[संगीत] कल्पना करो आप एक कमरे में बैठे हो। कमरा बहुत बड़ा नहीं है लेकिन उस कमरे में बैठे लोग बड़े हैं। एक तरफ बिजनेसमैन है जिसके एक डिसीजन से हजारों लोगों की सैलरी तय होती है। दूसरी तरफ पॉलिटिशियन है जिसकी एक फोन कॉल से किसी प्रोजेक्ट की डायरेक्शन बदल सकती है। एक कोने में एक राइटर बैठा है जिसकी किताबें राजा पढ़ते हैं। और बीच में एक ऐसा आदमी बैठा है जो दिखने में सबसे साधारण है। ना उसके पास सबसे [संगीत] महंगे कपड़े हैं ना सबसे बड़ा पद। लेकिन जैसे ही वह बोलता है, कमरे के पावरफुल
लोग चुप होकर उसे सुनते हैं। क्यों? क्योंकि पावर हमेशा कुर्सी पर नहीं बैठती। कभी-कभी पावर उस व्यक्ति के पास होती है जो समझता है कि पावरफुल लोगों के दिमाग में क्या चल रहा है। मैकेवली ने अपनी किताब द प्रिंस में राजा को शासन करना सिखाया था। लेकिन अगर आप ध्यान से पढ़ो तो वह सिर्फ राजा को नहीं सिखा रहा था। वो हर उस आदमी को सिखा रहा था जो दुनिया के पावर गेम को समझना चाहता है। आज का सवाल बहुत सिंपल है। पावरफुल लोगों से कनेक्शन कैसे बनाया जाए? लेकिन इसका जवाब जनरिक नहीं होगा। या
हम यह नहीं कहेंगे कि Lindin पर मैसेज भेजो। नेटवर्किंग इवेंट में जाओ या कॉन्फिडेंस रखो। आज हम बात करेंगे उस पुराने रूल की जिसे [संगीत] दरबारों में समझा जाता था, राजमहलों में खेला जाता था और इतिहास के सबसे तेज दिमागों ने मास्टर किया था। पावरफुल लोगों से कनेक्शन बनाने का मतलब है उनकी ईगो को समझना। उनके डर को पढ़ना। उनकी जरूरत को पहचानना और खुद को ऐसा बनाना कि आपकी प्रेजेंस उनके लिए यूज़फुल हो जाए। क्योंकि पावरफुल लोग दोस्त नहीं ढूंढते। वो वैल्यू ढूंढते हैं, वो लॉयल्टी ढूंढते हैं, वो इंटेलिजेंस ढूंढते हैं और सबसे ज्यादा
वो ऐसे लोग ढूंढते हैं जो उनके लिए रिस्क कम कर सकें। तो अगर आप सच में पावरफुल लोगों के सर्कल में एंट्री चाहते हो तो आज की वीडियो अंत तक देखना क्योंकि इस वीडियो में मैं आपको बताऊंगा मचीवल्ली के हिसाब से पावरफुल लोगों से कनेक्शन बनाने के सात पुराने लेकिन खतरनाक रूप से इफेक्टिव रूल्स। और एंड में मैं आपको एक ऐसी बात बताऊंगा जिसे समझने के बाद आप कभी किसी पावरफुल इंसान से डेस्पिरेट होकर नहीं मिलोगे। तो चलिए शुरू करते हैं। इतिहास में पावर कभी अकेले नहीं चलती। हर राजा के पीछे कोई सलाहकार था। हर
सेनापति के पीछे कोई रणनीतिकार था। हर एपरर के आसपास ऐसे लोग थे जो खुद एपरर नहीं थे। लेकिन एपरर के फैसलों को शेप करते थे। एलेक्जेंडर के पास एरिस्टोटलल था। चंद्रगुप्त के पास चाणक्य था। रोमन एपरर्स के पास एडवाइर्स थे। मुगल कोर्ट्स में ऐसे लोग थे जो खुद राजा नहीं थे लेकिन राजा तक पहुंच रखते थे। यही असली कनेक्शन है। पावरफुल पर्सन से सिर्फ मिल लेना कनेक्शन नहीं है। उनके साथ फोटो खिंचवाना कनेक्शन नहीं है। उनका फोन नंबर सेव होना कनेक्शन नहीं है। कनेक्शन तब बनता है जब पावरफुल इंसान आपके नाम को भूलता नहीं। जब
वह किसी प्रॉब्लम में सोचता है। इस आदमी से बात करनी चाहिए। जब आप उसकी दुनिया में नॉइज नहीं सिग्नल बन जाते हो और मैकेवली हमें यही सिखाता है पावरफुल लोगों के पास पहुंचने से पहले पावर की साइकोलॉजी समझो। रूल एक पावरफुल लोगों से कनेक्शन मांगकर नहीं यूज़फुलनेस दिखाकर बनता है। मैक्यावेली का पहला लेसन है कभी भी पावरफुल व्यक्ति के सामने खाली हाथ मत जाओ। यहां खाली हाथ का मतलब पैसे या गिफ्ट नहीं है। खाली हाथ का मतलब है बिना वैल्यू, बिना इंसाइट, बिना यूज़फुलनेस। पावरफुल लोग रोज ऐसे लोगों से मिलते हैं जो उनसे कुछ चाहते
हैं। कोई जॉब चाहता है, कोई फंडिंग चाहता है, कोई रेकमेंडेशन चाहता है, कोई बस उनके साथ दिखना चाहता है। इसीलिए जब आप भी जाकर बोलते हो सर आपसे सीखना चाहता हूं तो उनके लिए यह नया नहीं है। मैक्यावेली कहता है कि रूलर हमेशा अपने आसपास उन लोगों को रखता है जो उसके राज्य को मजबूत करते हैं। जो उसकी कमजोरी एक्सपोज नहीं करते बल्कि उसका सिस्टम बेटर बनाते हैं। इसीलिए पावरफुल व्यक्ति के सामने आपका पहला सवाल यह नहीं होना चाहिए मुझे आपसे [संगीत] क्या मिल सकता है? बल्कि होना चाहिए मैं इनके लिए कौन सी छोटी लेकिन
मीनिंगफुल प्रॉब्लम सॉल्व कर सकता हूं। इतिहास में ऐसे लोग बहुत हुए हैं जिन्होंने सीधे पावर नहीं मांगी। उन्होंने पहले यूज़फुलनेस दिखाई। चाणक्य ने चंद्रगुप्त को सिर्फ राजा बनने का सपना नहीं दिया। उन्होंने स्ट्रेटजी दी। एनिमी की वीकनेस समझाई और एक ऐसा विज़न दिया जो चंद्रगुप्त अकेले नहीं देख पा रहा था। एरिस्टोटलल ने एलेक्जेंडर को सिर्फ नॉलेज नहीं दिया। उन्होंने वर्ल्ड देखने का फ्रेमवर्क दिया। दरबारों में सक्सेसफुल लोग वही थे जो राजा की तारीफ करने नहीं राजा की समस्या समझने आते थे। पावरफुल व्यक्ति को इंप्रेस करने का सबसे गलत तरीका है अपनी अचीवमेंट्स गिनाना। सबसे सही
तरीका है उनकी दुनिया को समझना। मान लो आप किसी बड़े क्रिएटर, बिजनेसमैन या लीडर से कनेक्शन बनाना चाहते हो। आप उन्हें मैसेज करते हो। सर, मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूं। प्लीज गाइड मी। यह मैसेज हर कोई भेजता है। लेकिन अगर आप लिखो सर, मैंने आपके लास्ट 20 वीडियोस एनालाइज किए। आपकी ऑडियंस रिटेंशन में हुक के बाद ड्रॉप आता है। मैंने पांच अल्टरनेट हुक स्ट्रक्चर्स बनाए हैं जो आपके कंटेंट स्टाइल [संगीत] से मैच करते हैं। भेज सकता हूं। अब आप भीख नहीं मांग रहे। आप वैल्यू दे रहे हो। पावरफुल लोग अटेंशन नहीं देते जब तक
उन्हें लगे कि आप उनके [संगीत] मिशन, रेपुटेशन या एफिशिएंसी में मदद कर सकते हो। मैक्यवेली के हिसाब से पावर के पास जाने वाला आदमी दो तरह का होता है। एक जो प्रोटेक्शन मांगता है, दूसरा जो एडवांटेज देता है। प्रोटेक्शन मांगने वाला डिपेंडेंट बनता है। एडवांटेज देने वाला इंपॉर्टेंट बनता है। पावरफुल लोगों से कनेक्शन चाहिए तो पहले यूज़फुल बनो। इतना यूज़फुल कि आपकी एब्सेंस नोटिस हो। रूल दो। पावरफुल व्यक्ति की ईगो नहीं उसकी इनसिक्योरिटी को समझो। दूसरा रूल थोड़ा डीप है। पावरफुल लोग बाहर से कॉन्फिडेंट दिखते हैं। लेकिन इतिहास पढ़ो तो पता चलता है कि पावर
जितनी बड़ी होती है, डर भी उतना बड़ा होता है। राजा को डर होता था, कौन बिट्रेल करेगा? जनरल को डर होता था। कौन उसकी पोजीशन ले लेगा? मिनिस्टर को डर होता था। राजा कब नाराज हो जाएगा? बिजनेस लीडर को डर होता है मार्केट कब बदल जाएगा। क्रिएटर को डर होता है। ऑडियंस कब छोड़ देगी। मैकियावेली ने कहा था कि रूलर को प्यार से ज्यादा डर यूज़फुल लग सकता है क्योंकि डर प्रेडिक्टेबल होता है। लेकिन इसका एक हिडन मीनिंग भी है। पावरफुल लोग ट्रस्ट बहुत मुश्किल से करते हैं क्योंकि उनके पास खोने को बहुत कुछ होता
है। इसलिए पावरफुल व्यक्ति से कनेक्शन बनाते समय सिर्फ यह मत सोचो कि उसे क्या पसंद है। यह समझो कि उसे किस बात का डर है। अगर आप किसी पावरफुल आदमी की इनसिक्योरिटी को समझ लेते हो तो आप उसे मैनपुलेट करने के लिए नहीं बल्कि उसके सामने सुरक्षित व्यक्ति बनने के लिए यूज कर सकते हो। यही डिफरेंस है चीप मैनपुलेशन और मैच्योर स्ट्रेटजी में। किसी पावरफुल पर्सन को यह महसूस होना चाहिए यह आदमी मेरी पोजीशन का फायदा नहीं उठाएगा। यह मेरी प्राइवेट बात को पब्लिक नहीं करेगा। यह मेरे नाम से अपनी [संगीत] फेकेंस नहीं बनाएगा। यह
मेरे वीकनेस को वेपन नहीं बनाएगा। कई लोग पावरफुल लोगों के पास पहुंचते ही एक्साइटेड हो जाते हैं। वे तुरंत स्क्रीनशॉट दिखाते हैं, स्टोरी डालते हैं, लोगों को बताते हैं। मेरी उनसे बात हुई है और उसी दिन उनका कनेक्शन खत्म हो जाता है। पावरफुल लोग डिस्क्रीशन को वैल्यू करते हैं। पुराने दरबारों में एक एडवाइजर की सबसे बड़ी क्वालिटी इंटेलिजेंस नहीं थी। कई बार सबसे बड़ी क्वालिटी साइलेंस थी। जो राजा की बात सुनकर बाजार में नहीं फैलाता था, वही धीरे-धीरे राजा के करीब आता था। प्लूटार्क ने जब रोमन और ग्रीक लीडर्स की बायोग्राफीस लिखी, तो बार-बार एक
पैटर्न दिखता है। पावरफुल लोग उन लोगों से डरते थे जो [संगीत] ज्यादा बोलते थे। लेकिन उन पर भरोसा करते थे जो समय पर बोलते थे और समय पर चुप रहते थे। आज के समय में भी यही रूल है। पावरफुल पर्सन के साथ कनेक्शन बनाना है तो अपनी एक्साइटमेंट कंट्रोल करो। उनका नाम अपने स्टेटस में मत बदलो। उनकी एक्सेस को अपनी आइडेंटिटी मत बनाओ। क्योंकि जो आदमी एक्सेस दिखाता है, वो एक्सेस [संगीत] खो देता है। और जो आदमी एक्सेस प्रोटेक्ट करता है, वह ट्रस्ट पाता है। पावरफुल लोगों की ईगो को पॉलिश मत करो। उनके फियर को
समझो और उनके लिए सेफ बनो। रूल तीन पावरफुल लोगों को फ्लैटर मत करो। उन्हें एक्यूरेटली मिरर करो। फ्लैटरी सस्ती होती है। एक्यूरेट ऑब्जरवेशन महंगी होती है। मैकियावेली के समय में दरबारों में फ्लैटर्स भरे रहते थे। हर कोई राजा से कहता था आप महान हैं। आप बुद्धिमान हैं। आप जैसा कोई नहीं। लेकिन मैक्यावेली ने रूलर को फ्लैटर से सावधान [संगीत] रहने को कहा क्योंकि फ्लैटर सच नहीं बोलता। वो सिर्फ वही बोलता है जो राजा सुनना चाहता है। अब सोचो अगर रूलर को फ्लैटर से बचना है तो कनेक्शन बनाने वाले व्यक्ति को क्या नहीं करना चाहिए? चापलूसी।
पावरफुल लोग प्रेज़ के भूखे नहीं होते। उन्हें प्रज़ रोज मिलता है। उन्हें रेयर चीज चाहिए। एक्यूरेट अंडरस्टैंडिंग। अगर आप किसी पावरफुल पर्सन से कहते हो सर आप बहुत महान हैं। यह वीक लाइन है। लेकिन अगर आप कहते हो आपकी खास ताकत यह है कि आप कॉम्प्लिकेटेड बात को सिंपल फ्रेमवर्क में बदल देते हैं। शायद इसी वजह से आपकी टीम फास्ट एग्जीक्यूट करती है। यह सिर्फ तारीफ नहीं है। यह ऑब्जरवेशन है। फ्लैटरी में डेप्थ नहीं होती। ऑब्जरवेशन में इंटेलिजेंस होती है। पावरफुल लोग उन लोगों को नोटिस करते हैं जो उन्हें सच में समझते हैं। इसका मतलब
यह नहीं कि आप उनकी गलती निकालने लगो। पहली मुलाकात में ब्रूटल ऑनेस्टी दिखाना मैच्योरिटी नहीं है। स्टुपिडिटी है। मैक्यावेली कहता है कि ट्रुथ भी टाइमिंग देखकर बोलना चाहिए क्योंकि गलत समय पर सच भी इंसल्ट जैसा लगता है। इसलिए शुरुआत में आपको तीन चीजें करनी है। पहला उनके काम को सच में स्टडी करो। दूसरा उनकी स्ट्रेंथ को स्पेसिफिक लैंग्वेज में एक्सप्रेस करो। तीसरा उनकी प्रॉब्लम पर रिस्पेक्टफुल इंसाइट दो। एग्जांपल आपकी पब्लिक स्पीकिंग पावरफुल है। जेनेरिक जब आप स्टोरी से शुरुआत करते हैं और फिर लेसन देते हैं, ऑडियंस ज्यादा जुड़ती है। लेकिन जब इंट्रो लंबा होता है,
इंपैक्ट थोड़ा डिले हो जाता है। स्पेसिफिक। अब आप फैन नहीं लगते। आप थिंकर लगते हो। हिस्ट्री में एडवाइर्स इसी तरह पावरफुल बने। वे राजा को बस अच्छा महसूस नहीं करवाते थे। वे राजा को बेहतर देखने में मदद करते थे। बीरबल, तिनालीरामन, चाणक्य, सैनिका यह लोग सिर्फ एंटरटेनर या फिलॉसफर नहीं थे। यह पावर के सामने मिरर थे। लेकिन मिरर भी दो तरह का होता है। एक मिरर जो चेहरा दिखाता है। दूसरा मिरर जो शर्मिंदा करता है। पावरफुल लोगों के सामने पहला मिरर बनो। उन्हें ऐसा महसूस कराओ। [संगीत] यह आदमी मुझे जज नहीं कर रहा, लेकिन मुझे
क्लियरली देख रहा है। यही रेयर स्किल है। पावरफुल व्यक्ति को फ्लैटर मत करो। उन्हें इतनी एक्यूरेसी से समझो कि उन्हें लगे यह आदमी बाकी लोगों जैसा नहीं है। रूल चार उनके सर्कल में एंट्री डायरेक्ट नहीं ब्रिज से होती है। पावरफुल लोगों तक पहुंचने का सबसे पुराना रास्ता है ब्रिज। मैकी एवेली ने पॉलिटिक्स में अलायंसेस कीेंस बार-बार दिखाई। कोई रूलर अकेले पावरफुल नहीं बनता। वो अलायसेस बनाता है। पुराने फैमिलीज [संगीत] को साथ रखता है। सोल्जर्स को लॉयल रखता है और पब्लिक परसेप्शन मैनेज करता है। कनेक्शन भी ऐसा ही है। पावरफुल पर्सन तक डायरेक्ट मैसेज से पहुंचना
सबसे मुश्किल रास्ता है। उनके ट्रस्टेड सर्कल के किसी व्यक्ति के थ्रू पहुंचना सबसे स्मार्ट रास्ता है। इतिहास में दरबारों तक आम आदमी सीधे नहीं पहुंचता था। पहले किसी छोटे अधिकारी से रिलेशन बनता था। फिर किसी मंत्री तक बात पहुंचती थी। फिर शायद राजा तक एक्सेस मिलती थी। यह सिर्फ ओल्ड पॉलिटिक्स नहीं है। आज भी सेम है। किसी बड़े फाउंडर तक पहुंचना मुश्किल है। लेकिन उसकी टीम के सिंसियर मेंबर तक पहुंचना आसान है। किसी बड़े क्रिएटर तक पहुंचना मुश्किल है, लेकिन उसके एडिटर, मैनेजर या रिस्चर तक पहुंचना आसान है। किसी पॉलिटिशियन तक पहुंचना मुश्किल है, लेकिन
उसके ग्राउंड वर्कर्स या एडवाइर्स तक पहुंचना आसान है। पावर नेटवर्क में अक्सर गेटकीपर्स होते हैं। इमैच्योर लोग गेट कीपर को इग्नोर करते हैं। स्मार्ट लोग गेटकीपर को रिस्पेक्ट करते हैं। क्यों? क्योंकि पावरफुल पर्सन का टाइम गेटकीपर प्रोटेक्ट करता है। अगर गेटकीपर आपको ट्रस्टवर्दी समझता है तो वह आपको अंदर ले जा सकता है। लेकिन यहां एक वार्निंग है। गेटकीपर को यूज मत करो। उनके साथ भी जेन्युइन वैल्यू एक्सचेंज बनाओ। मैकियावेली के वर्ल्ड में जिसने छोटे एलईस को डिसरिस्पेक्ट किया उसने बड़े युद्ध हार दिए क्योंकि पावर सिर्फ ऊपर नहीं होती पावर नीचे सपोर्ट सिस्टम में भी होती
है। अगर आप किसी पावरफुल व्यक्ति से मिलना चाहते हो तो उनके आसपास के इकोसिस्टम को समझो। उनकी टीम किस प्रॉब्लम से जूझ रही है? उनका काम किस चीज [संगीत] पर डिपेंडेंट है? किस पर्सन पर उनका ट्रस्ट है? कौन उनकी इंफॉर्मेशन फिल्टर करता है? फिर उस इकोसिस्टम में यूजफुल बनो। कई लोग पावरफुल इंसान से कनेक्शन बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन उसके स्टाफ, असिस्टेंट, एडिटर, जूनियर, टीम मेंबर से रूट बिहेव करते हैं। यह सबसे बड़ी मिस्टेक है। क्योंकि राजा के महल में सर्वेंट भी आपकी रिपोर्ट दे सकता है। आज के जमाने में असिस्टेंट भी आपकी रेपुटेशन
बना या बिगाड़ सकता है। पावरफुल व्यक्ति तक पहुंचने के लिए ब्रिज बनाओ। और याद रखो ब्रिज को कभी छोटा मत समझो। रूल पांच अपनी एंबिशन दिखाओ। डेस्पिरेशन नहीं। पांचवा रूल बहुत इंपॉर्टेंट है। पावरफुल लोग एंबिशियस लोगों को पसंद करते हैं। लेकिन डेस्पिरेट लोगों से दूर रहते हैं। एंबिशन कहती है मेरे पास डायरेक्शन है। डेस्पिरेशन कहती है मेरे पास कमी है। एंबिशियस व्यक्ति वैल्यू क्रिएट करना चाहता है। डेस्पिरेट व्यक्ति शॉर्टकट चाहता है। मचीव्ल्ली का प्रिंस एंबिशियस था। लेकिन अगर वह जरूरत से ज्यादा डिपेंडेंट दिखता तो दूसरे किंगडम्स उसे वीक समझते। पावर गेम में परसेप्शन रियलिटी से
पहले आती है। जब आप पावरफुल पर्सन से मिलते हो तो आपकी एनर्जी [संगीत] बहुत मैटर करती है। अगर आपकी बॉडी लैंग्वेज कहती है प्लीज मुझे बचा लो। प्लीज मुझे मौका दे दो। प्लीज मुझे ऊपर उठा दो। तो आप बोझ लगते हो। लेकिन अगर आपकी एनर्जी कहती है मैं अपना काम कर रहा हूं। मैं ग्रो कर रहा हूं और आपकी इनसाइट से मैं और शार्प हो सकता हूं तो आप इन्वेस्टमेंट लगते हो। पावरफुल लोग उस आदमी को सपोर्ट करना पसंद करते हैं जो ऑलरेडी मोशन में है। रुकी हुई गाड़ी को धक्का देना मुश्किल है। चलती हुई
गाड़ी को स्पीड देना आसान है। इसलिए पावरफुल लोगों से कनेक्शन बनाने से पहले अपनी लाइफ में मोमेंटम बनाओ। कुछ ऐसा काम करो जो प्रूफ बने। पोर्टफोलियो बनाओ। रिजल्ट्स दिखाओ। [संगीत] स्मॉल विंस कलेक्ट करो। अपना थिंकिंग पब्लिक करो। अपनी स्किल शार्पन करो। जब आप कहते हो मुझे चांस [संगीत] दो तो आप वीक पोजीशन में हो। जब आपका काम कहता है मैं चांस डिर्व करता हूं तब आप स्ट्रांग पोजीशन में हो। हिस्ट्री में भी यही हुआ। कई वॉरियर्स किसी राजा के पास नौकरी मांगने नहीं गए। वे बैटल में अपनी एबिलिटी दिखाकर नोटिस हुए। कई स्कॉलर्स दरबार में
रेकमेंडेशन से नहीं अपनी राइटिंग से पहुंचे। कई एडवाइर्स पहले छोटे रूलर्स के साम करके अपनी रेपुटेशन बनाते थे। फिर बड़े रूलर उन्हें बुलाते थे। मैक्यावेली खुद भी पावर के बाहर फेंक दिए गए थे। लेकिन उन्होंने लिखना नहीं छोड़ा। उन्होंने द प्रिंस लिखी। जैसे कह रहे हो मेरे पास अभी पद नहीं है लेकिन [संगीत] मेरे पास पावर को समझने की क्षमता है। यह लेसन बहुत बड़ा है। कभी-कभी पावरफुल लोगों तक पहुंचने से पहले आपको अपने काम को इतना शार्प बनाना पड़ता है कि आपकी एब्सेंस भी आवाज [संगीत] करे। पावरफुल लोगों के सामने एंबिशन लेकर जाओ। डेस्पिरेशन
नहीं क्योंकि डेस्पिरेट व्यक्ति फेवर मांगता है। एंबिशियस व्यक्ति अपॉर्चुनिटी अट्रैक्ट करता है। रूल छह लॉयल्टी प्रूफ करो। स्लेवरी नहीं। पावरफुल लोगों को लॉयल्टी चाहिए लेकिन ब्लाइंड स्लेवरी नहीं। यहां बहुत लोग गलती करते हैं। वे सोचते हैं कि पावरफुल पर्सन से कनेक्शन बनाने के लिए हर बात में यस सर कहना पड़ेगा। हर ओपिनियन से एग्री करना पड़ेगा। हर गलत डिसीजन को भी सपोर्ट करना पड़ेगा। लेकिन हिस्ट्री में ब्लाइंड फॉलोअर्स जल्दी रिप्लेस हो जाते हैं। क्यों? क्योंकि ब्लाइंड फॉलोअ की वैल्यू लिमिटेड होती है। वो सोचता नहीं बस रिपीट करता है। पावरफुल पर्सन को ऐसे लोग चाहिए जो
लॉयल भी हो और इंटेलिजेंट भी। मैकियावेली ने रूलर को सलाह दी थी कि वाइज एडवाइर्स चुनो। लेकिन [संगीत] एडवाइजर ऐसा होना चाहिए जो रूलर के इंटरेस्ट में बोले। अपने सेल्फिश इंटरेस्ट में नहीं। यानी लॉयल्टी का मतलब है मैं आपकी हर बात मानूंगा। यह नहीं। लॉयल्टी का मतलब है मैं आपके लॉन्ग टर्म इंटरेस्ट के खिलाफ नहीं जाऊंगा। यह बहुत बड़ा डिफरेंस है। अगर पावरफुल पर्सन कोई गलती करने जा रहा है और आप सिर्फ इंप्रेस करने के लिए चुप रहते हो तो आप लॉयल नहीं हो। आप कावर्ड हो। लेकिन अगर आप पब्लिक में उसे एंबरेस करते हो
तो आप वाइस नहीं हो। आप डेंजरस हो। सही तरीका है प्राइवेट करेक्शन। पब्लिक रिस्पेक्ट। पुराने राज दरबारों में वाइज एडवाइजर राजा को सबके सामने चैलेंज नहीं करता था। वो सही समय, सही शब्द और सही जगह चुनता था। आज भी यही रूल है। पावरफुल लोगों से कनेक्शन बनाते समय एक रेपुटेशन बनाओ। यह व्यक्ति मेरे खिलाफ नहीं है, लेकिन यह मुझे अंधा भी नहीं रहने देगा। यह रेयर कॉम्बिनेशन है। ज्यादातर लोग या तो चापलूस होते हैं या क्रिटिक। पावरफुल व्यक्ति को तीसरी कैटेगरी चाहिए स्ट्रेटेजिक ऑनेस्ट पर्सन। लॉयल्टी प्रूफ करने का मतलब है उनकी प्राइवेट बात सेफ रखना।
उनके मिशन को समझना। उनकी रेपुटेशन का ध्यान रखना। उनकी एब्सेंस [संगीत] में भी उनके बारे में चीप बात ना करना। और जब करेक्शन करनी हो तो रिस्पेक्ट के साथ करना। लेकिन स्लेवरी मत बनो। क्योंकि जो अपनी सेल्फ रिस्पेक्ट बेच देता है, पावरफुल लोग उसे यूज कर सकते हैं। रिस्पेक्ट नहीं करते। आपका गोल सर्वेंट बनना नहीं है। आपका गोल वैलुएबल एलय बनना है। लॉयल बनो लेकिन अपनी सोच मत भेजो। पावरफुल लोग यस मैन से घिरते हैं। लेकिन याद उन्हें वही रहता है जो सही समय पर सच बोल सके। रूल सात पावरफुल लोगों से संबंध बनाने के
बाद उसे मेंटेन करना सीखो। कनेक्शन बनाना आसान है। कनेक्शन मेंटेन करना असली कला है। कई लोग एक बार पावरफुल व्यक्ति से मिलते हैं और समझते हैं कि अब कनेक्शन बन गया नहीं। पावरफुल लोगों के वर्ल्ड में मेमोरी बिजी [संगीत] होती है। अगर आप लगातार मीनिंगफुल प्रेजेंस नहीं बनाते तो आप भूल दिए जाते हो। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप रोज मैसेज करो। पावरफुल पीपल को स्पैम मत करो। उनका टाइम रिस्पेक्ट करो। कनेक्शन मेंटेन करने का मैकवेलियन तरीका है कम बोलो लेकिन जब बोलो तो यूज़फुल बोलो। हर महीने एक थॉटफुल अपडेट, कभी कोई रेलेवेंट इंसाइट,
कभी कोई यूज़फुल इंट्रोडक्शन, कभी कोई प्रॉब्लम का सॉल्यूशन, कभी बस एक रिस्पेक्टफुल नोट। एग्जांपल सर आपने पिछले महीने जिस मार्केट शिफ्ट की बात की थी उस पर मैंने एक छोटा एनालिसिस बनाया है। लगा आपके काम आ सकता है या आपने कहा था कि आपको रीजनल ऑडियंस समझनी है। मैंने पांच एग्जांपल्स कलेक्ट किए हैं जहां रीजनल स्टोरी टेलिंग ने कंटेंट को वायरल किया। या मैंने आपका सजेशन अप्लाई किया। यह रिजल्ट आया। थैंक यू। पावरफुल लोगों को यह देखना पसंद है कि उनकी बात वेस्ट नहीं गई। जब आप उनके एडवाइस को एक्शन में बदलते हो और फिर
रिजल्ट दिखाते हो तो आप उनकी माइंड में सीरियस पर्सन बनते हो। यही गुरु शिष्य ट्रेडिशन में भी था। गुरु हर स्टूडेंट को इक्वल अटेंशन नहीं देता था। जो स्टूडेंट सीखकर अप्लाई करता था वही गुरु का प्रिय बनता था। मैकियावेली के वर्ल्ड में भी रूलर उसी को वैल्यू देता था जो इंस्ट्रक्शन को रिजल्ट में बदल सके। तो कनेक्शन मेंटेन करने का फार्मूला है रिस्पेक्ट द टाइम, यूज देयर एडवाइस, शो प्रोग्रेस, ब्रिंग वैल्यू बैक। और सबसे इंपॉर्टेंट जब आपको उनसे कुछ काम ना हो तब भी कभी-कभी वैल्यू दो। क्योंकि अगर आप सिर्फ जरूरत पड़ने पर याद आते
हो तो आप रिलेशनशिप नहीं ट्रांजैक्शन बना रहे हो। पावरफुल पर्सन के साथ कनेक्शन को डिमांड से नहीं कंसिस्टेंट वैल्यू से मेंटेन करो। अब आखिरी और सबसे इंपॉर्टेंट लेसन पावरफुल लोगों से कनेक्शन बनाने के लिए आपको पावरफुल बनने की जरूरत नहीं है। लेकिन आपको पावरलेस दिखना बंद करना होगा। मैकिया वेली हमें यह नहीं सिखाता कि दुनिया को धोखा दो। वह हमें यह सिखाता है कि दुनिया सिंपल नहीं है। पावर सिर्फ गुड इंटेंशन से नहीं चलती। पावर परसेप्शन, टाइमिंग, यूज़फुलनेस, लॉयल्टी और स्ट्रेटजी से चलती है। अगर आप पावरफुल लोगों से कनेक्शन बनाना चाहते हो तो याद रखो
उनके सामने फैन बनकर मत जाओ। स्टूडेंट बनकर जाओ लेकिन यूज़फुल स्टूडेंट। एलआय बनकर जाओ लेकिन सेल्फ रिस्पेक्ट वाला एलय। ऑब्जर्वर बनकर जाओ लेकिन साइलेंट ऑब्जर्वर नहीं स्ट्रेटेजिक ऑब्जर्वर। कभी भी पावरफुल पर्सन से कनेक्शन को शॉर्टकट मत समझो क्योंकि शॉर्टकट से एक्सेस मिल सकती है। रिस्पेक्ट नहीं। रिस्पेक्ट मिलती है जब आपकी प्रेजेंस से पावरफुल व्यक्ति का वर्ल्ड थोड़ा बेटर, क्लियर या सेफर हो जाता है। इतिहास में राजा बदल गए, दरबार बदल गए, साम्राज्य टूट गए। लेकिन पावर का साइकोलॉजी वही रहा। पावरफुल लोग आज भी वही ढूंढते हैं जो राजा ढूंढते थे। कौन यूज़फुल है? कौन लॉयल
है? कौन डिस्क्रीट है? कौन मेरी कमजोरी नहीं मेरी स्ट्रेंथ बढ़ाएगा? कौन मेरी दुनिया समझता है? और कौन मेरे साथ खड़ा रह सकता है बिना खुद को बेचे। तो अगली बार जब आप किसी पावरफुल इंसान से मिलो तो यह मत सोचो मैं उन्हें कैसे इंप्रेस करूं। सोचो मैं उनके लिए ऐसा कौन सा वैल्यू पॉइंट बन सकता हूं जिसे वे इग्नोर ना कर सकें। यही मैकियावेली की असली नेटवर्किंग है। ना चापलूसी ना बेगिंग ना फेक कॉन्फिडेंस। सिर्फ स्ट्रेटजी, वैल्यू और टाइमिंग। अगर यह वीडियो आपको पावरफुल लगी तो लाइक जरूर करना क्योंकि शायद YouTube एल्गोरििदम भी पावरफुल लोगों
की तरह है। वह भी उसी को आगे बढ़ाता है जो वैल्यू देता है और सब्सक्राइब कर लो क्योंकि इस चैनल पर हम किताबों को सिर्फ समराइज नहीं करते। हम उनके अंदर छिपे पावर रूल्स डिकोड करते हैं। मिलते हैं अगली वीडियो में। तब तक याद रखो। पावरफुल लोगों से कनेक्शन बनाने से पहले खुद को ऐसा इंसान बनाओ जिसे पावर इग्नोर ना कर सके।