हाय प्यार है दुनिया तो मुकदा ही जावे पत्थर इंसान बनता ही जावे उनके ना रिसोर्सेज है ना कांटेक्ट्स जमानत कैसे होगी इन लड़कों का इनके से मुझे लगता है हमें रुबाब को नहीं बताना चाहिए था कि एसी पर हमला हमने किया एक लड़की डर गई सब डर जाएंगे। अगर लड़की ने देख लिया तो इससे कहो कि पुलिस को सरेंडर कर दे। दो-तीन दिन में छुड़वा लेंगे। ये भी मैं करके दूं या तुम खुद कर लोगे? नाक में दम कर दिया है। रोज के एहतेजाज, धरने, क्लासों का बॉयकॉट। उधर से वो एजुकेशन मिनिस्टर रोज मेरी खाल
खींचते हैं। इन लड़कों ने तो मुझे तंग करके रख दिया है। इसमें काजू थोड़े कम है। काजू मेरी जान पे बनी हुई है। और तुम्हें काजू की फिक्र है। दरअसल मेरी अभी-अभी यहां पोस्टिंग हुई है। और स्टूडेंट पॉलिटिक्स में मैं काफी अरसे से एक्टिव रहा हूं। हमारे जमाने में यूआईपी नहीं होती थी। करीम दादा उस वक्त के एनपी में ही थे। आका करीम दादा का मामला बात का। हम तब तक यूनिवर्सिटी छोड़ चुके थे। अरे मुझे यह पॉलिटिकल पार्टियों की हिस्ट्री मत बताओ। बाहर धरना लगा हुआ है। जाओ जाके कुछ करो। ऐसे ही अभी तो
पुलिस आपके पास आई है खुद चल कर। वो भी इतनी जल्दी। कुछ तो आप भी हमारा लिहाज कीजिए ना सर। हम तो तुम मुझसे रिश्वत मांग रहे हो। अस्तकफरुल्लाह। कैसे बात कर रहे हैं सर? मैं तो सिर्फ आपको मौके की नजाकत समझा दूंगा। देखो मैं एक सरकारी मुलाजिम हूं। और मेरे पास सरकारी तनख्वाह के अलावा कुछ भी नहीं होता। अच्छा। ये तो नई बात बता दी आपने। और ये जो साथ में एक आर्ट डिपार्ट की बड़ी सी बिल्डिंग बन रही है। उसका जो कॉन्ट्रैक्टर है उसे अल्लामा से जोड़ दिया आपने। बहुत बड़ा बजट है आपका
लेकिन पेट तो छोटा सा है ना सर कुछ तो बोझ आप हमारे कंधों पर भी रखेंगे ना हम दोस्त हैं। हमारी दुश्मनी को मोल लेना कोई अकलमंदी की बात नहीं है। सब जाएं और जाकर धरना खत्म करवाएं और आइंदा का भी ख्याल रखिएगा। सर सर सर सर सर तादा खाद हम दोस्त हैं ना दोस्ती में तोफे तहाइफ चलते रहने चाहिए। इजाजत सर शोर सर है बुरा हाल यहां सब धोखेबाज यहां सब ये फरेब यहां बेचैन इंसान यहां कितनों के ख्वाब यहां कितनों के राज यहां ये इंकलाबी संगीत थोड़ी देर के लिए बंद हो सकता है
ताकि हम तसल्ली से बात कर लें बोल लीडर साहब मैं आपकी क्या खिदमत कर सकता हूं आप लोगों की मेहमान नवाजी देख कर आया हूं अरे नहीं नहीं वो लोग कोई और थे ऐसा लखनात हु आवाज बे ही आवाज बे अरे एसएओ साहब ये पुलिस वाले वाले की वर्दी पहनने के बाद ना सब एक जैसे हो जाते हैं। क्या करूं? मजबूरी है नौकरी भी तो करनी है ना। आप यह बताइए कि आपकी डिमांड्स क्या हैं? धरना कैसे खत्म करेंगे हम? ज्यादा कुछ नहीं। बड़ी सिंपल सी डिमांड है। जिस लड़के ने अगवा करने की कोशिश की
है, उसको अरेस्ट करें। और उसके खिलाफ एक ठोस मुकदमा दायर करें। चलो ये बात तो दादा साहब के फॉलोअर्स की बहुत अच्छी है कि कम से कम तुम लोग मॉब जस्टिस में बिलीव नहीं करते हैं। मजबूर तो कर रहे हैं सब लेकिन अभी वो नौबत नहीं आई ओ नौबत आ भी सकती है यार। डिपेंड करता है कि कौन हमें कैसे ट्रीट करता है। आदमी देरिंग है यार तू। पुलिस वाले के मुंह पे ही धमकी दे रहा है। नहीं। समझने वाले की सोच पर है। वो उसे धमकी समझता है या मशवरा? तो फिर मेरा मशवरा सौंप।
दासरा लड़की और तुम कैंटीन के बाहर आकर बोलो मुझसे। तब तक अपना ये कॉन्सर्ट जारी रखो। यो आओ आओ आओ तुम हम लोगों का इंतजार कर रहा था। चिप्स चिप्स चिप्स इस कैंटीन के चिप्स मुझे बहुत पसंद। जानते हो करीम चाचा इस कैंटीन को बहुत अच्छा चलाया करते थे। अब ये जो अफजल है उन्हीं का बेटा बड़ा ही होनहार और पढ़ने वाला लड़का था। फिर तुम्हारी तरह वो भी इंकलाबी बन गया। आज चिप्स तल रहा है। मैं यहां यूनिवर्सिटी और अफजल की हिस्ट्री सुनने नहीं आया। तुम तो बहुत सीरियस आदमी हो यार। देख लो सीरियस
लोगों का अंजाम क्या होता है? चिप्स तलते रह जाते हैं। चिल रहा कर यार मेरी तरह। मेरे सामने एक लड़की को अगवा करने की कोशिश की गई। पर आपको चिल रहने की पड़ी। अफजल एक प्लेट चिप्स और लेके आ। कोशिश लड़की को अफवाह करने की की गई। बेफर तुम क्यों रहे हो? दीवार नहीं हूं मैं। एक जीता जागता इंसान हूं। जिसके सामने अगर कोई ऐसी हरकत करेगा तो मैं उसके खिलाफ आवाज जरूर उठाऊंगा। यूआईपी का जनरल सेक्रेटरी होने के नाते पार्टी के हर मेंबर का मसला मेरा मसला है। वाओ वेरी नाइस। मजा आया मुझे। मैं
यहां आपसे संजीदा बात करने की कोशिश कर रहा हूं। और आपको मजाक सूझ रहा है। अगर आपको संजीदा बात नहीं करनी तो हम यहां से चले जाते हैं। संजीदा बात करनी है तो संजीदा बात सुनो। वो जो लड़का काशिफ है जिसने इसको अफवाह करने की कोशिश की वो सरेंडर कर चुका है। मेरे थाने में ही है। अब सवाल यहां यह पैदा होता है कि क्या मोहतरमा को उसके खिलाफ कोई ऑफिशियल कंप्लेंट दर्ज करवानी है या नहीं? क्यों नहीं करनी? ये अभी आपको रिटन कंप्लेंट फाइल करके देंगे। आप एफआईआर काटें। हाजिर ताबेता लेकिन एक बात साथ
बैठी लड़की से तो पूछ लूं कि उसने दर्ज भी करवानी है या नहीं। हां जी मैं ऑफिशियल कंप्लेंट नहीं करवाऊंगी। ओ ओो इस वजह से मैं संजीदा नहीं हो रहा था क्योंकि ऐसे केसेस का अंजाम तो यही होता है भाई इसलिए अब मेरा मशवरा मानो और दस्ती ये सारा जो रोना पीटना धरना भरना है उसको निपटाओ। लेट आ चुकी है तुम्हारे लिए। खा लेना। पैसे भी भर दिए हुकूमत में। और कोई खिदमत हो तो बता देना। रुबाब रुबाब रुको रुबाब क्या है ये सब तमाशा लगता है तुम्हें मैंने पूरी यूनिवर्सिटी को तुम्हारी वजह से सर
पे उठा के रखा है और तुम होके एक मामूली सी कंप्लेंट नहीं कर सकती मुझे इस बारे में कोई बात नहीं करनी लेकिन मुझे करनी है तुम्हारी सिर्फ इस एक फैसले की वजह से ना यहां सारी लड़कियों का मोराल डाउन होगा। हमारी पार्टी की इमेज खराब हो जाएगी। अगर तुम इतनी ही डरपोक थी तो तुमने हमारी पार्टी जॉइन ही क्यों की थी? मैं डरपोक नहीं हूं। मैंने तुम्हें मना किया था। हर किसी को तुम्हारी तरह क्लेरिटी नहीं होती। हर किसी के हालात इतने वाज़ नहीं होते कि वो सही और गलत का फैसला फौरन कर ले।
और हर वजह बताई नहीं जा सकती। तुम सिर्फ और सिर्फ एक कमजोर लड़की हो। बस यही वजह है। तुम भी उन्हीं लोगों में से हो जो इस निजाम को और मजबूत करते हैं। तुम जैसे लोगों के पीछे हटने की वजह से ही ये दरिंदे हम पर मुसल्लत किए जाते हैं। हां, ठीक है। हूं मैं डरपोक। कमजोर भी हूं और वो सब हूं जो तुम सोचते हो मेरे बारे में। खुश। मुझे तुम्हारी पार्टी जॉइन करनी ही नहीं चाहिए थी। निकालना है निकाल दो। हाय प्यार है दुनिया तो मुकदा ही जावे पत्थर इंसान बनदा ही जावे किसी
ते भी एतबार ना आवे ऐसे हालात हैं यहां है बुरा हाल यहां सब धोखेबाज यहां सब ये फरे यहां बेचैन इंसान यहां कितनों के ख्वाब सरप्राइजर यहां बन गए खाक तुम हॉस्पिटल से कब अगर आप अपने मरीज का पता लेने हॉस्पिटल नहीं आएंगी तो मरीज तो मिल सकता है ना आपको आके नहीं ऐसी कोई बात नहीं है बस थोड़ा सा बिजी थी पढ़ाई में बल्कि आज आने वाली थी मैं आज आपके के आज के चक्कर में हमारा कितना सारा भी बर्बाद हो चुका हो। खैर छोड़ें। मेरी शिकायतें, तुम्हारी वारहतें ही तो हमारे ताल्लुक का हिस्सा
है। कुछ बुरा लग गया। यूनिवर्सिटी में कुछ हुआ। नहीं कुछ नहीं बस शायद थक गई हूं। मैं चेंज करके आती हूं। हां हो गया। एक बार फिर सोच ले। इस तरह पार्टी से निकालना ठीक नहीं है। देख कानून सबके लिए एक जैसा होता। अगर वो हमारी पार्टी पॉलिसी फॉलो नहीं कर सकती तो उसको इस पार्टी में रहने का कोई हक नहीं। हो सकता है उसकी कोई मजबूरी रहे। यार अगर मजबूरियों के आगे सर झुकाना है ना तब तो हरगिज़ उसका कोई ताल्लुक नहीं हो सकता हमसे। देख मंसूर तू इस वक्त यूनिवर्सिटी का जनरल सेक्रेटरी है।
हमारे लिए एक-एक मेंबर बहुत ज्यादा कीमती है। मेरे घर वाले भी इन्हीं मजबूरियों का शिकार हैं। और मैं उनसे बस बराए नाम ताल्लुक रखता हूं। उनसे ज्यादा तो अजीज कोई नहीं होगा ना मुझे। ये सुबह उसको दे देना। और आज के बाद वो मुझे किसी पार्टी मीटिंग में नजर नहीं आनी चाहिए। अच्छा किया ना तुमने आसिर कि तुम हॉस्पिटल से डायरेक्ट घर आ गए। सरकारी घरों में कहां घर वाली देखभाल होती है? ये घर भी तो मेरा अपना ही घर है ना? हम्म बिल्कुल सही कहा तुमने। जो हमारा है वो तुम्हारा है। सॉरी एक्सक्यूज मी।
हां साइमा। सुना तुमने? हम सब कुछ मेरा भी है। मतलब? तुम्हारा ध्यान कहां है? यूनिवर्सिटी में कुछ हुआ है ना? नहीं, कुछ भी नहीं हुआ। कितनी बार बताऊं? कुछ तो हुआ जो तुम मुझे नहीं बता रही। बाय द वे तुम्हारी यूनिवर्सिटी मेरी जुरिसडिक्शन में ही आती है। मेरे लिए पता करवाना कोई मुश्किल बात नहीं है। तो फिर सच-सच बताओ। हमारी यूनिवर्सिटी में जो लड़के जख्मी करके फेंके गए उसमें तुम्हारा या बाबा का कोई ताल्लुक तो नहीं? ये जानना तुम्हारा जरूरी नहीं है। क्यों? किस बिना पर मेरा जानना जरूरी नहीं है? कुछ बातें ना जानना नेमत
होती है। बस इतना समझना काफी है। पहली बात ये मेरे लिए क्या काफी है और क्या नहीं। ये मैं खुद डिसाइड कर सकती हूं। और दूसरी बात यह तुम में और उनमें सिर्फ यही फर्क है कि उनमें करने के बाद मानने की हिम्मत है और तुम में नहीं है। ये मुझ में और उनमें उनमें कौन है? नन ऑफ यू आर कंसर्न। अभी तुमने ही कहा ना कभी-कभी ना जानना नेमत होती है। एंजॉय। रबाब हाय हाय कैसी हो? ठीक हूं। वो तुमसे क्या हुआ? ये क्या है? वो मंसूर ने तुम्हें पार्टी से निकाल दिया। ऐसे ही
किसी को भी पार्टी से निकाल सकते हैं? वो जनरल सेक्रेटरी है वो निकाल सकता है। ये कैसा इंसाफ? पार्टी का कोई कानून होता है। कॉज दिया जाता है। हियरिंग होती है और मुझे सुने बगैर वो एक तरफा फैसला कैसे कर सकता है? ये तो इंसाफ ना हुआ। देखो तुम कह तो सही रही हो, लिखा हुआ भी यही है लेकिन तो मुझे मौका दो अपनी बात कहने का। तुम सब लोग मुझे सुनो। अगर फिर भी मैं कसूरवार लगती हूं तो मुझे निकाल दो। ठीक है। मैं अरेंजमेंट्स करता हूं। देखते हैं क्या होता है। थैंक यू। अस्सलाम
वालेकुम सर वालेकुम सलाम। मैंने कहा था जब शाम को रिबाब मैडम आए तो आके मुझे इन्फॉर्म करना। साथ नहीं गए थे क्या? नहीं सर बाकी सब लोग हैं उनके साथ। मुझे जरा देर हो गई थी सुबह। रुबाब बीबी को बता दिया था मैंने। अच्छा मुझे यह बताओ कि हर वक्त यूनिवर्सिटी में रुबाब मैडम के साथ रहते हो? जी सर गेट तक तो साथ ही होता है। कोई अनयूजुअल चीज नोटिस की हो? नहीं तो? नहीं सर। ऐसा तो कुछ भी नोट नहीं किया। पार्किंग तक तो हम साई की तरह साथ होते हैं। बाकी हमें अंदर जाना
अलाउ नहीं है। कोई भी अनयूजुअल चीज नोटिस करो तो मुझे इन्फॉर्म करना। राइट सर। आपकी पार्टी मेंबरशिप आपके कंडक्ट को देखते हुए खत्म की गई थी। आपने हियरिंग की अपील की इसीलिए आपको सुना जा रहा है। मगर मैं अपना माइंड बना चुका हूं। आपको इस हियरिंग का कोई फायदा नहीं होने वाला। लेकिन अगर फिर भी पार्टी मेंबर्स आपकी जस्टिफिकेशन को सुनना चाहते हैं तो आप बोल सकती हैं। जी बिल्कुल ठीक है। आपने तो अपना माइंड बना लिया है तो मैं बाकी के मेंबर्स को ही अपनी बात सुना रही हूं। कल मुझे अगवा करने की कोशिश
की गई। जिसके बाद एक धरना कर दिया गया। पुलिस ने मुजरिमों को पकड़ भी लिया और मुझसे कहा गया कि मैं ऑफिशियल कंप्लेंट दर्ज करूं जो मैंने नहीं की जिसकी वजह से मंसूर साहब ने मुझे पार्टी से निकाल दी और वो हमारी पार्टी के उसूलों के ऐन मुताबिक है। आपको कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं दिया जाएगा। चाहिए भी नहीं है। बिल्कुल नहीं चाहिए। लेकिन आप हकीकत को सरासर इग्नोर कर रहे हैं। हकीकत ये है कि आप एक बुज़दिल इंसान हैं। जी नहीं। मैं बुज़दिल नहीं हूं। कल मुझे हट्टे-कट्टे नौजवान अगवा करके ले जा रहे थे और
उन्हें मुझे रास्ते में ही छोड़ना पड़ा। क्योंकि जिस तरह से मैं उनसे लड़ी हूं आप में से शायद कोई भी ना लड़ पाता। रही बात एफआईआर कटवाने की तो आपकी कमेटी में सबसे बड़ा फॉल्ट यह है कि इसमें कोई लड़की नहीं है। उससे क्या फर्क पड़ता है? फर्क पड़ता है। अगर लड़की होती तो वो मुझे समझ सकती। वो समझ सकती कि यह सोसाइटी आपकी निस्बत हम सबके लिए ज्यादा टफ है। हमें घरों में इतनी आजादी नहीं दी जाती जितनी कि आप लोगों को होती है। लेकिन फिर भी फिर भी हम पिटिकली कमिटेड हैं। पार्टी का
साथ देती हैं। अगर मैं एफआईआर कटवा देती तो मुझे कोर्ट के धक्के खाने पड़ते। मेरा नाम, मेरी शक्ल अखबार में आती और मैं खुद को एक्सपोज नहीं करना चाहती। हमारी पार्टी में हालात से डर कर भागने वालों की कोई जगह नहीं है। हर मुश्किल से आंख मिलानी पड़ती है। यही तो आपका मसला है। आपको लगता है कि हालात सिर्फ आपके मुश्किल हैं। जो हालात आपने देखे हैं वो किसी और ने देखे ही नहीं। मिस्टर मंसूर हालात सबके मुश्किल होते हैं। मगर आप अपनी लड़ाई का तरीका हम पर मुसल्लत नहीं कर सकते। मैं अपने एक्शंस की
खुद जिम्मेदार हूं। और मैं अखबारों की जीनत बनकर अपने घर वालों के लिए परेशानी खड़ी नहीं कर सकती। पार्टी से पहले जो अपनों के साथ सिंसियर नहीं वो पार्टी से भी सिंसियर नहीं। दैट्स इट। आप में से जो मेंबर समझते हैं कि मिस रुबाब को पार्टी से निकल जाना चाहिए वो अपने हाथ उठाएं। और आप में से जो मेंबर समझते हैं कि मिस रुबाब को पार्टी में रहने का एक मौका और देना चाहिए। वो अपने हाथ उठाएं। तोड़ जंजीरे सारी मोड़ दे लकीर सारी तोड़ जंजीर जब पार्टी में दोबारा लेना था तो फिर निकाला क्यों?
मुझे पता नहीं था ना कि तुम्हें उसने दोबारा लेना पड़ जाएगा। वैसे बात तुम्हारी बात काफी हद तक ठीक भी है। तुमने वैसे अपने घर में किसी को बताया कि तुमने पार्टी जाइन की है? नहीं अभी नहीं मगर बता दूंगी जल्द। तुम्हारे अब्बा क्या करते हैं? वो? हां। सोशल वर्कर हैं तो सोशल वर्क से घर तो नहीं चलता होगा। हां बस खजारा हो जाता है। घर में और कोई कमाने वाला नहीं मैं एक ही बेटी हूं। अम्मी हाउसवाइफ हैं। बस अच्छा। चलो अच्छा है। तुम पढ़ लिख जाओगी तो अच्छा गुजारा हो जाएगा। वैसे तुम घर
जाके क्या करती हो? घर जाके घर के काम करती हूं। पढ़ती हूं, लिखती हूं। नथिंग मच। वो मैं सोच रहा था कि अगर तुम शाम को फ्री हो तो कॉफी पर चलें। अच्छा ये बातें भी आती हैं? नहीं नहीं मुझे मुझे बिल्कुल नहीं आती। मैंने बस ऐसे ही बोल दिया। हालांकि हालांकि क्या? नहीं कुछ नहीं। कुछ नहीं। तो मैं तुम्हें शाम को पिक कर लूं? अम्म नहीं वो प्रॉब्लम तो जाएगी घर पे। अच्छा। हां, मैं समझता हूं। मैं मैं खुद आ जाऊंगी ना। ठीक है। मैं तुम्हें लोकेशन फॉरवर्ड कर दूंगा। हां। यहां पास में ही
एक कैफे है। बहुत अच्छा है। तो शाम में मिलते हैं। हां। ओके। बाय। बाय। हम ये देख ये देख गरीब आ कड़क-कड़क नोट क्या हवा आ रही है आहा कहां से हैं जी ये नोट खुश है जमा माना के आज पहली तारीख है। हां, ठीक है। ठीक है। बाद में गाना मेरी शर्ट ना खराब कर। अब्बा की तनख्वाह आई है। अभी भिजवाया। अबे मैं कहता हूं के शाम में कहीं चले क्या? पार्टी करते हैं। हां? हम नहीं जा रहे। मैं जा रहा हूं। कहां जा रहा है? किसके साथ जा रहा है? मैं और मैं और
वो वो रुबाब आ हा मेरे शेर क्या बात है क्या बात है तो बात यहां तक पहुंच चुकी है वाह रे बाबुल के कांटे गिन रहा हूं देख मंसूर 5000 है। 2000 मुझे भी दे दे। मैं भी शायद और किसी रेस्टोरेंट ले जाऊंगा यार। 2000 हां पता है कितने पैसे होते हैं 2000? तू एक काम कर तू ये ₹1000 पकड़। सोच समझ कर खर्च कर और जो बचे वापस लेकर आए। पूरा महीना भी गुजारना है अभी हमें। बस इसमें क्या होगा? इसमें बहुत कुछ होगा। नहीं अब देख मंसूर मैं मेरे दोस्त हूं। मेरी बात तो
सुन। सॉरी मैं शाहिदा के नंबर से मैसेज कर रहा हूं। मैंने लोकेशन भेज दी है। मैं 8:00 बजे वेट करूंगा तुम्हारा। और ये हमें लेकर नहीं आ रहा। ओके बेटा कोई बात नहीं। एक ये सब क्या है? ये कुछ मोमेंट्स हैं जो तुम्हारे साथ गुजारने हैं। आई नो रिसेंटली हमारे बीच काफी मिसअंडरस्टैंडिंग्स हुई है ना। अब इस टूटी टांग के साथ तुम्हें बाहर क्यों नहीं लेके जा सकता? तो मैंने सोचा यहीं पे एक छोटी सी ट्रीट हमारे लिए। एंड आल्सो दिस। आसिफ मैं ऑलरेडी कहीं कमिटेड हूं। आई हैव टू गो। थोड़ी देर बैठ जाती। आई
एम सो सॉरी। मेरे दोस्त मेरा वेट कर रहे होंगे। जाना होगा। आज तो चमक रहे हो लीडर साहब। चाबी दे। यार अच्छा मेरी बात सुन। हां। पेट्रोल चेक कर ले और मुझे आगे तक छोड़। यार हर दफा अपने नहीं। दो मिनट लगेंगे। घूमा? हां क्यों? मैं हमारे साथ चलना है। एक मिनट। एक मिनट रुक जाओ अभी अभी तुम लो लोगों से। ओएमएल आराम से मैं आखिरी बार कह रहा हूं कि हमारे साथ चलना है तुम्हें। क्यों भाई? कौन हो तुम? और दिमाग खराब हो गया तुम्हारा। मुझे नहीं चलना कहीं। ये कोई तरीका है? दादा साहब
से मिलने के लिए जाना और बाकी के सवाल जवाब वहीं जाके करेंगे। दादा साहब तो जेल में तभी तुम्हारे दोस्त के सामने मेरे बंदे कुछ नहीं कह रहे थे। चलो अब गाड़ी में बैठो। मत थैंक यू हम परवरिश लोहो कलम करते रहेंगे। दिल पे जो गुजरती है रकम करते रहेंगे। आने दो इसे। मंसूर मंसूर मंसूर मेरा बच्चा जैसा सोचा था वैसा ही पाया सॉरी मैं कंट्रोल नहीं कर पाया। लड़कपन से आपकी किताबें पढ़ी है मैंने। आज जो भी मुझे शूर है ना सब आप ही की वजह से बहुत एडमायर करता हूं आपको लेकिन कभी सोचा
नहीं था कि इस तरह ही आपसे आज मुलाकात हो जाएगी। जज्बात नेचुरल होते हैं। इन्हें रोकना नहीं चाहिए। अगर आंसू छल गए ना तो छलकने दो। कमजोर वो नहीं जिसकी आंख से गिरता हुआ आंसू वो रोक ना पाए। कमजोर वो है जो दूसरे की आंख से आंसू को गिरने दे। बैठो। आपके मिलाए हुए इस सच जवाब का नहीं हो रहा पर आप कुछ देर बाद कोशिश करें तो बहुत तारीफ सुनी थी तुम्हारी। काफी ग्रिफ्ट है तुम्हारी स्टूडेंट पॉलिटिक्स के ऊपर। सोचा मिलके देख लूं। बस दादा साहब ये मेरी खुशनसीबी है कि आप ऐसा बोल रहे
हैं। मैं 10 साल से इस जेल में बैठा हूं। यह जो सरमायादारी निजाम है ना इसने आवाम को यकीन दिला दिया है कि पेड़ियां ही उनके पैर का जेवर है। सब के सब बंधे हुए हैं। करप्शन ने मुल्क को खोखला कर दिया। इन सबके खिलाफ मैं कलम से काफी अरसे से जंग कर रहा हूं। अब अमली तौर पे तुम्हारे जैसा जवान खून मैदान में है। हमें अग्रेसिवली इसको आगे बढ़ाना होगा। जी दादा साहब आप हुक्म कीजिए। आप जो बोले मैं करूंगा। मैं वायलेंस में यकीन नहीं रखता। ताहिर लापता है। और हमारे जराय के मुताबिक शायद
कभी वापस ना आए। उन्हें अपनी यूनिवर्सिटीज के साथ-साथ यूथ के बाकी अफेयर्स भी देखने होंगे। अच्छा स्ट्रीट पावर है तुम्हारा। जितना हो सके बड़ा हूं। जी दादा साहब। शाबाश। मैं हर वक्त तुम्हारे साथ हूं। मुझे जो इंस्ट्रक्शंस तुम्हें देनी होंगी वो जो तुम्हें साथ लाया है शफीक उसके थ्रू देता रहूंगा। मुलाकात होती रहेगी। दरअसल मैं आपको मायूस नहीं करूंगा तो आप जा सकते हो खत्म हो गया जी हाय प्यार है दुनिया तो मुकदा ही जावे पत्थर इंसान बनता ही जावे