अरे इतनी सुबह कहां जा रही हो पता नहीं डोलियों को तोड़कर तुम्हें कौन सी खुशी मिलती है और तुम सारे फूल तो इकट्ठा करके रखती हो और मंदिर में पड़े पड़े वो फूल सुख जाते हैं और पूजा तो तुम क्या खाक करती हो अच्छा नहीं होगा आप मुझसे बेकार में बहस मत कीजिए मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं है मुझे बहुत ही गुस्सा ए रहा है अब अपना कम कीजिए तुम तोड़ती हो और लोग बातें सुनते हैं मुझे अब से उनकी यह सारी बातें तुम सुनना ठीक है ना समझी आप चुप कीजिए जो जैसा होता है
उसके साथ वैसा ही होना चाहिए [संगीत] आज आज [संगीत] कौन इस तरह के कम करेगा अरे फूल तोड़ रही है या पेड़ से कुश्ती लड़ रही है नीता भी तो फूल तोड़ती है पर वो तेरी तरह पेड़ों की डालियां नहीं तोड़ती सुबह-सुबह चिल्ला क्यों रही हो बस नीता नीता नीता जैसे नीता के अलावा कोई दिखता ही नहीं है तुम्हें नहीं दिखता तेरे फूल तोड़ने के बाद बगीचे का जो हाल होता है उससे बाद में नीता ही आकर ठीक करती है [संगीत] हमारे लिए भी तो कुछ छोड़ दे क्यों नेता को पैसे देकर बाजार से फुल
मंगवा लेना अरे यह तेरा पेड़ है या मेरे घर का पेड़ है दुष्ट औरत क्या मैं दुष्ट औरत कल तुम्हें तुम्हारा पेड़ ही काट डालूंगी मैं भी देखती हूं कौन मेरा क्या बिगाड़ लेता है [संगीत] रूप नदी पर पानी लाने नहीं चलोगी [संगीत] थोड़ा सा पानी भर कर दे दोगी अपना कम खुद नहीं कर सकती हो [संगीत] तुम ही थोड़ा [संगीत] [संगीत] नौकरानी नहीं है समझी तुम अपना कम खुद करो वर्ण चुपचाप बैठी रहो हान आप दुखी मत hoiyega दादी मैन दरअसल रूप ना दिल की बुरी नहीं है मैं आपके लिए पानी भरकर लेकर आती
हूं [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] नीता जब मैंने एक बार माना कर दिया तो फिर तुम उसे बुद्धि के लिए पानी क्यों भर रही हो हान तुमने बोलो गुस्सा मत हो रूप बहन तुम बताओ मैं क्या करूं बेचारी वो बुद्धि इतना सब कुछ कैसा था बेचारी बुद्धि हमेशा सबकी नजरों में अच्छा बनकर रहना चाहती है मुझे समझ में नहीं आता क्या हर बार रक्षाबंधन [संगीत] दादी मैन पानी कहां रखूं मैं मेरे घर के अंदर फुसलाकर अच्छी तरह से कम निकलवाना जानती हो तो नहीं मेरी बच्ची नहीं जिसका जैसा कर्म होता है उससे तो मैं वैसे ही बात
करती हूं सुनो बकवास मत करो इस बेवकूफ नेता से ज्यादा जानती हूं मैं लोगों को समझ में आई बात [संगीत] यह क्या इतने सारे खड़े [संगीत] हैं देखो तो अरे बाप रे [संगीत] अच्छा दादी मैन आपके घर में इतने सारे घड़ी क्यों रखे हैं अभी भी नहीं समझी हान तेरी जैसी औरतों को बहला फुसलाकर इसने इतने सारे घड़े जमा किए हैं [संगीत] [संगीत] [संगीत] एक ही नहीं जा रही है [हंसी] [संगीत] सिर्फ इकट्ठा ही नहीं करती हूं किसी को जरूरत हो तो उसे भी देती हो उससे मुझे और खुशी मिलती है किसी की मदद करके
बहुत आनंद मिलता है तो क्या अगर मैं मांगू तो तुम मुझे भी दोगी क्यों नहीं दूंगी बेटा तुम्हें भी जरूर दूंगी मैंने तो मैंने तो तुम्हारे लिए पानी नहीं भरा [संगीत] क्या हुआ बोलो तुमने तो अपना कम किया अब मैं अपना कम करूंगी ठीक है बहुत ही पसंद है वह मुझे दे दो यह बात है ठीक है ठीक है बेटा जब जरूरत होगी तब मैं तुम्हें यह घर ए जरूर दे दूंगी ठीक है बेटा तुम्हें कैसे पता की अभी मुझे घड़ी की जरूरत नहीं है तुम्हारे हाथों में वो पानी से भरा हुआ घड़ा तो है
ना तो फिर एक और लेकर क्या करोगी अच्छा इसका मतलब मेरे पास से घड़ा नहीं होना चाहिए ठीक है दादी मैन अब हम चलते हैं कल फिर से पानी भरकर लाकर दूंगी चलो रूप अब चलते हैं जल्दी चलो चलो [संगीत] बेटी कल हम फिर मिलेंगे हान [संगीत] कैसे भी करके कल वो सोने का घड़ा मुझे चाहिए ही चाहिए पर यह कैसे होगा एक बार जब उसे बुधिया ने खुद ही का दिया है की वो घड़ा वो मुझे दे देगी तो फिर उसके जाल में मैं उनसे ही fansaungi हान पर वो मुझे नहीं जानती है लेकिन
मैं क्या करूं हान कुछ समझ में नहीं ए रहा है क्या करूं ओ हो और कितनी देर तक रात को ऐसे ही बाहर बैठी रहोगी हान चलो चलो चलो सोने चलो मैं क्या करूंगी ये तय करने वाले आप कौन हैं जय जाइए आप अंदर जाइए मुझे मेरी हालत में छोड़ दीजिए [संगीत] [संगीत] बेवकूफ हमेशा धोखा खाते हैं मजा ए गया [संगीत] नीता एरियो नीता नदी से पानी लेने नहीं चलोगी अरे आज इतनी सुबह सुबह तुम्हारी नींद तो इतनी सुबह कभी नहीं खोल है पानी खत्म हो गया था इसीलिए जल्दी उठाना पड़ा चलो जल्दी चलो अच्छा
अच्छा रुको ज़रा मटकी तो ले आऊं अब आएगा असली मजा इतनी जल्दी जल्दी क्यों जा रही हो तुम अरे घर पे बहुत सारे कम पड़े हैं जल्दी से वापस भी आना होगा तुम भी जरा जल्दी-जल्दी चलो [संगीत] अरे इतनी हड़बड़ी है तो जल्दी से पानी भर लो उसके बाद दादी मैन का पानी भरकर फिर जाएंगे ठीक है नीता जरा मेरा घड़ा तो पकड़ना तो आईएमए अरे नेता तुम्हें कहीं लगी तो नहीं लगी तो नहीं तो मैं कहीं वो मेरा पैर जरा फिसल गया था तुम्हें कहीं चोट तो नहीं लगी ना नहीं मुझे चोट नहीं लगी
पर वो घड़े अब तो वो नहीं मिलेंगे मतलब मामूली से दो घड़े भी तुमसे नहीं पकड़े गए अब मैं कैसे पानी भर के ले जाऊंगी जरा बताना तो गुस्सा मत हो रूप असल में अचानक से ही धक्का लगने पर ए तुम क्या बोलना चाहती हो क्या बोलना चाहती हो तुम की घड़ी है यही मतलब है ना तुम्हारा नहीं नहीं मैंने ऐसा तो नहीं कहा ना मेरे कहने का मतलब था की ये सब नहीं कहा मतलब अभी तो कहा तुमने जहां से भी हो मेरा गडा मुझे वापस ला कर दो वो खड़ा वो खड़ा तो अब
नहीं मिल सकता ना बहन मैं जाकर तुझे एक नया घड़ा खरीद कर दे दूंगी ठीक है हान नया घड़ा खरीद के दूंगी हान मुझे अभी घड़ा चाहिए तुमसे मैंने कहा था ना की आज मुझे जल्दी घर जाना है हान जी अरे क्या हुआ आज सुबह तुम दोनों झगड़ा क्यों रही हो हान कुछ हुआ है क्या अरे नीता बताओ बेटा क्या हुआ क्या बताऊं दादी मैन ये बेवकूफ नेता है ना सब कुछ बिगाड़ देती है क्या बात है बेटा कुछ भी बताने का मुंह है इसका मेरा इतना कीमती घड़ा इतना नदी में फेंक दिया मुझे जल्दी
से पानी भर के घर भी जाना था मेरा घड़ा भी तो गया हान बेवकूफ कहीं की झगड़ क्यों रही हो हान झगड़ा वाली क्या बात है ए जाओ यहां मेरे घर के अंदर आओ [संगीत] नीता तुम दोनों को मैं घड़े दूंगी ठीक है मेरे पास तो बहुत सारे घड़े पड़े हैं ले लो रूप जाओ ले लो तुम्हें जो पसंद है वो ले लो [संगीत] अच्छे से देख लो जो घड़ा पसंद आए वो तुम्हारा दादी मैन मैं यह वाला लूंगी ठीक है वही ले लो और नीता तुम्हें कौन सा घड़ा चाहिए नहीं दादी मैन नहीं मेरे
घर में दूसरा घड़ा रखा है मुझे जरूरत नहीं है दादी मैन फिर भीम मैं तुम्हें देना चाहती हूं लो बेटा जो पसंद हो वो ले लो ठीक है तुम खुश हो ना बेटा मैं खुश हूं दादी मैन बहुत खुश हूं जैसा मैंने सोचा था यह सोने का घड़ा अब से मेरा है कितनी खुशी की बात है यह अरे अनीता पानी भर के घर भी तो जाना है चल जल्दी चल अरे रुको पहले दादी मैन के लिए पानी तो भरकर लेकर आऊं नहीं बेटी नहीं आज मुझे पानी की जरूरत नहीं है तो घर जाओ [संगीत] [संगीत]
[प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] [संगीत] इतने सारे कीड़ा जाट हटाओ ऑफ बचाओ कोई मुझे बचाओ बचाओ कोई अरे मुझे अरे बाप रे हटो हटो मेरे ऊपर से बचाओ कोई मुझे अरे बाप रे ये क्या हालत हो गई अब मैं सब समझ गई हूं उसे मैं नहीं छोडूंगी बिल्कुल नहीं छोडूंगी शैतान बुधिया को मैं बिल्कुल नहीं छोडूंगी [संगीत] अरे ये क्या वो घर कहां गायब हो गया शैतान बुधिया ये तुमने मेरे साथ क्या किया सामने आओ सामने आओ मेरे मेरे साथ ऐसा क्यों किया तुमने अगर क्यों क्योंकि ऐसा मुझे याद कर रही हो क्या तुमने मेरे साथ ऐसा
क्यों किया क्या बोलो तुमने क्यों किया मैंने ही की है तेरी यह दशा मैं नहीं की है समझी नहीं किया तो फिर किसने किया मैंने क्या खुद की दशा की है ऐसी बोलो इसकी जिम्मेदार तुम खुद ही हो वह सारे कर्मों के फल के घड़े द समझी हम अपने जीवन में जैसे कर्म करते हैं ठीक वैसा ही फल हमें मिलता है तुम झगड़ा लो और तुमने अपना भाग्य स्वयं ही चुना इसीलिए तुम्हारे चेहरे की यह दशा तुम्हारे कर्मों के फल के रूप में हुई है अब भी वक्त है सुधार जाओ सुधार जाओगी तो अपने आप
सब कुछ ठीक हो जाएगा सब ठीक हो जाएगा इसीलिए इंसान को हमेशा अच्छे कर्म ही करने चाहिए अनीता नीता को क्या मिलेगा क्या उसे उसके कर्मों का फल नहीं मिलेगा जरूर मिलेगा जरूर उसे भी अपने कर्मों का फल मिल चुका है पानी इसमें भर देती हूं [प्रशंसा] [संगीत] क्या देख रही हूं मैं हान ये क्या दादी मैन आपकी असीम कृपा है आप बहुत दयालु है [संगीत]