जब तुम्हें इतना शौक था इस काम का तो रोक क्यों दिया? मेरी अम्मी ने कहा था शादी से पहले उन्होंने मुझे समझाया था कि शादी हो रही है अब कुछ वक्त के लिए मैं ये काम रोक दूं घर को प्रायोरिटी देनी है बस इसलिए मेरी बात सुनो शादी की है ना कैद तो नहीं किया मैंने तुम्हें अपने सारे शौक पूरे करो। अपना काम करो। आप ठीक कह रहे हो। लेकिन अब घर को भी देखना है। घर की जिम्मेदारियां है। मेरी बात सुना लीजिए। अपना पेज रन करो और काम स्टार्ट करो। और जहां तक मेरी जरूरत
पड़ेगी, मैं मैं हाजिर हूं। प्लीज ऐसे मोहब्बत से मत देखो मुझे। एक मिनट रोना मत शुरू कर देना। आप कितना समझने लगे हैं मुझे। जी जनाब थोड़ा सा ना खुश भी होते हैं। हर वक्त इमोशनल नहीं हो जाते। मुझे अंदाजा भी नहीं था के शादी के बाद मेरी जिंदगी इतनी खूबसूरत होगी। हम मुझे भी नहीं आता। सर एक बात कहूं सोएब। थैंक यू मुझे एक्सेप्ट करने के लिए। ये आपकी आला जर्फी है कि आपने मेरा हाथ थामा। वरना जैसी कितनी लड़कियां हैं जिनकी शादी के ख्वाब सिर्फ ख्वाब ही रह जाते होंगे प्लीज सर मैंने तुम्हें
पसंद किया था। हम तुम्हारी मासूमियत, तुम्हारी पर्सनालिटी। मैंने तुम्हारी माजूरी को नहीं देखा था। और प्लीज आज के बाद ऐसी बात दिमाग में ना लाना हम काम पर ध्यान दें हम हां बारी अभी तक नहीं आया। ऑफिस में होगा बस निकल ही गया था। ट्रैफिक होता है ना इस टाइम पे। हम ओ आ गया। कहां रह गए थे भाई तुम? परेश की ऑफिस की वैन में सो गई थी। उसे घर ड्रॉप करने गया था मैं। वो कैब में जा सकती थी। तुम्हें क्या जरूरत थी उसके घर जाने की? ये मत भूलो कि तुम्हारी एक हैसियत
है। बार-बार उन गलियों में जाना तुम्हें जेब नहीं देता। डैड एस एम्प्लॉय तुम्हारी रिस्पसिबिलिटी भी है। और वो हमारे ही काम से मीटिंग में गई थी। अच्छा बारी खाना तो खा लो। खाने से जंग इसकी अभी भी जारी है। जी सुबह भी ब्रेकफास्ट किए बगैर चला जाता है। ऑफिस में भी कुछ खाता है। नो आईडिया। अच्छा आप तो परेशान मत हो। वैसे भी आपने कहा था कि ठीक हो जाएगा। अब तक ऐसा हुआ तो नहीं है। पर इंशााल्लाह बहुत जल्दी ठीक हो जाएगा। कहां गुम हो? क्या सोच रही हो? वो ना आज परीक्षा ऑफिस से
ना बहुत बड़ी गाड़ी में आई थी घर। तो उसकी पोस्ट भी काफी बड़ी है। ऑफिस की गाड़ी आई होगी छोड़ना। अच्छा ऑफिस की गाड़ी ना एक नौजवान लड़का चला के लाया था। और पता है लड़का वही था जिसने अलीजे की माइयों की रस्म करवाई थी। यार ये माइयों की बातों में ना पहले भी बहुत चिकचिक हो चुकी है। बस ये नहीं सुनना मुझे मजीद। अच्छा चलिए ठीक है। माइयों का मामला अलग है। लेकिन इस तरह दिन दहाड़े किसी नौजवान लड़के के साथ इतनी बड़ी गाड़ी में आना हम बर्दाश्त नहीं कर सकते। हम एक आम से
मोहल्ले में रहते हैं। यहां सबको एक दूसरे की खबर होती है। हम डिफेंस में नहीं रहते जहां किसी को किसी का पता ही नहीं होता। और जो करते हैं करने दो यार। मैंने इन लोगों के मामले में बोलना ही छोड़ दिया। अरे आलम आप बेशक जितना मर्जी लाता रहें लेकिन औलाद तो आप ही की कहलवाएगी ना। अगर कल को किसी ने उठ के यह सवाल कर लिया कि आखिर ये परिचय किसी लड़के के साथ गाड़ी में आती है तो आपको यही सवाल मार देगा। अरे भाई इतना लाताक रहना अच्छी बात नहीं है। आपके साथ-साथ मैं
भी उनको अपनी बेटियों की तरह समझती हूं। ये जो जुबैदा ने लालच में आके उन्हें ढील दे रखी है ना अच्छे रिश्ते के लिए उसे समझाएं कि बड़े लोग अमीर लोग ना अपनी हैसियत के मुताबिक ही रिश्ता करते हैं। हम जैसों में नहीं करते। ये सब तो ना इन टीवी ड्रामों का असर है जो पूरा दिन जुबैदा बैठ के देखती रहती है। इन दोनों बच्चे मुझसे खफा रहने लगे हैं। लेकिन बारी को कैसे समझाऊं? अरे उसका एक नाम है परीक्षा बारी का कोई जोड़ ही नहीं है। एक तरफ बारी है और दूसरी तरफ मेरी इज्जत
का भी तो सवाल है। या खुदा कोई हल नजर नहीं आ रहा मुझे। मिनाल की शादी मेरे सर पर खड़ी है। हां, मिनाल की शादी तक मुझे इस मामले में खामोशी इख्तियार करनी पड़ेगी। मेरे खुदा मेरे खुदा मेरी मदद कर यहां से मेडिसिन लोगे। यहां जाना तुम्हारा मुनासिब नहीं होगा। क्रिश मैं हमेशा ही जाती हूं। एटलीस्ट मेरे होते हुए मैं तुम्हें यहां जाने नहीं दूंगा। परी फाइनल चेक कर लेना मुझे एक इंपॉर्टेंट काम से जल्दी निकलना होगा आज। जी जी सर। आ हो कि मुझे क्या हो गया है? मैं क्यों बार-बार आपके बारे में सोच
रही हूं? ए तुम तैयार नहीं हो अभी तक? मैं बस तैयार ही हो रही हूं। कपड़े कौन से पहन रही हो? कबर्ड में रखे हैं अभी निकाले नहीं है। अरे मैं कलर का पूछ रहा हूं तुमसे। वाइट एंड ब्लैक। व्हाई डन लैक? हां तुम वही वाला पहनो ना वो जो क्या है वली पे जो तुमने पहना था वो बहुत अच्छा था। नहीं नहीं वो बहुत हैवी हो जाएगा। मैं कुछ और पहन लूंगी रहने दे। नहीं हैवी तो नहीं होगा। वो बिल्कुल सही था वो। बताओ मैं निकालता हूं किधर रखा है? वो जुहेब एक्चुअली अम्मी अम्मी
के पास मैंने अपनी ज्वेलरी रखवाई है। अम्मी के पास? क्यों? ऐसे ही मुझे लगा अब अम्मी के पास जोड़ी रखवाऊंगी तो ज्यादा महफूज़ रहेगी, इसलिए बस। अच्छा सुनो मैं अम्मी से लेके आता हूं। अम्मी hm वो अली का बली वाला सेट किधर है? आ वो मुझे चाहिए। कौन सा सेट पहना था उसने? मुझे तो याद ही नहीं है। खैरियत है। हां, बस मुझे चाहिए था। मुझे दिखाया मैं देख के आपको बताता हूं। अ नहीं तुम रहने दो। हां वो। ठीक है। मैं देख लेती हूं। वैसे ये कोई मुनासिब वक्त नहीं है कि इस तरह सोने
का जेबर पहन के बाहर जाया जाए। हालात तो तुम्हें पता ही है किस तरह के हैं। ये अम्मी जहां पे जा रहे हैं वो जगह बिल्कुल सेफ है। जो भी है भाई अल्लाह अपने अमान में रखे लेकिन देख लेना। मैं लाती हूं। थैंक यू। हां जी हे थैंक यू बड़ी ही कोई अजीब मुसीबत है। जरा भी बर्दाश्त नहीं हुआ। फौरन लेने भेज दिया जुहेब को। इसी तरह एक-एक करके सारे निकलवा लेगी। बहू नहीं बला आ गई है मेरे तो घर पे यही वाले हम अच्छा मेरी बात सुनो अली से तुमने अम्मी के पास क्यों रखवाया
हुआ था शोहेब अम्मी के पास रहें या मेरे पास रहें एक ही बात है ना। देखो मुझे बिल्कुल ये प्रॉब्लम नहीं है कि तुमने ये अम्मी के पास रखवाया है। लेकिन मुझे लगता है कि तुम इतनी समझदार लड़की हो कि तुम अपनी चीजों का खुद ख्याल रख सकती हो। और तुम्हें इतना कॉन्फिडेंस होना चाहिए। राइट? अभी सिर्फ ज्वेलरी है और भी तुम्हारी चीजें होंगी। तुम अम्मी के पास ही रखवाती रहोगी। नहीं ना? इसमें कोई इतनी बड़ी बात नहीं। तुम अपने पास भी रख सकती थी। रमशाह अभी भी तो है। लेकिन ज्वेलरी अपना सामान खुद ही
मेरा ख्याल है संभाल के रखती हैं। चलो कोई बात नहीं मुझे पता है तुम समझदार हो तुम कर लोगे अब ये सब हम चलो अब जाऊं यहीं सोचती रहोगी अब तो चलो काफी बेहतर लग रही है आपकी तबीयत पहले से। हां बेटा तबीयत में तो बहुत बेहतरी आई है। जुबैदा ने एक टांग पे खड़े होकर मेरी खिदमत की है। अल्लाह ऐसी बहू सबको दे। चल आज आप मेरे साथ चले मेरे घर। रोमैसा भी आपका बहुत ख्याल रखेंग। अरे बेटा यह भी तुम्हारा ही घर है। ऐसा क्यों नहीं करते? आज यहीं ठहर जाओ मेरे पास। नहीं
मां जी सुबह मुझे दुकान पे जाना है। कुछ माल वगैरह आना है। मेरा होना जरूरी है। फिर किसी दिन आके रुकूंगा इंशा्लाह। चलें आप अपना ख्याल रखें। ठीक है। दवाई वगैरह लें वक्त पे। मैं आता हूं एक-दो दिन में। अरे किसी चीज की जरूरत नहीं। मेरी परी ने सब कुछ ला के कहने से पहले ही रख दिया है। अल्लाह उसे जीता रखे। अच्छी बात है। तुम जरा बाहर आओ मेरे साथ। अच्छा जी। अल्लाह हाफिज। खुदा हाफिज बेटा। आंखों पे पर्दा पड़ गया है तुम्हारी। इज्जत और जिल्लत में क्या फर्क है? नजर नहीं आ रहा तुम्हें।
आप किस बारे में बात कर रहे हैं? मुझे समझ में नहीं आ रहा। वो लड़का परीशे को छोड़ने क्यों आ रहा है? बस छूट गई थी उसके। घर पहुंचाना ऑफिस की जिम्मेदारी है। यह पहला दफ्तर देख रहा हूं अपनी जिंदगी में मैं जहां मालिक का बेटा अपनी मुलाजमा को छोड़ने के लिए उसके घर आ रहा है। पर ऋष बहुत समझदार है और मुझे इस पे पूरा भरोसा है। तुम्हें अपनी बेटी पे भरोसा है। उस लड़के पे तो भरोसा नहीं है ना। उसकी क्या नियत है वो तो तुम नहीं जानती। देखो अम्मा बीमार है। मैं नहीं
चाहता घर में कोई फंस हो। वरना मैं परीक्षा से खुद बात करता। बेहतर है कि तुम उसे अपने अल्फाज में समझा दो ये सब कुछ। पहली चीज तो यह है वो लड़का रोज-रोज़ी छोड़ने नहीं आता। दूसरी बात यह है कि हम सब जानते हैं कि वो शरीफ लड़का है। अम्मा भी यह बात जानती है और समझती है। अगर उस लड़के की वजह से कोई गड़बड़ हुई तो मैं वो करूंगा जो तुम सोच नहीं सकती। तो एक काम करते हैं। मैं परीक्षा से यह कहती हूं कि वो आपको फोन कर ले। असूला तो आप है ना
उसके बाप तो जिम्मेदारी तो आपकी बनती है। हां बनती तो मेरी जिम्मेदारी है लेकिन पहले अपनी साहबजादी से पूछ लो कि वो मेरी जिम्मेदारी से खुश होंगी भी या नहीं। रमेसा ने गाड़ी से उतरते हुए देखा और आपको सिखा बुझा के भेज दिया। उसने यह नहीं बताया कि अम्मा की भी तबीयत खराब हुई थी। यह कि मैं काशिफ को रोकती रह गई और वो रुका नहीं। उससे कहिए कि मेरी औलाद के साथ-साथ अपनी औलाद पे भी नजर रखा करें। अगर परीशे वक्त पे ना पहुंचती तो ना जाने अम्मा जान को क्या हो जाता। तुम अपनी
गलतियों पर पर्दा डालने के लिए पहले रूमसा पे इल्जाम लगाया करती थी और अब मेरे बेटे पे लगा रही हो। यकीन नहीं है ना आपको मुझ पे? कोई बात नहीं। जाकर अपने बेटे से पूछ ली जाए। किधर घूमो? डार्क की लिस्ट आ गई है। मैंने लिस्ट बना ली है। तुम्हारी कहां है? क्या बात है? क्या परेशानियां? बस मैं चाहती थी कि मेरी शादी से पहले तुम परीक्षा के साथ कमिटेड हो जाओ। पर ऐसा नहीं हुआ। इट्स ओके मना। जैसा हो रहा है फिलहाल उसे वैसा ही होने दो। एनीवेज मेरी शादी तुमसे पहले हो या बाद
में डजंट मैटर। होगी तो परीक्षा सही ना। लेकिन डैड फिलहाल तो नहीं मान रहे हैं लेकिन मैं पूरी कोशिश करूंगा आखिरी दम तक उन्हें मनाने की। और अगर नहीं मानते तो फिर मुझे उनकी मर्जी के खिलाफ ही जाना पड़ेगा। मैं एक दफा और बात कर लूंगी डैड से। अब जो भी बात होगी ना तुम्हारी शादी के बाद ही हो गया। क्यों? तुम अनाया की तरफ से डर रहे हो? नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है। मैं बस यही चाहता हूं कि तुम्हारी शादी के बीच में इस बात को लेके कोई प्रॉब्लम ना हो। डैड को परीक्षा
से इशू है। उनको नहीं पसंद परीक्षा बट ही इज अ हार्ट पेशेंट। लास्ट टाइम तुम्हारी शादी कैंसिल होने पे हॉस्पिटल चले गए थे वो। बस मैं नहीं चाहता कि वो चीज दोबारा हो। तुम्हारी शादी खैर खैरियत से हो जाए। तुम अपने घर की हो जाओ। शायद वो रिलैक्स हो जाए। और शायद मेरे बारे में भी थोड़ा इजी होके सो जाएं। हम ये भी ठीक है। अच्छा तुमने परीक्षा को इनवाइट किया है? ऑफकोर्स सबसे पहले आई मीन मेरे होने वाले इनलॉज़ हैं। ये कब हुआ? होने वाला है। हम बिलकुल बिलकुल बिलकुल। अच्छा कॉफी पीने का दिल
कर रहा है अभी। हम्म। तो फिर आपको उसके लिए मेरे साथ किचन में चलना पड़ेगा। मेरी हेल्प करानी पड़ेगी और ऐसे हान बहुत सारी डिस्कशन भी कर लेंगे शादी की। हां यार मैं मैं खुद रिजल्ट का इंतजार कर रहा हूं। आ जाए एक दफा रिजल्ट। देखते हैं फिर करते हैं इस बारे में बात क्या बनता है क्या नहीं बनता। हो जाएगा कुछ ना कुछ। क्या शेफ? मैं मैं करता हूं जी कॉल। ठीक है। ओके लाफ। जी अब्बू अम्मा की इतनी तबीयत खराब हुई। जुबैदा ने बुलाया था तुम्हें? हां अब्बू लेकिन मैं वो नहीं अब्बू मुझे
मुझे कुछ नहीं पता। इधर मेरी आंखों में देख के बात करो ना। इधर-उधर क्या देख रहे हो? बोलो। सच बोल रहे हो या झूठ? अरे आलम आप क्या मेरे बेटे से ये पुलिस वालों की तरह सवाल करने लगे? जुबैदा ने मुझे खुद बताया है कि ये वहां अरे जुबैदा तो हमेशा से झूठ बोलती है। आपने आज उसके ऊपर कैसे यकीन कर लिया? बात जुबैदा की नहीं है। साहब बात मेरी मां की है। और तुम सब बहुत अच्छी तरह जानते हो कि मेरी मां मेरे लिए क्या है। सुबैदा ना बहुत चालाक है। जो बात आप उससे
पूछने गए थे ना उसी को छुपाने के लिए उसने मेरे बेटे का इस्तेमाल किया है। अब्बू अम्मी बिल्कुल ठीक कह रही है। तुम्हारी दादी है वो। खून हो तुम उसका। चले जाया करो। और अभी तो तबीयत इतनी खराब है और मुझे पता चला कि तुमने जाके झांका तक नहीं हुआ। अरे आलम इसे तो जैसे ही पता चला अम्मा जान की तबीयत का इसने तो मुसल्ला बिछाया और पूरी रात इबादत करता रहा। बहुत दुआएं मांगी है उनके लिए। मेरा बेटा ना दिखावे नहीं करता। इसे सच में अपनी दादी से बहुत प्यार है। ये तो वही लोग
हैं जो झूठे आंसू बहाते रहते हैं। वैसे आपने मेरे बेटे से तो सारी पूछताछ कर ली है। जाके उस परीशे से भी पूछें जो हमारी नाक कटवाने पे तुली हुई है। रोमासा तुम अपने और अपने घर की फिक्र करो। दूसरों की फिक्र करना तुम छोड़ दो। उनको देखने के लिए और लोग हैं। समझ में आई बात? चले जाया करो। अगर मैं वक्त पे ना आती तुम तो सारा सच बोल देते। मुझे क्या पता था। अचानक छापा मार लिया उन्होंने। अगर आलम सुन लेते ना तो मेरा सारा झूठ पकड़ा जाता। और सुनो अपने बाप की बातों
में आके ना दादी जान के पास ना चले जाना तबीयत पूछने के लिए। मेरे पास अपने कामों से फुर्सत मिलती है जो मैं वहां जाऊं। मेरे पास कहां टाइम है अम्मी? अच्छा ठीक है। किचन में तुम्हारा दूध गरम करके रखा है। पी लेना। आप लोगों को जरूर आना है। बहुत मुबारक हो बेटे। खुशी हुई अल्लाह तुम्हारे नसीब अच्छे करे। थैंक यू आंटी। कांग्रेचुलेशंस। थैंक यू सो मच। अच्छा दादी। आई एम रियली सॉरी। मैं आपकी तबीयत पूछने नहीं आ सकी। एक्चुअली शादी की सारी रिस्पांसिबिलिटीज मैं अकेले देख रही हूं। समझ सकती हूं बेटा। अच्छी तरह समझ
सकती हूं। कोई बात नहीं। बल्कि मैं तो कहती हूं अगर तुम्हें जरूरत हो तो जुबी और परी तुम्हारी बहनोई की तरह हैं। मदद कर देंगी तुम्हारी ये भी। दादी ठीक कह रही हैं। दादी आपने ये कह दिया यही काफी है मेरे लिए। आंटी आप सबने जरूर आना है। हां बेटे जरूर। चल। अरे बेटा बैठो अभी। नहीं नहीं दादी एक्चुअली मुझे इतने सारे कार्ड्स बांटने हैं और यहां मैं वैसे इसके इसर पे हूं। इसका आपसे मिलने का बहुत दिल कर रहा था। अब मुझे घर भी छोड़ना है। तो हम चलते हैं। अच्छा बेटा बिस्मिल्लाह। अच्छा परीक्षित
तुम्हें मेरे हर इवेंट में आना है। स आई एम टेलिंग यू दिस। दादी की तबीयत का तो तुम्हें पता है ना। अब अगर दादी की रिपोर्ट्स नेगेटिव में आई तो मैं जरूर आऊंगी वरना मुश्किल हो जाएगा। तुम देखना दादी बिल्कुल ठीक हो जाएंगी। और दादी के साथ-साथ तुम अपना भी ख्याल रखो और आप लोग भी अपना ख्याल रखें। उस्ताद ठीक हो जाए मैं खुद ही ठीक हो जाऊंगी। आज वैसे दादी मुझे पहले से बहुत बेहतर लग रही है ना। दादी आपने अपना बहुत ख्याल रखना है। ओके। हम चलते हैं सब। खुदा हाफज़। अल्लाह हाफिज। खुदा
अल्लाह हाफिज। अम्मी ये क्या कह रही हैं आप? वो सेट तो सबसे भारी था। क्यों दे दिया आपने उसे वापस? तो क्या कर सकती थी मैं? भाई उसने जुहेब को लेने के लिए भेजा तो क्या बहाना करती? इतनी मुश्किल से निकलवाया था ना उससे यह सब। ओहो तो दोबारा मांग लो ना। कैसी बातें कर रही है अम्मी आप? दोबारा मांगोगी तो शक नहीं हो जाएगा उसे। और वैसे भी अब बात जोहेब तक पहुंच चुकी है। अरे हां बहुत सियासी लड़की है। अगर चाहती तो वो खुद भी मांग सकती थी। लेकिन उसने जुहेब के कानों तक
यह बात पहुंचा के उसे भेजा लेने के लिए। कैसी चाल चली है उसने। मैं तो सोच भी नहीं सकती थी। मैं भी यही सोच रही थी अम्मी कि एक बार कहने पे आपने दे कैसे दिया उसे? अगर आप मुझे फोन कर लेती ना, तो मैं उसी वक्त कोई ना कोई हल जरूर निकाल लेती। हम कह तो रही हूं। मुझे कुछ समझ ही नहीं आई। और वैसे भी बीवी के आगे वो हमारी सुनता ही कब है। अब ये बताओ कि आगे क्या करना है? अब कुछ नहीं हो सकता। अम्मी कुछ नहीं करना अब। आ गए हैं।
चाय ले लें आप ही आपकी चाय क्या हो गया रमशा तुम्हें? अल्लाह कितनी बुरी तरह से हाथ जला दिया उसका। बेचारी मैं ऑर्मेंट लेके आती हूं। और ये ले अम्मी खोल के दो ना ये ले दर्द तो नहीं हुई बेटा ज्यादा? नहीं। लीज़ मैंने जानबूझ के नहीं गिराई। आई एम रियली सॉरी। जिया आप वो गलती से गिर गई होगी। आप सॉरी मत काहे। हां गिरी तो गलती से ही है। लेकिन बहुत ज्यादा जल गया तुम्हारा हाथ। तुम्हारी तकलीफ उनसे देखी नहीं जा रही। बेटा तुम कहो तो डॉक्टर के पास चलते हैं। हॉस्पिटल चलते हैं। नहीं
नहीं अम्मी ये तो ठीक हो जाएगा। जरूरत नहीं है। अच्छा चलो तुम कह रही हो तो ठीक ही है। लेकिन अलीजे बेटा जुहेब को कुछ मत बताना। कि ये रमशा से हुआ है। वो भाई है ना कहीं किसी गलतफहमी का शिकार ना हो जाए। अब आप फिक्र नहीं करें। मैं कुछ नहीं बताऊंगी। शाबाश। मुझे तुमसे यही उम्मीद थी। अच्छा तुम अब ठीक हो ना? कुछ बेहतर फील कर रही हो? चलो जाओ तुम आराम करो। किसी चीज की जरूरत हो तो मुझे बता देना। पकड़ो। क्या जरूरत है तुम्हें ये सब करने की? नजर नहीं आ रहा
था तुम्हें तो और क्या करूं अम्मी मैं शादी को इतना टाइम हो गया है हमारा हर वार नाकाम जा रहा है मैं कैसे दिल पे पत्थर रख के इसके साथ हमदर्दी करती हूं ना मैं आपको नहीं बता सकती कंट्रोल करो गुस्से पर जान लेके किसी की जेल जाओगी क्या मुझे कुछ नहीं पता अम्मी और तुम्हें किसने कहा है कि हमारा कोई भी वार खाली जा रहा है तो तुमने तो बड़ी मुश्किल से अपने भाई की नजरों में दोबारा से मुकाम बना लिया है। बस थोड़ा सा भरोसा और जीत लो। और वैसे भी हमने तो उन्हें
ट्रिप पे भी नहीं जाने दिया। बाकी का सारा जेवर तो मेरे पास ही है। तुम बस खुद पर कंट्रोल करो। और खबरदार गंदा कोई ऐसी वसी हरकत की तो जी हेलो हेलो कैसी हो? ठीक खैरियत है? हां बस मैंने ये कहने के लिए फ़ किया था कि विनाल की शादी की वजह से आई विल बी ऑन लीव। तो मेरे कुछ पेंडिंग काम है ऑफिस में। आपको मैं ईमेल कर दूंगा। प्लीज मैनेज कर लीजिएगा। आप ऑफिस की फिक्र मत करें। मैं सब देख लूंगी। अभी आपका मेन फोकस मिनाल की शादी पे होना चाहिए। वो आपकी बहन
है। ग्रेट। मुझे आपसे यही उम्मीद थी। और और ये कि ऑफिस का ख्याल रखिएगा। सारा लोड आप पे होगा काम का। आप अपना फोकस मिनाल की शादी पर रखें। मैं हूं। मैं ऑफिस की सारी चीजें देख लूंगी। आप बेफिक्र हो जाए। यानी कि मैं ऑफिस के बारे में टोटली बेफिक्र हो जाऊं। परफेक्ट। थैंक यू। अल्लाह हाफिज। खुदा हाफिज। जो करने के थे उसके काम के अब देखेगा खून वो माम चुभती है ये किरणें चेहरों पे हाय कैसे बचाए लहरों से दरिया में फंसी जो ना आ