[संगीत] स्वागत है आपका फिर से एक मैदास स्टूडियो में जहां पर आप सीखेंगे कुछ बेहतर अपनी जिंदगी के लिए ये वीडियो बड़ी खास होने वाली है इसीलिए आप मुझे बस अपना 10 मिनट दे दीजिए आज मैं आपको इस बात को बताऊंगा कि आप जिंदगी में सब कुछ जानते हुए भी सब कुछ करते हुए भी आखिर क्यों हिम्मत हार जाते हो कभी-कभी क्यों हमारा मन करता है सब कुछ करने का लेकिन हम चाहकर भी नहीं कर पाते और अंत में थक के हार जाते हैं बड़ी मजेदार वीडियो है चार्ल्स डार्विन अपनी किताब में लिखते हैं तुम्हारी
आधे से ज्यादा लाइफ प्रॉब्लम सिर्फ तुम्हारी नौटंकी की वजह है तुम खुद चाहते हो इसलिए सारी प्रॉब्लम तुम्हारे अंदर है तुम्हें पहाड़ चढ़ना है लेकिन एक बर्गर खाने कितना भी तुम एफर्ट लगाना नहीं चाहते तुम्हें महान बनना है लेकिन तुम रिस्पांसिबिलिटी लेना नहीं चाहते चुटकी भर भी तुम एफर्ट मारने को तैयार नहीं हो तुम्हें किताबें पढ़नी है तुम्हें चीजों को समझना है लेकिन तुमसे सुबह उठा नहीं जाता दूसरों क्या दोस्त देना हम खुद अपने पैर को आगे बढ़ाने को तैयार नहीं है हमें लगता है कि हम सब कुछ जानते हैं और हम सब कुछ कर
रहे हैं लेकिन सच्चाई यह है कि हम चुटकी भर भी अपने कंफर्ट जोन से बाहर जाने को तैयार नहीं तो फिर भला चीजें कैसे मिलेंगी चलो मुद्दे पे आते हैं अगर मैं आपको बोलूं कि आप दिन भर बैठ के बस फोन देखो इतना फोन देखो इतना फोन देखो कि इस फोन में खो जाओ और कोई भी काम मत करो आप कितनी देर फोन चला सकते हो आप लगातार तीन से चार घंटे लगातार फोन चला के देखो आपका सर दुखने लगेगा और उसके बाद अगर आपका किसी चीज में फोकस हो जाए तो मुझे बताना अगर मैं
कहूं कि सिर्फ एक चीज पर ध्यान करो आप नहीं कर सकते छोटी-छोटी चीजें अब आपको बोर करने लगेंगी अब सिर्फ आपका ध्यान मात्र कुछ सेकंडो का रह गया है क्योंकि आप अब कुछ सेकंडो में ही खुश हो जाते हो अब आपको बड़ी चीजें बुरी लगती है और आपका उनसे ध्यान भटकने लग जाता है अब आपका दिमाग कुछ बड़ा करने को तैयार नहीं है क्योंकि उसे सिर्फ कुछ सेकंड ही चाहिए होते हैं इसके बाद अगर आप उसे जो से कुछ करवाने की कोशिश भी करोगे तो आपको बस आलस आएगा और आपका उस काम से दम घटेगा
और आप उस काम को एंड में छोड़ दोगे आओ मैं आपको एक छोटी सी कहानी सुनाता हूं गांव का रहने वाला एक लड़का अपने मन के अनियंत्रित विचारों से बहुत परेशान था वो किसी भी काम वो करता उसका मन लगता ही नहीं था इसी समस्या का समाधान पाने के लिए व जंगल में एक महात्मा के पास गया महात्मा के सामने हाथ जोड़कर बैठ गया उसमें महात्मा ध्यान कर रहे थे उनकी आंखें बंद थी इसीलिए वो भी चुपचाप वहीं बैठ गया उसे लगा कि महात्मा का थोड़ी देर में ध्यान खुलेगा और वह उनसे अपनी समस्या का
समाधान मा आएगा धीरे-धीरे एक घंटा बीत गया लेकिन अभी तक महात्मा ने आंखें नहीं खोली इंतजार करते करते वो थक चला था इसीलिए अब उसके मन में गुस्सा आने लगा यह क्या तरीका है मैं कब से यहां पे आकर बैठा हूं ले इसके बावजूद भी वो अपनी आ आख नहीं खोल रहे उसने महात्मा को बोला महात्मा मैं आपका इंतजार कर रहा हूं महात्मा ने इशारा किया कि तुम थोड़ी देर बैठो वो चुपचाप वहीं बैठ गया धीरे-धीरे फिर के एक दो घंटे बीत गए लेकिन महात्मा अभी भी अपने ध्यान से उठे नहीं लड़के को अब गुस्सा
आने लगा और बोला इंतजार करने की भी हद होती है मैं कब से यहां प बैठा हूं लेकिन आप मेरी तरफ देख भी नहीं रहे वो उठ के वहां से जाने लगा महात्मा मुस्कुराए और बोले बैठो दरअसल मैं तुम्हारे सब्र का इंतहा ले रहा था कि तुम कितनी देर तक सब्र कर सकते हो और अपने मन को को बांध के रख सकते हो महात्मा ने पूछा बताओ क्या समस्या है उसने बताया मेरा किसी काम में ध्यान नहीं लगता मैं उसे करने की कोशिश करता हूं तो कुछ समय बाद उसे छोड़ देता हूं चाहे कितनी भी
कोशिश कर लू लेन किसी भी काम को मैं ज्यादा देर तक नहीं कर पाता मेरे मन में अनावश्यक विचार आने लगते हैं तरह-तरह की चीजें जो मुझे उस रास्ते से भटका देती है और मैं चाह के भी उस काम को पूरा नहीं कर पाता मुझे ऐसा लगता है कि मैं बहुत कमजोर हो चुका हूं इसीलिए मुझे खुद को मजबूत बनाने की आवश्यकता है महात्मा ने कहा तुम्हें कैसे पता कि तुम कमजोर हो और तुम्हारा मन अब किसी काम में ध्यान नहीं लगा सकता उसने कहा महात्मा यह सारे इसी के लक्षण है कि मैं अब किसी
काम में ध्यान कर ही नहीं पाता और करने की कितनी भी कोशिश करूं मेरे से हो ही नहीं पाता इसका मतलब यही है कि मैं बहुत कमजोर हो चुका हूं जब किसी काम में ध्यान लगेगा नहीं तो फिर भला उस जीवन का क्या उद्देश्य है और बिना उद्देश्य के मैं किसी लक्ष्य तक कैसे पहुंच सकता हूं महात्मा बोले तुम मेरे साथ आओ मैं तुम्हें कहीं लेकर चलता हूं महात्मा ने उस लड़के को नाव में बिठाया और नदी में चलने लगे नदी का पानी बहुत साफ सुथरा था लड़का बोला आप मुझे यहां क्यों लेकर आए हैं
मात्मा ने कहा तुम थोड़ा सावधान रहना क्योंकि इस नदी में बहुत ही जहरीले सांप रहते हैं इसीलिए तुम्हें इनसे बच के रहना होगा उसने कहा अच्छा कि आपने बता दिया लेकिन आप मुझे यहां लेकर क्यों आए हैं इस बात का जवाब दीजिए महात्मा ने कहा इस नदी से मुझे कमल निकालने हैं इसलिए क्या तुम कमल के फूल मुझे लाकर दे सकते हो लड़का ने कहा बस छोटी सी बात है मैं जरूर करूंगा लड़का नदी में उतर गया और कमल के फूल को तोड़ने लगा तब तक उसे महसूस हुआ कि उसके पैर में शायद कुछ काट
लिया है ऊपर आकर देखा तो उसका पैर खून से लथपथ भर चुका था उसने महात्मा को दिखाया कि महात्मा देखिए मुझे क्या काटा है कहीं वो विषधारी सांप तो नहीं है महात्मा ने कहा नहीं नहीं यह कोई सांप नहीं है दरअसल एक लकड़ी है जो तुम्हारे पैर में चूप गई है ये कोई सांप नहीं है लड़के ने बोला फिर मुझे घबराने की कोई जरूरत नहीं है यह तो जस्ट एक नॉर्मल लकड़ी है तब तक उसने देखा कि वो नुकी लकड़ी उसी पानी में तैरती हुई ऊपर आ गई अब उसे यकीन हो गया कि ये कोई
सांप नहीं दरअसल सिर्फ ये लकड़ी का टुकड़ा है जो मेरे पैरों में चुप गया है और लड़का फिर से कमल के फूलों को तोड़ने लगा कुछ समय पश्चात उसके दूसरे पैर में फिर से कोई नोकीली चीज चुबी महात्मा ने कहा अरे बचो तुम्हें सांप ने काट लिया है लड़का डर बायर नदी में उछला और नाव पर चढ़ गया देखा तो उसका दूसरा पैर भी खून से लखपत था लेकिन कुछ समय पश्चात पानी के ऊपर जरीला सांप दिखाई दिया जो वहां से जा रहा था अब लड़का डर के मारे उसकी हालत बहुत खराब हो गई और
वहीं पर बेहोश हो गया उसकी हालत अब मरने जैसी हो गई क्योंकि खून बहुत ज्यादा बह रहा था महात्मा उसे अपनी कुटिया में ले गए और उसका उपचार किया थोड़े समय बाद उसे होस आया उसने पूछा क्या मैं जिंदा हूं मैं कैसे बच गया महात्मा ने कहा तुम्हें कुछ नहीं हुआ ये सिर्फ एक मन का वहम है उसने बोला मन का वहम है यह कैसा वहम मैंने अपनी आंखों से देखा कि सांप पानी के ऊपर तैर रहा था था इसका मतलब तो य है कि उसने ही मुझे काटा होगा महात्मा बोले नहीं वहां कोई सांप
नहीं था दरअसल तुम्हें सांप जब तुम्हें पहली बार चोट लगे उस समय सच में तुम्हें सांप ने काटा था लेकिन दूसरी बार वह कोई सांप नहीं वो लकड़ी थी जो मैंने तुम्हारे पैरों में छुपाई थी तुम पहली बार में बिल्कुल नहीं डरे जबकि उस समय तुम्हें सच में सांप ने काटा था इसी चीज को देखते हुए मैंने दूसरी बार तुम्हारे पैर में कांटा चुवाया और सांप का प्रतिबिंब तुम्हें दिखाई दिया क्योंकि तुम्हारे मन में एक वहम था कि तुम्हें जरूरी सेही सांप ने काटा होगा और इसकी वजह से तुम बेहोश हो गए दरअसल इस नदी
के कोई भी सांप जहरीले नहीं है यह सिर्फ एक आम सांप है जिनके काटने से कभी कुछ नहीं होता लेकिन यह तुम्हारे लिए सबक है मन को यकीन था तब तुम बिल्कुल भी नहीं डरे लेकिन जब मन को यकीन नहीं था तो तुम्हारे पैर में लकड़ी चुप जाने से तुम बेहोश हो गए यानी तुम्हारा दिमाग तुम्हें इस बात को समझा दिया कि तुम्हें पक्का सांप नहीं काटा है इसीलिए यह तुम्हारे लिए हानिकारक है मैंने तुम्हें बताया था कि सांप जहरीला है इसीलिए तुम बेहोस हो गए जिंदगी में एक बात हमेशा याद रखना इंसान की कमजोरी
उसके दिमाग में बसती है इंसान का माया जाल और इंसान के पैरों की जंजीर उसके दिमाग में है तुम खुद को जैसा बताते हो तुम खुद को जैसा समझाते हो दरअसल तुम वैसे ही बन जाते हो और तुम्हारे साथ वैसे ही होता है एक चंचल मन कभी भी ध्यान केंद्रित नहीं कर सकता और एक भटका हुआ मन कभी भी चीजों को समझ नहीं सकता यह सब ज्ञान की चीजें हैं और ज्ञान कोई तभी सीख पाता है जब उसका मन मन शांत और अपने रास्ते पर अडिग होता है कामयाब बनना है हर कोई सोच लेता है
लेन कामयाबी तब तक नहीं मिलती जब तक कि उसके अंदर पागलपन और जुनून नहीं आता तुम सालों साल मेहनत करते रहो लेकिन उसके बाद भी तुम्हारे हाथ कभी कामयाबी नहीं लगेगी महात्मा ने उसे कहा यह पुस्तक है क्या तुम इसे पढ़ना पसंद करोगे लड़का ने बोला निश्चय ही मैं इस किताब को पढ़ूंगा और किताब को पढ़ने की कोशिश करने लगा लेकिन जहां थोड़ी देर तक पढ़ा उसका मन उस किताब से हटक के वहां की फूल पौधों और वादियों में चला गया क्योंकि वो वाकई बहुत सुंदर थी महात्मा सारी चीजें होते हुए देख रहे थे कि
वो पढ़ने के बजाय उन चीजों प कैसे ध्यान करके उनमें खो चुका है महात्मा ने उ समझाया कि जब तुम्हारे दिमाग के पास बहुत सारी चीजें करने को होती हैं तो हमेशा वही काम करता है जिसमें उसे आनंद प्राप्त हो महात्मा ने उसे तीन सबक सिखाया और बोला जिंदगी में तुम इन बातों को हमेशा याद रखना तभी कामयाबी तुम्हें मिलेगी और तभी तुम अपनी मंजिल तक पहुंच पाओगे सबसे पहला और नंबर वन ध्यान करने की आदत डालो जब हम ध्यान करते हैं तो हम अचानक से ध्यान में नहीं चले जाते स्टार्टिंग के कुछ मिनट हम
सिर्फ उन चीजों के बारे में सोचते हैं जो हमारे दिमाग में चल रही होती है लेकिन जैसे ही वो थॉट खत्म होता है आप उन चीजों के बारे में सोचने लगते हो जो आपको चाहिए या जो चीज आपको परेशान कर रही है ध्यान का अर्थ दूसरा यही है कि आप अपने विचारों से मुक्त हो जाओ आपके दिमाग में जीरो थॉट आ जाए और जब आप जीरो थॉट प पहुंचो ग तब शुरू होती है वहीं से आपके अंदर शांति और ध्यान का केंद्र आपका मन शांत है या शांत इस चीज को जांचने के लिए आप कभी
चुपचाप सीधे आसन करके बैठ के देखना आप दो मिनट से ज्यादा ध्यान नहीं कर सकते और ना ही आप साथ चुपचाप बैठ सकते हो अगर आप ऐसा करोगे तो आपको घबराहट होगी यही चीज निशानी है कि आपके मन में कितनी सारी चल रही है और मन में कितनी उथल-पुथल है और यही उथल-पुथल आपको ध्यान करने से रोक रही है जिसे आपको दूर करना है अगर आप हमेशा ध्यान करते हैं तो यह आपके लिए अच्छी बात है लेकिन जिस दिन आपको याद पड़ गई आप इसका महत्व समझ जाओगे इसीलिए हर दिन कम से कम आपको 15
से 20 मिनट ध्यान करने की आदत डालनी चाहिए नंबर दो हर समय मेहनत करो अब आप सोचोगे यह क्या बात है हर समय भला कोई मेहनत कैसे कर सकता है मुझे पता है लेकिन मैं आपको सिर्फ यह बताना चाहता हूं पढ़ने के टाइम प हर कोई पढ़ता है यानी व समय जब स्कूल का आपको काम मिलता है वो समय जब आप चीजों के बारे में पढ़ते हो लेकिन आप तब नहीं पढ़ते जब आपको सही में नहीं पढ़ना होता यानी छुट्टियों समय या व समय जिस समय आपको नहीं पढ़ना होता है सीधे कहने का मतलब यह
है कि आप बाहरी चीजों से भी सीख सकते हो दिमाग को फालतू के उलझने में उलझा सकते हो वो सारी कैलकुलेशन जो आप ऐसे कॉपी पेन प नहीं कर सकते आप अपने दिमाग को बोल के उसमें व्यस्त रह सकते हो यह चीज आपके दिमाग को मजबूत बनाती है उल्टे पलटे क्वेश्चंस उल्टे पलटे सवाल आप अपने दिमाग में मैथमेटिकली जुड़वा सकते हो आप ऐसा करके देखना आपका दिमाग कैसे उन चीजों में उलझा रहेगा यह एक दिमाग को स्ट्रांग बनाने की ट्रक होती है सड़क पर चलते समय आप बिलबोर्ड को उल्टा पढ़ना कोई भी चीज दिखे उसके
बारे में खुद से सवाल करना और उसके बारे में सोचना और अमल करना यह सारी चीजें आपको बहुत मदद करती हैं नंबर तीन और सबसे इंपॉर्टेंट खुद का आकलन करना देखो जीवन चल रहा है मैं हर बार आपको समझाता हूं कि जीवन चलता ही रहेगा आप कुछ करो तो भी कुछ ना करो तो भी समय निकल रहा है इसीलिए शाम के एंड में महीने के एंड में या वीकेंड पे आप अपने थॉट्स को कॉपी पेन डायरी नोटपैड पर लिखने की आदत डालो पढ़ाई के साथ कुछ ऐसी हॉबीज भी होती हैं जिसे करना हर किसी को
पसंद होता है किसी को बिजनेस के आईडिया किसी को राइटिंग का शौक किसी को भी तरह-तरह की चीजें होती है इसीलिए जब भी आपके मन में कोई भी थॉट्स आए उसे इमीडिएट तुरंत लिख डालो कभी-कभी आपके दिमाग में बहुत ही माइंड ब्लोइंग आइडियाज आते हैं कुछ अच्छे थॉट्स आते हैं और आप बाद में उसे याद करने की सोचते हो लेकिन आप उसे याद कर ही नहीं पाते और वो चीज बड़ी स्पेशल होती है इसलिए जब भी वो चीज याद आए तुरंत फोन निकालो डाय निकालो उसे तुरंत उसे लिख लो उस चीज को आप तब पढ़ना
जब आप बिल्कुल फ्री रहोगे सालों बीत जाते हैं तब भी वो यादें वैसी की वैसी पड़ी रह जाती है तब उसे आप देखोगे तो आपको याद आएगा कि यार कभी मैंने ऐसी चीजें सोचा करता था देखो वक्त पल-पल निकल रहा है छ महीने निकल गए छ महीने और बचे हैं और ये छ महीने भी निकल ही जाएंगे समय का क्या है समय गुजरता ही रहेगा लेकिन समय के साथ-साथ चलते रहना ये हमारी जिम्मेवारी है समय के साथ-साथ सीखते रहना ये हमारी जिम्मेवारी है और समय के साथ आगे बढ़ते रहना यह हमारी जिम्मेवारी है और इन
सारी बातों को याद दिलाना यह मेरी जिम्मेवारी है इसलिए मैं तो अपना काम कर रहा हूं बाकी आपको यह वीडियो कैसी लगी आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए और किसी भी तरह का सवाल है तो आप वो भी हमसे पूछ सकते हैं तब तक हम आपसे मिलते हैं ऐसे एक और मजेदार वीडियो के साथ अगले दिन धन्यवाद