ये कोई आम तस्वीरें नहीं। यह बदलते यूपी की निशानी है। [संगीत] [संगीत] आज की तारीख यूपी के हिस्से में एक नए माइलस्टोन को अचीव कर इतिहास लिख रही है। दोस्तों आज इनोग्रेट हो रहा है यूपी का ग्रीन एनर्जी बूस्टर। मेक इन इंडिया और ईवी हब को रफ्तार देने वाला यूपी के लोगों को नए रोजगार देने वाला वो इंडस्ट्रियल प्लांट जिसने रिकॉर्ड 16 मंथ में तैयार होकर अपने आप में एक नया इतिहास रच दिया है। [संगीत] दिस इज अशोक लीलैंड लखनऊ प्लांट। [संगीत] आज के इस वीडियो में दोस्तों ना सिर्फ इस प्लांट को हम आपको अंदर
से दिखाएंगे बल्कि यह भी बताएंगे कि कैसे Ashok Leeland जो Hinduj ग्रुप का हिस्सा है। भारत की दूसरी सबसे बड़ी कमर्शियल व्हीकल निर्माता कंपनी है। वही कंपनी जिसने भारत की सेना से लेकर सड़कों तक हर जगह अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। उसने यूपी में अपना यह प्लांट लगाया है। इस प्लांट से कैसे लोगों की लाइफ में मेजर इफेक्ट पड़े हैं और कितना और कैसा मिला यूपी गवर्नमेंट का इस ऐतिहासिक ईवी मैन्युफैक्चरिंग [संगीत] प्लांट को सेटअप करने में। कैसे Ashok Leeland का यह प्लान बदलने वाला है यूपी की तस्वीर। मैं डॉ. एस के चड्डा। माइसेल्फ
इज द प्रेसिडेंट ऑफ द हिंदू जा ग्रुप कॉर्पोरेट अफेयर्स। मेरे को आज बड़ी खुशी हो रही है कि मैं उत्तर प्रदेश की पावन धरती पे लखनऊ में हूं इस वक्त। और यह हमारा Ashok Leeland का Hinduj ग्रुप जो हमारा सबसे बड़ी फ्लैकशिप कंपनी है Ashok Leeland वर्ल्ड वाइड रनोन एंड द फोर्थ लार्जेस्ट प्लेयर इन द वर्ल्ड वाइड रैंकिंग एंड हम आज यहां पे खड़े हैं। मेरा नाम शक्ति सिंह यादव है। मैं यहां प्लांट हेड की कैपेसिटी में हूं। देखिए यूपी एक बहुत बड़ा राज्य है जैसा हम सब जानते हैं। लगभग 30% पॉपुलेशन यहां पे है।
और जैसा कि गवर्नमेंट का विज़न है कि नॉन पोलटिंग व्हीकल्स यहां पे डेप्लॉयमेंट करेंगे गोइंग फॉरवर्ड। तो उसी विजन को हम लोग सपोर्ट करने के लिए Ashok Leeland का लखनऊ प्लांट हम लोगों ने इलेक्ट्रिक व्हीकल बेस जो है लगाने के लिए सोचा है। [संगीत] इस समय जहां हम है दोस्तों यह है Ashok Leeland की ईवी बस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट जो राजधानी लखनऊ में स्कूटर इंडिया चौराहे सरोजनी नगर में [संगीत] मात्र 16 महीनों में बनकर तैयार हो चुकी है। ये प्लांट जो है हाईवे से कनेक्टेड है। हम क्योंकि इस तरह के प्लांट जब हम लगाते हैं तो
इसको लाने के लिए जो भी इक्विपमेंट लगते हैं जो मशीनरी लगती है वो इतनी हैवी होती है कि उसको प्लांट तक पहुंचाना एक बड़ा चैलेंज होता है। तो ये एक सबसे ज्यादा जरूरी काम यह है क्योंकि हाईवे से कनेक्टेड है और यह लखनऊ एयरपोर्ट से भी कनेक्टेड है। सो ट्रांसपोर्टेशन पॉइंट ऑफ व्यू से एक ईज है। दैट इज वन पॉइंट। दूसरा क्या है? क्योंकि यह प्लांट जो है हम लोग जो लगा रहे हैं प्लांट [संगीत] इसमें जो गाड़ियां बनेंग उनका साइज भी एक्चुअली उतना बड़ा होता है कि उनको ट्रांसपोर्टेशन के लिए भी हमको ईज ऑफ
ट्रांसपोर्टेशन देखना पड़ता है। तो उस पॉइंट ऑफ व्यू से देखेंगे तो यह लोकेशन काफी अच्छी है। दोस्तों कभी इसी जगह पर स्कूटर इंडिया लिमिटेड के सफर का अंत हुआ था। आज वहीं ग्रीन एनर्जी बूस्टर के रूप में एक नई शुरुआत हो रही [संगीत] है। आज यानी 9 जनवरी 2026 को सीएम योगी और रक्षा मंत्री व लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह जी की उपस्थिति में Ashok Leeland के इस प्लांट का उद्घाटन होने जा रहा है। 70 एकड़ में कंस्ट्रक्टेड इस प्लांट के लिए Hinduja ग्रुप द्वारा 1500 करोड़ का इन्वेस्टमेंट एमओयू साइन हुआ था। सितंबर 2023 में
फरवरी 2024 में सीएम योगी की उपस्थिति में अशोक लेलैंड के इस ईवी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए भूमि पूजन किया गया था और अब शुरू हो गया है मॉडर्न टेक्नोलॉजी के साथ ईवी बसेस का यहां पर निर्माण। [संगीत] इस प्लान में पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक [संगीत] बसेस का निर्माण किया जाएगा। भविष्य में इलेक्ट्रॉनिक, इंटरसिटी, इंटरस्ट, ट्रांसपोर्ट बसेस का कंस्ट्रक्शन, उत्तर प्रदेश सहित देश के अलग-अलग राज्यों के लिए ईवी बसेस की सप्लाई होगी। यहीं से शुरुआती चरण में ढाई हजार बसेस बनाने का प्रतिवर्ष क्षमता रखी गई है। जिसे विद सम एडिशन इंस्टेंट ही 5000 में भी बढ़ाया
जा सकेगा। [संगीत] ये प्लांट बेसिकली इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, अल्टरनेट फ्यूल्स और हाइड्रोजन बेस व्हीकल्स सभी के लिए कैपेबल है। फ्लेक्सिबल प्लांट है और इसमें हम लोग एक साल में 2500 बसेस जो है बना सकते हैं। चसीस और बस एक साथ मिला के और इसकी जो कैपेसिटी है वो 2500 से 5000 तक हम लोग एक्सपेंड कर सकते हैं। यहां केवल पार्ट्स जोड़ना नहीं बल्कि चेस असेंबली, बॉडी फिटमेंट, मोटर, बैटरी और कंट्रोल सिस्टम का इंटीग्रेशन, फाइनल फिट फिनिश यानी कंप्लीट व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस यहीं से होगा। [संगीत] [संगीत] हालांकि बैटरी सेल बाहर से आती है लेकिन यहां बैटरी पैक
असेंबली, थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम, पावर इलेक्ट्रॉनिक इंटीग्रेशन, मोटर कंट्रोल टेस्टिंग जैसे हाई वैल्यू ईवी कॉमोनेंट्स पर काम किया जाएगा। [संगीत] हर ईवी बस को यहां सेफ्टी टेस्टिंग, रेंज एंड परफॉर्मेंस चेक, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी टेस्ट, रोड सिमुलेशन टेस्ट से गुजारा जाएगा। यह हिस्सा खासतौर पर सरकारी और स्टेट ट्रांसपोर्ट बसों के लिए बहुत अहम होता है। यहां की बसेस जब यहां की सड़कों पर दौड़ेंगी तो नजारा कुछ खास ही होगा और खास यह बसेस इसलिए भी हैं क्योंकि यह ग्रीन एनर्जी को बूस्ट करती हैं। मतलब डीजल बसों की जगह अब इलेक्ट्रॉनिक बसेस चलेंगी जिससे कम प्रदूषण, ज्यादा स्मार्टनेस और
स्वच्छ भारत की दिशा में एक ठोस कदम होगा। भविष्य में मुझे लगता है कि यह एक यूपी के लिए और पूरे उसके लिए एक मेन जो है मुझे लगता है कि मील का पत्थर साबित होगा। वो इसलिए क्योंकि आगामी वर्षों में जैसा कि सरकार की योजना है कि सब जो है डीजल गाड़ियों को ये लोग इलेक्ट्रिक व्हीकल में कन्वर्ट करेंगे। सो हमारी क्षमता जो अभी 2500 बस पर ईयर है उसको हम लोग 5000 इमीडिएटली कर सकते हैं बाय एडिंग सम फैसिलिटी। एंड उसके बाद जो है हम लोग फदर ऐसे ही मॉड्यूल और भी लगा सकते
हैं। अभी के लिए तो हम लोगों ने यूपी में Ashokland की तरफ से यह प्लांट लगाया है। बाकी की जो है हमारे कॉर्पोरेट की तरफ से ग्रुप हिंदूजा ग्रुप की तरफ से डिस्कशन जो है सरकार के साथ में है। सो उसमें रिन्यूएबल एनर्जी से रिलेटेड कुछ इन्वेस्टमेंट बातें चल रही हैं। तो वो आने वाले समय में पता चलेगा। आने वाले समय में यह मेक इन इंडिया को भी एक नई रफ्तार देगा क्योंकि पूरी तरह से भारत में निर्मित यह बसेस विदेशों तक भी एक्सपोर्ट की जा सकेंगी जिससे विदेशों में भी मेक इन इंडिया का डंका
बजेगा। कुल मिलाकर कहें तो यह यूपी के ग्रोथ में एक नया रेवोल्यूशन लेकर आने वाला है। लेकिन हर रेवोल्यूशन हर बड़े बदलाव के पीछे कड़ी मेहनत भी होती है। और इस तरह की किसी भी इंडस्ट्री को किसी भी स्टेट में लाने के लिए वहां की गवर्नमेंट का बहुत बड़ा रोल होता है। और Ashok Leeland यहां पर अपनी एक इंडस्ट्री डाले। इसके लिए खुद सीएम योगी ने हिंदूजा ग्रुप के साथ में बैक टू बैक मीटिंग्स की थी। देखिए और खुद इनवॉल्व हुए सीएम साहब आप हर एक मीटिंग में फोर्टाइटली या महीने के बाद मीटिंग पूछ लेते
थे कोई दिक्कत तो नहीं है ये कितनी बड़ी बात है देश का इतने बड़े देश का मुख्यमंत्री और हम हम तो दुनिया में एक ही मैसेज जाता है मैडम इट्स वेरी क्लियर मैसेज है कि दुनिया में माननीय प्रधानमंत्री जी का जैसे आज देश के तरक्की में बड़ा योगदान है तो जब स्टेट में सीएम साहब लीडरशिप है देश में प्रधानमंत्री जी हैं तो दोनों का कॉम्बिनेशन से यूपी में एक बहुत खुशहाली का और बड़ा स्ट्रांग एक एटम बना है अच्छा जिसमें इंडस्ट्री डेवलपमेंट प्रोग्राम्स इन्वेस्टमेंट ओपोरर्चुनिटीज का ये एक डेस्टिनेशन बना है। महाराज जी ने कहा है
कि यहां पे हम लोग और सेक्टर में भी आए और हमारे ग्रुप के सीईओस हैं काफी ग्रुप कंपनी के सीईओस अभी आएंगे वो अपना डिसाइड करेंगे। कुछ और बड़ी जो प्रोजेक्ट्स है अनाउंस करेंगे। हमारे चेयरमैन अशोक हिंदूजा जी, आकाश जी [संगीत] एंड धीरज हंदूजा, अजय हूजा ये सब शो ये सब लोग आ रहे हैं यहां पे। सब लोग चीनू और काफी ग्रुप कंपनीज के सीईओस भी आएंगे हम लोग तो फिर देखेंगे अच्छा होगा तो करेंगे। इस फैक्ट्री के लिए जमीन खरीदने के लिए यूपी गवर्नमेंट ने 75% की सब्सिडी दी थी। निवेश मित्र के जरिए किसी
भी चैलेंज पर इंस्टेंट स्यूशन प्रोवाइड कराने से सबसे कम समय में रेडी टू ऑपरेशन वाली यह फैक्ट्री है। गवर्नमेंट ने जो सिंगल विंडो पोर्टल निवेश मित्र लगाया है जिसमें सारी अप्रूवल्स जो हैं आपको ऑनलाइन लेनी होती हैं। इस तरह का प्रोविजन बाकी किसी राज्य में नहीं है। और ये एक बिल्कुल ऐसा पोर्टल है जिसकी वजह से जितनी गवर्नमेंट्स की अप्रूवल्स हैं जिसमें बहुत टाइम लग जाता है। आपको हर डिपार्टमेंट में जाना पड़ता है। लगभग 43 डिपार्टमेंट्स है। उसकी कुछ 500 अप्रूवल्स होती हैं। यूपी में निवेशित के थ्रू जो कि इन्वेस्ट यूपी का एक वो है
उसमें ये सारी अप्रूवल आपको ऑनलाइन मिल जाती है। और अगर उसमें कोई दिक्कत आती है तो इन्वेस्ट इन्वेस्ट मितit से बात करके उन सबको हम लोग रिॉल्व कर सकते हैं। इस तरह के प्रोजेक्ट तैयार करने में अप्रोक्सिममेटली 38 मंथ्स लग जाते हैं। 40 मंथ्स के लिए और ये 16 महीने में हुआ। ये एक बड़ी एग्जांपल है। ये तभी पॉसिबल हो सकता है जब ऊपर से सब लोग नीचे तक सब लोग सपोर्ट करें। Ashok Leeland का यह प्लांट सिर्फ ईवी बसेस ही नहीं बनाएगा बल्कि यह बनेगा स्किल डेवलपमेंट एंड ट्रेनिंग का एक अनोखा सेंटर भी। मतलब
यह प्लांट केवल उत्पादन नहीं करेगा बल्कि लोकल युवाओं को ईवी टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग। आईटीआई पॉलिटेक्निक बैकग्राउंड वालों को अपस्िलिंग, ईवी मेंटेनेंस एंड सेफ्टी ट्रेनिंग भी देगा। टेक्नोलॉजी इसमें स्किल डेवलपमेंट सेंटर सबसे बड़ा बना है ये आप आपने देखा है आज तो दैट इज द वन ऑफ द बिगेस्ट सेंटर वो वो माननीय मुख्यमंत्री जी का सपना है कि मेरे देश की बच्चियां को ट्रेन किया जाए और यही वजह है कि यह लॉन्ग टर्म एंप्लॉयमेंट जनरेशन माना जा रहा है। बहरहाल इसने ऑलरेडी तमाम रोजगार देकर लोगों कीिंदगियों में बदलाव शुरू कर दिया है। मेरा नाम हेमंत सिंह
है। मैं आगरा का रहने वाला हूं। इससे पहले मैं उत्तराखंड में पिछले 20 साल से जॉब कर रहा था। लेकिन जैसे ही मुझे पता पड़ा लखनऊ प्लांट यहां पे यूपी गवर्नमेंट ने लगवाया है तो मैंने इंटरनल ट्रांसफर लिया है। मैं पहले अशोक leeland के पन्नगर प्लांट से इधर लेके आया जिससे मेरा अब आगरा का डिस्टेंस और आना जाना बहुत इजी हो चुका है। जिससे मेरी फैमिली भी काफी खुश है। मेरा नाम चंद्रमोहन है। मैं लखनऊ निवासी हूं। मैं एक अशोका लीन कंपनी में काम करता हूं। जहां जो प्लांट यहां जब से पड़ा हुआ है तब
से हमारे और हमारे परिवार का पालन पोषण अच्छी तरीके से हो रहा है। मैं तहे दिल से सरकार का धन्यवाद बोलता हूं। मेरा नाम चंद्रशेखर लोहनी है। मैं जिला अल्मोड़ा उत्तराखंड का रहने वाला हूं। मैं अशोक लैंड में लास्ट सितंबर मंथ से काम कर रहा हूं। एज अ सेफ्टी ऑफिसर मैं यहां पर लोगों की सेफ्टी का पूरी तरीके से ध्यान रख रहा हूं। मेरा नाम रजनीश कुमार। मैं सीतापुर का रहने वाला हूं। मैंने 17 जुलाई को Ashok Leeland जॉइ किया। अपने लखनऊ में काम कर रहा हूं। Ashok Leeland में। हम योगी सरकार की तरफ से
अपने ही उत्तर प्रदेश में रोजगार पाए। इसीलिए यूपी गवर्नमेंट का बहुत-बहुत तहे दिल से धन्यवाद। मेरा नाम अमित कुमार है। मैं कानपुर का यूपी का रहने वाला हूं और मैं अशोक लीलैंड में 27 जुलाई 2025 को जॉइनिंग की। मैं यहां पर काम करा और मुझे यहां पर काम करके बहुत अच्छा लग रहा है मुझे। बहुत अच्छा किया मैम धन्यवाद कहेंगे के लिए और मेरे से फैमिली भी बहुत खुश है इसमें। मेरा नाम धीरज है और मैं अंबेडकर नगर का रहने वाला हूं और 27 जुलाई 2025 से मैं इस कंपनी Ashok Leeland में कार्यरत हूं और
मुझे इस कंपनी में काम करते लगभग 6 महीने हो गए हैं और मैं इस कंपनी में काम करते बहुत अच्छा फील कर रहा हूं। मैं यूपी से बाहर एक बार राजस्थान और पुणे भी जा चुका हूं। इन राज्यों से बेटर यूपी में यहां लखनऊ में बहुत ही अच्छा फील हो रहा है। सैलरी अच्छी है। यहां की फैकल्टी भी अच्छी है। यहां के स्टाफ भी अच्छे हैं। मेरा नाम शिव कुमार है। मैं जिला बाराबंकी का रहने वाला हूं और 27 जुलाई से मेरी जॉइनिंग थी 2025 में और मैं अभी भी काम Ashok Leeland सरोजनी नगर में
काम कर रहा हूं। मेरा नाम सूरज यादव है। मैं जिला गोरखपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूं। मेरी जॉइनिंग 8 अगस्त 2025 को अशोक लीलैंड में हुई है। बहुत अच्छा मैम फील हो रहा है। इससे हमारी फैमिली भी काफी खुश है। क्या मिला इसकी खुशी है? यस मैम बहुत खुशी है। हां, मैं यूपी सरकार का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं। मेरा नाम अनुपम कुमार गुप्ता है। मैं गोरखपुर का रहने वाला हूं। इस फैक्ट्री में मैं एज एन एचआर नियुक्त हूं और मैं बताना चाहता हूं कि इस फैक्ट्री के आने से लोकल लेवल में जॉब
अपॉर्चुनिटीज का यहां पर लोगों को अच्छा मौका मिला है। इस कंपनी में कार्यरत सभी लोगों को ऑन टाइम सैलरी दी जाती है और इसके साथ-साथ मैं यहां पे जो गवर्नमेंट है जिसने इस स्कीम को इस इंडस्ट्रीज को इतना सपोर्ट किया है उसका मैं हार्दिक अभिनंदन करता हूं। डायरेक्ट जॉब अपॉर्चुनिटीज के अलावा इस फैक्ट्री के जरिए ऑटो कंपोनेंट सप्लायर्स, वायरिंग, फैब्रिकेशन, इंटीरियर पार्ट्स यूनिट्स, लॉजिस्टिक्स एंड ट्रांसपोर्ट्स कंपनियों को भी बहुत बेनिफिट मिलने वाला है। मतलब इनडायरेक्ट एंप्लॉयमेंट बहुत बड़े पैमाने पर मिलने वाला है। यूपी की अर्थव्यवस्था में मुझे लगता है एक मील का पत्थर साबित होगा।
उसका मेन ये है क्योंकि अभी जैसा गवर्नमेंट का विज़न है बहुत सारी जो डीजल बसेस हैं उनको ईवी बसेस में कन्वर्ट करेंगे और हम लोग जो है यहां पे उसमें उत्पादन यहां ईवी बसों का करेंगे तो उसमें ऑफ कोर्स यूपी के फाइनेंसियल उसमें भी और लोगों के उसमें भी बहुत ज्यादा सहयोग होगा और साथ-साथ हम लोग यह कर रहे हैं कि जो जितने भी आपके कामगार हैं यहां पे जो भी लोग हैं उनको हम लोग उनका जो कार्यदक्षता बढ़ाने के लिए हम लोगों ने अपने प्लांट में एक जो है नालंदा सेंटर जिसको हम बोलते हैं
ट्रेनिंग सेंटर वो लगाया है। उस ट्रेनिंग सेंटर में हम लोग उन एक्टिविटी में उनको ट्रेन करेंगे जो एक्टिविटी हमको व्हीकल बनाने के लिए जरूरी होती है। रोजगार में हम लोग ऐसा बोल सकते हैं कि इमीडिएटली 2000 2500 गाड़ी बनाने के लिए लगभग हमको 1000 लोगों की जरूरत पड़ेगी जो कि डायरेक्ट एंप्लॉयमेंट है। इसके अलावा इसमें पेरिफेरल इंप्रूव अह जो है अह एंप्लॉयमेंट ज़्यादा होता है। जैसे सब्सिडरी है हमारी हमारे कुछ सप्लायर्स हैं। तो ओवरऑल नॉट ओनली दिस जो डायरेक्ट हमको मेटल सप्लाई करेंगे। इसका ईवी का जो इंफ्रास्ट्रक्चर होता है जैसे चार्जिंग स्टेशंस हैं जैसे और
चीजें हैं। इसके अलावा इनडायरेक्ट जो रोजगार है वो काफी ज्यादा रहता है। अभी तक इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल के क्षेत्र में ज्यादातर बड़ी कंपनियां साउथ के रीजन में ही जा रही थी। यह पहली बार है जब नॉर्थ यूपी के साइड में किसी बड़ी कंपनी ने अपना इन्वेस्टमेंट करके प्लांट लगाया है। Ashok Leeland का यह प्लांट सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं यह बदलाव का प्रतीक है। जहां कभी एक सरकारी कंपनी के इतिहास ने दम तोड़ा, वहीं अब यूपी [संगीत] का ईवी भविष्य सांस ले रहा है। जहां कभी स्कूटर इंडिया की विरासत थी, वहीं अब भविष्य की ईवी [संगीत] बसेस
दौड़ेंगी। बदलाव की यह तस्वीर आपको कैसी लगी? कमेंट करके मुझे बताइएगा। यह वीडियो पसंद आई तो लाइक कीजिए, कमेंट करके मुझे बताइए और अगर आप जानना चाहते हैं इस जमीन के पुराने इतिहास यानी स्कूटर इंडिया की स्टोरी तो उस पर अभी कुछ महीने पहले हमने एक रिपोर्ट बनाई थी जिस पर स्कूटर इंडिया की पूरी कहानी और Ashok Leeland की जुड़ती हुई कड़ियों को आप तक पहुंचाया था। चाहे तो इस वीडियो के बाद आप उसे देख सकते हैं। मिलती हूं मैं आपसे नए वीडियो में नए प्रोजेक्ट, नई इनफेशन के साथ यूपी की ग्रोथ, यूपी के डेवलपमेंट,
यूपी की इंफ्रा स्टोरीज को जानने के लिए। कर लीजिए सब्सक्राइब द यूपी इंडेक्स को। बेल आइकॉन भी प्रेस कर लीजिए और रहिए कनेक्टेड द यू इंडेक्स के साथ रहिए अपडेटेड। नमस्ते जय हिंद।