मेरी मामी बहुत खूबसूरत और नौजवान थी वह घर में अकेली रहती थी और मुझे अपने पास बुला लेती और अपनी तन्हाई मिटाती थी मैं भी खुश होकर मामी के पास चला जाता और उसके साथ कुछ हसीन लम्हे बिताता एक दिन मामी ने मुझे अपने घर बुलाया मैं भी खुश होकर मामी के घर चला गया मैं जैसे ही मामी के घर पहुंचा तो मामी वॉशरूम से नहाकर बाहर आ रही थी जैसे ही मैंने मामी को देखा तो मेरे होश ही उड़ गए मामी ने मुझे अपना वो दिखाकर मेरी मामी बहुत ज्यादा खूबसूरत थी वह लगती ही
नहीं थी कि वह एक शादीशुदा औरत है उस वक्त मैं अपने मामू के घर रहने आया था क्योंकि मम्मी पापा दोनों बाहर देश जा रहे थे पहले जब छोटे मामू पापा को मुबारकबाद देने आए तो उन्होंने पापा से जाते हुए कहा कि समीर को हमारे घर छोड़ जाए पापा ने उन्हें काफी मना किया कि अब समीर बड़ा हो गया है और अपना ख्याल रख सकता है लेकिन वह नहीं माने उन्होंने पापा को राजी कर लिया और मेरी ख्वाहिश पूरी हो गई मेरे पास पुराने घर की चाबी थी जो खाली पड़ा हुआ था जिसे मैं अपने
मकान के लिए भरपूर इस्तेमाल करता था मामी मोनिका की शादी मेरे मामा से 10 साल पहले हुई थी मैं उस वक्त 10 साल का था मगर उस वक्त मामी को देखकर मुझे बहुत अच्छा लगता था क्योंकि वह ना सिर्फ खूबसूरत थी बल्कि धीमे लहजे वाली और भरपूर जिस्म की मालक थी मामा और मामी की जोड़ी मिसाइल समझी जाती थी पर अभी तक वह दोनों औलाद से दूर थे वह दोनों अपनी किस्मत समझकर सब्र कर थे मामी और मामू में बहुत ज्यादा प्यार था और मेरा अंदाजा था कि मामा ने उनके साथ कई रातें गुजारी होगी
शादी के बाद मामी का बदन बहुत दिलकश हो गया था खूबसूरत तो वह पहले ही थी मगर अब जिस्म का हर हिस्सा अपनी तरफ झुकता हुआ महसूस होता था उस वक्त जब मामी घर की सफाई कर रही थी और मैं टीवी देख रहा था तब मामी ने मुझ से पूछा समीर बेटा आज कॉलेज नहीं जाना क्या तो मैंने दिल दिल में मामी को बेटा बुलाने पर बुरा मानते हुए कहा नहीं मामी सेमेस्टर खत्म हो गया है ना इसलिए डेढ़ महीने की छुट्टियां है मामी ने सर हिलाया और झुककर मेज पर कपड़ा मारने लगी पर मामी
का वह सब देखकर समझा नहीं आ रहा था कि क्या करूं और क्या ना करूं मुझे मामी के घर आए हुए दो दिन गुजर चुके थे रात को खाने की मेज पर मामू ने मामी से कहा कि इन्हें 20 दिन के लिए लाहौर जाना है अगर इन्हें ज्यादा दिनों के लिए बाहर जाना होता तो वह मामी को भी साथ ले जाते मगर इस दफा मैं मामी के घर पर था तो उन्होंने अकेले जाना ही मुनासिब समझा मैंने मामी का रूटीन और उनकी आदतों का अच्छी तरह से अभ्यास किया था मैंने देखा कि वह चाय का
इस्तेमाल ज्यादा करती है और वह चाय में दूध बहुत डालती है और मुझे डब्बे का दूध पीने की आदत थी अगले दिन हम दोस्त आपस में मिलकर एक दूसरे के साथ मजाक कर रहे थे और मैं जो कुछ बकवा वास कर रहा था वह बहुत गंदा था मेरी बातें सुनकर मामी बहुत हैरान हो गई फिर उन्होंने मुझे अपना आवाज देकर अपनी मौजूदगी का एहसास दिलाने की कोशिश की म्यूजिक की वजह से मुझे कुछ सुनाई नहीं दे रहा था मेरी गंदी बातें काफी देर तक सुनती रही और फिर उठकर अपने कमरे में चली गई शाम को
मैं दोस्तों के साथ बाहर जाने लगा दो मामी को बताने के लिए उनके कमरे की तरफ गया मेरे जहन में उस वक्त कुछ खास नहीं था फिर मैं वापस आकर बेड पर लेट गया थोड़ी देर बाद मैंने कहा मुझे चाय पीनी है मामी मामी ने मुस्कुरा कर कहा क्यों नहीं मेरे बच्चे बस दो मिनट में फ्रेश होकर आती हूं फिर बना देती हूं वह उठकर बाथरूम की तरफ चल गई मैं गैलरी में आकर बैठ गया और सामने लोन और फूलों को देखने लगा एक फूल मुझे पसंद आ गया मैंने उसे करीब जाकर देखा और फिर
उसे तोड़ लिया मामी मुझे आवाज दे रही थी मैंने जवाब दिया मैं बाहर हूं तो वह हाथ में ट्रे लेकर बाहर आई जिसमें दो कप चाय थी उन्होंने एक कप मुझे पकड़ाया और दूसरा खुद उठकर मेज पर रख दिया मैंने वह फूल जो हाथ में पड़ा हुआ था मामी की तरफ बढ़ा दिया मुस्कुराकर फूल मेरे हाथ से ले लिया और कहा शुक्रिया मेरे बच्चे मेरे सारे अरमानों पर पानी पड़ गया था मैंने मामी की तरफ देखा और कहा मामी बोर नहीं होती आप सारा दिन घर में रह रहकर मैं तो बोर हो गया हूं हम
कहीं बाहर घूमने चलते हैं मामी ने कहा नहीं समीर मैं तो तुम्हारे मा मामा के साथ हर जगह जाती हूं लेकिन मैं उनके बगैर कहीं नहीं जाती मैं खामोश होकर चाय पीने लगा रात के खाने के बाद मैंने एक मूवी लगाई और बैठकर देखने लगा मामी भी मेरे पास आकर बैठ गई और मूवी देखने लगी मामी ने जब देखा कि यह वही बकवास हो रही है जो मैं दोपहर को गेम खेलते वक्त कर रहा था तो उन्होंने कहा अच्छा तो सारी गालियां और बकवास तुमने यहां से सीखी है वह बोली बेटा यह तो बहुत गंदी
बात है तुम बहुत गंदी जबान इस्तेमाल करते हो शर्म से मेरे पसीने छूट गए मामी ने फिर से कहा कि मैं तुम्हारे पापा से बात करूंगी कि तुम पर नजर रखें तुम हाथ से निकलते जा रहे हो मैंने नजर उठाकर देखा और मामी से कहा गलती हो गई मामी मुझे माफ कर दे पर क्या करूं सभी लड़के इसी तरह की मूवी देखते हैं मुझे भी उन्हें जवाब देना होता है तो इस तरह की बातें मुंह से निकलती है मेरी बात सुनकर मामी हंसने लगी और बोली कि डरो मत मैं किसी से कुछ नहीं कहूंगी मुझे
पता है कि तुम लड़के इस तरह के बातें करते हो अच्छा ठीक है और कोई मूवी लगाओ यह क्या लगाया हुआ है तब जाकर मेरी सांस में सांस आई और मैंने मामी से पूछा कि मामी मैं कौन सी मूवी लगाऊं उन्होंने कहा कि कोई इंडियन मूवी लगाओ मैंने कोई इंडियन मूवी लगा दी मामी मूवी देख रही थी और मैं चोरीचोरी मामी को देख रहा था मामी ने अपनी एक टांग उठाकर दूसरे टांग पर रखी और सोफे की टेक और बाजू से लगकर आराम से बैठ गई फिर मैंने भी अपनी एक टा टांग उठाकर अपनी दूसरी
टांग पर रखी मुझे लगा कि मामी ने मेरी इस हरकत को नोट किया है और उनके चेहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट आ गई मैं भी मामी की तरह दूसरे कोने पर बैठा हुआ था फिर मामी ने मुस्कुराते हुए अपनी पोजीशन सही की और मैंने भी उनको देखा और सही होकर बैठने में ही बेहतरीन समझी मामी हंसने लगी और बोली समीर तुम मेरी नकल उतार रहे हो मैंने उनकी तरफ देखकर सर हिलाया तो उन्होंने थोड़ा सा गुस्सा करते हुए कहा तुम मुझे क्यों तंग कर रहे हो मैंने मुस्कुरा कर कहा आपको तंग करना मुझे अच्छा लगता
है वो बोली क्यों मैंने फौरन कहा कितने दिन हो गए हैं ना किसी की डांट खाई है ना किसी से जूते ऊपर से आप बहुत ही बोर है मेरी बात सुनकर उनके माथे पर बल पड़े थे उन्होंने कहा समीर क्या मैं वाकई बोर हूं तो मैंने कहा पता नहीं अकेला रहकर मेरा क्या होगा मामी ने मुस्कुराते हुए कहा तुम्हें मार खानी है तो मैं देती हूं वह मुझे कोई मासूम सा शरारती बच्चा समझ रही थी और यह बात मेरे फायदे की थी शायद इसी तरह की फिजूल बातें करते-करते मामी मुझे काफी नजदीक हो गई जब
रात के 1100 बजे उनके मोबाइल पर मामू का फोन आया वह उठकर अपने कमरे में चली गई मैंने भी थोड़ी देर मूवी देखी और टीवी बंद किया और अपने कमरे की तरफ जाने लगा तभी मुझे मामी के कमरे से मामी की आवाज आई यार बहुत मिस कर रही हूं आपको पता नहीं कैसे गुजरेंगे यह दिन पता नहीं दूसरी तरफ से क्या कहा गया मगर जो बात मामी ने कही थी वह मेरे लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं थी सुबह में जल्दी उठा और फ्रेश होकर किचन की तरफ गया किचन में कोई नहीं था मैंने मामी
के कमरे की तरफ जाकर देखा तो दरवाजा बंद था यानी मामी सो रही थी मैंने किचन में जाकर अपने लिए चाय बनाई और फिर कुछ स्लाइस गर्म करके मेज पर बैठकर नाश्ता करने लगा मैं नाश्ता कर रहा था तभी मामी के कमरे का दरवाजा खुला वह बाहर निकली मुझे देखकर थोड़ा सा शर्मिंदा होते हुए कहा रात को नींद नहीं आई बहुत देर से सोई थी इसीलिए सुबह जल्दी नहीं उठ सकी मैंने मुस्कुरा कर कहा कोई बात नहीं आपको नाश्ता करना है चलो आज आपका नाश्ता मैं बना देता हूं वह बोली तुम और नाश्ता वहां क्या
बात है मैंने कहा फ्रेश होकर आए मैं नाश्ता बना देता हूं फिर बात करेंगे मामी ने सर हिलाया और मुस्कुराती दोबारा अपने कमरे में चली गई तो मैंने कहा मामी आपको नाश्ते में क्या पसंद है मामी ने कहा तुम जो भी बनाओगे मैं खुशी से खाऊंगी मैंने दोबारा सर झुकाया और कहा जैसे आपकी मर्जी और मुड़कर किचन की तरफ गया नाश्ता बनाकर किचन में आया और मामी को आवाज लगाई मामी हॉल में आई और कुर्सी पर बैठ गई मैंने कहा मामी आपका नाश्ता तैयार है और ट्रे उनके सामने रख दिया मामी मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा
रही थी मामी मेरे सर पर हाथ फेरा और मेरे बालों को खराब कर दिया मैंने मामी का हाथ पकड़ लिया जो मेरे सर पर था और कहा मामी आपने मेरे बालों का स्टाइल खराब कर दिया मामी ने प्यार से मेरे गाल पर एक हल्का सा थप्पड़ लगाया और कहा कुछ खराब नहीं हुआ आराम से बैठो और नाश्ता करो मामी ने नाश्ता किया और कहा कि समीर तुम्हारा बहुत शुक्रिया चलो हम दोनों पक्की दोस्ती करते हैं आज बहुत दिनों के बाद में इस तरह हंसी हूं और इतना अच्छा नाश्ता किया है मैंने मुंह बनाकर कहा तो
क्या हुआ मामी क्या मैं आपका दोस्त नहीं हूं मामी ने मेरे गाल पर चुटकी काटी और कहा दोस्तों हो पर कच्चे वाले आज पक्की वाली दोस्ती करते हैं मैंने अपने गाल मलक कर कहा यार आप आंटियों की तो यह बहुत गंदी आदत होती है गाल ही लाल कर देती है मामी मुस्कुराने लगी और दोनों हाथों को मेरे कानों की तरफ बढ़ाया तो मैं भागने लगाया मामी हंसते हुए मेरे पीछे भागने लगी और कहा रुक तुम्हें मार लगाती हूं मैं रुक गया और अपनी कमर पर हाथ रखकर सांस लेते हुए कहा ठीक है फिर वह सामने
पड़ी हुई कुसी पर बैठ गई मैं उनके पास गया और कहा क्या हुआ मामी एकदम खड़ी हो गई और मेरे दोनों कानों पर चुटकी काट ली और हंसने लगी मैंने रोने वाली शक्ल बनाते हुए कहा आपसे तो कोई प्यार की उम्मीद ही नहीं है आप बहुत बेहर हो मामी ने हंसते हुए मुझे देखा और जहां मुझे चुटकी काटी थी और वहां प्यार करने लगी और कहा सॉरी यार मामी मुझसे अलग हुई और कहा अच्छा मैं चेंज करके आती हूं फिर मार्केट से वह सामान ले आना है वह ले आते हैं मैंने कहा ठीक है मैं
भी चेंज कर लेता हूं शायद कोई लड़की मेरे जाल में फंस जाए और मेरे भी मजे हो जाएं मामी ने मुस्कुराते हुए एक थप्पड़ मेरे कमर पर लगाया और कहा समीर थोड़ी सी तो शर्म करो मैंने हैरानी से कहा किस चीज से मामी ने कहा अपने इस तूफानी हरकतों से मैंने कहा यार जिंदगी में थोड़ा सा मजा भी होना चाहिए वरना तो सारी उम्र आप मुझे किसी काम का नहीं छोड़ेगी मामी को पहले तो मेरी बात समझ नहीं आई मगर जब उनको समझ आया तो उन्होंने अपने पांव से जुती उतारी और कहने लगी थोड़ी सी
तो शर्म करो समीर मैं हंसकर अपने कमरे में चला गया थोड़ी देर बाद मैं कैमरे से बाहर आया और सोफे पर बैठकर टीवी देखने लगा थोड़ी देर में मामी भी बाहर आ गई जब वह बाहर निकली तो मेरी सांस ऊपर के ऊपर और नीचे की नीचे रह गई सफेद कलर की कमीज पर नीचे जींस में मामी को देखते हुए कहा मैडम जी का क्या इरादा है मामी ने पहले अपने आप को देखा फिर मुझे देखते हुए हैरानी से कहा क्यों क्या हुआ मैंने दिल पर हाथ रखते हुए कहा मैडम आपके दीवाने शहर में हजार होंगे
मगर इतनी सुबह दुकान कौन खुलेगा मामी को अपनी गलती का एहसास हो गया और बोली ठीक कह रहे हो मैंने कहा मैडम जब आप बाहर निकलती होगी तो लोग आपको ही देखते होंगे मामी ने मुस्कुराते हुए कहा समीर थोड़ी सी शर्म कर मैं तेरी मामी हूं मैंने भी सर झुका कर कहा ठीक है मामी तो वह हंसने लगी और मेरे पास बैठते हुए कहा बाज नहीं आओगे फ्लर्ट करने से मैंने उनकी तरफ देखते हु कहा कौन बदकिस्मत आपसे फ्लर्ट करना चाहता है मामी ने मुस्कुराते हुए कहा माफ कर यार थोड़ी देर की खामोशी के बाद
मामी मेरे करीब आई और बोली सच में तेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है मैंने उनकी तरफ देखा और कहा कोई आप जैसी मिली नहीं वरना उसे गर्लफ्रेंड क्या अपनी लाइफ पार्टनर बना लेता चाहे पापा को समझाना पड़ता मामी ने मुस्कुराते हुए कहा मैं अच्छी लगती हूं आपको तो मैंने भी फिर किसी आशिक की तरह सर झुकाकर हल्का सा कहा बहुत ज्यादा मामी मामी ने कहा तू बाज नहीं आएगा मामी ने कहा समीर दूध ले आओ खत्म हो गया है मैंने सर हिलाया और मार्केट की तरफ चला गया वापस आकर दूध के बर्तन को फ्रीजर में रखा
और मामी को बताने उनके कमरे में गया पर सामने जो मंजर था वह पागल कर देने के लिए काफी था मामी शायद नहाकर निकली थी और यह वक्त मुझ पर कहर बरसा रहा था और मेरी हालत ऐसी हो गई थी टांगों में जान ही ना रही मैं पलटने वाला था कि मामी ने आवाज देकर पूछा ले आए हो दूध मेरे हलक से तो जैसे आवाज ही नहीं निकल रही थी मैंने सर हिलाया तो मामी आहिस्ता आहिस्ता कदमों से चलती हुई मेरी तरफ आई और मेरे चेहरे के नीचे हाथ रखकर कहा क्या हुआ समीर मैंने चेहरा
ऊपर उठाया और उनकी आंखों में देखते हुए कहा कुछ नहीं मामी मामी ने मेरी आंखों में देखा और कहा समीर सच सच बताओ मेरा इस तरह तुम्हारे सामने आना अच्छा है क्या मैंने सर हिलाया और दोबारा सर झुका कर कहा अगर आपको लग रहा है कि मैं आपकी तरफ अट्रैक्ट हो रहा हूं तो आप गलत है मामी मामी आपका जिस्म आपकी मोहब्बत के इजहार का जरिया है लेकिन यही सब कुछ ठीक नहीं है मामी ने एक लंबा सांस लिया और मुझे इस तरह देखा जैसा मैं दीवाना हूं मैंने दोबारा सर उठाया और कहा पर मैं
यह भी नहीं चाहता कि आप थोड़ी देर के लिए मुझे अपनाए और फिर जिंदगी भर के लिए मुझे अपने दीदार से महरूम कर दें मामी के लिए बहुत निर्णय था फिर वह एक तरफ बेड पर बैठ गई और कहा मेरे पास आओ और यहां बैठो मैं आराम से चलता हुआ उनके पास बैठ गया उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर अपने दूसरे हाथ पर रखा और कहा समीर जो मिल जाए उस पर शुक्र करना चाहिए मामी के जहन में क्या चल रहा था और उस वक्त वहां से मैदान जंग छोड़कर भाग जाने वाली बात थी मैं सुकून से
कमरे में वापस आ गया तभी मुझे लगा कि मामी अंदर रो रही है उनकी सिसक की आ आवाज बाहर तक आ रही थी मैं दरवाजे के पास गया और कहा कि आप ठीक हैं अंदर से कोई जवाब नहीं आया बस सि सकने ने की आवाज बंद हो गई मैंने फिर पूछा मामी क्या बात है आप क्यों रो रही हैं अंदर से आवाज आई समीर मैं थोड़ी देर के लिए अकेली रहना चाहती हूं प्लीज अपने रूम में चले जाओ मैंने कहा ठीक है आप ठीक तो है ना मामी ने कहा मैं ठीक हूं मुझे कुछ समझ
नहीं आ रहा था कि आगे क्या करना है मैं जल्दी से वापस आ गया फिर कुछ देर बाद मामी भी फ्रेश होकर बाहर आई और मुझसे माफी मांगने लगी उस दिन के बाद से मैंने मामी का बहुत ज्यादा ख्याल रखना शुरू कर दिया क्योंकि वह बहुत ज्यादा तन्हाई का शिकार हो गई थी और मुसे प्यार करने लगी थी मैंने फोन करके मामू को वापस बुला लिया मामी जवान और खूबसूरत औरत थी इसलिए वह अपनी तन्हाई को मिटाने के लिए बहुत ज्यादा तरस गई थी लेकिन यह शुक्र है कि हम दोनों में इस तरह का कोई
भी ताल्लुक कायम नहीं हुआ कुछ कुछ दिन मैंने मजीद मामी के घर गुजार दिए और फिर मेरे मम्मी पापा घर वापस आ गए और मैं अपने घर वापस चला गया मेरा सभी लोगों का यही कहना है कि हमेशा घर में किसी के सहारे अपनी बहन या बीवी को अकेले छोड़कर ना जाएं क्योंकि शैतान कभी भी इंसान को बहका सकता है और शैतान के बहकावे में आकर यह गलती इंसान कर बैठता है लिहाजा यह काम करने से पहले हजार बार सोचे क्योंकि आप लोगों के घर टूट सकते हैं मर्दों को गुजारिश है कि वह अपनी बहन
या बीवी को किसी के भरोसे के छोड़ कर ना जाए तो दोस्तों अगर आपको यह कहानी पसंद आती है तो वीडियो को लाइक करें और स्टोरी कॉर्नर चैनल को सब्सक्राइब करें और बेल आइकन पर क्लिक करके इसे ऑल पर सेट करें ताकि आपको नए वीडियो की सूचना तुरंत मिल जाएगी धन्यवाद