क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया में सिर्फ कुछ लोग ही इतने अमीर क्यों बन पाते हैं? जबकि करोड़ों लोग पूरी जिंदगी मेहनत करने के बाद भी वहीं के वहीं रह जाते हैं? अगर हम आज के आंकड़ों [संगीत] को देखें तो दुनिया में अरबपतियों की संख्या बहुत ही सीमित है। जबकि करोड़ों लोग आज भी अपनी बेसिक जरूरतों को पूरा करने के लिए जूझ रहे हैं। लेकिन असली सवाल यह नहीं है कि उनके पास कितना पैसा है? असली सवाल यह है कि उनके पास ऐसा क्या है जो बाकी लोगों के पास नहीं है? जरा एक पल
के लिए अपने दिन के बारे में सोचिए। जब आपका काम खत्म हो जाता है, जब आपके पास एक से दो घंटे का फ्री टाइम होता है तब आप क्या करते हैं? क्या आप उसे मोबाइल स्क्रॉल करने में, रील्स देखने में या बेवजह टाइम पास करने में खर्च कर देते हैं या फिर आप उस टाइम को अपने फ्यूचर को बेहतर बनाने में लगाते हैं? क्योंकि सच यही है। एक कामयाब और एक नाकाम इंसान के [संगीत] बीच का सबसे बड़ा फर्क उनके फ्री टाइम के इस्तेमाल में छुपा होता है। ज्यादातर लोग अपने फ्री टाइम को ऐसे कामों
में बर्बाद कर देते हैं जिनका उनके आने वाले कल से कोई लेना देना नहीं होता। लेकिन जो लोग सच में आगे बढ़ते हैं, जो लोग अपने सपनों को हकीकत में बदलते हैं, वह उसी फ्री टाइम को अपने सबसे बड़े हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं। वो सीखते हैं, खुद को बेहतर बनाते हैं और हर दिन अपने आप को [संगीत] एक स्टेप आगे ले जाते हैं। और यही बात हमें सिखाते हैं वारेन बफेट दुनिया के सबसे सफल निवेशकों में से एक। उनका मानना है कि अगर आप अपने फ्री टाइम को सही [संगीत] तरीके से इस्तेमाल करना
सीख गए तो आपकी जिंदगी पूरी तरह बदल सकती है। तो इस वीडियो में मैं आपको ऐसे सात पावरफुल काम बताने वाला हूं जिन्हें आप अपने फ्री टाइम में करके अपनी लाइफ को एक नई दिशा [संगीत] दे सकते हैं। अगर आप भी अभी तक अपना कीमती समय गेम्स, सोशल मीडिया या बेवजह की [संगीत] चीजों में गमवा रहे हैं, तो यह वीडियो आपके लिए एक वेकअप कॉल साबित हो सकती है। और आखिर में आपको मेन [संगीत] बोनस पॉइंट भी दूंगा। इसलिए बिना किसी डिस्ट्रैक्शन के इस वीडियो को अंत तक ध्यान से देखिए क्योंकि हो सकता है आपकी
सक्सेस की शुरुआत यहीं से होने वाली हो। पहला पॉइंट स्किल सीखो वरना जिंदगी तुम्हें इग्नोर कर देगी। जरा खुद से एक सवाल पूछिए। अगर आज आपकी नौकरी या आपका काम अचानक खत्म हो जाए [संगीत] तो क्या आपके पास कोई ऐसी स्किल है जिससे आप फिर से खड़े हो सके? या फिर आप सिर्फ उसी एक चीज [संगीत] पर डिपेंड हैं जो अभी आप कर रहे हैं। यही वह जगह है जहां स्मार्ट और एवरेज लोगों के बीच असली फर्क दिखाई [संगीत] देता है। स्मार्ट लोग अपने फ्री टाइम को सिर्फ एंटरटेनमेंट में नहीं बिताते। वो उसे एक [संगीत]
इन्वेस्टमेंट की तरह देखते हैं। वो जानते हैं कि हर नई स्किल जो वह सीखते हैं, [संगीत] वो उनके फ्यूचर की सिक्योरिटी बनती है। यही कारण है कि वारेन बफेट जैसे लोग हमेशा सीखने पर जोर [संगीत] देते हैं। उनका मानना है कि जितना आप सीखते हैं, उतना आप कमाते हैं। और यह बात 100% सच है। आज के टाइम में दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। जो स्किल आज वैल्यूुएबल है, हो सकता है 5 साल बाद उसकी वैल्यू कम हो जाए। इसलिए अगर आप अपनी वैल्यू [संगीत] को लगातार अपडेट नहीं करते तो धीरे-धीरे आप पीछे छूट
जाते हैं। लेकिन अगर आप अपने फ्री टाइम का इस्तेमाल नई स्किल्स सीखने में करते हैं तो आप हमेशा आगे रहते हैं। चाहे [संगीत] मार्केट कितनी भी बदल जाए। अब सवाल आता है कौन सी स्किल्स सीखनी चाहिए? मार्केट में बहुत सारी हाई इनकम स्किल्स हैं। [संगीत] जैसे प्रोग्रामिंग, कोडिंग, पब्लिक स्पीकिंग, वीडियो एडिटिंग और कॉपीराइटिंग। यह सभी स्किल्स आपको नए मौके देती [संगीत] हैं और आपकी इनकम को कई गुना तक बढ़ा सकती हैं। लेकिन इन सबके बीच एक स्किल [संगीत] ऐसी है जो हर इंसान के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है और वो है फाइनेंशियल एजुकेशन। क्योंकि अगर
आप पैसे कमाना तो सीख गए लेकिन उसे मैनेज करना नहीं सीखा तो [संगीत] वह पैसा ज्यादा दिन टिकेगा नहीं। फाइनेंशियली एजुकेटेड होना आपको सिखाता है कि पैसा [संगीत] कैसे काम करता है। कैसे आप अपने पैसे को अपने लिए काम पर लगा सकते हैं और कैसे आप धीरे-धीरे फाइनेंशियल [संगीत] फ्रीडम की तरफ बढ़ सकते हैं। सोचिए अगर आप हर दिन सिर्फ 30 से 60 मिनट भी नई [संगीत] स्किल सीखने में लगाते हैं YouTube से, किताबों से या किसी ऑनलाइन कोर्स से तो एक साल बाद आप वही इंसान नहीं रहेंगे जो [संगीत] आज हैं। आपकी सोच बदल
जाएगी। आपकी वैल्यू बढ़ जाएगी और आपके पास ऐसे मौके आएंगे जिनके बारे में आपने पहले [संगीत] कभी सोचा भी नहीं होगा। इसलिए अगली बार जब आपके पास फ्री टाइम हो तो खुद से पूछिए क्या मैं इसे सिर्फ टाइम पास में बर्बाद करूं या इसे अपनी लाइफ अपग्रेड करने में लगाऊं? क्योंकि याद रखिए आज आप जो स्किल सीखते हैं वही कल आपकी पहचान और आपकी कमाई दोनों को तय करती है। दूसरा पॉइंट अपनी सेहत पर ध्यान दो। क्योंकि कमजोर शरीर बड़े सपनों को संभाल नहीं सकता। जरा सोचिए अगर आपके पास करोड़ों रुपए हो लेकिन आपकी बॉडी
ही साथ ना दे तो क्या वह पैसा [संगीत] किसी काम का रहेगा? क्या आप उस लाइफ को एंजॉय कर पाएंगे जिसके लिए आप इतनी मेहनत कर रहे हैं? यही वजह है कि एक [संगीत] बहुत ही पावरफुल लाइन कही जाती है। हेल्थ इज वेल्थ। यानी असली दौलत आपकी सेहत है ना कि आपका बैंक बैलेंस। दुनिया के सबसे सफल लोगों में से एक वारेन बफेट भी अपनी लाइफस्टाइल में हेल्थ को एक प्रायोरिटी देते हैं। [संगीत] क्योंकि वह जानते हैं कि अगर आपकी बॉडी और माइंड सही से काम नहीं कर रहे तो आप अपने फ्री टाइम का सही
इस्तेमाल भी नहीं कर पाएंगे। अब अगर हम इंडिया की बात करें तो यहां की पॉपुलेशन [संगीत] इतनी ज्यादा है। लेकिन उसमें से सिर्फ 30% लोग ही अपनी हेल्थ को सीरियसली [संगीत] लेते हैं। बाकी लोग क्या कहते हैं? यार टाइम ही नहीं मिलता। लेकिन सच बताऊं टाइम नहीं है वाला बहाना हमारी लाइफ का सबसे बड़ा झूठ है। क्योंकि उसी [संगीत] इंसान के पास दो से 3 घंटे मोबाइल चलाने, रील्स देखने और टाइम पास करने के लिए टाइम होता है। फर्क बस इतना है कि हम अपनी प्रायोरिटी [संगीत] गलत चीजों को दे देते हैं। और यही वो
जगह है जहां एक आम इंसान और एक कामयाब इंसान अलग [संगीत] हो जाता है। कामयाब इंसान अपने फ्री टाइम का एक हिस्सा अपनी हेल्थ में [संगीत] इन्वेस्ट करता है। अब हेल्थ पर फोकस करने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपको जिम में जाकर घंटों पसीना बहाना है या फिर किसी बॉडी बिल्डर जैसी फिजिक बनानी है। नहीं सिर्फ [संगीत] 20 से 30 मिनट की सिंपल एक्सरसाइज जैसे वॉक, योगा या थोड़ी सी स्ट्रेचिंग और 10 मिनट [संगीत] का मेडिटेशन भी आपकी लाइफ में बड़ा बदलाव ला सकता है। यह छोटे-छोटे स्टेप्स आपकी बॉडी को एक्टिव रखते हैं।
आपका माइंड क्लियर करते हैं और आपको पूरे दिन के लिए एनर्जी [संगीत] देते हैं। यहां एक बहुत इंटरेस्टिंग कांसेप्ट आता है एंटीफ्रजाइल। इसका मतलब होता है कि कुछ चीजें [संगीत] प्रेशर पड़ने पर टूट जाती हैं और कुछ चीजें प्रेशर पड़ने पर और मजबूत बनती हैं। आपकी बॉडी भी एंटीफ्रजाइल है। जब आप [संगीत] एक्सरसाइज करते हैं तो शुरुआत में आपको दर्द होता है, थकान होती है। लेकिन धीरे-धीरे [संगीत] वही बॉडी स्ट्रांग बनने लगती है। आपकी स्टैमिना बढ़ती है। आपकी इम्यूनिटी मजबूत होती है और आप मेंटली भी ज्यादा फोकस्ड [संगीत] हो जाते हैं। इसके उलट अगर आप
अपनी बॉडी को बिल्कुल भी यूज नहीं करते, कोई मूवमेंट नहीं, कोई एक्टिविटी नहीं, तो आपकी बॉडी धीरे-धीरे कमजोर होती जाती है। इसीलिए फ्री टाइम को सिर्फ एंटरटेनमेंट में खर्च करने के बजाय अगर आप उसमें से थोड़ा सा टाइम भी अपनी हेल्थ को दे देते हैं तो यह एक ऐसा [संगीत] इन्वेस्टमेंट बन जाता है जिसका रिटर्न आपको पूरी जिंदगी मिलता है। याद रखिए आपकी बॉडी ही वह व्हीकल है जो आपको आपकी मंजिल तक लेकर जाएगी। अगर वही खराब [संगीत] हो गई तो रास्ता कितना भी अच्छा क्यों ना हो आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे। इसलिए आज से
ही अपने फ्री टाइम का एक हिस्सा अपनी हेल्थ को देना शुरू [संगीत] कर दीजिए। क्योंकि यही छोटा सा कदम आगे चलकर आपकी पूरी लाइफ को बदल सकता है। तीसरा पॉइंट किताबें पढ़ो क्योंकि यही तुम्हें साधारण से असाधारण बनाती हैं। जरा सोचिए अगर आपको दुनिया के सबसे [संगीत] सफल लोगों के दिमाग के अंदर झांकने का मौका मिल जाए। अगर आप उनके सालों के एक्सपीरियंस, उनकी गलतियां, उनकी स्ट्रेटजी सब कुछ सिर्फ कुछ घंटों में सीख सकें तो क्या आप उस मौके को छोड़ेंगे? शायद नहीं। और यही पावर होती है किताबों की। दुनिया में जितने भी सक्सेसफुल या
अल्ट्रा सक्सेसफुल लोग हैं वो इसलिए आगे नहीं बढ़े क्योंकि उन्होंने सब कुछ खुद से ही खोज लिया। बल्कि इसलिए क्योंकि उन्होंने उन लोगों से सीखा जो उनसे [संगीत] पहले उस रास्ते पर चल चुके थे। और इस सीखने का सबसे बड़ा सोर्स है बुक्स। उदाहरण के [संगीत] तौर पर वारेन बफेट को आज दुनिया का सबसे महान इन्वेस्टर माना जाता है। लेकिन वो खुद अपनी सफलता का क्रेडिट बेंजामिन ग्रहम [संगीत] को देते हैं। उन्होंने इन्वेस्टिंग के ज्यादातर प्रिंसिपल्स उनकी लिखी किताब इंटेलिजेंट [संगीत] इन्वेस्टर से सीखे और यही नॉलेज उन्हें उस लेवल तक लेकर गई जहां आज वह
हैं। अब एक सच्चाई समझिए। इस दुनिया में कोई भी आईडिया, बिजनेस या प्लान पहली बार में परफेक्ट नहीं होता। ज्यादातर लोग ट्राई करते हैं, फेल होते हैं और फिर सीखते हैं। लेकिन जो लोग बुक्स [संगीत] पढ़ते हैं, वह दूसरों की गलतियों से सीख लेते हैं। उन्हें खुद हर बार गिरने की जरूरत नहीं पड़ती। यही वजह है कि वह बाकी लोगों से बहुत तेजी से आगे बढ़ जाते हैं। जब आप एक किताब पढ़ते हैं, तो आप सिर्फ शब्द नहीं पढ़ रहे होते। आप उस ऑंथर के पूरे लाइफ एक्सपीरियंस को समझ रहे होते हैं। आप जानते हैं
कि उन्होंने किन-किन प्रॉब्लम्स का सामना किया, कैसे उन्होंने सॉल्यूशन निकाला और [संगीत] किन माइंडसेट्स ने उन्हें सफल बनाया। यानी कुछ ₹100 की एक किताब आपको करोड़ों की सोच दे सकती [संगीत] है। बस फर्क इतना है कि आप उसे पढ़ते हैं या नहीं। और सबसे खास बात बुक्स पढ़ने के लिए आपको अलग से एक्स्ट्रा [संगीत] टाइम निकालने की जरूरत नहीं है। आप अपने उसी फ्री टाइम का छोटा सा हिस्सा 20 से 30 मिनट इसमें लगा सकते हैं। धीरे-धीरे यह छोटी सी आदत आपकी सोच को बदल देगी। आपका नजरिया बदल देगी और आपको भीड़ से अलग बना
देगी। तो अगली बार जब आपके हाथ में मोबाइल हो और आप बिना सोचे [संगीत] समझे स्क्रॉल कर रहे हो तो एक बार रुकिए और खुद से पूछिए क्या यह चीज मुझे आगे ले जा रही है या बस मेरा टाइम खा रही है क्योंकि वही 30 मिनट अगर आप एक अच्छी [संगीत] किताब को दे दें तो हो सकता है वह आपके पूरे फ्यूचर की दिशा बदल दे। चौथा पॉइंट [संगीत] एक्स्ट्रा इनकम बनाओ वरना जिंदगी हमेशा कॉम्प्रोमाइज करवाएगी। जरा एक बार ईमानदारी से सोचिए। क्या आप अपनी पूरी जिंदगी सिर्फ किसी और के लिए काम करते हुए बिताना
चाहते हैं? सुबह उठो, ऑफिस जाओ, [संगीत] 9 से 10 घंटे काम करो और फिर वही रूटीन अगले दिन दोहराओ। क्या यही आपकी लाइफ [संगीत] का फाइनल प्लान है? अगर आपका जवाब नहीं है तो फिर आपको अपने फ्री टाइम का इस्तेमाल [संगीत] सिर्फ आराम या एंटरटेनमेंट में नहीं बल्कि एक साइड हसल बनाने में करना होगा। आज के टाइम में साइड हसल शुरू करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। आपके पास एक स्मार्टफोन है, इंटरनेट है और थोड़ा सा समय। बस इतना ही काफी है कुछ अपना शुरू करने के लिए। फर्क सिर्फ इतना है कि
ज्यादातर लोग इन चीजों [संगीत] का इस्तेमाल सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए करते हैं। जबकि कुछ लोग इन्हीं चीजों को अपनी इनकम का सोर्स बना लेते हैं। अगर मैं पर्सनली बात करूं तो मैं आपको सबसे ज्यादा रेकमेंड करूंगा [संगीत] YouTube क्योंकि यह सिर्फ एक प्लेटफार्म नहीं है। यह एक ऐसा मौका है जो आपकी पूरी लाइफ बदल सकता है। और यही वजह है कि आज लाखों लोग यहां से अपनी पहचान और इनकम दोनों बना रहे हैं। खुद वारेन बफेट भी यही कहते हैं कि [संगीत] अगर आप सोते वक्त भी पैसा कमाने का तरीका नहीं ढूंढ पाए तो आपको
पूरी जिंदगी काम करना पड़ेगा और YouTube आपको वही मौका देता है एक बार मेहनत करके [संगीत] लंबे समय तक कमाने का। अब आपको यह लग सकता है कि मेरे पास कोई खास टैलेंट नहीं है या मैं क्या वीडियो बनाऊं। लेकिन सच यह है कि हर इंसान के पास कुछ ना कुछ ऐसा होता है जो वह दूसरों को सिखा सकता है। चाहे वह पढ़ाई हो, फिटनेस हो, पैसे कमाने के तरीके हो या फिर लाइफ एक्सपीरियंस ही क्यों ना हो। आपको बस एक ऐसा टॉपिक ढूंढना है जिसमें [संगीत] आपकी रुचि हो और जिस पर आप लगातार काम
कर सकें। शुरुआत में शायद आपके वीडियो पर कम व्यूज आएंगे। शायद आपको रिजल्ट जल्दी ना दिखे। लेकिन यही वह फेज होता है जहां ज्यादातर लोग हार मान लेते हैं। जबकि जो लोग डटे रहते हैं वही आगे चलकर बड़ा रिजल्ट हासिल करते हैं। क्योंकि एक बार अगर आपका चैनल ग्रो कर गया तो यहां से इनकम की कोई लिमिट नहीं होती। एड्स, स्पॉन्सरशिप्स, एफिलिएट मार्केटिंग और भी कई सारे सोर्स खुल जाते हैं। और सबसे [संगीत] खास बात यह साइड हसल धीरे-धीरे आपको उस जगह पर ले जा सकता है जहां आपको अपनी जॉब पर पूरी तरह डिपेंड [संगीत]
रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यानी आप अपनी शर्तों पर जीना शुरू कर सकते हैं। तो अगली बार जब आपके पास फ्री टाइम हो तो उसे सिर्फ स्क्रॉल करने में मत गमवाइए। उसे अपने फ्यूचर को बनाने में लगाइए क्योंकि हो सकता है आज जो आप एक छोटा सा कदम उठा रहे हैं वही कल आपकी पूरी लाइफ की दिशा बदल दे। [संगीत] नंबर पांच बिल्ड स्ट्रंग नेटवर्क। जरा एक पल के लिए सोचिए। आपकी लाइफ में जितने भी बड़े मौके आए हैं, [संगीत] क्या वह सिर्फ आपकी मेहनत की वजह से आए थे या फिर कहीं ना कहीं किसी
इंसान, किसी कनेक्शन, किसी सही [संगीत] टाइम पर मिले व्यक्ति ने उसमें रोल प्ले किया था? सच्चाई यह है कि लाइफ में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ क्या जानते हो यह मायने नहीं रखता बल्कि किसे जानते हो यह भी उतना ही जरूरी होता है। दुनिया के सबसे सफल लोगों को देख लीजिए। चाहे वह वारेन बफेट हो या कोई बड़ा एंटरप्रेन्योर। उनकी एक चीज कॉमन होती है उनका नेटवर्क। ऐसे लोग जिनसे वह सीखते [संगीत] हैं, जिनसे वह नए आइडियाज लेते हैं और जिनके साथ मिलकर वह बड़े मौके क्रिएट करते हैं। क्योंकि कई बार आपकी लाइफ का सबसे
बड़ा ब्रेक आपके टैलेंट से नहीं बल्कि आपके कनेक्शन से आता है। लेकिन एक आम इंसान क्या करता है? अपने फ्री टाइम में या तो अकेले मोबाइल स्क्रॉल करता रहता है या फिर उन्हीं लोगों के साथ टाइम बिताता है जो खुद भी अपनी लाइफ में कोई बड़ा बदलाव नहीं लाना चाहते। [संगीत] और धीरे-धीरे वही एनवायरमेंट उसकी सोच को लिमिट कर देता है। अब जरा उल्टा सोचिए। अगर आप अपने फ्री टाइम का थोड़ा सा हिस्सा [संगीत] ऐसे लोगों के साथ बिताना शुरू करें जो आपसे आगे हैं जो कुछ बड़ा कर रहे हैं जो आपको इंस्पायर करते हैं
तो क्या होगा? आपकी सोच बदलने लगेगी। आपका माइंडसेट [संगीत] अपग्रेड होगा और आपको ऐसे मौके मिलने लगेंगे जिनके बारे में आपने पहले कभी सोचा भी नहीं था। आज के डिजिटल जमाने में नेटवर्क बनाना पहले से कहीं ज्यादा आसान है। आप Lindin [संगीत] जैसे प्लेटफार्म पर लोगों से कनेक्ट कर सकते हैं। ऑनलाइन कम्युनिटीज ज्वाइन कर सकते हैं। सेमिनार्स या वर्कशॉप्स अटेंड कर सकते हैं। या फिर अपने आसपास ऐसे दोस्तों का सर्कल बना सकते हैं जो ग्रोथ माइंडसेट रखते हैं। शुरुआत में यह थोड़ा अनकंफर्टेबल लग सकता है। लेकिन यही डिसकंफर्ट आपको ग्रो कराता है। और एक बहुत
पावरफुल लाइन हमेशा याद रखिए। आप उन पांच लोगों का एवरेज बन जाते हैं जिनके साथ आप सबसे ज्यादा समय बिताते हैं। अगर आप ऐसे लोगों के बीच रहेंगे जो बड़े सपने देखते हैं, [संगीत] मेहनत करते हैं और आगे बढ़ना चाहते हैं तो आप भी वैसा ही बनेंगे। तो अगली बार जब आपके पास फ्री टाइम हो तो उसे सिर्फ अकेले बिताने के बजाय उसे सही लोगों [संगीत] में इन्वेस्ट कीजिए। क्योंकि सही लोग सिर्फ आपकी सोच नहीं बदलते। वो आपकी पूरी लाइफ की डायरेक्शन बदल सकते हैं। नंबर छह इंप्रूव कम्युनिकेशन स्किल्स। जरा एक सिचुएशन इमेजिन कीजिए। आपके
पास एक बहुत बढ़िया आईडिया है। आपके पास नॉलेज है। आपके पास स्किल भी है। [संगीत] लेकिन जब आप उसे किसी के सामने बताते हैं तो लोग इंप्रेस ही नहीं होते। आपकी बात का वह असर ही नहीं पड़ता जो पढ़ना चाहिए था। अब सवाल यह है क्या सच में आपके आईडिया [संगीत] में कमी थी या फिर उसे बताने के तरीके में? क्योंकि आज के टाइम में सिर्फ नॉलेजेबल [संगीत] होना काफी नहीं है। आपको यह भी आना चाहिए कि अपनी बात को इस तरह से कैसे रखा जाए कि सामने वाला उसे समझे भी, महसूस भी करें [संगीत]
और उस पर एक्शन भी ले। यही वो स्किल है जो एक आम इंसान और [संगीत] एक इन्फ्लुएंशियल इंसान के बीच फर्क पैदा करती है। बहुत सारे लोग होते हैं जो अंदर से बहुत टैलेंटेड होते हैं। उनके पास शानदार आइडियाज होते हैं। लेकिन वो उन्हें सही तरीके [संगीत] से एक्सप्रेस नहीं कर पाते और दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके पास एवरेज नॉलेज [संगीत] होती है। लेकिन उनकी कम्युनिकेशन इतनी पावरफुल होती है कि वह हर जगह लोगों का ध्यान खींच लेते हैं। यही वजह है कि वह ज्यादा मौके हासिल कर पाते हैं। चाहे वह जॉब
हो, बिजनेस [संगीत] हो या फिर पर्सनल लाइफ। अब सोचिए अगर आप अपने फ्री टाइम का थोड़ा सा हिस्सा अपनी कम्युनिकेशन [संगीत] स्किल्स को बेहतर बनाने में लगाएं जैसे पब्लिक स्पीकिंग की प्रैक्टिस करना, अपने थॉट्स [संगीत] को लिखना, स्टोरी टेलिंग सीखना या खुद की आवाज रिकॉर्ड करके सुनना। तो धीरे-धीरे आपके अंदर एक अलग ही कॉन्फिडेंस [संगीत] आ जाएगा। आप लोगों से बात करते वक्त हिचकिचाएंगे नहीं। मीटिंग्स में अपनी बात खुलकर रख पाएंगे और इंटरव्यू में खुद को बेहतर [संगीत] तरीके से प्रेजेंट कर पाएंगे और अगर आप YouTube या किसी भी कंटेंट प्लेटफार्म पर काम करना चाहते
हैं तो [संगीत] यह स्किल आपके लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है क्योंकि वहां सिर्फ वही लोग आगे बढ़ते हैं जो लोगों से कनेक्ट कर पाते हैं जो अपनी बात को दिल [संगीत] तक पहुंचा पाते हैं। दुनिया के सबसे सफल लोगों में से एक वारेन बफेट ने भी कहा है कि अगर आप अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स [संगीत] को इंप्रूव कर लेते हैं तो आपकी वैल्यू कम से कम 50% तक बढ़ सकती है। यानी यह सिर्फ [संगीत] एक स्किल नहीं है। यह एक मल्टीप्लायर है जो आपकी हर दूसरी स्किल की वैल्यू को बढ़ा देता है। तो अगली
बार जब आपके पास फ्री टाइम हो तो उसे सिर्फ कंज्यूम करने में मत लगाइए। थोड़ा क्रिएट भी कीजिए। कुछ लिखिए, कुछ बोलिए, खुद को रिकॉर्ड कीजिए। क्योंकि यही छोटी-छोटी [संगीत] प्रैक्टिस आपको भीड़ से अलग बनाएगी और धीरे-धीरे आपको एक ऐसा इंसान बनाएगी जिसे [संगीत] लोग सुनना चाहते हैं, समझना चाहते हैं और फॉलो करना चाहते हैं। नंबर सात, सेल्फ रिफ्लेक्शन, खुद को समझना। जरा 1 मिनट के लिए सब कुछ छोड़ दीजिए। मोबाइल [संगीत] साइड में रखिए और खुद से एक सीधा सा सवाल पूछिए। क्या मैं सही दिशा में जा रहा हूं? क्योंकि सच यह है कि
हम में [संगीत] से ज्यादातर लोग दिन भर बिजी तो रहते हैं, लेकिन प्रोडक्टिव नहीं। हम भाग तो रहे होते हैं, लेकिन हमें यह नहीं पता होता कि आखिर जाना कहां है। यही सबसे बड़ी गलती है। बिना सोचे समझे बस चलते जाना। और इसी गलती को ठीक करता है सेल्फ रिफ्लेक्शन। जब आप अपने फ्री टाइम का थोड़ा सा हिस्सा सिर्फ खुद के लिए निकालते हैं। जहां आप अपने दिन को, अपने फैसलों को और अपने गोल्स को शांत दिमाग से देखते हैं। तभी आपको असली क्लेरिटी मिलती है। तभी आपको समझ आता है कि आप सही रास्ते पर
हैं या बस भीड़ [संगीत] के साथ बह रहे हैं। दुनिया के सबसे सफल लोगों में एक चीज कॉमन होती है। वो सिर्फ काम नहीं करते बल्कि समय-समय [संगीत] पर रुक कर खुद को एनालाइज भी करते हैं। वारेन बफेट जैसे लोग अपने दिन का एक हिस्सा सिर्फ सोचने और समझने में लगाते हैं क्योंकि वह जानते हैं कि सही फैसले तभी लिए जा सकते हैं जब आपका माइंड क्लियर हो। सेल्फ रिफ्लेक्शन का मतलब यह नहीं है कि आप घंटों बैठकर ओवरथिंक करें। बल्कि इसका मतलब है कि आप खुद से सही सवाल पूछें। जैसे आज मैंने क्या अच्छा
किया? कहां गलती हुई? मैं इसे कैसे सुधार सकता हूं? क्या मैं अपने गोल्स के करीब जा रहा हूं या दूर? यह छोटे-छोटे [संगीत] सवाल आपको धीरे-धीरे एक सही दिशा देने लगते हैं। बहुत सारे लोग जर्नलिंग करते हैं। अपने थॉट्स को लिखते हैं। अपने दिन को रिव्यू करते हैं। क्योंकि जब आप चीजों को लिखते हैं तो वो आपके दिमाग में और ज्यादा क्लियर हो जाती हैं। आपको अपने पैटर्न्स दिखने लगते हैं। [संगीत] आपकी स्ट्रेंथ्स, आपकी वीकनेसेस, सब कुछ। और सबसे जरूरी बात सेल्फ [संगीत] रिफ्लेक्शन आपको खुद से कनेक्ट करता है। इस दुनिया में हर कोई आपको
कुछ ना कुछ सलाह देगा। हर कोई आपको अलग-अलग रास्ते दिखाएगा। लेकिन जब तक आप खुद को नहीं समझते तब तक आप किसी भी रास्ते [संगीत] पर सही तरीके से नहीं चल सकते। याद रखिए अगर आपको यह ही नहीं पता कि आप कहां जाना चाहते हैं तो कोई भी रास्ता आपको सही जगह तक नहीं पहुंचा सकता। इसीलिए अगली [संगीत] बार जब आपके पास फ्री टाइम हो तो उसे सिर्फ बाहर की दुनिया में मत खर्च कीजिए। थोड़ा समय अपने अंदर की दुनिया को समझने में लगाइए क्योंकि असली बदलाव वहीं से [संगीत] शुरू होता है। बोनस पॉइंट आइडियाज
पर एक्शन लेना सीखो। क्या आपने कभी महसूस किया है कि आपके सबसे पावरफुल आइडियाज तब आते हैं जब आप बिल्कुल फ्री होते हैं? कभी आप मोबाइल स्क्रॉल कर रहे होते हैं? कभी अकेले बैठे होते हैं या रात को सोने से पहले अचानक दिमाग में एक चमकदार [संगीत] ख्याल आता है। यार अगर मैंने यह कर लिया ना तो मेरी जिंदगी बदल सकती है। उस पल में वह आईडिया आपको बहुत रियल और एक्साइटिंग लगता है। लेकिन अगली सुबह वही आईडिया कहीं खो जाता है। और आप फिर से अपनी पुरानी रूटीन में लग जाते हैं। सच यही है
कि आइडियाज तो हर किसी के पास होते हैं, लेकिन उन्हें [संगीत] एक्शन में बदलने की हिम्मत बहुत कम लोगों में होती है। और यही फर्क बनाता है आपको भेंट से अलग। अगर हम वारेन बफेट की बात करें, तो उनकी सक्सेस सिर्फ अच्छे आइडियाज की वजह से नहीं है। बल्कि उन आइडियाज पर सही समय पर एक्शन लेने की वजह से है। जब वो सिर्फ 11 साल के थे तब उन्होंने अपना पहला स्टॉक खरीदा था। सोचिए [संगीत] उस उम्र में ज्यादातर बच्चे खेलते हैं। लेकिन उन्होंने अपने इन्वेस्टमेंट के आईडिया को सिर्फ सोचा नहीं [संगीत] उस पर एक्शन
लिया। उन्होंने छोटी उम्र में ही यह समझ लिया था कि नॉलेज तभी वैल्यूुएबल है जब उसे प्रैक्टिकली यूज किया जाए। इतना ही नहीं वारेन बफेट बचपन में डोर टू डोर जाकर कोका कोला बॉटल्स बेचते थे। [संगीत] न्यूज़पेपर्स डिस्ट्रीब्यूट करते थे और हर छोटे मौके को पैसे कमाने और सीखने के एक्सपीरियंस में बदलते थे। यह सब छोटे-छोटे एकशंस [संगीत] ही आगे चलकर उनकी बड़ी सक्सेस की फाउंडेशन बने। उन्होंने कभी यह नहीं सोचा [संगीत] कि मैं अभी छोटा हूं या यह सही टाइम नहीं है। उन्होंने हर आईडिया को टेस्ट किया, हर मौके को यूज़ किया और यही
उनकी सबसे बड़ी [संगीत] ताकत बन गई। आपका फ्री टाइम भी बिल्कुल ऐसा ही एक मौका है। मान लीजिए आपके मन में कभी यह ख्याल आया हो कि मुझे YouTube चैनल शुरू करना चाहिए या मैं ब्लॉगिंग कर सकता हूं या मुझे यह नई स्किल [संगीत] सीखकर कुछ करना चाहिए तो फर्क सिर्फ इतना है कि आप उस आईडिया को कितनी जल्दी एक्शन में बदलते हैं क्योंकि शुरुआत हमेशा इंपपरफेक्ट होती है। पहली वीडियो परफेक्ट नहीं होगी। पहला ब्लॉग बहुत [संगीत] अच्छा नहीं होगा और शुरुआत में कॉन्फिडेंस भी कम होगा। लेकिन यही छोटे-छोटे [संगीत] कदम धीरे-धीरे आपको आगे बढ़ाते
हैं। अक्सर लोग एक्शन इसलिए नहीं लेते क्योंकि उन्हें डर लगता है। फेलियर का डर, लोगों की सोच का डर या फिर यह सोच कि [संगीत] अभी सही समय नहीं है। लेकिन सच्चाई यह है कि कोई भी परफेक्ट टाइम नहीं होता। वारेन बफेट ने भी परफेक्ट [संगीत] मोमेंट का इंतजार नहीं किया। उन्होंने बस शुरुआत की और जैसे-जैसे वह एक्शन लेते गए, उन्हें क्लेरिटी भी मिलती गई और कॉन्फिडेंस भी। याद रखिए [संगीत] आपका हर छोटा एक्शन आपको उस जिंदगी के करीब ले जाता है जो आप चाहते हैं। आपका फ्री टाइम ही वह जगह है जहां आप डिसाइड
[संगीत] करते हैं कि आप सिर्फ सपने देखेंगे या उन्हें पूरा भी करेंगे क्योंकि अंत में फर्क आइडियाज से नहीं पड़ता। फर्क पड़ता है उस एक्शन से जो आप उन आइडियाज पर लेते हैं। अगर आप सच में अपनी जिंदगी बदलना [संगीत] चाहते हैं तो आज ही अपने किसी एक आईडिया पर छोटा सा एक्शन लेना शुरू कर दीजिए क्योंकि वही छोटा [संगीत] कदम कल आपकी सबसे बड़ी सक्सेस स्टोरी बन सकता है। अब जरा एक पल के लिए रुक कर सोचिए। [संगीत] आपका आज का फ्री टाइम कल आपकी जिंदगी बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है।
यह पूरी तरह आप पर डिपेंड करता है कि आप इसे सिर्फ स्क्रॉल करने में बर्बाद करते हैं या खुद को ग्रो करने में लगाते हैं। याद रखिए सफल लोग कुछ अलग नहीं करते। वो बस वही करते हैं जो बाकी [संगीत] लोग सोच कर छोड़ देते हैं। तो अगली बार जब आपके दिमाग में कोई आईडिया आए उसे इग्नोर मत कीजिए। उसे एक्शन में [संगीत] बदल दीजिए। क्योंकि शायद वही एक छोटा सा कदम आपकी पूरी जिंदगी बदल सकता है। अगर आपको यह वीडियो पसंद आई हो और आपने इसमें कुछ भी वैल्यूुएबल सीखा हो तो इस वीडियो को
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