी में रहने वाले तीन इंजीनियर दोस्त हर्ष
सचिन और आदित्य आज भी हर महीने का ₹ करोड़ कमाते हैं बस क्रिप्टो माइनिंग करके सो अब सवाल यह आता है कि क्रिप्टो माइनिंग आखिर है क्या वेल इसे समझने के लिए चलो सबसे पहले इस वर्ड को दो पार्ट में ब्रेक कर देते हैं क्रिप्टो और माइनिंग क्रिप्टो जैसे हर किसी को पता है डिजिटल करेंसी है और माइनिंग इन इट सेल्फ इज सेल्फ एक्सप्लेनेटरी बेसिकली हम कह सकते हैं इंटरनेट में डिजिटल करेंसी की माइनिंग को क्रिप्टो माइनिंग कहा जाता है बट एक सेकंड यूजुअली माइनिंग गोल्ड या और ऐसी मेटल्स या मिनरल्स को अर्थ के सरफेस
से खोद के किया जाता है व्हिच इज टेंज यानी हम उसे छू सकते हैं राइट लेकिन इंटरनेट इट सेल्फ इज वर्चुअल इट इज इनटेंजिबल जिसे हम छू भी नहीं सकते सिर्फ एक्सपीरियंस कर सकते हैं उसमें आखिर करेंसी को माइंड कैसे किया जाता है वेल टू आंसर दिस क्वेश्चन हमें क्रिप्टो करेंसी के थोड़े बेसिक्स को रिवाइज करना होगा सो बेसिकली क्रिप्टो करेंसी इसीलिए इंट्रोड्यूस हुआ था ताकि करेंसी सेंट्रलाइज नहीं बल्कि डिसेंट्रलाइज्ड हो सके सिंपल भाषा में समझाऊं तो जब भी कोई इंसान या कंपनी अपने बैंक को यूज करके पैसे डेबिट करता है या क्रेडिट करता है
किसी और को ट्रांसफर करता है तब इन सारे ट्रांजैक्शंस का डाटा बैंक के सर्वर में रजिस्टर हो जाता है और बैंक ही इ ट्र ट्रैक्शन को वेरीफाई करके अप्रूव या रिजेक्ट करती है अब इसमें सबसे बड़ा फ्लॉक है पता है इन सारे ट्रांजैक्शंस का डाटा एक ही बैंक के सर्वर में स्टोर्ड होता है यानी कोई भी हैकर उस बैंक के सर्वर को टैंपर कर ले तो इजली वो कोई भी इंफॉर्मेशन को रिट्रीव कर सकता है बट क्रिप्टो करेंसी में ये फ्लॉय नहीं है क्रिप्टो करेंसी ने इस मेजर प्रॉब्लम को ही सॉल्व कर दिया है मतलब
क्रिप्टो डिसेंट्रलाइज्ड है क्योंकि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का यूज करता है यानी जब भी कोई क्रिप्टो ट्रांजैक्शन होता है तब ब्लॉकचेन नेटवर्क पर मौजूद सारे एक्टिव पीसीज में उस ट्रांजैक्शन के डाटा को रजिस्टर कर दिया जाता है अब इससे होता क्या है कोई भी एक पीसी से डाटा को टैंपर करें तो उससे कुछ भी नहीं होगा क्योंकि बाकी के दूसरे एक्टिव पीसीज उस टैंपर्ड डाटा को नोटिस करके हटा देंगे और ट्रांजैक्शन को कैंसिल कर देंगे और क्रिप्टो माइनिंग में बेसिकली यही तो होता है आपके सिस्टम्स लैपटॉप या पीसी पूरे दिन में हो रहे इन ट्रांजैक्शंस को वेरीफाई
करते हैं और न्यू ट्रांजैक्शंस व्हिच आर न्यू ब्लॉक्स को एसिस्टिंग ब्लॉकचेन में ऐड करते हैं और इस काम को करने के लिए आपको मिलते हैं रिवर्ड व्हिच इज य स क्रिप्टो कॉइन और इस पूरे प्रोसेस को टेक्निकली कहा जाता है प्रूफ ऑफ वर्क सो गाइस इसके बाद आई होप आपका क्रिप्टो करेंसीज को लेकर और इनके माइनिंग को लेकर जो कांसेप्ट है वो क्लियर हो गया होगा एंड नाउ यू मस्ट बी रेडी टू माइन क्रिप्टोकरेंसीज यूजिंग योर ओन लैपटॉप एक मिनट अगर मैं youtube2 माइन बिटकॉइन हर कोई लैपटॉप के साथ रिग रेकमेंडेड कर रहा है सो
आखिर यह रिग क्या होता है एंड व्हाई इज इट इवन बेनिफिशियल वेल मैं तो कहूंगा दिस इज द मोस्ट एफिशिएंट और प्रॉफिट बट नॉन रेकमेंडेड मेथड क्योंकि देखो इसमें आप लैपटॉप से माइन तो कर रहे हो पर आपका लैपटॉप एक प्राइमरी सोर्स नहीं है टू माइन बल्कि सिर्फ एक मैनेजर का काम निभाता है असली काम तो आपके रिग्स करते हैं यूजिंग जीपीयू और ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट्स अब व्हाट इफ आपके पास कोई पीसी या लैपटॉप है ही नहीं वेल जैसे अब हमें कोई हाई परफॉर्मेंस रिक्स की जरूरत नहीं पड़ती बल्कि उसके बदले हम सिर्फ लैपटॉप से
भी माइनिंग कर सकते हैं वैसे ही अगर मैं कहूं कि आपको कोई लैपटॉप की भी जरूरत नहीं बल्कि आप सिर्फ एक ऑनलाइन अकाउंट ओपन करके क्लाउड सर्विसेस के थ्रू भी माइनिंग कर सकते हो तो देखो बेसिकली रिग्स और कुछ नहीं बल्कि मल्टीपल सिस्टम्स होते हैं अब फॉर एग्जांपल इस फोटो को देखो इसमें हर एक सेक्शन एक इंडिविजुअल पीसी है जिसमें अराउंड सिक्स जीपीयू लगे हुए हैं और जैसे मैंने कुछ देर पहले एक्सप्लेन किया था कि माइनिंग इज नथिंग बट सॉल्विंग एल्गोरिथम्स एंड वेरीफाइंग क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस और ये एल्गोरिथम्स इतने टफ होते हैं कि इन्हें सॉल्व करने
के लिए जीपीयू आर द बेस्ट सोर्स और इसीलिए माइनर्स मल्टीपल सिस्टम्स के बड़े-बड़े पाइल्स घर पे बिल्ड करते करते हैं जिन्हें यह कहते हैं रिग्स अब अगर देखने जाए तो यस इनसे प्रॉफिट तो बहुत आएगा बिकॉज हमारे पास कंप्यूटेशनल पावर बढ़ चुकी है बट ऑन द अदर हैंड इतने सारे और इतने बड़े रिगस को कंटीन्यूअसली इलेक्ट्रिक सप्लाई इंटरनेट सप्लाई और टेंपरेचर कंट्रोल की जरूरत पड़ती है प्लस आपके सारे सिस्टम्स को मेंटेन करना होता है एंड द मोस्ट इंपॉर्टेंट इज इतने सारे सिस्टम्स को बनाने के लिए आपको एक बड़ा कैपिटल इन्वेस्ट करना पड़ता है और जिसके
बाद एक इलेक्ट्रिक ट्रिप और सारे सिस्टम्स बर्बाद हो सकते हैं क्योंकि कंटीन्यूअस प्रोसेसिंग के वजह से हाई अमाउंट ऑफ हीट जनरेट होती है जिसकी वजह से रिग्स में आग लग जाने के भी केसेस दर्ज हुए हैं और इसीलिए अगर आप एक ऐसे एरिया में रहते हो जहां पर इलेक्ट्रिक सप्लाई के इश्यूज हैं इंटरनेट के इश्यूज होते हैं टेंपरेचर और ह्यूमिडिटी फ्लक्ट होती रहती है तो फिर आपको इन सारे प्रॉब्लम्स को कंसीडर करके इन्हें फिक्स करना होगा और इसीलिए मैंने कहा था दिस इज एन एफिशिएंट और प्रॉफिटेबल बट नॉन रेकमेंडेड मेथड लेकिन हां अगर आपको फिर
भी रिक्स को यूज करके प्रॉफिट्स को बढ़ाना है और इन्वेस्टमेंट्स एंड हैज को कम रखना है तो आप एक माइनिंग पूल जॉइन कर सकते हो बेसिकली इसमें भी रिग्स ही यूज़ होते हैं बट व्हाट यू डू हियर इज एक ही इंसान सारे रिग्स बिल्ड और मैनेज नहीं करता बल्कि यहां पर मल्टीपल लोग छोटे-छोटे रिग्स बनाते हैं इन छोटे रिग्स को फिर इंटरनेट पर मौजूद माइनिंग पूल्स को जॉइन करवा दिया जाता है या खुद का ही एक पूल क्रिएट कर दिया जाता है जिसमें वो अपने रिक्स को वर्चुअली एक दूसरे से कनेक्ट कर देते हैं और
फिर इन रिक्स से जनरेट हुआ प्रॉफिट इक्वली आपस में शेयर किया जाता है अब बिफोर मूविंग फर्द बहुत सारे लोगों का एक मिसकंफीग्रेशन कि बिटकॉइन माइनिंग इल्लीगल है इंडिया में बट यहां पर मैं कहूंगा इंडिया ने क्रिप्टो माइनिंग पर अभी तक कोई लॉज एंड रेगुलेशंस नहीं बनाए क्योंकि अभी तक कोई एक मेन स्ट्रीम करेंसी लाइक रुपी डॉलर यूरो एटस को माइन नहीं कर रहा है और इसीलिए माइनिंग को हम ना लीगल और ना ही इल्लीगल कह सकते हैं बट हां अंडर 20222 बजट एलोकेशन इंडिया ने यह जरूर डिक्लेयर किया है कि आपको माइनिंग से हुए
प्रॉफिट का 30 पर एज अ टैक्स गवर्नमेंट को देना पड़ेगा जिका मतलब यह है कि मे बी गवर्नमेंट इसे इल्लीगल तो नहीं ती सो चलो अब चलते हैं लैपटॉप से माइन करने के एक अल्टरनेट मेथड पर लेस प्रॉफिटेबल या बट रेकमेंडेड मेथड क्लाउड माइनिंग अब जैसे नाम ही सजेस्ट कर रहा है सारी चीजें ऑनलाइन होगी यानी आपको रिक्स की भी जरा जरूरत नहीं है इसमें बेसिकली होता यह है कि बाहर फॉरेन कंट्रीज में जहां इलेक्ट्रिक सप्लाई के चार्जेस लो है इंटरनेट और टेंपरेचर का कोई इशू नहीं होता वहां पर लोग बड़े-बड़े रिगस बिल्ड कर लेते
हैं और फिर उन्हें ऑनलाइन रैंट पर देते हैं मतलब आपको इनके वेबसाइट्स पर जाके सिर्फ इनके रि को रेंट पर लेना होता है और फिर यह लोग आपके लिए अपने रिग्स को ऑन कर देंगे और फिर माइनिंग से हुआ प्रॉफिट आप रख सकते हो इसमें ना कोई बड़ा कैपिटल इन्वेस्टमेंट होता है ना मेंटेनेंस का झंझट और ना ही किसी भी हैज होने के कोई चांसेस इसमें बस सुबह रेंट भरना होता है और शाम को प्रॉफिट्स कलेक्ट करने होते हैं अब आई नो दिस साउंड्स वेरी इजी एंड मोर अट्रैक्टिव ऑफर राइट बट देयर इज अ कैच
फॉर एग्जांपल आप ये एक रैंडम क्लाउड माइनिंग वेबसाइट को देख लो मान लो हम ऑन एन एवरेज एक साल में ₹5000000 एप्रोक्सीमेटली $1 तो एक साल बाद आपको अराउंड $45 का एक्स्ट्रा प्रॉफिट होगा यानी अराउंड 4000 सिर्फ क्लाउड माइनिंग से सो विद दिस हम ये जरूर कह सकते हैं कि रिग माइनिंग हो या क्लाउड माइनिंग ये दोनों ही लॉन्ग टर्म प्लांस है जिसमें शॉर्ट टर्म में हैवली अर्न करने के लिए आपको हैवी कैपिटल इन्वेस्ट करना पड़ेगा या फिर छोटे-छोटे इन्वेस्टमेंट से प्रॉफिट अर्न करके उन्हें फिर से रिइन्वेस्ट करके लॉन्ग टर्म में बड़ा प्रॉफिट अर्न करना
होगा सो दिस इज इट दिस इज हाउ यू कैन अर्न प्रॉफिट फ्रॉम बिटकॉइन माइनिंग यूजिंग ओनली योर लैपटॉप लेकिन देखा जाए तो अभी तक हमने डिस्कस किए सभी तरीकों में भले ही प्रॉफिट अर्न करने का तरीका अलग है पर एट दी एंड माइनिंग तो कहीं ना कहीं रिक से ही हो रहा है बाय सॉल्विंग एल्गोरिथम्स एंड वेरीफाइंग ट्रांजैक्शंस व्हिच इज प्रूफ ऑफ वर्क व्हिच इज एगजैक्टली द बिगेस्ट फ्लॉी जिनली इसमें होता क्या है एक ही एल्गोरिदम या फिर ट्रांजैक्शन को वेरीफाई करने के लिए बहुत सारे सिस्टम्स एक साथ कंपीट करते हैं और फिर जो सबसे
पहले सॉल्व कर देता है उसे ही वो रिवर्ड जाता है रेस्ट का कंप्यूटेशनल पावर और इलेक्ट्रिसिटी यूज्ड वेस्ट कंसीडर किया जाता है और इस इसीलिए रिसेंटली एथेरियम ने एक नए मेथड को यूज करने का प्लान किया है प्रूफ ऑफ स्टेक इसमें होता यह है कि एक एल्गोरिदम या फिर एक ट्रांजैक्शन वैलिडेशन का काम सिर्फ एक ही रिंग को असाइन किया जाता है जिसकी वजह से दूसरे रिग्स दूसरे एल्गोरिथम्स और ट्रांजैक्शंस पर वर्क कर रहे होते हैं और इससे कंप्यूटेशनल पावर और इलेक्ट्रिसिटी दोनों ही एफिशिएंटली यूज होती है और प्रोसेसिंग स्पीड भी बढ़ जाती है और
इसीलिए अगर मुझसे पूछा जाए कि कौन से मेथड को प्रेफर करना चाहिए तो आई वुड पर्सनली रिकमेंड प्रूफ ऑफ स्टेक ओवर प्रूफ ऑफ वर्क और ऐसे भी बहुत सारे रूमर्स हैं कि इन फ्यूचर मेजर्ली सारे क्रिप्टो प्रूफ ऑफ स्टेक पर ही अपनी माइनिंग को शिफ्ट कर देंगे अब क्या सच में आगे जाके ऐसा होगा कि नहीं यह तो वक्त ही बताएगा बट फॉर नाउ आई थिंक माइनिंग से संबंधित सारी इंफॉर्मेशन आपको मैंने दे दी है और अगर आपको बिटकॉइन माइनिंग पैसिव इनकम जनरेट करने का एक अच्छा ऑप्शन लग रहा है तो यू कैन स्टार्ट और
इस पे अगर कोई क्वेश्चंस है तो आप नीचे कमेंट सेक्शन पर भी पूछ सकते हो और अगर इस वीडियो से आपको कुछ भी नया सीखने मिला तो एक लाइक जरूर ठोकना गेटस फ्लाई साइंस चैनल को अभी सब्सक्राइब कर लो और बेल नोटिफिकेशन दबाओ ताकि आगे आने वाली हमारी कोई भी वीडियो की अपडेट आप मिस ना कर सको सी यू नेक्स्ट टाइम फ्रेंड्स टिल देन एज ऑलवेज स्टे क्यूरियस कीप लर्निंग एंड कीप ग्रोइंग जय हिंद