जी मीडिया मानता है की बेहतर भविष्य के लिए पीछे मुड़कर देखना जरूरी होता है इसी क्रम में हम अपने जागरूक दर्शकों के लिए बाईट वक्त के चुनिंदा कार्यक्रम निकल कर लेट हैं जी मीडिया की लाइब्रेरी में देश विदेश की ऐतिहासिक घटनाओं और मशहूर हस्तियों से जुड़ी यादें दर्ज है जो आप देखते जा रहे हैं वह सियार कैद से लिया गया है आपके इस पसंदीदा प्रोग्राम में हम उन खास लम्हों को फिर से सजौर रहे हैं जो अब एक धरोहर बन चुके हैं [संगीत] आपके अदालत में आपका स्वागत है हाल ही में वर्ल्ड कप में इंडिया
की हर के बाद मैंने जस्ट पर और क्रिकेटर्स पर तह के ilzamat लगी है और सिलेक्टर्स ने तीन खिलाड़ियों को बालिका बकरा बना दिया है जनता ये जानना चाहती है की क्या इंडिया की हर के लिए यह खिलाड़ी जिम्मेदार द जनता ये जानना चाहती है की ये भाई अपना खुद का सुपर मार्केट बना के महीने का 10 लाख कम रहे हैं हान सिर्फ पैसे वाले नहीं आप भी कर सकते हैं फ्रीडम ऐप को अभी डाउनलोड कीजिए परफॉर्मेंस के लिए क्या मैनेजर जिम्मेदार द लिए इन सवालात के जवाब ढूंढते हैं इन इल्जाम आपके सफाई ढूंढते हैं
आज के मुकदमे में शुरू करते हैं आपकी अदालत [संगीत] एन डंडो nachaand का धर्मेंद्र [संगीत] [संगीत] क्रिकेटर मनोज प्रभाकर जनता की अदालत में हाजिर हो [संगीत] [संगीत] डी प्रोसिडिंग [संगीत] परिवार ने पैदा हुए मनोज प्रभाकर को इंडियन क्रिकेट के फाइटर ऑल राउंड के रूप में जाना जाता रहा है प्रभाकर ने इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत 1984 में शारजाह में हुए एशिया कप से की 1989 में पाकिस्तान टूर के दौरान मनोज प्रभाकर की शानदार परफॉर्मेंस से इनके लिए इंडियन टीम में परमानेंट जगह बन गई 12 साल के लंबे कैरियर में प्रभाकर ने 39 टेस्ट मैच खेले 1600
रन बनाए और 96 विकेट स्लीप मनोज प्रभाकर कपिल देव के बाद दूसरे ऐसे इंडियन क्रिकेटर हैं जिन्होंने 150 से ज्यादा विकेट्स लिए व्हील्स वर्ल्ड कप के एक मैच में खराब परफॉर्मेंस के बाद मनोज प्रभाकर को ड्रॉप कर दिया गया इसके बाद प्रभाकर ने इंटरनेशनल क्रिकेट से अपना रिटायरमेंट अनाउंस कर दिया आपकी अदालत में मनोज प्रभाकर अपने मुकदमे के पैर में खुद करेंगे इस मुकदमे के जज हैं इंडियन एक्सप्रेस के एसोसिएट एडिटर अशोक कामत और जनता की ओर से सवाल रजत शर्मा [प्रशंसा] [संगीत] ने क्रिकेटर मनोज प्रभाकर पर इल्जाम है की खेल में इनकी एप्रोच सेल्फिश
रही है बचपन में जब गली में खेलते द वहां भी विकेट उठाके भाग जाते द लड़को की ये तो मैं तो बचपन में तो होता है क्योंकि जब आप बचपन में किसी स्कूल टीम के कप्तान बन जाते हैं तो आप सब कुछ जाते हैं तो आप सब कुछ कर सकते हैं की आप कहती थी की बोलिंग जो है वह भी मैं ओपन करूंगा और बैटिंग में भी ओपन करूंगा ऐसा तो बचपन में ही हुआ है बाकी जो जितनी क्रिकेट खेली है मैंने इंटरनेशनल तो उसमें तो अगर मैं डिजर्व करता हूं कहीं खिलाना या खेलना तो
ये तो कप्तान के ऊपर है ये तो एक ही आदमी हुआ है मनोज प्रभाकर जो ओपनिंग बैटिंग करता रहा है और ओपनिंग बोलिंग करता है घर नहीं करने दे तो तो आप गुस्सा हो जाते द की कैसे नहीं करने दो ऐसा तो कभी नहीं हुआ गुस्सा नहीं कभी गुस्सा नहीं किया मैंने एक उदाहरण है कानपुर के मैच का जिसमें आपने इतनी स्लो बैटिंग की इतनी धीरे-धीरे बैटिंग की उसकी वजह से हिंदुस्तान हर गया मैं कोई स्लोगन नहीं हूं मैं ऐसा प्लेयर नहीं था की अकेले दम पर मैंने मैच जितवा दिए मेरा कम था की वहां
सपोर्ट करना जब खेलने आए तो मैंने सिर्फ एक क्वेश्चन पूछा पर हम क्लोज तो पहुंच सकते हैं तो वह कहने लगा की मैंने कहा अच्छा चलो तो जब मैंने देखा उसने पहली बॉल में जो मैंने सिंगल लिया तो बाकी पंच बोलें उसने लेफ्ट कर दे तो इसमें मेरे कहे गलती है मेरा ख्याल 7 ओवर में मैंने सिर्फ 15 या 16 गेंद का सामना किया है जिसमें मैंने शायद 10 या 11 रन बनाए उसके बाद में अजीत वाडेकर ने ये बयान दिया टाइम्स ऑफ इंडिया 2 नवंबर 1994 1994 उन्होंने कहा की सी डिड नॉट लाइक डी
वे बोथ प्रभाकर एंड मोंगिया एप्रोच डी कानपुर मैच इन डी क्लोजिंग ओवर और बाद में उन्होंने यह तय किया की आपको अगले मैच में खिलाया जाए अगर उनको ऐसा लग रहा था तो उन्होंने इंस्ट्रक्शंस क्यों नहीं भेजे सात ओवर कोई छोटा सा मैं नहीं होता है सात ओवर का मतलब है 35 या 40 मिनट अगर ऐसा होने लग रहा था अगर इंस्ट्रक्शंस गलत फॉलो कर किए जा रहे द तो उनको ग्लव्स देकर या पानी दे के भेजना चाहिए था किसी को मैंने सुना है की जब वापस लौट रही थी टीम तो बस में आपने अच्छी
ने निकल थी अज़ुद्दीन को बातें करके निकलने हैं पर मैंने किसी पार्टिकुलर आदमी को गली नहीं निकल मैंने सिर्फ ये बोला की अगर आज ये मेरे साथ हो सकता है तो कल आने वाला जो कल है वो कोई भी सेफ नहीं है मुझे याद है कानपुर के मैच के बाद में कलकत्ता के अखबार है उसने आपको ट्रेटर लिखा था की हिंदुस्तान की क्रिकेट के साथ धोखा किया मनोज प्रभाकर ने अगर मैं धोखेबाज हूं तो सारे धोखेबाज हैं जो जो कम मैंने अपने देश के लिए किया शायद किसी ने किया हो उसे पर यह भी इल्जाम
लगाया गया था की शायद बैटिंग में कुछ पैसा ले लिया है उसकी वजह से आपने कोशिश की की इंडिया हर जाए जो हारती है टीम हमेशा जो भी टीम हारती है उसको बुरा लगता है और जो जारी पैसा हर्ता है उसको बुरा लगता है तो कैसी पर तो निकलेगा ना गुस्सा वो ये कहने लगता है की चलो जी इंडिया ने पैसे खा लिए या मनोज प्रभाकर ने पैसे खाली है की अजहरूद्दीन ने पैसे खा लिए तो यह जब हार्ट हैं जारी तो यही हाल होता है सर मेरा जैसा क्रिकेटर अगर कहते हो की आप सेल्फिश
है तो मेरा ख्याल इंडिया में कोई ऐसा क्रिकेटर नहीं हुआ जो सेल्फिश ना हो मनोज जी क्या ये सच है की आजकल के क्रिकेटर फैन लविंग होते जा रहे हैं और खेलों पर बिल्कुल ध्यान नहीं देते वैन लविंग कौन नहीं होता अब आप अगर एंजॉय नहीं करेंगे अपनी लाइफ को तो आप परफॉर्म ही नहीं कर सकते फोन लविंग का मतलब ये नहीं की आप सारी रात बाहर हो जाओ बाहर घूमने फिरने और फिर आओ मतलब टाइम पे रूम में ए जाओ और अगले दिन के लिए जो आपकी परफॉर्मेंस है उसमें कोई फर्क नहीं होना चाहिए
मनोज कभी-कभी वो लोग कहते हैं की जो आपके जो इंडियन क्रिकेटर्स हैं वो विकेट के बीच में कम भागते हैं लड़कियों के पीछे ज्यादा भागते हैं जी मुझे इसके बारे में तो नहीं पता मैंने भागते हुए तो नहीं देखा चलते हुए देखा लोगों को और एक इल्जाम ये भी लगा की जब आप साउथ अफ्रीका गए द तो डिस्को में ज्यादा टाइम गुजरता था प्रैक्टिस करने में कम ऐसा तो कभी हुआ नहीं और जब मेरा टेस्ट मैच चलता है या कोई सीरियस मैच चलता है मैं कभी रूम से बाहर नहीं जाता वहां की एक मनोज एक
लेडी जर्नलिस्ट थी जिनके साथ आप गए द नाइट क्लब में उन्होंने अपनी एक्सपीरियंस लिखे द मैं नहीं गया उसके साथ तभी मुझे प्रॉब्लम हो गए अगर मैं चला गया होता अगर मैं चला गया होता तो शायद उसे इल्जाम से मैं बच्चा था मैंने कहा अगर मुझसे कोई सवाल पूछना है तो मेरी क्रिकेट के बारे में पूछना पर्सनल लाइफ के बारे में नहीं तो जैसे खत्म हुआ तो उसने पूछा बोला की चलो इट्स ऑफ डी रिकॉर्ड की आज यू मैरिड एंड इट्स मैटर वेदर मैरिड ओर नॉट बट आई टोल्ड यू टेक विद माय क्रिकेट कहने लगी
ओके ओके डोंट वारी अबाउट इट आ सो वुड यू लाइक तू गो आउट एंड आई डोंट गो आउट ड्यूरिंग डी मैच के दौरान मैं कहीं जाता नहीं तो फिर उसको लगा की ये तो इग्नोर कर रहा है तो पूछा इस दिस डी रीजन और आई एम नॉट योर चॉइस तो मैंने बोला की यू कैन टेक इट मुझे भी गुस्सा है तो उसको ये चीज बुरी लगी इसलिए उसने छाप दिया एक क्वेश्चन इसका और था की हो डू यू लाइक साउथ अफ्रीका गर्ल्स तो मैंने बोला की वही शुड आई गो इट कहते आय एम टॉकिंग अबाउट
ब्लैक ओर व्हाइट विच यू लाइक डी मोस्ट वेलकम वही शुड आई गो डी वेदर इसे ब्लैक और व्हाइट अंटील पर्सन इस मेच्योर एंड नाइस तू टॉक तू तो कहने लगे की ओके ओके जब मैंने उसको माना किया बाहर जाने के लिए तो उसने एक हेडिंग दिया मनोज दज एंड माइन वेदर इट्स ब्लैक ओर व्हाइट एंड टाइल्स पर्सन इसे नेचुरल की जी मुझे माफ कीजिए और बस उसके बाद मैंने कभी जर्नलिस्ट लेडीज को तो इंटरव्यू दिया ही नहीं [संगीत] शॉर्ट टेंपर्ड हैं [संगीत] की मनोज प्रभाकर को गुस्सा बहुत जल्दी आता है जब मैं ग्राउंड में जाता
हूं मैं सीरियस हूं और मैं अपने सामने वाले खेलने से वाला जो होता है उसको यही कहता हूं यही सोचकर खेलता हूं की उसको मैंने आउट करना है अगर मैं बैटिंग कर रहा हूं तो बॉलर को अगर वो जैसा बिहेव करता है तो वैसे ही उल्टा मैं भी हेल्प करता हूं अब ये तो है नहीं कोई ऑस्ट्रेलियाई आया वेस्ट इंडिया और मुझे गली दे और थैंक यू वेरी मच यह मनोज प्रभाकर नहीं अग्रेशन इस मस्ट अगर आप एग्रेसिव नहीं होंगे तो जैसा मैं खेलता हूं अगर ऐसे नहीं होगा तो मैं परफॉर्म ही नहीं कर सकता
है जरा ज्यादा स्ट्रेच नहीं कर दिया आपने एक इनसाइड हुआ था जिसमें मनिंदर सिंह को आपने बात से मारा था उन्होंने आपके खिलाफ फिर भी दिखानी पड़ी मैंने हम बहुत अच्छे फ्रेंड हैं पर वो तो इन डी हिट ऑफ मोमेंट मैंने मारा नहीं था लग गया था उसे मैंने ऐसे किया तो वह इधर ही खड़े द बात कुछ और हो रही थी तो उसके यहां बैठ लगा तो उन्होंने सोचा की ये जान के मार दिया अगर दोस्तों को आप ऐसे मारते हैं तो दुश्मनों का क्या करेंगे मेरे तो सारे दोस्त हैं मेरा तो कोई दुश्मन
है ही नहीं शायद आपसे हो जाएगा अगर आप बरेली में एक फोटोग्राफर की आपने टी कर दी थी क्योंकि वो ड्रेसिंग रूप में आपकी तस्वीरें ले रहा था देखिए जी अब जब आदमी चेंज कर रहा हो कपड़े दरवाजा बंद करके बदलने चाहिए ना तो ड्रेसिंग रूम में आप कौन कौन है मैं अकेला थोड़ी था ये फिल्म इंडस्ट्री का वो थोड़ी ना मैं kabruk किया आप अकेले हो यहां तो ड्रेसिंग रूम में तो सारे बैठे हुए हैं उसमें आगे अगर कोई आपकी सिर्फ अकेली और आपके बिना कपड़े के तस्वीर लेगा तो आप कैसे रिएक्ट करेंगे आपका
प्रिंसिपल यह है की जो भी रह में मिला उसके डोड दिए नहीं नहीं ऐसा कोई नहीं है ऐसा ये तो सरेआम गलत इल्जाम है मेरे ऊपर और सिर्फ मैं तो बहुत दोस्त बनाता हूं दुश्मन मैं कभी बनाता ही नहीं जिसमें कपिल देव कप्तान द उसे समय आपने कपिल देव के खिलाफ कुछ रूट कमेंट्स पास किए द रूट कमेंट मैंने कपिल पाजी के लिए कभी नहीं बोला वह तो एक ऐसे खिलाड़ी रहे हैं की अगर ग्राउंड में हो तो पैर छूने का भी दिल करता है तो ऐसा कभी मैंने सोचा भी नहीं कभी बोला भी होगा
तो ऐसे ही मुंह में बर्बाद कर दिया होगा उन्होंने कुछ और सुना होगा पर मैंने उसे आदमी के लिए कभी गलत नहीं बोला आपके रिटायरमेंट के बाद ही उन्होंने कहा की लिखा है उसमें लिखा है की मनोज का टेंपरामेंट इतना खराब था एक वक्त में की उसने मेरे साथ भी बुरा बर्ताव किया शायद लिखने के लिए शुरुआत से कर दी होगी क्योंकि मैंने उनको कभी ऐसा कोई मौका नहीं दिया कभी आपकी लड़ाई होती है टीम के मैनेजर से कभी आपकी लड़ाई होती है टीम के कैप्टन से मैं कभी किसी से नहीं लड़ा आपने रिटायरमेंट के
वक्त एक लेटर रिलीज किया है प्रेस को उसे लेटर में आपने लिखा है की आई हैव हेड अन फ़्यू टिप्स विद डी मीडिया एंड डी फ़्यू विद फेलो क्रिकेटर्स तो यह लाइव क्रिकेट स्कोर इस तरीके से नहीं लिखा मैंने क्योंकि जो मैं कहता हूं वह आदमी गलत तरीके से लेता है तो शायद इस तरीके इस तरीके को लेकर जो मैंने लिखा है उन्होंने गलतफहमी में लिया हो मैं आपको एक स्पेसिफिक एग्जांपल देता हूं स्पोर्ट्स चैनल नाम की एक वीडियो मैगज़ीन एक जमाने में निकलती थी और दूरदर्शन पर भी आपने एक इंटरव्यू दिया था और उसे
इंटरव्यू में आपने साफ कहा था की अजहरूद्दीन एक लायक कप्तान नहीं है उसमें एक क्वेश्चन था की इस नॉट अजहरूद्दीन हु विल बी डी नेक्स्ट कैप्टन बुरा करूं न्यूज़ में रहता ही रहता हूं [संगीत] [प्रशंसा] आपके अदालत में मनोज प्रभाकर पर इल्जाम है की इनके खराब परफॉर्मेंस की वजह से टीम को नुकसान हुआ [संगीत] मनोज वैसे तो दावा यह है की आप बड़े ऑल राउंड हैं पोलर भी हैं बैट्समैन भी है फील्डर भी है लेकिन पिछले दिनों में फील्डिंग आपकी खास तौर से इतनी खराब रही है की टीम वालों ने आपका नाम इंडिया गेट रख
दिया है नहीं मुझे याद है एक रेजिडेंस जब मैंने कैट छोड़ा था छोड़ा नहीं छूट गया था तो वही मुझे लगता है उसी को लेके उन्होंने इंडिया गेट रख दिया या और कुछ बोल दिया पर लोग यह नहीं देखते की उसने उसे मैच में क्या-क्या किया उसने 80 85 रन बनाए और उसने अच्छी बॉल लेके करके पहला जो विकेट लिया उसको कोई सब भूल जाते हैं सिर्फ यही देखते हैं की मनोज प्रभाकर ने क्या छोड़ दिया एक ही एक जमाने में आपको स्ट्राइक बॉलर अजहरूद्दीन मानते द और जब टीम मुश्किल में होती थी और खासतौर
से दूसरी टीम वाले ज्यादा टी कर रहे हो तेरी इंडियन बॉलर्स की तो मनोज प्रभाकर को लाया जाता था दो ओवर दल देने के लिए जिसमें से एक आड़ विकेट निकल लें लेकिन धीरे-धीरे अजहरूद्दीन का वो विश्वास आपके ऊपर सूट किया आपको पहले फाइव ओवर डालने वाला बॉलर कहा जाता था फिर तू ओवर डालने वाला जाने लगा फिर जीरो हो गया आदमी हमेशा एक जैसी परफॉर्मेंस नहीं करता जिंदगी में एक टाइम ऐसा आता है की उसकी परफॉर्मेंस अब यह तो नहीं हर दिन तो सन्डे नहीं होता थोड़ी परफॉर्मेंस खराब भी होती है दूसरे दिन परफॉर्मेंस
अच्छी भी होती है की स्ट्राइक बोला यस चेंज होता रहता है जैसे की पहले कपिल देव द फिर मनोज प्रभाकर अब श्री नाथ तो हर एक बॉलर का टाइम हमेशा के लिए नहीं रहता लेकिन आप मानते की आप स्लो डाउन हो गए द जैसे की जिया विश्वनाथ ने इल्जाम लगाया है स्लो डाउन का मतलब ये नहीं की आप उसकी बोलिंग बिल्कुल खत्म हो गई है स्लो डाउन उससे पूछो तो सही क्या प्रॉब्लम क्या है अब आप यह वर्ड कप में देखो जितने भी तेज गेंद से फेंकने वाले हैं सबकी टी हुई है तो मैं यही
सोचता था क्योंकि मैं इतना तेज तो हूं नहीं मैं सिर्फ यही सोचता रहा अगर बॉल को हल्का स्लो कर दिया जाए तो दे हैव तू हिट आएगा नहीं बॉल बात पर मैं भी राइट राइट समथिंग एल्स एंड दे थॉट समथिंग मगर ये और बात है की मनोज प्रभाकर की जो परफॉर्मेंस है वो काउंट हो गई उनकी वजह से मैच हर गए और कार्यों ने सभी भी टीम में है आपको क्या लगता है की पिक पिता के भी आपको टीम में रखना चाहिए था उन्हें ये तो मैं यही कहता हूं इसमें की हर आदमी का बुरा
दिन होता है शायद वो मेरा बुरा दिन था एक ही बड़े सास तौर पर अजीत वाडेकर ने कहा की उसकी परफॉर्मेंस इतनी खराब थी इसकी वजह से उसको ड्रॉप करना पड़ा खराब थी एक मैच में जो आदमी 10 साल से परफॉर्मेंस दिए जा रहा है और सब अप्रिशिएट करते हैं और एक मैच उसका खराब हो गया इसका मतलब वो 10 साल की मेहनत पर पानी फेर दिया गया आपने उनसे पूछा नहीं की ऐसा क्यों अन्याय किया जा रहा है मेरे साथ अगर मैं कप्तान हो तो मैं बोलूंगा तो मैं नहीं सोचता की उन लोगों में
इतने गठस द की मेरे आगे एक्सप्लेन करते की हम तुझे क्यों ड्रॉप कर रहे हैं मेरा ख्याल उनमें हिम्मत ही नहीं थी और जो मैं सोचता हूं यह ऐसा आदमी तभी करता है जब वो गलत हो इंडियन टीम के कैप्टन अजहरूद्दीन ने कहा आपको की कोई बात नहीं अगर ड्रॉप कर दिया तो आई विल सपोर्ट यू वो बाद में कहा की जब मैं ड्रॉप कर दिया उससे पहले उन्होंने वो तो तब मुझे पता चला जब अखबार में लिखा की मनोज वांट भी प्लेइंग इन दिस मैच नॉट ओनली हिज दिस इसे जो कैप्टन है टीम के
उन्होंने तो यह सिलेक्टर्स को बताए होगा ना की इनके परफॉर्मेंस खराब हुई है इन पर मुझे भरोसा नहीं है इनसे अब मैं बोल नहीं करना चाहता हूं तो ऐसे तो चलो मैं सोचता हूं एक मैच में मैंने परफॉर्मेंस खराब हुई उसे निकल दिया ठीक है अब आप सेमी फाइनल देखिए वहां सिर्फ दो की परफॉर्मेंस थी बाकी जीरो तो बाकी नौ चेंज क्यों नहीं हुई उसमें हजारों दिन भी द अगर ऐसी बात होती इतने गेट्स हैं उनमें ड्रॉप करने के तो टीम चेंज करनी थी ना पुरी सचिन अगर वो नाइन ड्रॉप्स होते द तो अजहरूद्दीन साहब
भी बाहर होते द सिर्फ सचिन को और गमले बचे जाते द तो उनसे अब कहां तक खेलेंगे तो आपको क्या लगता है की ये सिर्फ परफॉर्मेंस नहीं थी उसके पीछे कोई और वजह थी निकलने की ये तो आपने बोला मैंने नहीं बोला आपसे पूछो हो सकता अब मैं उनके दिल की बात कैसे जान सकता हूं मैं तो अपने दिल की बात बता सकता हूं ना मनोज और अप की डिप्लोमेटिक बिकॉज आ इफ यू से एनीथिंग अप नौ इट्स माय डिफेक्टिव बेनिफिट मैच बेनिफिट मैच क्या है कितने पैसे होंगे उसमें पैसे के लिए तो कभी लड़ाई
नहीं मनोज प्रभाकर में एक ही खासियत रही है वो काले को कला बोलता है आज तक जो गलत है उसको बोला ना गलत ही बोला आपने कहा की सैम estimed पीपल जी मैंने बोला ये सब स्टीम पीपल जिनके व्यवहार से आपको तकलीफ हुई जिनका ट्रीटमेंट आप का रहे हैं खराब था उन्होंने कुछ नाम भी होंगे नाम अब आपको सोचना चाहिए ना सैम एस्टीम पीपल का मतलब है जिन्होंने सिलेक्शन किया है की आप उनको आज गलत का रहे हैं उनके ऊपर इल्जाम लगा रहे हैं सच्ची बात ये है की जिस समय मैच खत्म हुआ था आपकी
खराब परफॉर्मेंस हुई थी उसे समय आप अपने डिमोटिवेटेड द और आप रिटायर होना चाहते द ऐसा कभी नहीं बोला मैंने की मैं रिटायर होना चाहता था जब मुझे उन्होंने ड्रॉप किया तो श्री नाथ मैंने देखा इतने दर के बाल कर रहे द कुछ कहने के याद नहीं तो मैंने देखा की अगर श्रीनाथ का यह हाल है उसको क्यों दर था क्योंकि ये मनोज प्रभाकर के साथ आज ऐसा कर सकते हैं तो आने वाले कल में अगर आज मेरी परफॉर्मेंस खराब हो जाती है तो कौन बाहर बैठा है मनोज प्रभाकर उसको तो ये खिलाएंगे कौन ड्रॉप
होगा मैं तो अगर आज आप अपने जो में बॉलर्स हैं उनको आप कॉन्फिडेंस नहीं देंगे मैं नहीं सोचता की ये टीम कभी जीत सकती है आपको आगे संदीप पाटिल ने समझाया था उन्होंने कहा था की इस वे रिटायरमेंट की जरूरत नहीं है मैं आपको सपोर्ट करूंगा वो आए मेरे पास कहने लगे की यह तो बात नहीं है मैंने भी ऐसे किया था तो डोंट वारी वो ऐसी बात करके टीम मैनेजमेंट में द वो जो सिलेक्शन कमेटी थी अब उसके बाद भी मुझे नहीं लिया तो फिर वो मतलब ये तो दोगली बात होगी एक बार ऐसे
भी बोल दिया दूसरी बार दूसरी तरफ बोल दिया और अभी उन्होंने कहा की बड़े ग्रेसफुल तरीके से रिटायर होना चाहिए थाई मैं समझता हूं की शायद जब आदमी के दिल में खोट हो तब वो दूसरे को ब्लेम करता है शायद वो कुछ और सोच रहे होंगे और कुछ और हो गया वह सोच रहे होंगे शायद की अगले टूर में मैनेजर है वह तो मेरे जैसे बॉलर की उनको जरूरत होगी तो वह कहेंगे ग्रेसफुली नहीं रिटायर हुआ क्योंकि वह मुझे चाहते होंगे की मैं जाऊं बेशक अपने पर इल्जाम ना कर मुझमें पर इल्जाम लगा रहे हो
आप जिस तरह से रिटायर हुए हैं ये कोई फाइटर का तरीका नहीं है ऐसा तो कर करते हैं मुझे पता था मैं दो साल और खेल सकता हूं और परफॉर्म कर सकता हूं मैंने सिर्फ इसलिए रिटायरमेंट लिया है की एक चीज को प्रूफ करने के लिए की 10 साल आदमी दिन रात एक करके मेहनत करके जो परफॉर्मेंस देता है अगर उसका एक दिन खराब हो जाता है जिंदगी का तो उसके लिए ऐसा ट्रीटमेंट नहीं करना चाहिए ये एक डिसीजन जो लिया है एक कार्ड नहीं ले सकता यह एक दिलेर आदमी ले सकता जो मैंने किया
[प्रशंसा] आपके दिल में दर्द तो है रिटायर होने का और हालत ऐसी है की कहा भी ना जाए रहा भी ना जाए क्या अब मैं हिंदुस्तान के लिए वह परफॉर्मेंस मतलब jitvaata था और मेरे में अभी भी वो चीज है की अभी भी अगर मैं खेलों मैं अपने कंट्री को jeetwa सकता हूं यही चीज मुझे दिल में है बाकी और मुझे किसी चीज का दुख नहीं है आई हैव नो रिग्रेट्स आते आलन के ऊपर दुख नहीं होगा उनको मैंने जो निर्णय लिया है मैं समझ रहा था की मैं अकेला ही हूं पर अब मुझे पता
चला मेरे साथ बहुत लोग हैं जो मुझे प्यार करते द यह तो मैंने एक शुरुआत कारी है वो कहते हैं ना मैं तो अकेला ही चला था की अपनी मंजिल की ओर लोग साथ आते गए और कर्म बन गया [प्रशंसा] डिसीजन उसको आप कैंसिल करो आप वापस आओ अब तो क्रिकेट देखने को मैन ही नहीं करेगा मुझे मालूम नहीं था की इतना लोग मुझे प्यार करते हैं मनोज कभी कभी ऐसे नहीं लगता की बड़े biabur होकर तेरे पीछे से हम निकले की मनोज जी क्या अगर टीम को आपकी दोबारा जरूरत पड़ी तो क्या आप अपने
फैसले पर दोबारा विचार करेंगे टीम को मेरी जरूरत कब नहीं थी मुझे तो यही नहीं समझ में आता मैं एक ही चीज कहना चाहता हूं मैं कोई स्पेयर व्हील नहीं हूं जो अगर पंचर हुई स्टेफनी तो दूसरा व्हील लगाकर उसमें चला दिया और गाड़ी चला दी उसको अगर कोई अच्छा ट्रीट नहीं करेगा अब इंसाफ मिलना चाहिए क्रिकेटर्स को जो खेलते हैं दिल से इतनी मेहनत करके सैक्रिफिस करते हैं इसका मतलब यह नहीं की अगर वह मैच में अगर उनकी परफॉर्मेंस खराब हो जाए तो उसको दूध में से जैसे मक्खी निकल के फेंक दे पूजा की
जो सिलेक्टर्स हैं जिन्होंने गलती कर दी है अब वो क्या करें कान पकड़े हाथ जोड़ें पैर पकड़े क्या करें आप उनसे पूछो वो क्या करना चाहते हैं मैं थोड़ी बताऊंगा आप किस चीज पर मानेंगे जी मैं तो मैंने बोला ना जब मैं एक स्टेप ले लेता हूं तो मैं पीछे हटा ही नहीं संन्यास लिया है मैंने कोई अपना मतलब जो मेरा एम है वह मैंने समाप्त नहीं किया मेरा सिर्फ एक ही है मैं की मेरी आवाज़ dabhengi नहीं जो आज मैंने कदम उठाया है वो आने वाले क्रिकेटर्स के लिए उठाया है मैंने अपने लिए नहीं
उठाया मैं और भी 2 साल खेल सकता था जैसे मैंने बोला मैं यही चाहता हूं की जो आज आवाज़ मैंने उठाई है अगर मुझे एक हाथ पीछे मिले मैं अकेला तो इतना नहीं कर सकता मगर मैं यही चाहता हूं की जितने भी लोग आज यंगस्टर हैं जो अपकमिंग है और उनको चांस नहीं दिया जा रहा है मैं चाहता हूं उनकी हेल्प करना इमरान खान की तरह आप भी राजनीति माने का विचार बना रहे हैं मैंने डिसाइड तो नहीं किया है कुछ मगर वही नॉट अगर आई नीड ए सपोर्ट [संगीत] और अब वक्त है आपके अदालत
में आज के करवाई पर जनता के जज के फैसले का डिफेंडेंट मनोज प्रभाकर वाज remarkabilly डिफेंस ड्यूरिंग हिज क्रॉस एग्जामिनेशन मोस्ट ऑफ डी चार्जेस ड्यूरिंग डी अर्ली पार्ट ऑफ डी इनक्विजिशन ही obbviesli तू के टाइम वार्मिंग अप इन मार्च डी से वे ही बैट्स फॉर समवन हो सेज डेट ही स्टील हज तू मोर इयर्स ऑफ क्रिकेट लेफ्ट ओवरऑल फाइंड द डिफरेंस नॉट गिल्टी [संगीत] यह था आपके अदालत में मनोज प्रभाकर पर जनता का मुकदमा और जनता के जज का फैसला [संगीत] यह भाई अपना खुद का सुपरमार्केट बना के महीने का 10 लाख कम रहे हैं
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