को [संगीत] सब्सक्राइब करें और देखिए एक दिल दहला देने वाली हॉरर स्टोरी बिना घबराए बेल आइकॉन प्रेस करना ना भूलें इस कहानी के लेखक संजय काम सुनसान इलाके से ट्रेन तेज रफ्तार ट्रेन की पटरियों पर गिरते हुए थे रात के सन्नाटे में कुछ ज्यादा ही लग रही थी आज रात के दो बच्चों के लिए बोगियों में लोगों की भीड़ काफी कम थी रात का वक्त होने के कारण हर कोई बैठे-बैठे झपकियां ले रहा था दूर से दिखाई देने वाले उस ट्रेन की बॉगी में से एक महिला एकदम से बाहर की ओर करें और धूल मिट्टी
पत्थर ऊपर से घसीटते हुए कुछ दूर जाकर गिरने के कारण पूरा शरीर जख्मी हो गया था खून से लतपत वह सही की तरफ और अंधेरे में नजरों से ओझल हो गई पिछले एक महीने में यह चौथी वारदात नौकरीपेशा महिलाओं को उनकी हत्या हो गई चार दिन तेजी से कदम बढ़ाते हुए प्लेटफॉर्म और अगर यह ट्रेन छूट जाएगी तो बजे तक इंतजार करना पड़े इसलिए किसी भी हालत में यह पकड़नी थी और उसे डर भी लग रहा था डर जो पिछले एक महीने से महसूस कर रही थी पिछले महीने ही काम से घर लौटते समय में
अपनी सीट पर बैठे थे और किसी चीज़ की नींद खुल गई महिला के साथ मारपीट कर रहे थे कुछ मुसाफिर थे और उस महिला की मदद के लिए आगे नहीं बढ़ रहा था कि लोगों की तरह वह भी चुपचाप देख रही थी और तेज रफ्तार से चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया उसके सामने हुआ था और उसकी हिम्मत नहीं हुई कि पुलिस में शिकायत करें और इसी वजह से वह खुद भी में सफर करने के लिए मजबूर परिवार तो धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगी और उसने अपने कदमों की रफ्तार भी अ कि दौड़ते-भागते वह प्लेटफार्म में
दाखिल हुई ट्रेन ने रफ्तार नहीं पकड़ी थी रात का समय होने के कारण स्टेशन पर लोगों की भीड़ भी काफी कम थी अब भी कुछ लोग ट्रेन से उतर रहे थे तो कुछ लोग अंदर चल रहे थे उसने भी अपने कदमों के रफ्तार ट्रेन की रफ्तार से मिला लें और मौका देखकर झट से अंदर घुस गई पूरी बोगी खाली पड़ी भूमि पर लगे कि पूरी बोगी में ऑफिस को कस के पकड़े हुए एक कदम और आगे की सीट पर जाकर बैठ गई कि घड़ी में टाइम देखा तो 01:45 हो रहे थे बाई तरफ वाली खिड़की
खोलते ही तेज हवा के साथ तेज बारिश की एक लहर खिड़की से अंदर आई उसी के साथ झट से उसने खिड़की बंद कर ली अपने हाथ पर गिरी बारिश की बूंदे चुनरी से पोंछ रही थी कि तभी उसकी नजर पैरों में पड़े न्यूज़ पेपर पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखे वह अखबार से उसके दिल की धड़कन है पल भर के लिए रुक गई उन्हें गोद बात चलती ट्रेन से नौकरी पेशा महिला को नीचे फेंक दिया गया नीचे गिरने वाली महिला की तस्वीर को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रही थी रह-रहकर उस पर और अपना ध्यान और
खिड़की से बाहर किसी के कदमों की आवाज का ध्यान आकर्षित किया और बीच वाली सीट पर बैठ गई तरह मेहनत उसे हर मुसाफिर से डर लग रहा था अपने पास के पकड़कर वह शांत बैठी रही कि योगी के अंदर ही और लड़की दाखिल नौकरी करती दिखने में बहुत ही सुंदर थी पूरी बोगी में नजर घुमाते हुए वह लड़की दरवाजे के पास वाली सीट पर बैठ गए ट्रेन ने रफ्तार पकड़ ली खड़ा आज रात के सन्नाटे को चीरती हुई दो बच्चों के अभियुक्त दाखिल हुए उन्होंने चेहरे पर गमछा बांध रखा था दोनों सिर्फ आंखे ही बदल
आपने महीने पहले हुई वारदात उसकी आंखों के सामने [संगीत] सब्सक्राइब पर किसी की हिम्मत नहीं हुई एक महिला को बचाने की पूरी की है ठीक हाल है उसके दिल की धड़कन बढ़ा दी उन दोनों ने पूरी बोगी में नजर आई और दरवाजे के पास बैठी उस लड़की ने वह लड़की आंखें बंद करके खिड़की के पास बैठने की वजह से थकान की वजह से उस महिला की झपकियां लेते हुए ट्रेन की खिड़की से टकरा [संगीत] बच्चों की नजर डाली तो दरवाजे के पास वाली सीट पर बैठे-बैठे [संगीत] में व्यस्त दिल में घर कर गया सब्सक्राइब कुछ
ही देर में उसे नींद में अजीब सी आवाज से उसकी नींद खुल गई है अमेरिका पहुंचने की कोशिश कर रहा है वह लड़की मदद के लिए पुकार पर कोई आगे नहीं आ रहा था वह भी डर के कारण वह सिर्फ उस आदमी ने उस लड़की के बाल पकड़े और दरवाजे से बाहर देखते हुए उसने अपनी जिंदगी की भीख मांग रही थी और उसने पूरी ताकत से बाहर और दर्दनाक है वह मेल्ट से नींद से [संगीत] जोर-जोर से धड़क रहा था बच्चों के दरवाजे के पास बैठी और उसने पूरी बोगी में नजर नजर नहीं आ रही
थी उस लड़की की बगल वाली सीट पर वह ब्रह्मचारी आदमी थे पस्त लड़की को मार दिया वह अपने आप से बुदबुदाए कि बीच-बीच में बैठे दो आदमी ने उन पर हमला कर दिया ट्रेन की तेज आवाज में उन लोगों की मारपीट शुरू हो गई महिला के कारण सीट के नीचे एक दूसरे को मार रहे थे तब उसे नीचे दो दिन पहले एक न्यूज़ पेपर में खबर पर नजर एक बार चलती ट्रेन से नौकरी पेशा महिला को नीचे नीचे मरने वाली महिला की तस्वीर न्यूज़पेपर नीचे घसीटते हुए आदमी आदमी को भी चलती ट्रेन से नीचे फेंक
दिया उसकी आंखों से पानी आने पर आदमी सामने ज़मीन पर पड़े थे कि घी लगाई थी बंदूक दिखाकर महिला ने जीने की आस छोड़ डर के कारण अपने घुटनों के बल बैठी महिला ने सामने और हाथ में लिए वह लड़की के पीछे से आ रहे दो पुलिस वाले हाथ में पकड़ी तो करता है यही तुम दोनों की तुम जैसे किसी लड़की को कमजोर समझने की गलती न करें हवलदार दोनों को खातिरदारी लड़की तो उस महिला की जान में जान को मरने वाली औरत की तस्वीर देख सन्न रह गई तस्वीरों के [संगीत] लिए तड़प रही जो
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