हेलो दोस्तों मैं हूं गौरव और जरा टेनेट मूवी के सीन को ध्यान से देखो आज यू कैन सी यहां पर ब्लू टीम को बिल्डिंग के गियर हुए टुकड़े उल्टा आकर जुड़ने हुए दिखाई दे रहे हैं और उसके बाद वहां पर ब्लास्ट होते हुए दिखे रहे हैं यानी की इफेक्ट उसके कैसे से पहले ऑब्जर्व हो रहे हैं इसे फिजिसिस्ट रेट्रो कोसलिटी कहते हैं अब यू नो इट्स फिनोमीनान की सबसे वर्ड बात क्या है आज अनबिल्विबिलिटी स्कीम्स कुछ थियोरेटिकल फिजिक्स का यह मानना है की यह कॉन्सेप्ट हमारे रियल वर्ल्ड में भी पॉसिबल है यस यू वांट बिलीव
एक ऐसा एक्सपेरिमेंट है जो बार-बार लगातार ये प्रूफ करता है की हमारा फ्यूचर हमारे फास्ट को अफेक्ट करता है मतलब जस्ट इमेजिन अब भविष्य में कौन सा जब करोगे ये इफेक्ट कर रहा है की आप में कौन से स्कूल गए थे या फिर एवं आप कौन से सिटी में रहते हो सुनने में ही बेटू का सा ग रहा है राइट बट रियलिटी का ऐसा ही एक वर्जन प्रो हो चुका है एक्सपेरिमेंट में एक बार नहीं बल्कि बार-बार लगातार जैसे जानकर आप भी अपने आम सेंस से भरोसा को बैठोगे बट डोंट वारी इस कॉन्सेप्ट को मैं
एकदम सिंपल लैंग्वेज में आपको समझाऊंगा कहानी के रूप में एकदम शुरुआत से जिससे की आपके क्वांटम थ्योरी के बेसिक्स भी क्लियर हो जाएंगे सो बीच में छोड़कर बिल्कुल मत जाना वरना रियलिटी का ट्रू नेचर समझे बिना ही बूढ़े हो जाओगे लाइक इस कॉन्सेप्ट की डिस्कवरी को ही ले लो इडली कोई भी साइंटिस्ट जब एक थ्योरी देता है उसके बाद उसे पर फिर एक डिबेट होती है पर ये एक ऐसा कॉन्सेप्ट है जिसमें आज से लगभग एक सेंचुरी पहले तो बड़े-बड़े फिजिसिस्ट नीड्स बर और अल्बर्ट आइंस्टीन में एक फेमस डिबेट छिड़ गई थी और दोनों के
सपोर्टर अपने अपने आइडल्स को सपोर्ट करने के लिए नई-नई थे रिस्पेक्ट करने ग गए वन ऑफ विच वैसे रेडट्रोकर्स इसी डिबेट में मौजूद थे 16 साल के एक ऐसे जीनियस जो आगे जाकर फादर ऑफ मॉडर्न जनरल रिलेटिविटी बने वाले थे और जी हां एक ऐसी खोज करने वाले थे जो सबूत के साथ यह प्रूफ करें की भविष्य यानी की फ्यूचर पेस्ट को इफेक्ट करता है उनका नाम था जॉन वलर जॉन वलर साइंटिफिक कम्युनिटी में तूफान लाने वाले थे और कैसे ये आप आगे जानोगे नो वेट लेट मी एक्सप्लेन यू की मैं किस डिबेट की बात
कर रहा हूं देखो आप सभी को क्या यह फेमस फोटो याद है बोला आपने ये फोटो कभी ना कभी पहले जरूर उपयोगी दरअसल साल 1927 में ब्रुसेल्स बेल्जियम के सॉल्वें इंस्टिट्यूट में दुनिया भर के 29 बेस्ट फिजिसिस्ट एक फेमस फिजिक्स कॉन्फ्रेंस अटेंड करने के लिए गए थे कॉल्ड डी फिफ्थ सॉल्वड कॉन्फ्रेंस और ये देखो सॉल्वेंट इंस्टिट्यूट के स्टार्स है जहां पर वो पिक्चर ली गई थी इस फोटो में आप देख सकते हो बर्स आइंस्टीन अरविंद श्लोरिंग गर्ल लुएडरली मैक्स प्लांक मेरी करी ऐसे कई सारे फेमस थ्योरी आपको दिखे रहे हैं बट अब जरा अपने आप
से पूछो इन सभी में आम क्या है वेल इन शॉर्ट अगर मैं कहूं तो इन सब का कंट्रीब्यूशन टुवर्ड्स क्वांटम मैकेनिक्स अब क्वांटम मैकेनिक्स जैसे आप लोगों को पता है छोटे-छोटे शुभम एटॉमिक पार्टिकल्स की वर्किंग की स्टडी करता है लाइक मेरी करी को ही ले लो इन्होंने सबसे पहले पता लगाया की रेडियो एक्टिविटी आइटम्स के अरेंजमेंट पर नहीं बल्कि उसके अंदर यानी स्ट्रॉबेरी एटॉमिक लेवल पर चल रही किसी गड़बड़ की वजह से पैदा होती है और आइंस्टीन के बड़े में तो आप पहले से ही जानते होंगे की उन्हें नोबेल प्राइस उनके फोटोइलेक्ट्रिक इफेक्ट की खोज
के लिए मिला था जिसमें उन्होंने मेटल पर लाइट गिरने से इलेक्ट्रॉन समित होते हैं और बिजली जिंदा होती है यह प्रूफ किया था की इन सभी को ब्रुसेल्स बुलाया गया था ताकि उनके डिस्कशन से हम सभी एटम्स इलेक्ट्रोंस मॉलेक्युलिस फोटोन एट सिटेरा इन सबकी वर्किंग को ज्यादा अच्छे से समझ पाएं दीप पर्सपेक्टिव मिल पे साइंटिफिक कम्युनिटी को अब वो अलग बात है की आज की तारीख में फिफ्थ सॉल्वड कॉन्फ्रेंस को मेली बस सिर्फ एक ही चीज के लिए जाना जाता है एंटीबते इन विच आइंस्टीन लास्ट तू बोथ सो एक्चुअली हुआ कुछ यू की 1700 में
न्यूटन ने ये प्रपोज किया था की लाइट पार्टिकल्स के रूप में ट्रैवल करते हैं पर अर्ली 1800 में एक फिजिक्स थे थॉमस यंग नाम के उन्होंने पहले बार एक फेमस एक्सपेरिमेंट परफॉर्म किया कॉल्ड डी डबल स्लाइट एक्सपेरिमेंट और उसमें उन्हें पता चला की लाइट एक्चुअली ड्यूल नेचर दिखाई है यानी की दोगलापन थी इस एक्सपेरिमेंट में बेसिकली उन्होंने एक लाइट बम को दो स्लाइट से पास किया था और जब उन स्लट्स के पीछे राखी स्क्रीन पर उन्हें ऐसा इंटरफ्रेंस पैटर्न देखा तो उन्होंने ये कनक्लूड किया की लाइक पार्टिकल्स से ही बनी होती है पर वो पार्टिकल्स
एक वाव के रूप में ट्रैवल करते हैं अब इस खोज के बाद ऑलमोस्ट एक साड़ी बीट गई और साल 1924 यानी कॉन्फ्रेंस के जस्ट 3 साल पहले फिजिसिस्ट ली दी बरौली ने ये प्रूफ किया की सिर्फ लाइट नहीं बल्कि सभी पार्टिकल्स पिक चाहे वो इलेक्ट्रॉन बोसोन हो कोई भी वो सब के सब ये वाव पार्टिकल ड्यूलित दिखाई हैं आते डी मोस्ट फंडामेंटल लेवल अब फ्रेंड्स यहां तक तो सभी का कॉन्सेप्ट क्लियर था किसी को क्वांटम मैकेनिक्स को समझना में कोई दिक्कत नहीं ए रही थी बट दें जी साल कॉन्फिडेंस हुई इस साल एक और एक
फेमस फिजिसिस्टोनबर्ग ने अपना हिजानबर्ग अनसर्टेन टी प्रिंसिपल प्रपोज किया जिसके चक्कर में लेटर रेट्रो कोसलिटी पिक्चर में आई दरअसल इस प्रिंसिपल के अनुसार जिन स्पीच पर ये फोटॉन्स और इलेक्ट्रोंस जैसे छोटे-छोटे एटॉमिक पार्टिकल ट्रैवल करते हैं ऑन स्पीड पर आप या तो उनकी स्पीड नाप सकते हो या तो उनकी लोकेशन लाइक पर एग्जांपल लेट टेक नदी है और उसमें पानी वेव्स के रूप में बा रहा है अब ऐसे में अगर आपको उन वेव्स की स्पीड को नापना है तो आपको गन्ना पड़ेगा की आपके सामने एक सेकंड में कितने वेव्स गुजरे हैं अब इस मेथड में
एक मेजर प्रॉब्लम है की आप ऐसे करके किसी एक वाव की लोकेशन नहीं बता सकते अगर आपको किसी एक वाव की लोकेशन जानी है तो फिर आपको पानी के बहन की फोटो लेनी पड़ेगी और उसमें एक और एक प्रॉब्लम है की वो आपको स्पीड की जानकारी नहीं देगा सो जो इन जो इस अनसर्टेंटी प्रिंसिपल की वजह से जो की हजन डॉग ने प्रपोज किया था ये धरना बनी की क्वांटम लेवल पर सभी पार्टिकल्स एक वाव ऑफ पॉसिबिलिटी के रूप में एक्जिस्ट करते हैं और सिर्फ उन्हें ऑब्जर्व ही करने पर वो कोई एक फॉर्म लेते हैं
एक पार्टिकल के रूप में दिखाई देने लगता हैं जिसके डेफिनेट प्रॉपर्टीज होते हैं उससे पहले दे आर जस्ट वाव ऑफ पॉसिबिलिटी अब ऑब्वीजली आइंस्टीन को ये बात हजम करने में बहुत दिक्कत ए रही थी बिकॉज़ आइंस्टीन ऑलवेज बिलीव्ड इन एन डिटरमिनिस्टिक पर्सपेक्टिव उनकी साड़ी थिअरीज क्लासिकल फिजिक्स में रेटेड थी जो की एक डिटरमिनिस्टिक व्यूप्वाइंट से चलते हैं तो उनके लिए ये प्रोबेबिलिटी का आना पॉसिबिलिटी का आना ब्रह्मांड के अनफोल्डिंग में एक बहुत ही वर्ड सी बात थी जो वो हजम करने के लिए तैयार नहीं थे और दूसरा इस बात का ये इंप्लीकेशन था की अब
तक वो एटम्स और उनके सब एटॉमिक पार्टिकल्स को जितना भी समझ पे हैं और इनकी जो फोटोइलेक्ट्रिक थ्योरी भी है यह सब कुछ इनकंप्लीट हैं सो आइंस्टीन यहां पर इसी कॉन्फ्रेंस में हाइजीनबर्ग के अनसर्टेंटी प्रिंसिपल को पुरी तरह से गलत प्रूफ करने पर कल गए इसी डिबेट में कूद पड़े फिर बाद में नील बर और उन्होंने मैथमेटिकली ये प्रूफ किया की डबल सीट एक्सपेरिमेंट में जो हमें इंटरफ्रेंस पैटर्न दिखाई देता है वो पार्टिकल्स के वाव नेचर की वजह से तो दिखता है बट अगर आप स्क्रीन तक पहुंचने से पहले पार्टिकल्स को डिटेक्टर से ऑब्जर्व करोगे
तो एक बहुत ही वर्ड सी और मैजिकल सी चीज होती है की स्क्रीन पर आपको इंटरफ्रेंस पैटर्न की जगह पर ऐसा डॉटेड सा पैटर्न यानी की एक पर्टिकुलर पैटर्न दिखेगा मानो की जैसे पार्टिकल्स ने अपना वाव नेचर छोड़कर एक डेफिनेट फॉर्म ले लिया अब्सेंस पांच दोनों तक लगातार कोशिश करने के बावजूद आइंस्टीन बोर्ड के क्वेश्चन में कोई गलती नहीं निकाल पे फाइनली उसे डिबेट को नेल्स बर ने जीत लिया आइंस्टीन को हर दिया यहां पर अब मैं भी यहां तक आपको स्टोरी इंटरेस्टिंग लगी होगी बट आपके दिमाग में ख्याल ए रहा होगा की गौरव इसमें
रेट्रो कोसलिटी आखिर कहां पर आता है वेल अब तक नहीं आया है बट यही से आना शुरू होगा क्योंकि आइंस्टीन एक ऐसे फिजिशियन थे जो आसानी से हर माने वालों में से बिल्कुल नहीं थे जर्मनी में नाजी अग्रेशन बढ़ाने के बाद आइंस्टीन उस शिफ्ट हो गए थे और वहां की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में काम करने ग गए थे यही पर उनकी मुलाकात तो तगड़े साइंटिस्ट नेथन रोशन और बोस बुड्डॉल्स की के साथ हुई फिर इन तीनों ने मिलकर इसी प्रोजेक्ट पर काम किया और एक पैराडॉक्स खोजना निकाला फैमुसली कॉल्ड डी एपीआर पैराडॉक्स और उससे बर की
थ्योरी में एक मेजर फ्लो निकाल गया उन्होंने बेसिकली एक थॉट एक्सपेरिमेंट के जारी कहा की अगर एक सोर्स पार्टिकल है जो स्पिन नहीं करता और वो दो नए स्पिन करने वाले पार्टिकल्स में तब्दील होता है तो अकॉर्डिंग तू डी डॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ एंगुलर मोमेंटम उन दोनों भी पार्टिकल्स को एक दूसरे से इक्वल और अपोजिट पेन दिखाना पड़ेगा ताकि टोटल स्पिन एक दूसरे से कैंसिल कैंसिल आउट होकर उसकी वैल्यू उनके पेरेंट्स से मैच हो सके अब इसका मतलब क्या आप समझ रहे हो आइंस्टीन के अकॉर्डिंग अगर हम इन दोनों पार्टिकल्स को एक दूसरे से लाइट
इयर्स दूर रख दे तो भले ही वो दोनों मल्टीपल पॉसिबिलिटीज की एक वाव के रूप में एक्जिस्ट करें लेकिन एक को ऑब्जर्व करने पर दूसरे की स्पेन इंसटैंटली उल्टी हनी ही चाहिए एडरवाइज डॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ मोमेंटम ब्रेक हो जाएगा और ऊपर से अगर हम कहते हैं की जी पार्टिकल को ऑब्जर्व किया वो दूसरे को इन्फॉर्म कर सकता है तो अगेन उसके लिए इनफॉरमेशन को लाइट की स्पीड से तेज ट्रैवल करना पड़ेगा और यूनिवर्स का एक और एक डॉ ब्रेक हो जाएगा अब हालांकि कुछ सालों बाद जॉन बेल के वेल्स इनिक्वालिटी थ्योरम ने ये प्रूफ
करके दिखाए की आइंस्टीन वास अल्टीमेटली रंग और नीड्स बर यहां पर सही थे लेकिन यहां पर हमारी कहानी लगी एक बहुत ही बड़ा टर्न क्योंकि उसे समय के दिग्गज साइंटिस्ट निक ऐसी चीज प्रूफ करके बताई थी जिसे देखकर उसे समय के सभी प्लस साइंटिस्ट अपना सर को जान ग छोड़ो वेलकम जॉन वलर जॉन वलर ने एक्सपेरिमेंट ली प्रैक्टिकल ये प्रूफ करके बताया की फ्यूचर की घटनाएं पेस्ट को इफेक्ट कर शक्ति है और कर रही है और इस ऑब्जरवेशन का एक्सप्लेन उसे समय किसी भी थ्योरी के पास नहीं था इस एक्सपेरिमेंट का नाम था डिलेड चॉइस
क्वांटम इरेज़र एक्सपेरिमेंट सो जॉन वलर ने बेसिकली किया गया उन्होंने किसी साधारण डबल स्लाइट एक्सपेरिमेंट की तरफ सबसे पहले एक लाइट बम के सामने दो बारिक स्लट्स प्लेस की यू नो ताकि लाइट के फोटॉन्स को चूज करना पड़े की उन्हें एक्जेक्टली गुजरा है अब ऐसे ही टाइम पर जब फोटॉन्स को दो रास्तों के बीच कोई एक पैक कस करना होता है वो अपना वर्ड बिहेवियर दिखाई हैं और एक वाव के रूप में दोनों स्लाइड से एक ही टाइम पे पास हो जाते हैं सो इसका इंप्लीकेशन ये होगा की अगर किसी डिटेक्टर को किसी फोटोन के
पाप के बड़े में पता चल गया तो वो फोटोन एक पार्टिकल का रूप ले लगा और स्क्रीन पर इस तरह का पार्टिकल पैटर्न और अगर वह डिटेक्टर नहीं जान पाया की फोटोन किसलित से आया तो वो इस तरह का इंटरफ्रेंस पैटर्न दिखाएगा और अपना वाव का फॉर्म मेंटेन करेगा आई होप यहां तक आप सभी को क्लियर है अब इसके बाद जॉन मिलर ने उन दोनों स्प्लिट्स के आगे एक फोटोन को दो क्वांटम एंटेंगल फोटॉन्स की जोड़ी में स्प्लिट करने वाले एक बीबी हो यानी बीता बेरियम बरेट क्रिस्टल को प्लेस किया अब इससे हुआ ये की
इस एक्सपेरिमेंट में आगे अगर एक में डिटेक्टर होगा लेट से डिटेक्टर वन और कुछ एक्स्ट्रा डिटेक्टर्स होंगे लेट से डिटेक्टर 2 3 और 4 तो अब डिटेक्टर वन तक पहुंचने वाले हर एक फोटोन का एक क्वांटम एंटेंगलड काउंटर पार्ट बाकी डिटेक्टर्स तक भी पहुंचेगी अब ये इंपॉर्टेंट क्यों है क्योंकि अगर हम डिटेक्ट तू थ्री और फोर पर किसी एक किम का पैटर्न देखते हैं तो इस सेटअप से वही से पैटर्न हमें डिटेक्टर वन पर भी दिखाई देना चाहिए क्योंकि दोनों क्वांटम एंटेंगल पर्स हैं क्योंकि पार्टिकुलर इस एक्सपेरिमेंट में व्हीलर ने डिटेक्टर वन और डिटेक्टर 4
को इस तरह से सेटअप किया था की दोनों स्लिप्स के फोटॉन्स कंबाइन होकर उन तक पहुंचे और इसीलिए वो डिटेक्टर्स पता ही नहीं कर पे की कौन सा फोटोन किसलित से आया था यानी की उनका पाठ इनफॉरमेशन ही इरेज़ हो जाए विथ सिंपली मिंस वो वाव वाला इंटरफ्रेंस पैटर्न दिखाएंगे और ऑन डी अदर हैंड उन्होंने डिटेक्टर तू और थ्री को इस तरह से सेटअप किया था किस ली तू वन के फोटॉन्स डायरेक्टली डिटेक्टर 2 पर जाए और सिलेक्ट तू के फोटॉन्स डायरेक्टली डिटेक्टर 3 पर जाए मीनिंग यहां पर डिटेक्ट तू और थ्री को एजीली पता
चल जाएगा की उन तक पहुंचने वाले फोटॉन्स एक्जेक्टली से आए यानी की फैट इनफॉरमेशन उन्हें मालूम है और थेरैफोर ये डिटेक्टर्स हर बार पार्टिकल पैटर्न ही दिखाएंगे सो अब जब आपको पूरा सेटअप पता चल चुका है और ये भी पता है की डिटेक्टर्स तू थ्री और फोर पर पहुंचने वाले हर एक फोटोन का एक क्वांटम एंटेंगल काउंटर पार्ट डिटेक्टर वन पर जाता है तो अब मैं आपको एक आम सेंस वाला सवाल पूछता हूं मुझे बताओ नॉर्मली डिटेक्टर वन डिटेक्टर फोर की तरह वाव वाला इंटरफ्रेंस पैटर्न दिखता है तो क्या डिटेक्टर तू और थ्री को एक्टिवेट
करने पर उसे इंसटैंटली पार्टिकल पैटर्न दिखाना शुरू करना चाहिए अब आई नो आप सोचोगे की उन तक पहुंचने वाले फोटॉन्स क्वॉन्टमेंटेंगल है तो हां ऐसा होना चाहिए डिटेक्टिव वन ने अपना वाव पैटर्न बदलकर पार्टिकल पैटर्न दिखाना चाहिए बट एक बार फिर से सोच लो क्योंकि एक्जेक्टली आते दिस मोमेंट व्हीलर ने एक ट्वीट एड किया उन्होंने डिटेक्टर वन को बाकी तीन डिटेक्टर्स के मुकाबला स्लट्स से थोड़ा नजदीक प्लेस किया यानी उसे तक फोटॉन्स पहले पहुंचने हैं और फिर बाद में दूसरे डिटेक्टर्स तक और सो इरेस्पेक्टिव ऑफ अगर डिटेक्टर तू और थ्री ने उन तक पहुंचने वाले
फोटॉन्स का पांच जान लिया डिटेक्टर वन ने तो अपना डिसीजन पहले ही ले लिया है और वो नहीं बादल सकता राइट बट गैस व्हाट जैसे ही हम डिटेक्टर 2 या 3 पर पार्टिकल पैटर्न देखते हैं पता चला है की डिटेक्टर वन ने भी वही शो कर रखा है यानी की संभव यह दूर रखें डिटेक्टर्स पर डिटेक्टर हुए फोटॉन्स की इनफॉरमेशन समय में पीछे जाके यहां पर जहां पर यह फोटॉन्स क्वांटम एंटेंगल जोड़ी में स्प्लिट हुए वहां पहुंच रही है और डिटेक्टर वन की और जा रही है और फोटॉन्स को बता रही है की उससे हम
सब पैटर्न दिखाना है तो एसेंशियली फ्यूचर से पेस्ट में इनफॉरमेशन ट्रैवल कर रहा है और पास के डिसीजन को इफेक्ट कर रहा है या सिंपली कहूं तो इफेक्ट कैसे से पहले होते हुए दिखे रहा है पी के सॉफ्टवेयर इस न्यूली डिस्कवर्ड कॉन्सेप्ट को रेट्रो कॉसेलिटी खाने लगे सो अब आप समझ सकते हो फ्रेंड्स की ये कितना ग्राउंड ब्रेकिंग एक्सपेरिमेंट था और इसके इंप्लीकेशंस कैसे लेवल पर हो सकते हैं हमारा जो दुनिया को देखने का नजरिया है जिसमें हम अरा ऑफ टाइम को एक ही डायरेक्शन में जाते हुए देखते हैं पास से फ्यूचर की और इस
पर इसने सवाल खड़ा कर दिया यानी की हमारी पृथ्वी कैसे बनी इस घटना ने इफेक्ट किया की बिग बांग कैसे हुआ सुनने में ही एब्सर्ड ग रहा है राइट और बहुत सारे पैराडॉक्सिस क्रिएट कर लगा ऐसा लगता है वेल अगर रेट्रो को सच में एक्जिस्ट करती है तो हमारे यूनिवर्स के लिए उसके एटलिस्ट तीन मेजर इंप्लीकेशंस निकाल सकते हैं पहले तो सुपर डिटरमिनिज्म रेट्रो कोसलिटी का प्रूफ होना मतलब यूनिवर्स में घाट रही सभी चीज ऑलरेडी फ्री डिटरमिन या सिंपली पहले से ही डिसाइड सो बेसिकली सारे इवेंट्स घटना के सीक्वेंस का इनफॉरमेशन पहले से ही सेट
है बस वो सभी घटना ब्रह्मांड में टेप रिकॉर्ड की तरफ प्ले हो रही जो कभी भी फॉरवर्ड या रिवर्स में प्ले हो शक्ति है किसी मूवी रिकॉर्ड की तरह दें नंबर तू इनफॉरमेशन पैराडॉक्सिस लाइक ग्रैंडफादर पैराडॉक्स क्रिएट हो जाएगा क्योंकि अगर ए ने बी को पैदा किया और बी ने सी को फिर अगर साइन ए को मार दिया तो टाइम को अगर हम फ्यूचर से पेस्ट की तरफ प्ले करें तो सीक्वेंस ऑफ इवेंट कभी कंजर्व हो ही नहीं सकता क्योंकि ए तो भविष्य में सी से मारा गया है तो वो पेस्ट में बी को जन्म
कैसे दे पाएगा और अगर बही दुनिया में नहीं आया तो सी दुनिया में कैसे ए पाएगा थर्ड थर्मोडायनेमिक्स का सेकंड डॉ भी ब्रेक हो जाएगा जो ये कहती है की एंट्रापी यानी इनफॉरमेशन ऑलवेज इंक्रीज विद टाइम सो यहां पर बेसिकली हम इनफॉरमेशन में बैकवर्ड जा रहे हैं जो की थर्मोडायनेमिक्स का डॉ आलो नहीं करता फोर्थ आइंस्टीन की स्पेशल थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी भी ये प्रूफ करती है की टाइम में बैकवर्ड जाना इंपॉसिबल है ये थ्योरी भी डिस्ट्रॉय हो जाएगी यानी इन शॉर्ट साइंस के सभी कर कॉन्सेप्ट्स की जो हमें अंडरस्टैंडिंग अभी तक है वो सब की
लेजिटिमेसी और एक क्वेश्चन मार्क ए जाएगा और इसीलिए फ्रेंड्स मेरे लिए पर्सनली और हमारे टीम के लिए बिलीव करना कहा की वाकई में सच है एक्सट्रीमली डिफिकल्ट था देस्पीते इस टॉपिक पर बहुत से अच्छे-अच्छे चैनल ने बहुत से वीडियो बनाए जो सभी इस एक्सपेरिमेंट को लेजित बता कर कनक्लूड करते हैं लेकिन गैस जैसे मैं आपको ये बार-बार याद दिलाता हूं की जिंदगी में ट्रॉली राशनल बानो और किसी की भी जस्ट कहानी सनी बटन को एक्सेप्ट मत करो जब तक आप पुरी तरह से लगी के लिए सहमत ना हो क्योंकि अंधविश्वास से रिलिजियस में ही मिलने
की संभावना नहीं होती बल्कि साइंस में भी आपको अंधविश्वास मिल सकता है और इसीलिए मामले की तहत जाना हमेशा जरूरी है तो मैं और मेरी टीम पुरी तरह से संतुष्ट नहीं थे और इसीलिए हमने और गहराई में रिसर्च करना शुरू किया जिसके बाद हमने कुछ ऐसा डिस्कवर्ड किया जिसके बाद पूरा गेम ही समझ में ए गया बस कुछ ऐसी चीज जो सभी से मिस हो गई थी बट देवरा वेरी कंसिस्टेंट विद क्वांटम फिजिक्स के सबसे ट्रस्टेड मॉडल ओपन हेगन इंटरप्रिटेशन सो क्या जॉन मिलर ने जो कहा था की इनफॉरमेशन पास में ट्रैवल कर शक्ति है
वो शत प्रतिशत सही है वेल डिलीट चॉइस मेरी इस एक्सपेरिमेंट में दो फंडामेंटल फ्लोज हमें मिले तो चलिए शुरू करते हैं धोती खोलना पहले फ्लो ये है की इन एक्सपेरिमेंट में जैसे ही एक फोटोन बीबी और क्रिस्टल से पास होता है वो बेसिकली दो काम लेकिन इक्वल एनर्जी वाले क्वांटम एंटेंगल फोटॉन्स में ब्रेक हो जाता है अब वैसे तो ये वर्ड नहीं है प्रोवाइड डेट क्वांटम रेसर एक्सपेरिमेंट मेजर्ली क्वांटम एंटेंगलमेंट पर ही बेचते थे पर उस इन एक्सपेरिमेंट में डबल स्लाइट बा क्रिस्टल के पहले प्लेलिस्ट होता है यानी की क्रिस्टल से पास होते ही ओरिजिनल
फोटोन के स्लाइट से आया था ये इनफॉरमेशन देने वाला फोटोन ही नहीं बचत और इस वजह से नो मटर व्हाट हार्ड डिटेक्टर पर आपको एक ही पैटर्न दिखेगा पार्टिकल नेचर देखने वाला नॉन इंटरफ्रेंस पैटर्न अब फिर ऑब्वियसली यहां पर ये सवाल आता है की फिर कुछ केसेस में इंटरफ्रेंस पैटर्न क्यों दिखाई दे रहा है सो इसका जवाब है इस एक्सपेरिमेंट का दूसरा मेजर फ्लैग दरअसल कुछ फिजिक्स का कहना है की इस एक्सपेरिमेंट में डिटेक्टर 2 पर सिलेक्ट वन के फोटॉन्स डिटेक्टर होते हैं और डिटेक्टर 3 पर सिलेक्ट तू के सो लिए लिटरली वो किस लेट
से आए हैं ये इनफॉरमेशन रिवील होने की वजह से उनका वाव फंक्शन कॉलेप्स हो जाता और वो अपने रिस्पेक्ट डिटेक्टर्स प्लस डिटेक्टर वन इन दोनों जगह नॉन इंटरफ्रेंस पैटर्न के रूप में अपना पार्टिकल नेचर शो करते हैं पर एक सेकंड अगर लेट से की मुझे डिटेक्ट तू के ऑब्जरवेशन को डिटेक्टर वन से कंपेयर करना है तो ऑब्वीजली मुझे डिटेक्टर वन जहां बाय डी वे दोनों स्लट्स के फोटॉन्स पहुंचने हैं उसमें से इसलिए 2 के फोटॉन्स के ऑब्जरवेशन को इग्नोर करना पड़ेगा तो मैच डी पैटर्न पर अगर मुझे सिर्फ ऑब्जरवेशन को मैच करने के लिए इसलिए
तू के फोटोन को इग्नोर करना पड़ा तो फिर ये तो शरीफ भिकिंग हो गई ये रेट्रो कोसलिटी कैसे हुआ और बस फिर इसी कन्फ्यूजन को वेरीफाई करने के लिए कुछ फिजिसिस्ट ने क्वांटम रेसर एक्सपेरिमेंट के ऑब्जरवेशन को ध्यान से स्टडी किया और व्हाट दे फाउंड आउट व्हाट शॉकिंग अगर आप डिटेक्ट तू और डिटेक्टर 3 की ऑब्जरवेशन को एक के ऊपर एक रख के प्लेस करते हो तो वही पैटर्न बंता है जो डिटेक्टर वन और फोर पे बंता है विदाउट शहरी पीकिंग ने की एक तरह से हम ये बोल सकते हैं की चारों डिटेक्टर्स पर शुरू
से ही एक ही पैटर्न बंता है बस प्रीवियस एक्सपेरिमेंट में चेहरे पी करके अपने साइड ऑफ डी स्टोरी को प्रेजेंट किया जा रहा था सो इन शॉर्ट किसी इनफॉरमेशन को पेस्ट में जान की कोई जरूर ही नहीं है और ऐसा हो भी नहीं रहा है अब फ्रेंड्स ये एक्सपेरिमेंट हम एक बहुत ही इंपॉर्टेंट बात सीखना है साइंस में ना एक पॉसिबिलिटी हमें कभी भी नहीं भूली चाहिए की कई बार साइंटिस्ट कुछ आउट ऑफ दी वर्ल्ड प्रूफ करने के लिए डाटा का इंटरप्रिटेशन अपने कन्वीनियंस के हिसाब से उसे करते हैं और एक ऐसी पिक्चर पेंट हो
जाति है जो उन्हें मशहूर बना देती है इसे चेरी पिंग ऑफ डाटा कहते हैं यहां पर अच्छा चंद से ऐसे ही कुछ हुआ उन एक्सपेरिमेंट द्वारा जो ये प्रूफ कर रहे हैं की फ्यूचर पेस्ट को इफेक्ट कर रहा है और किसी के भी पास इसका कोई वैलिड एक्सप्लेन भी नहीं था अब ये तो कुछ भी नहीं है साइंटिफिक कम्युनिटी में इससे भी कई गुना ज्यादा वही याद केसिस होते हैं जिन्हें सीधा डाटा फोर्जिंग या डाटा फेब्रिकेशन कहा जाता है जहां पर रिसचर्स अपने डाटा और स्टैटिसटिक्स को ही फेक करते हैं अपनी थ्योरी को सपोर्ट और
डी वर्स पार्टी आईटी इस नोट एवं रेयर क्योंकि साइंटिस्ट को ऐसा करने के पीछे बहुत करियर इंसेंटिव्स मिल जाते हैं जैसे पर एग्जांपल एक कैसे कुछ महीने पहले ही हाईलाइट हुआ और आयरन ही देखना गैस इस कैसे की सबसे बड़ी इरोनी एक रिसर्चर जो ऑनेस्टी पर रिसर्च कर रही थी इस का एक रिसर्च पेपर फ्रॉड और डाटा फेब्रिकेशन की वजह से उन पब्लिश कर दिया गया सो ऑनेस्टी पर रिसर्च करने वाली साइंटिस्ट ही निकाल गई डिशऑनेस्ट वह अब डिस्क्रिप्शन में मैं कुछ लिंक दाल दूंगा जो आपको इस विषय में एक इंडिफ्ट पर्सपेक्टिव दे देंगे और
इसीलिए फ्रेंड्स ये सबसे बचाने के लिए हमेशा ये दो चीज याद रखो नंबर वन हमेशा फर्स्ट प्रिंसिपल से स्टार्ट करो कॉन्सेप्ट्स को फंडामेंटली समझना की कोशिश करो नंबर तू साइंस कम्युनिटी में हमेशा कंसेंसिस को ज्यादा वेज दो क्योंकि उन कॉन्सेप्ट्स में जिसमें मोस्ट ऑफ डी साइंटिस्ट एग्री करते हैं वो यूजुअली ज्यादा नंबर ऑफ एक्सपेरिमेंट और ऑब्जरवेशन से प्रोवाइड और वाइडऐली एक्सेप्टेड होता है वो एंटीरे साइंस कम्युनिटी के पोजीशन को ज्यादा एक्युरेटली डिफाइन करता है उन पर हजारों रिपीटेड एक्सपेरिमेंट हो चुके होते हैं और नॉन कंसेंसस वाली थिअरीज के एक्सपेरिमेंट में हमेशा चेस होता है डाटा
फोर्जिंग का अब अगर आप एक साइंटिस्ट हो तो यहां पर बात थोड़ी सी अलग हो शक्ति है क्योंकि आपको कंसेंसस के बाहर का भी सोचना होगा और आपको ऑनेस्ट एक्सपेरिमेंट परफॉर्म करके देखना होगा की आपकी सोच सही है की नहीं बट व्यूवर्स के लिए ये पाठ फॉलो करना उन्हें मिस गाइड कर सकता है और फाइनली फ्रेंड्स एक छोटा सा रिलाइजेशन में आपको देना चाहूंगा आप बहुत सारे इनफ्लुएंसर पॉलीटिशियंस मीडिया आउटलेट्स को फॉलो करते हो और वो लोग आपको कई सर डाटा बताते होंगे यू नो अपने पर्सपेक्टिव को बैक करने के लिए अब जरा यहां पे
थोड़ा सा दिमाग लगाओ अगर साइंटिस्ट डाटा फोर्जिंग और डाटा मिस इंटरप्रिटेशन में फैंस रहे अपनी थिअरीज को प्रूफ करने के लिए तो जस्ट ट्राई तू इमेजिन साइंस फील्ड के बाहर ये कितना होता होगा मैं बात कर रहा हूं न्यूज़ मीडिया इन्फ्लुएंस द्वारा बिजनेस द्वारा पॉलीटिशियंस द्वारा राशनल मन सेट चीजों को फंडामेंटली समझना की कोशिश करो अब फ्रेंड्स इस वीडियो में आपने ब्रह्मांड के सबसे छोटे पार्ट इसकी स्टडी तो कर ली लेकिन क्या आपको पता है ब्रह्मांड का सबसे छोटा मेजरिंग लेंथ क्या है जो की सब एटॉमिक पार्टिकल से भी ज्यादा छोटा होता है वेल क्या
आपने प्लांक लेंथ के बड़े में सुने अगर आपने नहीं सुना है तो प्लांक सबसे छोटा मेजरमेंट है जो इतना छोटा है की इसके सामने समझ लो एटम भी पृथ्वी जितना बड़ा हो गया बट ये मेजरमेंट फिजिक्स में एक्सक्लूसिवली ज्यादा इंपॉर्टेंट है और वो क्यों है इस पर ऑलरेडी मैंने डिटेल वीडियो बनाई है जिसे आप यहां पर क्लिक करके देख सकते हो अगर आपको ये वीडियो देखकर कुछ भी एक लाइक जरूर ठोकना गेट इट्स लाइक साइंस चैनल को अभी सब्सक्राइब कर लो और बेल और ये आगे आने वाली हमारी कोई भी वीडियो की अपडेट आप प्रेस
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