[संगीत] आज शनिवार को बाबा जी के साथ प्रश्न उत्तर हुए सेशन के दौरान पहला क्वेश्चन किसी ने बाबा जी से पूछा कि बाबा जी मन भजन सिमन में नहीं लगता क्या करें बाबा जी ने फरमाया जैसे हमने मन को बनाया था वह वैसा ही प्रभावित हो गया है मन प्रभावों के नीचे बहुत जल्दी आ जाता है लेकिन हमने यह सोचना है कि हमारे लिए क्या सही है क्या गलत भजन सिमन नहीं करेंगे तो आगे कैसे बढ़ पाएंगे अगला सवाल बाबा जी हमने डॉक्टरों के बड़े चक्कर काट लिए क्या अब हमें डॉक्टरों की सलाह के साथ
चलना चाहिए या क्या करना चाहिए बाबा जी ने फरमाया कि देखो जो राहत है ना वह मालिक देगा डॉक्टर इलाज कर सकता है पर अच्छा मालिक ने करना है अगर मालिक ने यह चीजें हमारे लिए बनाई हैं डॉक्टर हकीम वैद वगैरह तो इन सब का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए ताकि हमें जल्दी आराम आए बाबा जी मैं कैटरिंग का काम करती हूं कई बार मुझे बहुत ही ज्यादा ऑर्डर आ जाते हैं तो उसकी वजह से मुझे भजन सिमरण का बिल्कुल टाइम ही नहीं लगता तो मुझे क्या करना चाहिए और फिर बाद में मुझे गिल्टी महसूस होती
है बेटा गिल्टी कैसी जो मालिक ने हमें जिम्मेदारी दी है अगर हम उसी के ऊपर ध्यान रखेंगे तो दबाब के हेट आ जाएंगे आप अपने आप स्लो स्लो कोशिश करें और आहिस्ता आहिस्ता धीरे-धीरे टाइम को बढ़ाए जब बाहर का माहौल बनेगा फिर ही हम अंदर का माहौल बना पाएंगे बाहर की सेवा तो सिर्फ माहौल बनाने के लिए है असल सेवा भजन शमन की है जिसके ऊपर हमने ध्यान देना है और बाबा जी जो गिल्टी की वजह से मुझे गुस्सा आता है और घर वाले भी मुझे कहते हैं कि तू गुस्सा करती है बेटा देखो अगर
आप नेगेटिविटी की तरफ ध्यान दोगे तो नेगेटिव हो जाओगे अगर पॉजिटिविटी की तरफ ध्यान दोगे तो पॉजिटिव होकर चलोगे तो आपका फायदा होगा छोटी-छोटी चीजों पर नाराजगी अगर हम क्यों करनी है जो हमें मालिक ने दिया है उसकी कदर करो अगर हम उसकी दी हुई चीज की कदर करेंगे उसका शुक्रिया अदा करेंगे उसका शुक्र करेंगे तो मालिक अपने आप बख्श करेगा मालिक उस चीज की अपने आप जिम्मेवारी लेगा बाबा जी रूहानियत क्या होती है रूह का रास्ता बाबा जी मैंने महाराज चरण सिंह जी से नाम दान लिया हुआ है मुझे अंदर का भेद अंदर का
रास्ता नहीं पता चला बाबा जी इस पर मुस्कुराए और फरमाया ओ बीबी तू का अरला करना है संगत में हसी हम कौन सा अंदर का भेद पहचान रहे हैं अगर हम यह सोचे ना कि यह हमारे बस की बात है तो यह हमारी गलतफहमी है यह हमारे बस की बात नहीं है हम चाहे जितना मर्जी भजन सिमन कर ले हम कई आकर हां जन्म भी ले ले ना तब भी नहीं कर पाएंगे बाबा जी मुझे अंदर से कुछ नहीं मिला बेटा हमारी करनी से कुछ नहीं मिलेगा हमें परखो में नहीं जो कुछ हो रहा है
हमें उसे होने देना है उसके हुकम में रहकर भजन सिमन करना है हुकम मनि पाई बाबा जी कई बार लोग हमें बुरा बोलते हैं तो हम उनसे लड़ते हैं तो क्या हमें उनको जवाब देना चाहिए बेटा पहली बात तो यह है कि हम किसी से लड़ते ही क्यों हैं अगर कोई हमें माड़ बोलता है बुरा बोलता है तो क्या हम बुरे बन जाते हैं जोने हम कह दिया अगर किसी ने हमें गधा कह दिया तो क्या हम गधे बन गए बाबा जी मेरा ध्यान बहुत भटकता है क्या करूं मैं मुझे कुछ समझ में नहीं आ
रहा बेटा ध्यान इसी करके भटकता है क्योंकि हमारा मन भागी हुआ बैठा है क्योंकि हम अपने मन का ध्यान इन्हीं सब चीजों में लगाते हैं जो बोलता है बोली जाए अगर हम उसके ऊपर ध्यान ही नहीं देंगे तो हमारा मन नहीं भटके उन चीजों की तरफ हमारा ध्यान नहीं जाएगा बाबा जी जब हम भजन सिमन करते हैं तो हमारा मन बहुत ही दलीले देता है टिकता ही नहीं है कभी कुछ सोचता है कभी कुछ तो बाबा जी हमें इन सब चीजों से बचने के लिए क्या करना चाहिए जब करना ही सब कुछ मालिक ने है
बेटा यह तो कहने की बातें हैं कि करण कराने वाला मालिक है बेटा मानता कौन हैन को यह एहसास हो गया कि करने कराने वाला मालिक है तो वह गलत काम करेगा ही क्यों हम लोग इस वक्त मन के अधीन है कर्मों के दायरे के अंदर आते हैं अगर हम सब कुछ मालिक के अधीन कर दे ना तो यह सारी उसकी जिम्मेवारी होगी फिर हमारे सारे कर्म फिर वह खुद उठाएगा बाबा जी क्या हमें हार्ड वर्क करना चाहिए या फिर शॉर्टकट अपनाना चाहिए बेटा अगर हम शॉर्टकट रास्ता अपनाएंगे तो फिर वह उतना ही रह जाएगा
जो चीज जल्दी आती है ना वह उतनी ही जल्दी चली भी जाती है जब हम खुद मेहनत करेंगे जब हम खुद कदर करेंगे जब हम उसको मुश्किल में हासिल करेंगे औखे होकर तो हमें उस चीज का एहसास भी जल्दी होगा और कदर भी पड़ेगी जो चीज हम उसूलो की कुर्बानी देकर हासिल करते हैं ना तो फिर उसमें नुकसान भी हमारा ही होता है इसलिए फिर वह चीज हमसे संभाली भी नहीं [संगीत] जाती बाबा जी अगर हमें कोई घर का कोई ओपिनियन देता है तो क्या हमें उसकी एडवाइस पर चलना चाहिए या नहीं बेटा हमें दूसरों
की ओपिनियन जरूर सुननी चाहिए हमारा ओपिनियन तब बनेगा जब हम खुद एक्सपीरियंस करेंगे घर के चार जीव हो सोच तो उनकी भी आपस में नहीं मिलती उनका एक्सपीरियंस अपना हो सकता है आपका तजुर्बा अपना हो सकता है हमने जो अपनी नीव बनानी है फाउंडेशन वह अपनी करनी के ऊपर बनानी है हमें कभी भी किसी को कॉपी नहीं करना हमें जो कुछ भी करना है सोच समझ के करना है और सोच समझकर चलना है बाबा जी कई बार लोग मजाक उड़ाते हैं कि तू स्वामी है राधा स्वामी है तो उस वक्त हमें क्या करना चाहिए बेटा
आपने बहस नहीं करनी जे कोई कहे कि आप राधा स्वामी हो तो कहो कि हां जी है राधा स्वामी बताओ क्या करें बाबा जी जब हम सेवा पर आते हैं तो हमारा घर जाने को वापस दिल नहीं करता तो क्या करना चाहिए बेटा जो मालिक ने हमें जिम्मेवारी बख्शी है उसे भी निभाना है अगर हम जिम्मेवार भागेंगे तो इस तरह तो हमारी सेवा भी पूरी नहीं होने लगी ना ही जिम्मेवारी बाबा जी क्या बड़े गलत बोल सकते हैं बिल्कुल बेटा तो बाबा जी क्या हमें उनकी बात माननी चाहिए बेटा हमें कभी भी बड़ों की परख
नहीं करनी चाहिए अगर बड़े कुछ कहते हैं और आपको सही नहीं लगता तो आप चुप हो जाओ बाबा जी मेरे मम्मी रा ब्यास में नहीं आते आप कुछ ऐसा करें जो वो डेरा ब्यास आ जाए बेटा आपने खुद उदाहरण बनकर दिखाना है आपको देखकर वो भी आ जाएं जब वह आपको देखेंगे कि आपने उनसे क्या सीखा है तो वह भी आपको देखकर आ जाएंगे आपने अच्छा उदाहरण बनक दिखाना है बाबा जी अगर हम कहीं जाते हैं फंक्शन में शादी में तो अगर हम वहां कुछ खा लेते हैं तो क्या कर्म बनते हैं बेटा कोई भी
चीज मुफत नहीं मिलती अगर आप वापस कर सको तो जरूर खा सकते हो यह बात सही है कि अगर हम दुनिया में रहते हैं तो दुनिया की चीज से भाग नहीं सकते लेकिन उतना ही करें जितना हम भोज उठा सके अगर हम कहीं कुछ खा रहे हैं तो उसके ववज में दे भी सकते हैं उतना ही उसने आपको खिलाया आप उनको खिला दो बाबा जी भजन सिमन में ध्यान बहुत भटकता है बेटा अगर धीरे-धीरे हम अपना मन को एकाग्र करेंगे सिमन करते जाएंगे करते जाएंगे तो मन की आदत है वह धीरे-धीरे अपनी आदत बना लेगा
हमें कोशिश करनी है कोशिश करते जाएं अपने आप को सिमरण में लगाते जाएं बाबा जी जब हम व्यास आते हैं तो मन यहां बहुत लगता है मन करता है कि यहीं पर रुक [संगीत] जाए बेटा ठीक है मन लगता है तो जरूर आओ नहीं लगता तो ना आओ अगर हम यहां आते हैं तो मन को कंट्रोल करने के लिए ही तो आते हैं अगर हम सारा ध्यान मन की चीजों के ऊपर ही रखेंगे तो कभी भी आगे नहीं बढ़ [संगीत] पाएंगे जो तुझे देगा फह श पाने के लिए गोश बातन हो कुशाना जो करे कुछ
दिन हम लाला