स्टडी आईक्यू आईएस अब तैयारी हुई अफोर्डेबल नमस्कार दोस्तों दोस्तों जैसा कि आप सब जानते हो हमारे देश के फाइनेंशियल सेक्टर की जो सबसे बड़ी रेगुलेटर है वो है आरबीआई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया तो जाहिर सी बात है कि अगर हमारे देश के अंदर कोई भी डिजिटल फ्रॉड होता है गलत तरीके से बैंक अकाउंट्स में से पैसे निकाले जाते हैं ट्रांसफर किए जाते हैं तो उसके रोकने की भी जो जिम्मेदारी है सबसे ज्यादा वो आरबीआई के ऊपर है वैसे तो सभी को साथ मिलकर काम करना पड़ेगा ताकि इसे हम टैकल कर सकें लेकिन आए दिन आई
एम श्यर कि आप लोग भी एक्सपीरियंस करते होंगे मुझे तो डेली बेसिस पर कम से कम तीन से चार कॉल ऐसे आते हैं जो कि फ्रॉड होते हैं तो यहां पर कहीं ना कहीं यहां जो फ्रॉड स्टर्स हैं उनका मनोबल बढ़ गया है जिस प्रकार से वह पैसे कमा रहे हैं तो उसको रोकना जरूरी है और इसी को देखते हुए आरबीआई के द्वारा एक बहुत बड़ा कदम लिया गया है फाइनली आरबीआई ने एक नया एआई टूल बनाया है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल है वो बनाया है जिसका नाम है म्यूल हंटर और इसके माध्यम से जो
म्यूल अकाउंट्स है उसको डिटेक्ट करने में आसानी होगी एंड लेट मी टेल यू ये जो म्यूल अकाउंट्स है ना ये कोई छोटी प्रॉब्लम नहीं है मैं आपको कुछ आंकड़े बताऊंगा वीडियो में जो कि एक बहुत बड़ी समस्या है तो इसको थोड़ा हम डिटेल से समझेंगे कि आखिरकार ये है क्या ये वर्क कैसे करता है क्यों बनाया आरबीआई ने कैसे बैंकों को फायदा होगा काफी कुछ जानने को है चलिए आगे बढ़ते हैं लेकिन उससे पहले आप सबको ये बता दूं कि आप में से जो भी लोग जॉब पर्सपेक्टिव से कोई तैयारी करना चाहते हो कोर्स लेना
चाहते हो तो स्टडी आईक्यू ने एक्सलर आई के साथ मिलकर यहां पर दो बड़े कोर्सेस लॉन्च किए एक है डेटा एनालिस्ट का और दूसरा है बिजनेस एनालिस्ट का इसमें देखिए आपको पूरा सर्टिफिकेशन कोर्स होगा जिसमें अलग-अलग प्रकार की जो चीजें हैं सभी कुछ डिटेल में पढ़ाई जाएंगी साथ ही साथ जो आप अपनी स्किल्स हैं उसको इंप्रूव कर सकते हैं ताकि जब आप जॉब मार्केट में जाएं किसी कंपनी में अप्लाई करें ताकि आपको जॉब मिलने के ज्यादा चांसेस हो क्योंकि आप इस समय देखोगे जितने भी अपॉर्चुनिटी हैं बाकी जगहों पर वो श्रिंक हो रही हैं लेकिन
स्पेशली जो बिजनेस एनालिस्ट और जो डेटा एनालिस्ट की जॉब्स हैं उसकी रिक्वायरमेंट बढ़ी है तो इसका लिंक दिया है कमेंट सेक्शन में वहां पर जाइए एंड यूज़ करना है आपको यह कोड अंकित लाइव ताकि आप मैक्सिमम डिस्काउंट ले सक इन कोर्सेस के ऊपर और इसके अलावा अगर आप एमसीक्यू अटेंप्ट करना चाहते हैं तो मेरे टा पेज पर जाइए वहां पर स्टोरीज में जितने भी एमसी क्यूज हैं उसको भी आप अटेंप्ट कर पाएंगे चलिए शुरुआत करते हैं और सबसे पहले ये देखते हैं कि एगजैक्टली हुआ क्या है देखिए रिसेंटली रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बताया कि
यहां पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पावर्ड एक मॉडल क्रिएट किया गया है ताकि जो डिजिटल फ्रॉड हो रहा है इस समय देश के अंदर उसमें कमी लाई जा सके और इसकी वजह से यह जो एआई पावर्ड मॉडल है इसकी वजह से जो बैंक्स हैं उनके पास जो समस्या आ रही है म्यूल बैंक अकाउंट्स की डोंट वरी मैं आपको इसके बारे में आगे बताऊंगा उस समस्या से यह निपट सकेंगे और इसका नाम क्या है ध्यान रखिएगा स्पेशली आपके एग्जाम में आ सकता है म्यूल हंटर्ड एआई और ये बेसिकली डेवलप किया गया है आरबीआई की जो सब्सिडियरी है बेंगलुरु
के अंदर इसका नाम है रिजर्व बैंक इनोवेशन हब तो यहां पर आरबीआई कई बार इनको काम देता है कि कैसे हम चीजों को इंप्रूव कर सकते हैं कैसे कोई सलूशन लाया जा सकता है तो इनके द्वारा यह डेवलप किया जाता है और यह आरबीआई की ही सब्सिडियरी है ध्यान में रखिएगा और यहां पर आरबीआई ने सभी बैंकों को कहा है कि म्यूल हंटर के साथ कोलबेट करके आप अपने आप को और ज्यादा बेटर कर सकते हैं तो क्वेश्चन अब ये आता है कि आखिरकार ये म्यूल अकाउंट्स है क्या होते क्या है ये देखो म्यूल अकाउंट
का सिंपल अर्थ ये होता है कि ये क्रिमिनल्स के द्वारा इस्तेमाल किया जाता है इल्लीगल एक्टिविटीज में जैसे कि मान लीजिए आपने देखा होगा कई बार लोगों के साथ फ्रॉड होता है कई बार आप सुनते होंगे कि इस पर्सन के अकाउंट से ₹5000000 निकाल लिए गए गलत तरीके से अ मतलब क्या होता है ना कई बार जो कंज्यूमर है जो कस्टमर है वो खुद ही ओटीपी बता देता है कई बार आप देखते होगे तो यहां पर जो पैसे ट्रांसफर होते हैं आपके बैंक अकाउंट से दूसरे के बैंक अकाउंट में तो जिस बैंक अकाउंट में यह
पैसा जाता है ना तो उसको एक तरह से म्यूल अकाउंट कहा जाता है मतलब एक ऐसा अकाउंट जिसमें गलत तरीके से काम किया जा रहा है अच्छा इसमें एक बात समझने वाली यह है कि मान लो जो फ्रॉड स्टर है जो यह गलत काम कर रहा है क्या आपको लगता है कि वो अपने नाम पर अकाउंट खुलवाए और यहां पर जो पूरा पैसा है वो अपने नाम पर ट्रांसफर करेगा ऐसा तो है नहीं पॉसिबल तो होता क्या है इसके अंदर ये जो क्रिमिनल्स हैं वो बड़े चालाकी से उन लोगों को पकड़ते हैं जिनके पास ऑलरेडी
वो अकाउंट खुला हुआ था आपने देखा होगा देश के अंदर बहुत सारे जन धन अकाउंट्स खुले हुए हैं लेकिन आपको क्या लगता है कि क्या वो सभी जन धन अकाउंट्स एक्टिव है नहीं उसमें से बहुत सारे वो होंगे या फिर कोई भी नॉर्मल बैंक अकाउंट है जो किसी आम आदमी ने गरीब व्यक्ति ने कोई खोल रखा होगा अब उसके पास उतने पैसे नहीं है कि वह बैंक में डाले और विड्रॉ करे वो बस पड़े हुए हैं एक बैंक अकाउंट है जिसमें 20 ₹ 50 ऐसे ही पड़ा हुआ है सालों से और वैसे ही चल रहा
है तो ये जो क्रिमिनल्स हैं उन बैंक अकाउंट्स को पकड़ते हैं और कई बार लालच भी दे देते हैं उस पर्सन को वो पर्सन को जानकारी भी नहीं है ना वो एजुकेटेड है और उसको जाकर ₹ 4000 दे दिए 10000 दे दिए कि मुझे यह बैंक अकाउंट चलाने दो एटीएम वगैरह के माध्यम से फिर वो करते हैं काम तो यह होता है एक्चुअली म्यूल अकाउंट जिसमें इल्लीगल एक्टिविटी होती है अच्छा एक और टर्म है इसका नाम है मनी म्यूल मनी मूल का मतलब यह है कि जिस पर्सन के नाम पर ओरिजनली वह बैंक अकाउंट है
उसको मनी म्यूल कहा जाता है क्योंकि मनी म्यूल क्या है कि जब भी इस तरह की एक्टिविटीज होती है और पुलिस पकड़ती है तो आपको क्या लगता है पुलिस किसको पकड़े गी जिस पर्सन के नाम पर वो अकाउंट था लेकिन वो पर्सन तो गरीब है एक्चुअल में उसको कुछ पता भी नहीं है तो उसी पर्सन को मनी म्यूल कहा जाता है और यहां पर सबसे से बड़ी समस्या यही हो जाती है कि जो क्रिमिनल है वह तो भाग खड़ा होता है उसके बारे में कुछ पता नहीं है कि वह बैंक अकाउंट कैसे चला रहा था
कहां से एक्टिव कर रखा था कैसे विड्रॉ कर रहा था पैसा और बेचारा जो गरीब व्यक्ति है सीधा-साधा यहां पर हो सकता है कि वो पुलिस के झांसे में फंस जाए और अक्सर यही देखने को मिलता है तो यहां पर आरबीआई ने कहा है कि ये जो म्यूल हंटर एआई है वो एक तरह से इस तरह के जो म्यूल अकाउंट्स हैं म्यूल बैंक अकाउंट्स उसको डिटेक्ट करेगा अब देखो आप में से कई लोग ये सोच रहे होंगे कि क्या बैंक खुद ही डिटेक्ट नहीं कर लेते क्या इतना आसान इतना आसान नहीं है क्योंकि नंबर्स बहुत
बड़े हैं जो अगेन मैं आपको आगे यहां पर बताऊंगा तो एक तरह से आरबीआई का यह कहना है कि ये जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है वो मदद करेगा कि देश में इतने सारे अकाउंट्स हैं उसमें से म्यूल अकाउंट कौन सा है उसको एक तरह से डिटेक्ट किया जाए क्योंकि जब तक वो डिटेक्ट नहीं होगा आप इस तरह के डिजिटल फ्रॉड को नहीं रोक सकते अब क्वेश्चन ये है कि ये जो हं म्यूल हंटर है ये वर्क कैसे करता है देखो मैं आपको बता दूं कि एआई है ये और एआई आपको पता है कि जो मशीन लर्निंग
है एल्गोरिथम है उसके माध्यम से इसको बनाया जाता है तो यहां पर बताया यह जा रहा है कि 19 डिस्टिंक्ट पैटर्स को समझा गया है मतलब कि क्या होता है ना मान लो कोई अकाउंट है एक सीधे-साधे पर्सन का अकाउंट है मान लीजिए एक आपका अकाउंट है तो ओबवियस सी बात है आप महीने में एक बार दो बार तीन बार पैसे उसके अंदर डाल दोगे या फिर चार पांच छह बार या फिर आजकल यूपीआई का जमाना आ गया है तो डेली बेसिस पर आप दो ट्रांजैक्शन करते हो तो महीने में 60 ट्रांजैक्शन कर लोगे या
फिर मान लो 100 ट्रांजैक्शन कर लोगे यहां पर जो म्यूल अकाउंट्स होते हैं उसमें अचानक से एक्टिविटी बढ़ जाती है अ मैंने आपको बताया ना कि कई सालों से उसमें 50 पड़े हुए थे अचानक से उसमें ₹10 लाख आ गए तो ये कैसे हो गया तो इस तरह के कुछ पैटर्स होते हैं उसको एक तरह से समझता है यह जो एआई सॉफ्टवेयर है और उसको पहचानने की कोशिश करता है और देखो क्या है ना ट्रेडिशनल रूल बेस्ड सिस्टम को आइडेंट आइडेंटिफिकेशन डाटा अकाउंट डिटेल्स इन सबको यहां पर और ज्यादा प्रेसा तरीके से और तेज स्पीड
में डिटेक्ट करता है ताकि म्यूल अकाउंट्स को डिटेक्ट किया जाए जहां पर इलिसिट फंड्स जमा हो रहे हैं गलत तरीके के काम यहां पर हो रहे हैं अब क्वेश्चन यह है कि ये जो म्यूल अकाउंट्स की प्रॉब्लम है भारत के अंदर वो कितनी बड़ी है मैं आपको बताता हूं यहां पर सेंट्रल गवर्नमेंट के द्वारा बताया जाता है कि करीब-करीब 45 लाख जी हां ये नंबर ध्यान से सुनिए 45 लाख इस तरह की जो अकाउंट्स हैं उसको फ्रीज किया गया है और अभी तो आप सोचो मैं 45 लाख वो बता रहा हूं जो सरकार ने फ्रीज
किया है कितने लाखों में चल रहे होंगे ये अकाउंट्स ऑलरेडी इस समय सिस्टम के अंदर इसका अभी अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता और इसी की वजह से ये एआई टूल जो सॉफ्टवेयर है वो बनाया गया है ताकि इस तरह के अकाउंट्स को पकड़ा जा सके और इनफैक्ट ये 45 लाख जो म्यूल अकाउंट्स हैं उसमें से 40000 एसबीआई के अंदर काम कर रहे थे 10000 पंजाब नेशनल बैंक में 7000 कनड बैंक में 6000 कोटक 5000 पर जो अकाउंट्स काफी समय से डॉर्मेंट पड़े हुए थे और उसमें अचानक से एक्टिविटी होने लग गई तो उसके ऊपर
कुछ रिस्ट्रिक्शंस लगाना चाहिए जैसे कि फॉर एग्जांपल मान लो कई सालों से एक अकाउंट है जिसमें 50 पड़ा हुआ है और अचानक से उस अकाउंट के अंदर काफी सारा पैसा आता है और ₹5000000 निकालने की कोशिश की जाती है तो यहां पर उन्हो उनका ये कहना था कि जो पैसा आ रहा है उसको तो हम रोक नहीं सकते जो आएगा तो आएगा ही लेकिन यहां से जो पैसा विड्रॉ करना है उसके ऊपर हमें एक प्रकार से लिमिट लगाना चाहिए ऐसा उनके द्वारा बोला गया है और इसी की वजह से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अगर आप
देखोगे तो एक हैकन भी चला रहा है विद द थीम ज़ीरो फाइनेंशियल फ्रॉड जिसमें बहुत सारे जो स्टूडेंट्स हैं रिसर्च हैं स्कॉलर्स हैं वो आते हैं और यहां पर प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने की कोशिश करते हैं तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी देखो सोलूशंस लाने की कोशिश कर रहा है साथ ही साथ मैं आपको बता दूं अभी जस्ट पिछले हफ्ते की बात है फ्राइडे को डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेस के सेक्रेटरी ने मीटिंग किया था बहुत सारे ऑफिशियल के साथ आरबीआई के ऑफिशल्स इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर जो कि होम मिनिस्ट्री के अंदर आता है उनके
साथ नवार्ड हो या पब्लिक प्राइवेट सेक्टर के जो बैंक्स हो गए हैं उनके साथ सभी के साथ डिस्कशन किया गया कि कैसे डिजिटल फाइनेंशियल फ्रॉड का जो चैलेंज है वो ग्रो हो रहा है उसको हमें रोकना कैसे है और इस तरह की कई मीटिंग्स पहले भी हो चुकी हैं तो फ्राइडे को जो मीटिंग हुआ उसमें यहां पर बैंकों को बोला गया कि आपको लेटेस्ट टेक्नोलॉजी अपनानी पड़ेगी और स्पेशली ये जो हंटर एआई है जो मैंने आपको बताया म्यूल हंटर एआई उसका बैंक को और ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए ताकि इस तरह के म्यूल अकाउंट्स को डिटेक्ट
किया जाए तो यही पूरी चीज थी आई होप कि आपको अच्छे से अब समझ में में आ गई होंगी और जाने से पहले एक इंटरेस्टिंग क्वेश्चन क्या आप बता सकते हो व्हिच ऑफ द फॉलोइंग वाज द फर्स्ट कमर्शियल बैंक ऑफ इंडिया भारत के अंदर पहला कमर्शियल बैंक कौन सा था और इसका राइट आंसर आप सबको पता है मेरे instagram2 पर अगर आप नहीं हो कोई बात नहीं आती हैं वो आप समझ पाओगे एंड अगेन अपने आप को स्किल बना पाओगे ताकि आप जॉब मार्केट में आपकी डिमांड बनी रहे और यूज करिएगा यह कोड अंकित लाइव
ताकि आप मैक्सिमम डिस्काउंट भी ले सके आई होप कि वीडियो आपको पसंद आया होगा मिलता हूं आपसे नेक्स्ट टाइम टिल देन थैंक यू वेरी मच सी यू सून स्टडी आईक्यू आईस अब तैयारी हुई अफोर्डेबल