अस्सलाम वालेकुम एंड वेलकम टू अनदर क्लास। मैं हूं अहमद उमर अख्तर और आप देख रहे हैं द फॉररेक्स गाइड। ट्रेडर्स आज हमारी रिस्क मैनेजमेंट सीरीज की दूसरी क्लास है। पहली क्लास में हमने मेटा ट्रेडर फाइव के बारे में पढ़ा था कि किस तरीके से आप मेटा ट्रेडर 5 पे अपनी ट्रेड को एग्जीक्यूट करते हैं। कैसे आप अपने स्टॉप लॉस और टेक प्रॉफिट के लेवल्स को सेट करते हैं। इसके अलावा हमने पढ़ा था कि कैसे आप अपने पेंडिंग ऑर्डर्स लगा सकते हैं। ठीक है? ठीक है? एक तो होते हैं ना ऐसे ऑर्डर्स जो फौरन आप बाय सेल का बटन दबाते हैं और आपका ऑर्डर एग्जीक्यूट हो जाता है। एक हमने पढ़ा था कि पेंडिंग ऑर्डर्स कैसे लगते हैं?
बाय स्टॉप, सेल स्टॉप, बाय लिमिट, सेल लिमिट्स कैसे काम करती हैं। इसके अलावा सबसेेंट चीज जो पढ़ी थी वो यह थी कि कैसे आप अपनी चलती हुई ट्रेड्स को पार्शियली क्लोज कर सकते हैं। कैसे आप अपनी जो लॉट साइज है उसको मिनिमाइज कर सकते हैं? कम कर सकते हैं चलती हुई ट्रेड में। आप अपना 50%, 70%, 80% प्रॉफिट कैसे बुक करते हैं? और बाकी ट्रेड्स को चलता रहने देते हैं। ब्रेक इवन क्या होता है?
ब्रेक इवन कैसे किया जाता है? ये सब चीजें हम पढ़ चुके हैं। जो आज की हमारी दूसरी क्लास है, इसमें भी हम एक बेसिक चीज पे बात करेंगे और वो है कि पिप क्या होते हैं? ठीक है?
इसके अलावा लॉट साइज क्या होता है? लॉट साइज को हम कैसे कैलकुलेट करते हैं। देखिए आपने दुनिया में कोई भी काम करना है जब तक आपको अपने टूल्स पे ग्रिप नहीं है ना। आपको अपने टूल्स के फीचर्स का नहीं पता कि वो क्या-क्या काम कर सकते हैं। तब तक आप अपना वो काम अच्छे तरीके से नहीं कर सकेंगे। तो जब आपको रिस्क मैनेजमेंट करनी है तो जब तक आपको अपने प्लेटफार्म के बारे में अपने टूल के बारे में पता ही नहीं होगा कि इसके फीचर्स क्या हैं। इसमें आप क्या-क्या फैसिलिटीज अेल कर सकते हैं। तो तब तक आप अच्छे तरीके से रिस्क मैनेजमेंट नहीं कर सकते। तो वो तो चलिए हमने अपनी पहली क्लास में पढ़ लिया था प्लेटफार्म के बारे में। जो आज की दूसरी क्लास है उसमें हम जिस चीज पे बात कर रहे हैं पिप्स के बारे में और लॉट साइज के बारे में। मैंने एक चीज नोट की है कि जो नए स्टूडेंट्स हैं चलिए उनकी तो अलग चीज है। अलग बात है। जो पुराने स्टूडेंट्स होते हैं जो मेरे पास 6-छ महीने कहीं लगा के आते हैं। मैंने नोट किया है कि उनकी अक्सरियत को भी पिप्स के बारे में इल्म नहीं होता या उन्हें पता नहीं होता कि हम इसको कैसे कैलकुलेट करें। तो जब तक आपको पिप्स के बारे में इल्म नहीं है आप अपना स्टॉप लॉस और अपनी ट्रेड का जो रिस्क है उसको मैनेज बिल्कुल नहीं कर सकेंगे। इसलिए इन चीजों का पता होना बेहद जरूरी है। तो चलते हैं आज के टॉपिक की तरफ और वो है कि जी व्हाट इज पिप्स? देखिए पिप जो है ना वह है वह शॉर्ट फॉर्म है परसेंटेज इन पॉइंट की। यह मैंने जगह पर लिखा हुआ है कि परसेंटेज इन पॉइंट्स। इसको हम शॉर्ट फॉर्म में पिप बोलते हैं। अब मैं आपको एक एग्जांपल देता हूं जिससे आपको आईडिया होगा कि पिप्स क्या चीज है। देखिए आप दुनिया की किसी भी मार्केट में चले जाए। आप किसी भी जींस का कारोबार कर लें। जब तक आपको उसकी बेसिक अकाई का यूनिट का इल्म नहीं होगा। आपके लिए अपनी बात समझाना मुश्किल हो जाएगा और अगले की बात को समझना मुश्किल हो जाएगा। फॉर एग्जांपल आप जाते हैं सब्जी मंडी में। आप कोई सब्जी खरीदते हैं तो आप उसे किलोग्राम्स में बात करेंगे। ठीक है?
ठीक है? इसी तरीके से जब वो आपको कोई चीज तोल के देगा या आपको रेट बताएगा तो किलोग्राम्स के हिसाब से बताएगा। इस तरह आपके लिए भी बात समझना आसान है। उसके लिए भी समझना आसान है। इसी तरीके से आप किसी लिक्विड में डील करते हैं। आप पेट्रोल लेते हैं, डीजल लेते हैं या आप दूध लेते हैं तो आप उससे लीटर्स में बात करेंगे कि मुझे इतने लीटर दूध चाहिए। ठीक है? तो वो देने वाले को भी पता है कि मुझे कितना दूध डाल के देना है इसमें। और आपको भी पता है कि आप कितना लेना चाह रहे हैं। इसी तरीके से कपड़े की बात करेंगे तो मीटर्स में बात होगी। हम फासेस की बात करेंगे तो फ़ासला हम कि.
मी. में नापेंगे। वो सब एग्जांपल्स मैंने इस जगह पे नीचे आपको लिख दिए हैं ताकि आपको समझने में आसानी रहे। बिल्कुल इसी तरीके से जब मार्केट अप साइड मूव करती है फॉररेक्स मार्केट या प्राइसेस डाउन साइड मूव करती हैं तो इसकी जो मूवमेंट होती है वो पॉइंट्स की शक्ल में होती है। ठीक है? मार्केट पॉइंट्स में मूव करती है कि इतने हजार पॉइंट्स इतने 100 पॉइंट्स मार्केट ऊपर गई या इतने 100 पॉइंट्स मार्केट नीचे आई। अब यहां पर एक नुक्ता और समझने वाला है वो यह कि जिस तरह आप लीटर्स में बात करते हैं लेकिन लीटर से छोटी इकाई मौजूद है जिसे हम मिलीलीटर कहते हैं। लेकिन ऐसा नहीं होता कि आप दूध वाले को कहें या आप शॉपकीपर को कहें जी कि मुझे इतने हजार मिलीलीटर जूस दे दो या इतने 100 मिलीलीटर जूस वो भी कंफ्यूज हो जाएगा। आप भी कंफ्यूज हो जाएंगे। ठीक है?
तो एक स्टैंडर्ड हमने एक इकाई रखी हुई है। एक स्टैंडर्ड यूनिट रखा हुआ है जिसको हम लीटर कहते हैं और लीटर्स में बात करते हैं। इसी तरीके से किलोग्राम तो है लेकिन किलोग्राम से छोटी इकाई भी मौजूद है जिसे हम ग्राम कहते हैं। अब जब आप कोई चीज खरीदेंगे सब्जी खरीदते हैं तो आप इससे ये नहीं कहेंगे कि 250 ग्राम या 500 ग्राम आलू दे दो। ठीक है? बोलते होंगे शायद वो किस तरह भी लेकिन जो हम जो स्टैंडर्ड चीज चलती है वो किलोग्राम है कि 1 किलो दे दे, 2 किलो दे दें, 1/2 किलो दे दें। उसमें बात करना बात समझना जरा आसान है। बिल्कुल इसी तरीके से जब फॉरेक्स मार्केट है जब उसकी मूवमेंट तो बिल्कुल होती है बेशक पॉइंट्स की शक्ल में। लेकिन हम बात करते हैं पिप्स में। अब पिप क्या होता है? जिस तरह 1000 ml का 1 लीटर है। जिस तरह 1000 ग्राम का 1 कि.
ग्र. है। जिस तरह 1000 मीटर का 1 कि. मी.
बनता है। बिल्कुल इसी तरीके से 10 पॉइंट्स जब भी मार्केट मूव करती है। ऊपर या नीचे? डायरेक्शन का कोई फर्क नहीं है। जब भी मार्केट 10 पॉइंट्स मूवमेंट देगी तो हम कहते हैं कि मार्केट ने एक पे मूवमेंट की है। ठीक है? अब हम पॉइंट्स में क्यों नहीं बात करते?
उसको पॉइंट्स में क्यों नहीं नापते? क्योंकि पॉइंट बहुत छोटा है। जैसे ml मिलीलीटर बहुत छोटा है। ठीक है? आपको नापने में मुश्किल आ जाएगी। उसको बात करने में मुश्किल आ जाएगी क्योंकि बहुत छोटी इकाई है। इसी तरीके से पॉइंट बहुत छोटी इकाई है। उसको हम यहां पर नापना शुरू कर देंगे चार्ट पे तो हमारा टाइम भी जाया होगा। बहुत बारीक काम हो जाएगा। ठीक है?
इसलिए हमने 10 पॉइंट्स को इकट्ठा करके उसका एक पिप बना दिया है ताकि हमें बात करने में हमें नापने में आसानी रहे पिप्स को। अब आपने एक पॉइंट यहां पे नापना है तो नापना बहुत मुश्किल है। टाइम लग जाएगा उसको नापने में। लेकिन पिप्स जो है वो जाहिर है 10 पॉइंट्स का एक पिप बनेगा। तो चलिए आपके पास छोटी सी एक एक एरिया आ जाएगा जिसको आप मेजर करना आपके लिए आसान हो जाएगा। अब इसको मैं चार्ट पे आपको मेजर करके दिखाता हूं कि आप इसको चार्ट पे कैसे देखते हैं। कैसे आप इसको मेजर कर सकते हैं। अच्छा यहां पर अगर हम बात करें हमारे पास यहां पे एक प्राइस आ रही है जी 2386 अब 2386 से प्राइस मूव करती है और 2387 तक आती है ठीक है जी तो ये हमारे पास 100 पॉइंट्स हैं 2386 से लेके 2387 तक यानी आप यह देखें कि आपके पास 86 लीटर है और आपके पास 1 लीटर और डाला पेट्रोल की बात कर लें तो वो हो 87 लीटर तो 86 से 87 में आपके पास 1000 मिलीलीटर आते हैं। बिल्कुल इसी तरीके से 86 से 87 तक जब मार्केट मूव करेगी तो हम कहेंगे कि मार्केट ने 100 पॉइंट्स मूव किया है। 100 पॉइंट्स मैं आपको ये नाप के दिखाता हूं। अब यहां से हम लेते हैं मेयर 2386 पे रखें। अभी देखें पॉइंट्स इतने छोटे होते हैं कि मुझको 2386 पूरा एग्जैक्ट करना मुश्किल हो जाएगा। 2386 पे रखें और 2387 तक आए। यह हम 2387 तक आ गए जी। ये यहां पे पहुंच गए 2387। तो ये अब देखें 101 पॉइंट्स आ रहे हैं। ठीक है? तो पॉइंट्स को क्योंकि मेजर करना बहुत मुश्किल हो जाता है। तो हम कहेंगे कि ये 100 पॉइंट्स हैं। 100 पॉइंट्स को आप डिवाइड कर दें 10 से। 10 से डिवाइड कर दें तो हमारे पास जवाब आ जाएगा 10 पिप। यानी ये 100 पॉइंट्स हैं। 2386 से 2387 तक 100 पॉइंट्स बन रहे हैं। लेकिन जब हम इसको 10 से डिवाइड कर देंगे तो ये हमारे पास 10 पिप आंसर आ जाएगा। ठीक है? 10 पिप हमारा जवाब आ गया। 2386 से 2387 तक जो है एरिया इसको हम कहेंगे कि ये 10 पिप्स का ज़ोन है। इसी तरीके से 2387 से दोबारा प्राइस मूव करती है 2388 तक। तो, यह भी हमारे पास 10 पिप्स और आ गए। ठीक है?
यह भी हालांकि सिर्फ 100 पॉइंट्स की मूव है। तो यहां पे जो आपको मूवमेंट शो होगी वो आपको पॉइंट्स में शो होगी। लेकिन आप उसको 10 से डिवाइड कर देंगे तो आपके पास जवाब आ जाएगा। मैं अब आपको करके दिखाता हूं। ये आपने देखा 2386। 2386 से हम 2390 तक आते हैं। ठीक है जी? 2386 से 2390 तक। ये लें जी। ऊपर आप अगर जवाब देखें तो ये 402 पॉइंट्स यानी 400 पॉइंट्स आ रहे हैं। 400 पॉइंट्स को अब आप 10 से डिवाइड कर दें। यह देखें 400 पॉइंट्स हैं। तो 400 पॉइंट्स को 10 से अब आप डिवाइड करेंगे तो हमारे पास जवाब आ जाएगा 40 पिप्स यानी 40 पिप्स जवाब आ जाएगा। इसका एक और आसान तरीका भी है वो ये है कि आपने जब इसको मूवमेंट को नाप लिया मेजर से इस जगह पे तो जो आखिरी इसका पॉइंट से पहले जो आखिरी डिजिट होता है इसको आप छोड़ दें तो ये 40 लिखा हुआ है बाकी। ये देखें टू के ऊपर मैंने इस फिंगर को कर दिया कर्सर कर दिया तो पीछे 40 आंसर रह गया। तो ये आपके 40 पिप्स हैं। 2386 से लेके 2390 तक ये 40 पिप्स हो गए आपके पास। ठीक है? ठीक है?
इसको इस तरह इस तरीके से ये गोल्ड के पिप्स काउंट करने का तरीका आपको बता रहा हूं। करेंसीज में और बाकी जो पेयर्स होते हैं उनमें पिप्स को काउंट करने का तरीका थोड़ा सा डिफरेंट होता है। उसके लिए मैं एक अलग से वीडियो बना दूंगा। लेकिन हमारी जो 99% ट्रेडिंग होती है वो गोल्ड पे ही होती है। इसलिए गोल्ड के पिप्स काउंट आपको बहुत अच्छी तरीके से आने चाहिए। इस पे आपकी अच्छी ग्रिप होनी चाहिए। और यह बहुत आसान है। यानी 2400 प्राइस है। तो 2400 से 2401 तक 10 पिप्स 2401 से लेके 2400 दो तक 20 पिप्स। ठीक है? यानी फिर 10 पिप्स हो गए आपके। तो बस यह बिल्कुल आसान चीज है। इसको आप जितना प्रैक्टिस करेंगे उतनी जल्दी आपकी चीज आ जाएगी। मैं आपको 2400 की प्राइस पे ले जाकर ये चीज समझा देता हूं। अब यहां पर प्राइस है 2400। इस जगह पे अगर आप देखें ये प्राइस आपको 2400 शो हो रही है। तो 2400 से लेके 2401 यहां तक आपके पास 10 पिप्स हो गए। 2401 से 2402 तक आपके पास 20 पिप्स हो गए। फिर 2400 से लेके 243 तक आपके पास 30 पिप्स हो गए। इसी तरह करते-करते 2410 जहां पे आएगा वहां पे आपके पास पूरे 100 पिप्स हो जाएंगे। ठीक है? अगर आप इसको पॉइंट्स में नापेंगे तो 1000 पॉइंट्स शो हो रहा होगा। इसको आप 10 से डिवाइड करेंगे तो यह आपके पास 100 पिप्स का जवाब आ जाएगा। ठीक है जी?
इस तरीके से आप पिप्स को काउंट करते हैं। अब जब आपने अपने स्टॉप लॉस लगाने हैं, आपने फॉर एग्जांपल आपने ट्रेड ली है 2400 से आपने बाय कर लिया। अब आपने स्टॉप लॉस लगाना है 20 पिप्स का। तो इसका मतलब क्या होगा कि आप 2380 पे अपना स्टॉप लॉस लगाएंगे। मैं आपको कहता हूं 20 पिप का स्टॉप लॉस लगा दें। तो उसका मतलब है 2380। यह 20 पिप है। 80 से 90 10 पिप और 90 से फिर 2400 तक 20 पिप पूरे हो जाएंगे। अब मैं आपको कहता हूं टीपी लगा दें 50 पिप। तो 50 पिप का मतलब यह है कि आपने 2400 से बाय किया हुआ है। तो इसके ऊपर 50 पेप ले जाए और तो यह आपका हो जाएगा 2405। यहां तक आपके 500 पॉइंट्स हो जाएंगे। पॉइंट्स को आप 10 से डिवाइड करेंगे तो 50 पे आ जाएंगे आपके पास। ठीक है? बहुत आसान चीज है। इसमें कोई क्वेश्चन हो तो आप मुझे कमेंट्स में पूछ भी सकते हैं। अच्छा जी। अब कमेंट्स में पूछ लें या WhatsApp पे मैसेज कर लें। दोनों तरीके ठीक है। तो अब आपको पता चल गया कि आपने अपने जो ये जो मेयर का टूल है इस तरीके से आपने अपने पिप्स कैसे काउंट करने हैं। अब मैं यहां पे आपको दोबारा करके दिखाता हूं। 2390 से आप आ जाएं 2300 80 तक। यह 2380 आपके पास आ गया। तो, आपको यहां पे नज़र आ रहा है कि यह 1000 पॉइंट्स शो कर रहा है। 1001 पॉइंट्स। तो, इसको आप 10 से डिवाइड करेंगे, तो 100 जवाब आ जाएगा। दूसरा तरीका आपको बताया है कि जो डिजिट से पहले आखिरी हिंस्सा होता है इस पे आप अपना ये कर्सर कर लें, तो पीछे 100 रह गया। तो, 100 पिप्स की मूव है ये। ठीक है? इस तरीके से आपके पिप्स काउंट करना आपको बहुत आसान हो जाएगा। तो, आप जब आप मुझे बताएंगे कि मार्केट ने इतने पिप्स मूव किए, तो मेरे लिए समझना आसान हो जाएगा कि कितनी बड़ी मूव थी। ठीक है?
और आपको भी बात समझानी अपनी आसान हो जाएगी। तो यह है जी पिप्स काउंट जो दूसरा टॉपिक है आज का हमारा कि लॉट साइज क्या होता है? देखिए फॉररेक्स मार्केट में जो रेगुलर अकाउंट्स होते हैं उनप तीन तरह के लॉट साइज चलते हैं। पहला लॉट साइज जो होता है वो होता है हमारे पास उसे हम कहते हैं माइक्रो लॉट। माइक्रो लॉट। माइक्रो लॉट क्या होती है? 0.
01 ये मिनिमम लॉट है। इससे छोटी लॉट फॉरेक्स ट्रेडिंग में कोई ब्रोकर ऑफर नहीं करता। हां, करते हैं लेकिन वो सेंट अकाउंट्स पे प्रैक्टिस के लिए। ठीक है? जो रेगुलर अकाउंट्स होते हैं उनमें सबसे छोटी लॉट 0. 01 होती है। अच्छा उसके बाद जो इससे बड़ी लॉट है उसे हम कहते हैं मिनी लॉट। माइक्रो से बड़ी होती है मिनी लॉट। मिनी लॉट क्या होती है?
0. 10। ठीक हो गया? इससे बड़ी लॉट। इससे बड़ी लॉट होती है हमारे पास। उसे हम कहते हैं स्टैंडर्ड लॉट। स्टैंडर्ड लॉट। स्टैंडर्ड लॉट क्या?
कितनी होती है? ये होती है जीरो सॉरी 1. 00। अब ये अगर आपने माइक्रो डॉट लगाई है तो आपको कितने पिप्स पे कितने डॉलर आएंगे?
ये अहम चीज़ है। ठीक है? ठीक है? इसका पता होना जरूरी है क्लास थ्री से पहले। देखिए जी अगर आपने 0.
01 की यानी सबसे छोटी लॉट ली है जो कि तकसीम नहीं हो सकती। इससे छोटी लॉट जाहिर है मुमकिन नहीं है। अगर आप ये लॉट लगा लेंगे तो आप इसको पार्शियली क्लोज नहीं कर सकेंगे आगे चलके। ठीक है? आप इसका हाफ नहीं कर सकेंगे क्योंकि ये जो बेस्ट मिनिमम जो आपके पास पॉसिबल मिनिमम पॉसिबल लॉट थी वो यही है 0. 01। आप इस पे आप पिप्स का वो कैसे कर सकते हैं?
यानी आपके पास इसमें अगर आप पिप्स के साथ इसको मैच करें तो कैसे आपको पता चलेगा कि इसमें कितने डॉलर आपको आएंगे। देखें जो आपके पास माइक्रो लॉट होती है 0. 01 इसमें हर 10 पिप्स के साथ हर 10 पिप्स के साथ आपको $1 बचेगा। ठीक है जी? हर 10 पिप्स के साथ आपको $1 आएगा। इसी तरीके से जो आपके पास मिनी लॉट है मिनी लॉट में आपको हर एक पिप के साथ मैंने ऊपर 10 पिप की बात इसलिए की है कि उसको अगर मैं और छोटा करूंगा तो वो पॉइंट्स में बात चली जाएगी। इसलिए आप याद रखें कि $.
01 की लॉट पे 10 पिप के साथ $1 आता है या $1 जाता है। अगर ट्रेड आपके फेवर में चल रही है तो आपको प्रॉफिट होगा $1 का। आपके अगेंस्ट चल रही है तो आपको $1 का लॉस होगा। जो मिनी लॉट होती है 0. 10 इसमें एक पिप के साथ $1 आता है आपको या $1 आपका लॉस होगा। ठीक है जी। इसी तरीके से अगर आप आ रहे हैं स्टैंडर्ड लॉट पे तो आपको हर एक पिप के साथ हर एक पिप के साथ $10 आएंगे या $10 जाएंगे। ठीक है जी? यह आपने चार्ट इसका स्क्रीनशॉट बेशक ले लीजिएगा। इसको आपने जुबानी याद कर लेना है। यह सब चीजें जो है ना यह सोचने वाली नहीं है। यह सब चीजें ऐसी है कि प्रैक्टिस कर करके कर करके आपको फिंगर टिप्स पर याद हो। ठीक है?
बिल्कुल आपको सोचना ना पड़े कि इसमें अब यह स्टैंडर्ड लॉट क्या होती है। पहले आप ट्रेड आपकी उधर बन गई है। सेटअप बन गया। आप सोचने लगे कौन सी लॉट लगानी है। यह चीजें आपको इतनी प्रैक्टिस होनी चाहिए बार-बार देख के बार-बार करके कि आपको फौरन से याद हो कि आपके पास कितने पिप्स का स्टॉप लॉस बन रहा है और कितनी आपको लॉट लगानी है। ये चीज़ इंशाल्लाह हम क्लास नंबर थ्री में डिटेल से पढ़ेंगे वैसे। अच्छा माइक्रो लॉट में 0. 01 की लॉट आप लगाते हैं तो उसमें हर 10 पिप के साथ आपको $1 बचेगा। अब अगर आप इसको 0. 02 कर देते हैं 0.
02 तो इसका क्या मतलब हुआ कि ये दो माइक्रो लॉट्स हो गई हैं। ठीक है? ठीक है? पहले ये एक माइक्रो लॉट थी। अब ये दो माइक्रो लॉट्स हो गई हैं। अब 10 पिप पे क्या होगा?
अब 10 पिप पे $2 आएंगे। ठीक है? 2 यूएसडी हर 10 पिप के साथ। अगर आप इसको और बड़ा कर देते हैं। इसको आप कर देते हैं 0. 03 तो इसका क्या मतलब हुआ कि ये 3 माइक्रो लॉट्स हो गई हैं। अब 3 माइक्रो लॉट्स पे क्या होगा?
हर 10 पिप के साथ आपको $3 आएंगे या $3 जाएंगे। ठीक हो गया जी? इतनी सी बात आपने याद रखनी है। इसी तरीके से मिनी लॉट में देखिए जब आप इसको 0. 09 पे ले जाएंगे ना 0.
09 पे ले गए हैं तो ये न माइक्रो लॉट्स हो गई हैं। अब इसमें क्या होगा? हर 10 पिप के साथ आपको $9 आएंगे या $9 जाएंगे। इसके बाद अगर आप इसको मज़द बड़ा करेंगे 9 माइक्रो लॉट से बड़ा करेंगे तो फिर वो एक मिनी लॉट बन जाएगी। 0. 09 से ऊपर फिर आगे 0.
10 यानी मिनी लॉट बन जाएगी। तो एक मिनी लॉट पे क्या होता है? एक पिप के साथ $1 यहां 10 पिप्स के साथ $1 था। लेकिन जब वो मिनी लॉट हो जाएगी लॉट बड़ी हो जाएगी तो हर एक पिप के साथ $1 आना शुरू हो जाएगा या $1 जाना शुरू हो जाएगा। ठीक है? वो चीज डिपेंड करती है कि प्राइस किधर जा रही है। आपके फेवर में जा रही है या आपके अगेंस्ट चल रही है। इसी तरीके से अब अगर आप स्टैंडर्ड लॉट की बात करें आप इसको बड़ा कर लें। 0.
2 कर लें। 0 20 अब क्या मतलब हुआ कि ये दो मिनी लॉट्स हो गई हैं। पहले एक मिनी लॉट थी। अब दो मिनी लॉट्स हो गई हैं। अब हर एक पिप पे आपको $2 बचेंगे। ठीक हो गया? अब इसको बड़ा कर लें। 0. 30 कर लें तो हर एक पिप के साथ आपको $3 आना शुरू हो जाएंगे। तो इस तरीके से लॉट साइज बड़े होते रहते हैं। सबसे बड़ा लॉट साइज जो है वो स्टैंडर्ड लॉट होती है। एक पिप के साथ आपको $10 आएंगे या $10 जाएंगे। देखिए बड़ी लॉट लगाना कोई कमाल नहीं है। कोई अकलमंदी नहीं है। आपको अपना रिस्क मैनेज करना है। बेसिकली सीरीज ही हम रिस्क मैनेजमेंट पे कर रहे हैं कि आपको अपने अकाउंट के साथ मैच करना है कि आपका अकाउंट कितना है। आप कितना रिस्क ले सकते हैं। उसमें हम लॉट साइज को भी देखेंगे। पिप्स को भी देखेंगे और फिर उनको मैच करके हम ये चीज सीखेंगे कि हमें अगर एक अपने अकाउंट पे 10% रिस्क लेना 1% रिस्क लेना है तो हमारा लॉट साइज कितना होना चाहिए?
2% रिस्क लेना है तो लॉट साइज कितना होना चाहिए? पिप्स के हिसाब से। ये चीजें हमने डिटेल से पढ़नी है अभी। लेकिन उसके लिए जब तक आपको लॉट्स की ही कन्फर्मेशन नहीं होगी। आपको लॉट्स के बारे में पता नहीं होगा कि एक माइक्रो लॉट पे कितने पिप्स आते हैं, कितने पॉइंट्स आते हैं और कितने आपको आपके डॉलर आते हैं या डॉलर जाते हैं। यह चीज़ आपको पता ही नहीं होगी। तो आप कैसे वहां पे मैनेज करेंगे? तो एक स्टैंडर्ड लॉट पे आपको एक पिक के साथ $10 आएंगे। अब आप कर लेते हैं पांच स्टैंडर्ड लॉट्स। पांच स्टैंडर्ड लॉट्स जब आपने लगा दिए हैं, तो एक पिक के साथ आपको $50 आएंगे। ठीक है?
सेम चीज़ होगी। बस आपने लॉट साइज़ बड़ा कर दिया, तो हर पिप आपको $50 देना शुरू कर देगा या $50 का नुकसान देना शुरू कर देगा। आपने 10 स्टैंडर्ड्स कर दिए हैं। अब क्या होगा? हर एक पेप के साथ आपको हर एक पेप के साथ $ आना शुरू हो जाएंगे या $ जाना शुरू हो जाएंगे। तो यहां तक आप इसको याद कर लें। यहां तक आप चीजों को समझ लें। तीसरी क्लास निहायतेंट होगी। इसमें आपको तकरीबन मैं वन वीक का टाइम दूंगा। इस एक हफ्ते में आप इसकी क्लास नंबर वन भी देख लें। आपको मेटा ट्रेडर फाइव बिल्कुल अच्छे तरीके से इस्तेमाल करना आता हो। फिर आप ये क्लास नंबर टू देख लें। जो हमारा सेकंड पार्ट है। इसमें आपको पता हो कि पिप्स कैसे हैं? पिप्स को आप कैसे मेजर करते हैं। वो टूल जो मैंने अभी आपको दिखाया है मेजर टूल ये वाला। इससे आप पकड़ के कैसे पॉइंट्स नापते हैं और पॉइंट्स को फिर 10 से डिवाइड करेंगे तो आपके पास पिप्स आ जाएंगे। तो पिप्स निकालने की प्रैक्टिस करें। पिप्स निकालना सीखें। और यह चीज जो है ना इसको तो रट लें। यह आपको जुबानी फिंगर टिप्स पे याद होनी चाहिए कि माइक्रो लॉट का मतलब क्या होता है?
उसका लॉट साइज क्या होता है? और हर 10 पिप्स पे वो कितने डॉलर देता है? और मिनी लॉट क्या होती है?
और हर पिप के साथ वो कितने डॉलर देती है? और दो मिनी लॉट्स क्या होती हैं? पांच मिनी लॉट्स क्या होती है?
इसी तरह एक स्टैंडर्ड लॉट्स क्या होती है? 10 स्टैंडर्ड लॉट्स क्या होती है? 20 स्टैंडर्ड लॉट्स क्या करेंगी?