हाई एवरीवन। एंड टुडे सेशन इज़ फॉर ऑल द फ्यूचर एआई इंजीनियर्स ऑफ़ इंडिया। इफ वी लुक एट आवर डे टू डे लाइफ, तो हमारे जितने भी टेक इंटरेक्शन हैं, दे स्टार्ट विथ अनलॉकिंग आवर फ़ोन विथ द हेल्प ऑफ़ फेस आईडी। एंड फेस आईडी के बैकग्राउंड में देयर इज़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एआई व्हिच इज़ वर्किंग फॉर अस। अगर हम किसी भी एप्लीकेशन का एग्जांपल लें सोशल मीडिया एप्लीकेशंस के अंदर Instagram हो गया, YouTube हो गया, Lindin हो गया। हमारे लिए कंटेंट है जो हमें रेकमेंड किया जाता है विथ द हेल्प ऑफ़ AI। इफ वी टॉक अबाउट फाइनेंस
बेस्ड एप्लीकेशनेशंस जैसे PhonePe, Paytm हो गए जहां पर यूपीआई ट्रांजैक्शंस हो रहे हैं। देन देयर इज़ फ्रॉड डिटेक्शन हैपनिंग इन द बैकग्राउंड विथ द हेल्प ऑफ AI इफ वी लुक एट मैप्स तो Google Maps हो गए हमारे Uber हो गई, Ola हो गई तो वहां पर भी देयर इज़ पाथ रेकमेंडेशन देयर इज़ ट्रैफिक प्रेडिक्शन व्हिच इज़ हैपनिंग विथ द हेल्प ऑफ़ एआई। आज की डेट में अगर हम सिंपल से सिंपल एक ईमेल भी रिसीव करना चाहते हैं तो वो भी ऑलरेडी क्लासिफाई हो चुकी होगी एज़ स्पैम और नॉन स्पैम थ्रू एआई। सो, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टुडे,
एआई टुडे इज एन इंटीग्रल पार्ट ऑफ़ आवर एवरीडे लाइफ। एंड इवन दो आज की डेट में एआई ज्यादा पॉपुलर है बिकॉज़ ऑफ़ टूल्स लाइक चैट जीपीटी एंड जेमिनाई। बट एआई इज़ समथिंग व्हिच इज़ एक्सिस्टेड फॉर मेनी मेनी इयर्स नाउ। एंड इन टुडे सेशन वी आर गोइंग टू एक्सप्लसिटली टॉक अबाउट हाउ कैन वी क्रिएट अ करियर इन द फील्ड ऑफ़ एआई एज़ एन एआई इंजीनियर। इररेिस्पेक्टिव ऑफ आवर बैकग्राउंड कि चाहे हम आईटी बैकग्राउंड से आ रहे हैं चाहे हम नॉन आईटी बैकग्राउंड से आ रहे हैं। इफ वी लुक एट द अवेलेबल जॉब ओपनिंग्स एज एन एआई
इंजीनियर टुडे तो Lindin पर देयर आर ओवर 34,000 अवेलेबल जॉब्स एंड इनडीड पर देयर आर ओवर 14,000 अवेलेबल जॉब्स। तो आज के सेशन में हम डिटेल में डिस्कस करने वाले हैं व्हाट इग्ज़ैक्टली इज़ एन एन एन एन एन एन एन एन एन एन एआई इंजीनियर। व्हाट इज़ द स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस ऑफ़ बिकमिंग एन एआई इंजीनियर। व्हाट आर द एवरेज पैकेजेस इन दी इंडस्ट्री एंड उसके साथ में व्हाट आर सम ग्रेट प्रोजेक्ट्स दैट वी कैन ऐड टू आवर रेुमे टू स्ट्रेंथन आवर प्रोफाइल। सो, लेट्स स्टार्ट बाय अंडरस्टैंडिंग व्हाट एक्जेक्टली इज एआई इंजीनियर एंड हाउ इज
एन एआई इंजीनियर डिफरेंट फ्रॉम अ सॉफ्टवेयर इंजीनियर। नाउ एआई इंजीनियर इज अ ब्रॉड टर्म व्हिच बेसिकली मीन्स कोई भी ऐसा इंजीनियर जो किसी भी एआई सिस्टम या एआई कॉम्पोनेंट को डिजाइन करने का, डेवलप करने का या डिप्लॉय करने का काम करते हैं। अब वैसे तो हर कंपनी की स्लाइटली डिफरेंट डेफिनेशन है व्हाट एक्जेक्टली एन एi इंजीनियर इज़। पर अगर हम ब्रॉड टर्म्स के अंदर बात करें तो जैसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम होता है टू वर्क विद फ्रंट एंड, बैक एंड एंड डेटाबेसिस। वैसे ही एआई इंजीनियर का काम होता है टू वर्क विद एआईएमएल एंड डेटा।
उसके साथ में कई कंपनीज़ के अंदर एआई इंजीनियर्स बैक एंड डेवलपमेंट का भी काम करते हैं। अब एआई इंजीनियर्स एग्जैक्टली काम क्या करते हैं? किसी भी ऑर्गेनाइजेशन के अंदर कोई भी एप्लीकेशन डेवलप हो रही है। अगर उस एप्लीकेशन का कोई एक सब पार्ट है जिसे या तो एआई के साथ इंटीग्रेट करना है थ्रू एपीआईस या फिर थ्रू मॉडल्स तो वो काम हमारे लिए हमारे एआई इंजीनियर्स कर रहे होंगे। तो इन अ वे एआई इंजीनियरिंग इज़ काइंड ऑफ़ इन द मिडिल ऑफ़ बीइंग अ सॉफ्टवेयर इंजीनियर एंड अ फुल ब्लोन डेटा साइंटिस्ट। एंड दिस इज़ अ ग्रेट
अपोरर्चुनिटी फॉर एनी फ्रेशर और एनी वर्किंग प्रोफेशनल टू एंटर इंटू द फील्ड ऑफ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। अब यहां पर देयर इज़ अ स्मॉल डिस्क्लेमर दैट आई वांट टू गिव एट द स्टार्ट व्हिच इज़ कि कई बार जब भी हमारे पास बज़ वर्ड्स होते हैं इन द इंडस्ट्री। यानी आज की डेट में हमें एआई एमएल, जेन एआई, डीप लर्निंग ये सारी टर्म सुनने को मिलती हैं। तो दीज़ हैव बिकम बज़ वर्ड्स। तो ऐसे में कुछ इंडिविजुअल्स को लगता है कि एआई इज़ अ वेरी इजी फील्ड टू एंटर इंटू। एंड यहां पर बहुत ज्यादा हमारे पास क्विक मनी
है। बट इन रियलिटी जितनी भी चीजें आज हम डिस्कस करेंगे उन सबको पढ़ने में हमें करीबन फाइव टू सिक्स मंथ्स का डेडिकेटेड टाइम लगेगा। एंड हर दिन हमसे तीन से चार घंटे की पढ़ाई जो है वो एक्सपेक्टेड होगी इन लर्निंग कांसेप्ट्स एज वेल एज बिल्डिंग आवर प्रोजेक्ट्स। सो दिस इज़ नॉट अ वेरी ईजी फील्ड टू एंटर इंटू जस्ट टू मेक क्विक मनी। यहां पर काफी ज्यादा कंसिस्टेंसी की रिक्वायरमेंट है। एंड उसके साथ में दिस इज़ एन एवर इवॉल्विंग फील्ड। तो यहां पर अगर हम आ रहे हैं, अगर हम एआई इंजीनियर बनना चाहते हैं, तो हमें
एक लर्नर माइंडसेट के साथ आगे बढ़ना पड़ेगा। सो आज का जो सेशन होने वाला है, इसके अंदर हम बहुत कोई सुपरफिशियल बात नहीं करेंगे कि कैसे 3 घंटे में या 3 दिन में प्रम्प्ट इंजीनियरिंग करके हमारा 40 टू 50 लैक्स का पैकेज आ जाएगा। आज के सेशन में हम डेडीिकेटेडली एआई इंजीनियरिंग के अंदर हम किस तरीके से अपना एक अच्छा करियर एस्टैब्लिश कर सकते हैं उन स्किल्स की बात करेंगे जो स्किल्स एक्चुअली रिकग्नाइज्ड एंड रेस्पेक्टेड हैं इन द फील्ड ऑफ़ एआई। सो वी आर गोइंग टू स्टार्ट बाई लर्निंग द थ्री फंडामेंटल कॉन्सेप्ट्स। बेसिकली मैथ, पाइथन
एंड कोड डीएसए। अब एज एन एआई इंजीनियर हमें बहुत सारे मशीन लर्निंग एंड डीप लर्निंग एल्गोरिदम्स होते हैं जो पढ़ने पड़ते हैं। पर वो एल्गोरिदम्स हमें एक्चुअली समझ में आए उससे पहले हमारे फंडामेंटल्स का स्ट्रांग होना बहुत ज्यादा जरूरी है। फर्स्ट फंडामेंटल जो हमें स्ट्रेंथन करना है दे आर मैथमेटिकल फंडामेंटल्स। मैथमेटिकल फंडामेंटल्स क्यों? क्योंकि जब भी हम मशीन लर्निंग मॉडल्स की बात करते हैं, तो वहां पर बहुत ज्यादा डेटा यूज़ होता है। एंड जो ये पूरा का पूरा डेटा होता है, इसे हम स्टोर करते हैं इन द फॉर्म ऑफ़ वेक्टर्स एंड मैट्रिससेस। इनफैक्ट जितनी मशीन
लर्निंग एल्गोरिथ्सम्स होती हैं वहां पर मोस्टली प्रोबेबिलिटी एंड कैलकुलस के बहुत सारे कांसेप्ट्स यूज़ होते हैं। तो इसीलिए मैथ के अंदर हमारा लीनियर अलजेब्रा, कैलकुलस, प्रोबेबिलिटी एंड डिस्क्रीट मैथमेटिक्स। ये चार इंपॉर्टेंट कांसेप्ट्स हैं जो हमारे स्ट्रांग होने चाहिए। इनफैक्ट इनमें से मेजॉरिटी कांसेप्ट्स हम ऑलरेडी 12th क्लास की मैथ्स तक पढ़ चुके होंगे। सेकंड इंपॉर्टेंट फंडामेंटल्स आर आर पाइथन और प्रोग्रामिंग लैंग्वेज फंडामेंटल्स। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की फील्ड में पाइथन इज़ वन ऑफ़ द मोस्ट पॉपुलर लैंग्वेजज़। एंड मैं भी आपको यही सजेस्ट करूंगी कि हम इसी लैंग्वेज के अंदर अपनी मशीन लर्निंग जर्नी को स्टार्ट करें। तो Python
के अंदर फंडामेंटल्स को करने का मतलब है कि हम कोर कांसेप्ट्स को सीखें। कोर कांसेप्ट्स मतलब हमारी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का क्या सिंटेक्स है? किस तरीके से हमारे वेरिएबल्स वर्क करते हैं? किस तरीके से हमारे कंडीशनल्स वर्क करते हैं। हमारे लूप्स वर्क करते हैं। हमारे फंक्शनंस वर्क करते हैं। इनफैक्ट ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग किस तरीके से पाइथन के अंदर वर्क करती है। तो ये सारी चीजों का हमें आईडिया होना चाहिए बिफोर वी एक्चुअली इंप्लीमेंट मशीन लर्निंग एंड डीप लर्निंग एल्गोरिदम्स विथ द हेल्प ऑफ़ पाइथन। क्योंकि एक्चुअली जितना भी हम कोड लिखेंगे एज एन एन एन एन एन
एन एन एन एन एन एआई इंजीनियर वो सारा का सारा पाइथन में होगा। तो पाइthon के अंदर हमारी जो पकड़ है वो काफी ज्यादा स्ट्रांग होनी चाहिए। ऑन अपना कॉलेज YouTube वी हैव एन एंटायर वन शॉट पाइथन ट्यूटोरियल जिसके अंदर हमने एंड टू एंड पाइथन फंडामेंटल्स को कवर किया है। हम चाहें तो वहां से जाकर भी पढ़ सकते हैं। एंड द थर्ड फंडामेंटल दैट वी नीड टू स्टडी इज़ डीएसए व्हिच इज़ डेटा स्ट्रक्चर्स एंड एल्गोरिथ्म्स। अब यहां पर हमें बहुत ज्यादा एडवांस लेवल ऑफ़ डीएसए पढ़ने की जरूरत नहीं है। हम मीडियम लेवल तक का डीएसए
पढ़ सकते हैं। एंड दैट विल बी इनफ फॉर अस। यहां पर हमें कोर कांसेप्ट्स के ऊपर ज्यादा फोकस करना है। जैसे हमारे एरेज हो गए, लिंक लिस्ट, टैग, क्यूज़ हो गए, ट्रीज़ हो गए। दीज़ कांसेप्ट्स विल हेल्प अस अंडरस्टैंड द एल्गोरिदम्स बेटर। एंड उसके साथ में हमारी जो कोड की जो फंडामेंटल नॉलेज होती है वो भी इंक्रीस होगी। प्लस हमारे इंटरव्यूज के अंदर भी हमें एक एज मिलेगा क्योंकि कई सारी कंपनीज़ हैं जो हमसे डीएसए भी एक्सपेक्ट करती हैं। नाउ द नेक्स्ट स्टेप इज़ लर्निंग अबाउट डेटा साइंस। एंड दिस इज़ द स्टेप जिसके ऊपर हम
अपना मेजॉरिटी टाइम एंड फोकस देने वाले हैं। डेटा साइंस के अंदर अपने काफी सारे सबस्टेप्स हैं। काफी सारी इंपॉर्टेंट चीजें हैं जिनको हम एक-एक करके सीखेंगे। जिसमें से द फर्स्ट थिंग इज़ डीलिंग विद डेटा। डेटा इज़ वन ऑफ़ द मोस्टेंट थिंग्स इन टुडेज़ वर्ल्ड। एंड एआई जो है वो पूरा का पूरा डेटा के ऊपर बेस्ड है। तो इसीलिए अपने डेटा सेट्स को कैसे क्लीन करना है, अपने डेटा को कैसे प्री प्रोसेस करना है? इसकी हमें अच्छी खासी नॉलेज होनी चाहिए। बेसिकली हाउ डू वी क्रिएट डेटा पाइपलाइंस। तो उसके लिए वी कैन यूज़ डेटा सेट्स फ्रॉम
प्लेटफॉर्म्स लाइक CG या फिर हमारे काफी सारे ओपन सोर्स एपीआईस भी होते हैं जहां से हम डेटा को यूज़ कर सकते हैं। एंड दिस इज द पार्ट जहां पर हम अपने पाइथन लाइब्रेरीज़ को यूज़ करना स्टार्ट करेंगे। जब भी डेटा साइंस या एआई की बात आती है तो वहां पर Python लाइब्रेरीज़ का बहुत इंपॉर्टेंट रोल होता है। यहां पर वी विल स्टार्ट बाय एक्सप्लोरिंग लाइब्रेरीज़ लाइक Numpi, RJX, ओपन सीवी एंड पडास। एंड फॉर विजुअलाइज़ेशन वी आर गोइंग टू पिक मैट प्लॉट लिब एंड सीबॉन्ड। सेकंड स्टेप इन डेटा साइंस इज़ लर्निंग अबाउट मशीन लर्निंग। मशीन लर्निंग
की ब्रॉडली तीन कैटेगरीज होती हैं। सुपरवाइज, अनसुपरवाइज्ड एंड रीइंफोर्समेंट लर्निंग। तो मशीन लर्निंग के अंदर हम जो मेजॉरिटी काम करते हैं, दैट इज़ बेसिकली रेकमेंडेशंस और प्रेडिक्शंस कि पास्ट डेटा को देखकर हम फ्यूचर के बारे में क्या-क्या प्रेडिक्शनंस हैं और उन्हें कितने सही तरीके से कर सकते हैं, उसकी मल्टीपल डिफरेंट एल्गोरिदम्स देखते हैं। तो उसके अंदर सुपरवाइज्ड एल्गोरिदम्स में हम लेबल डेटा के साथ डील करते हैं। जैसे फॉर एग्जांपल अगर हमें ईमेल क्लासिफायर बनाना है जो ईमेल्स को देखकर ये चेक करता है कि कौन सी ईमेल स्पैम ईमेल्स हैं और कौन सी नॉन स्पैम है
तो वहां पर हम सुपरवाइज्ड लर्निंग को यूज़ करेंगे। अनसरवाइज लर्निंग का एग्जांपल हो सकता है मार्केट एनालिसिस। फॉर एग्जांपल किसी भी सुपर मार्केट के प्रोडक्ट्स के या सेल्स के डेटा को एनालाइज करके अगर हमें पता चलता है कि मिल्क एंड ब्रेड ओवर समथिंग व्हिच वर बोट टुगेदर। सो दिस इज़ समथिंग दैट वी डू विथ द हेल्प ऑफ़ अनसपरवाइज्ड लर्निंग। एंड रीइंफोर्समेंट लर्निंग इज़ वेरी सिमिलर टू ट्रेनिंग अ डॉग। जैसे घर पे जब हम पेट डॉग को ट्रेन करते हैं तो जब वो हमें ओबे करता है तो उसे हम कुछ ट्रीट्स देते हैं। वैसे ही रीइंफोर्समेंट
लर्निंग के अंदर पेनल्टीज एंड रिवॉर्ड सिस्टम चलता है। बेसिकली अगर हमारी एल्गोरिदम कुछ सही प्रेडिक्ट करती है तो उसे हम रिवॉर्ड्स फीड करते हैं। यानी कुछ पॉजिटिव वैल्यू फीड करते हैं। जबकि अगर रॉन्ग आउटपुट देती है तो उसे हम कुछ नेगेटिव यानी पेनल्टी वैल्यू फीड करते हैं। नाउ रीइंफोर्समेंट लर्निंग का एक क्लासिकल एग्जांपल आर सेल्फ ड्राइविंग कार्स। तो सेल्फ ड्राइविंग कार्स के अंदर काफी ज्यादा रीइंफोर्समेंट लर्निंग है जो यूज किया जाता है। तो वी टॉक अबाउट मेजोरिटी एआई एप्लीकेशनेशंस जो आज की डेट में यूज़ होती हैं। दे आइदर यूज़ सुपरवाइज्ड और अनसुपरवाइज्ड एल्गोरिदम्स। सो टू
समराइज़ मशीन लर्निंग के अंदर हमारी रिग्रेशन, क्लासिफिकेशन, डिसीजन ट्रीज़, एसबीएम सपोर्ट वेक्टर मशीनंस, क्लस्टरिंग या रीइंफोर्समेंट लर्निंग जैसी बहुत सारी डिफरेंट-डिफरेंट एल्गोरिदम्स हैं जिनको हम लर्न करेंगे। एंड यहां पर हमारी एक स्काई किट लर्न नाम की लाइब्रेरी है जिसको हम यूज़ करना स्टार्ट करेंगे। नाउ द थर्ड थिंग दैट वी आर गोइंग टू लर्न अबाउट इज़ डीप लर्निंग। डीप लर्निंग के अंदर बेसिकली हम न्यूरल नेटवर्क्स एंड उनके आर्किटेक्चर्स को स्टडी करते हैं। एंड दिस इज द एग्जैक्ट पॉइंट जहां पर हम अपनी एआई पावर्स को अनलॉक करने वाले हैं। यहां पर हम डिफरेंट-डिफरेंट टाइप के न्यूरल नेटवर्क्स
पढ़ेंगे। जिसमें से सबसे सिंपल हमारे एएनए यानी आर्टिफिशियल न्यूरल नेटवर्क्स हो गए। सीएनएन कन्वोल्यूशनल न्यूरल नेटवर्क्स, आरएनए रेकरेंट न्यूरल नेटवर्क्स, गैंस हो गए, जनरेटिव एडवर्सियल नेटवर्क्स हो गए। एंड इसके साथ में और भी डिफरेंट-डिफरेंट चीजें जैसे बैक प्रोपगेशन क्या होती है? फॉरवर्ड प्रोपगेशन क्या होती है? इन सारे कॉन्सेप्ट्स का हमें आईडिया होना चाहिए। एंड नेक्स्ट थिंग दैट वी आर गोइंग टू स्टडी अबाउट आवर एलएलएम्स। एलएलएम्स व्हिच आर लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स। आज की डेट में बहुत ज्यादा पॉपुलर हैं। क्योंकि जब भी हम चैट जीपीडी यूज़ कर रहे हैं, जेमिनाई यूज़ कर रहे हैं, लामा जैसे टूल्स
को यूज़ कर रहे हैं। तो दीज़ आर बेसिकली क्लासिकल एग्जांपल्स ऑफ़ व्हाट एलएलएम्स आर। तो इसीलिए एलएलएम्स किस तरीके से बिल्ड होते हैं, उसको स्टडी करना बहुत ज्यादाेंट है। बिकॉज़ दे आर वन ऑफ़ द मोस्ट पॉपुलर यूज़ केसेस ऑफ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। अब जब भी हम एलएलएम्स की बात करते हैं। एलएलएम्स आर अ मिक्स ऑफ़ एनएलपी एंड जेनएआई। एनएलपी स्टैंड्स फॉर नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग जिसके अंदर बेसिकली हम ह्यूमन लैंग्वेज को प्रोसेस करते हैं। इसका एक काफी क्लासिकल एग्जांपल होगा सेंटीमेंट एनालिसिस। एनएलपी एआई की अपनी एक स्पेसिफिक फील्ड है जिसके अंदर मल्टीपल एल्गोरिदम्स एक्सिस्ट करती हैं। जैसे
सेंटीमेंट एनालिसिस के अंदर हम किसी भी स्पीच को एनालाइज़ करते हैं और देखते हैं कि उसमें कौन से वर्ड से कौन सा सेंटीमेंट इवोक हो रहा है। उसके साथ में हमारे पास जेन एआई होता है व्हिच इज़ जनरेटिव एआई। जनरेटिव एआई की हेल्प से हम कंटेंट को जनरेट करते हैं। नाउ दिस कंटेंट कुड बी टेक्स्चुअल कंटेंट। इट कुड बी पिक्चर्स, इट कुड बी वीडियोस एंड इट कुड इवन बी साउंड्स। यानी हम म्यूजिक को भी जनरेट कर सकते हैं। तो फोर्थ स्टेप में बेसिकली हमें सीखना है कि थ्योरेटिकली हमारे जितने भी एलएलएम्स हैं वो किस तरीके
से बिल्ड हुए हैं और हम अपने एलएलएम्स को एटलीस्ट थ्योरेटिकली किस तरीके से बिल्ड कर सकते हैं। नाउ जब भी हम डीप लर्निंग की बात कर रहे हैं जब भी हम एलएलएम्स की बात कर रहे हैं दीज़ आर थिंग्स जो हमें बहुत ज्यादा डिटेल में एज एन एआई इंजीनियर जानने की जरूरत नहीं है। क्योंकि एआई इंजीनियर का जो मोस्टली इंडस्ट्री के अंदर काम होता है वो इंप्लीमेंटेशन बेस्ड होता है। हैंड्स ऑन वर्क होता है। पर हां इनके जो कोर कांसेप्ट्स हैं, जो ओवरव्यू कांसेप्ट्स हैं उनकी एक अच्छी खासी अंडरस्टैंडिंग होना जरूरी है। जबकि अगर हम
डेटा साइंटिस्ट बनना चाह रहे हैं तो वहां पर इन फील्ड्स के अंदर भी हमें डिटेल में जाकर जो कोर एल्गोरिदम्स हैं उनकी अच्छे से इंप्लीमेंटेशन एज वेल एज थ्योरी को डिटेल में पढ़ने की जरूरत है। अब ये तो हो गई हमारी बहुत सारे कांसेप्ट्स को पढ़ने की बात। पर इसके साथ में एक बहुत इंपॉर्टेंट चीज है जो हमें एज एन एआई इंजीनियर करनी पड़ेगी। व्हिच इज बिल्डिंग रियल वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स। जब तक हम प्रोजेक्ट्स नहीं बनाएंगे तब तक हम अपने रे्यूे में अपनी प्रोफाइल में नहीं दिखा पाएंगे कि हमारे पास एक्चुअली ये स्किल्स हैं। तो अपने
स्किल्स को शोकेस करने के लिए बेसिकली वी हैव टू शो सम प्रूफ ऑफ वर्क और वो प्रूफ ऑफ वर्क हम दिखाते हैं थ्रू सम गुड प्रोजेक्ट्स। इसीलिए अच्छे प्रोजेक्ट्स को बनाना जरूरी है। अब प्रोजेक्ट्स को ऐसा नहीं है कि पहले हम सारे थ्योरेटिकल कांसेप्ट सीखेंगे और लास्ट में जाकर प्रोजेक्ट्स को बनाएंगे। जैसे-जैसे हम मशीन लर्निंग के कांसेप्ट सीख रहे हैं, हम डीप लर्निंग के कांसेप्ट सीख रहे हैं, वैसे-वैसे हम अपने प्रोजेक्ट्स को बिल्ड कर सकते हैं। मतलब हमने दो-तीन कांसेप्ट सीखे और उसको यूज़ करके हम एक एमएल का प्रोजेक्ट बना सकते हैं। एंड धीरे-धीरे जैसे-जैसे
हमारे कांसेप्ट्स का लेवल बढ़ेगा, वैसे-वैसे हमारे प्रोजेक्ट्स का भी लेवल हम बढ़ा सकते हैं। अब व्हेन वी आर टॉकिंग अबाउट प्रोजेक्ट्स, हमारे रेज़्यूुे में करीबन थ्री टू फोर अच्छे खासे बिग साइज के प्रोजेक्ट्स होने चाहिए। ये जो सारे प्रोजेक्ट्स हैं, इनको हमें डिप्लॉय करना है। एंड उसके साथ में वी आल्सो हैव टू पुश देयर कोड ऑन टू GH। तो गिट एंड GitHub का देयर इज़ अ कंप्लीट ट्यूटोरियल व्हिच इज़ अवेलेबल ऑन अपना कॉलेज YouTube जिसको भी हम रेफर कर सकते हैं फॉर GitHub। अब जब भी हम प्रोजेक्ट्स की बात कर रहे हैं प्रोजेक्ट्स बनाने के
लिए या तो हम डायरेक्ट रिसर्च पेपर्स को रेफर कर सकते हैं। उनको इंप्लीमेंट कर सकते हैं। नहीं तो हम अपने कुछ इंडस्ट्री स्पेसिफिक प्रोजेक्ट्स की भी बात कर सकते हैं। जैसे मेजॉरिटी इंडस्ट्रीज जिनके अंदर जॉब्स अवेलेबल हैं। उनमें से फाइनेंस एक हो गई, एंटरटेनमेंट एक हो गई। उसके साथ में वी हैव हेल्थ केयर, वी हैव ई-कॉमर्स। तो हर इंडस्ट्री के अंदर एआईएमएल की अपनी कुछ इंप्लीमेंटेशंस होती हैं। जैसे फाइनेंस के अंदर लोन रिस्क एनालिसिस हो गया, फ्रॉड डिटेक्शन हो गया, हेल्थ केयर में हेल्थ मॉनिटरिंग हो गया, ड्रग डिस्कवरी हो गया। इस तरीके से हर एक
इंडस्ट्री के अंदर मशीन लर्निंग के कुछ स्पेसिफिकल यूज़ केस होते हैं। हम चाहें तो कैगल से कोई भी डेटा सेट पिक करके अपने किसी पर्टिकुलर एक यूज़ केस के ऊपर। इनफैक्ट जो हम तीन-चार प्रोजेक्ट्स बनाएंगे उनको अलग-अलग इंडस्ट्री के बेसिस पर बना सकते हैं। सो दैट दे बिकम मोर इंप्रेसिव व्हेनवर वी आर अप्लाइंग टू दैट इंडस्ट्री स्पेसिफिक कंपनी। जैसे फॉर एग्जांपल इफ वी हैव अ फाइनेंस रिलेटेड प्रोजेक्ट तो जब भी हम PhonePe जैसी Paytm जैसी कंपनी के अंदर अप्लाई कर रहे होंगे या Go जैसे स्टार्टअप के अंदर अप्लाई कर रहे होंगे तो वहां पर इट
विल बी इंप्रेसिव इन आवर प्रोफाइल। अब जैसे ही हम इन प्रोजेक्ट्स को बिल्ड कर लेंगे दिस इज़ दी एग्जैक्ट पॉइंट व्हेन वी बिकम एलिजिबल फॉर इंटर्नशिप्स। अगर हम अपना फर्स्ट जॉब ढूंढने जा रहे हैं तो वहां पर एज अ फ्रेशर अगर हमारे पास प्रायर इंटर्नशिप एक्सपीरियंस होता है तो वो हमारे सिलेक्ट होने के चांसेस को काफी हद तक बढ़ा देता है। तो इसीलिए वंस वी हैव डन ऑल ऑफ़ दीज़ थिंग्स इट इज़ वेरी वेरीेंट टू गेट सम प्रैक्टिकल हैंड्स ऑन वर्क इन दी इंडस्ट्री जो हम गेन कर सकते हैं थ्रू इंटर्नशिप्स। अब इंटर्नशिप्स के लिए
हमारे डिफरेंट हैकथों्स होते हैं जिनके अंदर हम पार्टिसिपेट कर सकते हैं या फिर वी कैन डायरेक्टली अप्लाई टू दीज़ कंपनीज़। आल्सो जब हम अपना पूरा डेटा साइंस वाला पार्ट कर रहे होंगे यानी जब हम मशीन लर्निंग को, डीप लर्निंग को, जेन एआई को डिस्कवर कर रहे होंगे तो वहां पर अपनी एल्गोरििदम्स को इंप्लीमेंट करने के लिए हम बहुत सारी डिफरेंट लाइब्रेरीज एंड टूल्स को यूज़ करेंगे। इनमें से स्काई किट लर्नेंट होने वाला है। कैरासेंट होने वाला है। पाई टॉर्च एंड टेंसर फ्लो इंपॉर्टेंट होने वाले हैं। तो ये इंपॉर्टेंट लाइब्रेरीज़ एंड टूल्स हैं जिन पर हमें
बहुत खास ध्यान देना है। अब इनमें से पाईच एंड टेंसर फ्लो ऐसे फ्रेमवर्क्स एंड लाइब्रेरीज़ हैं जो ऑलमोस्ट सेम काम करते हैं। पाई टॉर्च इज़ समथिंग व्हिच इज़ मोर एकेडमिकली फोकस्ड वेयर एज़ टेंसर फ्लो इज़ समथिंग व्हिच इज़ मोर इंडस्ट्री फोकस्ड। तो इन दोनों में से हमारे पास एक काइंड ऑफ़ चॉइस रहेगी कि हम किसको पिक करके अपनी इंप्लीमेंटेशंस को करें। तो ऐसे में माय सजेशन वुड बी कि अगर हम फर्स्ट टाइम डेटा साइंस मशीन लर्निंग को लर्न कर रहे हैं तो वी शुड स्टार्ट विद पाईटच एंड धीरे-धीरे जैसे-जैसे हम कुछ प्रोजेक्ट्स को बिल्ड कर
लेते हैं उसके बाद हमें टेंसर फ्लो को सीखना स्टार्ट करना चाहिए। तो अगर हम पहले पाईटच से स्टार्ट करते हैं तो इट विल बी इज़ियर एंड मोर बिगिनर फ्रेंडली फॉर अस। एडिशनली इफ वी टॉक अबाउट डिप्लॉयंग आवर प्रोजेक्ट्स। एक तो हमारे पास काफी सारे फ्री प्लेटफॉर्म्स होते हैं। जहां पर फ्री डिप्लॉयमेंट होता है। जैसे रेंडर हो गया। नहीं तो हम चाहें तो किसी भी क्लाउड प्रोवाइडर को यूज़ कर सकते हैं। जिनमें से एडब्ल्यूएस सबसे ज्यादा पॉपुलर है। देन वी आल्सो हैव एज्योर, वी हैव GCP Google क्लाउड प्लेटफार्म। उसके साथ में हमारे पास डिजिटल ओशन भी
है। जिस भी क्लाउड प्रोवाइडर से हम सबसे ज्यादा फमिलियर हैं, हम उस पर जाकर डिप्लॉय कर सकते हैं। प्लस जब भी डिप्लॉयमेंट की बात आती है, तो वहां पर डेवोप्स के कांसेप्ट्स भी काफीेंट हो जाते हैं। एस्पेशली इफ वी आर वर्किंग प्रोफेशनल। तो अगर हम वर्किंग प्रोफेशनल हैं, तो डॉकर इज अ वेरीेंट कंटेनराइजेशन टूल जिसका यूसेज हमें पता होना चाहिए। तो डॉकर का भी कंप्लीट ट्यूटोरियल इज़ अवेलेबल ऑन अपना कॉलेज YouTube। हम चाह तो वहां से सीख सकते हैं। नहीं तो इन सारी चीजों को हम चाहें तो जहां से हमें बेस्ट सीखने को मिल रहा
है, बेस्ट रिसोर्सेज मिल रहे हैं, वहां से जाकर सीख सकते हैं। इट डजंट मैटर द मोस्टेंट थिंग इज़ कि कंसिस्टेंसी के साथ रेगुलरली जाकर हम इन टॉपिक्स में कुछ ना कुछ नई चीजें जाकर सीख रहे हो। नाउ इफ आई पर्सनली हैड टू गिव यू सम स्टार्टिंग प्रोजेक्ट आइडियाज। तो वन आईडिया वुड बी टू बिल्ड अ फेक न्यूज़ और अ बॉट डिटेक्शन प्लेटफार्म। दिस इज़ पर्सनली अ प्रोजेक्ट दैट आई बिल्ड इन 2019 यूजिंग सपोर्ट वेक्टर मशीनंस फॉर Twitter। अब यहां पर हम चाहें तो कोई भी प्लेटफार्म पिक कर सकते हैं। एंड दिस पर्टिकुलर प्रोजेक्ट इज़ समथिंग
व्हिच वाज़ इन माय रे्यूमे व्हेन आई गॉट माय जॉब एट Microsoft। तो दिस इज़ अ वेरी इंटरेस्टिंग कांसेप्ट। इसको हम किसी भी प्लेटफार्म पर या न्यूज़ के किसी भी पर्टिकुलर हेडलाइन बेसिकली किसी भी सबटॉपिक पर टॉपिक पर अप्लाई कर सकते हैं। एंड इट विल मेक अ इंटरेस्टिंग प्रोजेक्ट। तो इसके अंदर वी कैन यूज़ एनएलपी टेक्निक्स और डीप लर्निंग मॉडल्स लाइक बर्ट हो गया, एलएसटीएम हो गया व्हिच इज़ लॉन्ग शॉर्ट टर्म मेमोरी। सेकंड आईडिया वुड बी टू बिल्ड अ टेक्स्ट समराइजेशन टूल जो हमारे लिए लॉन्ग आर्टिकल्स या बड़े-बड़े पैराग्राफ्स को समराइज़ करके या ईमेल्स को समराइज़
करके हमें दे देता है। तो इसके अंदर भी वी कैन यूज़ एनएलपी टेक्निक्स एंड ट्रांसफॉर्मर्स लाइक हगन फेस। थर्ड एंड अ वेरी पॉपुलर आईडिया वुड बी टू बिल्ड एन आर्ट जनरेटर। दिस इज़ वेरी सिमिलर टू द जिबली ट्रेंड जो आया था जिसमें जिब्ली स्टूडियोज़ जो था उनके पर्टिकुलर आर्ट के बेसिस पर हम अपनी फोटोग्राफ्स को ट्रांसफर कर सकते थे। तो बेसिकली इसी तरीके का हम एक आर्ट जनरेटर हैं जिसको बिल्ड कर सकते हैं किसी एक पर्टिकुलर आर्टिस्ट के। फॉर एग्जांपल माइकल एंजेलो या इसी तरीके से कोई भी आर्टिस्ट पिकिकासो हम पिक कर सकते हैं और
उसके बेसिस पर हम अपने फोटोस को जनरेट कर सकते हैं। नाउ दिस इज़ अ प्रोजेक्ट जिसके अंदर हम गैंस को यूज़ करेंगे व्हिच इज़ जनरेटिव एडवर्सियल नेटवर्क्स। एंड गैंस आर वेरी इंटरेस्टिंग। तो गैं्स बेसिकली यूज़ नेटवर्क्स ऑफ़ जनरेटर एंड डिस्क्रिमिनेटर। जनरेटर का काम होता है फेक डेटा को जनरेट करना। व्हिच इज़ वेरी सिमिलर टू द रियल डेटा। जबकि डिस्क्रिमिनेटर का काम होता है फेक डेटा को पहचानना। उसे अलग करना फ्रॉम द रियल डेटा। तो जनरेट हाई क्वालिटी फेक डेटा को जनरेट करता है। डिस्क्रिमिनेटर उसे पहचानने की कोशिश करता है। एंड इस तरीके से ये दोनों
ऐसे नेटवर्क्स हैं जो एक दूसरे को इंप्रूव करते हैं। एंड इवेंचुअली द मॉडल एंड्स अप जनरेटिंग अ वेरी रियलिस्टिक इमेज व्हिच इज़ वेरी नियर टू द रियल डेटा। तो इस तरीके से ज्ञान्स वर्क करते हैं एंड इट विल आल्सो बी अ वेरी इंटरेस्टिंग प्रोजेक्ट टू इम्लीमेंट। सो, फाइनली इफ वी टॉक अबाउट द सैलरी पैकेजेस, तो एज अ फ्रेशर, द एवरेज पैकेज कुड लाई इन द रेंज ऑफ़ 6 एलपीए टू 12 एलपीए डिपेंडिंग अपॉन आवर स्किल्स। अब दिस इज़ वेरी सिमिलर टू सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग पैकेजेस। बट ओनली इफ वी आर स्किल्ड। अब यहां पर ये जो पैकेज
डिस्कस्ड है, यह एआई इंजीनियर, डेटा साइंस इन सबके फ्रेशर रोल्स के लिए है। दिस इज़ नॉट फॉर डेटा एनालिटिक्स। तो, यहां पर हमने डेटा एनालिटिक्स को कंसीडर नहीं किया है। जनरली डेटा एनालिटिक्स के अंदर जो फ्रेशर लेवल के पैकेजेस होते हैं, दे आर लोअर एज़ कंपेयर टू सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग एंड एआई इंजीनियरिंग फील्ड्स। नाउ टू समराइज ये ऐसी फील्ड है जिसके अंदर कंसिस्टेंसी एंड हमारे प्रोजेक्ट्स बहुत ज्यादा मैटर करेंगे। सो देयर इज अ लॉट ऑफ़ लर्निंग व्हिच इज़ इनवॉल्वड एंड उसके साथ में हमारे जितने भी स्किल्स हैं उनको हमें हैंड्स ऑन रखना है। उन्हें हमें प्रोजेक्ट्स
के थ्रू अपने रेजुमे में अपनी प्रोफाइल में दिखाना है। उसके बाद वी कैन गो आउट देयर एंड अप्लाई ऑन डिफरेंट प्लेटफॉर्म्स। एक तो हमें अच्छा अपने लिए रेजुमे बिल्ड करना पड़ेगा। तो रेजुमे का भी कंप्लीट सेशन इज़ अवेलेबल ऑन अपना कॉलेज। एंड उसके साथ में वी आल्सो हैव टू बिल्ड अ गुड Lindin प्रोफाइल फॉर आवरसेल्व्स क्योंकि वहां पर भी आज की डेट में रिक्रूटर्स हमें रीच आउट करते हैं फॉर अपॉर्चुनिटीज़। तो Lindin प्रोफाइल को किस तरीके से क्रिएट करना है उसका भी वी हैव अ कंप्लीट सेशन ऑन अपना कॉलेज YouTube बट सबसेेंट है कि ओपोरर्चुनिटीज
के अंदर अप्लाई करने से पहले ऑलरेडी हमें कुछ चीजें आती हो हमारे रे्यूमे के अंदर कुछ अच्छे प्रोजेक्ट्स होने चाहिए। तो आई होप कि आज के सेशन से हमें काफी सारी चीजें सीखने को मिली होंगी एंड ये सारी नॉलेज हमें अपनी कंप्लीट एआई इंजीनियरिंग जर्नी के अंदर बहुत ज्यादा हेल्प कर रही होंगी। इसके अलावा इफ यू वांट अ स्पेसिफिक ट्यूटोरियल और इफ यू वांट अ सेशन ऑन एनी अदर टॉपिक यू कैन लेट मी नो इन द कमेंट्स। आज के लिए इतना ही मिलते हैं नेक्स्ट सेशन के अंदर। टिल देन कीप लर्निंग एंड कीप एक्सप्लोरिंग।