खुद से जीतने वालों को मेरा सलाम किताब द पॉन मिथ में मैथ्यू फ्रेड एक क्लाइंट फ्रैंक की कहानी बताते हैं कैसे फ्रैंक ने 15 सालों के एडिक्शन को पूरी तरह छोड़ा हम इस यात्रा में सीखेंगे कि जब आप पन देखना छोड़ते हो तो दिमाग कैसे बदलता है आपको क्या परेशानियां आती हैं और हम इन्हें कैसे हैंडल कर सकते हैं पहली बार कोतुहल फ्रैंक कहते हैं कि 15 साल की उम्र में मैं हाई स्कूल के दोस्तों के साथ ब्राउजिंग कर रहा था मैंने कोतुहल वश एक लिंक पर क्लिक किया और अचानक ऐसी वेबसाइट पर पहुंच गया
जहां 15 साल के लड़के को नहीं होना चाहिए फ्रैंक कहते हैं उस समय मेरा शरीर बदल रहा था इसलिए मैं यह सब क्यूरियोसिटी के साथ देखता गया फिर धीरे-धीरे छिप छिप कर वीडियो देखना अब मेरा हर दिन का रूटीन बन गया जो पूरे हाई स्कूल और कॉलेज तक चला हाई स्कूल के समय मुझे यह नहीं पता था कि पोर्नोग्राफी कितनी नुकसानदेह होती है लेकिन मुझे अंदर से यह यह एहसास था कि मैं कुछ गलत कर रहा हूं क्योंकि मैं यह सब छिपकर करता और पकड़े जाने का डर लगता फिर कॉलेज में रिजल्ट्स बिगड़ने लगे पढ़ाई
में कंसंट्रेट करना मुश्किल होने लगा मुझे लोगों से बात करने में दिक्कत होने लगी शुरुआत में तो मुझे समझ नहीं आया कि अचानक से मैं इतना बदल कैसे गया फिर मैंने खुद को लाइब्रेरी में बैठकर घंटो पन देखते पाया तब मुझे झटका लगा कि यह बिहेवियर सही नहीं है काफी रिसर्च करने के बाद मुझे पता लगा कि यह सब पन देखने के कारण हो रहा है फ्रैंक कहते हैं मैंने कई बार पॉन छोड़ने की कोशिश की मैं कुछ दिनों के लिए सफल भी होता लेकिन कुछ दिनों बाद खुद को इन्हीं वीडियोस को देखने के लिए
व्याकुल पाता जब मेरा खुद से वादा टूटता तो मैं पहले से ज्यादा मात्रा में एडल्ट कंटेंट देखने लगता जब मैंने अपने विचारों पर ध्यान देना शुरू किया तो मैंने नोटिस किया कि मैं औरतों और लड़कियों को एक ही दृष्टि से देखने लगा हूं और अजीब कल्पनाएं करने लगा हूं इस पर मुझे शर्म महसूस हुई और मैंने पन छोड़ने का निश्चय किया लेकिन मैं बार-बार फेल हो जाता और दोबारा पन देखने लगता फिर कुछ दिनों बाद परेशान होता तो दोबारा छोड़ने की कोशिश करता कई बार असफल होने के बाद मुझे समझ आया कि मुझे सच में
मदद की जरूरत है मदद फ्रैंक कहते हैं कि मेरी किस्मत अच्छी थी मेरे कॉलेज के साइकोलॉजी प्रोफेसर ने उसी समय एक रिकवरी ग्रुप शुरू किया जो अल्कोहलिक एनोनिमस के 12 स्टेप से प्रेरित था प्रोफेसर ने हमको छह स्टेप सिखाए जिससे आप किसी भी प्रकार के डिजिटल एडिक्शन को तोड़ सकते हैं इस प्रोसेस का सबसे पहला और सबसे जरूरी स्टेप है स्वीकार करो कि एडिक्शन है अधिकतर लोगों को मन ही मन लगता है कि पंग देखना उनके हाथ में है आज नहीं तो कल बंद कर ही देंगे ऐसे लोग ना बंद कर पाते ना एडिक्शन स्वीकार
करते इसलिए कभी आगे नहीं बढ़ पाते जब भी आप बुरी आदत छोड़ने की सच में कोशिश करते हो तब आपको पता चलता है कि आपने एडिक्शन को नहीं बल्कि एडिक्शन ने आपको पकड़ा है रिकवरी का सबसे पहला कदम है स्वीकार करो कि एडिक्शन है एडिक्शन यानी दिमाग में कुछ ऐसे तरीके से बदलाव आते हैं न्यूरो केमिकल्स कुछ ऐसे तरीके से काम करते हैं कि आपके ना चाहते हुए भी दिमाग पुरानी आदतें दोहराने को मजबूर हो जाता है वो आदत जो लॉन्ग टर्म में आपके लिए अच्छी नहीं है जब आप स्वीकार करोगे कि आदत एडिक्शन है
तभी आप सही मायनों में नया बिहेवियर नया माइंडसेट सीखना शुरू करेंगे दूसरे स्टेप में प्रोफेसर ने हमको सिखाया पन छोड़ते वक्त दिमाग और शरीर में पांच बदलाव आएंगे नए बदलाव की आदत ना होने के कारण दिमाग विद्रोह करेगा और आप परेशान हो जाओगे इस परेशानी को हैंडल ना कर पाने के कारण लोग वापस पन देखने लगते हैं आने वाली परेशानी को पहले से जानना क्यों जरूरी है प्रोफेसर कहते हैं कि जो मुश्किल आते हुए दिख जाती हैं वो आपको परेशान तो करती हैं लेकिन आपको निराश नहीं कर सकती क्योंकि जब आप यह जानते हो कि
यह सब इस यात्रा का हिस्सा है तो आप इनसे निपटने के लिए सही आदतें अपना सकते हो पहली परेशानी है मूड स्विंग्स और सडसुख तो मिलेगा और उससे मुझे इमोशनल सेटिस्फैक्ट्रिली मिलेगा जब आप पन देखना छोड़ते हो तो कुछ दिनों के लिए डोपामिन के साथ-साथ दूसरे न्यूरो ट्रांसमिट जैसे सेरोटोनिन और ग्लूटामिक का रेगुलेशन भी बिगड़ जाता है जिस कारण आप अपने इमोशंस को कंट्रोल नहीं कर पाते और मूड स्विंग्स होते हैं एक पल आप बहुत शांत महसूस करते हो और दूसरे पल आपको समझ नहीं आता कि आपको इतना बुरा क्यों लग रहा है अपने रिएक्शंस
और इमोशंस कंट्रोल ना कर पाने के कारण आपको बहुत फ्रस्ट्रेशन महसूस हो होगा पॉन छोड़ने के कारण दूसरी परेशानी आएगी रात में नींद ना लगना प्रोफेसर बताते हैं कि पॉन के आदि अधिकतर सिंगल लोग रात में सोने से पहले पंड देखते हैं और मास्टरबेट करते हैं इससे डोपामिन हिट मिलता है साथ में प्रोलैक्टिन रिलीज होता है जिससे दिमाग शांत होता है और जल्दी नींद लगती है लेकिन जब आप पन छोड़ते हो तो आपके लिए रात में सोना बहुत कठिन हो जाता है क्योंकि अभी दिमाग पुरानी उम्मीद कर रहा है कि डोपामिन मिल वाला है इसलिए
वह शांत नहीं हो पाता इस द्वंद में आप रिलैक्स नहीं हो पाते और बड़ी मुश्किल से नींद लगती है अगली परेशानी जो आप अनुभव करने वाले हो वह है कांस्टेंट इरिटेशन पन देखना आपके दिमाग का स्ट्रेस और बोरियत से लड़ने का रूटीन का हिस्सा था साथ में पन देखना आपकी क्रेविंग को सेटिस्फाई कर रहा था अब वह ऑप्शन अचानक से गायब हो गया है और आपको दूसरे तरीकों से स्ट्रेस हैंडल करना नहीं आता छिपे हुए स्ट्रेस के कारण आपको बात-बात पर इरिटेशन होता है और यह इरिटेशन कई दिनों तक रह सकता है इसलिए आपको कुछ
ऐसी आदतें अपनाने की जरूरत है जिनसे आप बिना पन के अच्छा महसूस कर सको स्ट्रेस मैनेज कर सको और इमोशंस हैंडल करना सीख सको इसलिए पंड छोड़ने के साथ-साथ हमें ध्यान योग माइंडफुल वॉकिंग मेडिटेशन जैसी प्रैक्टिसेस अपनाने की जरूरत है अगला बदलाव अचानक से आता है और लोगों को पता भी नहीं चलता कि उनके साथ क्या हो रहा है थकान और उदासीनता किसी भी प्रकार के एडिक्शन में बेसलाइन डोपा मीन गिर जाता है जिस कारण छोटे मोटे आसान काम भी करने का मन नहीं करता ना किसी चीज में दिलचस्पी रहती इसके साथ लगातार आप पुरानी
आदतों से लड़ रहे हो इसलिए थकान महसूस होती है फेलियर और शेम जब हार्डकोर कंटेंट से दिमाग को ज्यादा डोपामिन मिलता है तो दिमाग ट्रिगर्स को लेकर ज्यादा सेंसिटिव हो जाता है नॉर्मल भाषा में कहे तो छोटे-छोटे ट्रिगर्स न्यूज़पेपर में छपी फोटो नॉर्मल मूवीज के सीन भी आपको पॉन देखने की याद दिलाते हैं आप काम पर फोकस कर रहे होते हो तभी अचानक पॉन से जुड़ी कोई बात मन में चलने लगती है कुछ साइंटिस्ट कहते हैं कि पन छोड़ने के अगले तीन से 60 दिनों तक दिमाग पुराने चित्र रिप्ले करता है इस समय चित्रों के
द्वारा दिमाग आपसे कह रहा है कि पुरानी आदत के द्वारा सस्ता डोपामिन लेलो यह स्थिति शुरुआत में अधिकतर लोगों के लिए हर दिन की स्ट्रगल हो सकती है जिस कारण दिनों हफ्तों और महीनों के बाद भी खुद से किया वादा टूटता है फेलियर और शर्म के कारण नौजवान अपनी स्ट्रगल दूसरों के साथ शेयर भी नहीं कर पाते प्रोफेसर कहते हैं कि दिमाग धीरे-धीरे रिवायर होता है और आपको पुरानी आदत दोहराने के लिए बीच-बीच में बहुत उकता है इसलिए खुद को ज्यादा देर शर्म महसूस ना कराएं तीव्र रिक्षा को हैंडल करने के लिए अर्ट सर्फिंग का
अभ्यास करें जो कि माइंडफुल का ही स्वरूप है जिसमें आप सांस पर ध्यान देते हुए विचारों और इच्छाओं को लहरों की तरह आते और जाते देख सकते हो अर्थ सर्फिंग के अभ्यास से आप इच्छाओं और इमोशंस को बिना रिएक्ट किए देख सकते हो इन सारे चैलेंजेबल हो रहे हो और खुद पर भरोसा नहीं कर पा रहे हो तो ईश्वर या अनंत ब्रह्मांड की शक्ति पर भरोसा करो कि ये शक्ति तुम्हें गाइड कर रही है तुम्हें यहां तक लेकर आई है विश्वास करो कि तुम अनंत ब्रह्मांड की शक्ति से इस आदत को पार कर जाओगे यह
विश्वास पैदा करना बहुत जरूरी है क्योंकि जहां सच्चा विश्वास होता है वही सच्चा प्रयास होता है ट्रिगर्स से दूर रहो ब्लॉकर ऐप का इस्तेमाल करो और तमाम तरह के ट्रिगर से दूर रहो बिना ट्रिगर से दूरी बनाए कोई भी आरत तोड़ना नामुमकिन जैसी है अगला स्टेप अच्छे आदतों की लिस्ट बनाओ इस यात्रा के दौरान कौन सी आदतें आपकी मदद करेंगी आपका स्ट्रेस कम करेंगी मन को शांत करेंगी और आपको एनर्जेटिक बनाएंगी सारी आदतों को नोट करो और तीन आदतों से शुरू करो और इन्हें जीवन में उतारो अगला स्टेप रिकवरी ग्रुप में एक दूसरे की मदद
करो प्रोफेसर ने फ्रैंक को सिखाया कि इस रिकवरी जर्नी में एक दूसरे को सपोर्ट करो एक दूसरे की परेशानी समझो दूसरों की मदद करने से और उनकी जीत का हिस्सा बनने से खुद पर भरोसा बढ़ता है रिकवरी फ्रैंक कहते हैं कि शुरू में एडिक्शन पूरी तरह नहीं टूटा लेकिन इस आदत पर डिपेंडेंस कम हो गई इस बदलाव से कंसंट्रेशन और कॉन्फिडेंस में कुछ सुधार आया जब खुद पर विश्वास पड़ा तो ग्रुप के सपोर्ट के साथ मैंने बंड छोड़ने का दृढ़ निश्चय किया सारे स्टेप्स फॉलो किए तो 14 महीने में मैं इस एडिक्शन से पूरी तरह
बाहर आ गया अब 5 साल हो गए हैं मुझे पॉन देखने की इच्छा भी नहीं होती फ्रैंक कहते हैं कि इस एडिक्शन से बाहर आने के बाद मैंने रियलाइफ किया कि एडिक्शन मेरे जीवन से लगातार खुशियां चूस रहा था अब मैं कॉन्फिडेंट महसूस करता हूं बहुत पॉजिटिव रहता हूं और धन्यवाद महसूस करता हूं कि मैं इस पूरे अनुभव से निकल पाया बहुत सारे लोगों से मिल पाया और सीख पाया समरी फ्रैंक कहते हैं कि मुझे इस यात्रा में एक चीज समझ आई कि फेलियर और सक्सेस से ज्यादा आपकी कोशिश मायने रखती है अभी आपकी क्या
कंडीशन है इससे फर्क नहीं पड़ता फर्क इस बात से पड़ता है कि आप इन सारे सिम्टम्स को समझो इनको हैंडल करने के लिए अच्छी आदतें बनाओ फर्क इस बात से पड़ता है कि अगर आप फेल हो जाओ तो आप खुद पर विश्वास करो गलतियों से सीखो और हिम्मत जुटाकर दोबारा प्रयास करो थिंक एंड ग्रो रिच में नेपोलियन हिल कहते हैं कि सेक्सुअल एनर्जी को प्राण शक्ति और क्रिएटिव एनर्जी में बदला जा सकता है और लक्ष्य पाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है जब भी आपके पास समय हो तो इस वीडियो को देखिए या बात
के लिए सेव कर लीजिए क्योंकि आपके समय से कोई वीडियो कोई ऐप कोई न्यूज कीमती नहीं है मैं काम के किस्से लाता रहूंगा हिम्मत हरकत होशियारी हम जीतेंगे