आपने भी आसमान में छोटे-छोटे सफेद बिंदु तैरते हुए देखे होंगे जो कि देखने में किसी बैक्टीरिया की तरह लगते हैं अब कुछ लोगों को लगता है कि ये सब बस एक भ्रम है पर भाई असल में ये तो कुछ और ही है दरअसल जब आपके रेटिना से रेड और वाइट ब्लड सेल्स पास होते हैं तो रेड ब्लड सेल्स से लाइट आराम से पास हो जाती है इसीलिए वो ट्रांसपेरेंट दिखते हैं पर वाइट ब्लड सेल्स बहुत मोटे और बड़े होते हैं इसीलिए उनमें से रोशनी पास नहीं हो पाती मतलब आसमान में जो बैक्टीरिया जैसी चीज तैरती
हुई आप देखते हो व असल में आपके ही वाइट ब्लड सेल्स होते हैं