कल चासोगा और सर पर अजीब सी टोपी पहने कुछ लोग एक घेरा बनाकर खड़े हैं बीच में आज जल रही है जमीन पर आड़े तिरछे कुछ चिन्ह बने हैं बैकग्राउंड में बचत संगीत और लैटिन भाषा में दोहरा जा रहे कुछ मंत्र सीक्रेट सोसाइटी या खुफिया संगठन का नाम जब हम सुनते हैं तो ऐसी ही छवि दिमाग में उपस्थित है इंटरनेट पर सीक्रेट सोसाइटी अगर ये कीवर्ड सर्च करें तो आपको एक नाम पढ़ने को मिलेगा एल्यूमिनती के नाम आपने फिल्मों किताबें और खुफिया कहानियां में कई बार सुना होगा कंस्पायरेसी थिअरीज की मैन तो इल्यूमिनती दुनिया का
सबसे खतरनाक संगठन है जिसके सदस्यों में बिल गेट्स और उप्रावंथी जैसे नाम शामिल हैं इन थिअरीज के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति जीजी कैनेडी की हत्या से लेकर देश के बीच युद्ध करवाने और सरकारी गिरने में संगठन का हाथ रहा है यह तो आप अपनी विवेक से ते कर सकते हैं लेकिन बकौल इतिहास इल्यूमिनती नाम का एक संगठन इतिहास में हुआ जरूर करता था क्या संगठन क्या थे इसके सीक्रेट नियम इसी पर बात करेंगे नमस्कार है आप देख रहे हैं तारीख जिसमें आज हम बात करेंगे दुनिया की सबसे मशहूर लेकिन उतनी ही खुफिया सोसाइटी इल्यूमिनती की किसी
की शुरुआत होती है साल 1748 राज्य हुआ करता था बावरिया बावरिया के इंग्लिश स्टार नाम के एक शहर में जन्म हुआ एडम वाइस हफ्त का वाइस हप के पूर्वज यहूदी थे बाद में उन्होंने साईं धर्म अपना लिया था आदम वाइस हाफ को धर्म धार्मिक कानून में बड़ी रुचि थी इसलिए बड़े होकर वो इंग्लिश स्टार्ट यूनिवर्सिटी में धार्मिक कानून के प्रोफेसर बन गए वो इस हाथ के सामने दिक्कत थी वो ये है की वो खुद पादरी नहीं थे जबकि यूनिवर्सिटी का प्रशासन परियों से चला था वह भी कोई आम पादरी नहीं बल्कि ये सभी रोमन कैथोलिक
चर्च के विशेष संप्रदाय जय स्वीट्स का हिस्सा थे जसवीट्स ऑर्डर की स्थापना 16वीं साड़ी में हुई थी और उनका कम होता था दुनिया भर में इसी धर्म का प्रचार करना आपको बता दें साल 1580 में ऑर्डर की उपाधि मुगल बादशाह अकबर के दरबार में पहुंचे थे वरना केवल उनसे खूबसूरत बनाने की इजाजत भी दे दी मैहर हम किस से पराई बैठने हैं जयस विथ ऑर्डर के तारे गर्दिश में चल रहे थे करण यूरोप के देश की जहां जहां पर कॉलोनी थी वहां सर कम शोषण और गुलामी से चला था वो लम्हों को बुरी हालात में
रखा जाता था जिसमें गुलामी के खिलाफ तो नहीं थे लेकिन गुलाम के साथ बेहतर बर्ट की वो वकालत करते थे यह यूरोपियन साम्राज्य कहतों के खिलाफ था इसलिए जसवीट्स बाजू ऊपर लगन लगाने के लिए उन पर प्रतिबंध लगा दिए गए जैसे खतरे में थे इसलिए मैं उन सभी को शक की नजर से देखते थे जो उनके ऑर्डर का हिस्सा नहीं थे एडम वाइस हाफ भी जस्विट्स का हिस्सा नहीं थे इसलिए उनको भी दबाने की कोशिश हुई इस बात से खींच कर वाइस आपने ऐसे दूसरे संगठनों की खोज शुरू कर दी जहां उनके विचारों को आजादी
माइल्स हैव तू धार्मिक कानून और तोर त्रिकोण में बदलाव चाहते थे उनका मानना था की धर्म को विज्ञान के साथ-साथ चलना चाहिए इन विचारों को बढ़ावा देने के लिए उन्हें साथ ही चाहिए थी इसलिए उन्होंने फ्री मिशन नाम के एक समुदाय जोड़ने की कोशिश की आजाद खयाल लोगों की बिरादरी थी रिमेंबर दर्शन और धन पर चर्चा करते थे फीमेल इस दुनिया के सबसे पुराने संगठनों में से एक है और 21वीं साड़ी में भी अस्तित्व रखना था बाकायदा स्वामी विवेकानंद भी अपने शुरुआती दोनों में समुदाय से जुड़े हुए हैं फ्री में सुधार खयालों के लोग लेकिन
उनमें पर्याप्त क्रांतिकारी सोच रही थी कम से कम एडम वाइस हाथ का ऐसा मानना था इसलिए उन्होंने ये ते किया की वह अपना एक अलग संगठन बनाएंगे तो ए गई एक मैं 1776 की तारीख रात के अंधेरे में भाई साहब और उनके कर छात्र इंग्लिश स्टार के पास एक जंगल में खट्टा हुए टॉर्च की रोशनी में नहाए हुए इन पांच लोगों ने प्रतिज्ञा ली प्रतिज्ञा ये की वो अपने संगठन को खुफिया रखेंगे और अपनी पहचान किसी से जहीर नहीं करेंगे उन्होंने अपने खुफिया नाम रखिए और अपने संगठन को नाम दिया इल्यूमिनती संगठन के कुछ नियम
ते किया गए वजन 30 साल से ज्यादा उम्र का कोई व्यक्ति संगठन का सदस्य नहीं बन सकता था साथियों विवेक और न्याय का प्रतीक माना जाता है इल्यूमिनती की शुरुआत के साथ ही जल्दी वो फैलने लगा इसके सदस्य जासूस जैसा व्यवहार करते थे और दूसरे संगठनों मसलन फीमेल में घुसपैठ करूं के सदस्यों को रिक्रूट भी करते थे रिक्रूट करने का भी एक पूरा सिस्टम होता था इल्यूमिनती का नाम जब भी आपने सुना होगा उसके साथ एक तस्वीर अच्छी होगी पिरामिड जिसके ऊपर एक आंख बने होती है पिरामिड इल्यूमिनती के स्ट्रक्चर को दर्शाता है इल्यूमिनती में
ये सदस्यता के 13 लेवल्स थे जो तीन क्लासेस में बैठे हुए थे सबसे नीचे का ताल उन लोगों का होता तो जो नए-नए संगठन में जुड़े होते थे इन्हें मिनरल कहा जाता था सदस्य बने के बाद ये लोग लीडर से ऑर्डर ले सकते थे और समूह की मीटिंग में शामिल भी हो सकते थे मिनरल क्लास कर भागन में बेटा होता था यानी शेर नोवेल्स मिनेर्वाल के बाद आता था इनका कम नए सदस्यों को रिक्रूट करना और उन्हें समूह के तोर त्रिकोण से वाकिफ करना होता था इस क्लास में पांच प्रकार के सदस्य होते थे अप्रेंटिस
फेलो मास्टर इल्यूमिनेट नेचर इल्यूमिनेट्स डी रेशंस तीसरा और सबसे ऊपरी चरण था समूह के सबसे ताकतवर लोगों का की वो लोग थे जो समूह के कार्यकाल निर्देशित करते थे इनमें भी अलग-अलग चरण होते थे प्रीस्ट प्रिंस मेगा किंग तो इल्यूमिनती करते क्या थे जैसा हमने पहले बताया लोग उदारवादी थे जिन्हें अंग्रेजी भाषा में लिबरल कहा जाता है ये सत्ता में सुधार के लिए हिमायती थे और चाहते थे लोग धार्मिक किताबें के बजे तर्कसंगत विचारों को प्राथमिकता दें मोटा माटी कहा जाए तो ये समाज में परिवर्तन लाना चाहते थे तो क्या ये ऐसा कर पे जवाब
नहीं शुरुआत में इल्यूमिनती को सफलता मिली कुछ ही सालों में इसके सदस्यों की संख्या 5 से बढ़कर ढाई हजार हो गई साल 1777 इल्यूमिनती के लिए सबसे अच्छा साल था उसे साल पुरैिया के राजा बने जो खुद उदारवाद के बड़े समर्थक थे उन्होंने परिवर्तन की कोशिश की लेकिन जल्द ही बावरिया के रईस उनके खिलाफ खड़े हो गए लिहाजाओर को पीछे हटाना पड़ा और इसी के साथ हो गई संगठन के थी रेट पर ले शुरू हुई इन ठिकानों से सरकार को संगठन के कई खुफिया दस्तावेज मिले जिनके अनुसार इल्यूमिनती सच में दुनिया पर राज करने और
दुनिया को कंट्रोल करने की ख्वाहिश रखना था एडम वाइस हाफ में खुद को संगठन के किंग यानी राजा का दर्ज दिया हुआ था वो खुद को पंचकस के नाम से बुलट था ये सब बातें जब बाहर आए इंग्लिश स्टार्ट के ट्यूब में इल्यूमिनती पर प्रतिबंध लगा दिया और एडम वाइस हाफ को देश निकाला दे दिया गया माना ये जाता है की इसके बाद इल्यूमिनती पुरी तरह से खत्म हो गया हालांकि सब ऐसा नहीं मानते कई लोग ये मानते हैं की इल्यूमिनेजेस के बाद भी कायम रहा साल 1797 में बबेरिया के सम्मानित व्यक्ति जॉन रॉबिंसन ने
इल्यूमिनती पर एक रिपोर्ट लिखी जिसके अनुसार इसके सदस्य फ्री मिशन और जैकोबिन से जान मिले थे और यहां भी उन्होंने अपने विचारों की घुसपैठ कर दी जयपुरी उसके साथ नाम जोड़ने के करण इल्यूमिनती का नाम जिंदा रहा क्योंकि जैकबिंस फ्रांस का एक राजनैतिक क्लब था जिसने फ्रेंच क्रांति वंजम देने में एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी यहां से इल्यूमिनती का नाम एक मिथक बन गया क्योंकि ऐसा माना जान लगा की जो संगठन फ्रांस जैसे ताकतवर साम्राज्य में क्रांति करवा सकता है वो बाकी जगह भी ऐसा कर सकता है साल 1798 में इल्यूमिनती का भूत अमेरिका
भी पहुंच जो अमेरिका राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन ने चिट्ठी मैंने खतरे का जिक्र किया यहां तक अमेरिका के तीसरी राष्ट्रपति थॉमस जेफरसन पर इल्यूमिनती का सदस्य होने का आप भी लगा रीलिमिनेट की कहानी यही पर खत्म नहीं हुई 21वीं साड़ी में भी कई लोग हैं जो ये मानते हैं की इल्यूमिनती आज भी जिंदा है और इसके ताकतवर सदस्य पर्दे के पीछे से दुनिया को कंट्रोल करते हैं हम कहेंगे इल्यूमिनती एक मिथक है जो 18वीं साड़ी के छोटे से संगठन का नाम हुआ करता था लेकिन फिर हमारे ऐसा खाने से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि जो लोग
इल्यूमिनती में विश्वास रखते हुए ये भी मानते हैं की इल्यूमिनती का कोई सदस्य है ऐसी ही बात रहेगा बरहाल आज के किस को यही पर विराम देते हैं यह तमाम जानकारी आपके लिए लेकर आए थे हमारे साथी कमल भाई आप जुड़े रहिए लल्लन टॉप के साथ बहुत-बहुत शुक्रिया [संगीत]