यह इमेज एक एलियन मैसेज है जो 25000 लाइट यर्स दूर मैसियर 133 स्टार क्लस्टर से पृथ्वी पर भेजी गई है इस इमेज में एलियन प्लानेट की लोकेशन उनकी पॉपुलेशन लैंग्वेज बॉडी स्ट्रक्चर एवं डीएनए स्ट्रक्चर तक के बारे में बताया गया है यह एलियन मैसेज साल 1974 में इंग्लैंड के सबसे पावरफुल इंटर स्लर रेडियो टेलिस्कोप द्वारा हरकुलिस कांस्टेलेशन में मौजूद तारों की ओर भेजे गए सिग्नल का जवाब था जिस सिग्नल को भेजते हुए इंसानों को अंदाजा नहीं था कि उसका जवाब उन्हें केवल 27 साल बाद ही मिल जाएगा और वो भी वापस से किसी रेडियो सिग्नल
या फिर टेक्स्ट और वीडियो में नहीं बल्कि वो जवाब हमारी पूरी पृथ्वी पर रातों-रात हर जगह दिखाई दे रहे थे कई अजीब से सिंबल पैटर्न डिजाइन जैसे कि इनमें कोई सीक्रेट कोड छिपा हो और वो भी इतने बड़े जिन्हें अंतरिक्ष से पृथ्वी पर एलियंस की छपी छाप की तरह देखा जा सके लेकिन उनकी सबसे डरावनी बात थी उनमें छिपे सीक्रेट कोड्स क्योंकि वैज्ञानिकों द्वारा इन पर रिसर्च करने से उन्हें कुछ अजीब मैसेज मिले कुछ में म्यूजिक कोड्स मोर्स कोड्स छुपे मिले तो कुछ में अनजान ग्रहों के लोकेशन बताए गए लेकिन सबसे चौकाने वाली बात यह
थी कि इनमें से कुछ सिंबल्स में स्पेस टाइम वर्म होल न्यूट्रॉन स्टार एवं स्पेस ट्रेवल की ऐसी सीक्रेट टेक्नोलॉजीज छपी थी जिसे दुनिया से छुपाने के लिए सरकार और मिलिट्री किसी भी हद तक जा सकती थी और शॉकिंगली उन्होंने ये किया भी यह एलियन मैसेज थे क्रॉप सर्कल्स जिन्हें छुपाने में अमेरिका और दुनिया भर की सरकारों ने जी जान लगा दी और आज हम इन्हीं मिस्टीरियस एलियन सिंबल्स की सच्चाई के बारे में जानने वाले हैं कि आखिर क्रॉप सर्कल्स में छुपे एलियन मैसेज एवं एलियन टेक्नोलॉजी के पीछे की सच्चाई क्या थी और सबसे इंपॉर्टेंट बात
कि आखिर यह अचानक पृथ्वी के हर एक हिस्से में कैसे अपीयर हो गए तो हेलो गाइज मैं हूं कौशिक और चलिए शुरू करते हैं एक और नए एपिसोड [संगीत] को 19 अगस्त 2001 इंग्लैंड के चिल बोल्टन रेडियो टेलिस्कोप के पास जमीन पर 75 फीट चौड़ा और करीब 120 फीट लंबा रहस्यमई एलियन सिंबल रातों-रात बन गया अब जब आसपास के लोगों ने इसे देखा तो शुरुआत में उन्हें यह समझ नहीं आया लेकिन जब वैज्ञानिकों द्वारा इस सिंबल को ऊंचाई से देखा गया ना तब वैज्ञानिकों के होश उड़ गए क्योंकि यह डिजाइन 23x 73 ग्रेड में बना
हुआ था बिल्कुल वैसा ही जैसा इंसानों ने साल 1974 में भेजे गए संदेश में इस्तेमाल किया था वैज्ञानिकों ने जब इसे ध्यान से देखा तो पाया कि यह डिजाइन इंसानों के भेजे संदेश का जवाब था इसमें कई अनोखी बातें छिपी हुई थी यह सिलिकॉन आधारित जीवन की ओर इशारा कर रहा था उनके डीएनए में तीसरी स्ट्रिंग भी दिखाई दे रही थी जो उनके जैविक विकास को दर्शा रहा था उसमें एक स्टार मैप भी था जिसमें उनके ग्रह की लोकेशन दिखाई गई थी उनके ग्रह के सिस्टम में तीसरे और चौथे ग्रह मौजूद थे इसके अलावा वहां
एक और आकृति थी जो किसी ग्रह या किसी अन्य संरचना को दिखा सकती थी इस घटना ने वैज्ञानिकों को हैरानी में डाल दिया क्योंकि यह केवल एक डिजाइन नहीं था यह एक संकेत था कि शायद हमारी दुनिया के अलावा भी कहीं जीवन मौजूद है और सबसे शॉकिंग बात तो यह थी कि यह संकेत हमें पहली बार नहीं मिले थे ये बात है साल 1996 की इंग्लैंड के ओलिवर्स कैसल नामक स्थान पर एक और चौकाने वाली घटना होती है एक रात जब कुछ लोग पास के इलाके में कैंपिंग कर रहे होते हैं तो उन्हें आसमान में
चमकती हुई कुछ अजीब गोलाकार रोशनी देखने को मिलती है ये रोशनी धीरे-धीरे खेत के ऊपर मंडराने लगती है अब अगले दिन जब सूरज निकलता है तो उसी खेत में एक जटिल क्रॉप सर्कल बना हुआ दिखाई देता है इस डिजाइन की सटीकता और जटिलता ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया था अब जो बात इसे और रहस्यमय बनाती थी व यह थी कि स्थानीय लोगों ने इस घटना को कैमरे पर रिकॉर्ड किया था इस फुटेज में कुछ गोलाकार रोशनी फसलों के ऊपर घूमती हुई दिखाई दे रही है और कुछ ही पलों में डिजाइन तैयार हो जाता है
अब ऐसा ही एक और फेमस मिस्टीरियस पैटर्न था मिल्क हिल का क्रॉप सर्कल जो कि स्पायरल आकार में था और इसमें 409 छोटे गोलाकार पैटर्स थे यह डिजाइन 1000 फीट चौड़ा था और 7 लाख स्क्वा फीट के क्षेत्र में फैला हुआ था इन सभी घटना ने यह सवाल उठाया कि क्या यह क्रॉप सर्कल्स वास्तव में एलियंस का ही काम [संगीत] है अब इस कहानी की शुरुआत होती है साल 1974 से इंसान तेजी से अंतरिक्ष तकनीक का विकास कर रहे थे हमने पृथ्वी से बाहर ग्रहों और उनके चंद्रमा हों पर ऑर्बिटल मिशंस भेजने शुरू कर दिए
थे जहां तक कि चांद पर पहले इंसान को भी उतार दिया गया था लेकिन सबसे बड़ा रहस से अभी भी अनसुलझा था कि क्या ब्रह्मांड में हमारी तरह कोई और बुद्धिमान प्रजाति मौजूद है इसी सवाल का जवाब ढूंढने के लिए नासा ने सेटी यानी कि सर्च फॉर एक्स्ट्रा टेरेस्ट्रे इंटेलिजेंस नामक एक प्रोग्राम शुरू किया जिसका पहला मिशन एलियंस को इंसानों का संदेश भेजने का था इस मिशन का नाम था एरी सीबो मैसेज 3 नवंबर 1974 पुएर्तो रिको में स्थित एरी सिबो ऑब्जर्वेटरी के शक्तिशाली रेडियो टेलिस्कोप से वैज्ञानिकों ने एक पावरफुल रेडियो सिग्नल को हरकुलिस कांस्टेलेशन
के उस हिस्से की ओर भेजा जहां तारों की घनत्व काफी ज्यादा थी यानी वहां पर एलियन लाइफ होने की संभावना भी ज्यादा थी इंसानों द्वारा भेजा गया यह संदेश 1679 बाइनरी डिजिट्स में कोडेड था जब इन 1679 बाइनरी डिजिट्स को डिकोड किया गया तो हमें एक 23 बा 73 ग्रिड की तस्वीर मिली इस तस्वीर में सबसे पहले बेसिक मैथमेटिकल संख्याएं लिखी थी एक से लेकर 10 तक उनका उपयोग इस बात के लिए किया गया कि एलियन इसे समझकर पूरे संदेश को डिकोड कर सके इसके नीचे पृथ्वी पर जीवन के लिए जरूरी कुछ तत्त्वों के परमाणु
नंबर दिए गए थे जैसे कि हाइड्रोजन कार्बन नाइट्रोजन ऑक्सीजन और फास्फोरस इनमें कार्बन को हाईलाइट किया गया था क्योंकि यही पृथ्वी पर जीवन का मुख्य बिल्डिंग ब्लॉक है इसके बाद हमने एलियन को अपने डीएनए के डबल हीलिक्स स्ट्रक्चर को दिखाया साथ ही साथ एक साधारण मानव आकृति भी थी जिसमें उसकी औसत लंबाई और पृथ्वी की आबादी तब 4.2 बिलियन जो थी वह बताई गई थी इसके बाद हमने अपने सोलर सिस्टम का नक्शा भी दिया जिसमें सूरज से लेकर प्लूटो तक सभी ग्रह थे अब खास तौर पर यहां पृथ्वी को हाईलाइट किया गया था संदेश के
अंत में हमने वो टेलिस्कोप भी दिखाया जिससे यह सिग्नल भेजा गया था लेकिन यहां पर ना एक ट्विस्ट था उस क्षेत्र का सबसे नजदीकी तारा भी 25000 लाइट इयर्स दूर था यानी अगर किसी ने इस संदेश को सुना भी तो उसका जवाब ने में कम से कम 50000 साल लगेंगे संदेश भेजने के बाद वैज्ञानिकों ने एक दूसरे को बधाई दी और अपने काम में व्यस्त हो गए अब किसी ने भी ये नहीं सोचा था कि संदेश का कोई जवाब भी आएगा लेकिन फिर अचानक पृथ्वी के अलग-अलग हिस्सों में क्रॉप सर्कल्स एलियन संदेश के रूप में
अचानक से प्रकट होने लगे और इनमें सबसे खास था साल 2001 का क्रॉप सर्कल जिसमें इंसानों द्वारा 25000 प्रकाश वर्ष दूर भेजे गए एरिसीरा छिपा हुआ था [संगीत] देखो जब आप किसी क्रॉप सर्कल को ऊपर से देखते हैं ना तो यह केवल एक जटिल डिजाइन जैसा ही दिखता है लेकिन जैसे-जैसे वैज्ञानिक इन डिजाइनों को डिकोड करने लगे उनकी परतों के नीचे छिपे रहस्य धीरे-धीरे उजागर होने लगे यह रहस्य ना केवल हमारी समझ से परे थे बल्कि हमारी सभ्यता के सबसे बड़े सवालों के जवाब भी देने की कोशिश कर रहे थे साल 2001 में चिल बोल्टन
क्रॉप सर्कल ने इसर से की शुरुआत करी इसमें केवल एक डिजइन नहीं था बल्कि एक साफ संदेश छिपा हुआ था जब वैज्ञानिकों ने चिल बोल्टन क्रॉप सर्कल के कोड को डिकोड किया तो उन्हें वही 23 बा 73 ग्रिड पैटर्न मिला जिसमें एलियंस द्वारा भेजी गई एक तस्वीर छिपी थी इस संदेश में डीएनए की एक अनोखी संरचना के बारे में बताया गया था जिसने संकेत दिया कि एलियंस का जीवन सिलिकॉन पर आधारित है ना कि कार्बन पर यह वैज्ञानिकों के लिए बेहद चौकाने वाला तथ्य था क्योंकि सिलिकॉन आधारित जीवन अब तक केवल कल्पना में ही मौजूद
था अब इसी संरचना में डीएनए की तीसरी स्ट्रिंग ने यह दर्शाया कि उनकी जैविक संरचना हमारी तुलना में कहीं अधिक जटिल है इस संदेश में उनके ग्रह की लोकेशन का दावा करने वाला एक स्टार मैप भी मौजूद था और साथ ही साथ उनकी 21 बिलियन की आबादी का उल्लेख भी किया गया था यह रहस्य केवल संदेशों तक सीमित नहीं थे बल्कि कई क्रॉप सर्कल्स में तो मोर्स कोड जैसा पैटर्न भी देखा गया था जब वैज्ञानिकों ने इसे डिकोड किया तो यह पता चला कि ये सिर्फ साधारण कोड नहीं थे बल्कि एक संगीत संरचना थी अब
इन डिजाइनों को ध्यान से देखने पर यह स्पष्ट हुआ कि ये साइमेटियम पैटर्स वे आकृतियां होती है जो किसी तरल या ठोस सतह पर ध्वनि तरंगों के प्रभाव से बनती है शोधकर्ताओं ने पाया कि ये डिजाइंस साउंड फ्रीक्वेंसी को दर्शा रहे थे जो यह संकेत देते थे कि एलियंस शायद ध्वनि के माध्यम से संवाद करते हैं लेकिन यहां पर यह सवाल उठता है कि क्या यह केवल संकेत थे या हमें यह सिखाने की कोशिश की जा रही थी कि ध्वनि के जरिए ब्रह्मांड को समझा जा सकता है कुछ क्रॉप सर्कल्स ने तो और भी चौकाने
वाले संकेत दिए साल 2022 में इंग्लैंड में एक ऐसा डिजाइन देखा गया जो वर्म होल की थ्योरी को दर्शाता था इस डिजाइन में दो सर्कल्स जुड़े हुए थे जो स्पेस टाइम के मुड़ने का प्रतीक थे वैज्ञानिकों का मानना था कि यह संकेत देता है कि एलियंस ने वर्म होल्स के माध्यम से यात्रा करने की तकनीक विकसित कर ली है अब यह केवल थिरी नहीं थी क्योंकि शोध कर ताओ ने पाया कि इस डिजाइन के आसपास रेडिएशन के असामान्य स्तर मौजूद थे यह रेडिएशन माइक्रोवेव ऊर्जा जैसा था जो वर्म होल्स के निर्माण के लिए जरूरी हो
सकता है इन डिजाइनों में अक्सर ऐसे पैटर्न देखे गए थे जो किसी तारामंडल या नक्शे जैसी आकृति बनाते थे चिल बोल्टन फेस और एरी सिबो एंसर में मौजूद डिजाइनों को देखकर यह अंदाजा लगाया गया कि ये किसी अज्ञात ग्रह की लोकेशन दर्शा रहे थे अगर इन डिजाइनों को सही से समझा जाए तो यह संकेत दे सकते ते हैं कि हमारी आकाश गंगा के भीतर किसी और सभ्यता का घर मौजूद है और वह कहां है इन सर्कल्स के अंदर मौजूद पौधों और मिट्टी ने भी कई अनोखी बातें उजागर की एक बायो फिजिसिस्ट विलियम लेवन गुुड ने
पाया कि इन क्रॉप सर्कल्स के अंदर मौजूद पौधों के एपिकल नोट्स सामान्य से अधिक लंबे हो जाते थे यह प्रभाव माइक्रोवेव रेडिएशन की वजह से होता था जो पौधों को अंदर से गर्म कर देता था वैज्ञानिकों का मानना था कि यह ऊर्जा उसी तकनीक का हिस्सा हो सकती है जिससे यह डिजाइन बनाए गए जो लोग इन सर्कल्स के अंदर गए उन्होंने कई अजीब अनुभव किए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अचानक बंद हो जाते थे लोगों ने इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड्स का अनुभव किया और कुछ मामलों में शारीरिक बदलाव जैसे कि सिर दर्द महसूस की गई यह सब कुछ इस और
इशारा करता था कि इन सर्कल्स के पीछे कोई अनजानी ऊर्जा काम कर रही थी लेकिन जो बात इन क्रॉप सर्कल्स को और भी रहस्यमय बनाती है वो यह है कि यह हमारी मानव सभ्यता के इतिहास का हिस्सा है जिन क्रॉप सर्कल्स को हम आज एलियन संदेशों के रूप में देख रहे हैं उनका उल्लेख सदियों पहले के ऐतिहासिक पन्नों में भी मिलता है क्योंकि साल 1678 में भी इंग्लैंड के किसान ने दावा किया था कि उसने अपने खेत में एक अजीब चमकती हुई रोशनी देखी थी और अगली सुबह उसकी फसलें एक जटिल डिजाइनों में व्यवस्थित पाई
गई थी इस घटना को उस समय द मूविंग डेविल का नाम दिया गया था इसे पहला रिकॉर्डेड केस माना जाता है जिसे आज के क्रॉप सर्कल से जोड़ा जा सकता है यह घटना इस और इशारा करती है कि क्रॉप सर्कल्स का रहस्य सिर्फ आधुनिक विज्ञान का विषय नहीं है ये आकृतियां सैकड़ों सालों से हमारी सभ्यता का हिस्सा रही है डेड सी स्क्रोल्स और बुक ऑफ एनोक जैसे प्राचीन ग्रंथों में भी ऐसे चिन्हों का उल्लेख मिलता है जो आकाशीय रोशनी के कारण पृथ्वी पर बने थे 20वीं शताब्दी में साल 1945 में रैफ के एक पायलट ने
आसमान से क्रॉप सर्कल्स की तस्वीरें ली थी उसके बाद साल 1960 के दशक में इंग्लैंड के कई हिस्सों में बड़े और जटिल सर्कल्स पाए गए इतिहास में इन डिजाइनों का बार-बार प्रकट होना यह दिखाता है कि क्रॉप सर्कल्स सिर्फ आधुनिक युग की घटना नहीं है बल्कि इनका जुड़ाव प्राचीन समय से है कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि क्रॉप सर्कल्स एलियंस द्वारा दिए गए तकनीकी ब्लूप्रिंट है वैज्ञानिक निकोला रोमांसक ने कई क्रॉप सर्कल डिजाइनों को 3d में मॉडल किया इन मॉडल को देखकर यह महसूस हुआ कि ये शून्य ऊर्जा यानी जीरो पॉइंट एनर्जी और गुरुत्वाकर्षण को
नियंत्रित करने वाली मशीनों के ब्लूप्रिंट हो सकते हैं अगर यह सच है तो इनकी संभावनाओं को लेकर सोचा जा सकता है कि दुनिया की सरकारें और सेनाएं इस तकनीक को हासिल करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है लेकिन जैसे ही वैज्ञानिक इन डिजाइनों को समझने की कोशिश कर रहे थे सीआईए और ब्रिटेन की सरकार ने उन्हें झूठा साबित करने का अभियान शुरू कर दिया तो देखो दोस्तों जब ग्रॉफ सर्कल्स ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा और वैज्ञानिक इन डिजाइनों को डिकोड करने में लग गए तभी सीआईए और ब्रिटेन की सरकार ने इन
क्रॉप सर्कल से लोगों का ध्यान हटाने के लिए और उन्हें झूठा साबित करने के लिए एक गुप्त मिशन शुरू कर दिया जिसका नाम था ऑपरेशन ब्लैक बर्ड साल 1989 में शुरू हुए इस मिशन के बारे में ब्रिटिश गवर्नमेंट का कहना था कि उनका उद्देश्य एक क्रॉप सर्कल बना ने की प्रक्रिया को लाइव रिकॉर्ड करना था इसके लिए ब्रिटेन के सलिस ब्यूरी हिल के पास एक खेत को लंबे समय तक मॉनिटर करने के लिए नाइट विजन कैमरे इंफ्रारेड तकनीक और वैज्ञानिक उपकरण लगाए गए हां तक कि पूरे क्षेत्र को सेना और पुलिस की निगरानी में रखा
गया ताकि कोई भी इंसान खेत के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ ना कर सके लंबे समय तक यह मिशन बीबीसी और जापान के नेशनल टेलीविजन जैसे बड़े मीडिया आउटलेट्स द्वारा कवर किया गया अब चौकाने वाली बात यह थी ना कि ऑपरेशन शुरू होने के दूसरे दिन ही एक क्रॉप सर्कल प्रकट हुआ मीडिया में इसे बड़ी सफलता की तरह दिखाया गया लेकिन जब इसकी जांच शुरू हुई तो पाया गया कि ये डिजाइन बेहद ही साधारण था और इसके केंद्र में एक एस्ट्रोलॉजी बोर्ड गेम रखा हुआ था और बाद में जब और गहराई से जांच की
गई तो यह पता चला कि ये क्रॉप सर्कल कुछ लोगों ने जानबूझकर पब्लिसिटी के लिए बनाया था इस घटना ने क्रॉप सर्कल्स की ऑथेंटिसिटी पर सवाल खड़े कर दिए अब लोगों के मन में यह सवाल उठने लग गए कि क्या बाकी के क्रॉप सर्कल्स भी नकली ली हैं और इस सवाल का जवाब लोगों को मीडिया ने खुद दिया हां में इस घटना ने ऑपरेशन ब्लैक बर्ड को बदनाम कर दिया कई लोगों का मानना है कि ये जानबूझकर किया गया षड्यंत्र था ताकि क्रॉप सर्कल्स को झूठा साबित किया जा सके जिस ताबूत में कील ठोकने का
काम किया साल 1991 के एक ब्रिटस आर्टिकल ने जिसका टाइटल था द मैन हु कंड द वर्ल्ड ये आर्टिकल डॉग बावर और डेव कर्ली नाम के दो रिटायर्ड ब्रिटिश नागरिकों पर बेश था जिनका दावा था कि उन्होंने साल 1978 से ही क्रॉप सर्कल्स बनाना शुरू किया था उन्होंने कहा कि वे लकड़ी के प्लाक्स और रस्सी का इस्तेमाल करके क्रॉप सर्कल्स को बनाते थे इन दोनों ने मीडिया के सामने कुछ सर्कल्स बनाकर यह साबित करने की कोशिश की कि यह सब बस एक मजाक था कॉलिंस एंड्रूस जो इस अभियान के मुख्य शोधकर्ता थे ने आरोप लगाया
कि सरकार ने जानबूझकर फर्जी क्रॉप सर्कल्स बनाए लेकिन इसमें कई खामियां भी थी डॉग और डेव द्वारा बनाए गए डिज़ाइन असामान्य और जटिल क्रॉप सर्कल से मेल नहीं खाते थे जो पहले पाए गए थे उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने क्रॉप सर्कल्स बनाना साल 1978 में शुरू किया था लेकिन साल 1966 के ट्यू नेस्ट इंसीडेंट जैसे मामले इससे पहले के थे कॉलिन एंड्रूज और अन्य शोधकर्ताओं ने आरोप लगाया कि डॉग और डेव को गुप्त रूप से सरकार द्वारा पैसे दिए गए थे और यह आरोप तब और मजबूत हो गया जब डॉग और डेव ने सरकार
पर मुकदमा कर दिया उनका कहना था कि उन्हें क्रॉप सर्कल्स को झूठा साबित करने की कहानी बताने के लिए वादा किए गए पैसे में से आधी रकम भी नहीं दी गई थी अब इन क्रॉप सर्कल्स को झूठा साबित करने के लिए केवल इंग्लैंड ही नहीं बल्कि अमेरिका में भी एक गुप्त मिशन चलाने की खबरें सामने आई जिस मिशन का नाम रखा गया था ऑपरेशन मॉकिंग बर्ड सीआईए के इस गुप्त मिशन के तहत 400 से अधिक पत्रकारों को हायर किया गया जिन्हें यह काम सौंपा गया कि वे क्रॉप सर्कल्स के इर्दगिर्द फेक जानकारी फैलाए ताकि लोगों
को इन पर से विश्वास उठ जाए कॉलिन ने यह भी खुलासा किया कि एक सीआईए एजेंट ने उनसे संपर्क कर कहा अगर आप सार्वजनिक रूप से यह कह दे कि क्रॉप सर्कल्स फर्जी है तो हम आपको बड़ी रकम देंगे लेकिन कॉलिन ने ऐसा करने से मना कर दिया इसके बाद उन्हें कई धमकी बरे फोन कॉल्स भी आने लगे तो क्या कॉलिन की यह बात सच है और क्या सरकारें और सैन्य संगठन मिलकर क्रॉप सर्कल्स को झूठा साबित करना चाहते हैं इस सवाल का जवाब मैं आप पर छोड़ता हूं आप इसके बारे में क्या सोचते हो
अब भी कमेंट में लिखकर बताओ और यहां तक वीडियो पसंद आया है तो इस वीडियो को अभी के अभी लाइक कर दो लेकिन कई शोधकर्ताओं का मानना है कि क्रॉप सर्कल्स एलियंस की वास्तविकता का सबसे बड़ा प्रमाण हो सकते थे इनमें छुपे संदेश और वर्म होल्स के माध्यम से यात्रा करने की गुप्त तकनीकें दुनिया को बदल सकती थी अगर इनकी सच्चाई आम लोगों तक पहुंचती तो दुनिया रातों-रात बदल सकती थी साथ ही साथ किसी दूसरी शक्तिशाली प्रजाति की इस ब्रह्मांड में मौजूदगी का पता लगाना धर्म विज्ञान और समाज के साथ-साथ सरकारों पर से भी लोगों
का विश्वास हटा सकता था और शायद इसी वजह से सरकारें इन क्रॉप सर्कल्स को हमेशा रहस्य और झूठा बनाए रखना चाहती थी लेकिन आज भी कुछ ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब किसी के पास नहीं है जैसे इन क्रॉप सर्कल्स में माइक्रोवेव रेडिएशंस कैसे आए इनके चारों ओर मिट्टी में उल्का पिंड के कण कहां से आए और यह अचानक कई 100 फीट बड़े पैटर्स रातों-रात कैसे बन गए यह सवाल है जिनका जवाब आप आज भी एक गहरी पहेली बनी हुई है अब मैं आपसे जानना चाहूंगा कि पूरी कहानी को समझने के बाद आपको क्या लगता है
क्या यह क्रॉप सर्कल्स वास्तव में एलियंस के संदेश थे या नहीं अब जिस तरह से क्रॉप सर्कल्स दुनिया भर में देखे गए थे ठीक इसी तरह के कुछ मिस्टीरियस पैटर्स हमें पेरू के नासका डेजर्ट पर भी देखने को मिलते हैं जिसे अगर आप आसमान से देखोगे तो वो कुछ इस तरह के डिजाइंस दिखते हैं पर रहस की बात यह है कि ये डिजाइंस आज के नहीं है बल्कि ये आज से 2000 साल पहले के बना गए हैं पर आखिर में सवाल ये आता है कि आखिर इन डिजाइंस को बनाया किसने था और यह आज तक
कैसे एजिस्ट करती है इसके बारे में भी अगर आप एक डिटेल वीडियो देखना चाहते हो तो नीचे कमेंट सेक्शन में लिखकर जरूर बताना अगर आपके कमेंट्स ज्यादा हुए तो मैं डेफिनेटली इस पर एक वीडियो बनाऊंगा अगर आपको ये वीडियो पसंद आया और कुछ नया सीखने को मिला तो इस वीडियो को लाइक कर देना अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करना अगर आप नए हो इस चैनल पे तो इस चैनल को सब्सक्राइब करने के साथ-साथ नोटिफिकेशन बेल को ऑन कर देना और अगर आपको ये वीडियो पसंद आया ना तो मैं आपको रिकमेंड करूंगा कि आप अगली
वीडियो इसे जाकर जरूर देखना जिसमें हमने बात किया है एक ऐसे मिस्टीरियस मेडिसिन के बारे में जिसने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया था ये एक ऐसा मेडिसिन था जो कि आपके शरीर के किसी भी बीमारी को ठीक कर सकता था लेकिन इसके जो साइड इफेक्ट्स थे उसके बारे में जानने के बाद आपके पैरों तली जमीन खिसक जाएगी इस पूरे कहानी को सुनने के लिए इस वीडियो को जाकर देखो बहुत इंटरेस्टिंग है मैं मिलता हूं आपको नेक्स्ट एपिसोड के साथ तब तक के लिए बाय जय