श्री शिवाय नमस्तुभ्यं भक्तों अगर आप भी कंगाली से बचना चाहते हैं तो भूलकर भी महाशिवरात्रि पर इन चीजों की खरीददारी मत करना वरना आपके जीवन में आपको इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं जी हां भक्तों आज की वीडियो में हम आपको बताएंगे कि महाशिवरात्रि वाले दिन आपको कौन-कौन सी चीजें हैं जो भूलकर भी नहीं खरीदनी चाहिए देखिए जैसा कि आप सभी जानते हैं साल 2025 में महाशिवरात्रि का जो त्यौहार है वह 26 फरवरी 2025 को पड़ रहा है जो कि बुधवार का दिन है इसी कारण से महाशिवरात्रि का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है
और आप सभी जानते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ जी की पूजा होती है माता पार्वती जी की पूजा होती है इसी के साथ भक्तों आपको बता दें कि महाशिवरात्रि वाले दिन हम बहुत सारी चीजों की खरीददारी करते हैं क्योंकि जो भी चीज हम खरीदते हैं वह 13 गुना हो जाती है यानी अगर मान लीजिए हमने सोना खरी है तो वह हम हमें आगे आने वाले समय में आने वाले हमारे जीवन में 13 गुना अधिक प्राप्त होगा इसी तरह से हम जो भी चीज खरीदते हैं ना वह 13 गुना बढ़ जाती है और यही
कारण है कि ज्यादा से ज्यादा लोग महाशिवरात्रि वाले दिन खरीददारी करते हैं इस दिन सोना चांदी और भी बहुत सारी चीजों की खरीददारी की जाती है जो बहुत ही शुभ रहता है खास करके आपने देखा भी होगा कि रुद्राक्ष है शंख है चांदी के आभूषण है और भी बहुत सारी चीजों की इस दिन खरीददारी की जाती है जिससे कि आने वाले हमारे जीवन में हमेशा सब कुछ अच्छा हो धन की हमें प्राप्ति हो और हमारे जीवन में कभी भी हमें गरीबी और दरिद्रता का सामना ना करना पड़े लेकिन आज की वीडियो में हम आपको बताएंगे
कि आपको कौन-कौन सी चीजें हैं जो भूलकर भी महाशिवरात्रि वाले दिन नहीं खरीदनी चाहिए बहुत सारे लोगों को इस चीज की जानकारी नहीं होती है और महाशिवरात्र के दिन वह कुछ ऐसी चीजें ऐसा सामान खरीद लेते हैं जिसके परिणाम उन्हें अपने जीवन में भुगतने पड़ते हैं देखिए उनका जो धन होता है ना वह कम होता चला जाता है और भी बहुत सारे कष्टों का फिर सामना करना पड़ता है तो आपको भी यह जानना बहुत जरूरी है कि कौन-कौन सी वह चीजें हैं जो भूलकर भी आपको महाशिवरात्रि वाले दिन नहीं खरीदनी है तो भक्तों धर्मशास्त्र के
अनुसार प्राकृति का यह नियम है कि जो महाशिवरात्रि है वह गंगा जल की हर एक बूंद की तरह जो है पवित्र मानी गई है शुभकारी मानी गई है हमारे हिंदू पर्व में जो शिवरात्रि का बहुत ही महत्व है और यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को जो है भक्तों मनाया जाता है भक्तों अगर आप वाकई में भगवान शिव को अपने घर पर बुलाना चाहते हैं उनकी कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो महाशिवरात्रि के दिन यह एक चीज जो है अवश्य अपने घर में लेकर के आए जिसके साथ भोले बाबा खींचे चले
आएंगे यह चीज भगवान भोलेनाथ को आकर्षित करता है जहां भगवान भोलेनाथ को कुछ चीज प्रिय है तो वहीं भक्तों कुछ चीज जो है अप्रिय भी है कुछ ऐसी चीज है जिनका भगवान भोलेनाथ की पूजा में अगर इस्तेमाल ना किया जाए तो भगवान भोलेनाथ का पूजन जो है अधूरा रह जाता है वहीं कुछ चीज ऐसी भी होती है जो अगर अनजाने में आप भगवान भोलेनाथ को अर्पित कर देंगे तो उससे भगवान भोलेनाथ जो है आपसे रुष्ट हो जाएंगे इसीलिए भगवान भोलेनाथ की पूजा करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए भक्तों आज की इस वीडियो
में हम आपको बताएंगे कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर क्या करें और क्या ना करें कौन सी ऐसी वस्तु वस्तुएं हैं जो भगवान भोलेनाथ को अति प्रिय है और कौन सी ऐसी वस्तुएं हैं जो भगवान भोलेनाथ को बिल्कुल भी प्रिय नहीं है और कौन सी वस्तु है जो भगवान भोलेनाथ को भोल से भी अर्पित नहीं करना चाहिए लेकिन उससे पहले भक्तों अगर आपने अभी तक चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है तो चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए और सच्चे दिल से कमेंट बॉक्स में लिखिए हर हर महादेव ओम नमः शिवाय भक्तों महाशिवरात्रि की आप सभी दर्शकों
को हार्दिक शुभकामनाएं तो चलिए सबसे पहले जानते हैं कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर क्या करना चाहिए जिससे भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती के जो है आशीर्वाद प्राप्त हो भक्तों महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा जो है सफेद वस्त्र या फिर लाल रंग के वस्त्र धारण करके ही करें सफेद और लाल रंग के वस्त्र धारण कर आप जो है भगवान भोलेनाथ का पूजन करना बहुत ही शुभ माना जाता है यदि संभव हो तो इस दिन पूजा में सफेद वस्त्र पहने महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान भोलेनाथ की जो है शिवलिंग का पूजन अवश्य ही
करें शास्त्रों के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान भोलेनाथ जो है शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे इसीलिए इस दिन शिवलिंग का पूजन करना सबसे सर्वश्रेष्ठ माना जाता है शिवलिंग का पूजन करने से भोलेनाथ और माता पार्वती की जो है असीम कृपा प्राप्त होती है भक्तों वैसे तो महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ का पूजन जो है रात्रि के चारों पहर में किया जाता है लेकिन भगवान भोलेनाथ का पूजन प्रदोष काल में भी अवश्य करना चाहिए प्रदोष काल स्वयं भगवान भोले नाथ का ही काल होता है मान्यताओं के अनुसार प्रदोष काल के समय भगवान भोलेनाथ जो
है शिवलिंग में विराजमान रहते हैं इसलिए महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आप जो है भक्तों प्रदोष काल में भगवान भोलेनाथ का पूजन अवश्य ही करें महाशिवरात्रि और प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त जान लीजिए भक्तों महाशिवरात्रि इस बार पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 26 को होगी भक्तों इस साल महाशिवरात्रि 26 फरवरी को मनाई जाएगी वैदिक पंचांग के अनुसार 2025 में महाशिवरात्रि 26 फरवरी को मनाई जाएगी और पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 619 से लेकर रात 9 ब 26 मिनट तक रहेगा पारण का शुभ मुहूर्त 27 फरवरी को सुबह
648 से 844 मिनट तक प्रथम पहर पूजन का समय 26 फरवरी को शाम 619 से लेकर रात 926 तक रहेगा पारण का शुभ मुहूर्त 27 फरवरी को सुबह 648 से 854 तक प्रथम पहर पूजन का समय 26 फरवरी को शाम 619 से लेकर रात 926 तक रहेगा दूसरा पहर के पूजन का समय 26 फरवरी को रात 926 से 27 फरवरी को अर्धरात्रि 1234 तक रहेगा तीसरे पहर के पूजन का समय 27 फरवरी को अर्ध रात्रि 1234 से सुबह 341 तक रहेगा भक्तों महाशिवरात्रि का मतलब है भगवान शिव का रात्रि के समय में पूजन करना इससे
भगवान भोलेनाथ के साथ-साथ माता पार्वती अति शीघ्र प्रसन्न हो जाएंगे और आपको जो है मनचाहा वरदान देंगे महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के साथ अगर आप जो है माता पार्वती जी का पूजा करते हैं मतलब अगर आप जो है माता पार्वती जी की अवश्य ही पूजा करें ऐसे करने से आपको भगवान शिव के साथ-साथ माता पार्वती जी का आशीर्वाद प्राप्त होगा महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ की जो है शिवलिंग पर बेलपत्र अवश्य ही अर्पित करें बेलपत्र भगवान भोलेनाथ को अति प्रिय है बेलपत्र के बिना भगवान भोलेनाथ का जो पूजा है उसे भक्तों अधूरा माना जाता है
भक्तों बेलपत्र एक पत्ता को नहीं माना जा है एक दंडी में जो तीन पत्र जुड़े होते हैं उन्हें बेलपत्र कहा जाता है एक दंडी में तीन जो जुड़े हुए बेलपत्र होते हैं उसे बेलपत्र कहते हैं और उसी को ही शिवलिंग पर अर्पित करें और चंदन से ऊपर पर आप जो है ओम नमः शिवाय लिख कर के इस बेल पत्र को आप जो है अर्पित करें ऐसे करने से भगवान भोलेनाथ की जो है कृपा प्राप्त होता है महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को पूजन में आप जो है अचत जरूर अर्पित करें ऐसे करने से आपको भगवान
शिव का आशीर्वाद प्राप्त होगा इस दिन रात्रि के समय में आप जो है भगवान शिव का जागरण अवश्य ही करें जिससे आपको महाशिवरात्रि का पूर्ण फल जो है प्राप्त हो सके भक्तों महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करने से पहले भगवान श्री गणेश भगवान कार्तिक नंदी जी और माता पार्वती जी का पूजन अवश्य ही करना चाहिए नहीं तो आपको भगवान शिव की पूजा का फल जो है भक्तों प्राप्त नहीं होगा इस दिन बैल को हरा चारा अवश्य से ही खिलाना चाहिए क्योंकि बैल को नंदी जी का स्वरूप माना जाता है जो भगवान शिव के
ही अत्यधिक प्रिय है जो भगवान शंकर जी को अत्यधिक प्रिय है भक्तों महाशिवरात्रि पर इन कार्यों को करने से बचना चाहिए इससे भगवान भोलेनाथ का जो है कृपा प्राप्त होता है भक्तों महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर क्या नहीं करना चाहिए और क्या हमें करना चाहिए आइए इस वीडियो में विस्तार से जानते हैं भक्त महाशिवरात्रि के दिन देर तक इस दिन भूलकर भी नहीं सोना चाहिए और काले रंग के वस्त्र धारण नहीं करना चाहिए क्योंकि काले रंग के वस्त्र धारण करना इस दिन बहुत ही अशुभ माना जाता है महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर आप जो है
चढ़ाई गई चीजों को भूलकर भी ग्रहण ना करें क्योंकि शिवलिंग पर चढ़ाई गई चीजों को ग्रहण करना अशुभ माना जाता है यदि आप शिवलिंग पर जल चढ़ा रहे हैं तो ध्यान रखें शंख से जल बिल्कुल भी ना चढ़ाए भगवान शिव को आप जो है लौटे से जल अर्पित करें शंख से भगवान भोलेनाथ का पूजन नहीं किया जाता है और लौटे से भी जल को चढ़ाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि अगर आप जल में दूध या फिर दही मिलाया है तो आप जो है दूध और दही से भगवान शिव का अभिषेक करने के
लिए तांबे का लोटे का इस्तेमाल ना करें क्योंकि तांबे के पात्र में दूध और दही से जो है जहर बन जाता है इसलिए दूध दही से आप जो है भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर रहे हैं तो आप जो है उसके लिए स्टील या फिर पीतल के लोटे या फिर चांदी के लोटे को जो है इस्तेमाल कर सकते हैं भक्तों महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के पूजन में तुलसी का उपयोग भूलकर भी ना करें क्योंकि आप ऐसे करते हैं तो आपको पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होगा भगवान श्री गणेश और भगवान शंकर जी को जो
है तुलसी अर्पित नहीं किया जाता है इससे दोष लगता है काल सर्प दोष लग जाता है इस दिन भगवान शिव की पूजा में केतकी और चंपा के फूलों का का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि भगवान शिव की पूजन में इनका प्रयोग करना वर्जित माना गया है भगवान शिव की पूजा में हल्दी और कुमकुम का भी प्रयोग भूलकर कर भी नहीं करना चाहिए क्योंकि भगवान शिव बैरागी हैं और हल्दी और कुमकुम सुविधा के प्रतीक माने जाते हैं भक्तों भगवान शिव की जो मूर्ति है अगर शिव परिवार के रूप में है जहां भगवान श्री गणेश भगवान कार्तिकेय
और माता पार्वती है तो आप वहां पर भगवान शिव को हल्दी कुमकुम से जो है तिलक कर सकते हैं लेकिन भगवान शिव की जो शिवलिंग होता है वह भगवान शिव का बैरागी रूप है तो वहां पर आप जो है हल्दी कुमकुम ना लगाएं महाशिवरात्रि के दिन भूलकर भी घर में कलह क्लेश नहीं करना चाहिए और ना ही किसी को अपशब्द बोलना चाहिए यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त नहीं होता है भक्तों महाशिवरात्रि पर शराब और मांस का प्रयोग नहीं करना चाहिए बिल्कुल भी मांस एवं शराब का प्रयोग नहीं करना
चाहिए यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको भगवान शिव और माता पार्वती के साथ-साथ संपूर्ण देवी देवताओं का क्रोध का सामना करना पड़ सकता है आपको इस दिन किसी भी पशु या फिर पक्षी को सताना नहीं चाहिए ना ही उन्हें मारना चाहिए नहीं तो आपके सभी पूर्ण फल जो है नष्ट हो जाएंगे महाशिवरात्रि के दिन महिलाओं और कन्याओं को शिवलिंग को स्पर्श नहीं करना चाहिए आप दूध दही से शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं आप बेलपत्र भी चढ़ा सकते हैं पूजा भी कर सकते हैं लेकिन शिवलिंग को स्पर्श ना करें शिवलिंग पर जब आप जल
चढ़ाते हैं तो वह जल जो है आपके पैरों में नहीं आना चाहिए क्योंकि उसे हम जल धरी कहते हैं शिवलिंग पर बहते हुए जल को हमेशा अपने मस्तक पर स्थान देना चाहिए उसका छींटा अपने बच्चों के ऊपर में मारना चाहिए इससे जो है भक्त शरीर शीतल और नजर दो से और कई प्रकार के जो पीड़ा मुक्त होता है और मन जो है भक्तों शीघ्र शांति मिलती है मन को जो है भक्तों शीघ्र शांति मिलती है शिवलिंग की सदैव आधि परिक्रमा ही करनी चाहिए इस बात का आप जो विशेष ध्यान रखें भक्तों अब जानते हैं शिवरात्रि
के इस पावन अवसर पर वह कौन सी पांच चीज है जिन्हें घर में लाने से महादेव की कृपा जो है सदैव आप पर बनी रहेगी भगवान शिव इन चीजों के साथ आपके घर में चले आते हैं तो चलिए जान लेते हैं भक्तों भगवान शिव का डमरू शिवरात्र के दिन डमरू घर में अवश्य लाना चाहिए और इस दिन भगवान शिव की पूजा में डमरू जो है जरूर बजाना चाहिए इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं हमेशा भगवान शिव के पास डमरू जरूर रखना चाहिए भक्तों अगर आपके घर में शिव परिवार की कोई भी तस्वीर या फिर मूर्ति
नहीं है तो इस खास मौके पर यानी कि महाशिवरात्रि के दिन शिव परिवार को घर में जरूर लगाए इसके साथ ही भगवान शिव की कृपा सदैव आपके परिवार पर बनी रहेगी भक्तों महाशिवरात्रि पर रुद्राक्ष पुराणों के अनुसार एक मुखी रुद्राक्ष साक्षात भगवान भोलेनाथ का ही स्वरूप है भगवान शंकर जी का ही स्वरूप है इसे गले में धारण करने से मनुष्य की हर इच्छा जो है पूरी हो सकती है अगर इस रुद्राक्ष की पूजा करके धन स्थान पर यानी तिजोरी में रखा जाए तो धन से संबंधित नहीं हमेशा हमेशा के लिए जो है भक्तों समाप्त हो
सकती है लेकिन शिवरात्रि पर रुद्राक्ष घर में होना भी बहुत ही शुभ और मंगलकारी होता है भक्तों अगर आप शिवरात्रि पर महामृत्यु यंत्र लाकर के अपने पूजा स्थान पर स्थापित कर रोज उसकी पूजा करते हैं तो इससे सुख स्मृद्धि बनी रहती है इसके साथ ही भगवान शिव भी खींचे चले आते हैं ऐसे में घर में सदैव भगवान शिव का वास होगा भक्तों शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि एक त्रिशूल अगर किसी मंदिर में भ ेंट किया जाए या अपने हाथों से खुद लगाया जाए तो ऐसे व्यक्ति को जन्म जन्मांतर तक गरीबी का सामना जो
है भक्तों नहीं करना पड़ता है भगवान शिव की कृपा ऐसे व्यक्ति पर हमेशा जो है बनी रहती है महाशिवरात्रि पर मंदिरों में एक त्रिशूल अवश्य दें खासकर शिवरात्रि के दिन ही ऐसा करें लेकिन बाकी दिनों में भी आप जो ऐसा कर सकते हैं भक्तों 26 फरवरी 2025 महाशिवरात्रि के दिन सोना चांदी नहीं बल्कि रपए की यह एक चीज घर ले आना भगवान भोलेनाथ जी साथ आएंगे भक्तों साल 2025 में महाशिवरात्रि का पर्व 26 फरवरी को मनाया जाएगा साथ ही साथ अगर आप महाशिवरात्रि पर यह एक चीज अपने घर महाशिवरात्रि वाले दिन लाते हैं तो ऐसा
समझ लीजिए कि भगवान शिव जी आपसे इतना प्रसन्न होते हैं कि वह खुद आपके घर पर आते हैं और कभी आपके घर को छोड़कर नहीं जाते हैं विशेषकर आज की वीडियो में जो ₹10 की चीज हम आपको बताने वाले हैं यह चीज अगर आप महाशिवरात्रि पर लाते हैं तो फिर कभी आपके घर में धन की कमी नहीं होती है है महाशिवरात्रि का दिन बहुत ही शुभ होता है और इस दिन इन चीजों को खरीदने से हमेशा धन में वृद्धि होती है धन जो है यह बढ़ता चला जाता है क्योंकि भक्तों धर्मशास्त्र के अनुसार प्राकृति का
यह नियम है कि जो महाशिवरात्रि है वह गंगा जल की हर एक बूंद की तरह जो है पवित्र मानी गई है शुभकारी मानी गई है हमारे हिंदू पर्व में में जो शिवरात्रि का बहुत ही महत्व है और यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को जो है भक्तों मनाया जाता है भक्तों अगर आप वाकई में भगवान शिव को अपने घर पर बुलाना चाहते हैं उनकी कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो महाशिवरात्रि के दिन यह एक चीज जो है अवश्य अपने घर में लेकर के आए जिसके साथ भोले बाबा खींचे चले आएंगे यह
चीज भगवान भोलेनाथ को आकर्षित करता है जहां भगवान भोलेनाथ को कुछ चीज प्रिय है तो वहीं भक्तों कुछ चीज जो है अप्रिय भी है कुछ ऐसी चीज है जिनका भगवान भोलेनाथ की पूजा में अगर इस्तेमाल ना किया जाए तो भगवान भोलेनाथ का पूजन जो है अधूरा रह जाता है वहीं कुछ चीज ऐसी भी होती है जो अगर अनजाने में आप भगवान भोलेनाथ को अर्पित कर देंगे तो उससे भगवान भोलेनाथ जो है आपसे रुष्ट हो जाएंगे इसीलिए भगवान भोलेनाथ की पूजा करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए भक्तों आज की इस वीडियो में हम
आपको बताएंगे कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर क्या करें और क्या ना करें कौन सी ऐसी वस्तुएं हैं जो भगवान भोलेनाथ को अति प्रिय है और कौन सी ऐसी वस्तुएं हैं जो भगवान भोलेनाथ को बिल्कुल भी प्रिय नहीं है और कौन सी वस्तु है जो भगवान भोलेनाथ को भूल से भी अर्पित नहीं करना चाहिए लेकिन उससे पहले भक्तों अगर आपने अभी तक चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है तो चैनल को सब्सक्राइब कर ली लीजिए और सच्चे दिल से कमेंट बॉक्स में लिखिए हर हर महादेव ओम नमः शिवाय भक्तों महाशिवरात्रि की आप सभी दर्शकों को हार्दिक
शुभकामनाएं तो चलिए सबसे पहले जानते हैं कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर क्या करना चाहिए जिससे भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती के जो है आशीर्वाद प्राप्त हो भक्तों महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा जो है सफेद वस्त्र या फिर लाल रंग के वस्त्र धारण करके ही करें सफेद और लाल रंग के वस्त्र धारण कर आप जो है भगवान भोलेनाथ का पूजन करना बहुत ही शुभ माना जा जाता है यदि संभव हो तो इस दिन पूजा में सफेद वस्त्र पहने महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान भोलेनाथ की जो है शिवलिंग का पूजन अवश्य ही करें
शास्त्रों के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान भोलेनाथ जो शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे इसलिए इस दिन शिवलिंग का पूजन करना सबसे सर्वश्रेष्ठ मान जाता है शिवलिंग का पूजन करने से भोलेनाथ और माता पार्वती की जो है असीम कृपा प्राप्त होती है दोस्त वैसे तो महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ का पूजन जो है रात्रि के चारों पहर में किया जाता है लेकिन भगवान भोलेनाथ का पूजन प्रदोष काल में भी अवश्य करना चाहिए प्रदोष काल स्वयं भगवान भोलेनाथ का ही काल होता है मान्यताओं के अनुसार प्रदोष काल के समय भगवान भोलेनाथ जो है शिवलिंग में
विराजमान मान रहते हैं इसलिए महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आप जो है भक्तों प्रदोष काल में भगवान भोलेनाथ का पूजन अवश्य ही करें भक्तों महाशिवरात्रि का मतलब है भगवान शिव का रात्रि के समय में पूजन करना इससे भगवान भोलेनाथ के साथ-साथ माता पार्वती अति शीघ्र प्रसन्न हो जाएंगे और आपको जो है मनचाहा वरदान देंगे महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के साथ अगर आप जो है माता पार्वती जी का पूजा करते मतलब अगर आप जो है माता पार्वती जी की अवश्य ही पूजा करें ऐसे करने से आपको भगवान शिव के साथ-साथ माता पार्वती जी का आशीर्वाद प्राप्त
होगा महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ की जो है शिवलिंग पर बेलपत्र अवश्य ही अर्पित करें बेलपत्र भगवान भोलेनाथ को अति प्रिय है बेलपत्र के बिना भगवान भोलेनाथ का जो पूजा है उसे भक्तों अधूरा माना जाता है भक्तों बेलपत्र एक एक पत्ता को नहीं माना जा है एक दंडी में जो तीन पत्ते जुड़े होते हैं उन्हें बेलपत्र कहा जाता है एक दंडी में तीन जो जुड़े हुए बेलपत्र होते हैं उसे बेलपत्र कहते हैं और उसी को को ही शिवलिंग पर अर्पित करें और चंदन से उसके ऊपर आप जो है ओम नमः शिवाय लिख कर के इस
बेल पत्र को आप जो है अर्पित करें ऐसे करने से भगवान भोलेनाथ की जो है कृपा प्राप्त होता है महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को पूजन में आप जो अक्षत जरूर अर्पित करें ऐसे करने से आपको भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होगा इस दिन रात्रि के समय में आप जो है भगवान शिव का जागरण अवश्य ही करें जिससे आपको महाशिवरात्रि का पूर्ण फल जो है प्राप्त हो सके भक्तों महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करने से पहले भगवान श्री गणेश भगवान कार्तिक नंदी जी और माता पार्वती जी का पूजन अवश्य ही करना चाहिए नहीं
तो आपको भगवान शिव की पूजा का फल जो है भक्तों प्राप्त नहीं होगा इस दिन बैल को हरा चारा अवश्य ही खिलाना चाहिए क्योंकि बैल को नंदी जी का स्वरूप माना जाता है जो भगवान शिव के अत्यधिक प्रिय है जो भगवान शंकर जी को अत्यधिक प्रिय है भक्तों महाशिवरात्रि पर इन कार्यों को करने से बचना चाहिए इससे भगवान भोलेनाथ का जो है कृपा प्राप्त होता है भक्तों महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर क्या नहीं करना चाहिए और क्या हमें करना चाहिए आइए इस वीडियो में ार से जानते हैं भक्तों महाशिवरात्रि के दिन देर तक इस दिन
भूलकर भी नहीं सोना चाहिए और काले रंग के वस्त्र धारण नहीं करना चाहिए क्योंकि काले रंग के वस्त्र धारण करना इस दिन बहुत ही अशुभ माना जाता है महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर आप जो है चढ़ाई गई चीजों को भूलकर भी ग्रहण ना करें क्योंकि शिवलिंग पर चढ़ाई गई चीजों को ग्रहण करना अशुभ माना जाता है यदि आप शिवलिंग पर जल चढ़ा रहे हैं तो ध्यान रखें शंख से जल बिल्कुल भी ना चढ़ाए भगवान शिव को आप जो है लौटे से जल अर्पित करें शंख से भगवान भोलेनाथ का पूजन नहीं किया जाता है और लौटे
से भी जल को चढ़ाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि अगर आप जल में दूध या फिर दही मिलाया है तो आप जो है दूध और दही से भगवान शिव का अभिषेक करने के लिए तांबे का लौटे का इस्तेमाल ना करें क्योंकि तांबे के पात्र में दूध और दही से जो है जहर बन जाता है इसीलिए दूध दही से आप जो है भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर रहे हैं तो आप जो है उसके लिए स्टील या फिर पीतल के लौटे या फिर चांदी के लौटे को जो है इस्तेमाल कर सकते हैं भक्तों महाशिवरात्रि
के दिन भगवान शिव की पूजन में तुलसी का उपयोग भूलकर भी ना करें क्योंकि आप ऐसे करते हैं तो आपको पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होगा भगवान श्री गणेश और भगवान शंकर जी को जो है तुलसी अर्पित नहीं किया जाता है इससे दोष लगता है काल सर्प दोष लग जाता है इस दिन भगवान शिव की पूजा में केतकी और चंपा के फूलों का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि भगवान शिव की पूजन में इनका प्रयोग करना वर्जित माना गया है भगवान शिव की पूजा में हल्दी और कुमकुम का भी प्रयोग भूलकर भी नहीं करना चाहिए
क्योंकि भगवान शिव बैरागी है और हल्दी और कुमकुम सुविधा के प्रतीक माने जाते हैं भक्तों भगवान शिव की जो मूर्ति है अगर शिव परिवार के रूप में है जहां भगवान श्री गणेश भगवान कार्तिके और माता पार्वती है तो आप वहां पर भगवान शिव को हल्दी कुमकुम से जो है तिलक कर सकते हैं लेकिन भगवान शिव की जो शिवलिंग होता है वह भगवान शिव का बैरागी रूप है तो वहां पर आप जो है हल्दी कुमकुम ना लगाए महाशिवरात्रि के दिन भूलकर भी घर में कलह क्लेश नहीं करना चाही चाहिए और ना ही किसी को अपशब्द बोलना
चाहिए यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त नहीं होता है भक्तों महाशिवरात्रि पर शराब और मांस का प्रयोग नहीं करना चाहिए बिल्कुल भी मांस एवं शराब का प्रयोग नहीं करना चाहिए यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको भगवान शिव और माता पार्वती के साथ-साथ संपूर्ण देवी देवताओं का क्रोध का सामना करना पड़ सकता है आपको इस दिन किसी भी पशु या फिर पक्षी को सताना नहीं चाहिए ना ही उन्हें मारना चाहिए नहीं तो आपके सभी पूर्ण फल जो है नष्ट हो जाएंगे महाशिवरात्रि के दिन महिलाओं और कन्याओं को शिवलिंग को
स्पर्श नहीं करना चाहिए आप दूध दही से शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं आप बेलपत्र भी चढ़ा सकते हैं पूजा भी कर सकते हैं लेकिन शिवलिंग को स्पर्श ना करें शिवलिंग पर जब आप जल चढ़ाते हैं तो वह ज्वल जो है आपके पैरों में नहीं आना चाहिए क्योंकि उसे हम जलहरी कहते हैं शिवलिंग पर बहते हुए जल को हमेशा अपने मस्तक पर स्थान देना चाहिए उसका छींटा अपने बच्चों के ऊपर में मारना चाहिए इससे जो है भक्तों शरीर शीतल और नजर दोष से और कई प्रकार के जो पीड़ा मुक्त होता है और मन जो है
भक्तों शीघ्र शांति मिलती है मन को जो है भक्तों शीघ्र शांति मिलती है शिवलिंग की सदैव आदि परिक्रमा ही करनी चाहिए इस बात का आप जो विशेष ध्यान रखें भक्तों अब जानते हैं शिव के इस पावन अवसर पर वह कौन सी पांच चीज है जिन्हें घर में लाने से देव की कृपा जो है सदैव आप पर बनी र रहेगी भगवान शिव इन चीजों के साथ आपके घर में चले आते हैं तो चलिए जान लेते हैं भक्तों भगवान शिव का डमरू शिवरात्रि के दिन डमरू घर में अवश्य लाना चाहिए और इस दिन भगवान शिव की पूजा
में डमरू जो है जरूर बजाना चाहिए इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं हमेशा भगवान शिव के पास डमरू जरूर रखना चाहिए भक्तों अगर आपके घर में शिव परिवार की कोई भी तस्वीर या फिर मूर्ति नहीं है तो इस खास मौके पर यानी कि महाशिवरात्र के दिन शिव परिवार को घर में जरूर लगाए इसके साथ ही भगवान शिव की कृपा सदैव आपके परिवार पर बनी रहेगी भक्तों महाशिवरात्रि पर रुद्राक्ष पुराणों के अनुसार एक मुखी रुद्राक्ष साक्षात भगवान भोलेनाथ का ही स्वरूप है भगवान शंकर जी का ही स्वरूप है इसे गले में धारण करने से मनुष्य की
हर इच्छा जो है पूरी हो सकती है अगर इस रुद्राक्ष की पूजा करके धन स्थान पर यानी तिजोरी में रखा जाए तो धन से से संबंधित परणी हमेशा हमेशा के लिए जो है भक्तों समाप्त हो सकती है लेकिन शिवरात्रि पर रुद्राक्ष घर में होना भी बहुत ही शुभ और मंगलकारी होता है भक्तों अगर आप शिवरात्रि पर महामृत्यु यंत्र लाख के अपने पूजा स्थान पर स्थापित कर रोज उसकी पूजा करते हैं तो इससे सुख स्मृद्धि बनी रहती है इसके साथ ही भगवान शिव भी खींचे चले आते हैं ऐसे में घर में सदैव भगवान शिव का वास
होगा भक्तों शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि एक त्रि अगर किसी मंदिर में भेंट किया जाए या अपने हाथों से खुद लगाया जाए तो ऐसे व्यक्ति को जन्म जन्मांतर तक गरीबी का सामना जो है भक्तों नहीं करना पड़ता है भगवान शिव की कृपा ऐसे व्यक्ति पर हमेशा जो है बनी रहती है महाशिवरात्रि पर मंदिरों में एक त्रिशूल अवश्य दे खासकर शिवरात्र के दिन ही ऐसा करें लेकिन बाकी दिनों में भी आप जो ऐसा कर सकते हैं भक्तों महाशिवरात्रि पर मोर पंख जो है अवश्य अपने घर में लाना चाहिए कि किसी खास मौके पर ही
मोर पंख जो है अपने घर में लाना चाहिए बहुत ही शुभ और मंगलकारी माना जाता है मोर पंख कई दिव्य शक्तियों से भरा पड़ा है जहां होता है मोर पंख उस घर में गरीबी जो है कभी नहीं आती है ऐसा घर पर सदैव जो है भगवान श्री कृष्ण अपनी कृपा जो है हमें बनाई रहती है भक्तों शिव पुराण के अनुसार माना जाता है कि महाशिवरात्रि पर व्रत धारी को धतूरा अवश्य खा लेना चाहिए चाहिए भले ही आप थोड़ा सा खाएं लेकिन खा जरूर ले इससे व्रत जो है पूरा हो जाता है इस दिन भांग खाने
से संपूर्ण फलों की जो है प्राप्ति होती है अगर आप भांग नहीं खाते हैं तो इसे थोड़ा बहुत आप जो है छवा लें नहीं तो आपका व्रत जो है अधूरा माना जाता है भक्तों महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए इन सभी बातों का जो है विशेष रूप से ध्यान रखें जिससे आपको पूजा का पूरा फल प्राप्त हो और भगवान शिव और माता पार्वती की आपको हमेशा जो है कृपा मिल सके भक्तों भक्तों शिवरात्रि आने में अब कुछ ही दिन दूर हैं शिवरात्रि से पहले घर ले
आना यह चीज भक्तों अगर आप शिवरात्रि से पहले अगर यह चीज घर ले आते हो तो समझो आपके घर सुख समृद्धि और महादेव का बस हमेशा के लिए लिए बना रहेगा महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण पर्व है जो भगवान शिव की पूजा और उपासना का विशेष दिन है यह हर वर्ष फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है महाशिवरात्रि का दिन विशेष रूप से उपवास साधना ध्यान और शिव जी की पूजा के लिए समर्पित होता है इसके साथ ही इस दिन घर में कुछ विशेष चीजों का क्रय करना भी
शुभ माना जाता है जिससे व्यक्ति के जीवन में लाभ और समृद्धि की प्राप्ति होती है भक्तों शिवरात्रि आने से पहले अगर आप अपने घर में में कुछ सामग्री ऐसी हैं अगर आप महाशिवरात्रि आने से पहले घर में खरीद लाते हो तो आपके घर में दिन दो गुनी रात चौगुनी तरक्की होगी आपके घर में धन आने के अवसर प्राप्त हो जाएंगे घर में जो दाना आएगा उसमें वृद्धि होगी पीढ़ी दर पीढ़ी करेंगे रूपों पैसों पर राज बैंक बैलेंस है वह कभी खत्म नहीं होगा बल्कि बढ़ता ही जाएगा अगर आप महाशिवरात्रि से पहले यह चीज अपने घर
में ले आते हैं तो भक्तों वीडियो को पूरा ही देखना होगा बहुत ही ज्ञानवर्धक वीडियो है बहुत ही लाभ मिलेगा भक्तों जिस दिन का इंतजार सभी हिंदू भाइयों को रहता है वह दिन अब आ गया है हमारे द्वारा बताई हुई सभी जानकारी पुराणों द्वारा आधारित और ज्योतिष शास्त्र पर आधारित होती है और आपको महाशिवरात्रि से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी बिल्कुल सटीक तरीके से बताई जाएगी इसके लिए भक्तों आपको वीडियो को पूरा ही देखना होगा बहुत ही ज्ञान वर्धक वीडियो है बहुत ही आपको लाभ दे इसीलिए यदि चैनल पर नए हैं तो हमारे चैनल वास्तु
ज्ञान ज्योतिष को जरूर ही सब्सक्राइब कर लीजिए क्योंकि यह एक ऐसे भगवान की आराधना कर सके वीडियो आरंभ करते हैं उससे पहले निवेदन है कि कृपया अपने व्रत की सफलता के लिए महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कमेंट बॉक्स में अवश्य लिखें जय शिवशंकर या ओम नमः शिवाय हर हर महादेव जय शिवशंभू भगवान न का यह मंत्र जब भी लिखा जाता है तो उसे एक सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है और वहां सकारात्मक ऊर्जा आपके आती है अब बात कर लेते हैं महाशिवरात्रि की जिसे मासिक शिवरात्रि कहते हैं परंतु जो फागुन मास की शिवरात्रि होती
है ना वहां फागुन कृष्ण शिवरात्रि बहुत ही महत्त्वपूर्ण होती है महाशिवरात्रि कहा जाता है इस वर्ष की शिवरात्रि 26 फरवरी बुधवार को मनाई जाएगी इस दिन भगवान शंकर के सभी भक्त भवान को जलाभिषेक करते हैं पंचामृत से अभिषेक करते हैं और चार पहर की पूजा भी विशेष रूप से की जाती है इसमें भगवान शंकर के रुद्राभिषेक और वह भी चार पहर के रुद्राभिषेक का विशेष विधान बताया गया है और विशेष फल भी बताया गया भक्तों हैं जो महाशिवरात्रि का त्यौहार होता है साल में एक ही बार आता है यह एक बहुत ही चमत्कारी द्वारा होता
है जिसके ऊपर महादेव का आशीर्वाद मिल जाता है उसे इंसान को सफल होने से दुनिया की कोई शक्ति नहीं रोक सकती तो चलिए भक्तों जान लेते हैं कि वह कौन सी चीज है जिसको घर में लाने से धन संप्रदाय इतनी बढ़ जाती है कि मनुष्य कुछ दिनों में ही धनवान बन जाता है उसके जीवन में कभी भी धन से संबंधित समस्या नहीं आती है अन्य धन्य वस्त्र के भंडार व्यक्ति घर में सदा ही भरे रहते हैं तो आप महाशिवरात्रि से पहले यह एक चीज घर में जरूर लाए तो चलिए जान लेते हैं नंबर एक है
शिवलिंग शिवलिंग का पूजा में विशेष स्थान है महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग की पूजा करके घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास किया जाता है शिवलिंग का प्रतिष्ठान घर में शांति समृद्धि और सुख शांति का कारण बनता है इसे घर के पूजा स्थान पर स्थापित किया जाता है जिससे घर में भगवान शिव की कृपा बनी रहती है नित्य सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और शिवलिंग पर शुद्ध जल लेकर तांबे के पत्थर में जल लेकर शिवलिंग को अर्पित करें और उसी के साथ बेलपत्र शिवलिंग को जरूर अर्पित करें ऐसा करने से आपकी समस्त मनोकामना पूर्ण हो जाएंगे बिल
पत्र बिल्व पत्र की पत्तियां भगवान शिव को अत्यंत प्रिय हैं महाशिवरात्रि के दिन बिल्व पत्र का महत्व बढ़ जाता है इन पत्तियों का शिवलिंग पर अर्पण करना पुण्य काक और लाभकारी माना जाता है इसे घर लाने से घर में सुख समृद्धि और शांति बनी रहती है जो आप शिवलिंग लेकर आएंगे उसे पर गंगा जल की कुछ बो मिलकर शुद्ध जल अर्पित कीजिए गंगाजल को शुद्धता और पुण्य का प्रतीक माना जाता है महाशिवरात्रि के दिन गंगाजल का घर लाना और उससे शिवलिंग की पूजा करना विशेष लाभकारी माना जाता है गंगाजल का घर में होना शुद्धि और
स्वास्थ्य की दिशा में भी अच्छा होता है नंबर दो है रुद्राक्ष रुद्राक्ष की माला या रुद्राक्ष का पूजन भगवान शिव से विशेष आशीर्वाद प्राप्त करने का एक साधन माना जाता है महाशिवरात्रि के दिन रुद्राक्ष की माला घर में लाने से व्यक्ति के जीवन में तनाव कम होता है और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है साथ ही यह माला किसी भी प्रकार के संकट से रक्षा करती है भगवान भोलेनाथ को रुद्राक्ष अत्यधिक प्रिय है अगर आप रुद्राक्ष की माला अपने घर में लेकर आते हो और उसे माला को पूजा स्थान पर रख देने से उसे मालक
के एक-एक रुद्राक्ष जागृत हो जाएंगे प्रतिदिन उसे माला के रुद्राक्ष की गिनती के साथ ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करने से सभी प्रकार की संकट दुख दर्द है वह आपकी जिंदगी से हमेशा के लिए नष्ट हो जाएंगे और भोलेनाथ का आशीर्वाद आपके ऊपर सदा ही बना रहेगा भक्तों हम आपको बता दें भोलेनाथ थोड़े से ही पूजा पाठ से प्रसन्न हो जाते हैं लेकिन अगर आप उनकी प्रिय रुद्राक्ष अगर अर्पित करते तो भोलेनाथ की असीम कृपा आपको महाशिवरात्रि के दिन प्राप्त हो जाएगी और आप धनवान बन जाओगे भक्तों नंबर
तीन है पूजा सामग्री महाशिवरात्रि के दिन पूजा का विशेष ही महत्व है धार्मिक में महाशिवरात्रि बड़े धूमधाम से मनाई जाती है उसी दिन महिलाएं महाशिवरात्रि के दिन व्रत भी रखती हैं पुरुष भी महाशिवरात्रि का व्रत रखते हैं तो व्रत रखने के साथ-साथ वह पूजा पाठ जरूर ही विशिष्ट महत्व रखता है तो कुछ ऐसी सामग्री है जो हम महाशिवरात्रि के पहले घर में ले आना है जो कि पूजा पाठ से संबंधित है महाशिवरात्रि के दिन पूजा के लिए आवश्यक सामग्री जैसे धूप दीपक अग अगरबत्ती तेल शहद नाना प्रकार की मिठाई और फल आदि घर में लाना
शुभ माना जाता है इन चीजों को पूजा के दौरान भगवान शिव को अर्पित किया जाता है जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और व्यक्ति को जीवन में सफलता और समृद्धि मिलती है भक्तों सिद्ध कुमारी महाशिवरात्रि के दिन सिद्ध कुमारी या काल मेघ जैसी औषधियों का सेवन करना बहुत शुभ माना जाता है यह औषधियां शारीरिक और मानसिक रूप से व्यक्ति को मजबूत बनाती हैं और जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में मदद करती है नंबर तीन है शिव चालीसा या महाशिवरात्रि की पूजा पुस्तक शिव चालीसा या महाशिवरात्रि की पूजा के लिए
किताबों का घर में लाना और उनका निय पाठ करना लाभकारी होता है इससे व्यक्ति के जीवन में भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और वह सभी समस्याओं से मुक्त हो जाता है भक्तों हैं किताबें आपको मार्केट में आसानी से देखने को मिल जाएंगे जिसमें महाशिवरात्रि की संपूर्ण कथा शिव चालीसा और पूजा से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी उपलब्ध होती है अगर आप उसे हिसाब से पूजा पाठ करते हैं तो महादेव आप पर प्रसन्न हो जाते हैं और अपना आशीर्वाद आप लोगों के ऊपर बरसते हैं इसलिए महाशिवरात्रि से पहले आप मान शिव चालीसा तथा पूजा
सामग्री से संबंधित पुस्तक घर में लाना शुभ माना जाता है उसके घर में मेन नकारात्मकता दूर हो जाती है सकारात्मक का विकास होता है नंबर चार है सपाट पत्थर या पंचधातु की मूर्तियां महाशिवरात्रि के दिन शिवजी की मूर्तियों का पूजन करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है यदि घर में पंचधातु की मूर्तियां ला कर उनकी पूजा की जाती है तो यह घर में समृद्ध सुख और धन की बरसात करता है यह मूर्ति आपको मार्केट में आसानी से उपलब्ध हो जाएंगे इन मूर्तियों को लाते समय आपको विशेष रूप से ध्यान रखना कि मूर्ति कहीं से
टूटी हुई नहीं होनी चाहिए क्योंकि टूटी हुई मूर्ति खंडित मानी जाती है और वह मूर्ति किसी प्रकार के उपयोग में नहीं आती है इसलिए आप अच्छे से देखकर शिवजी की मूर्ति लेकर आए जो मूर्ति आप घर में लेकर आएंगे वह बैठी हुई अवस्था में होना चाहिए शिवजी की मूर्ति को शिवरात्रि के पहले घर में लाना बहुत ही शुभ माना जाता है घर में मूर्ति जरूरी लाना है नित्य पूजा पाठ करें जल अर्पित करें आपकी मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण हो जाएंगे नंबर चार धन की थैली या बर्तन महाशिवरात्रि के दिन किसी भी रूप में धन का संग्रह
करना जैसे सोने चांदी के बर्तन सिक्के या धन की थैली को घर में लाना श शुभ माना जाता है यह आर्थिक उन्नति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है घर में महाशिवरात्रि के दिन धन की थैली या फिर बर्तन की खरीददारी करना बहुत ही शुभ माना जाता है घर में ढांड की थैली लाने से घर में धान की कमी नहीं होती अन्य धन्य वस्त्र के भंडार घर में सदैव भरे रहते हैं अन्य धन वस्त्र की कभी कमी नहीं रहती महाशिवरात्रि के पहले बर्तनों की खरीदारी भी करना शुभ माना जाता है इसलिए से आप घर में
बर्तन भी खरीद के ला सकते हैं जैसे कि पूजा की थाली आदि नंबर पांच सिद्ध घी और तेल महाशिवरात्रि के दिन विशेष रूप से सिद्ध घी और तेल का महत्व बढ़ जाता है इसका उपयोग दीप जलाने और पूजा करने में किया जाता है इसे घर में लाने से व्यक्ति के घर में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है ज्यादातर क्या होता है कि मार्केट में नकली घी और तेल केमिकल युक्त आ रहे हैं शिवरात्रि की पूजा में आप शुद्ध देसी घी या फिर सही प्रकार के तेल का उपयोग करना है इसलिए आपको शिवरात्रि से पहले
शुद्ध गाय का देसी घी खरीद कर ले आना है जिससे दीप दान का जो भी नियम है वह हम कर सकें नच है शिवजी का चित्र या टाइम पत्र महाशिवरात्रि के दिन शिव जी का चित्र या ताम्र पत्र पर भगवान शिव की पूजा करना विशेष रूप से फलदायक माना जाता है शिव जी के चित्र तथा कम पत्र के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है इसीलिए इस दिन घर में शिवजी के चित्र का व्रत और पूजन से ना केवल मानसिक शांति मिलती बल्कि व्यक्ति के जीवन में आने वाले कष्टों का भी निवारण होता है काले तिल
काले तिल का महाशिवरात्रि के दिन विशेष महत्व है काले तिल का उपयोग भगवान शिव की पूजा में करना या इन्हें घर में लाना बहुत शुभ माना जाता है इनका सेवन या पूजा करने से समृद्ध और समस्त प्रकार के दोषों से मुक्ति मिलती है इस दिन काले तिल का दान करना बड़ी शुभ माना जाता है इससे कई गुना पूर्ण भाव की प्राप्ति होती है काले तिल का उपयोग महाशिवरात्रि की पूजा में बहुत सी महत्त्वपूर्ण भूमिका रखता है खाली तेल आपको मार्केट में आसानी से मिल जाएंगे तो आपको मां शिवरात्रि से पहले काले तेल घर में अवश्य
लेकर आना है जिससे आपको लाभ की प्राप्ति हो सके कच्चे नारियल नारियल को भगवान शिव को अर्पित करने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है कच्चे नारियल का उपयोग महाशिवरात्रि के दिन शिव पर अर्पित किया जाता है यह घर में धन और सुख की वृद्धि करता पंचामृत पंचामृत पांच पदार्थों से बना एक शुद्ध मिश्रण होता है जिसमें दूध दही घी शहद और शक्कर होते हैं महाशिवरात्रि के दिन पंचामृत का उपयोग शिवलिंग का अभिषेक करने के लिए किया जाता है इसे घर में लाकर अभिषेक करने से घर में सुख शांति और समृद्धि आती है पंचामृत के बिना
भगवान शिव की पूजा अधूरी मानी जाती है पंचामृत भगवान भगवान शिव को अत्यधिक प्रिय है शिवरात्रि के दिन शिवलिंग को पंचामृत से स्नान करने से सभी प्रकार के दुख दर्द कष्ट समाप्त हो जाते हैं शिव तंत्र या वशीकरण की की पुस्तकें महाशिवरात्रि के दिन शिव तंत्र से संबंधित पुस्तकें या वशीकरण की पुस्तकें घर लाना भी शुभ होता है यह पुस्तकों का अध्ययन और प्रयोग व्यक्ति के जीवन में सुख शांति और सफलता की दिशा में सहायक साबित होता है शंकर महाशिवरात्रि के दिन घर में शंकर लाना बहुत ही लाभदायक होता है भगवान शिव को शंकर अत्यधिक
प्रिय है इसकी ध्वनि से आसपास के सभी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव दूर हो जाता है और सकारात्मक का विकास होता है इस दिन शंकर को लाना बहुत ही शुभ माना गया है क्योंकि शंकर समुद्र मंथन के द्वारा उत्पन्न हुआ है महाशिवरात्रि एक विशेष अवसर है जब भगवान शिव की पूजा करने और सही चीजों को घर लाने से व्यक्ति को विशेष लाभ मिल सकता है इस दिन विशेष रूप से ध्यान रखने वाली बात यह है कि पूजा और अन्य क्रियाएं सही विधि से की जाएं ताकि भगवान शिव की कृपा प्राप्त हो और जीवन में सुख समृद्धि
और शांति की प्राप्ति हो यह पर्व ना केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है बल्कि इससे व्यक्ति को मानसिक शांति शारीरिक लाभ और भौतिक समृद्धि भी मिल सकती है भक्तों आपने अभी तक कमेंट बॉक्स में हर हर महादेव ना लिखा हो तो जरूर ही लिखते हैं वीडियो को लाइक करें चैनल को सब्सक्राइब करें इसके साथ-साथ भक्तों आप कमेंट बॉक्स में अपनी राश्य भी जरूर डालें हम राश्य से जुड़ा हुआ उपाय भी बताते हैं और भविष्य में चल रही समस्याओं को समाप्त करने के उपाय भी बताते हैं इसलिए आप अपनी राश्य कमेंट बॉक्स में जरूर ही बता
दें चलिए अब जान लेते हैं कि शिवरात्रि पूजा विधि किस प्रकार से करना है तो वीडियो के अंत तक बने रहे शिवरात्रि वाले दिन सभी को व्रत करना चाहिए जो व्रत करते हैं ना वह इस व्रत को शयन काल को ही खोल सकते हैं इसमें खाने पीने में कोई मनाही ही नहीं होती है है इसका व्रत दोनों ही प्रकार से किया जाता है कुछ लोग फलाहारी व्रत रखते हैं और कुछ लोग अनहरी भी रखते हैं अर्थात आप इसके व्रत में फलाहार करके भी रह सकते हैं और यदि आप चाहे तो अन्य का आहार भी सायंकाल
को व्रत खोलकर कर सकते हैं ले सकते हैं यह जो व्रत है यह मीठे भोग से भी खोला जाता है इसमें नमक भी नहीं खाया जाता है और इसमें मीठा आहार लिया जाता है अनाज भी ग्रहण किया जा सकता है परंतु वह मिष्ठान अर्थात मीठे के रूप में हो उसमें नमक का प्रयोग और मिर्च का प्रयोग ना किया गया हो अब बात करते हैं कि व्रत करना कैसे है सुबह की पूजा कैसे करेंगे और व्रत में जो संकल्प महत्त्वपूर्ण होता है ना वह कैसे करना है तो जिस दिन महाशिवरात्रि हो आपको सुबह सूर्योदय से पहले
अवश्य उठ जाना चाहिए अरुण अरुणोदय में आपको स्नान करना चाहिए या तो सूर्योदय से पहले या अरुणोदय का समय होता है जिस समय सूर्य उदित हो रहे होते हैं जब लालिमा छाई होती है ना आकाश में उसे अरुणोदय का समय कहते हैं समय तक आपको स्नान कर लेना चाहिए परंतु क्योंकि आज के समय में जो हमारा स्टाइल है वह सबका बदल गया है नाइट शिफ्ट भी आजकल बहुत होती हैं और यह जो व्रत है यह आज की युवा पीढ़ी में भी बहुत अधिक पॉपुलर है बहुत फेमस है बहुत दिल कनेक्शन है भगवान शंकर को लेकर
और इसीलिए जो युवा पीढ़ी है वह विशेष रूप से इस व्रत को करते हैं तो उनसे भी हमारा अनुरोध है कि यदि आप अपने काम के कारण सुबह सूर्योदय से पहले नहीं उठ पा रहे हैं तो 9:00 बजे से पहले अवश्य स्नान कर ले क्योंकि हमें व्रत वाले दिन तो कम से कम राग चक्षु हूर्तले चाहिए क्योंकि उसके बाद राग संगीत बजे तक आपका स्नान के समय में आप स्थान ना करें स्नान आदि करने के बाद आपको व्रत का संकल्प करना चाहिए संकल्प आप घर में ही कर सकते हैं अगर आप मंदिर नहीं जा पा
रहे हैं तो और यदि आप क्योंकि कुछ लोग होते हैं जो ऑफिस जाते हैं तो आपकी छुट्टी नहीं होती है शिवरात्रि की इसीलिए और शिवरात्रि इस बार वैसे भी वर्किंग डे में है बुधवार को है तो आपको सभी को कार्यालय भी जाना होगा तो आप घर पर किस प्रकार से पूजा कर सकते हैं अगर मंदिर में जा पाए तो उसे विधि से हम पूजन जान लेते हैं स्नान आदि करने के बाद पूजा की सामग्री एकत्र कर लीजिए पूजा की सामग्री में आपके पास भगवान शंकर का कोई चित्र या तस्वीर होनी चाहिए और शिवलिंग है तो
बहुत उत्तम है आप साथ के साथ अभिषेक भी कर सकते हैं शिवलिंग आपके पास नहीं है तो अभी बहुत समय है आप मंगवा सकते हैं भगवान की तस्वीर या फिर होना चाहिए आपके पास में साथ में एक पत्र में शुद्ध जल भरने से पहले थोड़ा गंगा जल डालिए उसके बाद शुद्ध जल भरेगा एक पत्र में आप पंचामृत बनाइए पंचामृत कैसे थोड़ा सा कच्चा दूध थोड़ा सा दही थोड़ा सा घी थोड़ा सा शहर और शक्कर इन पांच चीजों के मिलाकर पंचामृत बनाइए पुष्प रखिएगा फूलों की माला रखिएगा भगवान को अर्पित करने के लिए भांग धतूरा आदि
सामग्री रखिएगा साथ में फिर वह पत्र अवश्य रखिएगा चंदन रखेगा अक्षत रखिएगा धूप रखिएगा दीप रखिएगा यह सारी सामग्री आप एक एकत्र कर लीजिए थाली में एकत्र कर लीजिए और आप आसन लगाकर बैठ जाइए अगर शिवलिंग है तो अतिरिक्त जल भी एक लौटे में भर लीजिए अभिषेक करने के लिए इसके बाद सबसे पहले भगवान की स्थापना फिर हम संकल्प करेंगे उसके बाद आपको एक दीपक जरूर ही जला लेना है दीपक को आसान जरूर ही देना है बिना आसन के आपको दीपक नहीं जलाना है दीपक आप घी का भी जला सकते हो और तेल का भी
जला सकते हो दीपक का बहुत ही विशेष महत्व है दीपक जलाने की बाद फिर भगवान का पूजन करें जो विधि होगी पूजा की वह शास्त्रोक्त विधि होगी जिस विधि से यदि आप मंदिर आते हैं तो हम आपकी पूजा करते हैं तो वही विधि आपके घर पर पूजन करने के लिए बताई जा रही है कि कैसे आप घर पर उसे विधि से पूजन कर सकते हैं सबसे पहले भगवान की तस्वीर आपके पास है तो उनकी स्थापना करना आवश्यक है आपका आज कोई लकड़ी की चौकी है तो उत्तम है नहीं है तो आप पृथ्वी पर रखकर भी
पूजन कर सकते हैं से पहले शुद्धिकरण किया जाएगा उसके बाद हम स्नान करेंगे लौटे में जो जल दिया हुआ है है उसे शुद्धिकरण करेंगे सामग्री और आसपास के स्थान जहां भगवान की तस्वीर रखनी है सभी जगह जल की छेटे दीजिए ओम पवित्र हो पवित्रम सर्वांग वास्तव विभाग सूची ओम प्रकाश स्थान का पवित्र कारण हो गया अब भगवान की तस्वीर को स्थापित करेंगे भगवान की तस्वीर जहां रखती है ना उस स्थान पर भगवान को आसान के रूप में या तो थोड़े पुष्प रखिए या अक्षत चावल रखिए और उसके ऊपर भगवान की त तस्वीर को स्थापित कर
दीजिए तस्वीर को स्थापित करने के बाद अब आप पूजन आरंभ करेंगे पूजन में सबसे पहले संकल्प किया जाता है संकल्प करने के लिए अपने सीधे हाथ में चम्मच से जल लीजिए एक रपए का सिक्का दक्षिण के रूप में काम से कम रखिए अक्षत रखिए और तीन बार बोलिए ओम नमः शिवाय अपना नाम अपना गोत्र किस स्थान पर बैठकर संकल्प कर रहे हैं ना वहां का मकान नंबर क्षेत्र का नाम शहर का नाम आयु अपने माता-पिता का नाम सा सहयोगी आरोग्यता प्राप्त धन संपत्ति प्राप्त है सुख संपत्ति प्राप्त है महाशिवरात्रि उपलक्ष मी गौरी शंकर व्रत पूजन
संकल्प शंकर शिव भोले और वह संकल्प भगवान के चरणों में अर्पित कर दीजिए हम पूजन आरंभ करेंगे सबसे पहले जो पूजा करने वाले हैं उनको भगवान को पत्र अजमानी अर्पित करनी होती है तो आपके पास यदि शिवलिंग है तो आप सीधा डायरेक्ट शिवलिंग पर अर्पित कर सकते हैं हो सके तो आप एक बिल पत्र लेकर शिवलिंग के ऊपर रखकर जल अभिषेक करें अगर आप तस्वीर के साथ पूजन कर रहे हैं ना घर पर पूरी दे दीजिए छोटा सा पत्र ले लीजिए उसको भगवान की तस्वीर के सामने रखिए जिससे कि जो जो चीज अर्पित करनी है
वह द्रव्य उसमें अर्पित करने के लिए हम आपको बोलेंगे आप उसमें अतीत करते जाएगा सबसे पहले भगवान को पत्र अर्पित कीजिए जल अजमाने के लिए एक छम्म या अजमानी लीजिएगा छोटी सी चमची होती है ना लौटे में डालिए भगवान को पद के रूप में जल अर्पित कीजिएगा ओम पद्यम समर्पयामि यदि आपके पास शिवलिंग है तो शिवलिंग पर जल अर्पित कीजिए आगे के रूप में जल लीजिए तांबे या पीतल के लौटे में जल लीजिए गंगा जल मिला हुआ और वह जल और मध्यम समर्पित आम ही भगवान शंकर को अर्पित कीजिए आज मैं आज समय पर आमीन
के रूप में मेरी तस्वीर है तो एक चम्मच जल जो कटोरी है तस्वीर के सामने उसमें अर्पित कीजिए आज पानी के रूप में यदि भगवान शंकर के शिवलिंग आपके पास है तो शिवलिंग पर अर्पित कीजिए स्नान करने के लिए पहले शुद्ध जल से भगवान के शिवलिंग का अभिषेक कराया शुद्ध जल अर्पित कीजिए इस प्रकार से आपकी पूजा पूर्ण रूप से सफल हो जाएगी तो भक्तों आपको हमारे द्वारा बताई हुई जानकारी कैसी लगी यह आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूरी बताएं वीडियो को लाइक करें चैनल को सब्सक्राइब करें ताकि और भी ज्ञानवर्धक जानकारी आपको सीधे नोटिफिकेशन
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