दोस्तों आज की इस वीडियो में हम बात करेंगे कि डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए कौन सी दाल खाना सबसे ज्यादा बेस्ट होता है डायबिटीज एक ऐसी कंडीशन है जिसमें हमारी बॉडी ग्लूकोज को सही तरीके से यूज नहीं कर पाती है जिसकी वजह से वह ब्लड के अंदर बढ़ने लग जाता है और शुगर डायबिटीज बन जाती है और यहां पर दोस्तों आप जानते ही हैं कि डायबिटीज में अ डाइट का जो रोल है वह बहुत ही ज्यादा क्रुशल होता है क्योंकि यह जो शुगर हमारे ब्लड के अंदर आ रही है यह हमारे खाने से ही हमें
मिलती है हम क्या खाते हैं कैसे खाते हैं और कितना खाते हैं इसका सीधा-सीधा असर हमारी ब्लड शुगर के ऊपर पड़ता है इसलिए डायबिटीज के मरीजों को सही चीजें खाना और सही ढंग से खाना बहुत जरूरी है आपने अक्सर सुना होगा एक गाना है दाल रोटी खाओ प्रभु के गुण गाओ दाल को अक्सर गरीबों का खाना माना जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह दाल जो है इस सेहत के लिए बहुत ही गजब की चीज होती है बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होती है इसका कमाल यह है कि यह प्रोटीन और फाइबर से भरपूर
होती है और इसका जो ग्लाइसेमिक इंडेक्स है वो भी काफी लो होता है मतलब कि ये पेट में जाकर धीरे-धीरे डाइजेस्ट होती है और जिससे ब्लड शुगर लेवल्स एकदम से स्पाइक नहीं होते हैं और कंट्रोल में रहते हैं कांस्टेंट रहते हैं तो आज की इस स्पेशल वीडियो में मैं आपको बताने वाला हूं एक बहुत ही बढ़िया दाल के बारे में जो कि डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे ज्यादा अच्छी है वैसे तो दोस्तों सभी दालें डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छी होती हैं आप कोई भी खा सकते हैं लेकिन अगर हम कंपेयर करें और बहुत
सारे लोग मुझसे पूछते भी हैं कि कौन सी दाल सबसे ज्यादा बढ़िया है कौन सी उनको ज्यादा खानी चाहिए तो इसीलिए आज की ये वीडियो मैंने बनाई है ताकि आपके इस कंफ्यूजन को मैं दूर कर सकूं वैसे इस दाल के अलावा मैं आपको इस वीडियो में चार और एडिशनल ऑप्शंस भी देने वाला हूं जो कि आपको मोर और लेस सेम ही फायदे देंगी इतनी ही अच्छी है आपके लिए जितने की जो बेस्ट दाल है उतनी है लेकिन इससे क्या होगा कि आपको एक एडिशनल ऑप्शन मिल जाएगा और आप क्योंकि जाहिर सी बात है एक ही
दाल को रोज-रोज तो नहीं खा सकते हैं तो इन चार चीजों की मदद से आपको थोड़ा सा वैरायटी अपने खाने में मिल जाएगी और आप बिना बोर हुए इनको आराम से खा पाएंगे तो चलिए शुरुआत करते हैं और देखते हैं कि नंबर पांच पर कौन सी चीज है इस जो वीडियो है दोस्तों इस को मैंने स्टेप बाय स्टेप रखा है यानी एक रैंकिंग के हिसाब से रखा है तो हम पांच से शुरू करेंगे और उसके बाद हम लास्ट में जाएंगे फर्स्ट रैंक पर जो कि सबसे बढ़िया है आपके लिए तो शुरुआत करते हैं नंबर पांच
से और देखते हैं कि यह क्या चीज है तो नंबर पांच पर है दोस्तों चिक पीज यानी कि चने चने प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होते हैं और इनका जो ग्लाइसेमिक इंडेक्स है वो भी लो है करीब 28 से 33 के बीच इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है जो कि लो की कैटेगरी में ही आता है इसका मतलब यह है कि जब आप चने खाते हैं तो ब्लड शुगर लेवल्स को एकदम से नहीं बढ़ाते हैं और कांस्टेंट बनाए रखते हैं चिकपीस के अंदर जो हाई फाइबर कंटेंट होता है वो इनके डाइजेशन प्रोसेस को स्लो करता है
धीरे-धीरे डाइजेस्ट होते हैं चने जिसकी वजह से धीरे ही धीरे हमारे ब्लड के अंदर जो शुगर है वो रिलीज होती है एकदम से बढ़ती नहीं है और सिर्फ यही फायदा नहीं है इनको खाने का एक इंटरेस्टिंग रिसर्च भी बताती है दोस्तों कि अगर आप रेगुलरली चने को खाते रहते हैं तो उसकी वजह से बॉडी के अंदर इंसुलिन रेजिस्टेंस कम हो सकता है इंसुलिन वो हार्मोन होता है जो कि खून के अंदर मौजूद ग्लूकोज को हमारी सेल्स के अंदर पहुंचाने का काम करता है इसको अगर आप समझना चाहते हैं तो कुछ ऐसे समझ सकते हैं कि
मान लीजिए आपका घर है आपको घर के अंदर घुसना है जाना है तो उसके लिए आपको एक दरवाजे से एंटर होना होगा अब इस दरवाजे के अंदर अगर ताला लगा हुआ है तो उस ताले को खोलने के लिए आपको एक चाबी चाहिए होगी इसी तरह से आपकी सेल्स जो हैं यह भी एक तरह का घर है और इनके अंदर जब शुगर पहुंचती है जाती है तो उसको एक दरवाजे से होकर जाना पड़ता है और उस दरवाजे की जो चाबी है वो ये इंसुलिन है तो अगर ये चाबी सही से काम नहीं करेगी तो दरवाजा ही
नहीं खुलेगा और जब दरवाजा ही नहीं खुलेगा तो शुगर ब्लड के अंदर ही पड़ी रहेगी वहीं पर बढ़ती चली जाएगी और इससे डायबिटीज पैदा होगी तो चने ना सिर्फ आपकी ब्लड शुगर को मेंटेन करने में आपकी हेल्प करते हैं दोस्तों बल्कि जिन लोगों को शुगर नहीं भी है डायबिटीज नहीं भी है या प्री डायबिटीज के केस में है उन लोगों के अंदर डायबिटीज के होने के रिस्क को भी ये काफी हद तक कम करता है चने दो तरह के होते हैं एक होते हैं काबली चने एक होते हैं देसी चने दोनों ही डायबिटीज के लिए
बढ़िया है आप कोई सा भी यूज कर सकते हैं लेकिन अगर बहुत बारीकी से कंपेयर करें तो जो देसी चना है वो थोड़ा सा बस थोड़ा सा ज्यादा इफेक्टिव होता है ज्यादा अच्छा होता है तो आप चाहे तो देसी चने को ज्यादा इस्तेमाल कर लीजिए वैसे अगर आपको वो पसंद है काबली तो आप काबली भी इस्तेमाल कर सकते हैं दोनों में से जो भी आपको अच्छा लगे वो ले सकते हैं नंबर चार पर है दोस्तों मूंग की दाल मूंग की दाल दो टाइप की होती है आपने देखा ही होगा एक होती है पीली वाली मूंग
की दाल एक होती है हरी वाली मूंग की दाल पीली दाल में इसका छिलका उतार लिया जाता है और हरी दाल में ये छिलका इंटैक्ट होता है मूंग की दाल के छिलके में फाइबर होता है है तो इसलिए टेक्निकली अगर देखें तो हरी वाली जो मूंग दाल है वो ज्यादा हेल्दी होती है और डायबिटीज के लिए ज्यादा सूटेबल होती है वैसे अगर आप चाहें तो वैरायटी के लिए पीली वाली दाल भी खा सकते हैं उसमें भी कोई प्रॉब्लम आपको नहीं आएगी हरी मूंग की दाल का जो ग्लाइसेमिक इंडेक्स है वो 38 होता है जो कि
काफी लो है और खास तौर से अगर कोई प्रेग्नेंट लेडी है या फिर ऐसे लोग जिनके अंदर हार्ट कोई प्रॉब्लम है या फिर कमजोरी बॉडी में ज्यादा रहती है तो ऐसे लोगों के लिए मूंग की दाल खाना बेहद फायदेमंद है खास तौर से डायबिटीज के पेशेंट्स के अंदर दोस्तों हार्ट डिजीज होने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है तो हरी वाली जो मूंग की दाल है इसको हफ्ते में अगर आप एक दो बार खा लेते हैं तो ये आपके कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी काफी हेल्प
करती है और साथ-साथ आपकी हार्ट हेल्थ के लिए भी बढ़िया होती है और अगर कोई डायबिटिक पेशेंट ऐसा है जो कि प्रेग्नेंट है कोई लेडी ऐसी है जो प्रेग्नेंट है और उन्हें डायबिटीज भी है तो ऐसे केस में तो हरी वाली मूंग की दाल कोशिश करके रोजाना ही ऐसे मरीज को खानी चाहिए हमारे काउंटडाउन में नंबर तीन पर आते हैं दोस्तों ब्लैक बींस और किडनी बींस यानी काले सेम और राजमा ये दोनों ही चीजें ना ही सिर्फ खाने में बड़ी टेस्टी होती हैं बल्कि इनके हेल्थ बेनिफिट्स भी बहुत कमाल के होते हैं ये प्रोटीन और
फाइबर का बहुत ही रिच सोर्स है और इनकी खास बात यह है कि इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स सिर्फ 19 होता है जो कि बहुत ज्यादा लो है और ब्लड शुगर को स्टेबलाइज करने में आपकी बड़ी हेल्प करता है इसके अलावा इनमें एंटीऑक्सीडेंट्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं जो कि आंखों के लिए स्किन के लिए और ओवरऑल हेल्थ के लिए अच्छे होते हैं इन दोनों चीजों को पकाने में आपको बस एक चीज का ध्यान रखना चाहिए कि इनको कुक करने से पहले कुछ घंटे पानी में भिगोकर जरूर रखें और इनको अच्छी तरीके से पका कर ही
खाएं क्योंकि कम गले हुए जो राजमा होते हैं या काले सेम होते हैं यह आपको नुकसान भी पहुंचा सकते हैं इनफैक्ट इसके बारे में एक डिटेल में वीडियो भी मैंने बनाई थी जो कि आप हमारे चैनल पेज पर जाके देख सकते हैं उसका लिंक आपको नीचे डिस्क्रिप्शन में भी मिल जाएगा तो बस इस बात का ध्यान रखिए कि अच्छे से पका हुआ हो राज और काले सेम और उसके अलावा आप इसको आराम से हफ्ते में दो-चार बार खाइए और देखिए कि ये आपकी शुगर को कंट्रोल करने में आपकी कितनी ज्यादा हेल्प करता है नंबर दो
पर है दोस्तों मसूर की दाल मसूर की दाल दोस्तों डायबिटीज के लिए बेहद फायदेमंद होती है इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स सिर्फ 25 है जो कि अच्छा खासा लो है और डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत ही ज्यादा सूटेबल है मसूर की दाल में फाइबर और प्रोटीन के साथ-साथ ही आयरन बी विटामिंस और मिनरल्स भी होते हैं जो कि आपकी ओवरऑल हेल्थ के लिए बेनिफिट स्पेशल है और ओवरऑल हेल्थ को मेंटेन करना डायबिटीज के मरीजों के लिए बड़ा जरूरी होता है मसूर की दाल को डायबिटिक फ्रेंडली तरीके से बनाने के लिए आप इसमें मिनिमम ऑयल का यूज
कीजिएगा और साथ ही साथ हेल्दी स्पाइसेज का भी यूज कीजिए जैसे कि जीरा है लहसुन है हींग है और हल्दी वगैरह ये चीजें इस दाल को और भी ज्यादा न्यूट्रिशस बनाती हैं ज्यादा फायदेमंद बनाती हैं और साथ ही साथ इसके टेस्ट को भी बढ़ाती हैं तो इस तरह से अगर इस्तेमाल करेंगे मसूर की दाल को तो यह भी आपके लिए एक बहुत ही बढ़िया डायबिटिक फ्रेंडली फूड बन सकता है और अब बात करते हैं दोस्तों आज के हमारे इस काउंटडाउन के नंबर वन आइटम की यानी वो दाल जो कि डायबिटीज के लिए सबसे ज्यादा बढ़िया
है वह है चने की दाल दोस्तों चने की दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अनबिलीवर्स आठ होता है जो कि बहुत ही ज्यादा लो है इसलिए डायबिटीज के मरीज इसको बेहिचक होकर पेट भर के खा सकते हैं बिना कुछ सोचे समझे कोई दिक्कत नहीं है यही नहीं चने की दाल के अंदर प्रोटीन और फाइबर के साथ-साथ फॉलिक एसिड भी काफी ज्यादा होता है जो कि शरीर के अंदर नई ब्लड सेल्स को बनाने का काम करता है और नसों को मजबूत करता है तो अगर किसी को डायबिटीज के साथ-साथ कमजोरी भी है और डायबिटीज की वजह से नसें
कमजोर हो गई है खून की कमी हो गई है तो ऐसे में चने की दाल ऐसे लोगों के लिए एक परफेक्ट ऑप्शन है जो कि वह आराम से बे जजक होके खा सकते हैं रोज खा सकते हैं सुबह शाम खा सकते हैं जितना चाहे उतना खा सकते हैं तो दोस्तों यह थी हमारी आज की वीडियो जिसमें मैंने आपको बताया डायबिटीज के लिए सबसे अच्छी दाल के बारे में जो कि है चने की दाल लेकिन इसके साथ ही राजमा ब्लैक बींस मसूर की दाल और मूंग की दाल भी आपके लिए काफी अच्छे डायबिटीज फ्रेंडली ऑप्शंस है
जो आपकी डाइट को बोर नहीं होने देंगे उसकी वैरायटी को बरकरार रखेंगे और आप इसको रेगुलर तौर पर आराम से इन सब चीजों को मिलाजुला करर खाते रहेंगे वीडियो को रैप अप करने से पहले कुछ एडिशनल टिप्स भी मैं आपको देना चाहूंगा सबसे पहली बात तो यह दोस्तों कि पोर्शन कंट्रोल का ध्यान रखिएगा अपनी डाइट का एक वक्त के खाने का 50 पर पोर्शन सब्जी और सैलेड को दीजिएगा 25 पर पोर्शन दीजिए दालों को या दूसरी चीजें जो आज मैंने आपको बताई है इनको और बाकी का जो 25 पर है ये मोटे आटे से बनी
रोटियों को दीजिए या फिर मिलेट्स से बनी रोटियों को दीजिए जी हां दोस्तों हमेशा देसी आटे की या मिल्ट की रोटियां ही खाएं ये आपके लिए बेस्ट होती है एज ए डायबिटिक पेशेंट दूसरी बात ये है कि सिर्फ एक ही चीज पर कभी डिपेंड मत होएगा एक बैलेंस्ड मील लीजिए जिसमें कि थोड़े से कार्बोहाइड्रेट भी हो थोड़ा सा हेल्दी फैट भी हो और खूब सारे प्रोटींस और फाइबर्स भी हो और तीसरी बात यह कि हर एक डायबिटिक पेशेंट की जो बॉडी होती है वो अलग-अलग होती है है टाइप अपनी जो बॉडी की है उसको समझिए
अपनी रिक्वायरमेंट्स को पहचानिए और उसके हिसाब से सही कदम उठाइए वैसे इसके बाद आप इस वीडियो प क्लिक करके भी जरूर देखिएगा क्योंकि इसमें मैंने आपको कुछ ऐसे फूड कॉमिनेशन के बारे में बताया है जोक साथ में लेना आयुर्वेद के नजरिए से आपकी सेहत के लिए बहुत ही बुरा होता है खतरनाक होता है जिनसे बचना आपको जरूर चाहिए तो एक बार इस वीडियो को भी जरूर देखिएगा और इसी के साथ मुझे इजाजत दीजिए मैं आपसे फिर मिलूंगा एक नई वीडियो में तब तक आप हंसते रहिए मुस्कुराते रहिए रोज कुछ ना कुछ नया सीखते रहिए ताकि
आप रह सकें हेल्दी हमेशा