झाल में भिगो में पड़े हुए जानते हैं कि आंखों को कितना भी दिखाया अंत में यह जल जाएंगे जीप को कितना भी चखाया स्वाद अंत में जल जाएगी संसार की बहती धारा समय बीत रहा है सुबह दोपहर शाम रात फिर कल सुबह यौगिक जिंदगी के दिन बीते नहीं पाया जाता है जो कुछ है वह तो छोड़ना छोड़ना छोड़ना पड़ेगा उसके पहले छूट है हुआ है [संगीत] के दामों रक्षति कीर्तन हाथ है कि भगवन्नाम की कीर्ति गुण गान एक दम की रक्षा कराते धर्मो रक्षति रक्षीताह जो धर्म की रक्षा करता है धर्म उसकी रक्षा करता है
यह सचमुच में प्रदेश से संतुष्ट और सुखी कौन होते बोले धर्मात्मा दुरात्मा धनवान हो सकता है इस दुरात्मा 57 हो सकता है कंस रावण आने लेकिन रवैए से संतुष्ट तो जनक राजा हो सकते हैं जैसे संतुष्ट तो राम जी हो सकते हैं कृष्ण जी उग सकते हैं को नर्म के बिना हृदय का सुख नहीं आएगा द्वारा मतदान प्रति नरम तीव्र प्रतियोगिता ज्ञान है कि श्रीमद् भागवत में में ए राजा पृथु की संख्या दृश्यों का धर्मपूर्वक आगत का स्वागत विधिक प्रार्थना करते प्रभो शुरू हो गई जब बसंताणी खोला संत की सेवा करके प्रसन्न करके फिर सवाल
पूछा जाता है यह प्रश्न संतुष्ट हुए फिर फूले ने से मसाज आज्ञा हो तो प्रस्तुत करें वाले बोलो कि हम संसार में फंसे हुए राजकाज में फंसे हुए हैं में भिगो में पड़े हुए जानते हैं कि आंखों को कितना भी दिखाया अंत में यह जल जाएंगे जीप को कितना भी चखाया स्वाद अंत में जल जाएगी ऐसे ही इस तरीके स्पर्श से काम विकार कितना भी बहु इससे शांति तो मिलने वाली नहीं आई से खत्म हो रही है तंदुरुस्ती नाश हो रही है नाड़ियों को नीचे आ जाता है महाराज हम जानते हैं हैं लेकिन फिर भी
वही करते हैं सूखे लिए हैं हैं देखना सुंगना पर्स करना स्वाद लेना चिपका है है तो हम जैसों को सच्चा स्वाद कैसे खेले हैं [संगीत] एक सच्चे स्वास्थ्य के बिना जीव बंधन में पड़ता है यह बात हमने महाराज शास्त्रों से संतों से सुनिए सच्चा आत्मा का सुख नहीं मिला तब तक चीजों का बंधन चालू है मुक्ति नहीं होगी जैसे पतंग उड़ा दिए में सुख खोज कर तप मरता है मछली कुंडली में जीप का सुख लेने को ललित किशोर फस मारुति कि भड़ास सुगंध में फस मरता है हिरण शब्द में फस मरता हाथ स्पर्श में फस
मत पूरे एक इंद्रियों के सुख में अपने प्राण गंवा देते मनुष्य पांचों इंद्रियों के विकारों में राजा है तो ज्यादा सुविधा बेकार में गिरने की सुविधा लेकिन वास्तव तो गरीब को अमीर जितना खुशियों का संसार के जितने ज्यादा मन अशांत स्वात जानते हैं लेकिन फिर भी जाता तो हमारे जैसे कृत्यों में इंद्रियों को इस तरह के वातावरण में गर्मी और व्यवहार में तो काम करो दरअसल कपट झूठ से भरा हुआ था इसीलिए घर में रहकर भजन तो करते हैं लेकिन बरकत चली जाती हैं क्योंकि धर्म हो जाता झूठ कपट का काम है हैं तो हमारे
जैसों के लिए सद्गति का उपाय आप जैसे समर्थ तमारा दिवसाचा संत मंडल प्रमुख अतिथि साक्षात्कार हमको सच्चा सुख कैसे मिले हम लोगों के उद्धार का कोई उपाय आप ही बता सकते हैं कि भागवत के चौथे खानदान का 22 वां अध्याय प्रथम राजा ने है की तनख्वाह दृश्यों का सनत कुमार का स्वागत करने के बाद उनकी सेवा करने के बाद आप देख सकते हो कि वशीभूत इंद्रियों के भोग के वशीभूत से हम कुछ जीव ऐसा नहीं करता तो धूप नहीं इंद्रियों के भोगों में पड़े हुए हैं है जैसे कीड़ा नाले में खुद आता है सेम पांच
नालियों में खटमलों के लिए तो सनत कुमार जैन की आज का प्रश्न नहीं तो मारे हैं को उज्जवल का ठेका सु राष्ट्र संघ का दृश्य ने कहा कि देखो तो के व्यवहार और कर्म के वशीभूत होने पर भी अ कि जीवन में शास्त्रवचन पर विश्वास का सदगुण है इसका फायदा उठा दूसरी बात है कि धर्म का आचरण धर्म-कर्म क्या है ना कि दूसरे के दुख निमित्त हंसते के साथ इस दुनिया को कौन बुलाता गांव में सुख-शांति के तो सब तरफ कि भागवत धर्म का आचरण करें भगवत्सुख लेने का करीयर भगवत सुख बाटने तीसरी बात है
MP3 नहीं रहेगा फिर भी जो रहता है वह कौन है मृत्यु के बाद भी जो रहूंगा मैं कौन हु की खोज चौथी बात है कि अपने उस खोज के ज्ञान उयेदा दृढ़ निष्ठा से के साथ बातें पांचवें बात यह कि भगवान की उपवास भगवत्प्राप्त महापुरुषों और भगवान उन्हें गिद्ध दृष्टि निगरानी करो फिर आंख बंद करके उनको इससे आपका मन और प्राण उपकेंद्रों को सबस्क्राइब भी आसानी से [संगीत] Bigg Boss को मतलब अ [संगीत] 16 ठीक बातें कि नित्य भागवत कथा का श्रवण करें तो सनकादी ऋषि को की प्रार्थना करते हुए अब तो तू क्या जाने
को अपने चित्त की दशा का वर्णन किया है चित्तौड़ राजा को सनकादि भगवान कहते हैं कि मनुष्य को धर्म का आचरण तत्व ज्ञान ज्ञान उठा हरी की उपासना नित्य कथा श्रवण करना चाहिए जगत की वार्ता से राधे पड़ता है कि भगवत कथा से राग-द्वेष मिटता है तो शंका दृश्यों का उपदेश इतना सारगर्भित था कि के विरुद्ध राजा का चित्र की हिम्मत करने लगा कर मारा तो फिर राज्यपाठ में भी हम तो इश्वर प्राप्ति कर सकते हैं मुझे प्राप्त इश्वरी होते हैं बाकी सब प्रति यह मिल गया वह मिल गया वह मिल गया वह हकीकत में
मिला हुआ दिखता है आपके पास टाइम नहीं मिला मिला करके ऊपर जो तुम्हारी नासमझी के संस्कार के पद से हटते ही ईश्वर आपके साथ पहले थे और आपके साथ हैं और मरने के बाद सब्सक्राइब नहीं छोड़ सकते जो साथ नहीं छोड़ सकते हो सकता है जो साथ छोड़ देता वह सख्त नहीं है है जो साथ नहीं छोड़ सकते वह चित्र है जो साथ नहीं छोड़ सकता हुआ आनंद है तो आप मरने से डर नहीं और दूसरे को डरावने क्योंकि आप मरते नहीं तो वह एक बात वक्त सिर धो शाखा निकली चित्र आपके अंदर भी चिंतन
और चेतना है दूसरे के अंदर भी तो आप सत्य है चित्र है [प्रशंसा] फिर आप आनंद है थे तभी आंख देख सके और आनंद प्रदेश में आता है कान बढ़िया सुनते तो आनंद यहां आता है तो आनंद सत्य-चित्र आनंद यह तुम्हारे आत्मा का स्वभाव तो उसका एकांत में बैठकर मनन करना चाहिए इसके बड़ी सुंदर है एक अनंत महिमा है और हरि बाबा उड़िया बाबा कि यह समकालीन मित्र संत थे [संगीत] मैं तो एक बार हरि बाबा ने कथा सुनाई कि हम बच्चे थे तो कि हम बच्चे थे तब खेल रहे थे तो एक साथ मिलाकर
हमारे साथ खेलते थे हम तो छोटे और मधुमेह मैं तुम्हें अच्छा लेकर आते और चोला टांग देते पेड़ और फिर हमारे साथ खेलते तो हम तो बिजली की नहीं देते हो जरा मधे गाव के पीछे पड़े हो कि एक बार बाबा भिक्षा लेकर आ रहे थे यह बात बता रहे हैं कौन हरि बाबा कि हम लोग शांत हो गए तो हम आपस में 360 दूर रहते थे अलग-अलग तो शाम को सबस्क्राइब करना न भूलें वह साधु बाबा बाबा ने सुना कि खनन की बात को सुना और बिलकुल सच्ची है मैं तो एक बार बाबा झोला
लेकर पेड़ पर टांग ने को आ रहे थे उनके पीछे कुत्ता कुत्ते को वापस आ कि मेरे खाने भर का है तो कुत्तों कि आप पूछ लिया फिर धागे को पीछे छोड़कर नहीं नहीं मिलेगा वापस हैं तो फिर भी को तैयार है मैं होटल लौट जाए तो बाबा के तरफ और रिवर्स में कुत्ता अश्लील टॉप गैर मेज़ के तरफ मर्द तो हम सब नियुक्त कौन सा मंत्र गाड़ी और सब्सक्राइब करें लेकिन पिछले गाने को फिर से कि भगवान का बिल्कुल सर्कल मंत्र है आसमान में की पहचान उबले अब बताओ वो बोले एक में साहब और
सब में एक जैसे एक ही सागर में सप्तरंग पार्षद रहेगी सागर में एक में सब समय बस हां बाबा जी तो ऐसा बताकर चलेगी फिर आए नहीं लिखे लेकिन हम लोग आप में से कितने बुनेंगे लास्ट नियुक्त बदले बदले उन्हें नियुक्त जिंदगी में पूरी करें अ है तो भगवान सनकादी ऋषि कहते हैं कि राच्य करते हुए अगर ईश्वर प्राप्ति करनी है है तो भोगियों की गोष्टी नहीं लेकिन कभी-कभी संतों की चर्चा सुनी नियुक्त तो फिर एकांतसेवन साल में 2 महीना एकांत चले गये दो-तीन महीने में रफ्ता रफ्ता एकांत चले गए चले गए उससे आप शक्तियों
का संग्रह स्वास्थ्य शक्तियों का प्रभाव बहुत है कि एकांतसेवन 139 मां सद्गुणों अहिंसा मन से कर्म से वचन से किसी को सताना दुखी करना दसवां है आप कि निवृत्त होते ही 50 साल हो गए अपना हाथ समय खींचते चाहिए पिस्ता निशान हो गए बयान के बाद अलार्म शुरू होती है शरीर के अंगों को सबस्क्राइब पता चलता है कि बुढ़ापा तो फिर आप थोड़ा प्रति-संसार की कोशिश अपने मन को अपने चित्त को समझते हैं के 11वें बात है कि आत्म के हित का अपने मुक्तिका अनुसंधान करें मर गए कोई गधा बना देख प्रकृति बूढ़ा बना लें
इस चूर्ण बना दें फिर एक बनकर भटके ऐसा नहीं यह सारा का सारा याद आ रही है और तुम्हारा क्या मरने के बाद है के नेताओं को सेट कर लिया बेटी को सेट कर लिया मैसेज को सेट कर लिया लेकिन को सेट करने में तुमने जो कर्म के वह आपसे ठोकर भटकोगे तो उसका क्या तो आपने को सेट करने के लिए आत्मानुसंधान है कि आत्महित अपने आत्मा के उद्धार का प्रयत्न तत्परता से करना चाहिए स्पष्ट हो गए तुरंत पता लगना चाहिए में निष्काम भाव से 16 कर्मों के नियमों का पालन किया जितने लोगों के आंसू
पोछने इतने लोगों को हंसा आऊंगा इतने लोगों के दुख दूर कर लूंगा नहीं तो इतना कुछ न कुछ संकल्प कर दो मैं तेरी बात यह है कि हे राजा पृथु निंदा किसी की सुनना नहीं और करना नहीं क्योंकि पर निंदा समग्र नख या फिक्र आज की राजनीति धमना करो आरोप लगाया आरोप लगा कर दाताओं दूसरा आरोप लगे बिजली कृषि है लेकिन और कुर्सी में भी फिर बरकत नहीं आती कि उस कुर्सी के बाद भी कोई तसल्ली नहीं मिलती जीवन में संतोष सुख नहीं मिलता मिलता है क्या को फिर से मिलने के बाद भी सुख-शांति मिलती
प्रभु ने मिलते मार अमीर वितरण शरीर वे कभी अनुदान आयोग ने तो अपना बैलेंस नहीं होना चाहिए है तो सुनो तात माया-कृत गुन अरु दोष अनेक अ में माधवगढ़ पर के दुश्मन ने माधव से राजा के किले को घेर लिया का मिश्रण मिलकर घेरा डाला आ सेनापति यह वह चारों मिल गए चारों दिशाओं के दुश्मन हम लोग है है अब हम अरे अब हमारे इतने में कटियार आया कि राजन आपके सेनापति तो थके हारे हैं है और कुछ से ना मरे आप मुझे एक दिन के लिए की कमान सौंपी व कि मैं माधवगढ़ की हार
को जीत में बदल कि आपको दे दूंगा मैं और क्या करोगे कैसा करें तो यही नहीं पूछेगा है तो बस इस वक्त यहां लेकर ने मेरे को सौंपी है थे कटर के बाद में कुछ दम था दम क्यों होता है कि कुछ ना कुछ जीवन में व्रत होता है कुछ नियम होता है इससे टमाटर और दमदार आदमी सोचता है तो उसे सूजी जिसके जीवन में गांधी जी हर सोच विचार करके निर्णय लेकर अंग्रेजों को भागना पड़ा है है जिसके जीवन में कोई व्रत नहीं है उसके जीवन में कोई ताकत नहीं कोई दम नहीं अजय को
है तो कोई न कोई जीवन में अच्छे कर्म का व्रत दें तो आपके मनोबल होगा तो उसमें फिर बुद्धिबल का भी विकास होगा और सुलझी हुई गुत्थी को सुलझाने की प्रणाम विजय जी है तो कटिहार में दम है कि राजनेता अच्छा कि एक दिन के लिए तुम राजा अ कल शाम होते-होते खबर है कि हमारी हार-जीत में बदल गई और शत्रुओं से ना सिर्फ आठ पैरों के भागता है एक बड़े आदर सत्कार से दूसरे दिन कटिहार ऐप को लाया गया बहुसंख्यक रघबीर सलमान के बाद बोला पूछा कि एक दिन में हमारे हैं कि भारत को
तुमने जिसमें कैसे बदलते बोले राजन शर्मा तो इसमें क्या बड़ी बात है वो बोले हमारी सारी सेना मां पुकार रही थी यह सारे शरणागत होने की सलाह दे रहे थे और पूरे भारत में कुछ दम लगा हमने हम और तुमने हमारी हार को जीत में बदल दिया है जी हॉल हमने देखा कि इस जार हम मिल गए हमारे देश की हालत हो रही है भगवान कुछ सुझाई है है तो भगवान तो सूझ-बूझ के साथ है चित्र आनंद है भगवान का चिंतन करने से प्रेरणा मिली चेतन मशहूर ना हो थोड़ा आनंद आया आनंद आया तो मतलब
स्क्रब करने सब्सक्राइब करें तो इधर से जुड़ना है सूत्रों की जंगल में शेर जंगल में है कि मधुमक्खी के डिपो लगे मधुमक्खियों में शहद क्यों मधुमक्खी उसके बहुत खैर हमें तो ठहरा था झालर मैंने उठाया अ प्यार ममता और सैनिकों और हम तो यहां यह पदम मधुमक्खियों का उपयोग कर नियुक्त करें और है में माधवगढ़ का किला सुरक्षित हवाई जहाज बुक स्वामी तो मेरे को क्यों है मैं तुम्हें ने अपने मांगीलाल में बराबर निशान हमारा बैक बैक टू चारों तरफ मतलब अ आप चाहें तो इसे नियुक्त उधर मध्य पे सब्सक्राइब subscribe [प्रशंसा] पे क्लिक करें
करो रावण रावण रावण रावण झालदा पधारो गुरु महाराज धुंध राजा ने वीरवार तक ऐसा घृत घृत रा दाणा व कि नारद जी कहते संसार तापे तपता नाम योग परमाणु संयंत्र के तीन तापों से तपते हुए अभियुक्त योग परंपरा व और कर्मयोग भक्तियोग ज्ञानयोग तुमने ज्ञान योग सुना हरिओम तो कर्म योग योग सेवा आयोग ने सबको अपने-अपने कर्मों में कुशलता है कि तुम माधवगढ़ का किला जीता यह कोई बड़ी बात नहीं लेकिन कुछ ऐसी बात भी जुबान के द्वारा वीरवार श्रवण को सबस्क्राइब गांधी से प्रभावित 10 साल की उम्र में नई नियुक्ति सब्सक्राइब बड़े श्रवण राम
दास जी उनको नंबर प्रशांत शर्मा ए है तो पहले तो थोड़ा विश्वास हो गया 10 साल में आंखें चली गई अंधे हो गए हम में आत्मकथा अवसर मिला तो उससे मिलने भगवान के चरणों में भक्ति प्रसून अर् तो फिर तो चले गए हैं थे हार्ट कि उसकी शरण में आए तो आनंद हो गए हैं कि उन्होंने की बात बताएं कि पति चला गया बेटा 0 की मां अकेले घर में कोई आमदनी ने एक बंदा था जिसका नाम था आसफ था कि उस बैंक के द्वारा खेती होती थोड़ी-बहुत वर्ष भर उसी से गूंज रहा था उसको
झाल है तो लोहरदगा के इस कमाई का तो कोई नहीं है तो खेत और मकान हड़पने के लिए उन्होंने चक्कर चल रहा है है तो भूखे लोग व्यवसाय और उसको सामान उठाकर दूसरी जगह सब्सक्राइब विरुद्ध युद्ध अपने स्वरूप आपके पास क्रश खोलो वो बोले शत्रु भैया कि अब तो किस्मत रूठ अब तो भगवान ही आपके हमारे रक्षक अ कि आप चलो यहां से चलें अ कि खेत और घर तो बोल दे रहा है है जहां तुम हां यह तुम शत्रु भैया और बैल के आगे भाई ने अपना दुख अरोड़ा वह कैसा परमेश्वर अंतर्यामी बैल के
द्वारा भी सुनने को समर्पित है व्याख्या लोग अ है और जैसे भगवान शिव सदस्यों का अभिनंदन करता है ऐसे शत्रु को खोलकर ले जाना चाहूंगा हर दम पर हम बर्ताव कुंडों के पीछे किसी को झटका मारा तो किसी को लात मारी तो किसी को सब्सक्राइब करें सब्सक्राइब अपना घर संभाले बैठे रक्षक बल के द्वारा वीरवार दाता री जय हो महाराज शुक्रवार लूणा मारा कानुडा महारा इस मुद्दे तारी मानो पापा हमारी बुलेट पार्वती इन अध्ययनों हमारी वास नो पावणा रावण समानुपात लुट-लुट प्रेग्नेंट करो धन्यवाद तरफ भगवत लुट लुट अभी तो भगवान को लिया है MP3 बड़ा
निष्ठुर है मैं भी अच्छा हूं और मेरा घर बादशाह छुड़ा दिए आपने तरह बुलाया वह आधा इंच मैंने उधर कारण ऐसा कठोर ऐसा करके सुनाते फिर तेरे को में कैसा बोलता हूं तुम को भी तो ऐसा कुछ नहीं करता है दयाघना गंभीर विट्ठल एवं मधुमेह मेरा ब्राउन अधिक मां-बाप बॉब मेरे प्रभु मोस्ट विटल आप ओम विठला विठला विठला विठला विठला विठला पांडुरंग कि उनका पिस्टल धारियों विट्ठल कि हकीर साईं का जप ध्यान करते-करते अंतर्र जगत मशीन है और मधुमेह होने की यात्रा में में प्रवेश पा चुके थे फकीर साईं को कि दुबई सुखों की कोई
इच्छा वासना नहीं सकते हैं इस बार की तड़क-भड़क में अपने कोई रुचि नहीं एक कंपनी पहन लेते थे पढ़िए पढ़िए कौन है कि सर्दियों के दिन थे इस तरह की अमीर साईं धूप खा रहे हैं कि उसका अपनी में उस लंबे कुर्ते में जुएं पड़ गई थी अजय को कि गडरिया अरे ले ले है जो मैं निकाल देना अ है कछुए उतार कर दे दी और धूप खा रहे हैं सुबह की धूप 10 मिनट बड़े हितकारी होते हैं और दोनों घुटनों के बीच सिर रखें आपने उस राम रस की शांति में संत मिर्च साईं [संगीत]
का अंतर सुख में सुखी मेह कि इतने में बच्चे आए हैं ऑन करो को बच्चों ने देखा कि राजा साधारण और मिठाई लार हमें मिठाई खाने को मिले हैं कि खुशी-खुशी में बच्चों ने तालियां बजा रहे हैं ओ मेरे साईं ने सिर उठाया मलिक व जुए मिल गई मुझे नहीं मापा ए राजा हैं मिठाई लाए आपको प्रणाम करेंगे मिठाई इसलिए ताले लटके मिले मां-बाप शांत दूसरा है ए राजा या मिठाई रखी दंडवत प्रणाम किया बैठे राजा जल्दी ढ कि आखिर मिर्च साईं मैं अपने फकीरी मस्ती में है मैं मस्त मैंने ऐसे ही महाराष्ट्र में बड़े
प्रसिद्ध नागेश भट्ट जिनके ग्रहण और सुनाओ कि शब्द व्यंजनों शेखर अ की परिभाषा इंदु शेखर और मंजू की मंजूषा करत ह व्याकरण का ग्रंथ लिख रहे थे बड़ा भय व्याकरणाचार्य अ कि बाजीराव पेशवा महाराष्ट्र सम्राट को के जानकारों ने कहा कि महाराष्ट्र के नागेश भट्ट एकांत जगह पर इतने बड़े जागरण अब श्रेष्ठ ग्रंथ उनका को तैयार हो रहा है कि पाणिनी मुनि के ब्रह्म सूत्र पर व्याख्या योग्य कि बाजीराव पेशवा ने हुआ है में बहुत अपने लिखने में आ ग्रंथों का अनुवाद में मशगुल बाजीराव पेशवा ने प्रणाम किया है कि महाराष्ट्र में बाजीराव पेशवा राजा
है कि आपके खड़े की सेवा करना चाहता हूं आप इस जो अपनी में रहते मुझे कोई सेवा दी है वो बोले पानी नेता सूत्र इसका अर्थ जरा मुझे समझ में नहीं आता पतंजलि गरम महसूस योग दर्शन जरा व्याख्या महाराज क्षमता है कि इस विषय में दोस्तों आप कह जाना फिर क्या मदद करेगा तो कि रेखा तो अ 248 की कोठियां है अ खाने को मिल जाता है और चांद और सितारों के लुट मिल जाती है दीया जलाने में कि यह सब चीजें नहीं चाहिए मेरा तो यह ग्रंथ है जिसका अर्थ मेरे को जरा और बताओ
तो ठीक है नहीं तो चलेगा कि ऐसे सिलेक्शन इस पर हो गए उनको तो पता भी नहीं होगा कि आसाराम बापू नगर हमारा नाम भगवत कथा में आ का नाम की भी पढ़ी नहीं होती क्योंकि नाम और रूप तो शरीर का है युधिष्ठिर लेकर चल पड़ते तो चल आप भी अपने जीवन में भगवत शांति का भगवत्सुख भगवत ज्ञान मुक्ति का उद्देश्य और उसके पुशअप निगम का कोई न कोई प्राणी अल एक बार जरा में एक छोटी सी ई एक रस्सी बैक के नारे लाने में सक्षम हो जाते हैं इस संसार की बहती धारा है समय
बीत रहा है सुबह से दोपहर शाम रात फिर कल सुबह यॉट जिंदगी के दिन बीते नहीं पाया जाता है जो कुछ है वह तो छोड़ना छोड़ना छोड़ना पड़ेगा उसके पहले छूट छूट का ज्ञान बुद्धि छुट्टी बुद्धि का मुद्दा ओम ओम [संगीत] कि हरिहर ओम ओम [संगीत] लुट कि हरी ॐ हो कि हरी घास ओम ओम कर दो मैं नाच्यौ [संगीत] झाल