नमस्कार मैं रवीश कुमार अमेरिका किसी का सगा तो नहीं था लेकिन अब वह सबका रहा भी नहीं ट्रंप ने कहा है कि लीगल माइग्रेशन के पक्ष में तो हैं मगर अवैध घुसपैठियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे ट्रंप ने अवैध घुसपैठियों को पकड़ने और उनके देश भेजने के अलावा एक और आदेश पर दस्तखत कर दिए हैं अभी तक अमेरिका में पैदा होने वाले बच्चों को केवल इस आधार पर नागरिकता मिल जाती थी कि उनका जन्म अमेरिक जमीन पर हुआ है अब ऐसा नहीं होगा 20 फरवरी से यह नियम लागू हो जाएगा इन फैसलों का अमेरिका में वैध
रूप से रहने वाले भारतीयों पर भी असर पड़ सकता है और उन भारतीयों पर भी जो अवैध रूप से वहां रह रहे हैं टाइम्स ऑफ इंडिया ने तो लिखा है कि अमेरिका में इस वक्त बिना दस्तावेजों के करीब 75 लाख भारतीय रहते हैं इतने लोगों को अगर ट्रंप ने अपने हवाई जहाज में लादकर भारत भेजा तब हमारी प्रतिष्ठा क्या रह जाएगी गए थे अमेरिका बसने वापस गुजरात और आंध्र प्रदेश भेज दिए गए शपथ के बाद के पहले ही भाषण में ट्रंप ने अपना इरादा साफ कर दिया कि टेक्सस और मेक्सिको की सीमा पर इमीग्रेशन बंद
होगा और अब वहां सेना भेजी जा रही है जो भी अमेरिका में घुसने की कोशिश करेगा उसका सामना मार्शल से होगा ट्रंप ने दक्षिणी उत्तरी सीमा पर आपातकाल की घोषणा कर कर दी है फर्स्ट आई विल डिक्लेयर ए नेशनल इमरजेंसी एट आवर सदर्न बॉर्डर ल इगल एंट्री विल इटली बीटेड एंड वील बिन द प्रोसेस टनिंग मि एंड मिलि क्रिमिनल ए बक टू द प्लेस फम दे केम वल ट माय रिमन इन मेक्स पॉलिसी तो राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण में मेक्सिको का नाम लिया मगर अवैध रूप से अमेरिका में घुसने वाले कई देशों के लोग
रास्ते का इस्तेमाल करने लगे हैं इनमें भारत के नौजवान भी हैं भारत के अलावा रूस टर्की ब्राजील चीन एल सल्वाडोर क्यूबा वेनेजुएला निकारागुआ कोलंबिया ग्वाटेमाला डुरास पेरू इक्वाडोर हैती और रोमानिया के नागरिक भी इसी रास्ते से अमेरिका में घुसते हैं ताकि वहां कुछ काम मिल जाए और आगे चलकर अपना जीवन अच्छा बना सकें हरियाणा चुनाव के पहले राहुल गांधी अमेरिका गए थे उस दौरान उन्होंने ने अवैध रूप से अमेरिका में घुसने वाले भारतीय युवाओं से एक बंद कमरे में मुलाकात की थी उनका हाल जाना कि किस तरह से वे अमेरिका में घुस रहे हैं क्यों
अपना जीवन दांव पर लगाने के लिए मजबूर हैं अवैध रूप से घुसने के कारण यह लोग अपने घर भी नहीं जा पाते जमीन बेचकर और कर्ज लेकर अमेरिका जाने का यह तरीका अपनाया जाने लगा है अगर ट्रंप ने इन सभी को खोज खोज कर निकालना और भगाना शुरू किया तो एक ऐसी फौज भारत लौट जो कर्जे के साथ-साथ जिंदगी के दूसरे अंधेरों में डूबी नजर आएगी हरियाणा से चले तो यहां क्यों आए आइडिया क्या था मतलब सोच क्या थी यहां आने की मैं भी दो साल से ट्राई कर रहा था कि मैं भी यहां इंडिया
से निकल जाऊ क्योंकि कुछ है ही नहीं था 10 15 हजार में क्या होता है नॉर्मल आप शहर में भी गुजारा नहीं कर सकते सब बेरोजगार अच्छा यहां आकर आपने सही डिसीजन लिया या गलत डिसीजन लिया ये तो सही डिसीजन है प पिछले दशक में हालात ऐसे हो गए जो अपना काम कर रहा था ना महंगाई इतनी हो गया है अफोर्ड नहीं कर पा रहा और आमद बकुल कम हो गई है मगर मगर अब आप क्या करना चाहते हो कैसे करना चाहते हो प्लान क्या है आपका ट्रक चला के सर मैं फिलहाल तो मेरा अपना
रोजगार सेट करना था मुझे क्योंकि वहां पे नहीं था अब यहां पे मेरा रोजगार सेट हो गया है अब कितने पैसे बन रहे हैं आपके महीने के महीने के मैं दो से ढाई लाख आराम से कमा लेता हूं ज्यादा ही कमा लेता हूं सर और आप ट्रक चलाते हो जी फ्यूचर में सर इंडिया में कुछ ऐसा होना चाहिए कोई बढ़िया लीडर आना चाहिए जो देश के हालात बदले रोजगार मिले लोगों को थ महंगाई कम हो जाए ताकि वहां प जो लोग बतर कर रहे हैं उनका जीवनयापन थोड़ा सा सरल हो जाए उ दे से बाहर
ना ट्रंप ने तो चुनाव प्रचार के समय ही कह दिया था कि चुनाव जीत गए तो डेढ़ से लेकर दो करोड़ तक अवैध प्रवासियों को अमेरिका से बाहर निकाल देंगे और उनके अपने देश भेज देंगे तब लोगों ने मजाक उड़ाया कि ऐसा करना असंभव होगा इतने प्लेन ट्रम कहां से लाएंगे इसका खर्चा भी कम नहीं होगा लेकिन ट्रंप इसे अपना सबसे जरूरी काम बता रहे हैं 21 जनवरी के टाइम्स ऑफ इंडिया में चिदानंद राजघट्टा की रिपोर्ट की हेडलाइन देखिए साढ़े 7 लाख भारतीयों समेत अमेरिका के लाखों अवैध प्रवासी ट्रंप के आदेश के बाद वापस आने
की चिंता में हैं चिदानंद ने लिखा है कि 7वा लाख भारतीय अमेरिका में बिना दस्तावेज के रह रहे हैं अलग-अलग देशों के जिन सवा करोड़ लोगों को वापस भेजने की बात हो रही है उनमें से आधे लोग इस वक्त अमेरिका में किसी ना किसी प्रकार का काम कर रहे हैं उन्हें सीमित अर्थों में काम की अनुमति दे दी गई है और इस आधार पर ही वे अपना लोन चुकाते हैं जिसे लेकर अमेरिका गए थे बाइड ओबामा और बुश के कार्यकाल में इसके लिए एक रास्ता बना दिया गया था कि जब तक पूर्ण रूप से वैधता
नहीं मिल जाती वे कुछ काम कर सकते हैं ट्रंप ने इसे भी बंद कर देने का ऐलान किया है केवल मजबूरी नहीं अमेरिका की भव्यता भी लोगों को उसकी तरफ खींचती है अमेरिका किसी भी देश के नागरिक को पूरे अधिकार के साथ रहने और अपना जीवन संवारने का मौका तो देता है इसी की तलाश में लाखों लोग अमेरिका जाते हैं और जो वैध वीजा लेकर जाते हैं वह भी वहां बस जाने का इरादा रखते हैं राहुल गांधी से एक नौजवान ने बताया कि भारत में बेरोजगार था लेकिन अमेरिका में ट्रक चलाकर महीने का ढाई लाख
से ज्यादा कमा रहा है 35 लाख लगाकर अमेरिका आया है भ में इतने पैसे से धंधा करने का भरोसा नहीं था तो इसकी गारंटी अमेरिका किसी को भी देता है अब इन सबके सपने पर ट्रंप ने बम गिरा दिया ज्यादातर लोग लोन लेकर जमीन बेचकर अमेरिका जाते हैं अब उनका क्या होगा ट्रंप ने कहा है कि जिन 65 लाख अवैध प्रवासियों के खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं या साबित हो चुके हैं सबसे पहले उन्हें वापस भेजा जाएगा इसके बाद उन 10 लाख लोगों पर कार्रवाई की जाएगी जिनके खिलाफ पहले से ही वापस भेजे जाने
के ऑर्डर जारी हो चुके हैं सवा करोड़ से अधिक लोगों को वापस भेजने के लिए ट्रंप कितने विमानों का इंतजार करेंगे इसे लेकर अमेरिकी मीडिया में तरह-तरह की खबरें छप रही हैं एक अनुमान के अनुसार 10 लाख लोगों के लिए 5000 से अधिक प्लेन उड़ाने होंगे अमेरिका की जेलों में 40000 अवैध प्रवासी बंद हैं इन्हीं को वापस भेजने में 150 हवाई जहाज का बंदोबस्त करना पड़ेगा ट्रंप कहते हैं कि एक से लेकर सवा करोड़ लोगों को बाहर भेजेंगे कितना बुरा लगेगा जब ट्रंप के भेजे गए ऐसे विमानों में लादकर भारतीय लाए जाएंगे कहीं ऐसा ना
हो कि ट्रंप उन्हीं देशों से खर्चा मांग बैठे जिनके नागरिकों को अपने यहां से लाद करर भेज रहे हैं जिसे अंग्रेजी में डिपोर्ट करना कहते हैं ट्रंप का वैसे कोई भरोसा नहीं दिसंबर 2023 की यह खबर याद दिलाना चाहता हूं फ्रांस ने 260 से अधिक भारतीयों को लेकर दुबई से निकारागुआ जा रहा एक चार्टेड प्लेन रोक लिया चार दिनों तक विमान वहीं रहा फिर मुंबई लौटा दिया गया शक था कि विमान का इस्तेमाल मानव तस्करी के लिए किया जा रहा है प्लेन में बैठे 66 लोग गुजरात से थे उस समय यह खबर छपी थी कि
तकरीबन सभी ने किसी ना किसी एजेंट को 60 से 80 लाख रपए दिए थे क्योंकि एजेंट ने अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचाने का वादा किया था ज्यादातर आठवीं से 12वीं तक पढ़े हुए थे निश्चित रूप से ऐसी खबरों से विश्व गुरु भारत की प्रतिष्ठा नहीं बढ़ती है इस तरह की सैकड़ों की संख्या में उड़ाने जब अमेरिका से चलेंगी वहां रह रहे अवैध रूप से भारतीयों को लेकर दिल्ली अहमदाबाद हैदराबाद मुंबई एयरपोर्ट पर उतरेंगी तब वह दृश्य वाकई बुरा होगा भारत की राजनीति में अवैध घुसपैठियों को निकालने के एक्सपर्ट तो दो ही हैं प्रधानमंत्री मोदी और
गृहमंत्री अमित शाह इन्हीं दोनों को अवैध रूप से अमेरिका से निकाले जा रहे अपने प्रिय भारतीयों का स्वागत करने एयरपोर्ट पर जाना चाहिए सोचिए कहां तो इनकी राजनीति इसी पर टिकी होती है बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकालेंगे चुनाव कहीं भी हो घुसपैठियों का मुद्दा शुरू कर देते हैं मगर इनके 10 साल की सरकार चलने के बाद भी बांग्लादेशी होने का मुद्दा बीजेपी ही उठाती रहती है प्रधानमंत्री मोदी के कितने ही भाषण हैं अवैध घुसपैठियों को निकालेंगे झारखंड से लेकर बंगाल दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र के नेता विपक्ष के पूछते रहते हैं आपकी सरकार में इतने घुसपैठिए
कैसे आ गए झारखंड में तो इसका भूत खड़ा कर दिया गया अब उन्हीं की सरकार के दौर में अमेरिका से विमान आएगा जिसमें अवैध रूप से अमेरिका में घुसने का प्रयास कर रहे भारतीय भारत की जमीन पर उतरेंगे अमेरिका में भारत के नौजवान अवैध घुसपैठिए बनने के लिए मजबूर हैं इसे लेकर एक ही नेता का भाषण मौजूद है डलस गया डलस में मुझे कहते हैं भैया हम आपसे मिलना चाहते हैं आप कौन हो हम हरियाणा के युवा हैं डैलस में क्या कर रहे हो हरियाणा से हम भाग के गए क्यों गए हरियाणा में रोजगार नहीं
हरियाणा में महंगाई है हरियाणा में हम अपना सपना पूरा नहीं कर सकते इसीलिए हम अमेरिका गए कैसे गए खेत बेचकर 50 लाख रुप देकर कर्जा लेकर गए कहां से गए दिल्ली से इस्तानबुल इस्तानबुल से कजाकिस्तान कजाकिस्तान से साउथ अमेरिका साउथ अमेरिका से सूरीनाम सुरीनाम से पनामा पनामा के जंगलों से निकलकर हम अमेरिका गए अभी तक हमें नहीं मालूम कि हमें वापस भेजा जाएगा या नहीं क्यों गए करने को कुछ नहीं है किस रेट पर आपने कर्जा लिया ₹ प्रति महीना मैंने उनसे पूछा भाई बताओ 30 लाख रप आपने दे दिए 50 लाख रप आपने दे
दिए अमेरिका जाने के लिए हरियाणा में आपने छोटा सा बिजनेस क्यों नहीं खोला हरियाणा में आपने आपने दुकान क्यों नहीं खोली हरियाणा में आपने छोटी फैक्ट्री क्यों नहीं खोली उन्होंने मुझे कहा राहुल जी हरियाणा में छोटी फैक्ट्री छोटा बिजनेस सफल हो ही नहीं सकता इसलिए हम अमेरिका गए हैं उसके बाद कहते हैं राहुल जी एक काम कीजिए हमारे लिए मैंने कहा क्या कहते राहुल जी हम अपने परिवार से नहीं मिल सकते 10 साल के लिए हम अमेरिका में फसे हैं अगर हमारे पिता की मृत्यु होती है माता जी की मृत्यु होती है हम अंतिम संस्कार
तक नहीं करवा सकते हमें वीडियो फोन पर अपने पिता माता का अम अंतिम संस्कार करना पड़ता है सच्चाई यह हालत है हरियाणा की क्या आप जानते हैं कि ट्रंप के आने के पहले भी अमेरिका अवैध रूप से घुस गए भारतीयों को भारत भेज चुका है तृणमूल कांग्रेस की सांसद माला रॉय ने इस बार में सवाल किया था जिसका जवाब विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन आजाद ने दिया है 7 दिसंबर 20224 को उन्होंने लोकसभा में कहा अमेरिका ने कमर्शियल और चार्टेड फ्लाइट से 519 अवैध प्रवासियों को वापस किया है अमेरिका के कस्टम और बॉर्डर विभाग का आंकड़ा है
कि 2023 से 24 के बीच हर घंटे 10 भारतीयों ने अमेरिका में अवैध रास्तों से घुसने का प्रयास किया एक साल के भीतर 90 हज से अधिक भारतीयों को अमेरिका के बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया है इनमें से 50 फीसद गुजरात से थे अमेरिका के ही कस्टम और बॉर्डर विभाग के आंकड़ों से पता चलता है 2020 से 2022 के बीच करीब 1 लाख भारतीयों ने अवैध रूप से अमेरिका में घुसने का प्रयास किया था इसे डंकी रूट कहा जाता है जिस पर शाहरुख खान की एक फिल्म भी बनी है अमेरिका की अर्थव्यवस्था स्था का आकार
29 ट्रिलियन से अधिक का है और भारत का 4 ट्रिलियन भारत में बेकारी ने नौजवानों को रिस्क लेने के लिए मजबूर कर दिया कि अवैध रास्ते से अमेरिका में घुसते हैं नरेंद्र मोदी ने 2014 में कहा था अमेरिका के नागरिक एक दिन लाइन में लगकर भारत के वीजा का इंतजार करेंगे आज उसी भारत के नौजवान जानलेवा रास्तों के सहारे अवैध प्रवासी बनने के लिए अमेरिका जा रहे हैं और अब वहां से अवैध रू रूप में पकड़े जाएंगे और फिर वापस भी किए जाएंगे ट्रंप के इस आदेश का नाम है सिक्योरिंग आवर बॉर्डर्स इसमें लिखा है
कि पिछले 4 साल में अमेरिका में जो लोग अवैध रास्तों से घुस आए उनकी बहुत कम जानकारी है मगर अब यह नहीं चल सकता है जिस देश की सीमा नहीं है वह देश नहीं है अमेरिका की सरकार इस बारे में तेजी से काम करेगी और हमारी सीमाओं को सुरक्षित करेगी मेरे लिए सबसे जरूरी है कि अमेरिका में अवैध रूप से समूह बना कर घुसने वाले लोगों को रोक दूं मेरी सरकार अपने सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर अवैध प्रवासियों के प्रवाह को रोकने का काम करेगी इसके लिए हम एक दीवार खड़ी करने के अलावा अन्य तरीकों
के इस्तेमाल से घुसपैठियों को भी रोकेंगे जिन विदेशियों पर कानून का उल्लंघन करने का शक होगा उन्हें वापस भेजने से पहले कानून के प्रावधानों का इस्तेमाल कर गिरफ्तार किया जाएगा जो भी विदेशी प्रवास के कानून तोड़ेगा या या जो ऐसे लोगों की सहायता करता हुआ पाया जाएगा उनके खिलाफ भी अपराधिक मामले चलाए जाएंगे तो आप अवैध प्रवासियों को किसी भी तरह से अमेरिका में मदद नहीं दे सकते हमने अपने पहले के कई वीडियो में दिखाया है कि किस तरह से भारत का नागरिक अमेरिका में अवैध रूप से घुसने के रास्तों में ठंड से मर गया
डूबकर मर गया हम अपने देश में अवैध घुसपैठ का भूत खड़ा कर रहे थे जबकि भारत के ही लोग दूसरे देशों में अवैध घुसपैठिया बन रहे थे अप्रैल 2023 में हरियाणा के कैथल के मलकीत डंकी रूट से अमेरिका जाने की कोशिश कर रहे थे मगर किसी ने गोली मार दी 32 साल के मलकीत के पास डिप्लोमा था फिर भी अवैध रास्ते से अमेरिका जाने के लिए मजबूर थे मलकीत ने एजेंट को ₹ लाख रपए दिए थे परिवार ने आरोप लगाया कि एजेंट ने झूठ बोलकर अवैध तरीके से मलकीत को अमेरिका भेजा और संपर्क टूट जाने
पर भी झूठ बोलता रहा जब एक वायरल वीडियो में परिवार ने मलकीत को मृत हालत में देखा तब पता चला कि बेटे की मौत हो चुकी है मेक्सिको पर बढ़ने वाले पहरे के कारण अमेरिका कनाडा के बॉर्डर से भी कई भारतीय घुसने की कोशिश कर रहे थे यह बॉर्डर भी बेहद खतरनाक है अप्रैल 2023 में गुजरात के मेहसाणा जिले के एक परिवार के चार लोगों की अमेरिका कनाडा बॉर्डर पार करते हुए मौत हो गई वे नाव से अमेरिका में घुसना चाह रहे थे इनके नाम हैं प्रवीण भाई चौधरी दक्ष बेन चौधरी मीत चौधरी और विधि
चौधरी कनाडा का रास्ता खतरनाक माना जाता है भीषण ठंड होती है तूफान आता रहता है इस बॉर्डर पर भी पहरा होता है 2022 की एक घटना है कनाडा से अमेरिका पार करते समय जगदीश पटेल उनकी पत्नी वैशाली और दो छोटे बच्चे तूफान में फंस गए बर्फ गिरने लगी और तापमान - 35 डिग्री सेल्सियस हो गया जगदीश पटेल ने किसी को नहीं बताया कि अवैध रूप से अमेरिका जाने की जुगाड़ कर रहे हैं बल्कि गांव में यही बता कर गए कि स परिवार अमेरिका घूमने जा रहे हैं बॉर्डर पार करने की कोशिश में चारों की मौत
हो गई नवंबर 20224 में अमेरिका की एक ज्यूरी ने हर्ष कुमार रमनलाल पटेल और स्टीव एंथनी शैड को इस मामले में आरोपी पा मानव तस्करी आपराधिक साजिश और गैर इरादतन हत्या का आरोप लगा एक बेहतर जिंदगी की तलाश ने भारत के नौजवानों को मानव तस्करी का शिकार बना दिया है और जब आप वहा से निकलते हैं तो कोई कहता है ऐसा सब होगा ऐसी तकलीफ आपको मालूम है डेंजर रि तो मालूम हैश करता बेहतर रोजगार बतर जिंदगी के लिए क्योंकि वो कटली आप तयार रहते ऐसा कुछ होगा सबसे ज्यादा डर आपको कब लगा इस जर्नी
में कभी डिपोर्ट लग जाए डिपोर्टेशन का सबसे ज्यादा डर ही है भारत में नागरिकता को लेकर कितनी बहस होती है धर्म के आधार पर नागरिकता देने का कानून पास हुआ याद कीजिए उस वक्त कितनी हिंसा हुई इस कानून को पास करने के नाम पर फिर भी जब यह कानून पास हुआ तो उसके 5 साल बाद जाकर इसके नियम बने अवैध घुसपैठियों का पता लगाने के लिए सैकड़ों करोड़ रुपए असम में फूंक दिए गए एनआरसी कराई गई और जब उससे कुछ खास नहीं निकला तो एनआरसी को स्वीकार तक नहीं किया गया देखिए नियति कैसा इम्तिहान लेती
है आज अमेरिका के अवैध प्रवासियों का तीसरा सबसे बड़ा समूह भारतीयों का हो गया है ट्रंप ने जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है अमेरिका में 150 साल से यह कानून है कि अगर कोई बच्चा अमेरिकी जमीन पर पैदा होता है तो अमेरिका का नागरिक अपने आप बन जाता है उसके माता-पिता कौन हैं कहां से आए हैं उनकी नागरिकता का क्या दर्जा है इस सबसे कोई फर्क नहीं पड़ता 18680 संशोधन में लिखा है कि जो भी अमेरिका में पैदा होता है या जो अपने मूल देश की नागरिकता
छोड़कर या उसके अलावा अमेरिका की नागरिक नागरिकता के लिए आवेदन करता है वह अमेरिका का नागरिक है इस संशोधन के चलते पिछले 150 सालों में करोड़ों लोगों को अमेरिका की नागरिकता मिली है अगर आपके माता-पिता के पास सही दस्तावेज नहीं होते हैं लेकिन आपका जन्म अमेरिका में होता है तब भी आपको नागरिकता मिल जाती है आप अमेरिकी कानून के तहत समान रूप से सुरक्षा के हकदार बन जाते हैं मगर अब ट्रंप के आदेश ने इस कानून में आधिकारिक रूप से बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी अपने कार्यकाल के पहले ही दिन उनका आदेश जन्म के
आधार पर नागरिकता के कानून को बदल देता है अब यहां से अमेरिका को लौटना बहुत मुश्किल होगा उन भारतीयों के लिए भी बहुत मुश्किल होगा जो अमेरिका में नियमों का इधर-उधर से सहारा लेकर बसने की कोशिश करते थे अवैध रूप से घुसने की कोशिश करते थे इस आदेश का नाम है प्रोटेक्टिंग द मीनिंग एंड वैल्यू ऑफ अमेरिकन सिटीजनशिप इसमें लिखा है कि अब अगर अमेरिका में कोई बच्चा पैदा होता है नागरिकता पाने के लिए उसे कुछ कानूनी शर्तों को पूरा करना होगा उसके माता-पिता में से किसी एक को या तो अमेरिका का नागरिक होना होगा
या फिर वैध रूप से स्थाई निवासी होना होगा या अमेरिका की सेना का सदस्य होना होगा अगर बच्चे के पिता नागरिक या स्थाई निवासी नहीं है और उसकी मां भी वैध तरीके से अमेरिका में नहीं रहती है तो बच्चे को नागरिकता नहीं मिलेगी अगर पिता नागरिक या स्थाई निवासी नहीं है मां वैध है मगर अस्थाई आधार पर अमेरिका में हैं जैसे छात्र वीजा या वर्क वीजा या पर्यटक वीजा पर हैं तब भी बच्चे को नागरिकता नहीं मिलेगी अमेरिका में पैदा होने वाले बच्चे को वहां की नागरिकता मिल जाती है कई लोग इस मकसद से भी
अमेरिका चले जाते हैं इसे बर्थ टूरिज्म कहा जाने लगा है ट्रंप कहते हैं कि यह प्रावधान भी नागरिक बनने का एक अवैध रास्ता बन गया था जिसे बंद किया जा रहा है अमेरिका के स्वतंत्र पत्रकार कह रहे हैं कि यह आदेश स्पष्ट रूप से अमेरिकी संविधान के खिलाफ है क्योंकि आप नागरिकता के मामले में कार्यकारी आदेश पास कर संवैधानिक नियम नहीं बदल सकते अमेरिका के राष्ट्रपति के कार्यकारी आदेश का कानूनी अधिकार क्षेत्र तो होता ही है मगर इसे कांग्रेस से अनुमति की जरूरत नहीं होती यानी ट्रंप ऐसे फैसले सांसदों की मंजूरी के बिना भी ले
सकते हैं फिर भी इन पर संविधान के दायरे में रहने की पाबंदी तो होती ही है अगर कोई आदेश असंवैधानिक पाया जाता है तो उसे अदालत में चुनौती दी जा सकती है वैसे जन् के आधार पर मिलने वाली नागरिकता को अमेरिकी अदालत में कई बार चुनौती दी गई 18842 के बीच अलग-अलग मुकदमों में अदालतों ने जन के आधार पर नागरिकता के अधिकार को सही माना है अगर ट्रंप यह बदलाव करना चाहते हैं तो उन्हें संविधान में संशोधन करना होगा जानकार यह भी कह रहे हैं कि ट्रंप जानते हैं कि यह बदलाव नहीं हो सकता मगर
इससे उनके समर्थकों में यह संदेश जाएगा कि ट्रंप ने अपनी तरफ से कोशिश की मगर यह कोर्ट या डीप स्टेट के कारण नहीं हो पाया दुनिया भर में नागरिकता का सवाल अलग-अलग तरीके से खड़ा हो रहा है जो लोग दूसरे देशों से अमेरिका जाकर बस गए हैं वह भी अपने पीछे अमेरिका आने वाली भीड़ के खिलाफ हैं वे भी नहीं चाहते कि अवैध रूप से उनके पुराने देश से कोई अमेरिका आए और बस जाए इसका आर्थिक पक्ष भी है अवैध रूप से घुसने वाला कम पैसे में काम करता है जिससे बाजार में मजदूरी की दर
कम हो जाती है इस कारण वहां की कंपनियों ने मुनाफा भी काफी कमाया है यह एक बड़ा मामला है अच्छा होता कि इन सबसे अलग भारत अपने नागरिकों को अवैध रूप से दूसरे देशों में जाने ही नहीं देता इस पर नजर रखता कितने ही परिवार हमेशा के लिए बर्बाद हो जाएंगे वे ना तो यहां के रहे ना वहां के यहां की जमीन बेची ताकि अमेरिका में जीवन बना लेंगे अमेरिका उन्हें जब वापस करेगा तो उन्हें भारत में बेरोजगारी के साथ-साथ भूमि हीनता का भी सामना करना होगा बैंक का लोन कैसे चुकाएंगे इस चिंता का सामना
करना पड़ेगा उन साधारण परिवारों के लिए आसान नहीं होगा जिनके बच्चे डंकी रूट से अमेरिका गए हैं तो ट्रंप के कारण जो तबाही पैदा होगी उसका असर भारत पर भी पड़ने वाला है नमस्कार मैं रवीश कुमार