सर्ब कालर सर्वश्रेष्ठ मानव प्रिय नबी हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अ वसलाम साथे अथवा तार कोन हादस बा सुन्नत नि कोन बेदी करले अल्लाह ताला कखन ही पछ करनी एटा निश्चित भविष्य करब ना प्रिय दर्शक श्रोता आजके हम नार चेष्टा करबो एकजन बाज लोक के हजरत मोहम्मद सल्ला अ वसलाम सुन्नत निए बदी कारणे की भयानक शास्ति पते होलो सेही विषय एकही साथे विषय जाने मुसलमान हिसाब निद के इस्लामी ज्ञाने समृद्ध करर चेष्टा करबो इंशा अल्लाह इराक प्रसिद्ध नगरी बजरा समाते अबू सलामा नामे एकजन बद मेजाज दुष्ट प्रकृति लोक बास करतो अबू सलामा कखन नामा रोजा तो राख
ना बर विद्रूप करतो से माझे माझे रसूलल्लाह सलाम नूरानी सुन्नत लोकजन साथे ठट उपहास करतो से तार चार पाशे लोकजन एकत्र घोषणा दि तो बर्तमान जुगे एन आ प्राचीन ुग सुन्नत चलब ना एग बर्जन करते ह किंतु तार ए कथा कोन लोकजन पछ करतो ना लोकजन ताके उल्टो उपदेश दि तो देखो तुमार ए कय महान अल्लाह ताला नाराज हन तुम निजे के सध नाओ लोकजन कथा से आरो रेगे जेतो सुन्नत कथा सुनले ता गा जाला शुरू होए जेतो जर कारणे जेखाने सेखाने सुन्नत ब्यापार मुखे जा आसे ताई बोलतो एकटी बारर जन्य से भातो ना जे
सुन्नत निए ठाट विद्रूप करले सुन्न प्रति ता प्रदर्शन करले शु गुना होय ई नय ताते निज ईमान नष्ट होए जाय एमन की कखन कखन रामक परिणति समीन होते हय एक दिनर घटना अबू सलामा कोन एक मजलि बसे एमन समय एक गुरुत्व पूर्ण सुन्नत मिसक फजीलत सर्के आलोचना शुर होलो तखन अबू सलामा रेगे ग बोले उलो खुदार कसम पेन रास्ता तीतो न्य कोथा मिस्वाक ब्यबहार करबो ना नाजु बिल्लाह ए कथा बोले से स स एकटी मिस्वाक निए तार पेने मल दार ढुके आबार बर नाय ए घटना जरा नीज चोखे प्रदर्शन सकले हत बल होई पड़े कजन
ताके धक दिए बोलते लागलो हे अबू सलामा नबीजीर सुन्नत साथे एतो बड़ बदी जानी तुम सुन्नत के लो बासो ना सुन्नत कथा सुनते पारो ना ताई बोले नबीजीर सुन्नत साथे प्रकाश एतो बड़ अपमान करब टा हम भाते पछ ना निश्चय तुमार ईमान चले ग ज तुम ए गुनाह थे क्षमा पते चाओ ताले शीघ्र तुम तौबा करो खुदार दरबारे केद केद कमा भिा चाओ ना होले तुमाके अपराध कठिन मूल्य ते ह कठोर ओ मर्क शास्ति सखन होते ह तखन अबू सलामा बोललो तुमार कोन कथाई मानी ना से का उपदेश आले लो ना से उपस्थित लोकजन मुख
भए बोललो तुमा ए सब उपदेश तुमा का राखो एब एकदम य पाई ना तुमरा देखब किछु ह ना सुन्नत साथे एमन अलीन आचरण ता कठोर जवाब मजलिस सकले ताप ु होलो तरा ताके विभिन्न भावे बोझाते चेष्टा करलो किंतु से का कथा मेने ते राजी होलो ना अशेष सकले बर्थ होए निज निज वस्थाने ले गलो ए घटना प्राय न मास परर कथा हत एक दिन अबू सलामा पेटे खूब बथा अनुभव होते लागलो धीरे धीरे पेट फुलते शुरु देखले मने हय जन से संतान संभवा थार जंत्रण ता चित्का आकाश बाता विद अवस्था चार दिके लोकजन र जम
न मास आगे मजलि जरा लो तरा उपस्थित होए डाक्टर कविराज बरामन भावे चिकित्सा दिए जा किंतु कोनो काज हो नामन की तार थार कोन कारणो उद्घाटन करते पछ ना यथार प्रचंड ताय बारबार से बेहोश होए पछ मजलिस लोकजन एक अपर के बोलते लागलो ओ दिनर सेही रामक पापर कारण आज के तार ए परिणति होए ओई दिन से रसूल सल्ला अ वसल्लम सुन्नत साथे जे बेदी एर फले ता ए करुण परिणति होए कारण जर पेटे कोन धर समस्या ने तार केनो हत पैट ब्यथा करब जे यथार कारण कोन कबीराजी उद्घाटन करते पछ ना यथार दुस जंत्रण
अबू सलामा बारबार फुप उठचे तार बिकट चित्कार धवनी ार शब्द मतो शोना जा मर्म विधी आना दे मने हो जमीने माटी छड़ अल्लाह आरस पंत केपे उठ क्रम तार थार यंत्रणा आरो बहु गुण बते लागलो कबीराज दि औष जन ता पेटे ग आ विपरीत प्रतिक्रिया कर थार जंत्र आरो बड़ दि एभ कोक दिन जावा पर से एकटा समय इदर मतो एक बाचा प्रसव करलो बाचा रटी पा माथा एक बार माछ मतो दात मुख बायरे चले एसे पने एक लेज भयंकर आकृति बच्चा बहिरे आसार साथे साथे बिकट सरे परप नटी आवाज देय तप अबू सलामा एकटी
मे बाचा माथाय आघात कर एवं सेटी मारा जाय बाटी प्रस पर मात्र दुई दिन अबू सलामा जीवित लो तृतीय दिन से मृत्यु बरण कर मृत्युर आगेर दो दिन से बारबार बोलतो पेटे थे त सब ड़ भड़ी केटे फेले आ ब समय बाच ना एव से बते पलो नबीज सुन्नत के अपमान करर जन ता ए निर्मम परिणति होए प्रिय नबी हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अ वसलाम एर प्रति सुन्नत तार उम्मत जन्य यत तार सुन्नत के बाद दि का पखे अल्लाह का पंत पनो संभव ना अल्लाह पाक पवित्र कुराने बोलेन आपनी बोले दिन ज तुमरा अल्लाह के लो
बसते चाओ ताले आ मोहम्मद सल्ला अ सलाम अनुकरण अनुसरण करो ते अल्लाह पाक तुमार लो करन एवं तु माद सब पाप थे मजना कर बन रसूला सल्ला अ सलम बोलेन जे व्यक्ति अर सुन्नत के मोहब्बत करलो से आके मोहब्बत करलो और जे व्यक्ति आके मोहब्बत करब सेही व्यक्ति अर साथे जन्नते थाक ए जन प्रत्यक मुसलमान उचित जीवन सर्ब स्तर रसूलल्लाह सल्ला अ सलाम प्रति सुन्नत के वास्त बायन करा आमीन प्रियो दर्शक श्रोता आज ए पंत इस्लाम विभिन्न काहिनी नियमित जानते होले आद चैनल सब्सक्राइब करुन एवं लाइक कमेंट शेयर करुन धन्यवाद