हेलो एवरीवन, वेलकम टू द क्लास गाइस। कैसे हो आप सभी? उम्मीद करता हूं आप सभी बच्चे बहुत अच्छे होंगे। अच्छे से पढ़ाई लिखाई कर रहे होंगे। गाइस आज के इस वीडियो में हम ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट को पढ़ने वाले हैं। जिसके अंदर आपको सिंपल माइक्रोस्कोप, कंपाउंड माइक्रोस्कोप, एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप, रिफ्लेक्टिंग टेलिस्कोप ये सब बहुत अच्छे से पढ़ाया जाएगा। विद न्यूमेरिकल, रे डायग्राम, मैग्नीिफिकेशन, फार्मूला सारी चीजें आपके दिमाग में एक-एक क्रिस्टल क्लियर तरीके से बैठ जाएंगी। इसके बाद आपको किसी और वीडियो को देखने की रिक्वायरमेंट नहीं होगी गाइस। और आज की इस वीडियो में जो पढ़ा दिया जाएगा वो
आपके लिए काफी होगा। ठीक है? तो आपको टेंशन नहीं लेना है। बस उस लेक्चर को बढ़िया से देखना है। उसके बाद आपका काम हो जाएगा। बच्चों कुछ भी हमें करना है फिजिक्स में तो उसके लिए अच्छी क्वेश्चन प्रैक्टिस लगती है और अच्छी क्वेश्चन प्रैक्टिस आपको अच्छी बुक से मिलेगी। तो अगर आपके पास अभी तक एक्सीलेंस 95 प्लस आपके पास नहीं है तो आप मेरी इस बुक एक्सीलेंस 95 प्लस को लेकर के इससे क्वेश्चन प्रैक्टिस करना स्टार्ट कर सकते हैं। साथ ही साथ एग्जाम टाइम आ गया है तो आपको सैंपल पेपर की प्रैक्टिस भी स्टार्ट कर
देनी चाहिए। तो आप सैंपल पेपर को भी जो है ले सकते हैं। इस दोनों बुक को लेने के लिए मैं आपको इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन और कमेंट सेक्शन में लिंक दे देता हूं। सर अगर मैंने इन दोनों बुक के क्वेश्चंस को प्रैक्टिस कर लिया तो क्या मेरे 90 प्लस मार्क्स आ जाएंगे? गारंटीड मैं लिख के दे देता हूं। अगर कोई बच्चा इन दोनों बुक के क्वेश्चंस को प्रैक्टिस कर लेता है तो उसके 95 प्लस मार्क्स 90 प्लस मार्क्स उसके गारंटेड है। क्योंकि वो जो पांच नंबर है ना 90 से 95 वाला वो बच्चों के कैलिबर
पे बहुत ज्यादा डिपेंड करता है। बट 90 प्लस मार्क्स आप इन दोनों बुक के क्वेश्चंस को लगा लेते हैं तो जरूर आ जाएंगे। सर एग्जाम टाइम आ रहा है। क्या मैं इन बुक के क्वेश्चंस को लगा सकता हूं? बच्चों देखो बहुत सारे क्वेश्चन ऐसे होते हैं जो ईजी होते हैं जो आप लोग बहुत पहले से कर चुके होते हो। लेकिन कुछ क्वेश्चन ऐसे होते हैं जो लॉजिकल हैं, कॉनसेप्चुअल हैं जिसमें आपको दिमाग लगाना पड़ेगा। तो आप उन क्वेश्चंस को इन बुक से प्रैक्टिस कर सकते हैं और मुझे लगता है कि इन दोनों बुक के बाद
लगता नहीं है। इस बात की तो मैं गारंटी देता हूं कि इन दोनों बुक के बाद आपको इस साल के लिए किसी और बुक को खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी। ये दोनों बुक सफिशिएंट है। मोर देन सफिशिएंट है आपके 90 प्लस मार्क्स आपको दिलाने के लिए इस पॉइंट ऑफ टाइम पर। ठीक है? तो इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन और कमेंट सेक्शन में आपको लिंक दे रहा हूं। आप यहां से इस बुक को आर्डर कर दीजिए। अगर आपके पास ऑलरेडी 95 प्लस है तो सैंपल पेपर को आप ऑर्डर कर दीजिए और बच्चों अपनी तैयारी में चार चांद
लगाइए। ठीक है? पांचवा चांद हम लगा देंगे अगर आप ब्रह्मास्त्र बैच के अंदर आ जाते हैं तो। है ना? ब्रह्मास्त्र बैच के अंदर रेगुलर क्लासेस आपकी चल रही हैं। अगर आप YouTube से पे तो देखो मैं पूरा कंटेंट दे ही रहा हूं। ठीक है? लेकिन आपको लग रहा है कि सर मैं डेली आपके साथ पढ़ना चाहता हूं तो फिर आप मेरे साथ आ सकते हैं ब्रह्मास्त्र बैच के अंदर। ब्रह्मास्त्र बैच आपको मिल जाएगा टॉपर्स i ऐप पर ठीक है या आप वेबसाइट पे भी जा सकते हैं www.toppers i.com ठीक है बच्चों तो यहां से आप
इंडिविजुअल फिजिक्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री का कॉम्बो या फिर इंडिविजुअल कॉम्बो जो बैचेस हैं केमिस्ट्री, मैथ्स के भी उसके अंदर आप एनरोल कर सकते हैं। आपको लग रहा है कि सर YouTube पे तो आप दे ही रहे हो लेकिन अगर आप डेली भी मिलेंगे मुझसे तो बहुत अच्छा हो जाएगा। ठीक है बच्चों? तो आप इस बैच के अंदर एनरोल कर सकते हैं। चलिए हम स्टार्ट करते हैं और स्टार्ट करते हैं। सबसे पहले ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट क्या होता है? उसको जान लेते हैं। तो देखो बच्चों, बहुत सिंपल सी और बेसिक सी बात है। अगर मैं आपसे
कहूं ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट क्या है? तो ऐसे समझ लो कि भाई ऐसा कोई भी डिवाइस जो छोटे-छोटे ऑब्जेक्ट को बड़ा करके दिखा दे। है ना? दूर के ऑब्जेक्ट को पास में ला करके दिखा दे। हां। जैसे कि माइक्रोस्कोप हो गया। माइक्रोस्कोप बैक्टीरिया वायरस छोटे ऑब्जेक्ट हैं। छोटे इनसे मतलब मैं कहूंगा माइक्रो ऑर्गेनिज्म हैं। उनको बड़ा करके दिखा देता है। ठीक है? चांद यानी कि मून। मून की सरफेस को एकदम बड़ा करके ज़ूम करके पास में ला करके दिखा देता है टेलिस्कोप। तो यह क्या है? यह सभी ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट हैं। तो ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट कोई भी ऐसा डिवाइस
हो सकता है। है ना? कोई ऐसा इंस्ट्रूमेंट हो सकता है जो कि फार लोकेटेड ऑब्जेक्ट को पास में ला के मैग्नीिफाई करके दिखा सकता है। उसको हम बोलते हैं ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट। अगर मैं बात करूंगा ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट की तो हमें दो टाइप के ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट इस चैप्टर में पढ़ने हैं। या मैं कहूं कि दो टाइप के ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट होते हैं। ठीक है? सारी बातें आप जो है यहां पर लिखते चले जाए। लिखते चले जाएंगे। टाइप्स ऑफ ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट। टाइप्स ऑफ ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट। ठीक है? अच्छा बच्चों। ठीक है? बहुत बढ़िया। नाउ अभी ध्यान से देखिए। ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट
के टाइप्स की अगर मैं बात कर रहा हूं। दो टाइप के इंस्ट्रूमेंट हैं। पहला है आपका सिंपल माइक्रोस्कोप। सिंपल माइक्रोस्कोप हमें पढ़ना है। ठीक है? दूसरा हमें पढ़ना है कंपाउंड माइक्रोस्कोप। ये माइक्रोस्कोप के टाइप हो गए। ठीक है? तीसरा हमें पढ़ना है टेलीिस्कोप। तीसरा हमें क्या पढ़ना है? टेलिस्कोप। टेलिस्कोप में अगर मैं बात करूंगा तो टेलिस्कोप दो टाइप के होंगे। एक होगा आपका रिफ्रेक्टिंग टेलीिस्कोप। रिफ्रेक्टिंग टेलिस्कोप। रिफ्रेक्टिंग टेलिस्कोप वो होते हैं जिनके अंदर हम लेंस का इस्तेमाल करते हैं। लेंस वाले टेलिस्कोप। ठीक है? अच्छा। दूसरा होता है रिफ्लेक्टिंग टेलिस्कोप। रिफ्लेक्टिंग टेलीिस्कोप। रिफ्लेक्टिंग टेलिस्कोप। रिफ्लेक्टिंग टेलिस्कोप
वो होते हैं जिनके अंदर हम मिरर का इस्तेमाल करते हैं। मिरर वाले टेलीिस्कोप। मिरर वाले टेलीिस्कोप। ठीक है? अच्छा रिफ्लेक्टिंग टेलिस्कोप की अगर मैं बात करूंगा तो ये है एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप। ये है एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप। ठीक है? और दूसरा आपको मिलेगा यहां पे टेरेस्ट्रियल टेलिस्कोप। टेस्ट्रियल टेलिस्कोप अभी हमारे सिलेबस में नहीं है तो हम इसको नहीं पढ़ेंगे। जबकि रिफ्लेक्टिंग टेलिस्कोप फर्दर दो टाइप के होते हैं। यह है आपका इसमें एक आएगा न्यूटोनियन टेलिस्कोप। न्यूटन ने बनाया था न्यूटोनियन टेलिस्कोप और एक टेलिस्कोप है कैसे ग्रेन टेलिस्कोप। कैसे गिरे नहीं कैसे ग्रेन टेलिस्कोप। ठीक है? तो ये हमारे
जो है दो टाइप के ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट। एक है माइक्रोस्कोप जो फर्दर दो टाइप के हैं। सिंपल और कंपाउंड दूसरा है टेलीिस्कोप। टेलिस्कोप फर्दर दो टाइप के हैं। रिफ्रेक्टिंग टेलिस्कोप जिसमें लेंस यूज़ होता है। रिफ्लेक्टिंग टेलिस्कोप जिसमें मिरर जिसमें मिरर यूज़ होता है। रिफ्रेक्टिंग टेलिस्कोप फर्दर दो टाइप के एस्ट्रोनॉमिकल और टेरेस्ट्रियल टेलिस्कोप और रिफ्लेक्टिंग टेलिस्कोप फिर दो टाइप के न्यूटोनियन और कैसे ग्रेन टेलिस्कोप। एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप वो होते हैं जैसे चांद को देखना है। स्टार को देखना है सर। चांद को तो हम छन्नी से भी देख सकते हैं। आ हा हा चांद को तो छन्नी से भी
देखा जा सकता है। लेकिन आप उस चांद की बात नहीं कर रहे हैं। वो तो एक दिन का चांद है। हमें अगर डेली वाले चांद को देखना है तो एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप से देखना पड़ेगा। टेस्टियल टेलिस्कोप बेसिकली दूरबीन होती है जिसको हम धरती पे कोई चीज बहुत दूर है एकदम पास में ज़ूम करके देख सकते हैं। इसको हमें नहीं पढ़ना है। न्यूटोनियन और कैसे ग्रीन टेलिस्कोप भी एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप की तरह ही चांद वगैरह को देखने के काम आते हैं। लेकिन लेकिन लेकिन इनके कुछ एडवांटेजेस हैं वो हम जो है आगे पढ़ने वाले हैं। ठीक है? तो
बच्चों देखो सबसे पहले हम बात करेंगे माइक्रोस्कोप की और माइक्रोस्कोप में भी पहले पढ़ेंगे सिंपल माइक्रोस्कोप। लेकिन उसको पढ़ने से पहले यहां पर कुछ बेसिक टर्मिनोलॉजी है जिसको मुझे समझना होगा। सबसे पहली बात बच्चों यहां पर ये है कि लीस्ट डिस्टेंस ऑफ डिस्टिंक्ट डिवीजन। यहां पे बार-बार एक टर्म यूज़ होगा। लीस्ट डिस्टेंस ऑफ डिस्टिंक्ट डिवीज़ यानी कि हम इसको बोलते हैं एलडीडीवी। इसका अर्थ क्या होता है बच्चों? तो देखो बहुत सिंपल सी बात है। लीस्ट का मतलब सबसे छोटी। डिस्टेंस मतलब दूरी। डिस्टिंक्ट मतलब साफ-साफ, विज़न मतलब दिखाई देना। एक बार फिर लीस्ट का मतलब सबसे
छोटी, डिस्टेंस का मतलब दूरी। डिस्टिंक्ट। डिस्टिंक्ट का मतलब साफ-साफ, विज़न का मतलब दिखाई देना। तो हमारी आंखों से हमारी आंखों से हमारी आंखों से वो डिस्टेंस हमारी आंखों से वो सबसे छोटी डिस्टेंस जहां पे मुझे एकदम साफ-साफ दिखाई देता है उसको मैं बोलता हूं उसको मैं बोलता हूं लीस्ट डिस्टेंस ऑफ डिस्टिंक्ट विज़न। मतलब मैं आपसे ऐसे बोल देता हूं कि बच्चों ये हमारी बुक है एक्सीलेंस 95 प्लस। लेकिन अगर मैं इसको अगर मैं ऐसा करता हूं कि भाई साहब इसके अंदर जो भी लिखा है अगर मैं उसको यहां से देखता हूं तो मुझे नहीं दिख
रहा है। मेरी आंखों पे दर्द हो रहा है लेकिन मुझे ब्लर ही दिख रहा है। लेकिन मैं उसको दूर लेके आ। थोड़ा सा क्लियर है। थोड़ा सा क्लियर है। आ हा हा सबसे क्लियर। इसका मतलब मेरी आंखों से वो मिनिमम डिस्टेंस क्या 5 सें.मी. है। जब मुझे दिखाई दे रहा है? नहीं सर। कम से कम इतना रखेंगे ना तो आपको बढ़िया दिखाई देगा। इसका मतलब ये जो डिस्टेंस है ये वो लीस्ट यानी कि वो सबसे छोटी डिस्टेंस है जहां पे मुझे एकदम क्लियर क्लियर दिखाई दे रहा है। इस डिस्टेंस पे नहीं दे रहा तो उसको
नहीं बोलूंगा। ये डिस्टेंस वो मिनिमम डिस्टेंस है जब मुझे सबसे साफ-साफ और सबसे क्लियर दिखाई दे रहा है। इसी को मैं बोलता हूं लीस्ट डिस्टेंस। सबसे छोटी डिस्टेंस ऑफ डिस्टिंक्ट विज़न यानी कि एकदम साफ-साफ दिखाई देने वाले सबसे छोटी दूरी। ठीक है? हेल्दी आइज के लिए हेल्दी आइज के लिए लीस्ट डिस्टेंस ऑफ़ डिस्टिंक्ट विज़न यानी कि एलडीीडीबी 25 सेंटीमीटर होती है। अगर मैं बात करूं यहां पे एलडीडीबी को रिप्रेजेंट करने के लिए हम कैपिटल डी का इस्तेमाल जो है करते हैं। एलडीीडीबी को रिप्रेजेंट करने के लिए लीस्ट डिस्टेंस ऑफ़ डिस्टिंक्ट विज़न को रिप्रेजेंट करने के
लिए कैपिटल डी का इस्तेमाल करते हैं। ये इसकी डेफिनेशन लिखी हुई है। इट इज़ द स्मालेस्ट डिस्टेंस रिक्वायर्ड फ्रॉम आईज़ टू सी द डिस्टिंक्ट विज़न ऑफ़ इमेज। ठीक है? नाउ इसके बाद इमेज एट इंफिनिटी। अगर इंफिनिटी पे इमेज बनेगी तो क्या होगा? तो यहां पर यह दिया जाएगा। देखो कभी भी लाइट रेज जो है पैरेलल पैरेलल हो जाती है। है ना? आफ्टर रिफ्रेक्शन तो इमेज जो बनती है वो इंफिनिटी बनती है। और इंफिनिटी वाले केस में रिलैक्स्ड आईज लिखा होगा। इंफिनिटी वाले केस में आपको हमेशा याद रखना है कि ऑब्जेक्ट जो रहेगा आप मुझे बताइए।
ऑब्जेक्ट कहां रहेगा? फोकस पे रहेगा। ऑब्जेक्ट जब भी फोकस पे रहेगा इमेज जो है इंफिनिटी पे बनेगी। ये बात हम पहले से समझते हैं और मैंने आपको दोबारा से इसको रिकॉल करा दिया। ठीक है? चलिए आगे बढ़ेंगे और सबसे पहली बात जो हमें पढ़ना है दैट इज हमारा सिंपल माइक्रोस्कोप। देखो बच्चों, जब हम माइक्रोस्कोप के बारे में सुनते हैं, तो हमें वही माइक्रोस्कोप ध्यान आता है जो लैब में साइंटिस्ट यूज़ कर रहे होंगे। कोई बायोटेक्नीशियन यूज़ कर रहे होते हैं। है ना? हम जब भी हम माइक्रोस्कोप के बारे में सुनते हैं तो हमारे दिमाग में
आ जाता है भाई साहब इससे बैक्टीरिया देख लो, इससे वायरस देख लो, दही के अंदर देख लो, खून के अंदर देख लो। है कि नहीं? इसका मतलब क्या है कि हम जब भी माइक्रोस्कोप के बारे में सुनते हैं तो हमें ये वाला माइक्रोस्कोप हमारे दिमाग में आता है। बट बच्चों मैं आपको बताना चाहता हूं ये कंपाउंड माइक्रोस्कोप होता है। ये क्या होता है? ये कंपाउंड माइक्रोस्कोप होता है। अच्छा और जो जो सिंपल माइक्रोस्कोप होता है ये एक मैग्नीिफाइंग ग्लास का ही यानी कि मैग्नीिफाइंग लेंस का ही एक बड़ा नाम है। बस ये समझ लीजिए। यानी
कि जो बड़ा जो लेंस जो होता है साधारण वाला लेंस जिससे हम बड़ा-बड़ा करके देख सकते हैं उसी को हम सिंपल माइक्रोस्कोप कहते हैं। क्या बोलते हैं? यानी कि सिंपल माइक्रोस्कोप वो हवा नहीं है जो मेडिकल फील्ड में यूज़ हो रहा है या जो ऐसे नॉर्मल साइंस की लैब में यूज़ हो रहा है वो नहीं है। सिंपल माइक्रोस्कोप तो इस सिंपल से लेंस से कहा जा रहा है जो चीजों को अल्फाबेट्स को शब्दों को बड़ा कर करके दिखा देता है। ठीक है? तो सिंपल माइक्रोस्कोप इज नथिंग बट ए कॉन्वेक्स लेंस ऑफ़ शॉर्ट फोकल लेंथ। ठीक
है? सिंपल माइक्रोस्कोप क्या है? सिंपल माइक्रोस्कोप इज नथिंग बट बोला ये बहुत बड़ी चीज नहीं है। इट इज़ नथिंग बट ए कॉन्वेक्स लेंस। बोला ये तो एक कॉन्वेक्स लेंस है शॉर्ट फोकल लेंथ वाला। ठीक है? इट इज़ आल्सो नोन एज मैग्नीिफाइंग ग्लास। बोला इसको हम मैग्नीिफाइंग ग्लास या मैग्नीिफाइंग लेंस भी कह देते हैं। इसको हम क्या बोल देते हैं? इट इज़ आल्सो नोन एज मैग्नीिफाइंग लेंस। इसको हम मैग्नीिफाइंग लेंस भी कह देते हैं। ठीक है बच्चों? तो परेशान आप लोगों को नहीं होना है। तो सर ये जो सिंपल माइक्रोस्कोप है ये इसका काम क्या है?
बोला जो छोटे ऑब्जेक्ट है उनको बड़ा करके दिखाना। अच्छा सर ये कैसी इमेज बनाता है? उल्टी या सीधी। तो ऑब्वियस सी बात है न्यूज़पेपर पढ़ने के लिए अगर हमें इसका इस्तेमाल करना है तो हमें अल्फाबेट सीधे-सीधे तो देखने पड़ेंगे और बड़े-बड़े देखने पड़ेंगे। तो इसका मतलब ये है कि सीधी और सबसे बड़ी इमेज कब बनती है कॉन्वेक्स लेंस वाले केस में? जल्दी से बताओ। कॉन्वेक्स लेंस वाले केस में वर्चुअल एंड इरेक्ट इमेज कब बनती है? बोला तब बनती है सर जब ऑब्जेक्ट जो है फोकस के अंदर रखा हो। क्या ये बात सही है? क्या ये
बात सही है? जब ऑब्जेक्ट फोकस और ऑप्टिकल सेंटर के अंदर होता है तब इमेज जो होती है ये सबसे बड़ी इमेज बनती है। ऐसा है कि नहीं? हां सर बिल्कुल है। तो कितनी बड़ी इमेज बनेगी? क्या इसकी मैग्नीिफाइंग पावर होगी? ये हमें समझना है। ठीक है? तो सबसे पहला काम हम ये कर लेते हैं कि यहां पर ये इस तरीके से डेरिवेशन पूछा जाता है कि डिराइव एक्सप्रेशन फॉर मैग्नीिफाइंग पावर ऑफ सिंपल माइक्रोस्कोप यानी कि सिंपल माइक्रोस्कोप की मैग्नीिफाइंग पावर कैसे निकालेंगे? मतलब सिंपल माइक्रोस्कोप कितनी बड़ी इमेज बना सकता है? कितने गुना बड़ी या छोटी
इमेज बना सकता है? ये हम कैसे निकालेंगे? तो उसके लिए हम फार्मूला डिराइव करने वाले हैं। ठीक है? मैग्नीिफाइंग पावर का मतलब इसकी चीजों को बड़ा करने की पावर कितनी है? ठीक है? अच्छा और यही डेरिवेशन जो एग्जाम में पूछा जाता है। ठीक? तो रे डायग्राम पहले बनाना सीखेंगे। यानी इसमें इमेज का फॉर्मेशन कैसे होगा? ठीक है? यहां पर एंगल्स पे विशेष ध्यान देना है। डेरिवेशन कोई बड़ी बात नहीं है। सबसे पहला काम तो देखो मैग्नीिफाइंग पावर क्या होता है? वो मैं आपको समझाऊंगा। लेकिन उससे पहले आपको डायग्राम बनाना यहां पर सीखना है। सबसे पहला
काम आपको यह करना है कि भाई साहब मैंने बना लिया बना लिया एक लेंस। लेंस जो है मैंने बना दिया कुछ इस प्रकार से और बढ़िया सा सुंदर सा प्यारा सा छोटा सा मोट थोड़ा-थोड़ा सा पतला सा लेंस हमने जो है यहां पर बना दिया है। इसके बाद हम बच्चों क्या करेंगे प्यारेप्यारे बच्चों इसके बाद हम क्या करेंगे? इसके बाद हम क्या करेंगे? तो यहां पर हम एक काम कर लेते हैं कि भाई ये हो गया मेरे पास फोकस। ये हो गया मेरे पास ऑप्टिकल सेंटर। क्या बात है? क्या बात है? मुझे खुद नहीं पता
क्या बात है। लेकिन चलो मजा आ रहा है। चलिए तो सबसे पहला काम हमने क्या किया कि यहां पर हमने एक ऑब्जेक्ट ले लिया। अब ऑब्जेक्ट जो हमने ले लिया ऑब्जेक्ट जो हमने ले लिया दोस्तों ओो दोस्तों ऑब्जेक्ट हमने ले लिया है। ऑब्जेक्ट हमने ले लिया। इस ऑब्जेक्ट का नाम हम रख देंगे आज से A B ठीक है? तो सबसे पहला काम हम क्या करेंगे? सबसे पहला काम हम ये करेंगे। भाई इसका फोकस यहां पर है। तो एक और फोकस यहां पे हो जाएगा। तो ये हमने बना दिया फोकस। ठीक है? इसके बाद लाइट रे
आएगी कुछ इस प्रकार से। एक लाइट रे आई सीधी। बताइए जरा। क्या एक लाइट रे सीधी आ गई? हां सर एक लाइट रे सीधी आ गई। एक लाइट रे सीधी आने के बाद फोकस से पास हो गई। तो ये लाइट रे आई सीधी और इसके बाद फोकस से पास हो गई। दूसरी लाइट रे क्या होगी? ये पास होगी ऑप्टिकल सेंटर से। बताइए क्या इतनी बात क्लियर है? हां सर इतनी बात तो क्लियर है। एक लाइट रे हमेशा कहां से? सीधी आई। सीधी आई फोकस से पास हुई। दूसरी लाइट रे ऑप्टिकल सेंटर से आ गई। ठीक
है सर। इसके बाद हम क्या करते हैं? अब ये लाइट रे यहां तो मिलेंगी नहीं। यहां तो ये लाइट रे फैल रही हैं। डिस्टेंस बढ़ रही है। तो हम इन लाइट रे को पीछे की ओर खींचते हैं। हमने इन लाइट रे को पीछे की ओर रिट्रेस किया। है ना? अगर लाइट रे आगे नहीं मिल रही हैं। अगर ये लाइट रे आगे नहीं मिल रही है नीचे की साइड तो इसको पीछे खींचना पड़ेगा। तो हमने क्या किया? इन्हीं लाइट रेज को पीछे की ओर खींचा। इन लाइट रे को हमने पीछे की साइड खींच लिया। तो अब
अगर मैंने इन्हीं लाइट रेज को पीछे की साइड खींच लिया है। अगर आपको कोने में यहां पे दिखाई पड़ रहा हो तो देखो जरा। तो देखिए तो यहां पर क्या बन जाएगी? यहां पे बन जाएगी इमेज। यहां पर क्या बन जाएगी? यहां पे बन जाएगी इमेज। क्या आपको यहां पे कोने में दिखाई पड़ रहा है? क्या आपको यहां पर कॉर्नर में दिखाई पड़ रहा है? हां सर दिखाई पड़ रहा है। ठीक है। बहुत बढ़िया। तो ये बन गई इमेज। इसका यहां पे नाम क्या रख दिया? यहां पे नाम रख देता हूं। देखो ये AB है।
ये A1 B1 ये इमेज जो बनी है यहां पे इसका नाम क्या हो गया? A1 B1 दिखाई पड़ रहा है। हां सर बिल्कुल दिखाई पड़ रहा है। नाउ। तो अभी आप यहां पर देखिए कि ऑब्जेक्ट जो है फोकस के अंदर था तो इमेज कितनी बड़ी बनी? बोला सर बहुत-बहुत बड़ी बनी। अब देखिए यहां पर दो एंगल होते हैं। यहां पर क्या होते हैं? दो एंगल। मैग्नीिफाइंग पावर सॉरी गाइस थोड़ी थोड़ी तबीयत ठीक नहीं है मेरी बट रिकॉर्ड करना ही पड़ेगा अभी तो मैं आपको वही बता रहा हूं कि भाई एक्चुअल में क्या है कि आपको
मैग्नीिफाइंग पावर निकालनी है। मैग्नीिफाइंग पावर को हम दो तरीके से मतलब मैग्नीिफाइंग पावर को हम m से रिप्रेजेंट करते हैं। तो मैग्नीिफाइंग पावर का फार्मूला क्या होता है? मैग्नीिफाइंग पावर का फार्मूला होता है इट इज द रेश्यो ऑफ़ मैग्नीिफाइंग पावर जो है ये रेश्यो है किस-किस का? एंगल बीटा मेड बाय इमेज ऑन आई। मतलब ये देखो ये इमेज है। ये देखो ये इमेज है। क्या आपको ये इमेज दिखाई पड़ रही है? हां सर। तो देखो इमेज से आंखों पे आंखें कहां होती हैं? आंखें हमेशा लेंस के पीछे होंगी। आंखें हमेशा लेंस के पीछे होंगी। तो
बच्चों आपको ध्यान रखना है कि इमेज से ये देखो ये इमेज है। इमेज से इमेज से देखो ये लाइट आ रही है। ये लाइट आ रही है। बोलो हां कि ना? देखो इमेज है। इमेज से लाइट आ रही है। लाइट आ रही है। लाइट आ रही है। देखो ना ध्यान से देखो। ये इमेज है। ये इमेज है। A1 B1 ये इमेज से देखो एक लाइट आ रही है। आ रही है। आ रही है। आ रही है। आ रही है। और ये आंखों में जा रही है। ठीक है? तो इमेज से आंखों पे जो एंगल बना
उस एंगल को हमने कहा बीटा। क्या कहा? इमेज से आंखों पे जो एंगल बना उस एंगल को मैंने क्या कहा? बीटा कहा। बोलो हां कि ना? इमेज से आंखों पे जो एंगल बना उसको मैंने क्या कहा? बीटा। ठीक है? अपॉन ऑब्जेक्ट से आंखों पे जो एंगल बना उसको मैंने कहा अल्फा। तो मैग्नीिफाइंग पावर किसका रेश्यो है? बीटा और अल्फा का। इमेज से आंखों पे जो एंगल बना वो बीटा। ऑब्जेक्ट से आंखों पे जो एंगल बना वो अल्फा। लेकिन ऑब्जेक्ट के केस में एक ट्विस्ट है कि ऑब्जेक्ट को कहां रख के एंगल नापना है? ऑब्जेक्ट का
एंगल कहां पे नापेंगे? जहां पे सबसे साफ-साफ इमेज बन रही है। और सबसे साफ-साफ इमेज कहां बनवाई थी? एलडीटीवी पे। यानी कि ये जो आप देख रहे हैं, ये जो डिस्टेंस आप देख रहे हैं, इसी को मैं बोल रहा हूं लीस्ट डिस्टेंस ऑफ डिस्टिंक्ट विज़न। क्योंकि हम तो सबसे साफ-साफ दिखने वाली दूरी पे इमेज बनाएंगे। ठीक है सर? समझ में आ गया? तो इसका मतलब ये है कि इमेज से एंगल बन रहा है आंखों पे बीटा और ऑब्जेक्ट से एंगल बोलेंगे अल्फा। लेकिन ऑब्जेक्ट का एंगल कहां रख के देखेंगे? कह रहा है कि अगर ऑब्जेक्ट
लीस्ट डिस्टेंस ऑफ डिस्टिंक्ट विज़न यानी कि जहां पे इमेज बन रही है। अगर ऑब्जेक्ट वहीं पे रखा है तब जो एंगल बनेगा उस एंगल को हम बोलेंगे अल्फा। उस एंगल को हम क्या बोलेंगे? उस एंगल को हम बोलेंगे अल्फा। मतलब अल्फा क्या है? ऑब्जेक्ट से बनने वाला एंगल। लेकिन ऑब्जेक्ट कहां रखा होगा? तब अल्फा एंगल नापेंगे। बोला ऑब्जेक्ट जब इमेज की दूरी पे रखा होगा यानी लीस्ट डिस्टेंस ऑफ़ डिस्ट डिस्टिंक्ट विज़न पे रखा होगा तब एंगल जो बनेगा तब उस एंगल को हम अल्फा कहेंगे। तब उस एंगल को हम अल्फा कहेंगे। ठीक है? तो बताओ
जरा मैग्नीिफाइंग पावर क्या है? बोला मैग्नीिफाइंग पावर इज द रेश्यो ऑफ़ एंगल बीटा बीटा मेड बाय इमेज ऑन आई टू द एंगल अल्फा मेड बाय ऑब्जेक्ट ऑन आई व्हेन केप्ट एट एलडी यानी कि जब ऑब्जेक्ट लीस्ट डिस्टेंस ऑफ़ डिस्टिंग पे रखा होगा तब जो एंगल बन रहा होगा उसको हम बोलेंगे अल्फा। तो भाई ये जो पॉइंट है नीचे वाले पॉइंट का नाम तो B1 है। ऊपर एक और पॉइंट मिल रहा है इसका नाम मैंने रख दिया A2। उम्मीद करता हूं भाई इतना जो है आराम आराम समझाया आप लोगों की समझ में आया होगा। अगर अभी
भी दिक्कत है तो आगे हम पढ़ेंगे तो समझ में आ जाएगा। बाकी रिवाइंड करके जरूर देख लीजिए। अब देखो कभी भी मुझे बीटा और अल्फा निकालना है ना तो हमेशा याद रखिए बीटा और अल्फा मैं ऐसे नहीं निकाल पाऊंगा। मुझे क्या करना पड़ेगा? यहां पर बीटा को बीटा और अल्फा ऐसे निकाल पाऊंगा। मैं क्या करूंगा? यहां पर वैल्यूज़ पुट करूंगा। ठीक है? या बीटा को मैं कंसीडर करूंगा tan बीटा। तो मैग्नीिफाइंग पावर m = बीटा की जगह tan बीटा अपॉन में tan अलफा अपॉन में tan अल्फा आ जाएगा tan बीटा / tan अलफा ठीक है
नाउ अब आपको यहां पर ध्यान देना है अब आपको यहां पर ध्यान देना है कि tan बीटा / अलफा तो यहां पे लिखिए इन ट्रायंगल इन ट्रायंगल अब बीटा के लिए कौन सा ट्रायंगल देखोगे तो हमेशा छोटा वाला ट्रायंगल देखना हमेशा छोटा वाला ट्रायंगल ये देखो देखो हमेशा छोटा वाला ट्रायंगल देखना है आप लोगों को। तो मैं आपको यहां पर एक बात बता दूं कि भाई सर सर छोटा वाला ट्रायंगल कौन सा है? तो ये देखो ये आपको दिख रहा है क्या? ये दिख रहा है ये बीटा के लिए देखो मैं लिख करके ही लाया
हूं। सारी चीजें आपको खुद से बता रहा हूं। चाहे ये लेक्चर कितना भी बड़ा हो जाए। ठीक है? तो यहां पर क्या करेंगे? बोला इन ट्रायंगल क्या करना है? इन ट्रायंगल कौन से ट्रायंगल में? बोला इन ट्रायंगल ABO तो इन ट्रायंगल ABO इस ABO ट्रायंगल में क्या करूंगा? मैं यहां पे tan बीटा की वैल्यू निकालूंगा। तो tan बीटा इक्वल टू परपेंडिकुलर अपॉन बेस तो परपेंडिकुलर है AB तो AB / बेस क्या है? बेस है BO तो ये हो गया BO ठीक है? बहुत बढ़िया। सिमिलरली tan अल्फा की बात करूंगा। तो अल्फा के लिए कौन सा
ट्रायंगल ले लेना चाहिए मुझे? ध्यान से देखो। अल्फा के लिए कौन सा ट्रायंगल लेना चाहिए सर? अल्फा तो यहां से बन रहा है। तो अल्फा के लिए ये ट्रायंगल लेना चाहिए। अल्फा के लिए ये ट्रायंगल लेना चाहिए। अल्फा के लिए बच्चों ये ट्रायंगल लेना चाहिए। तो इस ट्रायंगल का नाम क्या है? देखिए जरा। तो इन ट्रायंगल इन ट्रायंगल A2 A2B1O ध्यान से नाम पढ़ लो। ध्यान से नाम पढ़ लो। A2B1O तो अब A2 B1 O में मैं क्या लूंगा? tan अल्फा ले लूंगा। tan अलफा इक्वल टू परपेंडिकुलर अप बेस। तो परपेंडिकुलर क्या है? A2 B1
बेस क्या है? B1O तो A2 B1 और B1O A2 B1 एंड B1O A2 B1 एंड B1O बहुत बढ़िया ये हमारे पास इक्वेशन नंबर वन आ गई। ये हमारे पास इक्वेशन नंबर टू आ गई या मुझे ऐसे बोल देना चाहिए कि ये मेरे पास क्या है? इक्वेशन नंबर वन है। यह मेरे पास इक्वेशन नंबर टू है। यह मेरे पास इक्वेशन नंबर थ्री है। अब पुट दिस वैल्यू। पुट दिस वैल्यू। अगर मैं इसी वैल्यूज़ को पुट दी वैल्यूस इन इक्वेशन नंबर वन। अगर मैं इन्हीं वैल्यूस को इक्वेशन नंबर वन में पुट कर देता हूं। तो देखिए जरा
मैग्नीिफिकेशन का फार्मूला क्या बन जाएगा? m = tan बीटा की वैल्यू क्या है? ab / bo ab / bo tan अलफा की वैल्यू क्या है? tan अलफा की वैल्यू b1o / a2b1 B1o / a2b1 b1o / a2b1 अब ध्यान से देखिए कि अगर मैं आपसे यहां पर कह देता हूं कि हियर ab हियर ab इक्वल टू ये देखो जरा ध्यान से देखना क्या ab और a2 b1 बिल्कुल सेम लेंथ वाले हैं बताइए जरा बताइए क्या ab और a2 B1 सेम लेंथ वाले हैं। क्या? AB और A2 B1 सेम लेंथ वाले हैं? क्या दोनों की हाइट
सेम है? देखो जरा। AB ही तो A2 B1 है। बस मैंने क्या किया? बोला AB को इस जगह पे रख के देखा। तो नाम बदल दिया आपने। हैं? तो आप देखिए यहां पे ab और a2 b1 एक ही बात है। तो मैं क्या कर सकता हूं कि मैग्नीिफिकेशन का जो फार्मूला यानी मैग्नीिफाइंग पावर का जो फार्मूला बना रहा हूं उसमें मैं bo * b1o की जगह तो b1 ठीक है। a2 b1 की जगह मैं क्या लिख सकता हूं? ab है ना? A2 b1 की जगह मैंने क्या लिख दिया? ab ठीक? अब आप यहां पर ध्यान
से देखिए कि ab से तो ab कट गया। मैग्नीिफाइंग पावर का फार्मूला बन गया b1o / bo। अब मुझे एक बात ध्यान से देख के बताइए कि B1 पे क्या रखा है सर? B1 पे तो इमेज बन रही है। इमेज। B1 पे तो इमेज बन रही है। तो अब आप ये देखिए कि B1 तक की डिस्टेंस क्या है? D। तो यहां पर आप क्या देखेंगे? B1 पे इमेज बन रही है। अब क्योंकि लेफ्ट में है तो बोलेंगे - D। और B पे कौन रखा है? B पे। देखो B पे तो ऑब्जेक्ट रखा है। तो ऑब्जेक्ट
डिस्टेंस को बोलेंगे U। लेकिन ये भी लेफ्ट में है इसलिए इसको बोलेंगे माइनस का U। ठीक है? ध्यान से देखिएगा। अब अगर मैं माइनस से माइनस को उड़ा देता हूं तो मैग्नीिफाइंग पावर का फार्मूला यहां पे d / u आ जाता है। लेकिन बच्चों इस फार्मूले में लेंस के बारे में कोई भी इंफॉर्मेशन नहीं दी गई है। यानी कि इस फार्मूले में ये नहीं बताया गया कि अगर लेंस की फोकल लेंथ कितनी होगी तो क्या मैग्नीिफाइंग पावर बनेगी। इसमें इस तरह की कोई जानकारी नहीं दी गई। तो यानी कि इसी फार्मूले को बहुत डिटेल में
एक्सपेंड करने के लिए थोड़ा सा हमें जो है एक लेंस फार्मूले की मदद लेनी पड़ेगी। यहां तक जो आपने लिखा है आप इसका स्क्रीनशॉट ले सकते हैं। बाकी जो टेलीग्राम चैनल है हमारा अभिषेक साहू सर फिजिक्स वहां पे इसके जो पीडीएफ नोट्स होंगे यही वाले हैंड रिटन नोट्स वो आपको जो है प्रोवाइड करा दिए जाएंगे। ठीक है? चलिए तो सब इसके बाद मैं क्या कर रहा हूं? इसके बाद मैं एक काम करता हूं कि भाई देखो मैं इसको हटा दूं। ठीक है सर हटा दीजिए। अब मैं एक काम करता हूं कि भाई अब मैं यहां
पे लगाऊंगा नाउ लेंस फार्मूला। नाउ यूजिंग लेंस फार्मूला हम क्या करेंगे भाई? एक बार मैग्नीिफाइंग पावर निकालेंगे और उसके बाद लेंस फार्मूला जो है लगाएंगे। आप मुझे एक बात बताइए कि लेंस फार्मूला सर क्यों लगाना है? क्योंकि मैग्नीिफाइंग पावर का जो फार्मूला निकल निकल के अभी आया है। उस फार्मूले में लेंस की फोकल लेंथ के बारे में तो कुछ भी जो है इंफॉर्मेशन दी ही नहीं गई। तो हम क्या करेंगे? हम यहां पे एक काम करेंगे। 1 / f = 1 / v - 1 / u यही होता है लेंस फार्मूला। हां सर होता है।
तो यहां पर आप मुझे एक बात बताओ कि भाई साहब इमेज कहां बन रही है? देखो ऑब्जेक्ट कहां रखा है? बोला लेफ्ट में तो बोला -u ऑब्जेक्ट कहां रखा है? लेफ्ट में तो बोला -u इमेज कहां बन रही है? बोला लेफ्ट में तो बोला माइनस का और लीस्ट डिस्टेंस ऑफ़ डिस्टिंक्ट डिवीज़न पे तो यहां पे आप लिखेंगे माइनस का d ठीक है? तो यूजिंग लेंस फार्मूला वो तो है ही। इसके बाद आप यहां पे हेडिंग बना दीजिए इमेज एट एलडीबी। यानी कि इमेज जो बन रही है ये कहां बन रही है? एट एलडीबी मतलब लीस्ट
डिस्टेंस ऑफ़ डिस्टिंक्ट डिवीज़न पे इमेज बन रही है बच्चों। कहां बन रही है? लीस्ट डिस्टेंस ऑफ़ डिस्टिंक्ट डिवीज़न पे इमेज बन रही है। ठीक है? तो अब मैं क्या करूंगा? फोकल लेंथ की जगह f क्योंकि कॉन्वेक्स लेंस की फोकल लेंथ हमेशा पॉजिटिव होती है। इसलिए प्लस का f लिया गया। ठीक है? अब आप यहां पे देखिए 1 / v की जगह पे - d आ गया और यहां पे u की जगह पे माइनस का u आने से प्लस का u बन गया। अब मैं एक काम करता हूं। यहां पे दोनों साइड d का इंटू कर
देता हूं। तो ये बन जाएगा d / f. यह बन जाएगा d का इंटू होने से माइनस का d. यह बन जाएगा मेरे पास प्लस तो। ये बन जाएगा प्लस का d तो यहां पर इसको अगर मैं कैंसिल करूंगा तो ये बन जाएगा d / f = - का 1 प्लस का d / u - का 1 + d / u तो यहां पर आप ये देखिए कि d / u d / u = 1 + d / f d / u = 1 + d / f बताओ क्या इतनी बात क्लियर है? अब देखो
मैंने d / u की जो वैल्यू निकाल दी है इसको मैं इक्वेशन नंबर जो अभी मैंने बनाई है इसके अंदर पुट कर देता हूं। नहीं बनाई तो बना लो। ये इक्वेशन नंबर फोर है। अगर मैं इक्वेशन नंबर फोर में वैल्यू पुट करूंगा तो d / u की तो ये बन जाएगी m = d / u की वैल्यू क्या है? 1 + d / f 1 + d / f ठीक है? सो दिस इज़ फार्मूला फॉर मैग्नीिफाइंग पावर। लिख दीजिए। दिस इज़ फार्मूला फॉर मैग्नीिफाइंग पावर पावर ऑफ सिंपल माइक्रोस्कोप व्हेन फाइनल इमेज इज़ फॉर्म्ड एट लीस्ट
डिस्टेंस ऑफ़ डिस्टिंग विज़न। ठीक है? अच्छा। इसके बाद आप यहां पर देखिए इसमें एक केस और बनता है। केस टू। ये हमारा केस वन था। ये क्या था? केस वन। ठीक है? केस वन। केस टू की अगर मैं बात कर रहा हूं तो केस टू की अगर मैं बात करूंगा तो आपको यहां पर क्या बताना है? इमेज एट इंफिनिटी। अगर इंफिनिटी पे इमेज बन रही होगी तो क्या करते हैं? तो इंफिनिटी पे इमेज बन रही अगर होगी तो उस वाले केस में हम कुछ नहीं करते। बस ऑब्जेक्ट जो होता है यह फोकस पे रखा होता
है। तो इसका मतलब इन इक्वेशन थ्री तो इक्वेशन नंबर थ्री में ही आप जाइए। मैग्नीिफाइंग पावर का फार्मूला d / u होता है। तो हमने यहां पर क्या किया? d / u की जगह पे हमने f पुट कर दिया और आंसर हमारा निकल के आ गया। तो दिस इज़ फार्मूला फॉर मैग्नीिफाइंग पावर। ये किस चीज का फार्मूला है? दिस इज़ मैग दिस इज़ फार्मूला फॉर मैग्नीफ़ाइंग पावर ऑफ़ सिंपल माइक्रोस्कोप। व्हेन फाइनल इमेज इज़ फॉर्म्ड एट फाइनल इमेज कहां बन रही होगी? इंफिनिटी पे। ठीक है? तो भाई साहब मैं ये उम्मीद करता हूं कि आपको ये
बात बिल्कुल समझ में आ गई होगी और मैंने इसको बहुत प्रिसाइज़ तरीके से करा दिया है। ठीक है? अब अगर मैं यहां पर एक रे डायग्राम बनाना चाहता हूं कि भाई साहब अगर फाइनल इमेज इंफिनिटी पे बनती है तो रे डायग्राम कैसा होगा? तो बहुत ही सिंपल सी बात है। ये मेरे पास लेंस रहा होगा। ठीक है? ये मेरे पास फोकल लेंथ है। ऑब्जेक्ट कहां रखा होगा? फोकल लेंथ पे ही रखा होगा। ऑब्जेक्ट कहां रखा होगा? फोकल लेंथ पे रखा होगा। तो ये मेरे पास एक ये हो गया। ठीक है? इसके बाद क्या करना है?
यह लाइट रे आएगी। रे आएगी। यह तो थोड़ा सा जो है ऐसे मिलाना है कि ये हमेशा कैसी रहे? पैरेलल। ना आगे की साइड मीट करें और ना पीछे की साइड मीट करें। ना आगे की साइड और ना पीछे की साइड। ठीक है? तो ये हमारी इमेज बन गई। ठीक? तो एक दो सीधी लाइट रे आई। अब यहां पे बस आपको बीटा एंगल दिखाना है। अल्फा तो एंगल दिखाने की जरूरत ही नहीं है। ठीक है? तो ये क्या बन गया? रे डायग्राम। रे डायग्राम ऑफ सिंपल माइक्रोस्कोप व्हेन फाइनल इमेज इज़ फॉर्म्ड एट इंफिनिटी। भाई जब
फाइनल इमेज इनफिनिटी बन रही होगी तब का रे डायग्राम है। स्क्रीनशॉट ले सकते हैं। बाकी Telegram से आप नोट्स डायरेक्ट डाउनलोड कर लोगे तो कोई भी प्रॉब्लम आप लोगों को नहीं होगी। ठीक है? अब देखिए इसके बाद मैं आपको न्यूमेरिकल्स कराऊंगा। बट हम ये पूरा का पूरा जो सिस्टम है मतलब कि सारे इंस्ट्रूमेंट इंक्लूडिंग टेलीिस्कोप भी पढ़ लेंगे तब मैं इसके इकट्ठे न्यूमेरिकल आप लोगों को करवाने वाला हूं। सो दैट जो भी कांसेप्ट लगेगा वो सारा कांसेप्ट जो है यहां पर यूज़ हो जाएगा। ठीक है बच्चों? आगे बढ़ जाएंगे और मैं अब आपको ले चलता
हूं कंपाउंड माइक्रोस्कोप पे कि कंपाउंड माइक्रोस्कोप को हम कैसे सॉल्व करेंगे। ठीक है? भाई देखिए अभी मैं आपको पढ़ाने वाला हूं कंपाउंड माइक्रोस्कोप। अब कंपाउंड माइक्रोस्कोप जो आप स्क्रीन पर देख रहे हैं ये कुछ इस प्रकार का होता है। इसका जो यूज़ है हम बेसिकली बहुत छोटे माइक्रो ऑर्गेनिज्म को देखने के काम में लेते हैं। जैसे कि बैक्टीरिया को आपको मैग्नीिफाई करके देखना है। वायरस को अगर आपको देखना है तो आप इसका जो यूज़ है वो कर सकते हैं। ठीक है बच्चों? अब आपको यहां पर ये समझना होगा कि जो कंपाउंड माइक्रोस्कोप है इसके अंदर
दो प्रकार के लेंस होते हैं। एक वो लेंस जो कि ऑब्जेक्ट के पास में होता है उसको हम ऑब्जेक्टिव लेंस कहते हैं। और एक वो लेंस जिस पे हम अपनी आंख रख के देखते हैं उसको हम आई पीस कहते हैं। अगर मैं यहां पर बात करूं तो मैं आपको बताना चाहता हूं कि ऑब्जेक्टिव लेंस जो है इसकी फोकल लेंथ छोटी होती है और आई पीस की फोकल लेंथ बड़ी होती है। ऑब्जेक्टिव लेंस का अपर्चर यानी कि इसकी ओपनिंग जो है छोटी होती है और आई पीस का अपर्चर बड़ा होता है। काम की बात कहूं बहुत
आसान शब्दों में तो आपको इतनी बात याद रखनी है कि यहां पर जो ऑब्जेक्टिव लेंस है वो छोटा है और आई पीस बड़ा है। सर ऑब्जेक्टिव लेंस छोटा क्यों है? क्योंकि भाई साहब माइक्रो ऑर्गेनिज्म को देखना है। हां तो माइक्रो ऑर्गेनिज्म जो होता है यानी कि बैक्टीरिया वायरस ये बहुत छोटा होता है। तो ये बहुत कम लाइट को रिफ्लेक्ट करेगा। अब ये जो बहुत कम लाइट अगर बड़े से लेंस पे डिस्ट्रीब्यूट होगी तो भाई साहब उसकी इंटेंसिटी बहुत कम हो जाएगी। तो हम ये चाहते हैं कि छोटे सा जो वायरस है उसकी लाइट जो है
बड़ी सरफेस पे नहीं छोटी सरफेस पे फैले। सो दैट जो बढ़िया इंटेंसिटी वाली ब्राइट इमेज का फॉर्मेशन हो। ठीक है? तो आपको याद रखना है ऑब्जेक्टिव लेंस छोटा होगा और आईपीस जो है बड़ा होगा। ठीक है? और ये जो दोनों लेंस हैं ये एक सिलड्रिकल ट्यूब में फिट होते हैं। क्लियर है बात? और ये सिलड्रिकल ट्यूब हमें ये दिख रहा है। तो अभी मुझे कंपाउंड माइक्रोस्कोप की मैग्नीिफाइंग पावर के लिए फार्मूला डिराइव करना है। जो कांसेप्ट है वो सेम रहता है कि भ इमेज अ आंखों पे कितना एंगल बना रही है और ऑब्जेक्ट आंखों पे
कितना एंगल बना रहा है। बट ऑब्जेक्ट का एंगल कहां से देखना है? एलडीवी यानी लीस्ट डिस्टेंस ऑफ़ डिस्टिंक्ट विज़न से। ठीक है? चलिए तो हम जो है सबसे पहले आपको रे डायग्राम बनाना सिखा देते हैं। ये जो डेरिवेशन आप देख रहे हैं ये काफी इंपॉर्टेंट डेरिवेशन है और एग्जाम पॉइंट ऑफ व्यू से भी इसकी अच्छी खासी जो पहुंच है वो है। ठीक है? अच्छा तो सबसे पहला काम हम क्या करते हैं? सबसे पहला काम हम करते हैं कि भाई हम जो है एक लेंस बना लेते हैं। और ये लेंस कौन सा हो गया? ये हमारे
पास ऑब्जेक्टिव लेंस हो गया। दूसरा काम हम क्या करते हैं? दूसरा काम हम करेंगे भाई हम दूसरा वाला लेंस बनाएंगे जिसको हम बोलेंगे आईपीस। बट एक बात याद रखिए कि हमेशा आपको एक चीज ध्यान रखना है कि पहले एक लेंस से रे डायग्राम बना लेना उसके बाद दूसरा लेंस कभी ड्रॉ करना। अदरवाइज आप जो है हमेशा गलती ही करते रहेंगे। तो सबसे पहला काम मैंने क्या किया? सबसे पहला काम मैंने ये कर लिया कि भाई साहब पहला लेंस मैंने लिया। ठीक है? ये मेरे पास इस लेंस की फोकल लेंथ हो गई। ये मेरे पास लेंस
की फोकल लेंथ हो गई। ठीक है? इसके बाद मैं क्या करूंगा कि एक यह देखो अभी ये ऑब्जेक्टिव लेंस है तो ये ऑब्जेक्टिव लेंस की फोकल लेंथ हो गई। यह ऑप्टिकल सेंटर हो गया। तो मैं बना लेता हूं यहां पे एक ऑब्जेक्ट। तो ऑब्जेक्ट जो है मैं यहां पे करीब रख लेता हूं। ठीक है? ऑब्जेक्ट मैं कहां रख लेता हूं? कुछ इस साइड। ठीक? लेट्स से ये मेरे पास एक ऑब्जेक्ट हो गया। ये ऑब्जेक्ट हो गया। अब क्या होगा? इसका नाम रख देता हूं A और ये हो गया B। एक लाइट रे क्या करेगी? एक
लाइट रे जाएगी सीधी। तो ये लाइट रे मैंने क्या किया? ये लाइट रे देखो सीधी आई। सीधी आने के बाद कहां से पास होगी? फोकस से पास हो जाएगी। सीधी आने के बाद कहां से पास होगी? फोकस से पास हो जाएगी। ठीक है? अगली लाइट रे को क्या होगा? अगली लाइट रे ऑप्टिकल सेंटर से पास होगी। तो ऑप्टिकल सेंटर से पास हो के कुछ यहां पे जाके मीट कर रही है। तो यहां पर इमेज का फॉर्मेशन हो जाएगा। ये इमेज का फॉर्मेशन जहां पे लाइट रे मीट करेगी वहीं पे इमेज बन जाएगी। तो देखिए जरा
बहुत ध्यान से देखने और समझने वाली बात ये है कि ये देखो ये देखो ये क्या बन गई ये हो गया A1 और ये हो गया B1 A1 B1 कहलाया क्या कहलाया A1 B1 कहलाया क्या कहलाया A1 B1 कहलाया नाउ अब देखो यहां पर बहुत ज्यादा जरूरी और काम की बात कि भाई साहब देखो हमने क्या कर लिया ये इमेज बना ली लेकिन कंपाउंड माइक्रोस्कोप क्या करता है जो इमेज बन रही होती है एक बार उसको और बड़ा करेगा सो दैट सबसे बड़ी इमेज जो है बन जाए कंपाउंड माइक्रो माइक्रोस्कोप क्या करता है कि पहले
लेंस ने जो बड़ी इमेज बनाई है उसको और बड़ा करके दिखाता है। तो भाई ये बताओ कि और बड़ा करके दिखाएगा। सबसे बड़ी इमेज कब बनती है? जल्दी से बताओ। सबसे बड़ी इमेज कब बनती है? जब ऑब्जेक्ट जब ऑब्जेक्ट कहां रखा हो? फोकस के अंदर। तो भाई जो अगला वाला लेंस हम लेंगे तो नेक्स्ट वाला जो लेंस हम लेंगे। हां। तो अगले वाला लेंस को हमें ऐसे रखना है कि यह जो इमेज है बेसिकली यह जो इमेज है ध्यान दो। ध्यान दो, ध्यान दो। यह जो इमेज आप देख रहे हैं, यह इमेज क्या है? यह
इमेज है इसके लिए। लेकिन ये आई पीस के लिए तो ये ऑब्जेक्ट होगा। क्या होगा? ऑब्जेक्ट। तो, हमने क्या किया कि इसकी फोकस इसकी इसकी फोकल लेंथ लेट से इसका जो फोकस है वो FE यहां दिखा दिया और इस साइड दिखा दिया। ये हो गया FE। नाउ ध्यान से देखिए। अभी सबसे ज्यादा जरूरी बात। सबसे ज्यादा जरूरी बात ये है कि अब आप क्या करेंगे? मतलब आपने क्या किया? पहले से लेंस बना लेते तो हो सकता है ये आपकी इमेज यहां बन सकती थी। यहां बन सकती थी। दिक्कत आती। तो आपने क्या किया? देखो हमें
आपने क्या किया? इसकी फोकस के अंदर ये आई पीस का ऑप्टिकल सेंटर है। तो आपने यहां पर देखा कि आई पीस के ऑप्टिकल सेंटर और फोकस के अंदर बन रही है ये इमेज। यानी कि ये जो इमेज है वो इसके लिए ऑब्जेक्ट है। तो देखो एक लाइट रे सीधी जाएगी और सीधी जाके कहां से पास होगी? यहां से। ठीक है? मैं थोड़ा और दूर बनाऊंगा। अदरवाइज जो इमेज है ये थोड़ी सी जो है यहां बना देता हूं। ठीक है? यहां बना देता हूं। ठीक? यहां पे भी यहां खिसका देता हूं। ये देखो। ठीक है? तो
देखिए ये लाइट रे सीधी गई और सीधी जाके कहां से पास हुई? ऑप्ट ये फोकस है। सीधी जाके कहां से पास हुई? फोकस से। ये मैंने फोकस बना दिया। ठीक है? एक लाइट रे यहां से गई। और अगली लाइट रे कहां से? ऑप्टिकल सेंटर से। अब ये देखो ये दोनों लाइट रे क्या होगा? देखो एक लाइट रे सीधी गई। सीधी जाके फोकस से पास हुई। इसका फोकस और सीधी गई ऑप्टिकल सेंटर से। अब देखो क्या ये लाइट रे यहां मीट करेंगी? बोला सर नहीं करेंगी। तो अब कहां करेंगी? बोला इसको पीछे की साइड रिट्रेस करो।
हमने इन दोनों लाइट रे को पीछे की साइड खींचा। इन दोनों को पीछे की साइड खींचा तो हमने पाया कि भाई ये लाइट रे जो है कहां मीट कर रही हैं। जहां भी मीट करेंगी वहीं पर इमेज का फॉर्मेशन हो जाएगा। ये देखो। यहां मीट करी। यहां पे इमेज का फॉर्मेशन हो गया। और ये फाइनल इमेज हमारी बन गई। इसका नाम क्या है? ये देखो। ये फाइनल इमेज हमारी बन गई। इसका नाम क्या है? a2 और ये b2 a2 b2 ये फाइनल इमेज बन गई a टू b2। ठीक है? ध्यान से देखिएगा। ध्यान से देखो।
फाइनल इमेज a2 b2 बन गई। अब क्या करेंगे? अब बहुत सिंपल सी बात है। देखो यहां पे ना यहां पे थोड़ा सा लहरा गई है इमेज मेरी। यहां पे मेरी इमेज लहरा गई है। तो मैं क्या करूंगा? थोड़ा सा ना इसको ठीक कर लूंगा क्योंकि ऐसे सामने से देख के बना देता हूं। ये ठीक है। अभी भी लहर आ रही है हल्की सी। हां। यहां करीब इमेज बन रही है यहां पे। यह देखो यह इमेज बन रही है। अब मुझे आप एक बात बताइए थोड़ा सा डिस्टेंससेस की बात कर लेता हूं। सबसे पहले फाइनल इमेज
जहां बनती है फाइनल इमेज जहां पे बन रही है उस डिस्टेंस को मैं लूंगा कैपिटल d यह है लीस्ट डिस्टेंस ऑफ़ डिस्टिंक्ट विज़न। क्या है? लीस्ट डिस्टेंस ऑफ़ डिस्टिंक्ट विज़न। अच्छा ये देखो ये ये यहां पे देखना ये क्या है? ऑब्जेक्ट है। किसका ऑब्जेक्ट है? ये ऑब्जेक्ट है किसके लिए? ऑब्जेक्टिव लेंस के लिए। ठीक है? अच्छा ये पहले वाले की इमेज कहां बन रही है? ये बन रही है। तो ये इमेज डिस्टेंस फॉर पहला वाला लेंस। ठीक है? ऑब्जेक्टिव लेंस। अच्छा ये जो A1 B1 देख रहे हो ये पहले वाले के लिए तो इमेज है
लेकिन दूसरे वाले के लिए आई पीस के लिए क्या है? बोला ऑब्जेक्ट है। देखो जो पहले वाले की इमेज होती है वो दूसरे वाले के लिए क्या होती है? ऑब्जेक्ट। जो पहले वाले A1 जो A1 B1 पहले वाले के लिए ऑब्जेक्ट इमेज है। लेकिन A1 B1 ये आई पीस के लिए क्या है? ऑब्जेक्ट है क्योंकि आई पीस को ये AB दिखाई नहीं दे रहा है। आई पीस तो इसकी A1 B1 की ही और बड़ी इमेज बनाएगा। तो A1 B1 जो है आई पीस के लिए ऑब्जेक्ट है। इसीलिए मैंने इसको लिखा UE तो यहां पर अब
हम बात करेंगे एंगल्स की। तो अगर मैं यहां पर आपसे बोलूं कि एंगल के लिए मतलब मैग्नीिफाइंग पावर का फार्मूला क्या होगा? तो दिस इज़ m = बीटा / अल्फा। फॉर कंडीशन वही है। बीटा कहां से? इमेज से बनने वाला एंगल। तो भाई इमेज कहां है? a टू b2। अब इमेज से जो एंगल बनेगा दिस एंगल इज बीटा। इमेज से जो एंगल बन रहा है ये थोड़ा सा सीधा कर देना है आपको तो और नीचे घुस जाएगा ये। हां बोर्ड के नीचे घुस जाएगा नाउ। तो इमेज से जो एंगल बन रहा है दिस एंगल इज़
बीटा। तो देखो A2 B2 A2 B2 नहीं दिख रहा है आपको? A2 B2 ये लाइट रे आई। A2 B2 से एंगल बना बीटा। ठीक है? अच्छा। और ऑब्जेक्ट से जो एंगल बनेगा वो होगा अल्फा। अब इसी डायग्राम के अंदर आपको गुचर वुचुर नहीं करना है। क्या करना है? तो मैंने कहा ऑब्जेक्ट से तो ये रहा ab ऑब्जेक्ट। ऑब्जेक्ट से जो एंगल बना तो किससे? ऑब्जेक्ट से। तो दिस इज़ A दिस इज़ B। तो ऑब्जेक्ट से जो एंगल बना उस एंगल को हम क्या बोलेंगे? अल्फा। तो AB और ये क्या है? आई पीस। ऑब्जेक्ट से आंखों
पे और आंख कहां है? आई पीस के ठीक बाद। देखिए जरा। एंगल मेड बाय इमेज ऑन आई। तो इमेज ऑन आई। ठीक है? एंगल मेड बाय ऑब्जेक्ट ऑन आई। ऑब्जेक्ट से आंखों पे तो ऑब्जेक्ट ये रहा AB और आंखें होती है आई पीस के पीछे तो ऑब्जेक्ट से आंखों पे जो एंगल बन रहा है इस एंगल को मैं बोलूंगा अल्फा। ठीक है? तो अब यहां पर ये बताइए लेकिन उस समय ऑब्जेक्ट और आई पीस कितनी डिस्टेंस पे होना चाहिए? लीस्ट डिस्टेंस ऑफ़ डिस्टिंग विज़न पे। यानी कि ऐसा नहीं है कि यहां से आप एंगल नापो।
नहीं। ऑब्जेक्ट कहां रखा होना चाहिए? एलडी डीवी पे। तो ऑब्जेक्ट कितनी डिस्टेंस पे है? एलडी डीवी पे। कहां पे एंगल बनना चाहिए? आई पीस पे। तो इसलिए मैंने इसको अलग से दिखा दिया और आपको भी अलग से दिखाना है। हर बुक में अलग से ही शो करा गया होगा। ठीक है? तो ये क्या बोल रहे हो? एंगल लिख देता हूं। एंगल अल्फा मेड बाय ऑब्जेक्ट ऑन आई फ्रॉम एलडी है ना? चलिए बहुत बढ़िया। नाउ अब देखिए बहुत सिंपल सी बात है। अब मैं क्या करूंगा? बीटा के लिए। तो मुझे बीटा के लिए कौन सा ट्रायंगल
चाहिए? और लगा के मैं इसको लिख देता हूं। m = tanba / tan अलफा m = tan बीटा / tan अलफा। ठीक है? अब अगर मैं यहां पर देखता हूं कि इन ट्रायंगल tan बीटा के लिए कौन सा ट्रायंगल? तो tan बीटा के लिए ये वाला ट्रायंगल देखो। हमेशा छोटा वाला ट्रायंगल देखते हैं। हमेशा शॉर्टर ट्रायंगल देखेंगे। स्मॉलर ट्रायंगल। तो देखिए A1 B1 A1 B1E तो इन ट्रायंगल A1B1E A1B1E ठीक है अच्छा इसके बाद इसके बाद tan बीटा किससे निकालेंगे tan बीटा का फार्मूला परपेंडिकुलर अप बेस तो परपेंडिकुलर क्या है a1b1 और बेस क्या है
b1e a1b1 और b1e इसके बाद इन ट्रायंगल इन ट्रायंगल अल्फा के लिए कौन सा ट्रायंगल अल्फा के लिए ये ट्रायंगल ले लो कौन सा इन ट्रायंगल ab तो ABE ट्रायंगल अलग से आपको दिखाना है। ठीक है? तो tan अलफा इक्वल टू tan अलफा इक्वल टू देखिए जरा क्या बनेगा? तो अल्फा की जगह परपेंडिकुलर अपॉन बेस देख पा रहे हो? तो परपेंडिकुलर क्या है? AB और बेस की जगह यहां पे आपको d लिखना है। बेस की जगह BE मत लिख देना। क्योंकि BE बड़े वाले ट्रायंगल में देखोगे तो बहुत बड़ी डिस्टेंस निकल के आएगी। ठीक है?
तो आपने यहां पर सिंपल क्या लिख दिया? d। सबसे पहले इसको बना दो। दैट इज़ इक्वेशन नंबर वन। दिस इज़ इक्वेशन नंबर टू। दिस इज़ इक्वेशन नंबर थ्री। अब आप क्या करें? पुट दीज़ वैल्यूज़ इन इक्वेशन वन। पुट दीज़ वैल्यूज़ इन इक्वेशन वन। आप इन वैल्यूज़ को इक्वेशन नंबर वन में पुट करोगे। तो जब आप इन वैल्यूज़ को इक्वेशन नंबर वन में पुट करोगे तो ये क्या बन जाएगी? tan बीटा की वैल्यू क्या है? a1b1 / B1 इंटू इसके बाद ये वैल्यू क्या है? tan अलफा की। tan अलफा की वैल्यू पलट के ये बन जाएगी
d / ab ठीक है अब ध्यान से देखिए अगर आप चाहे तो बताओ मुझे क्या मैं इसको सीधा करके लिख सकता हूं ध्यान से देखो m = M = a1b1 के नीचे क्या मैं ab को लिख सकता हूं इंटू में है तो आगे पीछे करा जा सकता है ठीक है सर d के नीचे क्या मैं इसको लिख सकता हूं क्या मैं d के नीचे b1 को लिख सकता हूं हां सर लिख सकते हो तो बच्चों अगर आप लिख सकते हैं ऐसे तो आपको बहुत बेसिक और सिंपल सी बात यह समझ लेनी चाहिए कि आप यह
देखिए कि आप लोगों ने पढ़ा है कि hi m = a1 b1 क्या है? a1 b1 क्या है? हाइट ऑफ इमेज। देखो भाई सॉरी गाइस। थोड़ी तबीयत ठीक नहीं है मेरी। हां। लेकिन चलिए ध्यान से देखो। ये क्या है भाई? A1 B1 क्या है? इमेज। इमेज है। A1 B1 क्या है? हाइट ऑफ इमेज। किसके लिए? ऑब्जेक्टिव लेंस के लिए। ab क्या है? हाइट ऑफ़ ऑब्जेक्ट। ऑब्जेक्ट की हाइट। किसके लिए? बताओ जरा। ऑब्जेक्टिव लेंस के लिए। तो यहां पर hi / हाइट ऑफ़ इमेज / हाइट ऑफ़ ऑब्जेक्ट क्या होता है? मैग्नीफ़िकेशन का फार्मूला। क्या किसका फार्मूला?
मैग्नीफ़िकेशन का फार्मूला। तो क्या मैं इसको ऐसे लिख सकता हूं? MO मतलब मैग्नीिफाइंग पावर ऑफ कौन सा वाला लेंस? कौन सा वाला लेंस? जल्दी से बताओ। ऑब्जेक्टिव लेंस। ये क्या है? इमेज डिस्टेंस अपॉन ऑब्जेक्ट डिस्टेंस। देखो D क्या है? फाइनल इमेज जहां पे बन रही है। B1E B1 से लेके E तक क्या है? ऑब्जेक्ट डिस्टेंस। देखो ना ऑब्जेक्ट डिस्टेंस। किसके लिए? आई पीस के लिए। तो ये किसका फार्मूला हो गया? मैग्नीफ़िकेशन ऑफ़ आई पीस। तो यहां पर आपको ये फार्मूला ध्यान देना है। ये बन गया। तो यहां पर इस फार्मूले को याद रखिए। काफी इंपॉर्टेंट
फार्मूला निकल के आ गया। इसको हम बना देते हैं इक्वेशन नंबर फोर। अब आप यहां पर यह देखिए। अब आप लोगों को यहां पर यह देख लेना है कि भाई साहब अगर मैं ऐसे बोल रहा हूं तो आपको एक और चीज समझ के चलना है कि मैग्नीिफाइंग पावर का और फार्मूला क्या बन जाता है? मैग्नीिफाइंग पावर का। तो भाई मैग्नीिफाइंग पावर का फार्मूला बनेगा MO को मैं क्या लिख सकता हूं? इमेज डिस्टेंस / ऑब्जेक्ट डिस्टेंस। भाई मैग्नीिफिकेशन का एक फार्मूला तो वो है hi / ho। दूसरा फार्मूला क्या है? इमेज डिस्टेंस / ऑब्जेक्ट डिस्टेंस। तो
इमेज डिस्टेंस क्या है? पहले वाले की इमेज डिस्टेंस क्या है? ऑब्जेक्टिव की इमेज कहां बन रही है? VO पे। कहां पर है? राइट में। तो VO ऑब्जेक्ट डिस्टेंस कहां पर है? लेफ्ट में। तो माइनस का UO ठीक है? इंटू आई पीस की मैग्नीिफाइंग पावर। आई पीस की मैग्नीिफाइंग पावर की बात कर लेता हूं। तो आईपीस की मैग्नीिफाइंग पावर का फार्मूला फिर से इमेज डिस्टेंस कहां पर है? आईपीस की इमेज कहां बन रही है? लेफ्ट में। माइनस का d और ऑब्जेक्ट इस आई पीस का ऑब्जेक्ट कहां रखा है यहां माइनस का ue ठीक है तो यहां
से कट गया कट गया यहां से कट गया ठीक है तो ये बन रहा है मेरे पास माइनस का आ रहा है तो मैं यहां पे मैग्नीफिकेशन का ओनली क्या ले रहा हूं मैग्नीट्यूड ले रहा हूं ओनली मैग्नीट्यूड मैग्नीट्यूड लूंगा तो माइनस साइन हटा दूंगा तो vo / uo और इंटू में क्या है d / ue इंटू में d / uee ठीक है अब आप इसको जो है नोट कर लीजिए इसको बना दो इक्वेशन इक्वेशन नंबर फाइव। ये इक्वेशन फाइव बन गई। इसको नोट कर लो। जैसे मैंने पिछली बार d/ u की वैल्यू निकाली थी।
इस बार भी d/ue की वैल्यू निकालूंगा और वहां पे जो है इस इक्वेशन में पुट कर दूंगा और प्रॉपर सॉल्यूशन हो जाएगा। आप यहां पर इसको नोट कर लो। इतना अब मैं क्या लगाऊंगा? अब मैं लगाऊंगा लेंस फार्मूला। ठीक है? इसको इतना नोट कर लीजिए। सभी बच्चे स्क्रीनशॉट ले लो। बाकी Telegram चैनल की लिंक आपको इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन में दे रहा हूं। उसको जरूर से जॉइ कर लेना। ये हैंड रिटन नोट्स आपको वहां पर मिल जाएंगे। ठीक है? चलिए तो अब मैं क्या कर रहा हूं? अब मैं क्या करूंगा? d/ue की वैल्यू निकालना चाहूंगा।
ठीक है? इसको हटा देता हूं। अब इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। देखिए तो अब मैं क्या करूंगा? यहां पर देखिए यूजिंग लेंस फार्मूला। कौन सा फार्मूला? यूजिंग लेंस फार्मूला। मैं लेंस फार्मूला जो है यहां पे लगाऊंगा। लेंस फार्मूला लगा रहा हूं। अब लेंस फॉर्मूले के लिए यहां पर सबसे पहले लिख लो केस वन। केस वन में लिख लो इमेज एट एलdडी। क्या लिख लो? इमेज एट एलडी। बोला एलडीबी लीस्ट डिस्टेंस ऑफ डिस्टिंक्ट डिवीज़ पे इमेज बन रही है। लीस्ट डिस्टेंस ऑफ डिस्टिंक्ट डिवीज़ पे इमेज बन रही है। तो 1 / F = 1 / V -
1 / U ये चल रहा है। ठीक है? अब अब हमेशा फाइनल इमेज कौन बनाता है? आई पीस। फाइनल इमेज कौन बना रहा है? आई पीस। तो हमेशा लेंस फार्मूला जो है वो आई पीस के लिए लगाना है आपको। ठीक है? तो अब आप यहां पर यह देखो कि यहां पे इमेज जो फाइनल इमेज बन रही है, वह कहां पे बन रही है? d डिस्टेंस पे। लेकिन वो इमेज कहां है? आई पीस के लेफ्ट में है। इसलिए इसको - d बोला गया है। ठीक है? इसके बाद ऑब्जेक्ट डिस्टेंस कहां पर है? बोला ऑब्जेक्ट भी जो
है आई पीस के लेफ्ट में है। तो ये देखो पहले वाले की जो इमेज है A1 B1 वो आई पीस के लिए ऑब्जेक्ट है। तो आई पीस के कहां है? लेफ्ट में। तो ये वैल्यू्यूज मैं यहां पे पुट करूंगा। तो ऑब्जेक्ट डिस्टेंस कहां है? लेफ्ट में। तो अब देखिए 1 / FE = 1 / इसकी जगह आ जाएगा d लेकिन माइनस का। और यहां पे ये हो जाएगा क्योंकि माइनस आ गया इसमें तो प्लस का ये कैपिटल D कैपिटल D का मल्टीप्लाई कर लूंगा तो ये बन जाएगा मेरे पास माइनस का दिस वैल्यू। ठीक है?
कैपिटल D का मल्टीप्लाई किया दोनों साइड तो यहां पर मैं क्या देख रहा हूं कि d / FE = - का 1 + D / UE तो D / UE = कितना बन जाएगा? 1 + d / FE यह यह यह बन गया। ठीक है? अब आपको यहां पर ये समझना है कि भाई d / u निकाल दिया। अब मैं क्या करूंगा? पुट दिस वैल्यू पुट दिस वैल्यू इन इक्वेशन नंबर फाइव। इस वैल्यू को उठा के कौन सी इक्वेशन में रख दूं? इक्वेशन फाइव में। तो m इक्वल टू क्या आ जाएगा? m = v/uo और
d/ue आप जो यहां पर देख रहे हैं आप जो यहां पे देख रहे थे d/ue ये वाला d/ue जो है इसकी जगह मैं वैल्यू पुट कर दूंगा कौन सी? 1 + d / fe जब आप ये वैल्यू पुट करोगे तो आंसर निकल के आ जाएगा और यही जो है हमारा फार्मूला हो गया। ठीक है? दिस इज फार्मूला फॉर मैग्नीिफाइंग पावर ऑफ कंपाउंड माइक्रोस्कोप व्हेन फाइनल इमेज इज़ फॉर्म्ड एट एलडीवी जब फाइनल इमेज कहां बन रही हो? जब फाइनल इमेज एलडीवी यानी लीस्ट डिस्टेंस ऑफ़ डिस्टिंक्ट विज़न पर बन रही हो। ठीक है बच्चों? चलिए अब इसके
बाद एक और कंडीशन बनती है कि केस टू फाइनल इमेज एट इंफिनिटी। केस टू फाइनल इमेज एट इंफिनिटी या ऐसे बोलूं इमेज एट इंफिनिटी। इमेज एट इंफिनिटी। तो इमेज इंफिनिटी में जब बनेगी तो ue की जगह क्या पुट कर देना है? fe। ठीक है? तो अब आप यहां पर क्या लिखेंगे? m = vo / uo और इसके बाद d/ ue जो था इक्वेशन नंबर फाइव में उसकी जगह हम ये लिख देंगे तो ये हमारे पास फार्मूला बन गया। बट यहां पर जो है एक ये फार्मूला तो हो ही गया। साथ ही साथ इसके अंदर कुछ
एक दो कंडीशन और होती हैं। ठीक है? यहां पर आप लिख लीजिए अजमशन। यहीं पर इसके नीचे लिख लो अजम्शन। तो अजमशन में यहां पर कुछ छोटी-छोटी सी बातें हैं। जैसे मान लीजिए कि अगर जो जैसे आप यहां पर देखो आप यहां पर देखो अगर मैं ऐसे बोल रहा हूं अगर मैं ऐसे बोल रहा हूं कि भाई साहब अगर यह जो ऑब्जेक्ट है मैं ऐसे बोलूं कि यदि मैं ऐसे मान लूं मैं ऐसे मान लूं कि भाई अगर ये जो इमेज है ये थोड़ी और इसके पास में बन गई हो तो मान लो कि ये
जो vo है ये vo अगर ये जो a1 b1 है ये इस लेंस के बहुत पास में बन रही है। तो बेसिकली देखो ये जो आप देख रहे हैं लेंस जो आपने माइक्रोस्कोप देखा उसमें एक ट्यूब लगा है। तो ट्यूब के एक कोने पे क्या है? आई पीस और उसके एक कोने पे क्या है? ऑब्जेक्टिव लेंस। ठीक है? तो ये जो ट्यूब जो है इस ट्यूब ये ट्यूब की लेंथ अगर निकालना है तो क्या है? ऑब्जेक्टिव और आई पीस के बीच में ट्यूब की लेंथ अगर मुझे निकालना है तो ये क्या है? ऑब्जेक्टिव और आई
पीस के बीच की दूरी है ना। तो मान लो कि अगर ये जो इमेज है ये लेंस के बहुत पास में बन रही है। तो क्या तो क्या हो गया? ये करीब यहां पहुंच गया। तो इसका मतलब VO को लगभग किसके बराबर लिखा जा सकता है? लेंथ ऑफ़ ट्यूब के बराबर। भाई अगर मान लीजिए इमेज जो है आई पीस के बहुत पास में बन रही है इस पहले वाले की तो इसका मतलब VO इज़ एप्रोक्समेटली इक्वल टू लेंथ ऑफ़ ट्यूब। तो बस मैं वही चीज़ यहां पे लिखूंगा। तो मैं यहां पे अजमशन में क्या लिखूंगा?
इफ इमेज ऑफ ऑब्जेक्टिव इज वेरी क्लोज टू आई पीस देन देन vo को मैं क्या लिख रहा हूं? VO इज़ एप्रोक्सीमेटली इक्वल टू L क्या है? लेंथ ऑफ ट्यूब। लेंथ ऑफ ट्यूब। ठीक है? अच्छा एक और बात एक और जरूरी बात आप यहां पे लिख लो। एक और एजमशन यहां पे चलता है कि मान लीजिए अगर ऑब्जेक्ट डिस्टेंस जो है ये मान लो कि ऑब्जेक्ट जो है कहां रखा हो? ये ऑब्जेक्ट कहां रखा होगा? ऑब्जेक्ट रखा होगा यहां पे। तो यह कंडीशन बनती है। ठीक? मतलब अगर मैं ऐसे बोलूं के सॉरी मतलब पहला वाला ऑब्जेक्ट
अगर यहां पर रखा है। आप एक बात बताओ आप मुझे एक बात बताइए सभी बच्चे अगर ऑब्जेक्ट को मैं एग्जैक्ट FO पे रख दूंगा तो इमेज इंफिनिटी पे बनेगी। लेकिन अगर ऑब्जेक्ट को मैं इसके जस्ट पास में यहां रखूंगा ना ऑब्जेक्ट को अगर मैं जस्ट पास में रखूंगा फोकस के तो इमेज जो है इस लेंस के बिल्कुल चिपक के बनेगी। ठीक है? वही चीज बोली है कि अगर मैं ऐसे बोल दूं कि यदि जो है यदि ऑब्जेक्ट जो है यहां पे बन रहा है ऑब्जेक्ट फोकस के जस्ट पास में रखा है तो इमेज जो है
ये दूसरे वाले लेंस के चिपक के बनेगी यानी कि इमेज डिस्टेंस लेंथ ऑफ ट्यूब के बराबर होगी। ठीक है? तो फाइनल फार्मूला जो है हमारे पास ये बन जाता है कि मैग्नीिफाइंग पावर का l / fo इसकी जगह l इसकी जगह fo 1 + d / fe ये फाइनल फार्मूला बन जाता है। ये आपको ध्यान रखना है। यानी कि कभी क्वेश्चन में आपको vo और Uo के टर्म में मिल जाएगा। तो आप इस फ़ूले से न्यूमेरिकल सॉल्व करेंगे। लेंथ और लेंथ और फोकल लेंथ के टर्म में मिल जाएगा। तो आप इस फ़ूले से सॉल्व करेंगे।
सेम कंडीशन गोज़ फॉर दिस। ठीक है? फार्मूला किसके लिए हो गया? जब इमेज इंफिनिटी पे बन रही हो। ठीक है? जब फाइनल इमेज इंफिनिटी पे बनेगी तो भाई कैसी कंडीशन बनेगी? ये देखो ये ग्राफ बनेगा। मतलब ये डायग्राम बनेगा। फाइनल इमेज जब इंफिनिटी पे बनती है तो आपको यहां पर ये बताना होता है कि भाई जो ऑब्जेक्ट जो आई पीस का फोकस है और A1 B1 ये एक ही पॉइंट पे होंगे। तो उसके बाद इमेज बना दो। ये लाइट रे कहीं भी मीट नहीं करना चाहिए। तो ये फाइनल इमेज का रे डायग्राम हो गया। जब
इमेज इनफिनिटी में बनती हो तो। ठीक है? है तो इस प्रकार से हम इसको सॉल्व कर सकते हैं और ये हमारा जो है रे डायग्राम हमने बना दिया है। ठीक है? मूविंग टू द नेक्स्ट टॉपिक। देखिए भाई तो अब टेलीिस्कोप की हम बात करेंगे तो बहुत बहुत सिंपल सी बात है। टेली मतलब दूर और स्कोप मतलब देखने से है। ठीक है? तो टेलिस्कोप एक ऐसा डिवाइस होता है जो कि बहुत दूर अगर कोई ऑब्जेक्ट लोकेटेड है तो उसको भी एकदम साफ-साफ क्लियर कट हमें दिखा देता है। जैसे कि मैं बात करूंगा एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप की तो
एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप मून या स्टार्स की इमेज को साफ-साफ दिखाने का काम करता है। प्लेनेट की पोजीशन भी हम उससे ऑब्जर्व कर लेते हैं। अगर मैं आपसे ऐसे कह रहा हूं कि भाई साहब टेलिस्कोप हमारे जो है दो टाइप के हैं। रिफ्रेक्टिंग टेलिस्कोप और रिफ्लेक्टिंग टेलिस्कोप जो कि मैंने आपको इस क्लास के सबसे शुरुआत में ही बताया था। रिफ्रेक्टिंग भी दो टाइप के एस्ट्रोनॉमिकल और टेरेस्ट्रियल एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप मून स्टार प्लेनेट को देखने ऑब्जर्व करने काम आता है। टेरेस्ट्रियल टेलिस्कोप को हम आम भाषा में दूरबीन यानी कि बाइनोकुलर भी कहते हैं। ये अर्थ पर ही अगर कोई
ऑब्जेक्ट है तो उसको दिखाने का काम करता है। ठीक है? रिफ्लेक्टिंग टेलिस्कोप हमारे दो टाइप के हैं। एक न्यूटोनियन टेलिस्कोप और एक कैसेग्रेन टेलिस्कोप। रिफ्लेक्टिंग टेलिस्कोप में जो लाइट जो होती है यह एक मिरर के ऊपर जाकर के सबसे पहले पड़ती है। ठीक है? मतलब ऑब्जेक्टिव जो होता है दैट इज यूज्ड एज मतलब मिरर जो है वो ऑब्जेक्टिव के तौर पे हम इसमें यूज़ करते हैं। ठीक है? जब हम इनको पढ़ेंगे तो आपको सारी बातें समझ में आ जाएंगी। अच्छा आपने अभी देखा था कंपाउंड माइक्रोस्कोप में फाइनल इमेज उल्टी बन रही थी। बन रही थी
कि नहीं बन रही थी? हां सर बिल्कुल उल्टी बन रही थी। तो देखो माइक्रो ऑर्गेनिज्म है। हां तो अगर वो उल्टा दिखे या सीधा देखे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। वो तो यूनिसेल्यूलर है। तो उसके कोई हाथ, पैर, नाक, कान, टांग ऐसे कुछ होता तो है नहीं। तो वो चाय जैसा दिख जाए बस बड़ा दिखना चाहिए। सेम होता है टेलिस्कोप के साथ। तो भाई टेलिस्कोप में भी क्या होता है कि मून की सरफेस को ऑब्जर्व कर रहे हैं। अब उसमें उल्टा सीधा कुछ नहीं है। ठीक है? तो देखिए स्टेप सारे के सारे सेम रहेंगे। बट
यहां पे जो रे डायग्राम है उसमें थोड़ा सा डिफरेंस आएगा। बाकी फिर से tan बीटा, tan अल्फा ये सारी चीजें चलेंगी। कंपाउंड माइक्रोस्कोप से बहुत ज्यादा सिंपल होता है एस्ट्रोनॉमिकल टेलीिस्कोप। देखिए सबसे पहला काम क्या करना होता है हमें? रे डायग्राम को सीख लेना है। बस सबसे पहला काम आपको मैं ये बताना चाहूंगा कि एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप जो होता है वो हमारे सिलेबस में टेस्ट्रियल टेलिस्कोप हमारे सिलेबस में नहीं है। तो टेलीिस्कोप जो है इसका जो बड़ा जो पहला वाला लेंस होता है टेलिस्कोप के अंदर भी दो लेंस होते हैं। एक होता है ऑब्जेक्टिव लेंस और
एक होता है आई पीस। जो ऑब्जेक्टिव लेंस होता है यह साइज में बड़ा होता है। ऑब्जेक्टिव लेंस की फोकल लेंथ और आईपीस मतलब ऑब्जेक्टिव लेंस की फोकल लेंथ बड़ी होती है। इसकी ओपनिंग यानी कि इसका जो अपर्चर है वो बड़ा होता है। क्यों? क्योंकि मून से आने वाली लाइट रे कहां है भाई? एक प्रकार से इंफिनिटी से लाइट रे आ रही है। तो भाई हमें ज्यादा से ज्यादा लाइट रेज़ को कलेक्ट करना है। सो दैट बड़ी इमेज या ब्राइट इमेज जो है बने। क्या? ब्राइट इमेज बने। ठीक है? सबसे पहला काम हमने क्या किया कि
भाई साहब एक लेंस बना लिया। हमने ये लेंस बनाया। अब लेंस बनाने के बाद क्या करना है? लेंस बनाने के बाद हमें यहां पर लेंस बनाने के बाद हमें यहां पर क्या करना है? हमें यहां पर जो है सबसे पहला काम तो यही है कि लेंस बना लो। ये ऑब्जेक्टिव लेंस है। अब आप सभी बच्चे जानते हैं कि कभी भी अगर लाइट रेज इंफिनिटी से आ रही होती है क्योंकि मून है, स्टार्स हैं, प्लनेट हैं। ये बहुत ज्यादा बड़ी डिस्टेंस पे तो हम ये कंसीडर करते हैं भाई लाइट रेज इंफिनिटी से आ रही है। ठीक
है? तो अभी आप यहां पर ये देखिए कि लाइट रेज कहां से आ रही है? इंफिनिटी से। तो इंफिनिटी से आने वाली लाइट रेज़ जो होती हैं ये पैरेलल होती हैं। हां एक दूसरे के पैरेलल। इंफिनिटी से आने वाली लाइट रेज़ जो होंगी ये पैरेलल होंगी। तो एक लाइट रे दूसरी लाइट रे कॉन्वेक्स लेंस क्या करा देता है? इनको फोकस करा देता है। तो इंफिनिटी से आने वाली लाइट रे क्या हो गई? ये एक पॉइंट पे जाके मीट कर गई। देखो पैरेलल लाइट रे आ रही हैं। किसी पर्टिकुलर पॉइंट पे जाके मीट कर गई। ईमानदारी
से बताइए। जहां पे लाइट रे मीट करती हैं उस पॉइंट जहां पे लाइट रे मीट करती हैं वहां पे क्या बन जाती है? बोला सर इमेज बन जाती है। क्या बन जाती है? इमेज। तो यहां पे मैंने क्या बना दी? यहां मैंने बना दी इमेज। ठीक है? नाउ ध्यान से देखिए। ये क्या बन गई इमेज? इस इमेज को मैं नाम दे देता हूं A1 B1। क्या नाम दे देता हूं? A1 B1 क्योंकि ऑब्जेक्ट को मैं AB बोलता हूं। तो एक्चुअल में ऑब्जेक्ट तो बहुत दूर होगा। तो प्रिंसिपल एक्सिस पे मैंने उसको शो नहीं कर पाया।
ठीक है? तो ये A1 B1 हो गया। इसके बाद अब आप मुझे ईमानदारी से बताओ कि जहां पे इमेज बन रही है, क्या मैं उस डिस्टेंस को इमेज डिस्टेंस कह सकता हूं? जहां पे इमेज बन रही है क्या मैं उसको इमेज डिस्टेंस कह सकता हूं? हां क्योंकि ये इमेज ऑब्जेक्टिव बना रहा है तो मैं इसको ऑब्जेक्टिव की इमेज डिस्टेंस कहूंगा। ठीक है? अच्छा ये बात हो गई। अब एक बात और बताइए जहां पे सभी लाइट रे आकर के जहां पे पैरेलल लाइट रे आकर के मीट करती हैं। यानी कि जहां पैरेलल लाइट रे आकर के
कन्वर्ज करती हैं। उस पॉइंट को मैं क्या नाम देता हूं? बोला सर फोकस। यानी कि पैरेलल लाइट रे जिस पॉइंट पे जाकर के सारी इकट्ठी हो जाए उस पॉइंट को क्या नाम देता हूं? फोकस। तो भाई देखिए ये जो डिस्टेंस है इस डिस्टेंस को देखो इसी डिस्टेंस पे तो इसी हॉरिजॉन्टल डिस्टेंस पे तो इसी हॉरिजॉन्टल डिस्टेंस पे तो ये पैरेलल लाइट मीट कर रही हैं। तो ये जो पॉइंट होगा इस पॉइंट को मैं क्या बोलूंगा? फोकस ऑफ ऑब्जेक्टिव लेंस और इस डिस्टेंस को मैं FO नाम दे सकता हूं। ठीक है? चलिए ये अच्छी बात हो
गई। इसके बाद तो ये जो A1 B1 इमेज बन रही है किसकी है? ये A1 B1 जो ऑब्जेक्टिव है उसके लिए क्या है? इमेज है। ठीक है? अब इसके बाद मुझे क्या करना है? इसके बाद मुझे यहां पर एक लेंस और बनाना है। और ये लेंस कौन सा होगा? ये लेंस होगा आई पीस। अब आप यहां पर देख रहे हो ये जो आई पीस आपको देखने को मिल रहा है ये आई पीस जो है ये छोटा है। आई पीस किस्सा है? ये देखो ऑब्जेक्टिव लेंस है और ये आई पीस है। मतलब अगर मैं चाहता हूं
कि सबसे बड़ी इमेज बने तो उसके लिए हमें क्या करना होगा? उसके लिए हमें ये करना होगा कि ये जो ऑब्जेक्ट है देखो ये A1 B1 इसके लिए तो इमेज है बट आई पीस के लिए ऑब्जेक्ट है। तो हम चाहते हैं कि इसकी और बड़ी इमेज बने। तो हमें ये चाहिए कि जो आप देख रहे हैं कि इस वाले का जो फोकस है इसके अंदर आना चाहिए A1 B1। इसके वाले फोकस के अंदर आना चाहिए A1 B1 तो दिस इज़ FE। ठीक है? अब क्या करना है? अब आप आपको यहां पर एक काम करना है
कि देखिए अब अब मुझे क्या करेंगे? ये देखो एक लाइट रे सीधी गई। सीधी जाके फोकस से पास हुई। बताओ जरा क्या इतनी बात क्लियर है? लाइट रे सीधी गई और सीधी जाके फोकस से पास हुई। दूसरी लाइट रे आई पीस से पास हो गई। ठीक है? अब ये लाइट रे यहां तो मीट करेंगे नहीं। ये लाइट रे जो है पीछे की साइड हम इन्हें मीट कराएंगे। तो इसको मैं पीछे की साइड ऐसे खींच देता हूं। इसको भी पीछे की साइड ऐसे खींच दूंगा। जहां भी मिल जाएगी वहां पर इमेज का फॉर्मेशन होगा। जहां भी
मिल जाएगी वहां पे इमेज का फॉर्मेशन होगा। थोड़ा मैं इसको और सीधा करना चाहूंगा। ठीक है? यह देखो जहां भी मीट कर रही है सीधी आ रही है क्या ये अगर आपको लग रहा है कि भाई साहब ये बहुत नीचे घुस रही है तो आप बना सकते हैं ऐसे बट बट बट बट बट बट चलो मैं इसको मिला ही देता हूं भाई देखो हो सकता है मेरी इमेज यहां मिल जाए यहां मिल जाए यहां मिल जाए कहीं भी मिले उससे कोई दिक्कत नहीं है परेशान मत होना घबराने की जरूरत नहीं है ये देखो यहां मिला
मिला दी मैंने। बिल्कुल सीधी मिल रही है। कोई प्रॉब्लम तो नहीं है। हां। बट इस लाइट रे को हमेशा डॉटेड दिखाना है। तो मैं इसको ऐसे ऐसे बना दूंगा कि भाई ये डॉटेड लाइट रे दिखेगी। कैसी दिखेगी? डॉटेड। ठीक है? क्योंकि जिन लाइट रे को आप रिट्रेस करते हैं। है ना? पीछे की ओर खींचते हैं उन लाइट रे को आप हमेशा डॉटेड दिखाएंगे। अब आप यहां पर देखो जहां पे मीट कर गई वहीं पे इमेज बन गई। तो ये इमेज का फॉर्मेशन हो गया कुछ इस जगह पे। तो अब आप मुझे बताइए ये क्या है?
दिस इज A1 B1 यह क्या है? यह A1 B1 है और यह A2 B2 है। यह A2 B2 है। ठीक है? A1 B1 एंड A2 B2 A1 B1 एंड A2 B2 ठीक है? अब ध्यान से देखिए। A1 B1 है और A2 B2 है। अब इसके बाद आप लोगों को क्या समझना है? आपको ये समझना है कि A1 B1 हो गया। A2 B2 हो गया। अब यहां पर ये समझो। अब यहां पर यह समझो कि ईमानदारी से बताओ कि भाई साहब यह जो बन रहा है यह पहले वाले के लिए इमेज है। लेकिन ये दूसरे वाले
के लिए क्या है? ऑब्जेक्ट है। तो इस डिस्टेंस को मैं क्या बोलूंगा? ue बोलूंगा। ठीक है? अच्छा ये बताओ ये क्या है? ये है हमारी फाइनल इमेज। ये आई पीस की फाइनल इमेज है। और यह किस डिस्टेंस पे होगी? d डिस्टेंस पे होगी। है ना? D मतलब लीस्ट डिस्टेंस एट क्या बोलेंगे? लीस्ट डिस्टेंस। ऑफ डिस्टिंक्ट विजन। ठीक है? यह हमने डायग्राम बना लिया। सारी चीजें हो गई। बस अब उसके बाद तो बहुत बेसिक-बेसिक सी बात है ना। क्या सर? बहुत बेसिक वाली बात क्या है? देखो, बहुत बेसिक बात क्या है? मैग्नीिफाइंग पावर का फार्मूला लगा
दो। तो मैग्नीिफाइंग पावर का फार्मूले में अब यहां पे क्या करना होता है? यहां पे एलडीबी का कोई केस नहीं है। यहां पे बहुत सिंपल सी बात है। एंगल बीटा मेड बाय इमेज ऑन आई। यानी कि इमेज ने आंखों पे कितना एंगल बनाया? बोला बीटा। तो फाइनल इमेज ये देखो A2 B2 है। इसका जो एंगल बनेगा आंखों पे दिस एंगल इज कॉल्ड बीटा। ठीक है? और ऑब्जेक्ट ने आंखों पे कितना एंगल बनाया। ठीक है? अब यहां पे ये कंडीशन नहीं है। यहां पे ये कंडीशन नहीं है कि व्हेन प्लेस्ड एट एलडी। बस सिंपल सी बात।
ऑब्जेक्ट से कितना एंगल बन रहा है? तो देखो ऑब्जेक्ट कहां होगा? इंफिनिटी यहां तो भाई ऑब्जेक्ट से बनने वाला एंगल अल्फा। अगर ये एंगल अल्फा है तो भाई साहब ये वाला एंगल भी अल्फा होगा। बस इतनी सिंपल सी बात आपको याद रखनी है। अब आपको फिर से दो ट्रायंगल पकड़ लेने हैं। हां, एक बीटा वाला ट्रायंगल और एक अल्फा वाला ट्रायंगल। तो बीटा वाले ट्रायंगल को कौन सा ले लोगे? छोटा वाला। A1 B1 ये देखो A1 B1 और ये E A1 B1 A1 B1 E A1 B1 E देखिए जरा। A1 B1E जो है इसको आप
बोलेंगे tan बीटा का कंडीशन। A1 B1 EE को क्या बोलेंगे? tan बीटा की कंडीशन। ठीक है? यानी tan बीटा का ट्रायंगल। तो परपेंडिकुलर अपॉन बेस तो परपेंडिकुलर A1 B1 और बेस क्या है? B1 ठीक है? परपेंडिकुलर A1 B1 और बेस क्या है? B1 ये एक बात हो गई। चलिए बहुत बढ़िया। दूसरी बात की मैं बात कर लेता हूं। दूसरी बात की बात कर लेता हूं। tan अल्फा। अब अल्फा के लिए क्या करेंगे? अल्फा के लिए आप ये वाला ट्रायंगल ढूंढ लो। देखो यह अल्फा के लिए है। यह देख रहे हो वाइट वाला जो यह दिखा
रहा हूं। भाई यह अल्फा के लिए है। यह देखो यह अल्फा के लिए तो फिर से लगाओ परपेंडिकुलर अप बेस तो परपेंडिकुलर a1 b1 बेस क्या है? b1o देखो परपेंडिकुलर a1 b1 बेस क्या है? b1o उठा के नहीं इक्वेशन नंबर वन में पुट कर दो तो हमने इसको पुट किया m = a1 b1 / b1b e tan बीटा की वैल्यू / tan अल्फा पलट गया। अब यहां पर देखो a1 b1 से ये a1 b1 कट गया। मैग्नीिकेशन का फार्मूला बन गया B1O / B1E अब B1 से लेके O तक की डिस्टेंस देखिए B1 से लेके
O तो B1 पे क्या बन रहा है? ध्यान से देखो जरा। B1 B1O ये देखो ऑब्जेक्टिव से B1 B1 पे क्या बन रही है? इमेज। लेकिन किसकी? ऑब्जेक्टिव की। तो उसको क्या नाम देता हूं? इसको क्या नाम देता हूं? VO। ठीक है? B1 E तक B1 और E के बीच में ये जो डिस्टेंस है, ये क्या है? ऑब्जेक्ट डिस्टेंस। तो इसको मैंने क्या नाम दे दिया? UE बस आप स्क्रीनशॉट ले लो। आप स्क्रीनशॉट ले लो। ठीक है? तो हमने क्या किया? हमने देखो इतना काम किया। ये वैल्यूज़ पुट की। VO राइट में था। UE लेफ्ट
में है लेंस के। ठीक है? तो इसलिए हमने ये पुट कर दिया। अगर मैं यहां पर ये बताया मैंने आपको कि भाई साहब VO और FO बराबर थे। तो इसके जगह मैंने ये बना दिया। तो मैग्नीिफाइंग पावर का फार्मूला ये बन गया। हां सर बन गया। अब मैं क्या करूंगा? फिर से केस वन। लेंस फार्मूला लगाऊंगा। लेंस फाइनल इमेज कौन बना रहा है? आई पीस। तो लेंस फार्मूला आईपीस के लिए बनेगा। 1 / FE ये कंडीशन चल रही है। अब इमेज जो बन रही है लीस्ट डिस्टेंस कैपिटल D अ जो कि लेफ्ट में वहां बन
रही है। तो - d UE ऑब्जेक्ट कहां रखा हुआ है? लेफ्ट में रखा है आई पीस के। तो प्लस का UE हो गया माइनस वैल्यू पुट करने पे। अब आप यहां पे देखो 1 / UE की वैल्यू ये आ गई। पलट दिया। सर कैपिटल D का इंटू क्यों नहीं किया ऊपर नीचे। मतलब दोनों साइड। क्योंकि भाई इसमें FO / UE है। तो मैंने FO का इंटू किया दोनों साइड। किस साइड? FO का FO का इस साइड इंटू किया FO का इस साइड। तो भाई ये कंडीशन बन गई। अब मैं क्या कर रहा हूं? ध्यान से
देखिए। अब मैं क्या कर रहा हूं? ध्यान से देखिए कि मैं क्या करूंगा? FO / UE की वैल्यू को उठा के कहां पुट कर दूं? ये वाली इक्वेशन में थर्ड वाली में। तो यहां पे क्या लिखूं? FO / UE की वैल्यू। तो माइनस तो लगा हुआ है। ठीक है? FO / UE की वैल्यू क्या है? FO / FE + FO / D ये कंडीशन है। अब ध्यान से देखो। यहां पर कुछ कॉमन लेना पड़ता है मुझे। यहां पर कॉमन लेना है। तो अब अब अगर ध्यान से देखो कि अगर मैं यहां पर कॉमन ले रहा
हूं fo तो fo मैंने बाहर निकाल दिया। ये बचा 1 / fe प्लस माइनस तो बाहर चल ही रहा है। ये बचा 1 / d अब अगर मान लीजिए कि मैं fe और बाहर निकालना चाहता हूं। मैं क्या बाहर निकालना चाहता हूं? Fe तो अगर मैं Fe बाहर निकालूंगा तो यहां पे भी Fe का डिवाइड लग गया। देखो पहले मैंने Fe बाहर निकाला। तो जिस चीज को बाहर निकालता हूं वहां पे डिवाइड कर देता हूं। Fe का डिवाइड यहां हुआ। इसको भी अगर मैं बाहर निकाला तो FE का डिवाइड यहां पे हुआ। तो अगर मैं
Fe का डिवाइड कर रहा हूं तो Fe पलट के कहां चला जाएगा? बोला सर ऊपर चला जाएगा। तो अगर मैं FO / FE को कॉमन ले लेता हूं तो ये कुछ ऐसी कंडीशन बन जाती है। सर डिवाइड क्यों लगाना है? अरे भाई साहब अगर 2X + 3Y या 2X + 6y लिखा हुआ है तो अगर मैं इसमें से टू बाहर निकाल रहा हूं तो इसका मतलब क्या है? 2x / 2 मतलब x बचेगा। डिवाइड किया तभी तो x बचा। यहां पे 3y बचा। डिवाइड किया तभी तो 3y बचा। तो बस यही बात आप लोगों को
समझनी होती है जो हमने यहां पे लिख दी। ठीक? तो अगर मैंने fo कॉमन निकाला तो f का डिवाइड किया ऊपर ऊपर से हट गया था। ठीक है? Fe कॉमन निकाला नीचे से तो fe का डिवाइड यहां पे हुआ। Fe का डिवाइड यहां पे हुआ। पलट के जो है ऊपर चला गया। तो ये कंडीशन बन गई एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप के लिए मैग्नीिफाइंग पावर की। अगर फाइनल इमेज हमारी इंफिनिटी पे बन रही है तो यहां पर ue की जगह आप fe पुट कर देंगे तो इक्वेशन नंबर थर्ड में ये बन गया। ठीक है? तो उम्मीद करता हूं
भाई ये बात आप लोगों को समझ में आ गई होगी। स्क्रीनशॉट ले लेना। Telegram चैनल पे जो है आपको क्या मिल जाएगी? Telegram चैनल पे आपको ये पूरी पीडीएफ मिल जाएगी। फाइनल इमेज अगर इंफिनिटी बनानी हो तो भाई आप लोगों को पता ही है कि ये जो है ना fe ये fe भी एक ही जगह पे लाई करेगा। क्लियर है? चलिए तो अब हम आगे बढ़ जाएंगे। ये हमने एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप पढ़ा। आगे बढ़ जाते हैं और आगे बढ़ते हैं तो मैं आप लोगों को बताता हूं कि यहां पर जो है दो टाइप के टेलिस्कोप और
रह गए हैं। मतलब अब जो मैं आपको पढ़ाने वाला हूं ये रिफ्लेक्टिंग टेलीिस्कोप है। इसका कोई डेरिवेशन नहीं करना है आपको। यहां पर आपको कोई फार्मूला डिराइव नहीं करना है। बस आपको इसकी बेसिक वर्किंग और प्रिंसिपल जो है समझ लेना है। रिफ्लेक्टिंग टेलिस्कोप जो होते हैं ये ऐसे टेलिस्कोप हैं जो कि रिफ्रेक्टिंग से बढ़िया इमेज बनाते हैं। ठीक है? आप ऐसे समझ लो कि रिफ्लेक्टिंग टेलिस्कोप जो है ये आपके दो टाइप के हमें पढ़ना है। एक न्यूटोनियन और एक कैसे ग्रेन टेलिस्कोप। ये जो आप टेलिस्कोप देख रहे हो ये कैसे ग्रेन टेलिस्कोप है। इसके अंदर
क्या होता है? देखिए अभी तक हम जो टेलिस्कोप पढ़ रहे थे ना उसमें हम बस लेंसेस का इस्तेमाल कर रहे थे। अब जो हम टेलिस्कोप पढ़ने वाले हैं इसके अंदर देखो सबसे पहले जो लाइट रे आएगी ये आती है एक ऑब्जेक्टिव मिरर के ऊपर। अभी तक ऑब्जेक्टिव लेंस था। अब ऑब्जेक्टिव मिरर है। यानी ऑब्जेक्ट से जो पहली बार लाइट रे जिस पे पड़ती है उसको हम ऑब्जेक्टिव बोलते हैं। तो देखिए एक हमारे पास सिलड्रिकल ट्यूब टाइप की होती है। इसमें ये लाइट देखो। ये सीधी लाइट रे आई। सीधी लाइट रे आ के ये आप कॉनकेव
शेप का एक मिरर देखोगे। इस मिरर पे आकर के लाइट रे पड़ेंगी। ठीक है? इन लाइट को ऐसे भेजा जाता है। भाई ये ऐसे आए और यहां पर फिर से एक रख दिया एक सेकेंडरी मिरर। सेकेंडरी मिरर कुछ कॉन्वेक्स होता है। तो ये लाइट रे यहां से आई। ये यहां से आई और आने के बाद जो है इनको एक कॉन्वेक्स लेंस से पास करा दिया जाता है और कॉन्वेक्स लेंस इनकी फाइनल इमेज का फॉर्मेशन करता है और ये कॉन्वेक्स लेंस जो है इसको हम आईपीस का नाम देते हैं। सर ऐसी क्या खास बात है कि
हमें इस टाइप के टेलिस्कोप का जो यूज़ है वो करना पड़ रहा है। सबसे पहले जो थ्योरी है वो तो यहां पर इस लेंस इस टेलिस्कोप के बारे में लिख दी गई है। बस इसकी खास बात क्या है? वो मैं आपको अभी समझाने वाला हूं। एडवांटेजेस पढ़ाऊंगा। ठीक है? तो आपको समझना है कि भाई कैसे ग्रेन टेलिस्कोप में क्या है? ऑब्जेक्टिव मिरर हमने यूज़ करा है जो कि कॉनकेव शेप का होगा। लाइट रे आएगी रिफ्लेक्ट करेगा। यहां पे पड़ेगी कॉन्वेक्स मिरर जो कि सेकेंडरी मिरर के तौर पे हमने यूज़ करा है। फिर ये लाइट रेज़
को रिफ्लेक्ट करेगी तो फाइनली जो है आई पीस जो कि कॉन्वेक्स लेंस है वो फाइनल इमेज को बनाएगा जो कि बढ़िया क्रिस्टल क्लियर और ब्राइट इमेज बनती है। ठीक है? इसके बाद न्यूटोनियन टेलिस्कोप की मैं बात करता हूं। तो न्यूटोनियन टेलिस्कोप में भी सेम कंडीशन बनती है कि लाइट रेज आती हैं। ये कॉनकेव मिरर पे पड़ती है। ये कॉनकेव मिरर से लाइट रे रिफ्लेक्ट हो के एक प्लेन मिरर पे जो है इंसिडेंट कराई जाती है। प्लेन मिरर जो कि 45° पे होता है। ये लाइट रेज़ को नीचे जो है भेजेगा और ये लाइट रेज जो
है कॉन्वेक्स मिरर से कॉन्वेक्स लेंस से पास हो केंगी और फाइनल इमेज बनाएगी। यह न्यूटोनियन टेलिस्कोप है। फिर से सवाल वही आता है। सवाल वही आता है कि सर इन टेलीिस्कोप की क्या आवश्यकता पड़ गई? इनमें जो हमने एस्ट्रोनॉमिकल टेलीिस्कोप पढ़ा यानी कि लेंस वाले जो हमने टेलिस्कोप पढ़े उनमें ऐसी क्या प्रॉब्लम आ गई कि भाई साहब उनमें ऐसी क्या प्रॉब्लम आ गई कि हमें इन टेलीिस्कोप का इस्तेमाल जो है करना पड़ रहा है। तो सबसे बेसिक और सिंपल सी बात समझिए कि तीन मेन कंडीशन होती हैं रिफ्लेक्ट रिफ्रेक्टिंग टेलिस्कोप में जो कि दिक्कत वाली
बात है। सबसे पहली बात आप लोग आप लोग ये समझ लीजिए कि मान लो कि देखो पहली चीज तो ये है कि भाई साहब बड़े-बड़े टेलीिस्कोप होते हैं। एस्ट्रोनॉमिकल टेलीिस्कोप हो गया। है ना? ऑब्जरवेटरी में तो और बड़े-बड़े टेलिस्कोप होते हैं जो कि साइंटिस्ट वगैरह इस्तेमाल करते हैं। तो अगर मैं एक लेंस ले लूं कॉन्वेक्स लेंस। तो कॉन्वेक्स लेंस में ना एक कुछ कंडीशंस हैं। जैसे कि काफी बड़ा लेंस है। ठीक? तो आप देखेंगे कॉन्वेक्स लेंस का जो ऊपर वाला हिस्सा है ऊपर वाला हिस्सा ये एक प्रकार से प्रिज़्म की तरह एक्ट करेगा। कैसे एक्ट
कर रहा है भाई? ट्रायंगुलर सा है। ठीक है? और नीचे वाला हिस्सा भी एक प्रिज़्म की तरह एक्ट करता है। हां। तो और आप लोग समझते हैं कि जब लाइट रे प्रिज़्म से पास होती है, जब वाइट लाइट प्रिज़्म से पास होगी तो डिफरेंट कलर में डिस्पर्स हो जाएगी। यानी कि ये अलग-अलग कलर में बिखर जाएगी। तो इसका अर्थ ये हो गया कि जब लाइट रे अलग-अलग कलर में बिखर जाती है तो ऐसा करने से क्या होता है? जब लाइट रे अलग-अलग कलर में बिखर जाती है तो ऐसा करने से होता है कि हमें मल्टीपल
कलर की इमेजज़ मिल मिल रही होती हैं। जिससे हमारी जो ऑब्जरवेशन है ये ठीक नहीं बैठती। हमें अगर जो एक्चुअल कलर है उसकी इमेज बने तो एक अलग बात है। लेकिन मल्टीपल कलर की इमेज बनेगी तो उससे जो है चीजें खराब हो जाती है। तो इसको हम बोलते हैं देखो कलर का मतलब होता है क्रोमा। क्रोमा से बोलते हैं कलर। तो ये जो प्रॉब्लम आ रही है कि एक्चुअल कलर से हटके इमेज बन रही है। इसको हम बोलते हैं क्रोमेटिक अबेरेशन। तो लेंस वाले में मतलब अगर लाइट रे प्रॉपर एक लेंस से ही पास हो
रही है। दोनों लेंस हैं तो यहां पर क्या होता है कि भाई साहब यहां पर क्या होता है कि क्रोमेटिक एबरेशन यानी कि मल्टीपल कलर की इमेज मिल सकती है जो कि खराब चीज है। एक्चुअल कलर जो इमेज का है वो ना मिलते हुए हमें मल्टीपल कलर या डिफरेंट कलर की इमेज देखने को मिल सकती है। तो इसको बोलते हैं क्रोमेटिक एबरेशन। ठीक है? क्रोमेटिक एबेरेशन का मतलब होता है रास्ते से भटक जाना। तो एक्चुअल जो इमेज है उससे अलग थोड़ी सी मिल जाएगी। ठीक है? इसके बाद आप यहां पर देखिए नेक्स्ट जो पॉइंट हम
बोल रहे हैं दैट इज कॉल्ड स्फेरिकल एबरेशन। स्फेरिकल एबरेशन क्या होता है कि भाई देखो लेंस के शेप के कारण लेंस के शेप के कारण हम देखते हैं कि कई बार जैसे मान लो कि 1 करोड़ लाइट रेज आई। अब 1 करोड़ लाइट रेज़ कई बार क्या होता है कि एग्जैक्ट एक ही फोकस पे जाके मीट नहीं कर पाती। हां। मान लीजिए 1 करोड़ में से 90 लाख लाइट रेज़ तो यहां मीट कर गई। हां। और कुछ कुछ चुनिंदा लाइट रे या कुछ लाइट रे थोड़ा सा आगे पीछे भी यहां पे फोकस पे मीट कर
सकते हैं। यानी कि इकट्ठ बहुत सारी लाइट रे यहां मीट कर गई और थोड़ी सी लाइट रे आगे पीछे भी मीट कर गई। तो जो लाइट रे आगे पीछे मीट कर रही हैं उनके कारण भी कुछ धुंधलीधुंधली सी बहुत कम इंटेंसिटी वाली इमेज बनेगी जो कि खराब है। है ना? मतलब मैं ऐसा बोलूं कि सभी लाइट रे एक ही पॉइंट पे मीट करेंगी तो एक इमेज बनेगी। लेकिन कुछ लाइट रे तो एक पॉइंट पे मीट कर रही हैं और थोड़ी सी लाइट रे अगले पॉइंट पे मीट कर रही हैं। क्यों? इसकी इसके शेप के कारण
क्योंकि काफी बड़ा है ना तो पॉसिबल नहीं हो पाता कि 100% लाइट रे एक ही जगह पे जाके मीट कर जाएं। इसलिए क्या कहा जा रहा है कि यहां पर जो है एक से ज्यादा इमेज देखने को मिलती हैं। क्योंकि अलग-अलग पॉइंट पे लाइट रेज मीट कर रही होती हैं। ठीक है? लेट्स से 99% लाइट एक ही जगह पे मीट कर गई। लेकिन 1% लाइट ऐसी भी हो सकती है जो आगे पीछे मीट कर जाए। ठीक है? ठीक है? तो उसके कारण मल्टीपल इमेजज़ हमें देखने को मिलती है और ये हो रहा है इसके स्फेरिकल
शेप के कारण। इसलिए हम इसको बोलते हैं स्फेरिकल एबेरेशन। क्या बोलते हैं? स्फेरिकल एबेरेशन। ठीक है? इसके शेप के कारण ये प्रॉब्लम हो रही है। तो हम इसको बोलते हैं स्फेरिकल एबरेशन। तो रिफैक्टिंग टेलिस्कोप में लेंस वाले टेलिस्कोप में ये दोनों प्रकार की क्रोमेटिक एबेरेशन और स्फेरिकल एबेरेशन होती हैं। ठीक है? अच्छा। इसके बाद आप यहां पर देखिए कि एक्चुअल में लाइट रे जब एक मीडियम से दूसरे मीडियम में पास होती है तो यहां पर इमेज की इंटेंसिटी घट जाती है। है ना? उतनी क्रिस्टल क्लियर इमेज नहीं बन पाती है। ठीक है? जबकि रिफ्लेक्टिंग टेलिस्कोप
में ना तो क्रोमेटिक एबरेशन होता क्योंकि मिरर जो होता है वो लाइट को रिफ्लेक्ट करेगा। तो रिफ्लेक्ट करेगा तो डिस्पर्शन यानी कि डिफरेंट कलर में लाइट बिखरने का काम ही खत्म हो गया। मिरर जो होगा ये क्या है? इसके आर-पार भी लाइट को नहीं जाना है तो एक ही जगह पे लाइट रे को मीट कराएगी। मिरर जो है वो लाइट को जब मीडियम में चेंज नहीं होता तो उसकी एनर्जी इंटेंसिटी कुछ भी चेंज नहीं होती है। ठीक है? तो ये जो है ना ये कुछ हम ऐसे बोल सकते हैं ये एडवांटेजेस है रिफ्लेक्टिंग टेलिस्कोप के
ओवर रिफ्रेक्टिंग टेलीिस्कोप। रिफ्रेक्टिंग टेलिस्कोप में कुछ प्रॉब्लम्स आती हैं। लेकिन रिफ्लेक्टिंग टेलिस्कोप में कोई प्रॉब्लम नहीं आती। इसलिए रिफ्लेक्टिंग टेलिस्कोप को जो है इंट्रोड्यूस किया गया है। ठीक है? तो ये इस चैप्टर की जो कंप्लीट थ्योरी है वो हो गई है। ठीक है? अब मैं आपको न्यूमेरिकल्स की ओर ले चलता हूं। सो दैट आप लोगों को कोई भी प्रॉब्लम ना हो और पहले मैं सभी फॉर्मूले वगैरह आप लोगों को यहां पे पढ़ा देता हूं। ठीक है? आगे बढ़ जाते हैं। देखिए भाई सबसे पहले अगर मैं बात कर लेता हूं जो फॉर्मूले हमें अब यूज़ में
लेके आने हैं वो फॉर्मूले ये हैं कि देखो सबसे पहले हमने अभी जो मैग्नीफिकेशन पढ़ी वो थी एंगुलर मैग्नीफ़िकेशन या इसको हम बोलते हैं मैग्नीिफाइंग पावर जिसमें हम एंगल्स का रेशियो निकाल रहे थे बीटा / अल्फा से। बट इससे पहले हमने जो है ना लीनियर मैग्नीिकेशन पढ़ी होती है। तो लीनियर मैग्नीफिकेशन का फार्मूला लेंस के लिए होता है VO / UO ठीक है? VO / UO या सिंपल इमेज डिस्टेंस अपॉन ऑब्जेक्ट डिस्टेंस। ठीक है? नाउ इसके बाद VO / UO कहो। V / U लिख लिख लेना चाहिए मुझे। ठीक है? अगर लीनियर मैग्नीफ़िकेशन बोले ऑब्जेक्टिव
की तब VO / UO लगाओ। एंगुलर मैग्नीफ़िकेशन का फार्मूला सिंपल माइक्रोस्कोप के केस में ये था। 1 + D / F LDV ठीक है? और d / f फॉर इंफिनिटी। ठीक है? ये सिंपल माइक्रोस्कोपिक केस के लिए था। अगर मैं बात करूं टेलिस्कोप के लिए तो टेलिस्कोप के लिए ये कंडीशन बन रही थी। एक ये कंडीशन है जो कि हमारा जो है आपकी इमेज इंफिनिटी पे बने तब का है और ये एलडीीडीवी पे बनेगी तब की है टेलिस्कोप में। अच्छा कंपाउंड माइक्रोस्कोप में कुछ ज्यादा फ़ूले लग जाते हैं। तो कंपाउंड माइक्रोस्कोप में एक फ़ूला यह
है कि भाई M = MO * ME होता है। मतलब अगर मैं टोटल मैग्नीफ़िकेशन की बात करूं कंपाउंड माइक्रोस्कोप की तो ये है M = MO * ME मतलब अगर ऑब्जेक्टिव की मैग्नीफ़ाइंग पावर फाइव है और इसकी सिक्स है तो टोटल मैग्नीफ़िकेशन 30 हो जाएगी। और यहां पे मोड लिया हुआ है। इसका मतलब अगर नेगेटिव वैल्यू आ जाती है तो उसको आपको इग्नोर करके सिंपल जो है पॉजिटिव वैल्यू कंसीडर करनी है। नाउ यहां पर देखिए m इक्वल टू मैग्नीिफाइंग पावर ऑब्जेक्टिव लेंस की vo / u होती है और मैग्नीिफाइंग पावर ऑफ़ आईपीस जो है 1
+ d / fe होती है। कभी आपको अलग से निकलने को निकालने को दे दे तो आप इससे निकालिए और अलग से निकालने को दे दे मैग्नीिफाइंग पावर ऑफ़ आईपीस तो आप इस फ़ूले से निकाल लीजिए। ठीक है? ये फार्मूला LDV के लिए है। अगर क्वेश्चन आपको लेंथ ऑफ ट्यूब एंड फोकल लेंथ के टर्म में दिया है तो आप ये फार्मूला लगाएंगे। यानी VO बाय UO की जगह L / FO हो जाएगा। सिमिलरली इंफिनिटी के लिए ये फार्मूला है और जो है लेंथ और फोकल लेंथ के टर्म में ये फार्मूला होता है। अगर मैं बात
करूं ऑब्जेक्टिव और आई पीस के बीच की टोटल डिस्टेंस होती है। ये आपकी लेंथ ऑफ ट्यूब होती है। यहां पर मान लीजिए अगर पहले वाले की इमेज बन रही है तो ये हो गया VO। यहां पे दूसरे वाले की ऑब्जेक्ट डिस्टेंस है तो ये हो गया UE तो अगर लेंथ ऑफ ट्यूब की जगह हम l = VO + UE भी लिखते हैं। बट इनकी हम ओनली वैल्यूज़ लेते हैं क्योंकि नेगेटिव वैल्यू हमें कंसीडर नहीं करनी है लेंथ में। ठीक है? चलिए तो ये बात हो गई। अब आ जाते हैं फॉर्मूले मतलब क्वेश्चन सॉल्व करने पे।
तो सारे क्वेश्चन जो है इसके जो बनते हैं वो हम कर लेते हैं। देखिए जरा। सबसे पहले आपको यहां पर अगर नहीं दिखाई पड़ रहा है तो मैं इसकी थोड़ी सी जो है साइज को बड़ा कर दूंगा और आपको पहला क्वेश्चन जो मिल रहा है ये एकदम बेसिक और सिंपल सा क्वेश्चन है। इसमें लिखा गया है कि इन सिंपल माइक्रोस्कोप एक सिंपल माइक्रोस्कोप है जिसमें कॉन्वेक्स लेंस लगाया हुआ है। जिसकी फोकल लेंथ है 5 सें.मी. यानी कि कॉन्वेक्स लेंस की जो फोकल लेंथ है, ये आपको 5 सें.मी. दी गई है। कैलकुलेट मैग्नीिफाइंग पावर व्हेन ऑब्जेक्ट
इज़ प्लेस्ड एट फोकस ऑफ़ लेंस। यानी कि ऑब्जेक्ट कहां पे रखा है? फोकस पे। तो इमेज कहां पे बनेगी? इमेज बनेगी इंफिनिटी पे। ये मैंने पहचान लिया। ठीक है? तो सिंपल माइक्रोस्कोप में इमेज जब इंफिनिटी पे बनती है इमेज एट इंफिनिटी। या इसमें ये लिखा है ना कि ऑब्जेक्ट फोकस पे रखा है। तो ऑब्जेक्ट जब फोकस पे होता है तो इमेज इनफिनिटी पे बनती है। तो मुझे निकालना है क्या? मैग्नीफ़ाइंग पावर। तो जब इमेज इनफिनिटी पे बन रही हो। व्हेन इमेज एट इंफिनिटी इमेज एट इंफिनिटी। जब इमेज इंफिनिटी पे पर बन रही होती है। जब
इमेज इंफिनिटी पर बन रही होती है। तो आप यहां पर देखिए कि मैग्नीिफाइंग पावर का क्या फार्मूला बन जाता है? तो मैग्नीिफाइंग पावर का फार्मूला बन जाता है ओनली d / ue सॉरी d / fe या सिंपल d / f। तो मैग्नीफाइंग पावर का फार्मूला। d कितना होता है? D होता है 25 सें.मी. जो कि आपको हमेशा याद रखना है। अगर 25 सें.मी. नहीं दिया है तो 25 सें.मी. लेना है। और अगर उसने लिख के दे दिया नियर पॉइंट या एलडीीडी तो आपको जो वैल्यू लिख के दी है फिर वो लेनी पड़ेगी। जनरली तो 25
ही लेते हैं। m इज़ इक्वल टू नाउ। अब यहां पे कितना बन गया? फाइव। तो मैग्नीिफाइंग पावर जब इमेज बन रही हो इंफिनिटी पे तो होती है आपकी इतनी। अगर वो दे देता केस टू इफ आस्क्ड यदि पूछा जाए तो अगर यहां पे जो आपसे कहे कि इमेज एलडीबी पे बन रही है। किस पे बन रही है? इमेज एट एलdीडी लीस्ट डिस्टेंस ऑफ़ डिस्टिंक्ट विज़न पर अगर इमेज का फॉर्मेशन होता है तो मैग्नीिफाइंग पावर का फार्मूला 1 + d / f होता है। तो m = 1 + d / f की वैल्यू तो आपने अभी-अभी
निकाली है। हां जो कि फाइव है। तो टोटल मैग्नीिफाइंग पावर जो है सिक्स निकल के आ जाती है। अगर पूछा जाता तो ये फार्मूला बन जाता। ठीक है? तो ये हमने एंगुलर मैग्नीिफिकेशन या मैग्नीिफाइंग पावर हो गई सिंपल माइक्रोस्कोप की। ठीक? अब दूसरी कंडीशन यहां पे बनती है। एक एक और क्वेश्चन हमें दिया जा रहा है। उम्मीद करूंगा ये क्वेश्चन आपको यहां पर जिस तरीके से लिखा गया है वो आपको दिखाई पड़ रहा होगा। देखिए इस क्वेश्चन में क्या लिखा है? जरा इसको ध्यान से समझ लेते हैं। अगर आपको देखने में कहीं समस्या है तो
मैं आपको प्रॉपर बता देता हूं। क्या लिखा गया है? यू आर गिवन टू कन्वर्जिंग लेंस ऑफ फोकल लेंथ। यहां पर आपको दो कन्वर्जिंग लेंस दिए गए हैं। जिसकी फोकल लेंथ है 1.25 सें.मी. एंड 5 सें.मी. ठीक है? दो कन्वर्जिंग लेंस है यानी कि दो कॉन्वेक्स लेंस हैं। एक की फोकल लेंथ कितनी दी गई है? 1.25 सें.मी. और एक की फोकल लेंथ है 5 सें.मी. टू डिज़ाइन ए कंपाउंड माइक्रोस्कोप। तो कंपाउंड माइक्रोस्कोप में जो छोटा वाला होगा 1.25 सें.मी. वाला उससे बनेगी आपका ऑब्जेक्टिव लेंस। ठीक है? और जो बड़ी वाली फोकल लेंथ है उससे बनेगी आई
पीस यानी कि 5 सें.मी. ठीक है? टू डिज़ ए कंपाउंड माइक्रोस्कोप। इफ इट इज डिजायर्ड टू हैव मैग्नीिफिकेशन ऑफ 30। ठीक है? क्या कहा जा रहा है कि भाई इफ इट इज डिजायर्ड टू हैव मैग्नीिफिकेशन ऑफ़ 30 कह रहा है कि भाई अगर 30 मैग्नीिफिकेशन चाहिए। क्या चाहिए? यदि मैग्नीिफिकेशन की वैल्यू कितनी चाहिए? मैग्नीिफिकेशन की वैल्यू 30 चाहिए। यदि मैग्नीिफिकेशन की वैल्यू हमें 30 चाहिए तो कंडीशन क्या बनेगी? देखिए जरा। यदि मैग्नीिफिकेशन की वैल्यू अगर हमें 30 चाहिए तो क्या कंडीशन बनेगी? वो आप समझिए। तो उसने बोला है ना कि इफ मैग्नीिकेशन इज डिजायर्ड टू
हैव 30 यानी कि 30 मैग्नीिफिकेशन चाहिए यानी 30 गुना बड़ी इमेज बने। फाइंड आउट द एंगुलर फाइंड आउट द सेपरेशन बिटवीन ऑब्जेक्टिव लेंस एंड आई पीस। फाइंड आउट सेपरेशन बिटवीन सेपरेशन यानी कि दोनों के बीच की जो दूरी है ऑब्जेक्टिव एंड आई पीस। यानी कि ऑब्जेक्टिव लेंस ये रहा और आई पीस ये रहा। ठीक है? ऑब्जेक्टिव लेंस ये रहा और आई पीस ये रहा। ऑब्जेक्टिव लेंस ये रहा और आई पीस ये रहा। बताओ क्या इतनी बात क्लियर है? ऑब्जेक्टिव लेंस और आईपीस के बीच की सेपरेशन चाहिए। तो वो सेपरेशन कैसे आएगी? तो आप यहां पर
ध्यान से देखो। यहां पर ध्यान से देखो। तो मुझे इसने लिख के दे दिया l निकालना है। तो आप ऐसा फार्मूला ढूंढो ना। कंपाउंड माइक्रोस्कोप जिसमें कैपिटल L यानी लेंथ ऑफ ट्यूब आ रहा हो। हां। तो हम क्या लगा लेंगे? तो L / F O / 1 + D / FE ये फार्मूला होता है। तो बस अब निकाल लीजिए। 30 यानी कि फ़ूले को अगर आपने पहचान लिया तो काम बन जाएगा। 1.25 सें.मी. ठीक है? सेंटीमीटर में ही है। ठीक? 1 + D / FE तो D है 25 और FE FE की वैल्यू है 5।
तो यहां पर आप ये देखेंगे कि 30 = 30 = L * 1 / 1.25 1.25 और यह है मेरे पास इतना। ठीक है? ठीक। अच्छा। इसके बाद आप यहां पर देखिए कि 30 का इनू कर देता हूं 1.25 से। ठीक है? और अपॉन में भेज देता हूं ये सिक्स। तो यहां पर बन गया कैपिटल L। तो अगर मैं इसको सॉल्व करूंगा तो इतना हो जाएगा। तो कैपिटल L की वैल्यू आ गई 6.25 सें.मी. तो लेंथ ऑफ ट्यूब शुड बी 6.25 सें.मी. ये हमारा सही आंसर हो जाएगा। कभी-कभी एक आध बुक में इसको गलत भी
दे दिया गया होगा। 14 पॉइंट कुछ आंसर आ रहा है जो कि सही नहीं है। जो हमने अभी निकाल दिया है वो सही है। ठीक है? तो इस तरीके से हम इसको कर सकते हैं। यानी कि आपने कंडीशन पहचान ली क्वेश्चन में। पहले आपने पढ़ लिया फाइंड आउट सेपरेशन बिटवीन लेंथ ऑफ ट्यूब एंड सेपरेशन बिटवीन ऑब्जेक्टिव एंड आई आई पीस। तो आपको खुद से पहचानना पड़ा कि ऑब्जेक्टिव और आईपीस के बीच की जो दूरी है, सेपरेशन है, उसको क्या बोलते हैं? बोला लेंथ ऑफ ट्यूब। तो बस हमने वही लिख दिया। ठीक है? बताओ जरा। क्या
इतनी बात क्लियर है? हां सर इतनी बात क्लियर है। तो अब आप यहां पर ये देखो कि अगर मैं ये बोल दूं अगर मैं ये बोल दूं कि भाई सेकंड पॉइंट में क्या लिखा हुआ है? तो देखिए जरा ए स्मॉल ऑब्जेक्ट इज प्लेस्ड एट डिस्टेंस ऑफ़ 3 सें.मी. ठीक है? क्या लिखा हुआ है? ये लिखा हुआ है। स्मॉल ऑब्जेक्ट इज प्लेस्ड एट डिस्टेंस ऑफ 3 सें.मी. मतलब एक छोटा सा ऑब्जेक्ट है जो कि 3 सें.मी. पे रखा है फ्रॉम ए मैग्नीिफायर ऑफ़ फोकल लेंथ 4 सें.मी. मैग्नीिफायर मैग्नीिफाइंग लेंस कौन सा होता है? बताओ जरा मैग्नीिफाइंग
लेस लेंस होता है कॉन्वेक्स लेंस। और इसमें एक ही लेंस के बारे में बताया गया है। तो एक ही लेंस और वो भी मैग्नीिफाइंग कौन सी कंडीशन बनती है? बोला मैग्नीिफायर आपने देख लिया और एक ही लेंस है। दूसरा लेंस नहीं है। ठीक है? तो ये हमारा कौन सा हो गया? बोला ये सिंपल माइक्रोस्कोप हो गया। सिंपल माइक्रोस्कोप। तो सिंपल माइक्रोस्कोप का केस बन गया। अब सिंपल माइक्रोस्कोप में क्या पूछ रहा है? फोकल लेंथ कितनी है इसकी? बोला 4 सें.मी. ठीक है? पोजीशन ऑफ़ इमेज फॉर्म्ड यानी कि V निकालना है। तो भाई और ऑब्जेक्ट कहां
रखा है? 3 सें.मी. पे। और ऑब्जेक्ट हमेशा कहां रखा होगा? लेफ्ट में। तो माइनस का 3 सें.मी. तो यहां पर तो आपको कुछ नहीं करना। यही फार्मूला लगा देना है बस। 1 / V इतना। तो 1 / मुझे v निकालना है ना तो 1 / f + 1 / u = 1 / v तो फोकल लेंथ कितनी है? 4 सें.मी. और ये कितना हो गया? 3 सें.मी. = 1 / v ये हो जाएगा मेरे पास 3 * 4 = 12 ये हो जाएगा 4 - 3 हां। ये हो जाएगा 4 - 3 तो 1 /
v तो v की वैल्यू कितनी आ गई? v की वैल्यू आ गई मेरे पास यहां पर जो है 3 - 4 ये हो जाएगी माइनस का 12 सें.मी. ठीक है? तो इसका मतलब इमेज जो है -1 सें.मी. यानी कि लेंस के लेफ्ट में बन रही है। पोजीशन ऑफ़ इमेज फॉर्म्ड हमने निकाल दी। लीनियर मैग्नीिफिकेशन प्रोड्यूस। तो लीनियर मैग्नीफ़िकेशन का फार्मूला आ गया v / U. तो लीनियर मैग्नीफ़िकेशन का फार्मूला V / U है। तो - का 12 / अ यहां पे माइनस u की जगह ऑब्जेक्ट कितनी दूरी पे रखा है? बोला -3 सें.मी. तो मैग्नीिफिकेशन
जो निकल के आएगी दैट इज फोर। ठीक है? तो इसका मतलब सर ये तो लेंस का नॉर्मल वाला क्वेश्चन हो गया ना? हां नॉर्मल वाला क्वेश्चन है बट उसने मैग्नीिफायर लिख दिया तो इसलिए सिंपल माइक्रोस्कोपिक कंडीशन में बन गया और इसमें कुछ भी अलग नहीं है। ठीक है? चलिए आगे बढ़ेंगे। और नेक्स्ट आपको कुछ इस प्रकार से ये क्वेश्चन मिल रहा है। जरा इसको ध्यान से देखेंगे। देखिए जरा क्या लिखा गया है इस क्वेश्चन में। 2020 में पूछा गया ये क्वेश्चन है। देखो क्या लिखा है इस क्वेश्चन में? इस क्वेश्चन में लिखा गया है एन
ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट यूजज़ एन ऑब्जेक्टिव लेंस ऑफ़ पावर 100 डायोप्टर एंड आई पीस ऑफ़ पावर 40 डायोप्टर। देखिए क्या लिखा गया है? ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट है एक जिसके अंदर ऑब्जेक्टिव लेंस है जिसकी पावर है 100 डायोप्टर। यानी कि पावर ऑफ़ ऑब्जेक्टिव लेंस इज़ 100 डायोप्टर। ठीक है? ठीक? आईपीएस की पावर है 40 डायोप्टर। यानी पावर ऑफ़ आई पीस इज़ 40। ठीक? फाइनल इमेज इज़ फॉर्म्ड एट इंफिनिटी। अगर फाइनल इमेज इंफिनिटी पे बन रही है और लेंथ ऑफ़ ट्यूब व्हेन द ट्यूब लेंथ इज़ केप्ट एट 20 सें.मी. यानी कि ट्यूब की लेंथ है 20 सें.मी. फाइनल इमेज इंफिनिटी
बन रही है। आइडेंटिफाई द ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट। तो ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट मुझे पहचानना है। तो ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट तो मैं वैसे भी पहचान सकता हूं भाई। जिसकी पावर ज्यादा है उसकी फोकल लेंथ कम होगी। तो यहां पे ऑब्जेक्टिव की फोकल लेंथ कम है और आईपीएस की फोकल लेंथ ज्यादा है। क्योंकि पावर का फार्मूला पावर इज़ रेसिप्रोकल ऑफ़ फोकल लेंथ। पावर का फार्मूला 1 / F होता है। तो यहां से देख के पता पड़ रहा है कि पावर जिसकी ज्यादा उसकी फोकल लेंथ कम। तो ऑब्जेक्टिव की पावर ज्यादा है इसलिए ऑब्जेक्टिव की फोकल लेंथ कम है। और ऑब्जेक्टिव की
फोकल लेंथ कम किसमें होती है? कंपाउंड माइक्रोस्कोप में। तो हम यहां से डिवाइस को आइडेंटिफाई तो कर लिया हमने। कौन सा डिवाइस है? कंपाउंड माइक्रोस्कोप है। ठीक है? रीजन पूछे तो बता सकते हैं। रीजन पूछे तो बता सकते हो ना। ठीक? कि यहां पर पावर ऑफ फोकल पावर ऑफ ऑब्जेक्टिव इज ग्रेटर दैन ऐसे बोल दोगे। पावर ऑफ़ ऑब्जेक्टिव इज़ ग्रेटर दैन पावर ऑफ़ आई पीस। दस फोकल लेंथ ऑफ़ आई पीस इज़ ग्रेटर दैन फोकल लेंथ ऑफ़ ऑब्जेक्टिव लेंस। बस अच्छा फिर भी कितनी निकली निकल के आएगी ये? तो वो मैं बता देता हूं आपको। तो
ये कितनी हो जाएगी? 1 / fo = 100 तो ये जो वैल्यू रहेगी दैट इज़ 1 / 100 और ये हो जाएगी 1 / f और ये जो वैल्यू है ना ये मीटर में होती है। फोकल लेंथ जब हम पावर में निकालते हैं तो मीटर में होती है। ठीक है? तो ये कितना बन जाएगा? 0.01 मीटर। तो यहां पर ये कितना हो गया? FO तो FO हो गया हमारे पास 1 सें.मी. सें.मी. में कन्वर्ट किया तो 1 सें.मी. निकल के आया। ठीक है? अब अगर मैं इसकी बात कर लेता हूं। 1 / FE = 40
डायप्टर। हां। हां क्योंकि एसआई यूनिट में चलेगा। तो FE = 1 / 40 तो 1/40 को अगर मैं डिवाइड करूंगा तो ये कितना बनेगा? 1 40 डेसिमल लगाया ज़ीरो एक जीरो ये 25 ठीक है? ये इतना आ गया 0.025 और ये मीटर में है। तो अगर मैं इसको सेंटीमीटर में कन्वर्ट करूंगा तो इसमें 100 का इंटू करना पड़ेगा और 100 का इंटू करने पे 2.5 सें.मी. निकल के आएगा। तो अब आप यहां पे समझ गए होंगे कि हमने आई पीस और उस दोनों की फोकल लेंथ निकाल ली है। अब चाहिए क्या? कैलकुलेट एंगुलर मैग्नीफिकेशन प्रोड्यूस्ड
बाय इंस्ट्रूमेंट। तो इस इंस्ट्रूमेंट के द्वारा एंगुलर मैग्नीिफिकेशन कितनी होगी? क्या निकालना है? इस इंस्ट्रूमेंट यानी कि इस कंपाउंड माइक्रोस्कोप में एंगुलर मैग्नीफिकेशन का फार्मूला। तो एंगुलर मैग्नीिफिकेशन का फार्मूला मुझे निकालना है। तो ऐसा फार्मूला लगाओ जिसमें ये गिवन वैल्यूज़ आ रही हो। तो हमने l / fo 1 / ये ये फार्मूला लगा दिया। ठीक है? तो आप इसमें वैल्यू पुट करके आंसर बता सकते हैं क्या? आप इसमें वैल्यू पुट करके आंसर बता सकते हो। l इक्वल टू जल्दी से इसमें वैल्यू पुट करके आंसर बताना कि इसका आंसर कितना आ रहा है। ठीक है? ये
आपका होमवर्क है। कमेंट सेक्शन में मुझे आंसर चाहिए गाइस। कमेंट सेक्शन में मुझे आंसर चाहिए कि इसका आंसर कितना आ रहा है? मैग्नीिफाइंग पावर कितनी निकल के आ रही है। सेकंड वाले का। कंडीशन मैंने बता दी कैसे बनेगी। ठीक है? आगे बढ़ जाएंगे। नेक्स्ट क्वेश्चन। देखो भाई, कमेंट सेक्शन में मुझे आंसर आप बताओगे तो मुझे लगेगा कि हां सच में आप लोग जो है पढ़ रहे हो। ठीक? आगे बढ़ जाएंगे। और नेक्स्ट क्वेश्चन देखो क्या दिया जा रहा है ये भी सीबीएसई ने पूछ लिया है। देखिए तो इस क्वेश्चन में क्या लिखा है? यू आर
गिवन फॉलोइंग थ्री लेंसेस। कह रहा है कि हमारे पास तीन लेंसेस हैं। आपको पहचानना है कि इन तीनों लेंसेस में से कौन से लेंस को हम यूज़ कर सकते हैं। है ना? कौन से लेंस को हम यूज़ कर सकते हैं। मतलब कौन-कौन से लेंसेस को हम यूज़ कर सकते हैं एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप के लिए। लिखा है व्हिच टू लेंसेस? बोला कौन से लेंसेस को हम आई पीस के तौर पे और ऑब्जेक्टिव के तौर पे यूज़ करेंगे टू मेड ए टू मेक ए एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप। तो देखिए जरा एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप में हम ये देखते हैं कि ऑब्जेक्टिव की
फोकल लेंथ बड़ी होती है और आईपीस की फोकल लेंथ जो है छोटी होती है। तो हम ऐसा लेंस ढूंढेंगे जिसमें ऐसी कंडीशन बने। तो सबसे ज्यादा जो फोकल लेंथ है या सबसे छोटी फोकल लेंथ किसके लिए है? ये थर्ड वाले की है और सबसे बड़ी फोकल लेंथ किसकी होगी जिसकी पावर सबसे छोटी है। तो L1 को मैं यूज़ करूंगा आई पीस सॉरी ऑब्जेक्टिव के तौर पे क्योंकि इसकी पावर सबसे छोटी मतलब ऑब्जेक्टिव लेंस इसकी फोकल लेंथ सबसे बड़ी है। इसकी पावर सबसे बड़ी मतलब इसकी फोकल लेंथ सबसे छोटी होगी। तो इसको मैं आई पीस के
तौर पे यूज़ कर लूंगा। ठीक है? तो L1 एज ऑब्जेक्टिव ठीक है? L2 एज आई पीस। ठीक है? इसका अपर्चर यानी कि ओपनिंग भी सबसे बड़ी है। और ऑब्जेक्टिव में सबसे बड़ी ओपनिंग ही हमें चाहिए होती है। सो दैट ये ज्यादा से ज्यादा लाइट रेज को कलेक्ट कर पाए। ठीक है? तो हमने सॉरी L2 लिख दिया मैंने। L3 लिखना है। चलो तो इस तरीके से हम जो है आगे बढ़ सकते हैं। नेक्स्ट देखिए नेक्स्ट क्वेश्चन हमें क्या मिल रहा है? जरा यहां पर देख लेते हैं। नेक्स्ट क्वेश्चन की बारी आ गई। तो भाई साहब इस
क्वेश्चन में क्या दिया जा रहा है? एक बार जरा ध्यान से देख लेते हैं। क्या लिखा गया है इस क्वेश्चन में? देखिए जरा सबसे पहला काम क्या है? टोटल मैग्नीिफिकेशन प्रोड्यूस्ड बाय कंपाउंड माइक्रोस्कोप इज़ 20। कह रहा है कि कंपाउंड माइक्रोस्कोप ने टोटल मैग्नीिफिकेशन कितनी प्रोड्यूस की? 20। द मैग्नीफिकेशन प्रोड्यूस्ड बाय बाय द आई पीस इज़ फाइव। कह रहा है कि आईपीस के द्वारा मैग्नीिफिकेशन जो है ये फाइव है। आईपीस की मैग्नीिफिकेशन फाइव है। द माइक्रोस्कोप इज फोकस्ड ऑन ए सर्टेन ऑब्जेक्ट। माइक्रोस्कोप को एक सर्टेन ऑब्जेक्ट पे फोकस किया। माइक्रोस्कोप को क्या किया है? बोला
एक छोटे से मतलब एक पर्टिकुलर ऑब्जेक्ट पे फोकस कर दिया। ठीक? ऑन ऑब्जेक्ट। ठीक है? नाउ द डिस्टेंस बिटवीन ऑब्जेक्टिव एंड आई पीस इज़ फाउंड टू बी 14. अरे वाह। ऑब्जेक्टिव और आईपीस के बीच की डिस्टेंस 14 सें.मी. है। यानी कि l की वैल्यू 14 दी गई है आपको। L की वैल्यू कितनी दी गई है? 14 सें.मी. बहुत बढ़िया। देखो जितनी बातें मैं समझता पढ़ता जाता हूं उतनी बातों को लिखता जाता हूं तो चीजें मेरे लिए थोड़ी आसान हो जाती हैं। वैसे लीस्ट डिस्टेंस ऑफ़ डिस्टेंस डिवीज़ अगर नहीं दिया जाता तो 25 लेते हैं। लेकिन
इस क्वेश्चन में दिया है कितना दिया है? 20 सें.मी. तो वो मैंने 20 ही लिख लिया। ठीक? अब देखिए 20 ले लिया। अब देखिए और यह भी सेंटीमीटर में है। आगे क्या दिया गया है? कैलकुलेट फोकल लेंथ ऑफ़ ऑब्जेक्टिव एंड आई पीस। मतलब आपको FO की वैल्यू भी निकालनी है और आपको FE की वैल्यू भी निकालनी है। तो अब आप ये देखिए कि आप इस बात को कैसे कर सकते हैं। FO और FE दोनों की वैल्यू निकालनी है। तो अब अगर मैं डायरेक्ट ये फार्मूला लगाना चाहूं मैग्नीफ़ाइंग पावर का, तो अब मैं डायरेक्ट इस फॉर्मूले
को नहीं पुट कर सकता क्योंकि इस फॉर्मूले में मुझे FO और FE दोनों की जरूरत पड़ेगी। ठीक है? और मेरे पास देखो FO भी नहीं है, Fe भी नहीं है। ठीक? तो ये फार्मूला डायरेक्ट तो नहीं लगेगा। पहले मुझे एक काम कर लेना चाहिए। कोई भी एक वैल्यू निकाल लेना चाहिए। फॉर एग्जांपल मैं यहां पर मुझे ये me की वैल्यू दी गई है। चलो एक काम करूं। अगर मैं ऐसे बोलूं M = MO * ME तो अगर मैं यहां पर देखूं M की वैल्यू 20 है। MO की वैल्यू पता नहीं है। me की वैल्यू फाइव
है। तो यहां से MO की वैल्यू आ जाएगी मेरे पास कितनी? फोर। अब मुझे पता है मैग्नीिफाइंग पावर ऑफ ऑब्जेक्टिव लेंस का फार्मूला क्या होता है? चलो इसकी तो चलो मैंने निकाल लिया। या मैं डायरेक्ट भी मैं कर सकता हूं। मुझे पता है मैग्नीिफाइंग पावर आईपीस के लिए क्या होता है? तो 1 + d / fe कंपाउंड माइक्रोस्कोप में ये लगाते हैं। ठीक है? तो अब आप यहां पर ध्यान से देखिए। me की वैल्यू कितनी है? फाइव। देखो सारा खेल किसका है? फ़ूले का। और फ़ूले के अंदर आपको बस इतना दिमाग लगाना है। इसको रखूंगा
तो कौन सी वैल्यू निकल सकती है? इसको रखूंगा तो कौन सी वैल्यू? पैनिकिक नहीं होना है। चीजें आराम से हो जाएंगी। ठीक? तो देखिए, 1 + b की वैल्यू 20 है। Fe की वैल्यू 5 है। तो यहां पर मुझे क्या देखने को मिल रहा है? Fe की वैल्यू तो निकालनी है। Fe की वैल्यू तो निकालनी है। ठीक है? बहुत बढ़िया। तो यहां पर देखिए ये फाइव में से वन जाएगा तो फोर बचेगा 20 / FE। तो Fe की वैल्यू जो निकल के आई है ये हो गई मेरे पास फाइव। ठीक है? अब मुझे क्या निकालना
है? अब मुझे निकालना है यहां पर आई पीस की फोकल लेंथ तो आ गई। अब मुझे ऑब्जेक्टिव ही फोकल लेंथ निकालना है तो निकाल सकता हूं। टोटल मैग्नीफिकेशन यहां पर मेरे पास 20 लेंथ ऑफ़ ट्यूब 14 और इसके बाद ये fo मुझे निकालना है 1 + d / fe की वैल्यू d की वैल्यू 20 है। FE की वैल्यू अभी-अभी फाइव निकाली। तो 20 = 14 / FO ये कितना आ जाएगा? ये आ जाएगा 4 + 1 5 तो यहां पर आप इसको देखिए कि फाइव से ये कट गया 5 * 4 = दिस तो fo
की वैल्यू आ गई 14 / 4 14 / 4 कितना होता है 14 / 4 होता है 3 * 4 = 12 3.5 सेंमी तो यहां पर ऑब्जेक्टिव की फोकल लेंथ 3.5 आईपीस की फोकल लेंथ जो है फाइव हो गई। इसका मतलब ऑब्जेक्टिव छोटा है। आई पीस बड़ा है और यही कंपाउंड माइक्रोस्कोप में कंडीशन बनती है। ठीक है? चलिए इतनी आप इसका स्क्रीनशॉट ले लो। बार-बार बोल रहा हूं कि भाई साहब Telegram चैनल अभिषेक साहू सर फिजिक्स पे आपको जो है नोट्स मिल जाएंगे। इसके साथ-साथ आप जो है आपको और सारे क्वेश्चन प्रैक्टिस करने हैं
तो आप मेरी इस बुक एक्सीलेंस 95 प्लस से क्वेश्चंस को प्रैक्टिस कर सकते हैं। वीडियो के डिस्क्रिप्शन में लिंक दी जा रही है। दिस बुक विल बी सफिशिएंट फॉर यू गाइज़। ठीक है? फॉर योर एग्जाम्स। नाउ आगे बढ़ेंगे। अब देखिए स्क्रीनशॉट आप लोगों ने ले लिया होगा। फिर भी आगे बढ़ेंगे और अगला क्वेश्चन जो आपको मिल रहा है ये और देख लीजिए टेलिस्कोप पर। सो दैट आपके सारे कांसेप्ट जो है बढ़िया से क्लियर हो जाएंगे। और इन सभी क्वेश्चंस को करने के बाद आपको एक बात जरूर लगेगी कि चीजें टफ नहीं है। बिल्कुल आसान है।
बस आपको इन सारे फॉर्मूले को लगा लगा के देखना है। कभी-कभी हिट एंड ट्राई कंडीशन भी बन सकती है कि हमने लगाया आंसर नहीं आया तो दूसरा फार्मूला लगा लेते हैं। ठीक है? चलिए तो इसका मतलब ऐसा नहीं है कि कभी-कभी होगा कि आप एक बार में देख के हिट ना कर पाओ। हां। तो आराम आराम से थोड़ा सोचो कि भाई इस फार्मूले से ये निकाल लूंगा। इस फॉर्मूले से ये और ले जाकर के दोनों फॉर्मूले में बाद में पुट कर दूंगा। ठीक है? चलिए तो अब अब आप यहां पर देखिए क्या लिखा गया है?
द फोकल लेंथ ऑफ़ ऑब्जेक्टिव लेंस इज़ 1.25 सें.मी. आई पीस की फोकल लेंथ कितनी है? 5 सें.मी. यहां पे गिवन लिख लो क्योंकि मेरी आदत है कि मैं जितना पढ़ता हूं उतना लिख लेता हूं। 1.25 सें.मी. आई ऑब्जेक्ट की फोकल लेंथ है। आई पीस की फोकल लेंथ है 5 सें.मी. आगे क्या लिखा हुआ है? फाइंड द पोजीशन ऑफ़ ऑब्जेक्ट रिलेटिव टू ऑब्जेक्टिव। मतलब ऑब्जेक्टिव लेंस से ऑब्जेक्ट कहां रखा हुआ है? कितनी दूरी पर? ऑब्जेक्टिव लेंस से ऑब्जेक्ट कितनी दूरी पर रखा हुआ है? मतलब मुझे UO निकालना है। UO निकालना है। देखो, अब बच्चे क्या गलती
करते हैं? यही नहीं समझ पाते कि भाई पूछा क्या है? तो न्यूमेरिकल में क्वेश्चन पढ़ने की बहुत ज्यादाेंस होती है। ठीक है? इफ एंगुलर मैग्नीिफिकेशन ऑफ कंपाउंड माइक्रोस्कोप इज 30 यानी कंपाउंड माइक्रोस्कोप की एंगुलर मैग्नीिफिकेशन यदि 30 है तो तो कंपाउंड माइक्रोस्कोप की एंगुलर मैग्नीफिकेशन 30 होगी तो भाई साहब ये कंडीशन बनेगी। ठीक है? ये बात हो गई। आगे एंड फाइनल इमेज इज़ फॉर्म्ड एट नियर पॉइंट। कह रहा है कि फाइनल इमेज कहां बन रही है? नियर पॉइंट में बन रही है। नियर पॉइंट की वैल्यू अगर नहीं दी तो मैं आपको बता दूं नियर पॉइंट
मतलब एलडीडी जिसकी वैल्यू होती है 25 सें.मी. नहीं दी तो खुद से ये कंसीडर कर लेना होता है। आल्सो फाइंड लेंथ ऑफ ट्यूब। मतलब मुझे ट्यूब की लेंथ पता करनी है। मुझे ट्यूब की लेंथ पता करनी है। ठीक है? तो लेंथ ऑफ ट्यूब मुझे पता करनी है। तो अब कैसे पता करूंगा? सबसे पहला काम मुझे ये कर लेना है कि भाई साहब मुझे UO निकालना है। निकाल लूं? तो मैं UO की वैल्यू निकालूंगा। तो UO निकालने के लिए मैं सोचूं कि कैसे निकाल सकता हूं भाई? UO तो मैं ऐसे निकाल सकता हूं। FO = वन
मतलब इस फ़ूले से तो निकाल नहीं सकता। इस फ़ूले से तो निकाल नहीं सकता। 1 / FO = 1 / VO - 1 / UO अगर इमेज डिस्टेंस पता होती पहले वाले की तो निकाल सकता था। लेकिन अभी ये फार्मूला तो नहीं लगा पाऊंगा। ठीक है? तो सोचता हूं कि कैसे निकाला जा सकता है F ओ? FO कैसे निकाला जा सकता है? ठीक है? तो FO से पहले अच्छा F ओ तो पता है। UO नहीं पता ना मुझे। UO तो U और कैसे निकाल सकता हूं। तो एक काम कर लूं। एक काम करूं थोड़ा सा
ना यहां से कुछ-कुछ कंडीशन मिल जाएगी मुझे। अब देखो मुझे नहीं पता कैसे करना है। बट थोड़ा-थोड़ा क्योंकि मैं प्रैक्टिस कर रहा हूं तो मुझे मेरे दिमाग में हिट कर जाएगा कि भाई साहब ये ऐसी कंडीशन बना सकते हैं। सारा खेल किसका है? प्रैक्टिस का। ठीक है? प्रैक्टिस जितनी करोगे उतनी जल्दी आप चीजों को टैकल कर पाओगे। अब देखो ऐसा कर सकते हैं। मेरे पास m = m * me होता है कि नहीं होता है? हां सर होता है। टोटल मैग्नीफिकेशन 30 दी हुई है। एम ओ के बारे में कुछ होसी नहीं है। me क्या
me दिया है? बोला सर नहीं दिया। अगर me नहीं दिया तो me को तो मैं इससे निकाल सकता हूं। 1 + d / fe हां 30 = mo की वैल्यू नहीं पता। 1 प्लस देखो me का ये फार्मूला नहीं होता। कई बार बता दिया। d की जगह कितना है? 25 सें.मी. नियर पॉइंट के बारे में लिखा है तो ये ले लिया। फोकल लेंथ आई पीस के लिए कितनी है? 5 सें.मी. तो 30 = mo * ये कितना बन जाएगा? सिक्स। तो moम ओ की वैल्यू कितनी आ गई? फाइव। ठीक है? अब आई देखो जैसे मैंने
ये नहीं बताया आपको m = vo / uo 1 + d/ fe तो ये जो 1 + d/ fe है ये आई पीस की मैग्नीिकेशन ये जो v/ u है ये ऑब्जेक्टिव की मैग्नीिकेशन तो ये कंडीशन बनती है भाई साहब ये कंडीशन बनती है तो इसका मतलब एम ओ की जगह पे मैं क्या लिख सकता हूं vo / u अब अगर vo / u लिख लूंगा तो भाई साहब मुझे Uo निकालना है। ठीक है? तो क्या मैं VO को ऐसे लिख सकता हूं? 5 टाइम्स ऑफ़ UO लिख सकते हो सर। लिख सकते हो? बिल्कुल लिख
सकते हो। अब यही तो कांसेप्ट होता है कि मैं किसकी जगह क्या लिख सकता हूं? कैसे-कैसे इसको आगे बढ़ा सकता हूं। तो यहां से बन जाता है। अब देखो अब मुझे VO की वैल्यू पता पड़ गई। अब देखना नाउ मुझे UO निकालना है। तो क्या मैं ऐसा कर सकता हूं? 1 / fo = 1 / vo - 1 / uo तो 1 / fo = 1 / vo की जगह 5 टाइम्स ऑफ़ uo - uo 1 / fo इक्वल टू यहां पे कितना हो जाएगा? एलसीएम ले लूं तो एलसीएम में आ जाएगा 1 / uo
ये हो जाएगा 1 / 5 माइनस ये हो जाएगा 1 1 / fo = 1 / uo और ये हो जाएगा 1 - 5 / 5 तो ये जो है 1 / fo = 1 / uo ठीक है और ये माइनस का 4/5 बन गया तो fo की वैल्यू तो गिवन है हां fo की वैल्यू तो गिवन है कितना 1.25 सेंटीमी मीटर। तो यहीं पे पुट कर देता हूं 1.25 सें.मी. ठीक है? 1.25 सें.मी. तो अब अगर यहां से डेसिमल हटेगा तो ये ऊपर 100 और नीचे 125 हो जाएगा। अब अगर मैं इसको सॉल्व करूंगा
तो 5 25 * 4 = 100 25 * 5 = 125 तो ये 4/5 बन जाएगा। तो यहां से अगर मैं ऐसे देखूं तो यहां से अगर मैं देखूं तो ये कुछ ऐसी कंडीशन बन जाएगी। ये भी - का 4/5 बच रहा है। तो भाई साहब 4/5 और - का 4/5 तो ये तो बहुत दिक्कत वाली बात है कि UO की वैल्यू तो -1 सें.मी. आ रही है यार। यह तो नहीं हो सकता क्योंकि फोकल लेंथ के अंदर ऑब्जेक्टिव नहीं हो सकता। एक बार और ट्राई करूंगा। एक बार और ट्राई करूंगा। देख लेते हैं जरा।
तो 1 / fo 1 / fo की वैल्यू fo की वैल्यू 1.1.25 हो गई। VO की जगह लिख दिया मैंने 5 टाइम्स ऑफ़ UO। अच्छा। और ऑब्जेक्टिव की जगह क्या लिखना होगा मुझे यहां पे? तो, मुझे यह समझना है कि ऑब्जेक्टिव कहां रखा होगा? U कहां रखा होगा? U तो लेफ्ट में ही रखा होगा। है ना? पोजीशन जो होगी ऑब्जेक्टिव U तो लेफ्ट में होगी। तो यहां पर ले लिया मैंने प्लस का UO। ठीक है? तो ये प्लस का UO हो गया। अब यहां पे ये कितना बचेगा? ये बचेगा मेरे पास डेसिमल हटेगा ऊपर 100
नीचे 125। ठीक है? ये कितना हो जाएगा? 1 / UO तो कॉमन आ गया और यहां पे 1 / 5 + 1 बचेगा। ठीक है? ये 25 4 और 25 5 1 / UO ये बन गया मेरे पास 6/5 तो यहां पर ये कितना बन जाएगा? ये 5 से तो 5 कट गया। UO की वैल्यू कितनी आ गई? ये आ गई 6/4 6/4 का मतलब है 1.5 सें.मी. तो UO की वैल्यू 1.5 सें.मी. आ गई। कितनी आ गई? 1.5 सें.मी. ठीक है? क्या यही इसका आंसर हो रहा है? ठीक है? अब देखिए तो UO की
वैल्यू मैंने इतनी निकाल दी। अब मुझे निकालना चाहिए। तो आप ये समझ गए ना कि UO प्लस का क्यों लिया? क्योंकि लिया तो मैंने माइनस का। ये लेफ्ट में रखा था ना इसलिए UO की जगह माइनस का UO पुट किया है। ठीक है? नाउ बात समझ में आ गई? अब UO की वैल्यू मिल गई। अगर मुझे VO निकालना है यानी कि पहले वाले की इमेज कहां बनेगी? तो भाई हमें पता पड़ गया VO = 5 टाइम्स ऑफ़ दिस होता है। तो VO = 5 टाइम्स ऑफ़ 1.5 तो ये बन गया मेरे पास VO = 7.5
सें.मी. सर, इसकी जरूरत क्यों है? क्या ये निकालना था? निकालना पड़ जाएगा। ठीक है? क्यों? क्योंकि लेंथ ऑफ ट्यूब निकालना है। तो लेंथ ऑफ ट्यूब क्योंकि ये फार्मूला पूरा u और v के टर्म में चल रहा है। तो लेंथ ऑफ ट्यूब का ये फार्मूला बनता है। vo + uee तो अब मेरे मुझे मेरे पास टास्क है कि मैं ue और निकाल लूं। अब ue कैसे निकाला जा सकता है? तो आप यहां पर देखिए तो m = ue निकालने के लिए ue कैसे निकाला जा सकता है? तो मैं लिखूंगा फॉर आई पीस। Is के लिए 1
/ FE = 1 / V - 1 / UE ये फार्मूला है। ठीक है? अब ध्यान से देखिए कि अगर मैं बात कर रहा हूं FE की तो फोकल लेंथ आई पीस की कितनी बताई गई है? 5 सें.मी. इमेज कहां बन रही होगी? आप देख रहे हैं कि इमेज उसने क्या बोला? एट नियर पॉइंट यानी कि एलडी पे। एलडीीडी भी 25 सें.मी. क्योंकि लेफ्ट में इमेज बनेगी हमेशा तो माइनस का 25 ऑब्जेक्ट भी UE भी कहां रखा होगा? लेफ्ट में रखा होगा। तो इसको माइनस का ue कंसीडर कर लिया तो प्लस का ue हो गया।
अब अगर मैं इसको यहां पर ऐसे देखूं 1/ 5 + 1 / 25 हो जाएगा। इक्वल टू 1 / ue तो ue की वैल्यू कितनी आ गई? 25 ये बन गया 5 ये बन गया वन। तो ये मेरे पास 1 / ue आ गया। अब अगर मैं इसको सॉल्व कर रहा हूं तो ये मेरे पास UE = 25 / 6 आ जाएगा। UE = ये 6 * 4 = 24 41 4.14 के आसपास 4.16 के आसपास आ जाएगा। ठीक है? तो 4.1 ले लेता हूं। अच्छा काट दूं इसको 25 छ से 24 4.16 आ रहा
है। तो ये 4.16 सें.मी. यह हमारे पास जो है निकल के आ गया। 4.16 सें.मी. ये UE आ गया। ठीक है? तो बस लेंथ ऑफ़ ट्यूब मुझे निकालना है। तो L इक्वल टू VO की वैल्यू कितनी है? 7.5 7.5 प्लस ये कितना हो गया? 4.16 तो ये कितना आ रहा है कमेंट सेक्शन में? चार 10 1/2 11 1/2 मतलब 11.5 11.66 तो 11.66 सें.मी. ये हमारे पास फाइनल आंसर हो गया है लेंथ ऑफ ट्यूब का। उम्मीद करता हूं भाई इस तरीके से काफी सारे क्वेश्चंस मैंने आपको कंपाउंड माइक्रोस्कोप पे करवाए। आप इनको आराम से जो
है कर सकते हैं सारे क्वेश्चंस को। ठीक है? चलो अब मैं आपको ले चलता हूं भाई टेलीिस्कोप पर किस किस तरीके के क्वेश्चंस पूछे जाते हैं वो मैं आप लोगों को बता देता हूं। ठीक है? आगे बढ़ जाते हैं। अभी टेलीिस्कोप में जैसे आपको ये क्वेश्चन मिल रहा है और मैं कहूंगा कि भाई काफी इंपॉर्टेंट टाइप है ये। ठीक? पूछा जाता है और पूछे जाने के चांसेस बिल्कुल बने रहेंगे इस साल भी। क्या लिखा गया है? स्मॉल टेलिस्कोप देखो एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप ही तो पढ़ना है अपन। को टेरिस्टियल तो है ही नहीं। तो बस ये पढ़
लो आप। स्मॉल टेलिस्कोप हैज़ एन ऑब्जेक्टिव लेंस ऑफ़ फोकल लेंथ 150 सें.मी. भाई, एक स्मॉल टेलिस्कोप है जिसकी ऑब्जेक्टिव की फोकल लेंथ कितनी है? f = 150 सें.मी. ठीक है? नाउ, इसके बाद क्या है? आई पीस की फोकल लेंथ है 5 सें.मी. आई पीस की फोकल लेंथ कितनी है? 5 सें.मी. है। ठीक है? नाउ क्या लिखा गया है? व्हाट इज द मैग्नीिफाइंग पावर ऑफ टेलिस्कोप फॉर व्यूइंग डिस्टेंट ऑब्जेक्ट इन नॉर्मल एडजस्टमेंट? नॉर्मल एडजस्टमेंट का मतलब होता है इंफिनिटी पर इमेज। व्हाट इज द मैग्नीिफाइंग पावर ऑफ टेलिस्कोप इन इंफिनिटी? तो भाई इंफिनिटी के लिए मैग्नीिफाइंग पावर
का फार्मूला क्या कंडीशन क्या है? मोड मैग्नीट्यूड ऑफ़ FO / FE नेगेटिव वैल्यू नहीं मैग्नीट्यूड ऑफ़ FO / FE. ठीक है? तो M = मैग्नीट्यूड ऑफ़ FO / FE यानी कि नेगेटिव आंसर नहीं आना चाहिए। तो ये कितना बन जाएगा? ये बन जाएगा 30। तो ये हमारा पहले का आंसर आ गया। मैग्नीिफाइंग पावर 30 आ गई हमारी इंफिनिटी पर इमेज जब बन रही है तो नॉर्मल एडजस्टमेंट कह दे तो इंफिनिटी बन रही है। आगे लिखा गया है इफ दिस टेलिस्कोप इज यूज्ड टू व्यू 100 मीटर टॉल टावर भाई इस तरीके के क्वेश्चन समझ लो काफी
इंपॉर्टेंट बात है। कह रहा है कि यदि इस टेलिस्कोप से हम 100 मीटर लॉन्ग टावर देख रहे हैं जो कि 3 कि.मी. की दूरी पर है। ठीक है? व्हाट इज द हाइट ऑफ इमेज ऑफ टावर फॉर्म्ड बाय ऑब्जेक्टिव लेंस? आप ये समझ लो कि भाई देखो फॉर्म्ड बाय ऑब्जेक्टिव लेंस। देखिए बहुत सिंपल सी बात कही है उसने। उसने क्या कहा है कि देखो ऐसा है कि ये हमारे पास ऑब्जेक्टिव लेंस है। यहां पे कुछ टावर होगा। यहां पे कुछ टावर मान लेते हैं। ठीक? ये टावर हो गया। ठीक है? नाउ ध्यान से देखिए। ये टावर
कितनी दूरी पर है? 3 कि.मी. की दूरी पर है। 3 कि.मी. की दूरी पर है। 3 कि.मी. मतलब 3000 मीटर। ठीक है? बहुत बढ़िया। अब आप मुझे एक बात बताइए कि 3000 मीटर की दूरी पर है। अब जैसे देखो कोई भी लाइट रेज वगैरह है ये टावर तीन से 3000 मीटर की दूरी पे यानी 3 कि.मी. की दूरी पर है। अब 3 कि.मी. इतनी बड़ी प्रिंसिपल एक्सिस तो होती नहीं है। तो इसका मतलब है इतनी दूरी से अगर कोई लाइट रेज आ रही होंगी तो हम उनको क्या मानेंगे कि इंफिनिटी से आ रही हैं। तो
भाई और भी लाइट रेज होंगी जो इंफिनिटी से आ रही हैं। मैं एक ही लाइट बना देता हूं। ठीक है? तो अब आप ये बताइए इंफिनिटी से आने वाली लाइट रेज कहां पे इमेज बनाती है? बोला फोकस पे। फोकस पे इमेज बनाती है। तो भाई साहब ये जो डिस्टेंस होगी कितनी होगी? ये फोकल लेंथ के बराबर ही तो होगी। देखो ये क्या है? देखिए क्या लिखा है? टावर कहां पे है? बोला 3 कि.मी. की दूरी पे है। तो 3 कि.मी. जो डिस्टेंस है उसको हम प्रिंसिपल एक्सिस पे तो मानेंगे नहीं। उसको हम बोलेंगे अवे फ्रॉम
प्रिंसिपल एक्सिस। यानी कि हम इसको बोलेंगे इंफिनिटी। और इंफिनिटी से सभी लाइट रेज आकर के जिस पॉइंट पे मीट करती हैं उस पॉइंट को हम बोलते हैं फोकस। और यहां पे फोकस पे इमेज बन रही है। तो भाई साहब ये जो इमेज डिस्टेंस है ये जो इमेज डिस्टेंस है ये इसके फोकस के बराबर होगी। और फोकस कितना है? फोकस है ऑब्जेक्टिव का 150 सें.मी. कितना है? 150 सें.मी. 150 सें.मी. ठीक है? 150 सें.मी. नाउ निकालना क्या है? हाइट ऑफ़ ऑब्जेक्ट तो मुझे पता है। हाइट ऑफ़ ऑब्जेक्ट तो मुझे पता है। मुझे क्या पता नहीं है
हाइट ऑफ इमेज? ये निकालना है। यही तो बोला है कि व्हाट इज द हाइट ऑफ इमेज? इमेज की हाइट निकालिए। अच्छा एक और बात बताओ। ऑब्जेक्ट से आने वाला एंगल कितना बनता है? बोला अल्फा बनता है। ठीक है? चलिए। तो यहां पर मुझे क्या करना है? मैग यहां पर मुझे क्या करना है? बहुत सिंपल सा फार्मूला लगेगा कि भाई hi / ho = फार्मूला होगा vo / uo बस ये फार्मूला लगाओ तो hi की वैल्यू क्या है मुझे नहीं पता ho की वैल्यू क्या है ho की वैल्यू ऑब्जेक्ट डिस्टेंस कितना है 100 मीटर हाइट ऑफ़
टावर इज़ 100 मीटर तो 100 मीटर VO कितना है तो मैं इसको वन 1.5 मीटर लिख लेता हूं UO कितना है ऑब्जेक्ट डिस्टेंस 3000 मीटर तो अब आप यहां पर देखिए कि कैंसिल हो जाएगा। ये कुछ ऐसे सीन बनेगा। ये डेसिमल हटाया ये आ गया। तो hi = 1 / 15 / ये तो 120 बन जाएगा। काटो काटापीटी करोगे ना आप इसकी दो ज़ीरो दो ज़ीरो कट गई। डेसिमल हटाया एक ज़ीरो आ गई तो और नीचे 300 तो 1/20 और 1/20 मीटर में है। तो अगर मैं हाइट ऑफ इमेज निकालूंगा हाइट ऑफ इमेज तो कितना
आ जाएगा? 0.5 0.05 सेंटीमीटर पक्का। अच्छा सेंटीमीटर में कन्वर्ट कर कर लूं ना डायरेक्ट। डायरेक्ट ही कन्वर्ट कर लेता हूं। 1 / 20 100 का इंटू कर दो तो सेंटीमीटर में आ गया। तो ये कितना आ गया? 5 सें.मी. तो इमेज की हाइट कितनी बनेगी? 5 सें.मी. ठीक है? 5 सें.मी. मैं यहां पे मोड लगा देता हूं भाई साहब। मोड। सो दैट आप सारी वैल्यू्यूज पॉजिटिव ले तो हाइट ऑफ इमेज कितनी आ गई? 5 सें.मी. ठीक है? इस तरीके से आप कर सकते हैं। बहुत ही बेसिक और सिंपल सा क्वेश्चन दिया गया। ठीक है? अब
देखिए अब मैं आपको ऐसा ही एक क्वेश्चन और करवा देता हूं। सो दैट ये झंझट ही खत्म हो जाए। ठीक है? देखिए। और ये क्वेश्चन एक्चुअल में पूछे जाते हैं और पूछे जाएंगे। ठीक? क्या लिखा गया है इस क्वेश्चन में? ए जॉइंट रिफ्रेक्टिंग टेलिस्कोप हैज़ एन ऑब्जेक्टिव लेंस ऑफ़ फोकल लेंथ 15 मीटर। भाई आप मुझे कमेंट सेक्शन पर इतना बताइए कि हां सर मुझे बढ़िया लगा आज पढ़ के। ठीक है? एक आखिरी डेर आखिरी क्वेश्चन मैं आपको यहां पे करवाता हूं। बहुत ही जल्दी। मतलब जितनी जल्दी पॉसिबल हो सकेगा मैं आपको नेक्स्ट चैप्टर वेव ऑप्टिक्स
की जो लेक्चर है वो लेकर के आ जाता हूं। ठीक है? देखिए क्या लिखा गया है? एक जॉइंट रिफ्रेक्टिंग टेलिस्कोप है जिसका ऑब्जेक्टिव की फोकल लेंथ है 15 मीटर। यानी कि एफ ओ 15 मीटर यानी कि 1500 सें.मी. ठीक है? 15 मीटर को कन्वर्ट कर लिया। आई पीस की फोकल लेंथ कितनी दी गई है? आई पीस की फोकल लेंथ है 1 सें.मी. ठीक है? बहुत बढ़िया। व्हाट इज एंगुलर मैग्नीिफिकेशन? एंगुलर मैग्नीिकेशन मुझे निकालनी है। एंगुलर मैग्नीिफिकेशन मतलब मुझे m की वैल्यू निकालनी है। क्लियर है? तो मुझे एंगुलर मैग्नीिफिकेशन निकालनी है। यहां पे कंडीशन तो नहीं
दी के आपको एंगुलर मैग्नीफिकेशन कब निकालनी है? एलडीबी पे कि इंफिनिटी पे? तो भाई मेरे लिए तो सिंपल वाली कंडीशन क्या है? ये सिंपल कंडीशन है। FO / FE डिवाइड करूंगा 1500 सें.मी. बाय 1 सें.मी. सें.मी. सें.मी. कट्टस तो M = 1500 आ गया। 1500 आ गया। ठीक है? बहुत बढ़िया। ठीक? अब इसके बाद आप लोगों को ध्यान रखना है। इसके बाद आप लोगों को ध्यान रखना है के इफ टेलिस्कोप इज़ यूज्ड टू व्यू। देखिए क्या लिखा गया है? क्या लिखा गया है? इफ दिस टेलिस्कोप इज़ यूज्ड टू व्यू मून। अगर हम इस टेलिस्कोप से
मून देखते हैं। व्हाट इज द डायमीटर ऑफ इमेज फॉर्म्ड बाय ऑब्जेक्टिव लेंस? कह रहा है कि ऑब्जेक्टिव लेंस से क्या इमेज डायमीटर होगा इमेज का। ठीक है? तो बहुत सिंपल सी बात है। आप ऐसे समझ लो कि ये मेरे पास ऑब्जेक्टिव लेंस हो गया। ठीक है? आप ऐसे मान लो कि भाई मैं ना ऐसे देख लेता हूं। लेट्स से ये पूरा मून है। मून ही हो गया। वैसे मैं आधा-आधा आधा ऊपर आधा नीचे दिखाता। लेकिन पूरी-पूरी बात कर लेता हूं। ठीक? देखिए तो इफ क्या लिखा है? इफ दिस टेलिस्कोप इज यूज्ड टू व्यू द मून।
बोला मून देखा जा रहा है। व्हाट इज डायमीटर ऑफ़ इमेज? बोला इमेज का डायमीटर क्या होगा? हां ऑफ़ मून फॉर्म्ड बाय ऑब्जेक्टिव लेंस? ऑब्जेक्टिव लेंस जो भी इमेज बनाएगा उसका डायमीटर क्या होगा? द डायमीटर ऑफ़ मून इज़ 3.48 * 10 पावर 6 मीटर। तो मैं ये मान लेता हूं कि भाई ये जो वैल्यू है ना इसको मैं हाइट ऑफ ऑब्जेक्ट मान लेता हूं। लेट्स से मैं ये मान रहा हूं कि भाई मून प्रिंसिपल एक्सिस के ऊपर रखा है। मैंने ये मान लिया कि मून जो है मैंने ये मान लिया कि मून जो है ये प्रिंसिपल
एक्सिस के ऊपर है। हाइट ऑफ़ ऑब्जेक्ट मान लिया। तो बेसिकली ये पूरी जो वैल्यू है दैट इज़ कॉल्ड डायमीटर। तो डायमीटर मतलब हाइट ऑफ़ ऑब्जेक्ट। 3.48 * 10 टू दी पावर 6 भाई। डायमीटर का मतलब क्या होता है? नीचे कोने से ले ऊपर वाले कोने तक। तो नीचे से ले ऊपर तक ये पूरी वैल्यू तो मैंने मून की मान ली। ठीक है? तो ये हाइट ऑफ़ ऑब्जेक्ट हो गई। ठीक है? द रेडियस ऑफ़ ल्यूनर ऑर्बिट। रेडियस ऑफ़ ल्यूनर ऑर्बिट। भाई देखो हम देख रहे हैं धरती पे बैठ गए। तो हम धरती पे हैं। मून यहां
पे है। तो मून जिस ऑर्बिट में घूम रहा है। मून कुछ इस प्रकार से घूम रहा है। ऐसे मून कुछ ऐसे घूम रहा है। ऐसे घूम रहा है। घूम रहा है कि नहीं घूम रहा? तो मून कुछ इस प्रकार से घूम रहा है। मून ऐसे घूम रहा है। अरे देखो ना मून ऐसे घूम रहा है। तो इसकी जो रेडियस है इसी को तो बोलूंगा रेडियस ऑफ ल्यूनर ऑर्बिट। बोलूं कि नहीं बोलूंगा? हां सर। तो बेसिकली ये जो रेडियस ऑफ़ ल्यूनर ऑर्बिट है ये क्या है? मून से लेके अर्थ तक की डिस्टेंस यानी कि मून से
लेके टेलिस्कोप तक की डिस्टेंस को कहा जा रहा है। तो इसका मतलब ये जो डिस्टेंस आप देख रहे हो UO UO जो आप देख रहे हो दिस इज़ नथिंग बट रेडियस ऑफ़ ल्यूनर ऑर्बिट। कितना है? कितना है? 3.8 10 पावर 8 3.8 10 पावर 8 मीटर मीटर में दिया हुआ है। ठीक है? बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। इससे सुंदर क्या हो सकता है? चलिए। अब इसकी बन रही होगी भाई साहब। इमेज ये इमेज बन रही होगी। इसकी यहां पर इमेज बन जाएगी। अगर ये एंगल अल्फा है तो ये वाला एंगल भी अल्फा हो जाएगा। हो जाएगा
कि नहीं हो जाएगा? बिल्कुल होना चाहिए। बिल्कुल होना चाहिए। ठीक चलिए अच्छी बात है। नाउ अभी ध्यान से देखेंगे। ये HO ये HI बताइए क्या कोई प्रॉब्लम है इसके अंदर? क्या कोई परेशानी है इसके अंदर? अगर नहीं है तो कोई बात ही नहीं है। ठीक। अब आप मुझे बस इतनी बात बता दो कि भाई मून तो इंफिनिटी पे कंसीडर करते हैं। हां सर करते हैं। तो भाई साहब जहां पे ये फाइनल इमेज जहां पे इसकी इमेज बन रही होती है जब इंफिनिटी पे है तो लाइट रेज़ पैरेलल होंगी। और पैरेलल लाइट रेज़ जिस जगह पे
जाके मीट करती हैं। पैरेलल लाइट रेज़ जिस जगह पे जाके मीट करती हैं वहीं पर क्या बनती है? इमेज। तो भाई वहीं पे बनती है इमेज। तो इसका मतलब ये हो गया। इसका मतलब ये हो गया कि दिस इज़ VO = FO = कितना? FO की वैल्यू 1500 सें.मी. यानी कि 15 मीटर बन जाएगी। ठीक है? तो बस सारी वैल्यू्यूज तो आ गई मेरे पास। बस कुछ भी नहीं करना। hi / ho = VO/ UO लगाओ। आंसर आ जाएगा। ठीक है? देखिए जरा। तो hi / ho VO/ UO hi की वैल्यू कितनी है? हाइट ऑफ
इमेज निकालना है। हाइट ऑफ इमेज ही डायमीटर ऑफ इमेज कहलाएगा। ठीक है? HO की वैल्यू 3 48 * 10 टू दी पावर। तो मैं सिंपल ऐसे लिख लेता हूं ना। सॉल्व कर लो। सॉल्व करके आंसर निकाल दो। कमेंट सेक्शन में आपका इंतजार कर रहा हूं। मीटर में सेंटीमीटर में बताइए। कमेंट सेक्शन में आपका वेट कर रहा हूं। कैलकुलेशन मात्र आपके लिए छोड़ी और सारा कुछ मैंने करा दिया। ठीक है? तो ये आपका ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट कंप्लीट हो जाता है। अब आपको चाहिए कि आप थोड़ी सी और क्वेश्चन प्रैक्टिस करेंगे। डायमंड प्रो सीरीज लेकर के आ रहा
हूं इस साल के लिए। बहुत खतरनाक जोरदार दमदार सीरीज होने वाली है। तो उसका इंतजार करिएगा और उसको फॉलो करिएगा। एक सिंगल वीडियो भी उसकी छूटनी नहीं चाहिए। सभी दोस्तों को दबा के शेयर करना डायमंड pro सीरीज को जो कि 25th ऑफ नवंबर से स्टार्ट हो रही है बच्चों। ठीक है? तो उम्मीद करूंगा आप लोग उसको अच्छे से पढ़ेंगे और अच्छे से चीजों को समझेंगे। ठीक है? चलिए अभी के लिए इतना ही रखते हैं। मिलेंगे आपसे नेक्स्ट वीडियो वेव ऑप्टिक्स में। तब तक के लिए थैंक यू सो मच। थैंक्स अ लॉट। सी यू गाइस इन
द नेक्स्ट वीडियो। थैंक यू। थैंक यू। थैंक यू। थैंक यू बच्चों। थैंक यू।