अस्सलाम वालेकुम कैसे हैं आप लोग उम्मीद है खैरियत से होंगे जहां होंगे खुश होंगे अल्लाह ताला ऐसे खुश रखे सेहत वाली लंबी उमर दे जितने लोग परेशान हैं अल्लाह ताला उनकी परेशानियां दूर फरमाए जितने लोग बीमार हैं अल्लाह ताला उन्हें सेहत दे और जितने लोग इस दुनिया से रुखसत हो चुके हैं अल्लाह ताला उनकी बख्श फरमाए अच्छा जी आज एक टॉपिक जिसके बारे में मैं कभी बोलना नहीं चाहता कि जो नेगेटिव कमेंट्स आते हैं आप लोगों को मैं एक बात बताता चलूं अगर आप लोगों के कमेंट्स को मैं पढ़कर अपने दिमाग पर लेता तो आज
अपना कंसिस्टेंसी से काम नहीं कर रहा होता स्टोरीज कभी अच्छी भी आती हैं और कभी ऐसी भी होती हैं कि आपको अच्छी नहीं लगती अगर आपको नहीं लगती तो इट्स ओके कोई मसला नहीं है अच्छा वो जो कमेंट्स कर रहे होते हैं नेगेटिव जब स्टोरीज अच्छी आती हैं तो तब आप लोगों का कभी कमेंट नहीं आया एप्रिशिया जाए तो आप फौरन नेगेटिव कमेंट करने आ जाते हैं तो खैर उन लोगों से भी जो मेरे बहुत प्यार करने वाले हैं उनसे भी रिक्वेस्ट है कि आप लोगों को मैंने देखा है कि कमेंट आता है ऐसा कुछ
तो आप नीचे फौरन उसको रिप्लाई करने लगते हैं जिन्हें मैं इग्नोर करता हूं तो आप भी इग्नोर करें छोड़ें को अगर इंसान इन चीजों में लग जाए तो कभी आगे नहीं बढ़ सकता तो आपसे रिक्वेस्ट है कि पॉजिटिव राह करें ये आप लोगों की अपनी लाइफ में आप लोगों के लिए भी बहुत बेहतर है मैं सही बात बता रहा हूं आपको आप पॉजिटिव रह के चलें यकीन करें अल्लाह ताला कहां से कहां ले जाएगा आपको अंदाजा नहीं है तो आई होप आप लोगों को समझ आ गए होंगे मेरे मैं क्या कहना चाह रहा हूं मैं
अभी भी बहुत पॉजिटिव होके आपकी बात का रिप्लाई कर रहा हूं यकीन करें आप लोगों के कमेंट्स पढ़ के ना मुझे बुरा लगता है ना मुझे अच्छा लगता है मैं कोई भी उसका रिएक्ट नहीं करता हूं अगर मैं दिल पे लेने लगूं तो मैं काम नहीं कर सकता तो इसलिए अपना टाइम वेस्ट ना करें और फिर भी अगर आपको करने है कमेंट्स तो नो प्रॉब्लम रिमेंबर मैं ये उन लोगों के लिए कह रहा हूं जो लोग मुझे नेगेटिव कमेंट्स करते हैं खास तौर पे वो लोग जो मेरी अच्छी स्टोरीज पे कभी एप्रिशिया उस परे मुझे
और भी अच्छे कमेंट्स आ रहे होते हैं तो मैं एक दो नेगेटिव कमेंट्स आ जाए और इतने ज्यादा प्यार करने वाले लोगों को इग्नोर कर दूं ऐसा नहीं हो सकता और जो लोग अच्छे कमेंट्स करते आप लोगों का दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया मैं कमेंट्स पढ़ता हूं और मुझे बहुत अच्छा लगता है और यही वजह है कि मैं बहुत मोटिवेट हूं तो ज्यादा आपको बोर नहीं करूंगा वक्त जाया नहीं करूंगा चलते हैं आज की स्टोरी की तरफ एक रिक्शा ड्राइवर की स्टोरी है जो आपको अच्छी लगेगी स्टोरी शुरू करने से पहले आयतल कुर्सी पढ़ लें अपने
आसपास हिसार बांध लें क्योंकि सुना है जब इन मखलूक का जिक्र होता है तो ये बड़े इंटरेस्ट से आपके करीब आ जाती हैं और अपनी बातें सुनने लगती हैं अगर हिम्मत है तो लाइट्स ऑफ कर लें और सोने से पहले अपने बेड के नीचे और अपने ब्लैंकेट से मुंह बाहर निकाल के देख है कहीं कमरे में आपके अलावा कोई और तो नहीं तो चलते हैं अपनी स्टोरी की तरफ अस्सलाम वालेकुम अदान भाई ये जो वाक्य है यह मेरा अपना है और यह रिसेंटली मेरे साथ पेश आया है मेरा नाम साहिल है और यह वाकया चार
दिन पहले का है मैंने सोचा था कि आपसे यह वाकया शेयर करूंगा मगर मुझे वक्त नहीं मिल सका आज मैंने जुम्मा की नमाज पढ़ी और मुझे आज काफी सुकून महसूस हो रहा है जो कुछ मेरे साथ हुआ था वह बड़ा ही खौफनाक था अब मैं आपको कहानी बताता हूं हुआ कुछ ऐसा था कि मैं रिक्शा चलाया करता था मुझे रिक्शा चलाते हुए 20 दिन हो चुके थे और मेरी अच्छी खासी आमदनी हो रही थी जब मैं सवारी की तलाश में था कुछ वक्त गुजरा था कि मेरे पास एक नौजवान लड़का आता है आपको बताता चलूं
कि मैं दिल्ली से हूं जब मैं बसवा चौक पर सवारियों के ार कर रहा था तो वह नौजवान लड़का मेरे पास आता है यह बात मैं इसलिए बता रहा हूं ताकि आप सही तौर पर समझ सके जो मुझसे कहता है कि भाई आपको हरियाणा जाना है मेरे रिक्शे की 10 घंटे की चार्जिंग चलती है जब इसने हरियाणा जाने की बात की उस वक्त मेरी ज्यादा आमदनी भी नहीं हुई थी एक घंटा गाड़ी चलाई थी मैं पहले भी जा चुका हूं हरियाणा व पूरा गांव जैसा एरिया है वहां पर खेतीबाड़ी भी बहुत है जब वो मुझसे
कहता है तो मैं से कहता हूं ठीक है भाई चल दूंगा क्या पैसे दोगे क्योंकि दिल्ली से हरियाणा का 5 घंटे का सफर था तो जाने पर मैं ज्यादा सोचता भी नहीं था मगर मुझे यह नहीं पता था कि मेरा वहां जाना कितना भारी पड़ सकता है मैं उसके गोदाम पर जाता हूं वो अच्छे खासे पैसों में मुझे लेकर आया था मेरा उसमें कोई भी नुकसान नहीं था जब मैं उसके गोदाम पहुंचता हूं तो वहां पर एक मशीन थी थोड़ा बहुत और भी सामान था जो मेरे रिक्शे पर ही मुझे ले जाना था मशीन का
वजन बताता चलूं वह एक कंटल की मशीन थी तकरीबन छह से सात बंदे मशीन को मेरे रिक्शे पर लात देते हैं थोड़ा बहुत सामान था वह भी सब सेफ्टी से आ चुका था अब मुझे दिल्ली से हरियाणा के लिए निकलना था वह मुझसे कहता है कि बहादुरगढ़ मस्तान चौक पर आपको सामान ले जाना है मैं उस बंदे का नंबर दे रहा हूं जब आप वहां पहुंच जाओगे तो उनको फोन कर देना मैं पहले भी वहां जा चुका था तो मैंने अपने फोन में कोई लोकेशन नहीं लगाई बताता चलूं मैं 12:00 बजे के करीब निकला था
दिल्ली से हरियाणा मेरी गाड़ी में काफी वजन हो गया था मगर जैसे-तैसे करके स्लो स्लो वहां पहुंच जाता हूं पहुंचते ही मैंने उस बंदे को फोन किया सामान अपनी गाड़ी से उसके बदाम में उतरवा या वह बंदा मुझसे कहता है भाई आप ज्यादा थक गए हो तो खाना पना खा करर जाना वह मुसलमान थे और काफी अच्छी आदत के थे मुझे उनका रवैया बहुत अच्छा लगा जब ज्यादा जिद्द करते हैं तो मैं रुक जाता हूं और आपको तो पता ही होगा कि सर्दी के मौसम में काफी जल्दी अंधेरा हो जाता है हम चाय वगैरह पीते
हैं मुझे ऐसे करते करते 7:00 बज जाते हैं अब मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं और दहली के लिए रवाना हो जाता हूं 15 20 मिनट की दूरी पर मैं पहुंचा ही था कि मुझे जाना शॉर्टकट रास्ते से था तो मैं अंधेरे की वजह से समझ नहीं पाया मैं लंबा रास्ता ले लेता हूं मुझे अपनी बैटरी रिक्शे पर भरोसा था मगर मुझे यह नहीं पता था कि मुझे गाड़ी धोखा दे देगी जहां से मैं आया था वहां पर बहुत से रोड जा रहे थे इधर से उधर मगर मुझे यह नहीं पता था कि कौन सा
रोड कहां जा रहा है बस मैं चलता रहता हूं कुछ वक्त गुजरता है जब मुझे लगता है कि गलत रास्ते से जा रहा हूं मैं ग में मैप लगाता हूं इसके जरिए जाने की कोशिश करता हूं मगर वह ग मैप मुझे काफी पीछे का रास्ता बता रहा था मगर मैं अब डेढ़ घंटे का रास्ता पार करके आ चुका था आगे की तरफ मुझे पीछे डेढ़ घंटे का रास्ता पार करना था और वहां से निकलना था ऐसे करते करते काफी वक्त गुजर जाता है जब मैं वक्त देखता हूं तो मैं बहुत ज्यादा परेशान हो जाता हूं
अब मेरा अपने रिक्शे से भी भरोसा हट रहा था क्या अब इसने कहीं बीच रास्ते में दम तोड़ दिया तो मेरा जाना दुश्वार हो सकता है जो खतरा मेरे अंदर मंडला रहा था अब वही खतरा आगे होने वाला था मुझे अपनी सीधी लाइन पर वापस जाना था और मेरी गाड़ी की हेडलाइट ऑन ऑफ होने लग जाती है और मेरी गाड़ी स्लो हो जाती है अब मैं इतना ज्यादा परेशान हो चुका था कि मुझे समझ नहीं आ रहा था इतना मैंने कमाया नहीं था अब उससे ज्यादा मेरा नुकसान होने वाला था क्योंकि धक्के के सहारे से
मैं दिल्ली तक नहीं पहुंच सकता था इसलिए मुझे किसी बड़ी गाड़ी के जरिए ले जाना था जिस रास्ते पर मैं था चारों तरफ खेत ही खेत है और अब अंधेरा भी हो चुका था गाड़ी की हेडलाइट लाइट का जरिया था वह भी खत्म हो चुका था अब मैं बीच रास्ते में ही फस गया था मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था अब मैं किसी को कॉल भी करता तो उससे क्या कहता मैं किस जगह पर हूं वो जगह मुझे खुद नहीं पता थी कि किस रास्ते पर हूं जिस जगह पर मैं था वहां ना कोई
बंदा था ना बंदे की जात मुझे लग रहा था कि जो मैं भूतिया कहानी सुनता रहता हूं अब वो हकीकत में मेरे साथ होने वाला है क्योंकि मैं उसी तरह की जगह पर था अब कुछ ऐसा होता है कि मैं अपनी गाड़ी को धक्का लगाते हुए आराम आराम से उस सड़क की तरफ चलता रहता हूं अब मुझे रिक्शा को धक्का मार के उस सड़क तक लाना था अब मुझे प्यास लगने लग जाती है मेरा गला खुश्क हो जाता है क्योंकि वहां पर इतनी ठंड थी कि मैं काम भी रहा था और मैं उन पैसों की
वजह से आज इतनी तकलीफ और परेशानी उठा रहा था मुझे यह नहीं पता था मैं गाड़ी साइड पर लगाकर अपने रिक्शे में बैठता हूं और आराम करने लग जाता हूं क्योंकि मैं उस कच्ची सड़क पर था मैं इंतजार कर रहा था किसी का कि कोई आए मैं उससे मदद मांगू मगर उस इंसान सड़क पर शायद कोई मदद करने वाला नहीं था वह मेरी गलती थी जो मैं दूसरे के भरोसे इंतजार कर रहा था मुझे इतनी प्यास लग रही थी कि अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था मुझे काफी डर भी लग रहा था वहां पर
क्योंकि वैरान सड़क पर मैं अकेला था अब मुझे समझ नहीं आता कि मैं क्या कर कुछ वक्त गुजरता था अब टाइम 10 का हो रहा था दूर से एक आदमी मुझे नजर आता है और मैं अंदर ही अंदर खुश भी हो जाता हूं और काफी परेशान भी होता हूं कहीं इंसान की जगह कोई मखलूक ना हो तो मेरा क्या होगा मगर मैं हिम्मत दिखाता हूं और बैठा रहता हूं अब वह शख्स मेरे पास ही आ जा रहा था अब वह मेरे पास आ चुका था वह मुझसे कहता है क्या बात है बड़े परेशान लग रहे
हो और यहां अकेले क्या कर रहे हो मैं उसे कहता हूं वैसे तो मुझे वह बिल्कुल नॉर्मल लग रहा था ऐसा कुछ नहीं था तो मैं सारी बात बता देता हूं तो वह मुझसे कहता है कि इस वक्त तो कोई मदद नहीं है वक्त ज्यादा हो चुका है मगर हां तुम मेरे घर चल सकते हो वहां पर रात गुजार सकते हो और अपनी गाड़ी यहां खेतों के नीचे उतार दो बाकी जो होगा मैं देख लूंगा अब मैं उसे सही तौर पर देखने लगता हूं कि यह इंसान ही है ना कहीं और कुछ ना हो मगर
वह मुझे हर तरह से इंसान ही लग रहा था अब मैं उसके साथ चल देता हूं मैं उसे कहता हूं कि भाई यहां तो कोई घर नजर नहीं आ रहा दूर-दूर तक तो आप मुझे कहां ले जा रहे हो तो मुझे कहता है आप चलो तो सही आपको दिख जाएगा घर आप डरो मत घबराओ मत मैं आपको कुछ नहीं करूंगा मैं हौसला जाहिर करता हूं इसके साथ चलता रहता हूं जब मेरी नजर काफी दूर जाती है तो मुझे वहां एक घर नजर आता है जो जो बाहर से ही बल्ब की टिमटिमाती रोशनी दे रहा था
अब बस वहां पहुंचने में पाच मिनट और लगने थे तो मैं उसे कहता हूं भाई आप इतनी रात में कहां जा रहे थे तो मुझे कहता है मैं तो ऐसे ही घूमता रहता हूं मैंने देखा कि आप परेशान है तो मैं इसलिए आपके पास आया हूं मगर मुझे कुछ अलग ही मामला लग रहा था फिर भी मैं हौसला जाहिर करता हूं इसके साथ इसके घर तक पहुंच जाता हूं जब इसके घर में दाखिल हुआ तो इसकी बीवी थी इसका एक बेटा था अंदर दो-चार पाइयां पड़ी हुई थी वो लेटी हुई थी इसका बेटा भी अपनी
मम्मी के साथ चादर ओड़कर लेटा हुआ था वो शख्स मुझसे कहता है कि आपको कुछ खाना पीना है तो मैं उससे कहता हूं भाई मुझे बहुत जोर से प्यास लग रही है मुझे पानी पिला दो व पानी लाता है जब मैंने पानी पिया तो मुझे काफी सुकून महसूस हुआ मैं उसका शुक्रिया अदा करता हूं और आपको बताता चलूं वहां पर एक झोंपड़ी थी जो आगे की तरफ थी और एक झोंपड़ी पीछे की तरफ थी मैंने देखा था तो मुझे एक ही घर नजर आ रहा था मगर इसके पीछे भी एक घर था शायद उसमें कोई
भी नहीं रहता था अब वह मुझसे कहता है कि आप खाना पना खा लो और मैं आपको इस वाले कमरे में सुला दूंगा कहता है कि आप बुरा मत मानना मेरी बीवी को पसंद नहीं है कोई गैर इंसान यहां आए वसे कहता हूं कोई बात नहीं भाई आपने इतना साथ दिया इस के लिए शुक्रिया मगर मुझे काफी डर भी लग रहा था कि कहीं इंसान की जगह और कुछ ना निकला है अब मैं खाना पना खा लेता हूं वह मुझे पीछे वाला घर दिखाता है और कहता है यह आपका घर है वहां पर जीरो वाट
का बल्प था जो बहुत मध्यम रोशनी देता था वहां पर एक चरपा भी पड़ी थी जो काफी पुरानी थी और दोनों घर भी काफी पुरानी नयत के लग रहे थे उस घर में बिल्कुल भी सफाई नहीं थी जिस में मैं सोने जा रहा था मैं उसे कहता हूं कोई बात नहीं भाई मैं सो जाऊंगा यहां पर मुझे कोई मुश्किल नहीं है मगर आप भी मेरे साथ सो जाए मुझे डर लगता है व हसता है और कहता है क्या डर आप आराम से सोइए कोई तकलीफ हो तो बताइएगा किसी चीज की कमी हो तो बताइएगा मैं
उसे कहता हूं कोई तकलीफ नहीं है भाई मगर मुझे डर लगता है क्योंकि मैं कहानियां ज्यादा सुनता हूं तो मुझे कहता है कि आप शायद फस गए हो जब मैं उसकी इतनी सी बात सुनता हूं तो और भी ज्यादा खौफ जदा हो जाता हूं कि आखिर यह क्या कह रहा जब मैं डरते हुए इससे पूछता हूं तो मुस्कुराता है और कहता है मुझसे कि ऐसी कोई बात नहीं है फिर वह फौरन बात को काट के कहता है आप सोइए और मैं जा रहा हूं सोने मैं आपको जल्दी उठा दूंगा सुबह आप चले जाना मगर मैं
इससे काफी जिद करने लगता हूं कि भाई आप भी मेरे साथ सो जाइए मुझे डर लगता है तो कहता है नहीं मेरी बीवी भी है बाहर और इसको भी डर लगता है मैं अपनी बीवी को छोड़ नहीं सकता आप सोइए आपको कोई तकलीफ नहीं होगी अब वो चला जाता मुझे इतना बोल के मैं डरा सहमा हुआ इसके घर में रहता हूं और मुझे डर भी लगता है मैं सोचता हूं कि आज मैं कहां फंस गया हूं जहां पर उनका घर था वहां पर दूर दूर तक कोई आबादी नहीं थी ना कोई बंदा था और ना
ही बंदे की सात अदान भाई एक चादर थी वहां पर और मुझे काफी सर्दी भी लग रही थी वो काफी छोटा कमरा था ज्यादा से ज्यादा वहां पर तीन से चार लोग सो सकते हैं वो इतना ही बड़ा घर था अब मैं इधर-उधर कंबल देखता हूं कि शायद कंबल दिख जाए और मेरी सर्दी रुक जाए और मेरी नींद आराम से पूरी हो जाए और वहां पर मुझे गाड़ी की टेंशन भी हो रही थी क्योंकि मैंने नया रिक्शा लिया था अगर कोई ले जाए वहां से तो मैं तो और भी ज्यादा मुसीबत में फस सकता हूं
मगर क्या करता मजबूरी ऐसी होती है कि कुछ भी करना पड़ता है अब उस शख्स ने बाहर से ताला लगा दिया था और इसने मुझसे कहा अगर आपको वॉशरूम जाना हो तो आप साइड पर होकर कर लेना कोई तकलीफ नहीं यह बड़ी अजीब बात थी और वह कहने लगा मगर गेट नहीं खोलेंगे मैं इससे बहुत ज्यादा खौफ जदा हो जाता हूं मगर क्या करता मैं ऐसे आलम में फस चुका था 12 का वक्त हो चुका था और अब मैं काफी ज्यादा थक चुका था मुझे कब नींद आ जाती है मुझे पता नहीं चलता जब मेरी
आधी रात में आंख खुलती है तो मुझे आवाज आती है जैसे कोई आपस में सरगोशियां कर रहा हो जब मैं ऐसा सुनता हूं तो मेरा हौसला नहीं होता कि उठकर देखूं यह आवाज कहां से आ रही है और कौन है मैं इससे नजरअंदाज करता हूं फिर सोने की कोशिश करता हूं मगर मुझे डर के मारे नींद नहीं आ रही थी फिर मुझे ऐसा लगता है कि दरवाजे कोई दस्तक दे रहा हो जब काफी देर तक आवाज आती रही तो मैं अंदर से डर सेमा पूछता हूं कौन है भाई क्या आप हो भाई तो अंदर आ
जाइए ऐसे दरवाजा ना खटखटा हो मुझे डर लग रहा है तो बाहर से मुझे हंसने की आवाज आती है इतना सब हुआ ही था कि जो मध्यम रोशनी कमरे में हो रही थी वह भी बंद हो जाती है अब उस कमरे में गहरा धीरा हो गया था अब मैं काफी परेशान हो गया मैंने कलमा पढ़ा और चादर ओड़कर लेट गया अब मुझे ऐसा लगता है किसी ने दरवाजा खोला और वह अंदर आ गया मगर मेरा हौसला नहीं हो रहा था कि मैं चादर से मुंह निकाल कर देखूं कि आखिर कौन है और मुझे साथ-साथ दरवाजे
की खुलने की आवाज सुनाई दी अब ठंड में भी मुझे पसीने आए अब मुझे ऐसे लगता है जैसे कोई मेरे बगल में आकर खड़ा हो गया इतना सब कुछ मुझे लगने लगा तो मैं तेज तेज कलमा पढ़ने लगता हूं अब वो आवाज मुझे साफ सुनाई देती है वो मुझे कहता है कि आज तू नहीं बचेगा तूने गलत किया है यहां पर आकर जब मैं यह सब सुनता हूं तो बहुत ज्यादा डर जाता हूं मगर मैंने चादर से मुंह नहीं निकाला मुझे ऐसा लगता है कि किसी ने मेरा पैर पकड़ लिया और अब मेरा पैर पकड़कर
किसी ने जोर-जोर से खींचा मैं इतना जोर से चीखा मगर उसके बाद भी जो मखलूक थी वह मुझे तंग कर रही थी मैं जोर-जोर से कलमा पढ़ रहा था मुझे ऐसा लग रहा था कि वह मखलूक अब मुझसे दूर हो चुकी है अब आवाजें खामोश हो चुकी थी अब मैं डरा सहमा हुआ दोबारा सोने की कोशिश करता हूं मुझे नींद कहां आने वाली थी अब मैं डरते हुए चादर फिर से पांव तक ढप लेता हूं भाई मैं आपको क्या बताऊं उस वक्त मेरी क्या कैफियत थी कुछ वक्त गुजरा था कि मुझे लगा जैसे कोई मेरी
चादर पैर से खींच रहा हू अब मैं काफी ज्यादा परेशान हो चुका था अब मैंने इरादा कर लिया था कि मैं यहां नहीं रुकूंगा अब मैं यहां से जैसे-तैसे करके निकलकर अपनी गाड़ी तक पहुंच जब मैंने चादर से मुंह निकाला देखा कि मेरी चादर कौन खींच रहा है तो आसपास कोई भी नहीं था और अंधेरे में मुझे कुछ नजर भी नहीं आ रहा था फिर मुझे अचानक से बच्चे के रोने की आवाज आती है तो मुझे यह लगता है शायद वह जाग रहे हैं मैं गेट खुलवाने के लिए गेट तक पहुंचता हूं मैं गेट खटखटाना
शुरू कर देता हूं और बोलता हूं भाई मुझे यहां से जाना है मेरे घर से फोन आ रहा है गेट खोल दो मैं बहुत जोर-जोर से दस्तक दे रहा था मगर किसी ने गेट नहीं खोला ना ही कोई आवाज आई मुझे बहुत ज्यादा डर लग रहा था जब कोई मेरे बोलने पर गेट नहीं खोलता तो मैं जोर-जोर से गेट पर लाते मारता हूं ताकि गेट खुले और मैं यहां से भागू क्योंकि अब मेरा इरादा बिल्कुल भी नहीं था कि वहां रुकू क्योंकि मुझे उस मखलूक ने जो भी थी बहुत ज्यादा तंग कर दिया था और
मैं इतना डर चुका था फ थोड़ी देर बाद गेट पर लाते मारना कम कर देता हूं तो अचानक से मुझे ऐसा लगता है कि कोई मेरे गेट के पास आया है और किसी ने गेट खोलने का रादा किया जब मैं काफी देर तक देखता हूं तो कोई गेट खोल रहा है मेरा और मैं बाहर निकलने जा रहा हूं मगर काफी देर गुजर गई व गेट नहीं खुला अब मैं और ज्यादा मारने लगा गेट पर मगर फिर भी गेट नहीं खुलता है फिर मैं दोबारा चरपा पर आकर लेट जाता हूं और मैंने जब अपने फोन में
वक्त देखा तो 4:30 का वक्त हो रहा था फिर भी काफी अंधेरा था जब कुछ वक्त गुजर चुका था अचानक से गेट खुलते ही वही शख्स मेरे पास आता है वह कहता है मुझसे क्या बात है बहुत आवाज कर रहे हो सोने नहीं दे रहे मैं उससे कहता हूं मेरे घर से फोन आ रहा है मैं यहां से जा रहा हूं तो कहता है कोई बात नहीं आप चले जाएं फिर वो मुझसे कहता है आप इतनी ठंड में कैसे जाओ तो मैं कहता हूं उसे मैं जैसे भी जाऊं मुझे जाने दो यहां से अब मैं
वहां से बस दौड़ लगाना शुरू कर देता हूं जब मैं दौड़ लगाता ही कुछ दूरी पर पहुंचता हूं तो मैं पीछे मुड़कर देखता हूं वहां पर जो मध्यम रोशनी जल रही थी जिसमें मैं था वहां तो बिल्कुल ही रोशनी नहीं थी और जहां पर वह बंदा था वहां पर रोशनी थी जहां मैं सो रहा था बिल्कुल ंडर था जब मैं कुछ और दूर पहुंचता हूं तो देखता हूं कि वहां कोई रोशनी का नाम और निशान नहीं था और वो एक जो घर मुझे थोड़ा बहुत ठीक लग रहा था ंडर में बदल चुका था और वहां
से मुझे बहुत जोर-जोर से चीखने चिल्लाने की आवाजें आती है और मखलूक मुझसे कहती है आज तुम बच गए तुम्हारा नसीब बहुत अच्छा है नहीं तो तुम भी हमारे साथ होते वो चीज इतनी दूर से कह रही थी फिर भी आवाज मेरे कानों में आ रही थी मैं किसी ना किसी तरह करके अपने गाड़ी के पास पहुंचता हूं वहां पर इंतजार करता हूं कोई आ जाए और मैं इसकी मदद से इस रास्ते तक पहुंच जहां से मुझे दिल्ली के लिए निकलना हो मगर मैं ऐसी जगह आ चुका था मुझे खुद नहीं पता था कि मैं
कहां हूं मैं काफी वक्त इंतजार करता हूं तो हल्की हल्की सुबह हो गई मैं अपनी गाड़ी को धक्का मारता हूं उसी रास्ते निकलता हूं द दाजे के तौर पर अब काफी रोशनी भी हो गई थी और मैं उस खौफनाक ंडर से भी ऊपर वाले लेके कर्म से निकल चुका था कि कोई यह मेरे अल्लाह का कर्म था अब मैं जैसे तैसे करके वहां तक पहुंचा हूं गाड़ी को चपन करता हूं और अपनी गाड़ी चपन में लगवाता हूं वहां से ली के लिए निकल जाता हूं मैं जब घर आता हूं तो तो घर वाले देखते हैं
इतना ज्यादा सहमा डरा हुआ हूं तो पूछते हैं तो मैं सारा वाकया इन्ह बता देता हूं और वह चीज मुझे ख्वाब में भी नजर आती है कि जहां मैं रुका था वो जिन्नात है और इनकी श कल भी मैंने ख्वाब में देखी थी मगर जब मैं उनको असलियत में देख रहा था तो इंसान ही नजर आ रहे थे मुझे चार दिन तक बुखार भी रहा तो मैंने आज जुमा पढ़ा आज मुझे बहुत सुकून महसूस हुआ न भाई यह थी मेरी स्टोरी उम्मीद करता हूं आप अपने चैनल पर लाजमी शेयर करेंगे बहुत शुक्रिया आपने अपनी स्टोरी
हमसे शेयर की बढ़ते हैं एक और स्टोरी की तरफ अस्सलाम वालेकुम उम्मीद है आप खैरियत से होंगे मेरा नाम अहमद है और मेरी उम्र 23 साल है मैं मुल्तान से ताल्लुक रखता हूं मुझे और मेरे कजन को घूमने फिरने का बहुत शौक है मेरे कजन का नाम सुहेब और वह भी मेरे साथ मुल्तान में ही रहता है हम हर साल पाकिस्तान की कोई नई जगह दरयाफ्त करने का मंसूबा बनाते हैं ज्यादातर शुमाली इलाके यह वाकया 2024 के दिसंबर का जब हम दोनों ने दोबारा शुमाली लाके घूमने का इरादा किया हमारा प्लान एक हफ्ते का था
हमने सामान पैक किया और बस से इस्लामाबाद पहुंच गए जहां हमने पहले ही होटल बुक करवाया हुआ था रावलपिंडी में हमारा एक और कजन रहता था जो हमसे इस्लामाबाद में मिलने आया और इसने हमें अपनी गाड़ी दी घूमने फिरने के लिए हमने बहुत एंजॉय किया और तकरीबन रोज रात 10 बजे तक होटल वापस आ जाते थे घूम फिर करर क्योंकि इस्लामाबाद में ज्यादा लेट नाइट काफी वीरान हो जाता है और मुझे खास तौर पर वीरान रास्तों पर ड्राइव करते हुए बहुत डर लगता एक दिन कजन ने कहा कि मेरे घर रावलपिंडी आकर ठहरो तो हम
उसके घर रात रहने चले गए रूटीन के मुताबिक हम वहां से भी रात को इस्लामाबाद घूमने चले जाते थे और रात को वापस पिंडी आ जाते थे एक रात हमारा इस्लामाबाद घूमने का प्लान बना और मेरा पिज्जा खाने का बहुत दिल कर रहा था तो मैंने ग मैप पर चेक किया तो ब्लू एरिया में 14 स्ट्रीट पिज्जा रेस्टोरेंट खुला हुआ था रात के करीब दो बज गए थे और हम पिज्जा खाने कार पर वहां चले गए पिज्जा खाते खाते हमें : बज चुके थे काफी रात हो चुकी थी और रेस्टोरेंट में सिर्फ हम ही थे
मेने कजन से कहा कि बस अब निकलते हैं रात काफी हो गई है और हमें वापस कजन के घर भी जाना है व हमारा इंतजार कर रहा होगा तो हम गाड़ी में बैठ बैठे और आहिस्ता आहिस्ता चलने लगे मुझे आपकी कहानियां सुनते हुए सफर करने का बहुत शौक है तो मैंने गाड़ी में आपकी कहानी लगा रखी थी और सुनते सुनते हम जाने लगे हम लोग तकरीबन 40 मिनट बाद मरी रोड पर पहुंचे शाम को उस रोड की लाइट्स ऑन थी लेकिन वापसी पर हमें वह बंद मिली दूर दूर तक ना कोई गाड़ी ना कोई बाइक
सिर्फ हमारी गाड़ी और अंधेरे में उसकी रोशनी और आपकी कहानी चल रही थी इतने में कजन ने कहा वो देखो कौन खड़ा मैंने पूछा कौन इतने में हम थोड़ा आगे निकल आए तो कजन ने कहा तुमने देखा नहीं इतनी खूबसूरत लड़की रोड के साइड पर खड़ी थी उसने रेड सूट पहना हुआ था मैंने कहा पागल हो गए हो रात के 4 बजने वाले हैं इस वक्त कौन लड़की खड़ी होगी वह भी इतनी वीरान रास्ते पर जहां उसने वो लड़की देखी थी उस इलाके में एक बहुत बड़ा पार्क था मैंने उसको कहा यह तुम्हारा वहम है
और कुछ नहीं कक ड्राइव मैं कर रहा था और ड्राइवर की नजर तो रोड पर ही होती है उसने कहा गाड़ी की लाइट में ही वह हल्की सी नजर आई थी तुम गाड़ी वापस मोड़ो वो वही होगी मैं आपकी काफी कहानियां सुन चुका हूं इसलिए मुझे थोड़ा अंदाजा था कि ऐसे गाड़ी वापस नहीं मोड़नी चाहिए लेकिन सोहेब के इस रात में मैंने यूटर्न ले लिया और तकरीबन दो मिनट में हम वहां पहुंच चुके थे जहां उसने ने लड़की देखी थी और वहां दूर दूर तक कोई नहीं था ना कोई गाड़ी ना कोई बाइक और ना
कोई लड़की यह देखकर कजन को परेशानी हुई मैंने उसे समझाया कि हो सकता है यह अल्लाह की कोई दूसरी मखलूक हो और इस तरह यूटर्न लेकर वापस आना भी मुनासिब नहीं था लेकिन इसने कहा कि तुमने यूटन जल्दी लिया है गाड़ी फिर मोड़ो इससे पिछले वाला यूटन था मेरे समझाने के बावजूद बजद था इसलिए मैंने दोबारा यूटन ले लि और दोबारा यूटन लेने के बाद भी दूर दूर तक कोई दिखाई नहीं दिया तो मैंने यूटन लेते हुए ही थोड़ी ऊंची आवाज में यह बोल दिया अगर कोई सुन रहा है तो मेरा इन सब से कोई
लेना देना नहीं है सोहेब की वजह से मैंने गाड़ी मोड़ दी है लेकिन मेरा कजिन बिल्कुल पुर सुकून था जब दोबारा भी व लड़की नजर नहीं आई तो परेशान हुआ मैंने उसे कहा कि इस बारे में कोई बात ना करो हम दोनों अकेले हैं और दूसरे शहर घूमने आए हैं और किसी की गाड़ी में कोई मसला ना हो जाए सुकून से घर चलते और ट्रिप को इस तरह खराब ना करो तो वह चुप हो गया और दोबारा उसने कोई बात नहीं की उस वक्त हम आपकी कहानियां सुन रहे थे और आप कश्मीर का वाकया सुना
रहे थे तो कजन ने ग मैप में अपने कजन के घर की लोकेशन लगा रखी थी क्योंकि मुझे वहां के रास्ते नहीं आते थे तो मैंने कजिन से पूछा कि अगला टर्न हमें कहां लेना है जब मैंने फोन में चेक किया तो कश्मीर की लोकेशन लगी हुई थी जो कि बहुत अजीब बात थी खैर मैंने लोकेशन हटा दी दोबारा कजिन के घर की लोकेशन लगाई उस दौरान कजिन ने मुझसे कोई बात नहीं की तकरीबन पाच मिनट गुजरे होंगे कि मैंने देखा कि मेरे कजन की आंखों से आंसू बह रहे हैं और आंखें बंद है मैंने
पूछा क्या हुआ उसने कोई जवाब नहीं दिया मैंने दोबारा पूछा क्या हुआ तो उसने कहा मेरी आंखें जल रही हैं और इसका गला भी थोड़ा खराब लग रहा था मैंने कहा ऐसे अचानक कैसे तुम्हारी आंखें जल रही है लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया तकरीबन दो मिनट बाद उसने कहा मुझे सड़े हुए गोश की बू आ रही है यह सुनकर मैंने फौरन दो सेकंड के अंदर आयतल कुर्सी पढ़ना शुरू कर दी तो उसने कहा कि अब बू नहीं आ रही लेकिन उसकी आंखों से पानी बहना बंद नहीं हो रहा था और वह सर्दी से कांप
रहा था हालांकि गाड़ी में हीटर भी ऑन था कुछ फासले पर स्पीड ब्रेकर आया तो मैंने गाड़ी आहिस्ता की उसके बाद जब मैंने एक्सलेटर दबाया तो मुझे चंद सेकंड के लिए महसूस हुआ गाड़ी जोर ज्यादा ले रही है मेरी बात कजन को नहीं बताई और बस अपने तौर पर हिसार करने लगा मैं सामने देख रहा था और मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे रियर व्यू मिरर में कोई काली सी चीज फू करके गुजरी है मैंने मिरर की सिमत बदल दी ताकि मुझे पीछे कुछ नजर ना आए मुझे कजन कहता है गाड़ी में हमारे अलावा भी कोई
बैठा है मैंने उसे कहा कुछ मत बोलो यह सब तुम्हारी वजह से हुआ है वो ना मुसे आंख मिला रहा था और ना ही अपनी आंखें खोल रहा था कुछ वासले पर हम रावलपिंडी रेंज रोड के करीब पहुंचने वाले थे और वहां सारे रेस्टोरेंट्स बंद थे सिर्फ एक कोएटा चाय का ढाबा खुला था मैंने सोचा यही चलकर कुछ देर बैठते हैं और अपना दिमाग ताजा करते हैं मैंने गाड़ी पार की और बाहर निकल आया और कजन भी बाहर आ गया लेकिन वह ठीक से चल नहीं पा रहा था वो कह रहा था कि टांगे साथ
नहीं दे रही मैं जबर ही उसे अंदर ढाबे पर ले गया वहां मैंने पानी पर कुछ कुरानी आयात पढ़कर दम की जिसे हम मंजिल भी कहते हैं दम करते वक्त मुझे बार-बार महसूस हो रहा था जैसे कोई चीज मुझे रोक रही है लेकिन मैंने अपना फोकस बरकरार रखा स्वेब कुर्सी पर बैठा हुआ था और मुसलसल छत की तरफ देख रहा था उसने कहा किसी चीज ने मेरे कानों में अरबी में सरगोशी की है जो मुझे समझ नहीं आई मैंने उसकी आंखों में देखा तो उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी जो पहले नहीं थी
मैंने पानी पर दम किया और पिला दिया और खुद भी पिया फिर हम वहां से कजन के घर पहुंचे घर गए तो कजिन सो रहा था और हमारा दूसरा कमरा था कमरे में जाने के बाद सुहेब ने कहा मुझे पर्दे के पीछे कोई खड़ा नजर आ रहा है कोई काला साया जो गौर से देख रहा हो उसने कहा कि मैं वॉशरूम जा रहा हूं वॉशरूम चला गया जब वह वापस आया तो उसकी आंखें शरू हो रही थी मैंने उससे पूछा कि तुम्हा री आंखें क्यों सुर्ख हो रही हैं लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया वह
चुपचाप बेड पर आकर लेट गया मुझे वॉशरूम से पानी चलने की आवाज आ रही थी मैंने सोचा शायद थोड़ी देर में बंद हो जाएगी लेकिन तकरीबन 10 मिनट तक इंतजार करने के बाद भी वो आवाज आती रही जैसे सेब ने सिंह की टूटी खुली छोड़ दी हो मैंने सोचा कि जाकर खुद बंद कर देता हूं जैसे मैंने वॉशरूम का दरवाजा खोला तो कहीं से भी कोई पानी नहीं खुला हुआ था ना कोई पानी बह रहा था और ना ही पानी की आवाज थी मैंने अच्छी तरह तमाम टूटियां चेक की लेकिन वह बंद थी मैंने स्वेप
की तरफ देखा तो वह अब भी सर्दी से कांप रहा था कुछ ही देर में फजर की अजान होने लगी और पहली अल्लाह अकबर पर ही उसने कांपना बंद कर दिया उसकी आंखें भी ठीक हो गई उसने खुद बताया कि डु साया उसे पर्दे के पीछे नजर आया था अब वो भी नजर नहीं आ रहा मैं और सुहेब जब भी इस वाक्य के बारे में सोचते हैं तो हमें समझ नहीं आती कि हमारे साथ क्या हुआ था और जो भी वह मखलूक थी वह हमारे पीछे क्यों आई क्या यह आपकी कहानी सुनने की वजह से
हुआ या फिर यूटर्न लेने की वजह से तो यह थी मेरी कहानी अगर आपको पसंद आए तो लाजमी शेयर कीजिएगा बहुत शुक्रिया आपने अपनी स्टोरी हमसे शेयर की तो दोस्तों उम्मीद करता हूं आज की स्टोरी आपको पसंद आई होंगी स्टोरीज पसंद आई हो तो वीडियो को लाइक करना ना भूलेगा और अगर आप मेरे चैनल प नए हैं तो चैनल भी सब्सक्राइब कर लें बेल आइकन प्रेस करके ऑल का नोटिफिकेशन ऑन कर लें इससे हो ग कि आप मेरी हॉरर स्टोरीज फैमिली का हिस्सा बन जाएंगे अपना बहुत ख्याल रखिएगा दुआ में याद रखिएगा मुझे दे इजाजत
मिलते हैं किसी और इंटरेस्टिंग स्टोरी में अल्लाह हाफिज