भाई एक होता है सिनेमा एंड एक होता है बैड एस सिनेमा जो या तो पागल लोग बनाते हैं या लोगों को पागल बनाते हैं और यहां तो बात करते हैं आगे वेल हेलो मेरा नाम है योगी और हमारी मुलाकात बार-बार होगी हिमेश रेशमिया स्टारर द मोस्ट अवेटेड फिल्म ऑफ द डिकेड ऑफ द सेंचुरी ऑफ द यूनिवर्स ऑफ द ग्लोब बैड एस रवि कुमार थिएटर में देखी वह भी डीडीसी गैंग के साथ और डीडीसी से याद आया तुम्हें हिमेश रेशमिया की कसम सूरज के चैनल पर जाओ और सब्सक्राइब कर दो नागपुर में 1 मिलियन करवाने हैं
भाई के जाओ फटाक से क्योंकि बैड एस रवि कुमार में सूरज का कैमियो भी है भाई यकीन नहीं हो रहा ना मुझे भी नहीं हुआ था मूवी देखो जाके उसके चैनल को सब्सक्राइब करो पता चल ही जाएगा एंड अब बात हिमेश भाई के ग ग्रैंड पिक्चर की तो देखो पिक्चर के स्टार्टिंग में ही आपको बड़े-बड़े लेटर्स में बताया और दिखाया जाता है लॉजिक ऑप्शनल तो अगर मेकर्स ही आपको सीधा-सीधा बता रहे हैं कि भाई मूवी को घ ने से ही देखो तो क्यों ज्यादा मगज मारी करना है भाई मैं तो बोलता हूं अपने मगज को
ना साथ में लेकर ही मत जाओ घर पर रखो और जो दिख रहा है स्क्रीन पर बस उसे एंजॉय करो भाई हिमेश भाई ने कहर ढा दिया है मूवी में उन्होंने बता दिया कि डायलॉग बाजी क्या होती है कैसे डिलीवर किया जाता है एक-एक डायलॉग अरे ये एसआर के सलमान रितिक अल्लू अर्जुन प्रभास कौन है भाई उनको सीखना चाहिए अपने हिमेश भाई से और डायलॉग से याद आया हिमेश भाई जबजब भी मुंह खोलते हैं ना बस राइमिंग ही सुनाई देगी आपको जितना आपने ट्रेलर में देखा होगा उससे कई गुना ज्यादा शेरो शायरी वाले डायलॉग्स है
हिमेश भाई के और हर एक डायलॉग में वो बैड एस कम क्यूट एस ज्यादा लग रहे थे शेर के पैरों में काटा चुप जाने से जंगल कुत्तो का नहीं हो जाता जगावर चौधरी अरे भाई भाई भाई एक और अबे जा तेरे शरीर में इतना खून नहीं होगा जितना रवि कुमार एक बार में मद देता है यह लैला तुम्हारा थैला बना के मार्केट में बेच देगी ऐसे-ऐसे डायलॉग्स उनके मुंह से सुनोगे ना आपको प्यार आएगा हिमेश भाई पे इतना कि वो सामने अगर आएगा ना तो पप्पी देने का मन करेगा आपका एक और था जब रवि
कुमार किसी पाकिस्तानी गाय को धमका के और टीज करके डायलॉग बोलता है खुशनसीब हो तुम जो तुम्हें शेर का शिकार करने का मौका मिलता है हमें तो चूहे मारने पड़ते हैं भाई जिसने भी इस मूवी के डायलॉग्स लिखे हैं ना वो पक्का 70 80 के फिल्मी एरा को पूरी तरह घोल के पी गया होगा फॉर श्यर क्योंकि लिटरली उस जमाने की कोई एक्शन थ्रिलर मास मसाला वाली मूवी देखना आप उसमें ऐसे ही डायलॉग्स होते थे और ना मुझे तो लग रहा है ना कि हिमेश रेशमिया को मूवी बनानी ही नहीं थी गाने का एल्बम बनाना
था जिसको बनाते बनाते अपने आप ही पूरी मूवी बन गई क्योंकि भाई हर 10 मिनट में एक गाना आपके सामने आ जाता है अरे गानों के बीच में दूसरा गाना शुरू हो जाता है भाई गानों की खदान है मूवी में लास्ट लास्ट में तो हिमेश भाई ने लगातार गानों की लड़ी लगा दी थी एक दो ती 4 पांच छह गाने एक साथ चले ही जा रहे हैं भाई साहब एंड फेल्ड के मैं मूवी देखने आया था कि कंसर्ट नहीं मतलब उनको भी लगा होगा कि लॉजिक ऑप्शनल लिख ही तो दिया है ना चलने दो इसकी
मां का पब्लिक को थोड़ा ब्रेक तो मिले डायलॉग बाजी से और भाई आज ना लॉजिक लॉजिक का जो कांड चल रहा है तो इस मूवी के लॉजिक की तरह इस मूवी की स्टार रेटिंग भी ऑप्शनल है तो अगर मेरे रिव्यू से इसके स्टार गिन सके तो गिन लेना जाओ ओवरऑल इट्स अ गुड वच एंटरटेनमेंट से भरपूर मूवी जिसको हिमेश में आ के प्यार की वजह से देख सकते हो नहीं तो मूवी को देखने का भी कोई लॉजिक बनता नहीं है चलो बाय बैड एस रवि कुमार बैड एस रवि कुमार वाई भा बाई बाय