अगर आपकी उम्र 15 से लेकर 40 है तो यकीन मानो ये वीडियो आपके लाइफ के सबसे इंपॉर्टेंट वीडियोस में से एक होगी मैंने देखा है इंडिया में हर चीज की नॉलेज रखते हैं लोग हर फील्ड की नॉलेज भले ही सबके पास रहती है लेकिन फाइनेंशियल नॉलेज बहुत कम है लोगों के पास और जो लोग फाइनेंशियल नॉलेज देते हैं वो भी सिर्फ कोर्स बेच कर देते हैं हजारों रुपए का या कोई प्रोडक्ट प्रमोट कर रहे होते हैं लेकिन आज आप प्योर नॉलेज गेन करोगे और ये जो जानकारी जो आप इस वीडियो में जानोगे वो आपकी लाइफ
बदल सकती है अगर यह नॉलेज आपको हो तो आप बाकियों से आगे तो निकल ही जाओगे पूरे वीडियो का ड्रामे सा एक हिंट देता हूं मैं आपको आइंस्टाइन ने कहा था कंपाउंडिंग इज द एथ वंडर ऑफ दी वर्ल्ड मैं फिर से दोहराता हूं आइंस्टाइन ने कहा था कंपाउंडिंग इज द एथ वंडर ऑफ द वर्ल्ड देखो लाइफ को जूम आउट करते हैं और शुरू से शुरू करते हैं हम में से हर कोई पैसा कमाता है राइट कोई स्टूडेंट है जो कि अभी पढ़ रहा है आगे जाके कमाए और कई लोग ऐसे हैं जो कि ऑलरेडी कमा
रहे हैं अब आपके पास जो भी पैसा आ रहा है मान लो ₹1 आए 000 आए या 00 आए लाख आए या करोड़ आए पैसे को ठीक से रखना एक कला होता है एक आर्ट होता है पैसा कमाना बड़ी बात नहीं होती है पैसे को ठीक से रखना वो बड़ी बात होती है और पैसे को ग्रो करना बड़ी बात होती है और चिंता मत करो मुझे पता है आप जितने भी फाइनेंशियल वीडियो देखते होंगे ज्यादातर में गिमिकी नॉलेज होती है कि ये कॉइन खरीद लो वो खरीद लो वो सब नहीं बल्कि ऑथेंटिक नॉलेज होनी चाहिए
सबको बिना किसी गिमिक चीज के एक्चुअल ट्रू टू दी बेस नॉलेज तो जो भी पैसा इंसान कमाता है उसको रखने के कितने तरीके होते हैं हम एग्जांपल लेते हैं मान लो एक इंसान ने 10 लाख कमाया पहला तरीका है कैश राइट 10 लाख कमाया उसको घर में रख लो कैश दूसरा तरीका जो कि हमारे भारत के मेजॉरिटी लोग करते हैं वो है बैंक्स बैंक्स में एफडी फिक्स्ड डिपॉजिट्स यानी बैंक्स को पैसा देना क्योंकि भारत में आज तक किसी सरकार ने बैंक को डूबने नहीं दिया है मतलब बैंक डूबा है लेकिन उसका रिकवरी करके उसको मर्ज
करके कुछ ना कुछ कर के बचा लिया है तो बैंक में पैसा रखना यह दूसरा तरीका हो गया तीसरा है गोल्ड यानी सोना पैसे आए 10 लाख आए और आपने उसे सोने के रूप में खरीद लिया सोने को करेंसी ऑफ द गॉड्स कहा जाता है मतलब इस दुनिया में क्या कुछ नहीं डूब जाए मान लो कि हर सेक्टर डूब जाए सरकार गिर जाए रियल एस्टेट गिर जाए स्टॉक मार्केट गिर जाए आफत आ जाए प्रलय आ जाए लेकिन सोना का वैल्यू तब भी होता है ऐसा इसलिए क्योंकि सोना हजारों सालों से यूज किया जाते आ रहा
है और सोना धरती पर बहुत ही ज्यादा लिमिटेड है हां जब तक कि कोई एस्टेरॉइड को जाके माइनिंग ना कर ले हटा वो दूसरा बात है चौथा रूप है पैसे रखने का रियल एस्टेट 10 लाख आए उसका आपने कोई फ्लैट खरीद लिया 10 लाख में तो बाथरूम के बराबर भी फ्लैट नहीं मिलेगा वैसे लेकिन एग्जांपल ले लेते हैं कि आपने पैसे को घर के रूप में बदल दिया इसके बाद जो तरीका है पैसे रखने का वो है स्टॉक मार्केट और आप कितना भी जाके हिस्टोरिकल एनालिसिस कर लो आपको यह पता चलेगा कि इकोनॉमी में इन्वेस्ट
करना सबसे ज्यादा बेनिफिशियल होता है किसी के भी लिए कि इकोनॉमी में इन्वेस्ट करने से देश के स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करने से सबसे ज्यादा पैसा बना है आज तक और आपको जैसा पता होगा कि मैं हर कुछ को एकदम सिंपली समझाता हूं बिना किसी कंफ्यूजन के तो हम ये एज्यूम करते हैं कि साल 2000 चल रहा है ठीक है आज से 24 साल पहले और किसी के पास 10 लाख हैं उस टाइम इन्वेस्ट करने को और उस इंसान ने कैश रख लिया अपने बेड के नीचे मे बी काली कमाई होगी मे बी तो आज
2024 में उस कैश की वैल्यू 10 लाख की 10 लाख ही रहेगी कॉमन सेंस राइट अब बात करते हैं बैंक एफडी तो एवरेज बैंक रेट को ले लें तो अगर 24 साल तक वही पैसे बैंक में रखे रहते हैं और ठीक आज के दिन वो बैंक जाता और पूछता मेरे 24 साल पहले के ₹10 लाख का वैल्यू आज कितना है तो बैंक वाला कहता सर आपका है 40 लाख हां 40 लाख जैसे कि आप इस टेबल में देख पा रहे हो इसके बाद आता है रियल स्टेट देखो रियल स्टेट जो है ना यानी प्रॉपर्टी इन्वेस्टिंग
वो बहुत थोड़ा कन्फ्यूजिंग है क्योंकि वो लोकेशन पे डिपेंड करता है गांव में ऐसे कई लैंड है जिनका उतना रेट नहीं बढ़ा है बहुत नॉमिनल बड़ा है और अगर वही दिल्ली मुंबई या फिर कोई मेट्रो सिटी में कोई लैंड लिया हो 24 साल पहले तो आज वो 100 200 250 गुना तक बढ़ गया है तो हम लोग एक्सेप्शनल केस को हटा देते हैं एक्सेप्शनल देखेंगे तो थोड़ी होगा हमें एवरेज देखना होगा तो रियल स्टेट की बात करूं तो एवरेज किसी ने साल 2000 में ₹10 लाख लगाए होते हैं तो आज ₹ लाख बन गए होते
हैं क्योंकि ओवरऑल रियल स्टेट इकोनॉमी इतना बड़ा है अब बात करते हैं सोने की सोना करीब 1 करोड़ का हो गया होता क्योंकि सोना का जो जो वैल्यू है वो अक्सर बढ़ते रहता है चाहे दुनिया में कुछ भी हो जाए और सोना का रेट ज्यादा देर तक रुका हुआ नहीं रहता है ऊपर ही भागता है लेकिन अगर वही भारत के इंडेक्स यानी निफ्टी 50 में किसी ने इन्वेस्ट किया होता तो वही 10 लाख ढ़ करोड़ से ज्यादा बन गए होते यानी यहां पर पैसे लगभग 18 गुना मल्टीप्लाई हो गए हैं 24 सालों में अब ये
जो चीज है ये बहुत ही अजीब सी चीज है मैं क्या बोल रहा हूं एक आम इंसान अगर स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करता है और वो शॉर्ट टर्म वोलेट को देखता है यानी मान लो आज किसी ने इंडियन स्टॉक मार्केट में पैसा लगाया और 6 महीने बाद मार्केट थोड़ा डाउन हो गया तो फिर लोगों को ये लगने लगता है कि अरे ये मेरा मेहनत का कमाया हुआ पैसा जा रहा है डाउन हो गया इससे अच्छा तो बैंक एफडी था लेकिन बात यह है कि अगर वेल्थ बिल्ड करना है तो इंसान को शॉर्ट टर्म के बदले
लॉन्ग टर्म सोचना होगा ये सोचना होगा कि 20 साल बाद क्या होगा असल में नैरो फोकस छोटा दिन का फोकस अगर कोई इंसान लेके चले तो वेल्थ ठीक से नहीं ग्रो हो पाता आप ये मत भूलना कि लास्ट 24 सालों में दो बार मार्केट क्रैश भी आ चुका है साल 2008 इस मॉडर्न टाइम का सबसे भयंकर मार्केट क्रैश था और दूसरा क्रैश था कोरोना पीरियड कोरोना में भी मार्केट क्रैश हुआ था तो ये दो क्रैश को इंक्लूड करके इतना पैसा बढ़ा है अभी तो सबसे मैजिकल बात मैंने आपको बताया ही नहीं है ये जो रिटर्न
दिया है निफ्टी 50 ने ये भारत की टॉप कंपनीज के रिटर्न है यानी जो बड़ी कंपनीज होती है जिसके बड़े-बड़े ऑफिसेसूट दिया है लेकिन आप यह मत भूलना भारत सिर्फ बड़ी कंपनियों से नहीं चलता है हजारों छोटी छटी कंपनीज भी भारत को पावर दे रही है अब आप यह बताओ कि एक 22 साल के लड़के का हाइट ज्यादा बढ़ेगा या फिर छोटा सा 5 साल का लड़का का हाइट ज्यादा बढ़ेगा किसका हाइट बढ़ेगा बच्चे का राइट वैसे ही जो स्मॉल कंपनीज होती है इंडिया में उसका अगर हिस्टोरिकल डाटा देखें हम तो वो भी एक्सेप्शनल है
और हम लोग साल 2000 से लेकर 2024 तक कंपेयर किए थे 24 साल का लार्ज के मामले में तो क्योंकि स्मॉल का डाटा 2004 से अवेलेबल है तो हम लोग ठीक एकदम एग्जैक्ट 20 साल का देखते हैं एकदम सिंपल साल 2004 से साल 2024 तो सिर्फ 20 सालों में ही बीएससी स्मॉल कैप इंडेक्स है एक वो 1000 के बेस वैल्यू से लॉन्च हुआ था और आज उसका वैल्यू पता है कितना है 54000 बीएससी स्मॉल कैप यानी ये इंडेक्स 54 टाइम्स बढ़ा है इसका मतलब यह हुआ कि अगर वही इंसान जो 10 लाख कमाया था वो
भारत के छोटी कंपनीज में डाल के भूल जाता और आज ठीक आज अभी जब आप वीडियो देख रहे हो अभी अपना डीमेट अकाउंट चेक करता तो ₹ करोड़ 40 लाख में बदल गया होता अब ये कोई छोटी बात बात नहीं है मुझे लगता है जो इसके बारे में नहीं जानता वह बहुत बड़ा बेवकूफ है लोग बैंक्स में फंसे रहते हैं और उनको यह नहीं पता कि देश के इकॉनमी में कंट्रीब्यूट करने का बेनिफिट क्या है मैं ये नहीं कह रहा कि बैंक्स खराब है देखो बैंक्स का भी पर्पस होता है हम जितना भी कमाते हैं
उसका अच्छा खासा हिस्सा सेफ एसेट्स यानी बैंक एफडी वगैरह में होना चाहिए लेकिन कुछ पैसे इनमें भी लगना चाहिए और वो भी सारे रिस्क को जानते हुए और हिस्टोरिकल डाटा यानी पास्ट डाटा का एनालिसिस ये कहता है कि स्टॉक मार्केट में जो पैसा पैसा लगाने का रिस्क है वो ज्यादातर शॉर्ट टर्म होता है यानी आज किसी ने पैसे लगाया तो हो सकता है कि 1 साल बाद वह पैसा उतना ना बढ़े या फिर घट जाए मे भी या फिर 10 लाख का 9 लाख हो जाए मे भी लेकिन असल में जिनका हार्ट एकदम मोंक की
तरह है जो अपने आप को ऐसे पीरियड में कंट्रोल करके रह सकते हैं वही बड़ा वेल्थ बनाते हैं और देखो मैं किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस का नाम इस वीडियो में नहीं ले रहा हूं और ना ही डिस्क्रिप्शन में कोई लिंक है क्योंकि ये जनरल प्योर अवेयरनेस वीडियो है जो कि सबको होना चाहिए बात यह है कि जिसको यह जानकारी होती है वह बताते नहीं कि सामने वाले का भी वेल्थ बन जाएगा लेकिन यह बहुत छोटी सोच है बात यह है कि अगर हर कोई ही इन्वेस्ट करने लगे तो इकोनॉमी और ऊपर जाएगी सबको और
फायदा होगा अब एक बहुत ही डीप सी बात मैं बोलने जा रहा हूं इसको आपको ध्यान से समझना होगा आपको क्या लगता है आप कहीं भी पैसा लगाओ अगर वो आपको 7 पर इंटरेस्ट दे रहा है और एक दूसरी जगह जहां पे आपको 9 पर इंटरेस्ट मिल रहा है दोनों में उतना अंतर नहीं होगा राइट क्योंकि 2 पर का ही तो अंतर है है ना लेकिन जब कंपाउंड ंग की बात आती है ना तो एक्चुअल में बहुत फर्क होता है तो देखो अब हम कैलकुलेट कर रहे हैं कि किसी ने ₹ लाख लगाया और 1
साल के लिए लगाया तो 1 साल बाद 0000 बढ़ चुके होंगे पूरे 1 साल में 7 पर जो कि बैंक देता है अब इसको बढ़ाते हैं और बढ़ाते बढ़ाते हम जाते हैं 25 साल बाद तो 25 साल में आप देख सकते हो इन्वेस्टेड अमाउंट 10 लाख है उसके ऊपर का ब्याज मिला हुआ है 44 लाख 25 सालों में तो अब जो फंड वैल्यू है वो है 54 लाख राइट ये था 7 पर का हिसाब अब इंडियन स्टॉक मार्केट ओवरऑल लॉन्ग टर्म में 10 पर का रिटर्न तो दे ही देता है एवरेज ये जितने इन्वेस्टर्स हैं
उन सबको पता है तो अब हम 10 लाख पे कैलकुलेट करते हैं तो 10 पर के हिसाब से 1 साल में 1 लाख बढ़ा तो अब हम जाते हैं 25 साल बाद और देखते हैं कितना फर्क पड़ता है 7 पर वाले के मुकाबले तो यहां पर देखो 25 साल बाद यहां पर इंटरेस्ट अमाउंट 98 लाख है यानी ओवरऑल फंड 1 करोड़ का हो चुका है जो कि पिछले से ऑलमोस्ट डबल है यहां पर परसेंटेज की बात करें तो 7त और 10 के बीच में सिर्फ तीन का फर्क है ना लेकिन अमाउंट के बीच में डबल
है तो ऐसा नहीं है कि 7 पर कोई बैंक दे रहा है और 14 पर आपको कहीं मिल रहा है तभी अमाउंट डबल होगा ये नहीं काम करता ऐसे एक एक परट बहुत ह्यूज डिफरेंस ला सकता है अब आपको ये समझाने के लिए सिर्फ 2 पर और बढ़ाता हूं तो 10 लाख पे 12 पर को देखते हैं तो 1 साल में 1 0000 बढ़ा अब हम लोग चलते हैं डायरेक्ट 25 साल बाद तो देखो यहां पर कॉर्पस बन गया 1.7 करोड़ ऑलमोस्ट पौ करोड़ के आसपास और बढ़ाया कितना 2 पर अब एक गहरी चीज को
समझो बैंक दे रहा था 7 पर राइट और अगर मान लो कि स्मॉल कंपनीज में किसी को सात का डबल 14 पर का मिला रिटर्न तो परसेंटेज को देखें तो 14 क्या होता है 14 होता है सात का डबल राइट लेकिन पैसे को अगर आप देखोगे तो देखो एक साल में इतना बढ़ा अब चलते हैं 25 साल बाद और अब आप देखो 2 करोड़ 65 लाख तो 7त और 14 में इतना अंतर 7 पर में कितना अमाउंट था वो देखो और 14 पर में कितना अमाउंट बना यह देखो यानी परसेंटेज जो है वो डबल हो
गया सात का 14 हो गया लेकिन मनी सिर्फ डबल नहीं हुआ बल्कि वो ह्यूज हो गया दिस इज द पावर ऑफ कंपाउंडिंग और इसलिए आइंस्टाइन ने कहा था कि कंपाउंडिंग इज द एथ वंडर ऑफ द वर्ल्ड और आम लोग इसको समझ ही नहीं पाते कि एक एक परसेंट का वैल्यू कितना होता है और हम लोग तो बस 10 12 14 देख रहे हैं असल में पास्ट में पास्ट की बात करूं तो कई लोगों ने 10 साल में या लॉन्ग टर्म में 15 पर 19 पर तक का रिटर्न कमाया है तो उनका कॉर्पस इतना हो जाता
है कि हम इमेजिन भी नहीं कर सकते कंपाउंडिंग सही में मैजिक है अगर किसी को कंपाउंडिंग के बारे में नहीं पता तो वो लाइफ के सबसे इंपॉर्टेंट चीजों में से एक चीज को मिस कर रहा है और अब यहां पर एक बहुत ही जरूरी बात आती है कि आपने बहुत सारे फ इनफ्लुएंसर्स को ये कहते हुए सुना होगा कि इस स्टॉक को खरीद लो उस स्टॉक को बेच लो तो पहली बात किसी के भी सिंगल स्टॉक रिकमेंडेशन को कभी मत मानना जब तक आप अपना एनालिसिस ना करो तो और एक आम इंसान की बात करें
तो इसको उतना टाइम है जो जाके पता करे कि यह स्टॉक अच्छा है या ये स्टॉक अच्छा है ज्यादातर लोगों की बात हो रही है हां है वो 2 पर लोग जो कि स्टॉक में अल्ट्रा ह्यूज वेल्थ बना लेते हैं जिनको कि 50-50 पर का सीजेआर मिल जाता है जैसे कि टाइटन स्टॉक लास्ट 20 साल में 40 पर का सीएजीआर दिया है यानी आज से 20 साल पहले किसी ने इस स्टॉक में पैसा लगाया होता ₹1 लाख तो आज 33 करोड़ बन गए होते हैं ये बिल्कुल भी मजाक नहीं है लेकिन लेकिन लेकिन ध्यान दो
इस बात पे क्या अभी के वैल्यू के हिसाब से वो और ग्रो करेगा यहीं पे लोग गलती करते हैं कि हां इसने इतना रिटर्न दिया है तो इसी में लगा लेते हैं क्योंकि ये तो आगे भी बढ़ेगा राइट लेकिन अक्सर ऐसा नहीं होता जो लोग सोचते हैं एट लार्ज उसका उल्टा ही होता है ज्यादातर समय और कई लोग यही गलती करते हैं कि अभी कोई स्टॉक मान लो ₹10 का है तो उसमें एक ही इंसान ने ₹ लाख लगा दिया ये सोच के कि हां ये तो 5 साल में 1 करोड़ दो करोड़ हो जाएगा
लेकिन ऐसा करने में ज्यादातर लोग 99 लोग फेल हो जाते हैं तो इतना जब माथा पेची है कि स्टॉक स्टॉक कौन चुने राइट तो यहीं पर पिक्चर में आता है म्यूचुअल फंड्स म्यूचुअल फंड से तो आपको कुछ याद आ ही रहा होगा इतने सारे क्रिकेटर्स के ऐड्स जो कहते हैं म्यूचुअल फंड सही है तो अब आपको पता चला वो ऐसा क्यों कहते हैं क्योंकि रियलिस्टिकली स्पीकिंग म्यूचुअल फंड्स आपको गुड रिटर्न दे देते हैं ना एक्स्ट्राऑर्डिनरी रिटर्न ना ही बैंक की तरह स्नेल की तरह रिटर्न बल्कि ठीक-ठाक रिटर्न और म्यूचुअल फंड्स के भी बहुत सारे कैटेगरी
होते हैं इतने कैटेगरी आपको देख के लगे साला किसम लगाऊ पैसा इतना सारा कैटेगरी है लेकिन ओवरऑल मोटा मोटी बात करें तो तीन कैटेगरी होते हैं पहला लार्ज कैप म्यूचुअल फंड्स यानी ये म्यूचुअल फंड्स उन कंपनीज में पैसा लगाते हैं जो कि ऑलरेडी लार्ज है जिनके बड़े-बड़े ऑफिस है जैसे कि मैंने कहा airtel's जैसा सिचुएशन आ जाए तो ये ज्यादा नहीं गिरते बट रिटर्न्स भी उतना ज्यादा नहीं देते सेकंड में आते हैं मिड कैप म्यूचुअल फंड्स यानी ये मीडियम साइज्ड कंपनी में लगा ते हैं जो कि अभी लार्ज नहीं है लेकिन उसमें बढ़ने का स्कोप
है तो ये म्यूचुअल फंड्स थोड़ा ज्यादा रिटर्न दे देते हैं और तीसरा नंबर पे आता है स्मॉल कैप कंपनीज आपको याद है मैंने उस बच्चे का एग्जांपल दिया था आपको कि 5 साल के बच्चे का ज्यादा हाइट बढ़ेगा या 30 साल के इंसान का तो वही लॉजिक यहां पे अप्लाई होता है आपको मैं फिर से बता दूं कि इंडिया में स्मॉल कंपनीज का बहुत बड़ा रोल है इकोनॉमी को बूस्ट करने में और इन कंपनीज का जो ग्रोथ पोटेंशियल होता है वो बहुत ज्यादा होता है तो फिर से एकदम रियलिस्टिकली बात करें तो ये सबसे ज्यादा
वेल्थ बिल्ड करते हैं लेकिन लॉन्ग टर्म में रिस्क यही है कि आज अगर कोई पैसा लगाया तो हो सकता है कि एक दो तीन साल में पैसा घट जाए मे बी मे बी उतना ही का उतना ही रहे लेकिन 10 साल 20 साल में ये इतना वेल्थ देके गया है पास्ट में जिसका कोई हिसाब नहीं लेकिन स्मॉल कैप म्यूचुअल फंड्स जो होते हैं या फिर ओवरऑल स्मॉल कैप कंपनीज की भी बात करें तो ये बाजीगर के लिए होता है यानी जिनका हार्ट बहुत ही स्ट्रांग है क्योंकि मैं बार-बार बोल रहा हूं कि हर चीज को
आपको रियलिस्टिकली देखना है ये नहीं कि ये एकदम एकदम सोने का खजाना आपको मिल गया क्योंकि इसमें समय लगता है अगर आप समय दोगे तो यह आपको छप्पर फाड़ के पैसे देगा ऐसा नहीं कि लोग जो दिखाते हैं ना कि ट्रेडिंग कर लो स्टॉक मार्केट में एक दिन में लाखों रुपए आ रहे हैं अरे भाई मैं बता रहा हूं वो सब में कभी मत पढ़ना instagram's youtube's ये सब इतने सारे ट्रेडिंग के वीडियो से भरे हुए हैं कि आपको लगे कि इससे कितना अमीर बना जा सकता है ट्रेडिंग मतलब आप आज ही सुबह स्टॉक खरीदें
और शाम को ही स्टॉक को बेच दिए सिंपल भाषा में बताऊं तो इसी को ट्रेडिंग कहा जाता है और बाकी एक फ्यूचर एंड ऑप्शंस की अलग दुनिया है वो थोड़ा कॉम्प्लेक्टेड के हिसाब से 90 पर से ज्यादा लोग लॉस करते हैं जो कि शॉर्ट टर्म में ये गेम खेलते हैं शॉर्ट टर्म में ये लोग लॉस करते जाते हैं और असल में पैसा वो बना के ले जाते हैं जो कि लॉन्ग टर्म के लिए मार्केट में पैसा लगाते हैं कई सालों के लिए जो लोग लगाते हैं वो लोग पैसा बना के निकल जाते हैं तो एक
तरह से मैं कहूं तो मेरा ये ओपिनियन है देखो ये मेरी लाइंस है कि बैंक्स आपको बस सेफ्टी के नाम पे कम रिटर्न देके चली जाती है और आप उल्लू बन जाते हो लेकिन यहां पर आपको यह भी जानने की जरूरत त है कि सारा कमाया हुआ पैसा मार्केट में नहीं लगाना चाहिए देखो मैं अपनी बात करूं तो मैं एकदम सिंपल रूल फॉलो किया हूं और वो है आधा-आधा यानी हाफ हाफ अब ये हाफ हाफ क्या है देखो क्योंकि यंग हूं मैं क्योंकि अभी मैं रिटायरमेंट से बहुत दूर हूं तो मेरा खुद का आधा वेल्थ
सेफ एसेट्स में है यानी बैंक एफडी वगैरह लेकिन आधा स्टॉक मार्केट में भी है यानी बैंक्स का भी पर्पस है ऐसा नहीं है कि बिल्कुल नहीं है इंसान के पास सेफ पैसा भी होना चाहिए जो कि एकदम पीस ऑफ माइंड दे कि हां वो पैसा कहीं नहीं जा रहा रहेगा अकाउंट में मस्त लेकिन कुछ पैसा ऐसे वेल्थ जेनरेटर्स में भी होना चाहिए और म्यूचुअल फंड्स की बात को कंटिन्यू करें तो देखो म्यूचुअल फंड्स जो होते हैं वो उस सर्विस को कहा जाता है जहां पर एक एक्सपर्ट फंड मैनेजर रहता है और उसके पास सालों का
एक्सपीरियंस होता है और वो बहुत सारे स्टॉक्स के बास्केट को खरीदता है यानी ऐसा नहीं कि वो सारे पैसे को एक ही स्टॉक में लगा दिया वो अपने रिसर्च के हिसाब से बहुत सारे स्टॉक्स में पैसा लगाता है और वही चीज एक फंड के रूप में रहती है यानी किसी को अगर माथा पेची नहीं करना है बिना मतलब के एनर्जी वेस्ट नहीं करना है है किसी एक्सपर्ट के हाथों में अपना पैसा देना है और पैसे को ग्रो करना है तो वो जाके म्यूचुअल फंड ले सकता है एकदम सिंपल है ये म्यूचुअल फंड्स किसी भी फैमिली
में अगर फाइनेंशियल नॉलेज है तो समझ लो कि परिवार का आधा से ज्यादा काम हो गया ऐसा इसलिए बता रहा हूं क्योंकि कई लोग हैं जिनको अवेयरनेस ही नहीं है यानी जो दिमाग है ये खोपड़ी है इसके कोने-कोने में नहीं है कि कंपाउंडिंग कितना बड़ा मैजिक है और इस बात को जानना कि 7 पर कोई एसेट हमें दे रहा है रिटर्न और दूसरी तरफ 14 पर कोई दे रहा है तो अगर एंड कॉर्पस % वाले का 50 लाख होगा तो ऐसा नहीं कि 14 पर वाले का डबल होगा यानी 1 करोड़ होगा 20 साल में
वैसा नहीं है बल्कि बहुत फर्क है ये 14 पर वाला मल्टीपल करोस में चल जाएगा और 7 पर वाला कहीं नहीं जाएगा एक एक परसेंट का वैल्यू है तो अगर आपने अभी तक यहां तक वीडियो देख लिया है तो मान लो आप कि आपको बहुत बड़ा नॉलेज मिल गया जो कि आपको लाइफ टाइम हेल्प करेगा ये आप लिख के रख लो और आज नहीं तो कल आपको इस नॉलेज की वैल्यू पता चलेगी ही चलेगी तो इस फाइनेंस सीरीज के भी बहुत सारे पार्ट्स आएंगे अभी तो बस नॉलेज का कुछ बूंद छिड़का हूं आपके ऊपर अभी
बहुत सी बातें हैं जो कि आपको पता होनी चाहिए तो अगर आप फाइनेंस में इंटरेस्टेड हो कि हमारे जो नॉलेज का सीरीज होता है जिसमें आपको अलग-अलग तरह के नॉलेज मिलते हैं वो तो है ही ऑफकोर्स लेकिन साथ-साथ कभी-कभी फाइनेंस वीडियोस भी आना चाहिए मेरे हिसाब से तो वीडियो कैसा लगा नीचे कमेंट जरूर करना और अगर आपका कोई क्वेश्चन है तो नीचे कमेंट जरूर करना वीडियो को लाइक जरूर करना और अगर आपने अभी तक चैनल को सब्सक्राइब करके ऑल नोटिफिकेशंस पे क्लिक किया हुआ है तब तो ठीक है डन लेकिन अगर आपने अभी तक नहीं
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