आखिर कितना बल था महारथी कर्ण की भुजाओं में? क्योंकि बहुत लोगों को यह डाउट रहता है कि भीम और कर्ण में से किसके अंदर शारीरिक बल ज्यादा था? कोई बोलता है कि भीम के अंदर शारीरिक बल ज्यादा था और कोई बोलता है कि कर्ण के अंदर शारीरिक बल ज्यादा था। तो क्या है सच? आज की इस वीडियो में जानेंगे। इसलिए वीडियो को लास्ट तक जरूर देखना। तो चलो अब करते हैं टॉपिक को स्टार्ट। तो सबसे पहली बात कि भीम के अंदर जन्म से शारीरिक बल 10,000 हाथियों का नहीं था बल्कि उसको बाद में वह बल
प्राप्त हुआ था। और वह कैसे वह भी मैं आपको थोड़ा सा बता देता हूं। तो यह स्टोरी कुछ इस प्रकार से है कि जब दुर्योधन भीम को जहर देकर उसको नदी में फेंक देता है तब भीम को नागोक के नाग उसको अपने नाग लोक में ले जाते हैं और नागोक में जब नागों ने देखा कि भीम को जहर दिया हुआ है और वह मरने वाला है तब वहां पर नागों के राजा वासुकी ने उसको कोई ऐसा रस पिलाया जिससे वह बिल्कुल तंदुरुस्त हो गया और उसको 10,000 हाथियों का बल भी प्राप्त हो गया। तो ऐसे
प्राप्त हुआ था भीम को 10,000 हाथियों का बल। और अगर हम वहीं कर्ण का देखेंगे तो कर्ण को जन्म से ही असीम बल प्राप्त था। और वहीं अगर हम बात करेंगे युद्ध के अनुसार तो जहां पर कर्ण ने भगदथ को क्षण भर में हरा दिया था और वहीं पर अगर हम भीम का देखेंगे तो भीम भगदथ के हाथी तक का सामना नहीं कर पा रहा था वहां से वह भाग गया था। और यहां [संगीत] तक कि कर्ण ने तो भीम को भी पटक कर घसीटा था। जिसका उल्लेख हमको महाभारत के आदि पर्व में देखने को
मिलता है। और यहां तक कि कर्ण पर्व के अंदर धृतराष्ट्र भी बोलते हैं कि कर्ण ने मानव युद्ध करके भीम को दुर्दशा में डाल दिया था। जिससे यह आदि पर्व वाली बात भी प्रूफ होती है कि कर्ण ने जरूर भीम को घसीटा होगा। और वैसे मुझे कमेंट में किसी ने पूछा था कि अर्जुन भक्त क्लेम करते हैं कि 17वें दिन भीम ने कर्ण को हराया था। तो देखो यार ऐसा तो कुछ है नहीं कि हराया था बल्कि वहां पर सिर्फ मूर्छित करने का उल्लेख मिलता है और मूर्छित होने के बाद शल्यकरण को वहां से ले
जाता है जो कि एक नॉर्मल सी चीज है युद्ध में ऐसा होता रहता है और बाकी जीभ काटने वाली जो बात है वह गीता प्रस ने अपनी मर्जी से ऐड की है वह हमको नीलकंठ एडिसन में देखने को नहीं मिलती और मूर्छित होना कहीं भी हार नहीं होती अगर मूर्छित होना हार है तो पूरी महाभारत के अंदर अर्जुन की सात से आठ डिफिट मिल जाएगी खाली मूर्छित होने वाली बात पर तो चलो अब हम टॉपिक भटक रहे हैं तो टॉपिक पर आते हैं। तो मैं थोड़ा पहले कर्ण के बल के बारे में आपको बता देता
हूं कि कर्ण का बल हमको कलिंग स्वयंवर में सबसे पहले देखने को मिलता है। जहां पर महारथी कर्ण ने मल युद्ध के अंदर 10,000 हाथियों के बल वाले जरासंध को पटक कर क्षण भर में चीर दिया [संगीत] था। जिसको भीम 14 दिन युद्ध करके भी नहीं हरा पाया था। और यहां तक कि भगदथ को हराना जिसके हाथी के सामने भीम खड़ा भी नहीं हो पाया था। और यहां तक कि 17वें दिन कर्ण का पूरी पृथ्वी को चार उंगल ऊपर उठा देना। जैसे बड़े-बड़े कामों से भीम से कर्ण का बल अधिक प्रतीत होता है। अब यहां
पर कुछ लोग बोल सकते हैं कि कोई व्यक्ति पृथ्वी पर खड़े होकर पृथ्वी को कैसे उठा सकता है? तो मैं उनको थोड़ा एक्सप्लेन कर देता हूं। तो देखो मैं यहां पर यह नहीं बोल रहा कि कर्ण ने पूरी पृथ्वी को उठा दिया था और इंसानी उंगलियों के हिसाब से चार उंगल बहुत कम होता है। इसलिए जब कर्ण ने पृथ्वी को झटका दिया होगा जिससे उसमें कंपन आया होगा और कंपन आने के कारण चार उंगल पृथ्वी ऊपर उठ गई होगी। जैसा कि घटोत्कच वगैरह के टाइम पर उल्लेख मिलता है कि घटोत्कच के चलने से पूरी पृथ्वी
में कंपन आ जाता था। तो कर्ण के पास तो इतना बल था तो उसके झटका देने से पृथ्वी चार उंगल ऊपर कैसे नहीं उठ सकती? तो चलो अब इस चीज को अभी के ब्रेन के हिसाब से समझ लेते हैं कि तुम किसी कुर्सी या स्टूल के ऊपर खड़े हो जाते हो। ठीक है? और उस कुर्सी या स्टूल की एक साइड की परत को पकड़ के उसको ऊपर झटका देते हो तो वह स्टूल एक साइड से ऊपर उठेगा या नहीं? उठेगा ना? तो वैसा ही सेम यहां पर भी हुआ है कि जब कर्ण ने रथ के
पहिए को झटका दिया तब एक साइड की पृथ्वी चार उंगल ऊपर उठ गई और फिर राइटर ने वहां पर अतिशक्ति [संगीत] में लिख दिया कि कर्ण ने पूरी पृथ्वी को उठा दिया। तो यह सब तो अब आप लोगों को समझ आ ही गया होगा। तो चलो अब स्टेटमेंट पर बात कर लेते हैं कि स्टेटमेंट के अनुसार कर्ण और भीम के अंदर कितना बल था। तो अगर हम स्टेटमेंट के बेस पर देखें कि कर्ण और भीम में से किसके अंदर ज्यादा बल था तो महाभारत में कुछ स्टेटमेंट के अंदर भीम के अंदर 10,000 हाथियों का बल
बताया है और अगर हम वहीं कर्ण का देखेंगे तो स्टेटमेंट के अनुसार कर्ण के शरीर के अंदर 20,000 हाथियों का बल बताया है। महाभारत के कर्ण पर्व के अंदर धृतराष्ट्र ने बोला था कि कर्ण की दोनों भुजाओं में बराबर-बराबर मात्रा में 10-10,000 हाथियों का बल था। मतलब एक भुजा के अंदर 10,000 और दूसरी भुजाओं के अंदर 10,000, 20,000 हाथियों का बल कर्ण की भुजाओं में बताया गया है स्टेटमेंट में। और यह तो भुजाओं का बताया है और पैरों के अंदर तो अलग से होगा यह तो सिंपल सी बात है। जबकि भीम के अंदर सिर्फ 10,000
हाथियों का बल बताया है। इससे सिद्ध होता है कि महारथी कर्ण के अंदर भीम से कई गुना ज्यादा बल था। तो चलो यार यही था हमारा आज का वीडियो। मिलते हैं किसी नेक्स्ट वीडियो आखिर कितना बल था महारथी कर्ण की भुजाओं में? क्योंकि बहुत लोगों को यह डाउट रहता है कि भीम और कर्ण में से किसके अंदर शारीरिक बल ज्यादा था? कोई बोलता है कि भीम के अंदर शारीरिक बल ज्यादा था और कोई बोलता है कि कर्ण के अंदर शारीरिक बल ज्यादा था। तो क्या है सच? आज की इस वीडियो में जानेंगे। इसलिए वीडियो को
लास्ट तक जरूर देखना। तो चलो अब करते हैं टॉपिक को स्टार्ट। तो सबसे पहली बात कि भीम के अंदर जन्म से शारीरिक बल 10,000 हाथियों का नहीं था बल्कि उसको बाद में वह बल प्राप्त हुआ था। और वह कैसे वह भी मैं आपको थोड़ा सा बता देता हूं। तो यह स्टोरी कुछ इस प्रकार से है कि जब दुर्योधन भीम को जहर देकर उसको नदी में फेंक देता है तब भीम को नागोक के नाग उसको अपने नाग लोक में ले जाते हैं और नागोक में जब नागों ने देखा कि भीम को जहर दिया हुआ है और
वह मरने वाला है तब वहां पर नागों के राजा वासुकी ने उसको कोई ऐसा रस पिलाया जिससे वह बिल्कुल तंदुरुस्त हो गया और उसको 10,000 हाथियों का बल भी प्राप्त हो गया। तो ऐसे प्राप्त हुआ था भीम को 10,000 हाथियों का बल। और अगर हम वहीं कर्ण का देखेंगे तो कर्ण को जन्म से ही असीम बल प्राप्त था। और वहीं अगर हम बात करेंगे युद्ध के अनुसार तो जहां पर कर्ण ने भगदथ को क्षण भर में हरा दिया था और वहीं पर अगर हम भीम का देखेंगे तो भीम भगदथ के हाथी तक का सामना नहीं
कर पा रहा था वहां से वह भाग गया था। और यहां [संगीत] तक कि कर्ण ने तो भीम को भी पटक कर घसीटा था। जिसका उल्लेख हमको महाभारत के आदि पर्व में देखने को मिलता है। और यहां तक कि कर्ण पर्व के अंदर धृतराष्ट्र भी बोलते हैं कि कर्ण ने मानव युद्ध करके भीम को दुर्दशा में डाल दिया था। जिससे यह आदि पर्व वाली बात भी प्रूफ होती है कि कर्ण ने जरूर भीम को घसीटा होगा। और वैसे मुझे कमेंट में किसी ने पूछा था कि अर्जुन भक्त क्लेम करते हैं कि 17वें दिन भीम ने
कर्ण को हराया था। तो देखो यार ऐसा तो कुछ है नहीं कि हराया था बल्कि वहां पर सिर्फ मूर्छित करने का उल्लेख मिलता है और मूर्छित होने के बाद शल्यकरण को वहां से ले जाता है जो कि एक नॉर्मल सी चीज है युद्ध में ऐसा होता रहता है और बाकी जीभ काटने वाली जो बात है वह गीता प्रस ने अपनी मर्जी से ऐड की है वह हमको नीलकंठ एडिसन में देखने को नहीं मिलती और मूर्छित होना कहीं भी हार नहीं होती अगर मूर्छित होना हार है तो पूरी महाभारत के अंदर अर्जुन की सात से आठ
डिफिट मिल जाएगी खाली मूर्छित होने वाली बात पर तो चलो अब हम टॉपिक भटक रहे हैं तो टॉपिक पर आते हैं। तो मैं थोड़ा पहले कर्ण के बल के बारे में आपको बता देता हूं कि कर्ण का बल हमको कलिंग स्वयंवर में सबसे पहले देखने को मिलता है। जहां पर महारथी कर्ण ने मल युद्ध के अंदर 10,000 हाथियों के बल वाले जरासंध को पटक कर क्षण भर में चीर दिया [संगीत] था। जिसको भीम 14 दिन युद्ध करके भी नहीं हरा पाया था। और यहां तक कि भगदथ को हराना जिसके हाथी के सामने भीम खड़ा भी
नहीं हो पाया था। और यहां तक कि 17वें दिन कर्ण का पूरी पृथ्वी को चार उंगल ऊपर उठा देना। जैसे बड़े-बड़े कामों से भीम से कर्ण का बल अधिक प्रतीत होता है। अब यहां पर कुछ लोग बोल सकते हैं कि कोई व्यक्ति पृथ्वी पर खड़े होकर पृथ्वी को कैसे उठा सकता है? तो मैं उनको थोड़ा एक्सप्लेन कर देता हूं। तो देखो मैं यहां पर यह नहीं बोल रहा कि कर्ण ने पूरी पृथ्वी को उठा दिया था और इंसानी उंगलियों के हिसाब से चार उंगल बहुत कम होता है। इसलिए जब कर्ण ने पृथ्वी को झटका दिया
होगा जिससे उसमें कंपन आया होगा और कंपन आने के कारण चार उंगल पृथ्वी ऊपर उठ गई होगी। जैसा कि घटोत्कच वगैरह के टाइम पर उल्लेख मिलता है कि घटोत्कच के चलने से पूरी पृथ्वी में कंपन आ जाता था। तो कर्ण के पास तो इतना बल था तो उसके झटका देने से पृथ्वी चार उंगल ऊपर कैसे नहीं उठ सकती? तो चलो अब इस चीज को अभी के ब्रेन के हिसाब से समझ लेते हैं कि तुम किसी कुर्सी या स्टूल के ऊपर खड़े हो जाते हो। ठीक है? और उस कुर्सी या स्टूल की एक साइड की परत
को पकड़ के उसको ऊपर झटका देते हो तो वह स्टूल एक साइड से ऊपर उठेगा या नहीं? उठेगा ना? तो वैसा ही सेम यहां पर भी हुआ है कि जब कर्ण ने रथ के पहिए को झटका दिया तब एक साइड की पृथ्वी चार उंगल ऊपर उठ गई और फिर राइटर ने वहां पर अतिशक्ति [संगीत] में लिख दिया कि कर्ण ने पूरी पृथ्वी को उठा दिया। तो यह सब तो अब आप लोगों को समझ आ ही गया होगा। तो चलो अब स्टेटमेंट पर बात कर लेते हैं कि स्टेटमेंट के अनुसार कर्ण और भीम के अंदर कितना
बल था। तो अगर हम स्टेटमेंट के बेस पर देखें कि कर्ण और भीम में से किसके अंदर ज्यादा बल था तो महाभारत में कुछ स्टेटमेंट के अंदर भीम के अंदर 10,000 हाथियों का बल बताया है और अगर हम वहीं कर्ण का देखेंगे तो स्टेटमेंट के अनुसार कर्ण के शरीर के अंदर 20,000 हाथियों का बल बताया है। महाभारत के कर्ण पर्व के अंदर धृतराष्ट्र ने बोला था कि कर्ण की दोनों भुजाओं में बराबर-बराबर मात्रा में 10-10,000 हाथियों का बल था। मतलब एक भुजा के अंदर 10,000 और दूसरी भुजाओं के अंदर 10,000, 20,000 हाथियों का बल कर्ण
की भुजाओं में बताया गया है स्टेटमेंट में। और यह तो भुजाओं का बताया है और पैरों के अंदर तो अलग से होगा यह तो सिंपल सी बात है। जबकि भीम के अंदर सिर्फ 10,000 हाथियों का बल बताया है। इससे सिद्ध होता है कि महारथी कर्ण के अंदर भीम से कई गुना ज्यादा बल था। तो चलो यार यही था हमारा आज का वीडियो। मिलते हैं किसी नेक्स्ट वीडियो